Asian Games में भारतीय निशानेबाजों का कमाल, जीते दो और सिल्वर मेडल

युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक मुकाबले में दबाव के बीच संयम बनाए रखते हुए सोमवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता जबकि दोनों ने पार्थ माने के साथ मिलकर टीम स्पर्धा का रजत पदक भी अपने नाम किया।

इन तीन पदक से निशानेबाजी में भारत की पदक संख्या पांच हो गई है जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है। हालांकि एक बार फिर चीन के पेरिस ओलंपिक के दोहरे स्वर्ण पदक विजेता लिहाओ शेंग को कोई पीछे नहीं छोड़ सका। विश्व के नंबर एक निशानेबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

शेंग ने 254.2 अंक के खेलों के और एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। सोमवार को अपना 21वां जन्मदिन मना रहे हिमांशु ने 252.4 अंक के साथ रजत जीता। रुद्रांक्ष ने 230.9 अंक हासिल किए। मजबूत शुरुआत के बाद वह स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करते दिख रहे थे लेकिन अंततः तीसरे स्थान पर रहे।व्यक्तिगत ढिल्लों, अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे रुद्रांक्ष और 18 वर्षीय माने के टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के महज एक घंटे बाद आए।

चीन ने एक बार फिर मानक स्थापित किया। शेंग, झांग चांगहोंग और मा सिहान की चीन की तिकड़ी ने 1899.0 अंक जुटाकर पिछले साल काहिरा में बनाए अपने 1898.4 अंक के विश्व रिकॉर्ड में सुधार किया। दक्षिण कोरिया ने 1884.2 अंक के साथ कांस्य जीता जबकि भारत के 1890.1 अंक रहे।

व्यक्तिगत फाइनल की कहानी कुछ अलग थी। इसमें ढिल्लों और रुद्रांक्ष के बीच रजत और कांस्य पदकों के लिए कड़ा मुकाबला हुआ जबकि शेंग लगातार बढ़त मजबूत करते गए।

रुद्रांक्ष शुरुआत में चीन के स्टार को चुनौती देने वाले भारतीय निशानेबाज के तौर पर आगे नजर आए। दूसरी सीरीज के बाद 2022 विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष के कुल 106.0 अंक थे और वह शेंग से 1.1 अंक आगे थे। हिमांशु के 104.8 अंक थे।

हालांकि एलिमिनेशन सीरीज में स्थिति बदल गई।रुद्रांक्ष ने 9.7 का निशाना लगाया जबकि ढिल्लों ने 10.6 अंक हासिल कर 24 शॉट के फाइनल के 22वें शॉट के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया। पदार्पण कर रहे ढिल्लों ने अपने काफी अनुभवी साथी पर 0.1 अंक की बढ़त बना ली।

2026 Triumph Daytona 660 launched at Rs 9.99 lakh

2026 Triumph Daytona 660 launched at Rs 9.99 lakh
Outside action image of the 2026 Triumph Daytona 660 at the track.

We had reported back in March this year about the Daytona 660 receiving significant upgrades to its ride package over its predecessor in international markets. Now, Triumph has brought that exact version to India, with no changes to the upgraded feature-set. The new Daytona 660 replaces the old one, and costs Rs 9.99 lakh (Rs 11,000 extra).

  1. Continues with the 660cc engine making 95hp and 68Nm
  2. 41mm Showa USD fork is now adjustable, rear remains same as before
  3. Offered in three new colours: Black, Silver, and Yellow

2026 Triumph Daytona 660: What’s updated?

Meaningful upgrades to the suspension and tyres, and new colours

The previous Daytona 660 did have a front Showa USD 41mm fork, but it wasn’t adjustable in any way. The new Daytona 660 adds compression and rebound adjustability to it, although the travel remains the same at 110mm. The rear monoshock remains exactly the same with adjustable preload and 130mm travel. The Trident 660, which shares the platform with the Daytona, offers preload and rebound adjustability for the rear. The next change is the bi-directional quickshifter now being offered as standard, whereas it was an optional accessory with the earlier model. Rounding out the ride package is the change to the Metzeler M9RR tyres on the Daytona, replacing the Michelin Power 6 rubber from before. Given that the Metzelers are known for their sporty performance, this should likely translate to a better ride experience.

To distinguish the new model, Triumph has given the Daytona 660 three new colours as well. The new colourways are Aluminium Silver and Cosmic Yellow; both with glossy Sapphire Black highlights in the decals; the third being Sapphire Black itself, with a glossy finish.

Beyond these updates, the Daytona 660 remains mechanically unchanged. It continues to be powered by a 660cc inline-triple engine producing 95hp and 68Nm, paired with a six-speed gearbox. The bike retains its steel perimeter frame, twin front disc brakes with radial calipers, and the sporty riding position. In the UK, the Daytona 660’s price had risen to GBP 8,995 (Rs 11.52 lakh) from GBP 8,595 (Rs 11.01 lakh), a price hike of Rs 50,000. In India, however, the increase is a moderate Rs 11,000, going to Rs 9.99 lakh to Rs 9.88 lakh. The new Daytona 660 is listed on Triumph India’s website, indicating that bookings are already open.

All prices, ex-showroom, India. GBP-to-INR conversions are based on current exchange rates.

Silver Price Today: चांदी के भाव ने बदली करवट, चेन्नई में सबसे महंगी हुई कीमतें, जानें आपके अपने शहर में क्या है ताजा भाव

Silver Price Today: नए ट्रेडिंग हफ़्ते में भी चांदी की घरेलू कीमत ₹255 प्रति ग्राम (यानी ₹2.55 लाख प्रति किलो) बनी हुई है। सितंबर में आई गिरावट के बाद चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार पर US की ब्याज दरों, डॉलर, कच्चे तेल और जियोपॉलिटिक्स का असर बना रहेगा। हालांकि, हाल ही में हुई बढ़ोतरी काफी अहम रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और कई अन्य प्रमुख बाज़ार चांदी की कीमतें ₹2.55 लाख प्रति किलो पर है।

सितंबर की शुरुआत में, चांदी की कीमत ₹2.45 लाख प्रति किलो पर स्थिर थी, जिसके बाद यह बढ़कर ₹2.50 लाख और फिर ₹2.55 लाख हो गई। इसका मतलब है कि 11 सितंबर के बाद से नौ दिनों में चांदी की कीमत में 4.1% की बढ़ोतरी हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 18 सितंबर को चांदी के फ़्यूचर्स की कीमत $66.78 प्रति औंस थी।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,54,900-2,59,900 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,54,900
मुंबई₹2,54,900
कोलकाता₹2,54,900
चेन्नई₹2,59,900
लखनऊ₹2,54,900
पटना₹2,54,900
जयपुर₹2,54,900
अहमदाबाद₹2,54,900
पुणे₹2,54,900
बेंगलुरु₹2,54,900
हैदराबाद₹2,54,900
भोपाल₹2,54,900
चंडीगढ़₹2,54,900
नोएडा₹2,54,900
गुरुग्राम₹2,54,900

क्या आपको आज भारत में चांदी खरीदनी चाहिए या करना चाहिए इंतजार?

जिन खरीदारों को चांदी की तुरंत ज़रूरत है, उन्हें सिर्फ़ ₹255 प्रति ग्राम की कीमत पर ध्यान देने के बजाय पूरी ‘लैंडेड कॉस्ट’ (खरीद की कुल लागत) का हिसाब लगाना चाहिए।जो लोग पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, वे किश्तों में खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि कम समय में चांदी की कीमतों में काफ़ी उतार-चढ़ाव हो सकता है।

सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमत पहले ही ₹2.45 लाख से बढ़कर ₹2.55 लाख प्रति किलोग्राम हो चुकी है। कीमतों में गिरावट की उम्मीद में खरीदारी टालने से कम कीमत पर एंट्री मिल सकती है, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ऐसा होगा ही।इसके अलावा, यह याद रखना ज़रूरी है कि चांदी में निवेश का आकर्षण उसकी इंडस्ट्रियल डिमांड (औद्योगिक मांग) के अनुमान पर भी निर्भर करेगा।

Gold Silver price: ज्यादा यील्ड के दबाव में सोना फिसला, चांदी $67.30 के करीब पहुंची

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Games: निशानेबाज इलावेनिल ने पहले दिन 2 सिल्वर मेडल जीतकर खोला भारत का खाता

Shooting Competition

इलावेनिल वलारिवान के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को  एशियाई खेलों में अपने पदकों का खाता निशानेबाजी में दो रजत के साथ खोला जबकि ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ में अप्रत्याशित रूप से पदक पक्का किया और लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।

 दिन के कुछ अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शनों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीम की शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत के साथ-साथ बैडमिंटन और टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं में शानदार शुरुआत शामिल रही।हालांकि 27 वर्षीय वलारिवान दिन की स्टार रहीं। अपने पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाली वलारिवान ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया।

 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में 252.4 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रहीं। ताइची ने 253.0 अंक के साथ एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया।

इससे पहले वलारिवान ने सोनम उत्तम मस्कर और एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहीं विदर्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी दूसरा स्थान हासिल किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर इलावेनिल वलारिवान को बधाई। यह दिन का उनका दूसरा पदक था, जिससे यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है। उनके आगामी प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘कड़ी मेहनत और ‘टीमवर्क’ शानदार नतीजे देते हैं। एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सोनम उत्तम मस्कर, इलावेनिल वलारिवान और विदर्सा के विनोद पर गर्व है। ’’

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवान ने जीता सिल्वर

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत के खाते में दूसरा मेडल आ गया है। 2019 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की इलावेनिल वलारिवान (252.4) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले दिन में उन्होंने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत का यह दूसरा मेडल है। इलावेनिल वलारिवान ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एलावेनिल ने फ़ाइनल में 252.4 पॉइंट हासिल किए।

जापान की हिनाता ने जीता गोल्ड

जापान की हिनाता ताइची (253.0) ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान (230.4) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, सोनम उत्तम मस्कर (167.0) फाइनल में छठे स्थान पर रहीं।इससे पहले, भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।

भारतीय तिकड़ी का शानदार प्रदर्शन

भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।

भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।

क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।

विदरसा गोल्ड से चुकीं

विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’

विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘ सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।

चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग जिफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।

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चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे। लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है।

एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी में जोरदार तेजी, सिल्वर दो दिन में 6% उछला

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। इससे सोने का भाव चढ़कर एक हफ्ते के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी है। ब्रेंट क्रूड 108-109 डॉलर से घटकर 104 डॉलर पर आ गया है। इससे बुलियन की कीमतों को सपोर्ट मिला है।

सोने और चांदी में लगादार दो दिन तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बाद सोने और चांदी में गिरावट आई थी। लेकिन, क्रूड में नरमी की वजह से लगातार दो दिन बुलियन में अच्छी तेजी दिखी है। चांदी की कीमतें तो दो दिन में करीब 6 फीसदी उछल गई हैं। इनवेस्टर्स ने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बावजूद सोने और चांदी में दिलचस्पी दिखाई है।

स्पॉट गोल्ड 4,350 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा

18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.24 फीसदी चढ़कर 4,350 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 1.64 फीसदी के उछाल के साथ 66 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.29 फीसदी यानी 449 रुपये चढ़कर 1,53,430 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था।

एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स में 1900 रुपये का उछाल

एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी दिखी। यह 0.80 फीसदी यानी 1,896 रुपये चढ़कर 2,40,101 रुपये किलोग्राम पर चल रहा था। एक्सपर्ट का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड को 4,400-4,440 की रेंज में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगर यह लेवल टूट जाता है तो गोल्ड में आगे तेजी दिख सकती है।

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मध्यपूर्व में तनाव घटाने की कोशिश सफल हुई तो आएगी बड़ी तेजी

उधर, मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के लिए कूटनीतिक कोशिशें चल रही हैं। अगर अगले हफ्ते इस मामले में कुछ प्रगति होती है तो क्रूड की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए हैं। यह माना जा रहा है कि फेड एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। इसलिए सोने में फिलहाल बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है।

Apple Store की लाइन छोड़िए! अब इन प्लेटफॉर्म से घर बैठे मंगाए iPhone 18 Pro, वो भी खास ऑफर के साथ

iPhone 18 Pro खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि भारत में इस नए iPhone की बिक्री शुरू हो चुकी है और Apple Store पर सुबह से ही खरीदारों की भारी भीड़ लगी हुई है। लेकिन अगर आप लाइन में लगने के मूड में नहीं हैं और आप चाहते हैं कि घर बैठे iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पहुंच जाए, तो Blinkit और Zepto के जरिए ये मुमकिन हो सकता है। खास बात यह है कि इन प्लेटफॉर्म पर चारों कलर के साथ बैंक डिस्काउंट और नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी मिल रहा है।

iPhone 18 Pro के लिए Blinkit और Zepto के ऑफर देखें

जब आप iPhone 18 Pro को डिस्काउंट ऑफर के साथ सीधे अपने घर पर मंगवा सकते हैं, तो बाहर जाकर लाइन में क्यों लगना? Blinkit पर iPhone 18 Pro और 18 Pro Max के लिए चुनिंदा क्रेडिट कार्ड पर डिस्काउंट और नो-कॉस्ट EMI के विकल्प मिल रहे हैं, जिससे आपको नए iPhone पर बेहतर डील मिल सकती है।

Blinkit पर iPhone 18 Pro की डिलीवरी लॉन्च के दिन दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, जयपुर और लखनऊ में उपलब्ध होगी।

वहीं, Zepto सभी वेरिएंट्स में iPhone 18 Pro और 18 Pro Max पर ₹7,000 तक का डिस्काउंट दे रहा है। Zepto के पास दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में iPhone 18 Pro का स्टॉक उपलब्ध है।

भारत में iPhone 18 Pro और 18 Pro Max की कीमतें, कलर और वेरिएंट

भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है, जबकि 18 Pro Max के बेस 256GB वेरिएंट की कीमत ₹1,79,900 है। इस साल आपको नई iPhone 18 Pro सीरीज blue, black, burgundy और silver कलर ऑप्शन में मिलेगी।

इसके अलावा, Apple ने खरीदारों के लिए iPhone 18 Pro और 18 Pro Max को 2TB तक की स्टोरेज के साथ उपलब्ध कराया है, जिनकी कीमत क्रमशः ₹3,14,900 और ₹3,29,900 होगी।

बता दें कि जहां एक तरफ iPhone 18 Pro मॉडल आज से बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, वहीं iPhone Duo फोल्डेबल के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे और भारत में इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से होगी।

यह भी पढ़ें: Apple Store Viral Video: iPhone 18 की दीवानगी सिर चढ़ करने लगी डांस! दिल्ली में साकेत के बाहर और मुंबई ऐपल स्टोर्स पर रात से लगी लंबी लाइन

Silver Rate Today: फिर चढ़ी चांदी, जानें 18 सितंबर को मुंबई से चेन्नई तक 1 किलो की कीमत

Silver Rate Today: शुक्रवार 18 सितंबर को चांदी के दाम चढ़ गए। एमसीएक्स पर एक किलो चांदी का दाम 2,39,579 रुपये है। गुड रिटर्न के अनुसार, आज चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में 1 किलो चांदी की कीमत 2,49,900 रुपये है जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जयपुर, पुणे में 2,50,000 रुपये है। Bullions.co.in पर चांदी की कीमत 2,38,070 रुपये प्रति किलोग्राम पर है

बता दें कि चांदी का दाम सोने के दाम को फॉलो कर रहा है। जब भी सोने का बढ़ता है, चांदी का दाम भी बढ़ता है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि चांदी भी इन्वेस्टर्स के लिए एक सेफ इन्वेस्टमेंट टूल बन गया है।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या है दाम?

इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर सोने और चांदी दोनों के दाम गिरे है। Comex पर चांदी के दाम 0.30% तक गिर गए और ऐसे में कीमत 66.295 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,50,000 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,50,000
मुंबई₹2,50,000
कोलकाता₹2,50,000
चेन्नई₹2,49,900
लखनऊ₹2,50,000
पटना₹2,50,000
जयपुर₹2,50,000
अहमदाबाद₹2,50,000
पुणे₹2,50,000
बेंगलुरु₹2,50,000
हैदराबाद₹2,50,000
भोपाल₹2,50,000
चंडीगढ़₹2,50,000
नोएडा₹2,50,000
गुरुग्राम₹2,50,000

पिछले कारोबारी दिन क्या रहा चांदी का वायदा भाव

कमजोर हाजिर मांग के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से गुरुवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 476 रुपये की गिरावट के साथ 2,34,310 रुपये प्रति किग्रा रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज में चांदी के दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 476 रुपये यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,34,310 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 0.08 प्रतिशत की हानि के साथ 64.87 डॉलर प्रति औंस रह गयी। बाजार एक्सपर्ट्स ने कहा कि कारोबारियों द्वारा की गई बिकवाली से मुख्यत: चांदी वायदा कीमतों में गिरावट आई।

Gold vs silver: फेड की ब्याज दर में बढ़ोतरी, डॉलर और जियोपॉलिटिकल रिस्क का कीमतों पर असर क्यों

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold vs silver: फेड की ब्याज दर में बढ़ोतरी, डॉलर और जियोपॉलिटिकल रिस्क का कीमतों पर असर क्यों

Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 18 सितंबर को अलग-अलग रुझान देखने को मिला। बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी और भविष्य में ब्याज दरों की दिशा के बारे में दिए गए संकेतों के असर का आकलन करता नजर आया। यहीं कारण है कि 18 सितंबर की ताजा कीमतों के अनुसार, COMEX पर सोना 0.26% गिरकर $4,388.20 प्रति औंस पर था, जबकि COMEX चांदी 0.18% बढ़कर $66.215 प्रति औंस पर थी।

कीमतों में यह उतार-चढ़ाव फेड के बेंचमार्क रेट को 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाने के फैसले के बाद कीमती धातुओं के लिए अस्थिर सत्र के बाद आया है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और ट्रेजरी यील्ड आमतौर पर सोना और चांदी जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव डालती हैं, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाली कीमती धातुओं को महंगा बना सकता है।

आखिर क्यों फेड की पॉलिसी को लेकर संवेदनशील रहता है सोना?

VT मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचिट ठाकुर ने कहा कि फेड की ओर से ब्याज दरों को 4% तक बढ़ाना और बढ़ती महंगाई व मजबूत आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना शॉर्ट टर्म में अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को सपोर्ट करता है। इससे सोना और चांदी पर दबाव पड़ सकता है क्योंकि ऊंची यील्ड उन संपत्तियों को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) बढ़ा देती है जिनसे कोई ब्याज नहीं मिलता।

उन्होंने बताया कि फेड के फैसले के तुरंत बाद सोने में 1% से ज्यादा और चांदी में करीब 1.7% की गिरावट आई। हालांकि, उन्होंने स्थिति के दूसरे पहलू की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि ग्रोथ, ट्रेड, फिस्कल पॉलिसी और जियोपॉलिटिक्स को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता कीमती धातुओं के लिए ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की मांग को सपोर्ट कर सकती है।

इधर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज और करेंसी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि 17 सितंबर को सोने की कीमतों में रिकवरी मुख्य रूप से फेड के फैसले के बाद बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी के बाद उनमें आई नरमी से जुड़ी थी, न कि सोने से जुड़े फंडामेंटल्स में किसी बदलाव से।

नार्वेकर के अनुसार, 2026 के अंत तक फेड का अनुमानित ब्याज दर आउटलुक 3.8% से बढ़कर 4.1% हो गया, जिससे संकेत मिलता है कि बाजारों को भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखना पड़ सकता है। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सोने की कीमत एक बड़े दायरे में बनी रहेगी, क्योंकि ऊंचे यील्ड और मजबूत डॉलर की वजह से शॉर्ट टर्म में इसमें लगातार बढ़ोतरी की गुंजाइश कम है।

आखिर कीमतों को कहां से मिल रहा है सहारा

ऊंची ब्याज दरों के दबाव के मुकाबले जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता एक अहम कारक बनी हुई है। ठाकुर ने कहा कि ग्रोथ, ट्रेड, फिस्कल पॉलिसी और जियोपॉलिटिकल तनाव को लेकर अनिश्चितता रिस्क वाले एसेट्स में भरोसा कम कर सकती है और सोने जैसे सुरक्षित एसेट्स की मांग बढ़ा सकती है।

तेल की कीमतें भी एक ऐसा कारक हैं जिन पर बाजार की नजर है। शुक्रवार (18 सितंबर) की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $103.77 प्रति बैरल थी, जबकि WTI की कीमत $100.88 के आसपास थी। दोनों बेंचमार्क में लगभग 1% की गिरावट आई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को सऊदी क्रूड को ले जाने के वैकल्पिक तरीकों की उम्मीदों से कुछ हद तक कम किया जा रहा था।

सोने के लिए, लगातार जियोपॉलिटिकल जोखिम इस धातु की मांग को ‘स्टोर ऑफ वैल्यू’ (मूल्य संचय) के तौर पर सहारा दे सकते हैं, भले ही ऊंची ब्याज दरें दबाव बना रही हों।

कामा ज्वैलरी के MD कॉलिन शाह ने कहा कि फेड का ‘लंबे समय तक ऊंची दरें बनाए रखने’ का रुख डॉलर को सहारा देकर और बिना यील्ड वाले एसेट्स को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) बढ़ाकर सोने के लिए निकट भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि महंगाई की ऊंची उम्मीदें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं ‘स्टोर ऑफ वैल्यू’ के तौर पर और मैक्रो-इकोनॉमिक व जियोपॉलिटिकल जोखिमों से बचाव (हेज) के तौर पर सोने की भूमिका को सहारा देती रहती हैं।

भारतीय सोने की कीमतों पर इसका क्या असर होगा

घरेलू सोने की कीमतें रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट से भी प्रभावित होती हैं क्योंकि भारत अपनी ज्यादातर bullion (सोना-चांदी) का आयात करता है। रुपये के कमजोर होने से सोने की घरेलू कीमत बढ़ सकती है, भले ही अंतरराष्ट्रीय कीमतें दबाव में हों।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने 17 सितंबर को इस अंतर पर प्रकाश डाला। जहां फेड के फैसले के बाद विदेशी स्पॉट गोल्ड में गिरावट आई थी, वहीं अक्टूबर डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड 1.29% बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि दिसंबर की चांदी 1.27% बढ़कर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर थी।

HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने घरेलू सोने में गिरावट का कारण आंशिक रूप से कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रात भर आई कमजोरी को बताया।

सोना बनाम चांदी: इनकी चाल में अंतर क्यों हो सकता है

सोना आमतौर पर मॉनेटरी पॉलिसी, रियल यील्ड, करेंसी और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग से अधिक निकटता से जुड़ा होता है। चांदी, जिसे कीमती धातु भी माना जाता है, उसका औद्योगिक उपयोग में बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए, इसकी कीमत निवेश की मांग और औद्योगिक गतिविधियों की उम्मीदों, दोनों के आधार पर बदल सकती है।

इसका मतलब है कि ‘हॉकिश’ फेड (सख्त मौद्रिक नीति वाला फेडरल रिजर्व) ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर के जरिए दोनों धातुओं पर दबाव डाल सकता है, जबकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और औद्योगिक मांग की उम्मीदों में बदलाव उन्हें अलग-अलग दिशाओं में ले जा सकते हैं।

इसलिए, भारतीय निवेशकों को केवल वैश्विक बुलियन कीमतों को देखने के बजाय सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट और घरेलू मांग की स्थितियों पर एक साथ विचार करना चाहिए।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना फिसला, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 17 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। लेकिन, कमजोर घरेलू मांग का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी 2.42 लाख रुपये पर स्थिर रही

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 600 रुपये गिरकर 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट आई थी।

16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरा था सोना

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “घरेलू बाजारों में कीमतों पर 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में आई गिरावट का असर पड़ा।” अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा दिया है। इससे यह 3.75-4 फीसदी पर आ गया है। यह बीते तीन सालों में इंटरेस्ट रेट में पहली वृद्धि है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार रिकवरी

17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोना 2.45 फीसदी चढ़कर 4,372.95 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 4.42 फीसदी के उछाल के साथ 66.02 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। कई दिनों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी बड़ी तेजी दिखी है।

इन वजहों से विदेश में बुलियन में तेजी 

मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर इंडेक्स के थोड़ा नीचे आने से स्पॉट गोल्ड की कीमतों में स्ट्रॉन्ग रिकवरी दिखी है।” क्रूड ऑयल में 17 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।

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महंगाई बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड के नीचे आने के बावजूद महंगाई बढ़ने का खतरा कम नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि क्रूड की कीमतों में नरमी अगर जारी रहती है तो भी इसका असर महंगाई पर काफी बाद में दिखेगा। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर के ऊपर बने रहने से सितंबर में रिटेल इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। सितंबर के इनफ्लेशन के डेटा अगले महीने आएंगे। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि फिलहाल मौद्रिक नीति सख्त बनी रहेगी।