Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में लौटी तेजी, चांदी एक दिन में ₹7400 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 16 सितंबर को सोने और चांदी में तेजी दिखी। सोना लगातार तीन दिनों तक गिरने के बाद बुधवार को 1,200 रुपये चढ़ा। इससे इसकी कीमत 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी का असर भी घरेलू बाजार में बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

चांदी एक दिन में 7400 रुपये चढ़ी

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में जोरदार तेजी दिखी। यह 7,400 रुपये चढ़कर 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद ट्रेडर्स ने सोने की कम कीमतों का फायदा उठाने के लिए खरीदारी की, जिसका असर कीमत पर पड़ा।

क्रूड में नरमी का सोने पर असर

उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का असर भी सोने पर पड़ा है। हालांकि, मार्केट और इनवेस्टर्स की नजरें अब फेडरल रिजर्व के फैसले पर लगी हैं। फेड भारतीय समय के मुताबिक आज रात 11:30 से 12 बजे के बीच अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इस बात की ज्यादा उम्मीद है कि वह इंटरेस्ट रेट में 0.25 फीसदी का इजाफा करेगा।

फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजरें

एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर दिखेगा। अगर वह इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करता है तो सोने की कीमतों में तेजी दिख सकती है। हालांकि, फेड यह संकेत दे चुका है कि फिलहाल उसका फोकस इनफ्लेशन को कंट्रोल में रखने पर है। क्रूड की कीमतों में उछाल से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। यह 1.3 फीसदी चढ़कर 4,348 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी भी 1.5 फीसदी के उछाल के साथ 64.61 डॉलर प्रति औंस पर थी। इस साल जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद दोनों में तेज गिरावट आई थी। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया था।

Silver Price Today: ₹3000 महंगी हुई चांदी, जानें 16 सितंबर को दिल्ली से चेन्नई तक 1 किलो की कीमत

Silver Price Today: 16 सितंबर 2026 को भारत में चांदी की कीमत ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास बनी रही। यह स्थिति तब रही जब कच्चे तेल की कीमतों, US ट्रेजरी यील्ड, US डॉलर और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर से जुड़े फैसलों के कारण ग्लोबल बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी था।

हालांकि आज बाजार ओपन होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 1.3% बढ़कर यानी 3006 रुपये बढ़त के साथ 2,35,124 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,32,118 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

घरेलू बाजार में चांदी की कीमत ₹244.90 प्रति ग्राम, ₹2,449 प्रति 10 ग्राम और ₹2,44,900 प्रति किलोग्राम थी। यह पिछली कीमत से ₹0.10 प्रति ग्राम कम थी और कुल मिलाकर इसमें काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

अगस्त की शुरुआत में चांदी की कीमत ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम थी और महीने के आखिर में यह ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम हो गई, यानी एक महीने में इसमें 8.51% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, सितंबर में कीमतों में कुछ गिरावट (करेक्शन) देखी गई और 16 सितंबर को यह ₹2,44,900 प्रति किलोग्राम पर थी।

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी का भाव

16 सितंबर की बैठक से पहले अमेरिकी बाज़ार का ताज़ा बेंचमार्क यह है कि 15 सितंबर को स्पॉट सिल्वर $63.41 प्रति ट्रॉय औंस पर ट्रेड कर रही थी। स्पॉट गोल्ड $4,293.29 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स $4,332.80 पर ट्रेड कर रहे थे। रॉयटर्स ने बताया है कि FED की बैठक से पहले मज़बूत अमेरिकी डॉलर और ज़्यादा अमेरिकी ट्रेज़री यील्ड की वजह से कीमती धातुओं पर दबाव बन रहा था।

आज दिल्ली में चांदी की कीमतों का ट्रेंड

दिल्ली में चांदी का रिटेल भाव राष्ट्रीय दर के हिसाब से ₹2,449 प्रति 10 ग्राम और ₹2,44,900 प्रति किलोग्राम है। सितंबर की शुरुआत में कीमतों में जो तेज़ी से उतार-चढ़ाव देखे गए थे, उनकी तुलना में अब रोज़ाना के बदलाव कम हैं।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,45,000
मुंबई₹2,45,000
कोलकाता₹2,45,000
चेन्नई₹2,50,000
लखनऊ₹2,45,000
पटना₹2,45,000
जयपुर₹2,45,000
अहमदाबाद₹2,45,000
पुणे₹2,45,000
बेंगलुरु₹2,45,000
हैदराबाद₹2,45,000
भोपाल₹2,45,000
चंडीगढ़₹2,45,000
नोएडा₹2,45,000
गुरुग्राम₹2,45,000

क्या आपको आज भारत में चांदी खरीदनी चाहिए या इंतज़ार करना चाहिए?

जिन खरीदारों की निवेश रणनीति लंबे समय की है, उनके लिए एक ही बार में सारा पैसा लगाने के बजाय टुकड़ों में खरीदारी करना बेहतर हो सकता है।शॉर्ट-टर्म के लिए खरीदारी करने वालों को मार्केट द्वारा बताए गए MCX रेफरेंस लेवल – ₹2.30 लाख और ₹2.48 लाख – पर ध्यान देना चाहिए। जो लोग गहने और बर्तन खरीद रहे हैं, उन्हें सिर्फ़ बुलियन (कच्ची चांदी) की कीमत के बजाय खरीदारी की कुल लागत पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए।खरीदारी का फैसला लेते समय खरीदारों को यह याद रखना चाहिए कि सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज़्यादा होता है।

Gold Silver Price:फेड के फैसले से पहले सोना-चांदी स्थिर, कच्चे तेल की कीमतों पर नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price:फेड के फैसले से पहले सोना-चांदी स्थिर, कच्चे तेल की कीमतों पर नजर

Gold Silver Price: बुधवार, 16 सितंबर को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं, जबकि चांदी में बढ़त देखी गई क्योंकि निवेशक दिन में बाद में आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले का इंतजार कर रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर का असर बुलियन (सोने-चांदी) पर बना रहा, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बनाए रखा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में, COMEX सोना $4,329.30 प्रति औंस पर था, जो पिछले बंद भाव $4,333.50 प्रति औंस से $3.50 या 0.08% कम था। कॉन्ट्रैक्ट ने दिन के दौरान $4,339.50 प्रति औंस का उच्चतम और $4,315.20 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

वहीं, COMEX चांदी 0.59% बढ़कर $64.235 प्रति औंस हो गई, जबकि पिछला बंद भाव $64.185 प्रति औंस था। चांदी $64.480 प्रति औंस के उच्चतम और $63.940 प्रति औंस के निचले स्तर के बीच कारोबार करती रही।

घरेलू बाजार में, PTI द्वारा बताए गए स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, मंगलवार (15 सितंबर) को नई दिल्ली में सोने की कीमतें ₹1,000 गिरकर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम हो गईं, जिससे यह कीमती धातु एक महीने से अधिक समय के अपने निचले स्तर पर आ गई।

हालांकि, चांदी की कीमत ₹2.34 लाख प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर स्थिर रही।

सोने में हालिया कमजोरी अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमतों में गिरावट के बाद आई। विश्लेषकों ने इस बदलाव का कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड को बताया।

अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड मंगलवार (15 सितंबर) को 5% के पार पहुंच गई, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर था, हालांकि बुधवार को एशियाई कारोबार में इसमें थोड़ी नरमी आई। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी सोने पर दबाव डाल सकती है क्योंकि इस कीमती धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती है।

डॉलर इंडेक्स दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा था, जिससे डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने पर और दबाव पड़ा। साथ ही, पिछले सत्र में भारी बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के आसपास ऊंचे स्तर पर बना रहा, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। अब बाज़ार की नज़रें फ़ेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और ब्याज दरों पर उसकी गाइडेंस पर टिकी हैं। फ़ेड के रेट आउटलुक में बदलाव डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर असर डाल सकते हैं, जिससे सेंट्रल बैंक की टिप्पणी बुलियन की कीमतों के लिए निकट भविष्य में एक अहम ट्रिगर बन जाती है।

कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अगस्त में सोने का आयात सालाना आधार पर 57.75% घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि चांदी का आयात 127% बढ़कर 1.02 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान सोने का आयात 3.38% बढ़कर 17.47 अरब डॉलर हो गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: सोने की कीमत 1000 रुपये फिसली, चांदी में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। यह 1,000 रुपये गिरकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, चांदी में बदलाव देखने को नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड में थोड़ी नरमी दिखी, जबकि चांदी में हल्की तेजी रही। डॉलर में मजूबती के साथ ही विदेश में सोने की कीमतों में कमजोरी का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।

कमजोर विदेशी संकेतों से गिरा सोना

चांदी की कीमतों में दिल्ली सर्राफा बाजार में बदलाव नहीं हुआ। सोने की कीमतें एक महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं। चांदी की कीमत 15 सितंबर को दिल्ली में 2,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गोल्ड में गिरावट की वजह कमजोर विदेशी संकेत थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड गिरकर एक समय 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया था।”

क्रूड ऑयल में उछाल ने बढ़ाया दबाव

गोल्ड में कमजोरी के पीछ क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का बड़ा हाथ है। महंगे क्रूड की वजह से अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ी है। डॉलर भी मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर सोने पर पड़ रहा है। महंगे क्रूड की वजह से इनफ्लेशन बढ़ेगा। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

फेडरल रिजर्व बढ़ा सकता है इंटरेस्ट रेट

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक 15 सितंबर को शुरू हो गई है। इसके नतीजे 16 सितंबर को आएंगे। भारत में फेड के फैसले के बारे में देर रात पता चलेगा। माना जा रहा है कि फेड 16 सितंबर को इंटरेस्ट रेट में एक चौथाई फीसदी का इजाफा कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा।

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इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर और गिरेगा सोना 

सोना पहले से ही दबाव में चल रहा है। फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर इस पर दबाव और बढ़ जाएगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घटती है, जबकि इंटरेस्ट रेट घटने पर इसकी चमक बढ़ती है। उधर, डॉलर में मजबूती का भी खराब असर सोने पर पड़ता है। इसकी वजह है कि दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

iPhone 18 Pro vs iPhone 17 Pro : क्या नया है? डिजाइन, कैमरा, डिस्प्ले और कितना फर्क, जानिए पूरी डिटेल

iPhone 18 Pro vs iPhone 17 Pro : क्या नया है? डिजाइन, कैमरा, डिस्प्ले और कितना फर्क, जानिए पूरी डिटेल

iphone deffrace

Apple के Surprise and Shine इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा भले ही कंपनी के फोल्डेबल iPhone Duo की हो रही हो, लेकिन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max भी कई बड़े अपग्रेड के साथ पेश किए गए हैं। खासतौर पर उन यूजर्स के लिए ये फोन महत्वपूर्ण हैं, जो पुराने iPhone से अपग्रेड करने की तैयारी कर रहे हैं। iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में मुख्य अंतर स्क्रीन साइज और बैटरी क्षमता का है। वहीं, पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max से तुलना करें तो नया मॉडल कई मामलों में काफी मिलता-जुलता है। हालांकि, प्रोसेसर, कैमरा और स्टोरेज के मामले में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

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A20 Pro चिपसेट से मिलेगा ज्यादा दम

 

iPhone 18 Pro में Apple ने नया A20 Pro चिपसेट दिया है, जबकि iPhone 17 Pro में A19 Pro चिपसेट मिलता है। नई चिप का फायदा बेहतर परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी के रूप में मिलने की उम्मीद है।

 

अगर आप iPhone 17 Pro इस्तेमाल कर रहे हैं और फोन की स्पीड, गेमिंग या हैवी ऐप्स के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, तो सिर्फ प्रोसेसर के लिए अपग्रेड करना हर यूजर के लिए जरूरी नहीं होगा। लेकिन पुराने iPhone मॉडल से सीधे iPhone 18 Pro पर आने वाले यूजर्स को प्रदर्शन में बड़ा अंतर महसूस हो सकता है।

 

कैमरे में भी बड़ा बदलाव

कैमरा iPhone 18 Pro के सबसे अहम अपग्रेड में से एक है। दोनों पीढ़ियों में 48MP सेंसर वाले रियर कैमरों का सेटअप मिलता है, लेकिन नए मॉडल में फ्रंट कैमरा रिजॉल्यूशन 18MP से बढ़कर 25MP बताया गया है।

 

इसका फायदा सेल्फी, वीडियो कॉल और कंटेंट क्रिएटर्स को मिल सकता है। Apple ने iPhone 18 Pro में कैमरा सिस्टम को और बेहतर बनाने पर जोर दिया है।

 

पहली बार छोटे Pro मॉडल में 2TB स्टोरेज

 

iPhone 18 Pro सीरीज में Apple ने स्टोरेज को लेकर बड़ा बदलाव किया है। पहली बार छोटे iPhone 18 Pro मॉडल में भी 2TB स्टोरेज का विकल्प दिया गया है।

 

iPhone 18 Pro की कीमत

256GB: $1,199

512GB: $1,399

1TB: $1,599

2TB: $1,999

iPhone 18 Pro Max की कीमत

256GB: $1,299

512GB: $1,499

1TB: $1,899

2TB: $2,499

 

तुलना करें तो iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत $1,099 और iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत $1,199 थी। यानी नई पीढ़ी में कीमत करीब $100 बढ़ी है। Apple के मुताबिक, वैश्विक सप्लाई चेन और कंपोनेंट की कीमतों में बदलाव का असर नए मॉडल की कीमत पर पड़ा है।

 

डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं

 

iPhone 18 Pro का आकार iPhone 17 Pro जैसा ही है। दोनों फोन की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई लगभग समान है। हालांकि, Apple ने इस बार नए कलर ऑप्शन देकर फोन को ज्यादा आकर्षक बनाने की कोशिश की है। iPhone 17 Pro सीरीज में Cosmic Orange और Deep Blue जैसे रंग थे। वहीं, iPhone 18 Pro सीरीज में Glacier यानी हल्का आइस-ब्लू और Burgundy यानी वाइन-रेड जैसे रंग दिए गए हैं। इसके अलावा Deep Black और Silver जैसे पारंपरिक रंग भी उपलब्ध हैं।

 

वजन में iPhone 17 Pro थोड़ा आगे

 

अगर आपका फोकस हल्के फोन पर है, तो iPhone 17 Pro अभी भी बेहतर विकल्प दिखाई देता है। iPhone 17 Pro का वजन करीब 7.27 औंस है, जबकि iPhone 18 Pro का वजन करीब 7.44 औंस बताया गया है। iPhone 18 Pro Max का वजन 8.78 औंस है, जबकि iPhone 17 Pro Max करीब 8.22 औंस का था। यानी नई पीढ़ी के Pro मॉडल थोड़े भारी हुए हैं।

 

IP68, USB-C और MagSafe जैसे फीचर्स दोनों में

 

iPhone 17 Pro और iPhone 18 Pro दोनों में IP68 वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस मिलता है। इसके अलावा दोनों सीरीज में Action Button, Camera Control, MagSafe, वायरलेस चार्जिंग और USB-C पोर्ट जैसे फीचर्स मौजूद हैं।

 

इसलिए इन फीचर्स के आधार पर iPhone 17 Pro से iPhone 18 Pro पर जाने का कोई बहुत बड़ा कारण नहीं बनता।

 

डिस्प्ले में खास बदलाव नहीं

 

डिस्प्ले के मामले में भी iPhone 18 Pro सीरीज पिछले मॉडल के काफी करीब है। iPhone 17 Pro में 6.3 इंच का Super Retina XDR LTPO OLED डिस्प्ले मिलता है और iPhone 17 Pro Max में 6.9 इंच की स्क्रीन है। iPhone 18 Pro और Pro Max में भी यही स्क्रीन साइज दिया गया है। दोनों पीढ़ियों में Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन, 460ppi पिक्सल डेंसिटी, Always-On Display और एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं। पीक ब्राइटनेस भी करीब 3000 निट्स तक बताई गई है।

 

Dynamic Island भी iPhone 18 Pro सीरीज में मौजूद है और एक साथ तीन Live Activities को सपोर्ट करता है।

iphone deffrace table

iPhone 18 Pro खरीदें या iPhone 17 Pro?

 

अगर आपके पास पहले से iPhone 17 Pro है, तो iPhone 18 Pro में अपग्रेड करने का फैसला आपकी जरूरत पर निर्भर करेगा। A20 Pro चिप, बेहतर फ्रंट कैमरा और 2TB स्टोरेज जैसे फीचर्स नए मॉडल को आकर्षक बनाते हैं। लेकिन अगर आप iPhone 17 Pro को कम कीमत में खरीद सकते हैं, तो यह अभी भी एक मजबूत फ्लैगशिप विकल्प है। खासकर उन यूजर्स के लिए जिन्हें लेटेस्ट प्रोसेसर या ज्यादा स्टोरेज की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर आप iPhone 15 Pro या उससे भी पुराने मॉडल से अपग्रेड कर रहे हैं, तो iPhone 18 Pro में जाना ज्यादा बड़ा अपग्रेड साबित हो सकता है।

 

सीधी बात

 

नया फोन खरीदना है और बजट की समस्या नहीं है : iPhone 18 Pro बेहतर विकल्प।

 

iPhone 17 Pro पहले से है : अपग्रेड करने से पहले नए फीचर्स की अपनी जरूरत देखें।

 

कम कीमत में Pro मॉडल चाहिए : डिस्काउंट मिलने पर iPhone 17 Pro ज्यादा वैल्यू दे सकता है।

 

ज्यादा स्टोरेज चाहिए : iPhone 18 Pro का नया 2TB विकल्प बड़ा फायदा है।

BMW i5 LWB review: The 5 goes electric

BMW i5 LWB review: The 5 goes electric
BMW i5 LWB front quarter tracking

In the first half of 2026, BMW sold nearly 2,400 EVs in India, with the entry-level iX1 and flagship i7 accounting for the bulk of those volumes. Now, BMW has introduced an all-new electric long-wheelbase sedan to bridge the sizable gap between the two. Meet the BMW i5 eDrive35L, the electric counterpart to the 5 Series sedan.

The i5 nameplate isn’t new to India. BMW launched the imported, performance-focused i5 M60 here back in 2024. However, that was a niche offering. This new version is expected to appeal to a much wider audience. Being locally assembled, the i5 eDrive35L is priced at Rs 79.60 lakh, commanding a premium of Rs 3 lakh over its petrol-powered sibling. In this review, we find out what it’s like to live with.

BMW i5 LWB Exterior Design and Engineering – 8/10

An ‘i’ badge on the grille along with its green number plate differentiate it from its petrol sibling

Compared to the international version, this i5’s wheelbase has been stretched by 110mm to 3,105mm, while overall length now stands at 5,175mm. Interestingly, the 5 Series is larger than its chief rival, the Mercedes-Benz E-Class, in every dimension.

As for styling, this generation of the 5 Series has been around since 2024 and much like most modern BMW designs, it’s something that grows on you with time. That said, there’s no denying that it’s a polarising design. The numerous cuts, heavy surfacing and intricate detailing make it look busy and excessive to some eyes.

Gets large 20-inch alloys which look far more proportionate than the 18-inch wheels initially available with the 530Li.

Differentiating the i5 from its petrol-powered counterpart are an ‘i’ logo on the grille and larger 20-inch alloy wheels. The latter look far more proportionate than the 18-inch wheels initially offered on the 530Li. At the rear, the only distinguishing elements are the i5 and eDrive35L badges, apart from the obvious giveaway – the green number plate.

BMW i5 LWB Interior Space and Comfort – 9/10

Dash is dominated by BMW’s twin curved screens, a flat-bottomed steering wheel and generous ambient lighting. 

Step inside and the dashboard is dominated by BMW’s twin curved-screen setup, complemented by a flat-bottomed steering wheel, generous ambient lighting, and a tasteful mix of open-pore wood trim and silver inlays. The crystalline drive selector, rotary infotainment controller and volume roller on the centre console add a welcome sense of occasion.

Those familiar with older 5 Series models will quickly notice the absence of the manually adjustable thigh support for the front seats. That aside, the seats themselves are exceptionally comfortable and supportive, and they also feature ventilation.

The seats are exceptionally comfortable and supportive, and they also feature ventilation.

Being the long-wheelbase version, the i5 benefits from an additional 4.3 inches of wheelbase compared to the international model, resulting in noticeably more rear legroom. Sure, the floor sits higher than in the ICE version, but this remains a very comfortable place to be for chauffeur-driven buyers. The rear bench is well contoured and, with just two occupants, delivers a genuinely luxurious experience. Some may find the pillows a little excessive, and they aren’t quite as comfortable as the integrated units in the E-Class. Speaking of which, unlike the Mercedes, the i5’s rear seat doesn’t recline, and there are arguably too few indulgent touches to truly cater to chauffeur-driven buyers.

A bit knees-up, but the rear seat feels luxurious; however, there are too few amenities for chauffeur-driven buyers.

The middle seat is considerably less accommodating. The raised seat base compromises headroom, the backrest is firm, and the tall central tunnel further detracts from comfort for a third passenger.

Boot space is rated at 500 litres, which is broadly similar to the ICE 5 Series. However, while the spare wheel is neatly tucked beneath the boot floor in the petrol version, it sits on the boot floor in the i5, significantly compromising usable luggage space.

The spare wheel sits on the boot floor, significantly compromising usable luggage space.

BMW i5 LWB Features and Safety – 8/10

The i5 eDrive35L comes generously equipped. Highlights include 20-inch alloy wheels, adaptive LED headlamps, powered and ventilated front seats, four-zone climate control, wireless charging pads for both front and rear occupants, a panoramic fixed glass roof, ambient lighting and a powered boot lid.

Audiophiles will particularly appreciate the superb 17-speaker, 655W Bowers & Wilkins audio system.

The curved touchscreen and digital instrument cluster look suitably futuristic, although the user experience isn’t the most intuitive due to the number of menus and sub-menus. On the plus side, the 360-degree camera offers excellent clarity. Audiophiles will particularly appreciate the superb 17-speaker, 655W Bowers & Wilkins audio system.

The i5 also gets a comprehensive suite of driver assistance features, including adaptive cruise control, lane-keeping assist and autonomous emergency braking.

Its fixed panoramic glass roof has unique embedded LED lighting.

However, there are a few omissions that chauffeur-driven buyers may find difficult to overlook. A head-up display is absent, while smaller but genuinely useful features such as rear window sunshades, reclining rear seats, soft-close doors, a boss mode for the front passenger seat and rear-seat audio controls are all missing.

BMW i5 LWB Performance and Refinement – 8/10

The rear-wheel-drive i5 eDrive35L uses a single electric motor producing 272hp and 410Nm, figures that are remarkably similar to the mild-hybrid 530Li. However, the way it delivers its performance is entirely different. With peak torque available instantly, responses are smooth, effortless and distinctly EV-like. There are multiple drive modes on offer, each altering throttle response. Sport sharpens reactions noticeably, while Efficient is the most relaxed and efficiency-focused setting.

Retains a 50:50 weight distribution and RWD layout, but it has lost the sharpness and precision of earlier generations of the 5 Series.

BMW claims a 0-100kph time of 6.7 seconds, although our best run yielded 6.99 seconds. Interestingly, the 530Li is marginally quicker, recording 6.45 seconds for the same sprint, and it is also slightly faster in our 20-80kph and 40-100kph acceleration tests. 

The i5’s top speed is rated at 195kph, although acceleration begins to taper off noticeably beyond 100kph. In short, acceleration isn’t neck-snappingly quick, but there’s more than enough performance to keep things entertaining within legal limits.

Boost function unlocks the motor’s full potential for 10 seconds. If your’re already in Sport mode, it barely makes any difference.

The i5 also offers multiple regenerative braking settings, including Adaptive, High, Mid and Low. Of these, Adaptive stands out for its excellent calibration, intelligently varying regeneration and coasting based on traffic and road conditions. There’s also a dedicated one-pedal ‘B’ mode, selectable via the drive selector. It delivers regeneration comparable to the High setting but, unlike it, can bring the car to a complete stop without requiring any brake pedal input.

Braking performance itself is strong, although keen drivers may wish for a little more feel from the pedal. The transition between regenerative and mechanical braking leaves it feeling somewhat numb.

BMW i5 LWB Range and Efficiency – 6/10

BMW claims the i5’s 81.6kWh battery (net capacity is 76.3kWh) can deliver a range of up to 669km, a figure that appears rather optimistic. In our real-world range tests, the i5 eDrive35L returned an average efficiency of 5.06km/kWh, translating to an estimated range of 386km. It’s worth noting that the car was driven in its most efficiency-focused ‘Efficient’ mode throughout the test, with regenerative braking set to Adaptive.

We also connected the battery to a 60kW DC fast charger, where it took 47 minutes to charge from 20-80 percent state of charge. BMW additionally supplies a complimentary AC wallbox charger along with installation.

BMW i5 LWB Ride Comfort and Handling – 8/10

Ground clearance has been increased by 18mm compared to the international version; hence, it clears most speedbreakers easily.

With every successive generation, the 5 Series has become softer and more comfort-focused, and the i5 is arguably the most luxurious iteration yet. Despite riding on larger 20-inch wheels with lower-profile tyres than the petrol-powered 530Li, ride quality is seriously impressive. The i5 feels plush and remarkably absorbent over typical urban roads. Notably, it also benefits from rear air suspension, a feature absent on the 530Li.

In addition to the extended wheelbase, BMW has increased ground clearance by 18mm compared to the global standard-wheelbase model. The result is a luxury sedan that’s far better suited to Indian conditions. Even with four occupants on board, the i5 clears most speed breakers without drama. As a luxury car, then, it unquestionably gets the fundamentals right.

With a plush ride and increased ground clearance, the i5 is far better suited to Indian conditions.

However, the softer suspension setup and increased ground clearance have diluted some of the driver-focused character that defined earlier generations of the 5 Series. While it retains a near-perfect 50:50 weight distribution and rear-wheel-drive layout, there’s no escaping the fact that, in prioritising comfort and practicality, BMW has sacrificed a measure of the sharpness and precision that once made the 5 Series a benchmark for driving enthusiasts.

BMW i5 LWB Price and Verdict – 8/10

At Rs 79.60 lakh, the locally assembled i5 LWB has all the ingredients to become BMW India’s next EV success story alongside the iX1. With the i5 eDrive35L, BMW continues its successful long-wheelbase formula, maximising cabin space while building upon the strengths of the petrol-powered 5 Series, with which it shares much of its cabin, equipment and overall character. Buyers can also opt for extended warranty and prepaid maintenance packages of up to 10 years, in addition to the standard eight-year battery warranty.

Generous cabin space, comfy seats, a plush ride, and effortless performance make the i5 eDrive35L a compelling electric luxury sedan

That said, much like its petrol-powered sibling, some of the traditional 5 Series driving feel has been diluted. It also misses a few feel-good features, particularly those aimed at rear-seat occupants. More importantly, the spare wheel’s placement on the boot floor significantly compromises luggage-carrying ability.

So, is it worth paying the Rs 3 lakh premium over the petrol-powered 5 Series? The answer largely depends on your usage. The i5 eDrive35L makes sense for buyers registering it under a company name, thanks to the higher depreciation benefits available for EVs. It also suits those who cover significant distances and can take advantage of lower running costs. Generous cabin space, comfortable seats, a plush ride, respectable range and effortless performance make the i5 eDrive35L a compelling electric luxury sedan for buyers shopping in this segment.

Silver Price Today : 11 सितंबर को चांदी फिर हुई सस्ती, जानें दिल्ली से चेन्नई तक 1 किलो की कीमत

Silver Price Today : अगर आप चांदी खरीदारी का मन बना रहे है तो आज आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। घरेलू बाजार में आज 11 सितंबर को चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। देशभर में चांदी की कीमत ₹245 प्रति ग्राम, ₹2,450 प्रति 10 ग्राम और ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम रही। यह गुरुवार के ₹2,550 के एकसमान स्तर से ₹100 प्रति 10 ग्राम (यानी लगभग 4%) कम है।

एमसीएक्स पर क्या है चांदी का वायदा भाव

एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा पिछले बंद भाव 2,34,099 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 2,530 रुपये यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,31,569 रुपये प्रति किलो पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,30,270 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर और 2,32,096 रुपये प्रति किलो का ऊपरी स्तर छुआ।

प्रमुख शहरों में आज चांदी का भाव

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,45,000
मुंबई₹2,45,000
कोलकाता₹2,45,000
चेन्नई₹2,45,000
पटना₹2,45,000
लखनऊ₹2,45,000
मेरठ₹2,45,000
अयोध्या₹2,45,000
कानपुर₹2,45,000
अलीगढ़₹2,45,000

नोट: अलग-अलग स्रोतों और शहरों में चांदी के भाव में अंतर हो सकता है। स्थानीय ज्वेलर से खरीदारी से पहले ताजा कीमत की पुष्टि जरूर करें।

अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स पर निर्भर करती हैं भारत में चांदी की कीमतें

भारत में चांदी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स पर निर्भर करती हैं क्योंकि यहां की मांग और सप्लाई इतनी कम है कि वे अकेले कीमतों पर असर नहीं डाल सकतीं। ग्लोबल स्तर पर चांदी की कीमतें विदेशी इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट खरीदारों की मांग और माइनिंग सप्लाई से तय होती हैं, जबकि करेंसी में उतार-चढ़ाव से उन इंपोर्ट्स की रुपये में लागत पर असर पड़ता है। गुरुवार रात और शुक्रवार की शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान ग्लोबल स्पॉट चांदी की कीमतों में नरमी आई। विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी कम होने से एक दिन पहले हुई बढ़त खत्म हो गई।

अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें गिरती हैं और रुपया डॉलर के मुकाबले स्थिर रहता है, तो घरेलू खरीदारों के लिए यह सस्ती हो जाती है। शुक्रवार को भी काफी हद तक यही स्थिति देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि रात भर मजबूत रहे अमेरिकी डॉलर का असर सोने के साथ-साथ चांदी पर भी पड़ा, और चांदी गुरुवार को दिखी खरीदारी की थोड़ी-सी तेजी को बनाए नहीं रख पाई।

अब यहां होगी बाजार की नजर

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बीच अब निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। ये आंकड़े देर शाम जारी होंगे। बाजार के जानकारों के अनुसार, इन आंकड़ों से आने वाले समय में सोने की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं। यही वजह है कि आंकड़े जारी होने से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

खरीदारी से पहले जरुर जरुर करें रेट चेक

भारत में हर शहर के तय डीलर फ़ोरम से रोज़ाना देश भर के लिए चांदी के रेट लिए जाते हैं और उन्हें हर सुबह यहां इकट्ठा करके पब्लिश किया जाता है। दिन में बाद में जब आप किसी ज्वैलरी या बुलियन डीलर के पास पहुंचते हैं, तब तक इन रेट्स में बदलाव हो सकता है, इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने ज्वैलर से कीमत जरूर कन्फर्म कर लें।

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Bank Strike Today: लगातार 4 दिन ठप रहेगा बैंकों का कामकाज! जानिए सोमवार को भी RBI ने क्यों दी है छुट्टी, ग्राहकों के लिए ये हैं ऑप्शन

Bank strike news: देश भर के बैंकों में आज से अगले चार दिनों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहने वाला है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को बुलाई गई देशव्यापी बैंक हड़ताल के साथ ही बैंकों की लंबी बंदी का दौर शुरू हो गया है। 11 सितंबर की हड़ताल के बाद दूसरा शनिवार, रविवार और फिर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों के बैंकों में काम ठप रहेगा। इसके चलते बैंक शाखाओं के जरिए होने वाले कामकाज पर भी सीधा असर पड़ेगा।

लगातार 4 दिन क्यों ठप रहेंगे बैंक? जानिए पूरा कैलेंडर

11 सितंबर (शुक्रवार): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में देशव्यापी बैंक हड़ताल।

12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से देश भर में नियमित बैंक अवकाश।

13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक बंदी।

14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी त्योहार को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के तहत संबंधित राज्यों में बैंकों में छुट्टियां दी गई हैं।

यहां ये जानना जरूरी है कि अलग-अलग राज्यों में त्योहारों के आधार पर बैंक छुट्टियों की लिस्ट अलग होती है, इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के बैंक हॉलिडे कैलेंडर की पुष्टि जरूर कर लें। अगर आपको RBI ऑफिशियल हॉलिडे कैलेंडर देखना है तो इसे यहां क्लिक कर देखा जा सकता है।

11 सितंबर को क्यों बुलाई गई हड़ताल? ये हैं प्रमुख मांगें

यूनियनों ने अपनी कई लंबे समय से पेंडिंग डिमांड मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ यह हड़ताल आयोजित की है। हड़ताल का मुख्य मुद्दा हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करना है। यह मांग 8 मार्च 2024 को भारतीय बैंक संघ (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच साइन किए गए समझौते और संयुक्त नोट पर आधारित है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी सभी शनिवारों को बैंकों में छुट्टी घोषित किया जाना है जबकि इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों के डेली वर्किंग टाइम में कुछ समय बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बैंक संगठन वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) संरचना का भी विरोध कर रहे हैं और इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।

क्या बंद रहेंगी सभी सेवाएं? जानें ऑनलाइन और UPI का क्या होगा

बैंक शाखाओं के दरवाजे बंद रहने के बावजूद डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी। आम ग्राहक UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए नियमित फंड ट्रांसफर, बिलों का भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं। कैश निकालने के लिए एटीएम और दूसरी सेल्फ-सर्विस बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। फिजिकल डॉक्यूमेंट जमा करना, चेक क्लियरेंस और नो योर कस्टमर से जुड़ी प्रक्रियाएं यानी ऐसे काम जिनके लिए बैंक ब्रांच जाना अनिवार्य है उनमें इन चार दिनों के दौरान रुकावट या देरी आ सकती है।

ग्राहकों के लिए क्या हैं विकल्प और आगे की सलाह?

शाखाओं से जुड़े किसी भी काम के लिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले अपनी संबंधित ब्रांच से संपर्क करें या डिजिटल विकल्पों का रुख करें। साधारण लेनदेन, पैसे भेजने और बिल भरने के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना सबसे आसान विकल्प रहेगा। जिन लोगों के चेक प्रोसेसिंग में लगे हैं, वे चार दिनों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए अपने वित्तीय फैसलों की योजना बनाएं।

आने वाले दिनों में भी हड़ताल की चेतावनी

अगर बैंक कर्मचारियों की मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले समय में भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को भी आगे की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि बैंकों का कहना है कि वे आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए व्यवस्था करेंगे, फिर भी शाखा स्तर पर सेवाओं में देरी से इंकार नहीं किया जा सकता।

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iPhone Duo vs iPhone 18 Pro Max: कीमत, स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा का पूरा कंपैरिजन

iPhone Duo vs iPhone 18 Pro Max: Apple ने अपना लोकप्रिय और पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन, iPhone Duo लॉन्च कर दिया है। बुक-स्टाइल वाला यह फ्लैगशिप फोन अपनी कीमत की वजह से चर्चा में है, जो भारत में Royal Enfield Bullet की कीमत के बराबर है। इसके साथ ही, Apple ने भारत में अपना iPhone 18 Pro Max भी लॉन्च किया है। दोनों स्मार्टफोन में एक ही A20 Pro चिपसेट दिया गया है। अगर आप सोच रहे हैं कि ये फ्लैगशिप फोन एक-दूसरे से कैसे अलग हैं, तो यहां इनका एक छोटा सा कंपैरिजन दिया गया है।

भारत में iPhone Duo और iPhone 18 Pro Max की कीमतों की तुलना

iPhone Duo को भारत में 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के लिए ₹2,99,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह फोल्डेबल फोन ज्यादा स्टोरेज वाले ऑप्शन में भी उपलब्ध है, जिसमें 512GB वर्जन की कीमत ₹3,24,900, 1TB मॉडल की कीमत ₹3,74,900 और 2TB वेरिएंट की कीमत ₹4,49,900 है। ग्लोबल लेवल पर, 256GB मॉडल की कीमत $1,999 है।

इसकी तुलना में, iPhone 18 Pro Max के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 है। इसके 512GB मॉडल की कीमत ₹2,04,900 है, जबकि 1TB और 2TB वर्जन की कीमतें क्रमशः ₹2,54,900 और ₹3,29,900 हैं। इसका मतलब है कि एंट्री लेवल पर iPhone Duo की कीमत iPhone 18 Pro Max से ₹1,20,000 ज्यादा है।

iPhone Duo को Night Sky और White Sky कलर में पेश किया गया है। वहीं, iPhone 18 Pro Max Black, Burgundy, Silver और Glacier कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

iPhone Duo Vs iPhone 18 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स की तुलना

iPhone Duo में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और 7.6-इंच का अंदरूनी LTPO OLED डिस्प्ले है, और दोनों में 120Hz का रिफ्रेश रेट है। इसमें Apple A20 Pro चिपसेट और 12GB RAM है। यह फोल्डेबल फोन दुनिया भर में eSIM कनेक्टिविटी को भी सपोर्ट करता है। इसके अलावा, इस डिवाइस के दोनों हिस्सों में अलग-अलग बैटरी लगी हैं। Apple का दावा है कि अंदरूनी डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और बाहरी डिस्प्ले पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकता है।

कैमरे की बात करें तो, iPhone Duo में 48MP का फ्यूजन प्राइमरी कैमरा और 48MP का फ्यूजन अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें सामने की तरफ 12MP का सेंटर स्टेज कैमरा है।

वहीं, iPhone 18 Pro Max में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.9-इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले है। यह A20 Pro चिपसेट पर चलता है और इसमें 12GB RAM है।

कैमरे के मामले में, Pro Max में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम है जिसमें 48MP का प्राइमरी फ्यूज़न कैमरा, 48MP का टेलीफोटो कैमरा और 48MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

बता दें कि, जहां iPhone 18 Pro Max एक बड़ी सिंगल डिस्प्ले के साथ पारंपरिक फ्लैगशिप डिजाइन देता है, वहीं iPhone Duo फोल्डेबल डिजाइन पर फोकस करता है और खोलने पर काफी बड़ी स्क्रीन देता है।

यह भी पढ़ें: iPhone 18 Pro, Pro Max और iPhone Duo लॉन्च: भारत में कब, कहां और कैसे करें प्री-ऑर्डर?

Gold Silver Prices Today: तीन दिन की गिरावट के बाद सोना ₹600 चढ़ा, चांदी भी ₹1200 महंगी

Gold Silver Price: लगातार तीन दिन गिरने के बाद गुरुवार को सोने की कीमत में फिर तेजी आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹600 बढ़कर ₹1,58,600 प्रति 10 ग्राम हो गया। रिटेलर्स और स्टॉकिस्ट्स की नई खरीदारी से सोने को सहारा मिला।

चांदी में भी तेजी जारी रही। इसकी कीमत लगातार तीसरे दिन बढ़ी। गुरुवार को चांदी ₹1,200 चढ़कर ₹2,44,600 प्रति किलोग्राम हो गई। बुधवार को इसका भाव ₹2,43,400 था।

महंगाई के आंकड़ों पर नजर

Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI यानी महंगाई के आंकड़ों पर है। ये आंकड़े शुक्रवार को आएंगे। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सितंबर के फैसले को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशक सतर्क दिखे। स्पॉट गोल्ड 1.4% गिरकर 4,340.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी भी करीब 6% गिरकर 64.54 डॉलर प्रति औंस रह गई।

फेड के फैसले का इंतजार

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, गुरुवार को सोना 4,400 डॉलर और चांदी 66 डॉलर प्रति औंस के नीचे चली गई।

महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक थोड़ा संभलकर चल रहे हैं। यही आंकड़े अमेरिकी फेड के 15-16 सितंबर के फैसले के लिए अहम होंगे।

कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी जारी रही। Brent क्रूड करीब 102.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। WTI क्रूड भी करीब 96.5 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

कायनात चेनवाला के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव में अभी कोई खास नरमी नहीं दिख रही है। इससे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल महंगाई बढ़ा सकता है। इसका असर सोने और चांदी जैसी बुलियन कीमतों पर भी पड़ रहा है।

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में सोना-चांदी धड़ाम, इन तीन फैक्टर का दिखा असर

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।