
भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेलों की महिला पारंपरिक 60 किग्रा मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें सेमीफाइनल के अतिरिक्त दौर में सिंगापुर की हुई हून टियो के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा।
इस कांस्य पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है। इनमें तीन रजत पदक निशानेबाजी में आए हैं।छत्तीस वर्षीय तरियाल ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
तरियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलामा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और अपना पदक पक्का किया था।यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही मिश्रित मार्शल आर्ट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है।
CHEER UP, SUCHIKA TARIYAL!
– You have made the whole of India proud by winning India’s first-ever medal in MMA at the Asian Games!
WHAT A HISTORIC MOMENT! pic.twitter.com/YIkB84x2yh
— The Khel India (@TheKhelIndia) September 21, 2026
ड्रॉ के बाद वजन के नियम से सुचिका तरियाल हारीं, कांस्य से करना पड़ा संतोष
यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे इस खेल में भारत का पहला पदक है। हालांकि फैसले से सुचिका बेहद निराश हो गईं और अंतिम निर्णय टियो के पक्ष में आने के बाद मैट पर फूट-फूटकर रोने लगीं।इस कांस्य पदक के साथ महाद्वीपीय खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है। निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक चार रजत और एक कांस्य पदक जीता है।
करीबी मुकाबला निर्धारित समय के बाद बराबरी पर समाप्त हुआ। अंतिम कुछ सेकेंड में टियो ने हमला किया लेकिन मुकाबला खत्म होते ही सुचिका ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिरा दिया।पहले राउंड में टियो का पलड़ा भारी रहा लेकिन दूसरे राउंड में सुचिका ने जोरदार वापसी की।
India’s first Asian Games medal in MMA!
Congratulations to Suchika Tariyal on winning the Bronze Medal in the Women’s Traditional-60 kg category at the #AsianGames2026.
With MMA making its debut at the Asian Games, Suchika has etched her name in history as India’s first Asian… pic.twitter.com/XabQkYk84I
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) September 21, 2026
दोनों में से कोई भी स्पष्ट बढ़त हासिल नहीं कर सका जिसके बाद मुकाबला एक मिनट के अतिरिक्त राउंड में चला गया।सुचिका को लगा कि उन्होंने जीत के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है जबकि मुकाबला खत्म होने के बाद टियो ने भी जीत का जश्न मनाया।
शुरुआत में मुकाबले का फैसला टियो के पक्ष में दिया गया था लेकिन भारतीय टीम की चुनौती के बाद परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद विजेता का फैसला दोनों खिलाड़ियों के सुबह के वजन के आधार पर किया गया।
इसके बाद टियो को 2-0 से विजेता घोषित किया गया और वह फाइनल में पहुंच गईं। सुचिका इस फैसले से बेहद निराश नजर आईं।भारतीय खिलाड़ी फूट-फूटकर रोने लगीं और उन्होंने तुरंत अपनी प्रतिद्वंद्वी या रेफरी से हाथ नहीं मिलाया। उनके कोच ने उन्हें सांत्वना दी।


