Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

Market View : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (Marcellus Investment Managers) के फाउंडर और CIO सौरभ मुखर्जी ने कहा कि वे टाइटन में काफी लंबे समय से निवेशित हैं। अगले 10-15 दिनों में टाइटन की स्टोरी पर उनकी एक किताब भी आ रही है। कंपनी की 20-22 साल की कमाल की हिस्ट्री रही है। कंपनी ने इस दौरान न सिर्फ अपना बल्कि पूरे ज्वेलरी मार्केट का ट्रांसफॉर्मेशन कर दिया है। टाइटन ने लोगों में जिस तरह का भरोसा हासिल किया है और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट किया है वह कमल का है।

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए सौरभ मुखर्जी ने कहा कि इस अवधि में एक बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज़ देखने को मिला है। जून तिमाही में निफ्टी की ईपीएस ग्रोथ 7-8 फीसदी रहने की उम्मीद थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह डबल डिजिट में रह सकती है। यह करीबन 3 साल बाद ऐसा पहला क्वार्टर होगा जहां पर डबल डिजिट ग्रोथ दिखेगी। स्मॉल एंड मिड कैप में डबल डिजिट ग्रोथ काफी सालों से दिख रही है, वो नई बात नहीं है। लेकिन निफ्टी में जो भारी भरकम स्टॉक्स है उनके लिए यह तीन साल का बेस्ट क्वार्टर हो सकता। ऐसा लग रहा है कि निफ्टी के लिए सितंबर क्वार्टर भी अच्छा रहेगा। पिछले साल इनकम टैक्स, आरबीआई के रेट और जीएसटी दरों में जो कटौती हुई उसका फायदा जून तिमाही में दिखा। सितंबर तिमाही में भी इसका असर रहेगा। कंज्यूमर बाजार की तरफ रुख कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार कैपेक्स पर थोड़ दबाव तो है लेकिन प्राइवेट कैपेक्स में थोड़ा सा पिकअप दिख रहा है। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग में भी सॉलिड पिकअप दिख रहा है। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी निवेश भी आ रहा है। कंपनियों की कमाई और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी पिक अप दिख रहा है। ऐसे में यह तिमाही काफी अच्छी रही है। अगले 3-4 साल बाजार के लिए अच्छे रहेंगे। इस दौर में क्वालिटी स्टॉक्स अच्छा रिटर्न देंगे।

एक्सपोर्ट से जुड़ा मैन्युफैक्चरिंग स्पेस करेगा बेहतर प्रदर्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए सौरभ मुखर्जी ने कहा कि आगे एक्सपोर्ट से जुड़ा मैन्युफैक्चरिंग स्पेस बेहतर करेगा। इस सेक्टर की एक कंपनी है एसपी एपेरल्स (SP Apparels)। उम्मीद है कि यह शेयर आगे काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यह कोयम्बटूर के पास बेस्ड बच्चों के लिए कपड़ा बनाने वाली कंपनी है। यह एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग करती है। यह कोयंबटूर से पूरे वेस्टर्न यूरोप के रिटेलर्स के लिए बच्चों का कपड़ा बनाती है। ध्यान देनें की बात है कि बच्चों का कपड़ा बनाना एक कठिन काम है। इसमें यूरोपियन देशों द्वारा तय किए गए कई हेल्थ एंड सेफ्टी नियमों का पालन करना होता है। एसपी एपेरल्स इस सेगमेंट की लीडिंग प्लेयर है।

सौरभ मुखर्जी ने बताया कि उन्होंने करीबन चार या पांच महीने पहले इस स्टॉक में पोजीशन बनाई थी। वे कई सालों से इस पर नजर रखे हुए थे। उनकों यह कंपनी काफी साफ सुथरी और अच्छी लगती है। बहुत साल से कंपनी बांग्लादेश फैक्टर से परेशान थी। बांग्लादेश पर यूरोप में भारत के मुकाबले 13-14% कम टैरिफ लगता है। लेकिन जब तो जब पीयूष गोयल ने यूरोप के साथ फ्री ट्रंड एग्रीमेंट पर साइन किया तो एसपी एपेरल्स फिर से लाइम लाइट में आ गया। उम्मीद है कि जनवरी 2027 से एसपी एपेरल्स को टैरिफ के मामले में बांग्लादेश के साथ बराबरी मिल जाएगी। रुपया भी गिर रहा है। कंपनी अच्छा प्रोडक्ट भी बनाती है। कंपनी को करेंसी में कमजोरी और एफटीए का फायदा दोनों ही मिलेगा।

 

 

Market Outlook: सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 11 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty indicator: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन किस ओर घूमेगा बाजार का पहिया, आखिर गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत, जानें

GIFT Nifty indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के स्थिर या थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty से सीमित बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मजबूत एशियाई बाजार और शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क रख सकती है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 24,660 पर ट्रेड कर रहा था। इससे शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 के लिए काफी हद तक सपाट या सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिलते हैं। पिछले सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि ऑटो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त के मुकाबले फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी हावी रही। Sensex 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर आ गया, जबकि Nifty 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ार चढ़े

सोमवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से संकेत लेते हुए ये बाज़ार ऊपर चढ़े। कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार डेटा के कारण फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई थीं। जापान का Nikkei 225 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही।  S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत गिरे और Nasdaq फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

शुक्रवार को अमेरिकी इक्विटी में बढ़त हुई, जब डेटा से पता चला कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के विपरीत नौकरियों में कमी आई है। इससे निवेशकों ने निकट भविष्य में उधार लेने की लागत बढ़ने की उम्मीदें कम कर दीं। S&P 500 0.62 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.30 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average 0.28 प्रतिशत चढ़ा। इस हफ़्ते नैस्डैक में 5.19% की तेज़ी आई, S&P 500 में 3.58% की बढ़त हुई और डॉव 2.96% ऊपर चढ़ा। इसकी वजह कंपनियों की अच्छी कमाई और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताएं थीं। अब निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए इस हफ़्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे।

होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हुई क्योंकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कितनी जल्दी पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 1.09% बढ़कर $84.46 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.78% बढ़कर $78.79 हो गया।

ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज से होकर नए शिपिंग रूट तय करने के लिए ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन उसने यह भी कहा कि जलमार्ग के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

इंडेक्स पर क्या बनाए रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौते की दिशा में हुई प्रगति से बाज़ार की धारणा (sentiment) को मदद मिली है, हालांकि बातचीत अभी भी शर्तों पर आधारित है। जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक मध्य पूर्व को लेकर बनी अनिश्चितता बड़े जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर सकती है। पोनमुडी ने आगे कहा कि WTI क्रूड का $78-79 प्रति बैरल के आसपास बने रहना यह बताता है कि बाज़ार अभी भी कुछ जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को ध्यान में रख रहे हैं।

पोनमुडी ने कहा कि निफ़्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,600-24,700 का ज़ोन मुख्य रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। इसके ऊपर लगातार बने रहने से तेज़ी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,500 तुरंत सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,400-24,300 का ज़ोन सपोर्ट के तौर पर है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद, 24700–24800 की दीवार पार होने पर आएगी तेजी

Trade setup for today : 5 अगस्त को कंसोलिडेशन के बीच बाजार सीमित दायरे में ट्रेडिंग करता दिखा। ट्रेंडिंग सेशन के अंत में निफ्टी मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। यह क्लोजिंग बेसिस पर 24600 के लेवल को बचाए रखने में कामयाब रहा। कच्चे तेल में स्थिरता और वोलैटिलटी इंडेक्स इंडिया VIX में आई कमी की मदद से कंसोलिडेशन के बावजूद टेक्निकल इंडिकेटर्स ने बाजार को सपोर्ट किया। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,700–24,800 के रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक इसमें एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,500–24,400 के जोन में तत्काल सपोर्ट दिख रहा। अगर यह इस सपोर्ट के नीचे टूटता है,तो बाजार पर मंदड़िए हावी हो सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,700–24,800 की दीवार को पार कर जाता है तो फिर ऊपर की तरफ 25,000 के स्तर की ओर जाने का रास्ता साफ हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,531, 24,489 और 24,420

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,669, 24,711 और 24,780

निफ्टी कल पिछले दिन की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ लंबी शैडो थी। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच निचले लेवल पर खरीदारी आ रही है। लगातार कंसोलिडेशन के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है और 10 , 20 और 50 डे EMA ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।

हाल की तेज बढ़त के बाद भी निफ्टी 23.6 प्रतिशत के फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। RSI 61.96 पर पॉजिटिव क्रॉसओवर में रहा,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों से ऊपर अपनी ऊपर की ओर बढ़ने की चाल बनाए हुए था। MACD हिस्टोग्राम ने भी लगातार चौथे सेशन में अपनी हरी बार्स को बढ़ाया,जो लगातार बने पॉजिटिव मोमेंटम का संकेत है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,891, 58,003 और 58,185

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,528, 57,416 और 57,234

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी भी मंगलवार की रेंज में ही ट्रेड करता रहा और एक छोटी बॉडी वाली’बेयरिश कैंडल’बनाई। इसमें ऊपर की तरफ छोटी विक (wick) और नीचे की तरफ काफी लंबी विक थी। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई साफ फैसला नहीं हो पा रहा था,हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी आती दिखी। इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिससे संकेत मिलता है कि शॉर्ट-टर्म मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। यह लगातार तीसरे सेशन में भी हाल की तेज बढ़त के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना रहा। RSI 53.62 पर ज्यादातर एक ही दायरे में रहा,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। MACD में मामूली बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम लगभग एक महीने में पहली बार हरे रंग का हो गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि लगातार कंसोलिडेशन के बावजूद बैंक निफ्टी में पॉजिटिव रुख बना हुआ है। निचले स्तरों पर खरीदारी आ रही है और बेहतर होता मोमेंटम इसके तेजी के ट्रेंड को सपोर्ट कर रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 अगस्त को लगातार छह सत्रों से जारी अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (नेट सेलर बन गए)। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बॉयर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 1.07% की गिरावट आई और यह 12.06 पर आ गया। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो तेजड़ियों के लिए लगातार सपोर्ट बने रहने का संकेत है। जब तक यह 14–15 की रेंज से नीचे रहता है,तब तक तेजड़ियों के लिए किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 5 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से घटकर 0.91 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए,6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद दिख रही है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,643.50 के आसपास हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद निफ्टी 24600 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581.00 पर और निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत बढ़कर 24,624.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:55 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 63.50 अंक यानी 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 24,696.50 के स्तर पर दिख रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 1.47 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि,स्ट्रेट टाइम्स में 0.88 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 1.70 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.85 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 4.28 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हालांकि, शांघाई कंपोजिट में 0.41 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

अमेरिकी बाजार

बुधवार को ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में प्रगति के संकेतों के बीच डाओ जोन्स रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ,जबकि तिमाही नतीजों के बाद SpaceX और AMD के शेयरों में गिरावट के कारण नैस्डैक (Nasdaq) में पिछले पांच सत्रों में पहली बार गिरावट नजर आई। कारोबार के अंत में डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 263.18 अंक या 0.49% बढ़कर 54,349.06 पर बंद हुआ। S&P 500 में 13.00 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,723.52 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 221.55 अंक या 0.83% गिरकर 26,363.44 पर सेटल हुआ।

डॉलर इंडेक्स

गुरुवार के शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स दूसरी बड़ी मुद्राओं के मुकाबले सपाट दिख रहा था। फिलहाल ये 99.67 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 4.61% पर सपाट दिख रही है। वहीं, 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली बढ़त के साथ 4.18% पर आ गई है।

एशियाई करेंसी

ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त देखने को मिल रही है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.524% की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (+0.313%) और थाई बाहत (+0.203%) का नंबर है। ताइवान डॉलर,मलेशियाई रिंगित,फिलीपीन पेसो,सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में भी थोड़ी बढ़त दिख रही है। दूसरी तरफ चीनी रेनमिनबी एकमात्र ऐसी करेंसी है जिसमें गिरावट आई है। यह अपने पिछले क्लोजिंग भाव से 0.018% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 अगस्त को लगातार छह सत्रों से जारी अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (नेट सेलर बन गए)। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बॉयर रहे।

 

गुलामी की जंजीरों से निकला आइसक्रीम को स्वाद देने वाला वनीला

how 12 year old boy changed world vanilla farming

आज जिसे हम साधारण स्वाद समझते हैं, कभी वह वनीला राजाओं की पसंद था। मेसोअमेरिका के शासकों से लेकर यूरोप के आलीशान दरबारों तक इसकी मांग थी। दुनिया भर में इसकी खुशबू फैलाने का श्रेय एक 12 साल के गुलाम लड़के को जाता है। ALSO READ: दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड

 

आज आइसक्रीम से लेकर खांसी की दवाओं तक में वनीला हर जगह मौजूद है। सिंथेटिक वैनिलिन के आने के बाद से यह स्वाद दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच गया है। अब वनीला इतना आम हो चुका है कि अंग्रेजी भाषा में इसे सादे के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है।

 

असल वनीला दुनिया की सबसे मुश्किल फसलों में से एक है। रासायनिक रूप से भी इसे बनाना काफी जटिल है। इसमें 200 से भी ज्यादा तरह के खुशबूदार कम्पाउंड्स होते हैं, जो इसकी अनोखी खुशबू और स्वाद का राज हैं। केसर के बाद वनीला दुनिया का दूसरा सबसे महंगा मसाला माना जाता है। इसकी कीमत लगभग 100 से 600 डॉलर प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।

 

वनीला की इस कहानी में एक बिना डंक वाली मधुमक्खी, औपनिवेशिक सत्ता और एक 12 वर्षीय गुलाम बनाए गए लड़के एडमंड अल्बियस की अहम भूमिका है। जिसकी खोज ने वनीला की खेती का तरीका बदल दिया। अगर यह खोज नहीं हुई तो आज दुनिया इस स्वाद से अनजान होती। ALSO READ: क्या हम फफूंद के खतरे को अब तक कम आंकते रहे हैं?

 

सालों के कब्जे से पनपा वनीला का बीज

वनीला की कहानी शुरू होती है, प्राचीन मेसो अमेरिका से। वहां के गर्म और नम जंगलों में ‘वनीला प्लैनिफोलिया' नाम की एक खास जंगली ऑर्किड बेल उग आती है।

 

इतिहास के पन्नों में दर्ज लेखों से पता चलता है कि उस समय अलग-अलग समुदायों ने वनीला के लिए अपने-अपने नाम रखे थे। मेक्सिको के लोग इसे ‘त्लिलशाचितल', टोटोनाक लोग ‘शानात' और माया लोग ‘सिस्बिक' कहते थे। हालांकि, सभी सभ्यताओं में वनीला काफी कीमती थी। दवा बनाने से लेकर, धार्मिक अनुष्ठानों तक कई जगह इसका इस्तेमाल किया जाता था।

 

टोटोनाक लोग, आज के मेक्सिको के वेराक्रूज इलाके में वनीला की खेती करने वाला पहला समुदाय था। इसकी खुशबू के लिए वे इसे बेहद पसंद करते थे। बाद में जब एजटेक लोगों ने टोटोनाक इलाके पर कब्जा किया, तो टैक्स के तौर पर वनीला वसूलने लगे। एजटेक वनीला का इस्तेमाल ‘शोकोलात्ल' नामक के काकाओ ड्रिंक में स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए करते थे। ये ड्रिंक केवल ऊंचे पदों पर बैठे लोगों और योद्धाओं के लिए थी।

 

साल 1519 में एजटेक के सम्राट, मोक्तेजुमा द्वितीय ने यह खास ड्रिंक स्पेनिश सैनिकों को परोसा। यह घटना तब की है, जब स्पेन सेंट्रल मेक्सिको में अपना औपनिवेशिक शासन स्थापित कर रहा था।

 

बाद में स्पेनिश लोग वनीला यूरोप लेकर आ गए। शुरुआत में यह मेक्सिको से लाए गए चॉकलेट ड्रिंक के रूप में स्पेन के शाही दरबार तक पहुंचा। फिर धीरे-धीरे वनीला फ्रांस और इंग्लैंड के राजदरबारों की रसोइयों तक पहुंच गया, जहां इसका इस्तेमाल कर खास मिठाइयां और पेस्ट्रियां बनाई जाने लगी।

 

एक मधुमक्खी ने यूरोप को किया दंग 

इस जंगली ऑर्किड की बेल को फ्रांस और इंग्लैंड के बागानों में उगाने की बहुत कोशिश की गई। लेकिन हर बार सिर्फ निराशा ही हाथ आई, लाख कोशिशों के बावजूद उसके फूलों में फल नहीं लगे।

 

औपनिवेशिक शासकों ने वनीला की बेलों को अपने दूसरे उपनिवेशों जैसे भारत, जावा, फिलीपींस और फ्रांस के कब्जे वले रीयूनियन द्वीप में भी उगाने की कोशिश की। वहां बेलें तो अच्छी तरह बढ़ीं, फूल भी खिले, लेकिन उन पर वनीला की फलियां नहीं आईं। यह परेशानी लगभग 300 सालों तक ऐसी ही बनी रही।

 

साल 1836 में बेल्जियम के बागवानी विशेषज्ञ, चार्ल्स मोरेन ने पता लगाया कि वनीला के फूलों का प्राकृतिक परागण एक बिना डंक वाली मेलिपोना मधुमक्खी करती है, जो केवल मेक्सिको में ही पाई जाती है। मोरेन ने अपनी प्रयोगशाला में हाथ से वनीला का परागण करने में सफलता तो हासिल की, लेकिन यह तरीका काफी धीमा और खेती के लिहाज से कारगर नहीं था।

 

तभी रीयूनियन द्वीप पर रहने वाले 12 साल के गुलाम बनाए गए एक लड़के एडमंड अल्बियस ने इस समस्या का समाधान खोज निकाला। ALSO READ: मुसीबत में ट्रंप के दोस्त FIFA अध्यक्ष इनफैनटिनो! निजी निवेशकों की योजना पर लगा ब्रेक, बड़े फुटबॉल परिसंघों के विरोध में झुकी संस्था

 

अल्बियस और उसका आसान सा हल

साल 1841 में अल्बियस ने हाथ से वनीला के फूलों का पॉलिनेशन करने का तरीका खोज निकाला। एडमंड अल्बियस ने अपने अंगूठे और लकड़ी के एक छोटे-से टुकड़े की मदद से वनीला के फूल के भीतर मौजूद एक पतली झिल्ली को उठाया, जो नर प्रजनन भाग, पोलेन और मादा प्रजनन भाग, स्टिग्मा को अलग रखती है। फिर उसने दोनों को आपस में मिला दिया। इसके कुछ ही समय बाद ऑर्किड के फूलों पर वनीला की फलियां बनने लगीं।

 

इतिहासकार और ‘वनीला: द हिस्ट्री ऑफ ऐन एक्स्ट्राऑर्डिनरी बीन' (2025) के लेखक एरिक टी। जेनिंग्स ने खुद इस तकनीक को आजमाया है। उनके अनुसार, “कई महान आविष्कारों की तरह यह तरीका सुनने में बेहद आसान जरूर लग सकता है, लेकिन वनीला के फूलों के नर और मादा भागों को सही ढंग से मिलाना उतना आसान नहीं है, जितना दिखाई देता है।”

 

अल्बियस की खोज के बाद कुछ समय के लिए रीयूनियन द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा वनीला उत्पादक बन गया था। लेकिन 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन ने हाथ से परागण की तकनीक अपने दूसरे उपनिवेश मेडागास्कर तक भी पहुंचा दी। आज मेडागास्कर दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक वनीला उत्पादक है। फ्रांसीसी उपनिवेशों में उगाई गई इस वनीला को ‘बॉर्बन वनीला' कहा जाने लगा। इसका नाम रीयूनियन द्वीप के पुराने औपनिवेशिक नाम ‘आइल बॉर्बन' पर रखा गया था।

 

वनीला का हीरो या कहानी का बस कोई किरादार?

अल्बियस की तकनीक आज भी पूरी दुनिया में वनीला की खेती के लिए इस्तेमाल की जाती है। वनीला का यह कारोबार आज अरबों डॉलर का उद्योग बन चुका है। यह बेहद मेहनत और सावधानी वाला काम है, क्योंकि वनीला का हर फूल केवल एक दिन के लिए ही खिलता है और उसी दौरान उसका हाथ से परागण करना पड़ता है।

 

इतनी बड़ी खोज के बावजूद अल्बियस को इससे कभी कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला। 12 वर्ष की उम्र में विकसित की गई उनकी तकनीक से फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन ने भारी मुनाफा कमाया, लेकिन स्वयं अल्बियस का 1880 में गरीबी के चलते निधन हो गया।

 

जेनिंग्स ने अपने शोध के लिए रीयूनियन द्वीप का दौरा किया। वह बताते हैं कि अल्बियस की याद में उनके जन्मस्थान सैंट-सुजान में एक मूर्ति बनाई गई है। उनके नाम पर कुछ स्कूल भी हैं। फिर भी, जेनिंग्स के अनुसार, उनकी कहानी आज भी बहुत कम लोगों को पता है, जबकि उनकी खोज ने रीयूनियन द्वीप को पूरी तरह बदल दिया था।

 

जेनिंग्स के अनुसार, अल्बियस की खोज के 30 सालों के भीतर ही रीयूनियन दुनिया का सबसे बड़ा वनीला उत्पादक बन गया था। इतना ही नहीं, बल्कि इस खोज ने द्वीप की खेती को केवल गन्ने पर निर्भर रहने से बचाया। उस समय लगातार गन्ने की खेती से वहां की उपजाऊ मिट्टी भी कमजोर होती जा रही थी।

 

जेनिंग्स मानते हैं कि अल्बियस को उनकी खोज का उचित श्रेय और आर्थिक लाभ नहीं मिलने का एक बड़ा कारण यह भी था कि वह गुलाम थे। हालांकि, उन्हें इस तकनीक का असल आविष्कारक माना गया। जब रीयूनियन के प्रमुख वनस्पति उद्यान के एक श्वेत वनस्पतिशास्त्री ने इस खोज का श्रेय लेने की कोशिश की, तो वह सफल नहीं हो सका।

 

जेनिंग्स बताते हैं, “आज एडमंड अल्बियस के बारे में जो जानकारी हमारे पास है, वह इसलिए है क्योंकि उनके पूर्व मालिक और उन्हें जानने वाले लोगों ने उस झूठे दावे का विरोध किया और साबित किया कि इस तकनीक के असली आविष्कारक अल्बियस ही थे।”

 

सादी दिखने वाली हर चीज सादी नहीं होती

एडमंड अल्बियस की खोज के बाद भी वनीला की कहानी लगातार बदलती रही। 1858 में रसायनज्ञों ने वनीला की खुशबू के लिए जिम्मेदार मुख्य तत्व वैनिलिन को अलग किया और 1874 में इसे कृत्रिम रूप से बनाना मुमकिन हो गया।

 

सस्ता और बड़े पैमाने पर आसानी से बनाया जा सकने वाला सिंथेटिक वैनिलिन जल्द ही आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, परफ्यूम, बेकरी उत्पादों और पैकेज्ड फूड में इस्तेमाल होने लगा। इससे कभी बेहद कीमती माने जाने वाला वनीला एक आम स्वाद बन गया।

 

जेनिंग्स के अनुसार, कृत्रिम वैनिलिन के आने से वनीला के प्रति लोगों की धारणा बदल गई है। 1880 से 1960 के बीच सिंथेटिक वैनिलिन ने वनीला को अधिक लोगों तक पहुंचाया। लेकिन इसके साथ ही यह कुछ खास लगना भी बंद हो गया। उनके शब्दों में कहें तो, सिंथेटिक वैनिलिन की सपाट खुशबू ने वनीला के लिए ‘साधारण' या ‘फीकी' धारणा को बढ़ावा दिया। इसमें असली वनीला जैसी गहराई और विविधता महसूस नहीं होती।

 

जबकि असली वनीला की फली में 200 से भी ज्यादा तरह के प्राकृतिक कंपाउंड होते हैं, जिसका ना कभी स्वाद फीका था और ना ही इतिहास की कहानी।

भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले कश्मीरी खिलाड़ी बने आकिब नबी

रणजी ट्रॉफी भारतीय टेस्ट टीम के चयन का पैमाना होती तो शायद आकिब नबी को टेस्ट टीम में चयन के लिए जसप्रीत बुमराह की चोट का इंतजार नहीं करना पड़ता। जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में 60 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए नबी को नहीं चुने जाने पर उनके समर्थकों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए थे।

हालांकि अब उनको बाहर हुए जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका दौरे पर जगह मिल गई है जहां वह निश्चित ही टेस्ट कैप पहनते हुए दिखाई देंगे। इस तरह से वह भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले कश्मीर घाटी के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

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वह इससे पहले जून के महीने में श्रीलंका ए के खिलाफ लाल गेंद की दो मैचों की श्रृंखला में भारत ए के लिए मैदान पर उतरे थे। इस कारण बुमराह के बाद सीधे नबी का नंबर लगा।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरुष चयन समिति ने बुमराह के स्थान पर औकिब नबी को टीम में शामिल किया है। जम्मू और कश्मीर के इस तेज गेंदबाज को पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।’

श्रीलंका की सपाट पिचों पर उनका प्रदर्शन अगर अच्छा रहा, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय टीम से लंबे समय तक दूर रखना मुश्किल हो सकता है। भारतीय टीम को भी इस वर्ष श्रीलंका के बाद न्यूजीलैंड में टेस्ट श्रृंखला खेलनी है, जहां की परिस्थितियां नबी की गेंदबाजी के अनुकूल होगी।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

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