LPG e-KYC Deadline: LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त तक निपटा लें ये काम, वरना महंगा पड़ सकता है सिलेंडर

LPG e-KYC Deadline Extended: घरेलू LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अगर आपने अभी तक अपने LPG कनेक्शन की आधार (Aadhaar) आधारित e-KYC पूरी नहीं की है, तो अब आपके पास कुछ और समय है। सरकार ने e-KYC की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है।

इसका फायदा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों को मिलेगा। इससे पहले e-KYC की डेडलाइन 16 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। अब ग्राहकों को एक और मौका दिया गया है।

31 अगस्त तक e-KYC नहीं की तो क्या होगा?

अगर आपने 31 अगस्त तक e-KYC पूरी नहीं की, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका LPG कनेक्शन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, घरेलू दर पर मिलने वाले LPG सिलेंडर के लाभ में परेशानी आ सकती है। जानकारों का कहना है कि e-KYC लंबित रहने पर सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में भी दिक्कत आने की संभावना है। कुछ मामलों में ग्राहक को घरेलू कीमत का लाभ नहीं मिल सकता और सत्यापन पूरा होने तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। यही वजह है कि LPG ग्राहक इस काम को आखिरी तारीख तक टालने के बजाय समय रहते पूरा कर लें।

आखिर सरकार e-KYC क्यों करा रही है?

e-KYC प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू LPG कनेक्शन वास्तविक ग्राहकों के नाम पर ही हों। साथ ही घरेलू इस्तेमाल के लिए मिलने वाले सस्ते सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल न हो। सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि घरेलू LPG सिलेंडरों को अवैध तरीके से व्यावसायिक इस्तेमाल या दोबारा बेचने के लिए इस्तेमाल न किया जाए। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में काफी अंतर होने के कारण यह सत्यापन अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Indane LPG की e-KYC घर बैठे कैसे करें?

अगर आपके पास Indane LPG कनेक्शन है, तो e-KYC घर बैठे मोबाइल से की जा सकती है। इसके लिए IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप की जरूरत होगी।

घर बैठे ऐसे करें e-KYC

1. IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करें

Indane ग्राहक IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप का इस्तेमाल करके घर बैठे e-KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। इस प्रोसेस में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन शामिल है। सबसे पहले अपने उस मोबाइल नंबर और ईमेल से IndianOil ONE ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें, जो आपके LPG कनेक्शन से जुड़ा हुआ है।

2. अपना 16 अंकों का LPG ID डालें

अपने LPG अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल का इस्तेमाल करके IndianOil ONE ऐप पर रजिस्टर करें। अपना 16-digit LPG ID दर्ज करें। यह नंबर आपके LPG कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर मिल सकता है।

3. My Profile में जाएं

ऐप में आपकी कंज्यूमर डिटेल दिखाई देने के बाद My Profile खोलें और वहां Re-KYC का विकल्प चुनें।

4. निर्देश पढ़कर सहमति दें

फिर e-KYC से जुड़े निर्देश और जरूरी कंसेप्ट को पढ़ें और स्वीकार करें।

5. Face Authentication पूरा करें

इसके बाद Face Authentication का ऑप्शन चुनें। आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन के लिए Aadhaar FaceRD ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

घर से नहीं हो पा रही तो क्या करें?

अगर किसी ग्राहक को ऑनलाइन e-KYC करने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके अलावा अगली बार LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक LPG डिलीवरी कर्मचारी से e-KYC में मदद भी मांग सकता है।

Bharat Gas और HP Gas ग्राहकों के लिए भी लागू

यह e-KYC की समयसीमा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों से जुड़ी है। इसलिए अगर आपका कनेक्शन Bharat Gas या HP Gas का है, तो 31 अगस्त की डेडलाइन को नजरअंदाज न करें। अगर LPG का घरेलू कनेक्शन है और e-KYC अभी बाकी है, तो 31 अगस्त 2026 तक यह काम जरूर पूरा कर लें, ताकि आगे घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने, बुकिंग या डिलीवरी में परेशानी न हो।

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Trading plan : कच्चा तेल 93 डॉलर के पार, फिर भी बाजार गुलजार, जानिए कल के लिए क्या हो कमाई की रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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क्या Swiggy, Zomato और Zepto पर लागू होंगे बाइक-टैक्सी के नियम? जानिए ऐसा हुआ तो क्या बदलेगा

महाराष्ट्र सरकार स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों को परिवहन विभाग से मिले यूनिक लाइसेंस नंबर को दिखाना जरूरी हो सकता है। इसके साथ ही कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल, ड्राइवरों के वेरिफिकेशन और वेलफेयर फंड में योगदान से जुड़े नियमों का भी पालन करना पड़ सकता है। प्रस्तावित नियमों की अभी कानूनी जांच होनी बाकी है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों को महाराष्ट्र बाइक-टैक्सी नियम, 2025 के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो इन कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को भी कुछ नए नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ सकता है।

इन नियमों का करना होगा पालन

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में बाइक-टैक्सी सेवा को लेकर चर्चा के दौरान कुछ नए प्रस्ताव सामने आए। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हर राइड से 2 प्रतिशत राशि ड्राइवरों के कल्याण के लिए बनाए गए फंड में देने का सुझाव दिया। इसके अलावा, बाइक-टैक्सी परमिट लेने वाले ड्राइवरों के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट को जरूरी करने का प्रस्ताव भी रखा गया। वहीं अभी इन प्रस्तावित नियमों की कानूनी जांच होनी बाकी है, क्योंकि ये फिलहाल महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग के पास हैं।

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने क्या कहा

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम चाहते हैं कि ये नियम सभी डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स पर लागू हों, क्योंकि ऐसी बाइक बिना किसी रेगुलेटरी नियमों का पालन किए सड़कों पर चलती हैं। लेकिन, यह बदलाव तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक केंद्र सरकार पूरे देश के लिए कानून में बदलाव नहीं करती।”

आ सकता है दिक्कतें

प्रस्तावित नियमों को लागू करने में कानूनी दिक्कत आ सकती है। इसकी एक वजह यह है कि फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स में इस्तेमाल होने वाले कई कम पावर वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मौजूदा केंद्रीय कानून के तहत मोटर वाहन की श्रेणी में नहीं आते। ऐसे में इन वाहनों पर नए नियम लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अभी डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियां केंद्र सरकार के नियमों के तहत काम करती हैं। इनमें उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019, ई-कॉमर्स नियम 2020 और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 शामिल हैं।

अभी क्या है नियम

मोटर व्हीकल एक्ट के मौजूदा नियमों के अनुसार, 250 वॉट से कम पावर और 25 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार वाली कुछ बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की जरूरत नहीं होती। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कानूनी जानकारों का मानना है कि इसी वजह से महाराष्ट्र के लिए इन वाहनों पर नए एग्रीगेटर जैसे नियम लागू करना आसान नहीं होगा।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।

Trent Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू में 18% का इजाफा

टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 519 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 429.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 17.8 प्रतिशत बढ़कर 5754.71 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4883.48 करोड़ रुपये था। ट्रेंट, टाटा ग्रुप का फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस है। कंपनी के Westside, Zudio और Star जैसे ब्रांड्स के तहत रिटेल स्टोर हैं।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च 5,082.96 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 4,368.59 करोड़ रुपये के थे। ट्रेंट में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 37.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

ट्रेंट ने जून 2026 तिमाही में 19 जूडियो स्टोर खोले। वहीं वेस्टसाइड स्टोर्स में 1 का इजाफा किया। इसके बाद जूडियो स्टोर्स की कुल संख्या 982 और वेस्टसाइड स्टोर्स की कुल संख्या 301 हो गई है।

ट्रेंट के शेयरों में तेजी

6 अगस्त को ट्रेंट के शेयरों में तेजी है। दिन में कीमत BSE पर पिछले बंद भाव से 4.5 प्रतिशत तक चढ़कर 3246.65 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 सप्ताह में 11 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 180 प्रतिशत से ज्यादा उछली है। 5 साल का रिटर्न लगभग 420 प्रतिशत है।

Swiggy Share Price: FY31 तक ₹10000 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA हासिल करने का लक्ष्य, शेयर 5% तक चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इंटरव्यू में पूछा गया एक सवाल, उम्मीदवार तुरंत उठा और छोड़ दी नौकरी; इंटरनेट पर छिड़ी बहस

एक नौकरी इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार के अचानक उठाए गए कदम ने सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू कर दी है। मामला तब चर्चा में आया, जब एक उम्मीदवार ने कंपनी के हायरिंग मैनेजर द्वारा अनपेड ओवरटाइम को लेकर पूछे गए सवाल के बाद इंटरव्यू छोड़ने का फैसला किया। उम्मीदवार का कहना था कि वह इस अवसर को लेकर काफी उत्साहित था, लेकिन बातचीत के दौरान सामने आई कुछ बातें उसकी उम्मीदों से अलग थीं। इस घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या उम्मीदवार ने सही फैसला लिया या उसे पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए थी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने वर्क कल्चर, कर्मचारियों के अधिकार और ऑफिस में अतिरिक्त काम को लेकर अपने अनुभव और राय साझा की। देखते ही देखते यह मामला ऑनलाइन बहस का विषय बन गया।

Reddit से शुरू हुई कहानी, X पर हुई वायरल

यह मामला सबसे पहले Reddit पर सामने आया, जहां कर्मचारी ने अपने अनुभव को विस्तार से साझा किया। बाद में इसे X अकाउंट @ConsoomerLs ने शेयर किया, जिसके बाद पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी राय रखी और वर्क कल्चर को लेकर बहस शुरू हो गई।

अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचा था उम्मीदवार

उम्मीदवार के मुताबिक, वह इस जॉब अवसर को लेकर काफी उत्साहित था। कंपनी की ऑनलाइन रेटिंग अच्छी थी, पद आकर्षक लग रहा था और सैलरी भी बेहतर थी। लेकिन इंटरव्यू शुरू होते ही बातचीत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी उसने उम्मीद नहीं की थी।

‘आप अनपेड ओवरटाइम कैसे संभालेंगे?’ सवाल ने चौंकाया

उम्मीदवार ने बताया कि हायरिंग मैनेजर ने शुरुआत में ही पूछा, “आप बिना भुगतान वाले ओवरटाइम को कैसे संभालेंगे?” पहले उसे लगा कि शायद यह मजाक है, लेकिन जब सवाल गंभीर निकला तो उसने कंपनी की नीति के बारे में जानकारी मांगी।

कंपनी के जवाब से हुआ असहमत

उम्मीदवार के अनुसार, मैनेजर ने कहा कि कर्मचारियों से जरूरत के हिसाब से काम पूरा होने तक रुकने की उम्मीद की जाती है। कंपनी अतिरिक्त घंटों का हिसाब नहीं रखती क्योंकि सभी कर्मचारी अपने काम को लेकर “जुनूनी” हैं। यह सुनकर उम्मीदवार को लगा कि यह नौकरी उसकी उम्मीदों से मेल नहीं खाती।

इंटरव्यू छोड़ा और बाहर निकल गया

उम्मीदवार ने बिना ज्यादा समय गंवाए इंटरव्यू खत्म करने का फैसला लिया। उसने इंटरव्यू लेने वाले को धन्यवाद दिया और कहा कि यह भूमिका उसके लिए सही नहीं है। इसके बाद वह वहां से चला गया। बाद में उसने खुद भी सवाल उठाया कि क्या उसका फैसला सही था या उसे और जानकारी लेनी चाहिए थी।

सोशल मीडिया पर बंटे यूजर्स के विचार

पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने उम्मीदवार के फैसले का समर्थन किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि बिना भुगतान के काम लेना गलत है और ऐसी कंपनी से दूरी बनाना बेहतर है। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि उम्मीदवार को पहले पूरा इंटरव्यू देना चाहिए था और बाद में फैसला लेना चाहिए था।

वर्क-लाइफ बैलेंस और कॉर्पोरेट कल्चर पर बहस

इस घटना ने एक बार फिर वर्क-लाइफ बैलेंस, कर्मचारियों के अधिकार और कंपनियों की कार्य संस्कृति पर चर्चा तेज कर दी है। कई यूजर्स का मानना है कि नौकरी सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि सम्मान और उचित कार्य परिस्थितियों से भी जुड़ी होती है।

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

सैलरी नहीं, ये 5 आदतें खाली कर रही हैं आपकी जेब! बेंगलुरु के क्रिएटर ने बताया बचत का तरीका

बेंगलुरु के कंटेंट क्रिएटर अक्षय सीएन ने लोगों का ध्यान बचत से जुड़ी एक अहम समस्या की ओर दिलाया है। उनका कहना है कि कम सैलरी नहीं, बल्कि रोजाना होने वाले छोटे-छोटे खर्च कई बार आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि फूड डिलीवरी, कैब राइड, गैरजरूरी शॉपिंग, बेकार सब्सक्रिप्शन और बिना प्लानिंग के वीकेंड खर्च जैसी आदतें धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाती हैं।

अक्षय के मुताबिक, ज्यादा कमाई करने वाले लोग भी अगर खर्चों पर नजर नहीं रखते तो बचत नहीं कर पाते। वहीं सीमित आय वाले लोग सही प्लानिंग के जरिए पैसे बचा सकते हैं। उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच खर्च करने की आदतों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में बताए पैसे खत्म करने वाले कारण

Instagram पेज @bangalore_viral चलाने वाले अक्षय सीएन ने एक वीडियो शेयर कर ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया, जो धीरे-धीरे हर महीने की बचत को कम कर देती हैं। इनमें बार-बार ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना, कैब पर ज्यादा खर्च, बेवजह खरीदारी, बिना इस्तेमाल वाले सब्सक्रिप्शन और बिना बजट के वीकेंड प्लान शामिल हैं।

‘समस्या सैलरी नहीं, अनदेखे खर्च हैं’

अक्षय ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि कई लोग सोचते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद बचत शुरू करेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, असली फर्क कमाई से ज्यादा पैसों को लेकर जागरूकता का होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग 40 हजार रुपये कमाकर भी बचत कर लेते हैं, जबकि लाखों की आय वाले लोग भी महीने के अंत में परेशान रहते हैं।

छोटे खर्च कैसे बन जाते हैं बड़ा बोझ

अक्षय ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार का ₹300 का कैब राइड ज्यादा बड़ा खर्च नहीं लगता, लेकिन महीने में 20 बार लेने पर यही रकम काफी बढ़ जाती है। इसी तरह रोजाना फूड डिलीवरी, सेल के नाम पर खरीदारी और छोटे-छोटे डिजिटल पेमेंट लंबे समय में जेब पर भारी असर डाल सकते हैं।

सब्सक्रिप्शन और वीकेंड खर्च पर भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे ऐप्स और सेवाओं के लिए पैसे देते रहते हैं, जिनका इस्तेमाल तक नहीं करते। वहीं हर वीकेंड बाहर जाने की आदत भी बिना प्लानिंग के बजट बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, समस्या बाहर जाने में नहीं बल्कि बिना हिसाब के खर्च करने में है।

30 दिन वाला सवाल बदल सकता है खर्च की आदत

अक्षय ने पैसे बचाने का एक आसान तरीका भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कोई भी चीज खरीदने से पहले वह खुद से पूछते हैं,”क्या मैं 30 दिन बाद भी इस खरीदारी से खुश रहूंगा?” उनके मुताबिक, इस एक सवाल ने उन्हें बेहतर वित्तीय फैसले लेने में मदद की है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

अक्षय की पोस्ट पर कई यूजर्स ने सहमति जताई। कुछ लोगों ने कहा कि रोजमर्रा के खर्चों की वजह से महीने के अंत तक पैसे बचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि बचत के लिए ज्यादा कमाई से ज्यादा खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

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Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। अगर इंडेक्स 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

अगले हफ्ते के लिए निफ्टी 50 की चाल को लेकर क्या अनुमान है?

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इंडेक्स ने पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में 760 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी की है और जुलाई का महीना 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ खत्म किया है। लेकिन इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। लंबे समय से चल रहा कंसोलिडेशन का दौर हाल के हफ्तों में काफी सिमट गया है। इससे पता चलता है कि इंडेक्स धीरे-धीरे संभावित ब्रेकआउट पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा निफ्टी अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के नियर टर्म के सेंटीमेंट में सुधार को दिखाता है।

ब्रॉडर टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कुछ हद तक न्यूट्रल बना हुआ है। वीकली चार्ट पर, मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक फ्लैट हैं, जबकि डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी तक किसी मजबूत ट्रेंडिंग चाल का संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि ब्रेकआउट की संभावना तो बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी इसकी पुष्टि का इंतजार है।

अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ब्रेकआउट के टिकाऊ बने रहने के लिए, इंडेक्स को 24,150-24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना होगा। जब तक यह लेवल बना रहता है, कुल मिलाकर रुख पॉजिटिव रहने की संभावना है, और धीरे-धीरे बुल के पक्ष में झुकाव बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि बैंक निफ्टी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से नीचे की ओर नहीं, बल्कि ऊपर की ओर ब्रेकआउट करेगा, जो तेजी के नए दौर की शुरुआत का संकेत होगा?

बैंक निफ्टी लंबे समय से कंसोलिडेशन फेज में है, लेकिन नीचे की ओर ब्रेकडाउन की तुलना में ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा मजबूत लग रही है। जुलाई के ज्यादातर समय इंडेक्स लगभग 2,600 पॉइंट्स के सीमित दायरे में रहा, जो जनवरी 2026 के बाद से इसका सबसे छोटा मासिक दायरा था। महीने के आखिरी हफ्ते में यह ठहराव और भी साफ दिखा। बैंक निफ्टी ने दिसंबर 2025 के बाद से अपना सबसे सीमित साप्ताहिक दायरा देखा, जो किसी बड़ी हलचल की तैयारी का संकेत है।

हालांकि डेली और वीकली चार्ट पर मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक स्थिर हैं और मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल दायरे में बने हुए हैं। फिर भी इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है।

57,600-57,700 का जोन अभी भी तत्काल रुकावट बना हुआ है। 57,700 के ऊपर एक निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट मौजूदा ठहराव के दौर के खत्म होने का संकेत देगा और यह शॉर्ट टर्म में 58,500 और उसके बाद 59,200 की ओर तेजी की नई शुरुआत कर सकता है। नीचे की तरफ, 56,700-56,600 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, तब तक रुख पॉजिटिव रहने और ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना बनी रहेगी।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

Cholamandalam Investment and Finance Company: यह स्टॉक वीकली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने और ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट करने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है। RSI के 60 से ऊपर होने और पॉजिटिव DI+ क्रॉसओवर से मजबूत होते मोमेंटम का पता चलता है, जो खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। ₹1,835-1,855 के आसपास शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹1,780 पर और टारगेट ₹1,985 होगा।

Anthem Biosciences: यह डेली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं; RSI 60 से ऊपर है और DI+/DI- के बीच बढ़ता अंतर खरीदारों के दबदबे का संकेत देता है। शेयर का ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद होना तेजी के सेंटीमेंट को और मजबूत करता है। ₹805-815 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ₹775 पर स्टॉप-लॉस लगाया जा सकता है। टारगेट ₹870 का है।

क्या आपको उम्मीद है कि हुंडई मोटर इंडिया अगले हफ्ते भी अपनी तेजी जारी रखेगा, खासकर शुक्रवार की जबरदस्त रैली के बाद?

हुंडई ने मजबूत Q1 नतीजों और अच्छे वॉल्यूम के दम पर 6 हफ्ते के ठहराव से ब्रेकआउट किया है। बढ़ता RSI, फैलती DI लाइनें और सेक्टर का सपोर्ट मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत देते हैं। ₹2,065–2,060 के जोन से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे नियर टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा।

क्या जबरदस्त रैली और बड़े ब्रेकआउट के बाद बजाज फाइनेंस ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है, या स्टॉक में अभी भी और बढ़त की गुंजाइश है?

बजाज फाइनेंस ने अपने 20-दिन के EMA को रीटेस्ट करने के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई, जिससे मौजूदा बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हुई। बढ़ता RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स), फैलती DI लाइनें और ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर लगातार ट्रेड मजबूत मोमेंटम दिखाते हैं। वीकली रेश्यो चार्ट पर नया ब्रेकआउट बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत देता है। 1,075-1,070 जोन से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

क्या आपको लगता है कि इस हफ्ते 10 प्रतिशत की तेजी के बाद अशोक लीलैंड में और भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी?

अशोक लीलैंड ने 24 जुलाई के ₹148 के निचले स्तर से जबरदस्त वापसी की है और अब यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अच्छे वॉल्यूम, बढ़ते RSI और बेहतर होते प्राइस स्ट्रक्चर से पता चलता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है। जब तक स्टॉक ₹161 से ऊपर बना रहेगा, तब तक यह तेजी जारी रहने की संभावना है।

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