नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

Bonus Share: हर शेयर पर 1 नया शेयर फ्री, 24 अगस्त से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर; 6 महीनों में कीमत 40% मजबूत

क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Relaxo Footwears Stock Outlook: 27% तक लुढ़क सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने दी बेचने की सलाह

क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक

टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी

फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।

टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले

टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।

मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे

पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज

अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।

पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।

 रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

FII और DII फंड फ्लो

FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Bollywood Actors Hosts shows: अमिताभ बच्चन से लेकर माधुरी दीक्षित तक, ये 9 बॉलीवुड सेलेब्स बनें टीवी होस्ट

Bollywood Actors Hosts shows: बॉलीवुड स्टार्स अक्सर बड़े पर्दे से जुड़े रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में कई बड़े स्टार्स ने टेलीविजन की दुनिया में भी कदम रखा है। इस लिस्ट में शामिल होने वाले नए नाम अजय देवगन और माधुरी दीक्षित हैं, जो टेलीविजन पर नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने वाले हैं। उनके आने से उन फ़िल्मी स्टार्स की लंबी लिस्ट पर फिर से ध्यान गया है जिन्होंने अपने करियर के अलग-अलग पड़ावों पर इस मीडियम में काम किया है। गेम शो और रियलिटी सीरीज को होस्ट करने से लेकर टॉक शो में खुलकर बातचीत करने तक, इन स्टार्स ने टेलीविजन पर कई तरह के रोल निभाए हैं। आइए, बॉलीवुड के कुछ ऐसे बड़े नामों पर नजर डालते हैं जिन्होंने फिल्मों से टीवी का रुख किया।

अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन का टेलीविन का सफर साल 2000 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के साथ शुरू हुआ। उस समय, किसी बड़े बॉलीवुड स्टार का टेलीविज़न पर आना एक असामान्य करियर कदम माना जाता था। यह क्विज़ शो बच्चन की पहचान का अहम हिस्सा बन गया और उनकी होस्टिंग शो के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक रही। तब से वे कई सीज़न्स में इस शो में लौटे हैं और अभी भी इसे होस्ट कर रहे हैं, जिसमें इसका मौजूदा 18वां सीजन भी शामिल है।

सलमान खान

सलमान खान बॉलीवुड के उन बड़े नामों में से एक हैं, जिन्होंने टेलीविजन पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने सबसे पहले 2008 में सेलिब्रिटी गेम शो ‘दस का दम’ होस्ट किया था और बाद में ‘बिग बॉस’ के साथ उनकी पहचान जुड़ गई। 2010 में सीजन 4 से उन्होंने इसे होस्ट करना शुरू किया। उनकी बेबाक बातचीत, खास अंदाज़ वाला मजाक और सीधे-सपाट तरीके से बात करने का अंदाज़ जल्द ही शो की लोकप्रियता का अहम हिस्सा बन गया। सलमान का ‘बिग बॉस’ के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है और वह इसके 20वें सीजन में भी होस्ट के तौर पर वापसी करने वाले हैं।

माधुरी दीक्षित

माधुरी दीक्षित का टेलीविजन के साथ, खासकर डांस रियलिटी शो के जरिए, लंबे समय से जुड़ाव रहा है। उन्होंने ‘झलक दिखला जा’ में जज के तौर पर टीवी पर डेब्यू किया और बाद में ‘डांस दीवाने’ जैसे शो में एक जाना-माना चेहरा बन गईं। अब वह मराठी क्विज़ शो ‘कोण होणार करोडपती’ की होस्ट के तौर पर टेलीविज़न पर वापसी करके एक अलग भूमिका निभा रही हैं। यह नया काम 24 साल बाद होस्टिंग में उनकी वापसी है; उनका पिछला होस्टिंग असाइनमेंट 2002 में ‘कहीं न कहीं कोई है’ था।

शाहरुख खान

शाहरुख खान भी टीवी शो होस्ट करते नजर आए हैं, हालांकि छोटे पर्दे पर कम समय के लिए काम किया है। 2007 में, उन्होंने अमिताभ बच्चन की जगह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 3 के होस्ट के तौर पर काम संभाला। हालांकि SRK ने क्विज़ शो में अपना खास आकर्षण और मजाक का अंदाज दिखाया, लेकिन बच्चन के साथ तुलना करना मुश्किल साबित हुआ, और बच्चन चौथे सीजन को होस्ट करने के लिए वापस आ गए। बाद में SRK ने 2008 में ‘क्या आप पांचवीं पास से तेज़ हैं?’ और 2011 में ‘ज़ोर का झटका टोटल वाइपआउट’ जैसे शो होस्ट किए।

अजय देवगन

अजय देवगन टेलीविज़न पर होस्टिंग करने वाले नए बॉलीवुड स्टार बन गए हैं। वे लंबे समय से ‘क्राइम पेट्रोल’ होस्ट कर रहे अनूप सोनी की जगह लेंगे। ‘क्राइम पेट्रोल 2026’ नाम का यह नया सीज़न 31 अगस्त को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर शुरू होगा और इसके साथ ही देवगन टेलीविज़न होस्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगे। खबरों के मुताबिक, वे इस शो के लिए पहले ही 15 एपिसोड की शूटिंग कर चुके हैं।

रितेश देशमुख

रितेश देशमुख ने अपने फ़िल्मी करियर के साथ-साथ टेलीविज़न पर भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई है। उन्होंने 2013 में ‘इंडियाज़ डांसिंग सुपरस्टार’ में जज के तौर पर टेलीविज़न पर डेब्यू किया और बाद में ‘यारों की बारात’ और ‘विक्टा का उत्तर’ जैसे शो होस्ट किए। 2024 में उन्होंने महेश मांजरेकर की जगह ‘बिग बॉस मराठी’ को होस्ट करना शुरू किया और 2026 में इसके छठे सीज़न के लिए भी लौटे। मराठी रियलिटी शो में उनके काम ने उन्हें एक लोकप्रिय टेलीविज़न होस्ट के तौर पर और भी स्थापित किया है। वहीं हाल में वह लॉक अप के सीजन 2 को होस्ट करते नजर आए थे।

रणवीर सिंह

रणवीर सिंह ने 2021 में कलर्स टीवी के विज़ुअल-बेस्ड क्विज़ शो ‘द बिग पिक्चर’ के होस्ट के तौर पर टेलीविज़न पर डेब्यू किया। इस गेम शो में कंटेस्टेंट्स की जानकारी और विज़ुअल मेमोरी को परखा जाता था, और रणवीर ने होस्टिंग के दौरान अपनी ज़बरदस्त एनर्जी वाली पर्सनैलिटी का जलवा दिखाया। यह शो अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ और एक सीज़न तक चला। यह टेलीविज़न पर एक्टर का पहला बड़ा काम था।

फराह खान

फ़राह खान दो दशकों से ज़्यादा समय से टेलीविज़न पर एक जाना-माना चेहरा रही हैं। उन्होंने 2004 में ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीज़न में सोनू निगम के साथ जज के तौर पर अपने टीवी सफ़र की शुरुआत की थी। इसके बाद वह इंडियन रियलिटी टेलीविज़न पर सबसे मशहूर सेलिब्रिटी जजों में से एक बन गईं और ‘झलक दिखला जा’, ‘नच बलिए’, ‘जस्ट डांस’ और ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ जैसे शो में नज़र आईं। उन्होंने ‘बिग बॉस हल्ला बोल’ और ‘फ़राह की दावत’ जैसे शो को होस्ट भी किया है। हाल ही में, उन्होंने ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ़’ को होस्ट और जज किया, जिससे टेलीविज़न पर उनकी मौजूदगी और मज़बूत हुई। वहीं हाल में वह लॉक अप के सीजन 2 को होस्ट करती नजर आईं थीं।

करण जौहर

करण जौहर का बॉलीवुड से टेलीविज़न तक का सफ़र बहुत कामयाब रहा है। उन्होंने 2004 में ‘कॉफ़ी विद करण’ के साथ टीवी की दुनिया में कदम रखा और इस सेलिब्रिटी चैट शो को एक लंबे समय तक चलने वाली फ़्रैंचाइज़ी बना दिया, जो उनके बेबाक इंटरव्यू और खास मज़ाकिया अंदाज़ के लिए जानी जाती है। बाद में उन्होंने ‘झलक दिखला जा’ और ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ जैसे रियलिटी शो में जज के तौर पर टेलीविज़न पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई। ‘झलक दिखला जा’ में उनका सफ़र 2012 में इसके पाँचवें सीज़न से शुरू हुआ, जहाँ वह माधुरी दीक्षित और रेमो डिसूज़ा के साथ जजिंग पैनल में शामिल हुए। अब करण द ट्रेटर्स के पहले सीजन के बाद सीजन 2 को भी होस्ट कर रहे हैं।

Vedanta Group: इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद-बेच सकते हैं प्रमोटर, ₹3000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

Vedanta Group: माइनिंग दिग्गज वेदांता ग्रुप की हाल में लिस्ट हुई कुछ कंपनियों में जल्द ही प्रमोटर खरीद-बिक्री कर सकते हैं। Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसके लिए खुले बाजार से धीरे-धीरे शेयर खरीदने का रास्ता अपनाया जा सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने CNBC-TV18 को यह जानकारी दी है।

खुले बाजार से होगी खरीदारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर चुनिंदा कंपनियों के शेयर खुले बाजार से धीरे-धीरे खरीद सकते हैं। इसे Creeping Purchase कहा जाता है। इसमें एक साथ बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बजाय समय के साथ थोड़ा-थोड़ा शेयर खरीदा जाता है।

SEBI के नियमों के तहत प्रमोटर इस तरीके से एक साल में अपनी हिस्सेदारी 5% तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि, असल खरीदारी कितनी होगी और किस कंपनी में होगी, यह अभी साफ नहीं है।

₹2,000 से ₹3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 2,000 से 3,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। इसके लिए Vedanta Ltd. या Vedanta Aluminium के शेयरों को गिरवी रखने या बेचने का विकल्प अपनाया जा सकता है।

हालांकि, Vedanta ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। CNBC-TV18 के सवाल पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वह बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती।

अनिल अग्रवाल ने क्या कहा था?

इन डीमर्ज्ड कंपनियों की लिस्टिंग के समय Vedanta Group के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा था कि उनके लिए ‘मालिक बने रहना जरूरी नहीं है।’ उन्होंने कहा था कि कंपनी की ग्रोथ के लिए वह हर संभव कदम उठाएंगे। इसमें कारोबार का पुनर्गठन और विदेशों में विस्तार भी शामिल है।

वेदांता ग्रुप के शेयरों का हाल

मंगलवार को Vedanta का शेयर 2.70%% गिरकर 276 रुपये पर बंद हुआ। वहीं Vedanta Oil & Gas का शेयर 39.64 रुपये पर लगभग सपाट रहा।

Vedanta Iron & Steel का शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ 38.81 रुपये पर पहुंच गया। दूसरी ओर, Vedanta Aluminium Metal का शेयर 0.69% गिरकर 469.35 रुपये पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

Market View : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (Marcellus Investment Managers) के फाउंडर और CIO सौरभ मुखर्जी ने कहा कि वे टाइटन में काफी लंबे समय से निवेशित हैं। अगले 10-15 दिनों में टाइटन की स्टोरी पर उनकी एक किताब भी आ रही है। कंपनी की 20-22 साल की कमाल की हिस्ट्री रही है। कंपनी ने इस दौरान न सिर्फ अपना बल्कि पूरे ज्वेलरी मार्केट का ट्रांसफॉर्मेशन कर दिया है। टाइटन ने लोगों में जिस तरह का भरोसा हासिल किया है और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट किया है वह कमल का है।

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए सौरभ मुखर्जी ने कहा कि इस अवधि में एक बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज़ देखने को मिला है। जून तिमाही में निफ्टी की ईपीएस ग्रोथ 7-8 फीसदी रहने की उम्मीद थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह डबल डिजिट में रह सकती है। यह करीबन 3 साल बाद ऐसा पहला क्वार्टर होगा जहां पर डबल डिजिट ग्रोथ दिखेगी। स्मॉल एंड मिड कैप में डबल डिजिट ग्रोथ काफी सालों से दिख रही है, वो नई बात नहीं है। लेकिन निफ्टी में जो भारी भरकम स्टॉक्स है उनके लिए यह तीन साल का बेस्ट क्वार्टर हो सकता। ऐसा लग रहा है कि निफ्टी के लिए सितंबर क्वार्टर भी अच्छा रहेगा। पिछले साल इनकम टैक्स, आरबीआई के रेट और जीएसटी दरों में जो कटौती हुई उसका फायदा जून तिमाही में दिखा। सितंबर तिमाही में भी इसका असर रहेगा। कंज्यूमर बाजार की तरफ रुख कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार कैपेक्स पर थोड़ दबाव तो है लेकिन प्राइवेट कैपेक्स में थोड़ा सा पिकअप दिख रहा है। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग में भी सॉलिड पिकअप दिख रहा है। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी निवेश भी आ रहा है। कंपनियों की कमाई और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी पिक अप दिख रहा है। ऐसे में यह तिमाही काफी अच्छी रही है। अगले 3-4 साल बाजार के लिए अच्छे रहेंगे। इस दौर में क्वालिटी स्टॉक्स अच्छा रिटर्न देंगे।

एक्सपोर्ट से जुड़ा मैन्युफैक्चरिंग स्पेस करेगा बेहतर प्रदर्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए सौरभ मुखर्जी ने कहा कि आगे एक्सपोर्ट से जुड़ा मैन्युफैक्चरिंग स्पेस बेहतर करेगा। इस सेक्टर की एक कंपनी है एसपी एपेरल्स (SP Apparels)। उम्मीद है कि यह शेयर आगे काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यह कोयम्बटूर के पास बेस्ड बच्चों के लिए कपड़ा बनाने वाली कंपनी है। यह एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग करती है। यह कोयंबटूर से पूरे वेस्टर्न यूरोप के रिटेलर्स के लिए बच्चों का कपड़ा बनाती है। ध्यान देनें की बात है कि बच्चों का कपड़ा बनाना एक कठिन काम है। इसमें यूरोपियन देशों द्वारा तय किए गए कई हेल्थ एंड सेफ्टी नियमों का पालन करना होता है। एसपी एपेरल्स इस सेगमेंट की लीडिंग प्लेयर है।

सौरभ मुखर्जी ने बताया कि उन्होंने करीबन चार या पांच महीने पहले इस स्टॉक में पोजीशन बनाई थी। वे कई सालों से इस पर नजर रखे हुए थे। उनकों यह कंपनी काफी साफ सुथरी और अच्छी लगती है। बहुत साल से कंपनी बांग्लादेश फैक्टर से परेशान थी। बांग्लादेश पर यूरोप में भारत के मुकाबले 13-14% कम टैरिफ लगता है। लेकिन जब तो जब पीयूष गोयल ने यूरोप के साथ फ्री ट्रंड एग्रीमेंट पर साइन किया तो एसपी एपेरल्स फिर से लाइम लाइट में आ गया। उम्मीद है कि जनवरी 2027 से एसपी एपेरल्स को टैरिफ के मामले में बांग्लादेश के साथ बराबरी मिल जाएगी। रुपया भी गिर रहा है। कंपनी अच्छा प्रोडक्ट भी बनाती है। कंपनी को करेंसी में कमजोरी और एफटीए का फायदा दोनों ही मिलेगा।

 

 

Market Outlook: सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 11 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty indicator: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन किस ओर घूमेगा बाजार का पहिया, आखिर गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत, जानें

GIFT Nifty indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के स्थिर या थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty से सीमित बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मजबूत एशियाई बाजार और शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क रख सकती है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 24,660 पर ट्रेड कर रहा था। इससे शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 के लिए काफी हद तक सपाट या सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिलते हैं। पिछले सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि ऑटो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त के मुकाबले फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी हावी रही। Sensex 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर आ गया, जबकि Nifty 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ार चढ़े

सोमवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से संकेत लेते हुए ये बाज़ार ऊपर चढ़े। कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार डेटा के कारण फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई थीं। जापान का Nikkei 225 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही।  S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत गिरे और Nasdaq फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

शुक्रवार को अमेरिकी इक्विटी में बढ़त हुई, जब डेटा से पता चला कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के विपरीत नौकरियों में कमी आई है। इससे निवेशकों ने निकट भविष्य में उधार लेने की लागत बढ़ने की उम्मीदें कम कर दीं। S&P 500 0.62 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.30 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average 0.28 प्रतिशत चढ़ा। इस हफ़्ते नैस्डैक में 5.19% की तेज़ी आई, S&P 500 में 3.58% की बढ़त हुई और डॉव 2.96% ऊपर चढ़ा। इसकी वजह कंपनियों की अच्छी कमाई और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताएं थीं। अब निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए इस हफ़्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे।

होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हुई क्योंकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कितनी जल्दी पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 1.09% बढ़कर $84.46 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.78% बढ़कर $78.79 हो गया।

ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज से होकर नए शिपिंग रूट तय करने के लिए ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन उसने यह भी कहा कि जलमार्ग के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

इंडेक्स पर क्या बनाए रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौते की दिशा में हुई प्रगति से बाज़ार की धारणा (sentiment) को मदद मिली है, हालांकि बातचीत अभी भी शर्तों पर आधारित है। जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक मध्य पूर्व को लेकर बनी अनिश्चितता बड़े जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर सकती है। पोनमुडी ने आगे कहा कि WTI क्रूड का $78-79 प्रति बैरल के आसपास बने रहना यह बताता है कि बाज़ार अभी भी कुछ जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को ध्यान में रख रहे हैं।

पोनमुडी ने कहा कि निफ़्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,600-24,700 का ज़ोन मुख्य रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। इसके ऊपर लगातार बने रहने से तेज़ी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,500 तुरंत सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,400-24,300 का ज़ोन सपोर्ट के तौर पर है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।