Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर क्रैश, कंपनी के इस ऐलान से शेयरों में बड़ी बिकवाली

Swiggy Share Price: स्विगी का शेयर 24 जुलाई को क्रैश कर गया। सुबह में शेयर कमजोर खुला। फिर बिकवाली दबाव बढ़ने पर 7 फीसदी तक क्रैश कर गया। शेयर का प्राइस अब तक के अपने सबसे निचले स्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसकी वजह कंपनी का एक ऐलान है। स्विगी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।

कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 45.5 फीसदी तय करने का प्लान

Swiggy ने 23 जुलाई की शाम स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि बोर्ड ने कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी 100 फीसदी तक विदेशी हिस्सेदारी की इजाजत है। इस प्रस्ताव को अब 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के एप्रूवल के लिए स्पेशल रिजॉल्यूशन की जरूरत पड़ेगी।

शेयर बाजारों के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है स्विगी

नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटेटिव रिसर्च के अभिलाष पगाड़िया ने कहा, “इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी। इससे स्विगी शेयर बाजार के ग्लोबल सूचकांकों से बाहर हो सकती है।” इससे स्विगी के शेयरों में बिकवाली दिख सकती है। इसका असर शेयर की कीमतों पर पड़ेगा।

ग्लोबल सूचकांकों से बाहर होने पर शेयरों में होगी बड़ी बिकवाली

अभी MSCI Standard Index में स्विगी का वेटेज 28 बेसिस प्वाइंट्स है। पगाड़िया का मानना है कि इस सूचकांक से स्विगी के बाहर होने से स्विगी के शेयरों में 34 करोड़ डॉलर की बिकवाली दिख सकती है। इसका मतलब है कि कंपनी के करीब 12.5 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है। FTSE Index में भी स्विगी का 24 बेसिस प्वाइंट्स का वेटेज है। इस सूचकांक से बाहर होने पर करीब 4.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हो सकती है।

 कंपनी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर ऑपरेट कर सकेगी

इस प्रस्ताव के लागू होने पर स्विगी फर्स्ट पार्टी इनवेंट्री मॉडल पर अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को ऑपरेट कर सकेगी। अभी Blinkit और Zepto इस मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। अनुमान है कि इससे स्विगी का मार्जिन बढ़ सकता है। 11 बजे स्विगी का शेयर 6.11 फीसदी गिरकर 245.58 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर 37 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट 

उधर, शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार पांचवें दिन दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स सुबह में कमजोर खुले। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 11 बजे Nifty 1 फीसदी यानी 242 अंक गिरकर 23,627 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.10 फीसदी यानी 842 अंक गिरकर 75,543 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.84 फीसदी की गिरावट दिखी।

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल का प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा, एनालिस्ट्स के अनुमान से काफी कम

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 335 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 47 फीसदी घटा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 174 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये 

Eternal का प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर बढ़कर तीन गुना हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 25 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 19,850 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। साल दर साल आधार पर कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही में दो गुना हो गया।

EBITDA 22  फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये

कंपनी का EBITDA जून तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन में तिमाही दर तिमाही आधार पर मामूली इजाफा हुआ। यह 2.8 फीसदी से बढ़कर 2.9 फीसदी हो गया। कंपनी के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को भेजे लेटर में कहा है, “अगर ऐसा वक्त आता है जब हमें ग्रोथ के लिए मार्जिन से समझौता करना पड़े तो हम बिना झिझक ऐसा करेंगे।”

लंबी अवधि में बिजनेस के विस्तार पर फोकस

उन्होंने कहा, “हमने हमेशा शॉर्ट टर्म मार्जिन की जगह लॉन्ग टर्म मार्केट एक्सपैंशन को प्राथमिकता दी है। लेकिन, हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत नहीं है।” जोमैटो लगातार यह कहती रही है कि उसे प्रतिद्वंद्वी कंपनी की कम प्राइस के फूड ऑफर करने की स्ट्रेटेजी में कोई फायदा नहीं दिखता। किफायती फूड के ग्राहकों को ध्यान में रख Swiggy ने Toing और Rapido ने Ownly लॉन्च किया है। लेकिन, जोमैटो का ऐसा करने का कोई प्लान नहीं है।

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जोमैटो के शेयर चढ़कर बंद हुए 

इटरनल का शेयर 22 जुलाई को 1.01 फीसदी चढ़कर 289.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों पर बड़ा दबाव देखने को मिला। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक की कमजोरी के साथ 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी की गिरावट आई।

मुंबई में शख्स ने लाखों की सैलरी छोड़ किया 1.5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट’, रेस्टोरेंट और निवेश से हो रही 4 लाख की कमाई

एक व्यक्ति, जिसने ऐसा रास्ता चुना जिसे कई लोग जोखिम भरा मानते थे, अब आर्थिक आजादी और काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन का आनंद ले रहा है। सोशल मीडिया पर अंकित पांडे द्वारा साझा की गई उनकी कहानी ने ऑनलाइन कई लोगों को प्रेरित किया है।

पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने मुंबई में अपनी 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी छोड़ दी, जबकि लोगों ने उससे कहा कि वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है। उसने अपना फ्लैट लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया और कोई दूसरा महंगा अपार्टमेंट खरीदने के बजाय अपने होमटाउन वापस चला गया।

उसने लगभग 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी, 50 लाख रुपये में घर बनवाया और दो रेस्टोरेंट खोलने के लिए लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया। आज, दोनों रेस्टोरेंट जोमैटो और स्विगी पर लिस्टेड हैं और कर्मचारी उन्हें मैनेज करते हैं। बताया जाता है कि इन बिजनेस से उसे इतना मुनाफा होता है कि वह हर महीने लगभग 3 लाख रुपये बचा लेता है।

उसने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उसे ब्याज के तौर पर हर महीने लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं। कुल मिलाकर, उसकी मासिक आय लगभग 4 लाख रुपये बताई जाती है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

एक यूजर ने लिखा, “बिना किसी विरासत, बिना किसी असली सोशल सर्कल और शहर से बिना किसी सच्चे लगाव के, मेट्रो शहर में सिर्फ एक औसत सैलरी पर गुज़ारा करना, एक दुखद जीवन जैसा लगता है।”एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “भले ही यह सच्ची कहानी हो, लेकिन जब वह होमटाउन गया तो उसके पास 3 करोड़ रुपये की पूंजी और पहले की बचत थी, जिससे बिजनेस और नई ज़िंदगी शुरू की जा सकती थी। हर किसी के पास, जो मेट्रो से होमटाउन जाता है, ऐसी सुविधा नहीं होती। अच्छी कहानी है, लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए आदर्श या उनसे जुड़ी हुई नहीं है।”

एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, “यह इतना आसान नहीं है! रेस्टोरेंट का बिजनेस ही जोखिम भरा होता है! इतने सारे लाइसेंस और रिश्वत, लेबर की समस्याएं, सफाई के सर्टिफिकेट वगैरह, जिन्हें कॉम्पिटिटर निशाना बना सकते हैं! मैं रोज़ रेस्टोरेंट बंद होते देखता हूं!”