मैच बिना हारे भी सुचिका को वजन के कारण मिला कांस्य, जानें पूरा विवाद

Suchika Tariyal

भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेलों की महिला पारंपरिक 60 किग्रा मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें सेमीफाइनल के अतिरिक्त दौर में सिंगापुर की हुई हून टियो के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा।

इस कांस्य पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है। इनमें तीन रजत पदक निशानेबाजी में आए हैं।छत्तीस वर्षीय तरियाल ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

तरियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलामा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और अपना पदक पक्का किया था।यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही मिश्रित मार्शल आर्ट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है।

ड्रॉ के बाद वजन के नियम से सुचिका तरियाल हारीं, कांस्य से करना पड़ा संतोष

यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे इस खेल में भारत का पहला पदक है। हालांकि फैसले से सुचिका बेहद निराश हो गईं और अंतिम निर्णय टियो के पक्ष में आने के बाद मैट पर फूट-फूटकर रोने लगीं।इस कांस्य पदक के साथ महाद्वीपीय खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है। निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक चार रजत और एक कांस्य पदक जीता है।

करीबी मुकाबला निर्धारित समय के बाद बराबरी पर समाप्त हुआ। अंतिम कुछ सेकेंड में टियो ने हमला किया लेकिन मुकाबला खत्म होते ही सुचिका ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिरा दिया।पहले राउंड में टियो का पलड़ा भारी रहा लेकिन दूसरे राउंड में सुचिका ने जोरदार वापसी की।

दोनों में से कोई भी स्पष्ट बढ़त हासिल नहीं कर सका जिसके बाद मुकाबला एक मिनट के अतिरिक्त राउंड में चला गया।सुचिका को लगा कि उन्होंने जीत के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है जबकि मुकाबला खत्म होने के बाद टियो ने भी जीत का जश्न मनाया।

शुरुआत में मुकाबले का फैसला टियो के पक्ष में दिया गया था लेकिन भारतीय टीम की चुनौती के बाद परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद विजेता का फैसला दोनों खिलाड़ियों के सुबह के वजन के आधार पर किया गया।

इसके बाद टियो को 2-0 से विजेता घोषित किया गया और वह फाइनल में पहुंच गईं। सुचिका इस फैसले से बेहद निराश नजर आईं।भारतीय खिलाड़ी फूट-फूटकर रोने लगीं और उन्होंने तुरंत अपनी प्रतिद्वंद्वी या रेफरी से हाथ नहीं मिलाया। उनके कोच ने उन्हें सांत्वना दी।

भारत की सुचिका तरियाल ने एमएमए में जीता ऐतिहासिक कांस्य पदक

भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की पारंपरिक 60 किलोग्राम भार वर्ग की मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। इस के साथ वही इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाली भारतीय बन गई। आज यहां 36 साल की भारतीय फाइटर को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में हुए कड़े सेमी-फ़ाइनल मुकाबले में सिंगापुर की टेओ हुई हून से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले का फैसला करने के लिए एक अतिरिक्त मिनट का समय लेना पड़ा था।

एमएमए में सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को पदक मिलता है, क्योंकि एशियाई खेलों में कांस्य पदक के लिए अलग से कोई प्लेऑफ नहीं होता है।

सुचिका तरियाल ने रविवार को क्वार्टर-फ़ाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर अपना पदक पक्का कर लिया था।

हरियाणा के रोहतक की रहने वाली अनुभवी कॉम्बैट-स्पोर्ट एथलीट सुचिका ने जू-जित्सु और एमएमए में आने से पहले जूडो में अपनी पहचान बनाई थी। वह आठ बार की नेशनल जूडो चैंपियन हैं और उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सुचिका ने बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में महिलाओं के 57किग्रा जूडो प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। सुचिका ने 2017 में एमएमए में पर्दापण किया था, जिसके बाद उन्होंने इस खेल से सात साल का ब्रेक लिया, लेकिन जूडो और जू-जित्सु में हिस्सा लेती रहीं और 2024 में प्रोफेशनल एमएमए में वापसी की।

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वह इस साल की शुरुआत में एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एशियन गेम्स में पहुंची थीं।

आइची-नागोया 2026 में एमएमए में भारत के दो खिलाड़ी शामिल थे।

पुरुषों की पारंपरिक 77 किग्रा स्पर्धा में शामिल वरुण सान्याल को क्वार्टर-फ़ाइनल मुकाबले से पहले मेडिकली अनफ़िट घोषित कर दिया गया, जिससे बिना खेले ही उनका सफर खत्म हो गया। वज़न कम करने की कोशिश के दौरान सान्याल को चक्कर आना, सिर घूमना, मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वज़न कम करने की कोशिश के तहत खाना-पीना कम करने के दौरान, सॉना लेने के लगभग 30 मिनट बाद उन्हें ये लक्षण महसूस हुए। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें अनफिट घोषित कर दिया और वे अपनी तय फाइट में हिस्सा नहीं ले पाए।

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Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवान ने जीता सिल्वर

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत के खाते में दूसरा मेडल आ गया है। 2019 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की इलावेनिल वलारिवान (252.4) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले दिन में उन्होंने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत का यह दूसरा मेडल है। इलावेनिल वलारिवान ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एलावेनिल ने फ़ाइनल में 252.4 पॉइंट हासिल किए।

जापान की हिनाता ने जीता गोल्ड

जापान की हिनाता ताइची (253.0) ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान (230.4) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, सोनम उत्तम मस्कर (167.0) फाइनल में छठे स्थान पर रहीं।इससे पहले, भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।

भारतीय तिकड़ी का शानदार प्रदर्शन

भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।

भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।

क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।

विदरसा गोल्ड से चुकीं

विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’

विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘ सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।

चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शन

इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग जिफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।

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चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे। लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है।

एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।

Asian Games 2026: सुचिका तरियाल ने वर्ल्ड चैंपियन को दी मात, एशियन गेम्स में भारत का पहला MMA मेडल किया पक्का

Asian Games 2026: भारत की सुचिका तारियाल ने रविवार (20 सितंबर) को नागोया में जारी 2026 एशियन गेम्स में महिलाओं के पारंपरिक 60 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसी के साथ उन्होंने आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का पहला मेडल पक्का कर लिया है। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी अब सोमवार 21 सितंबर को सेमीफाइनल में उतरेगी। इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है, क्योंकि अंतिम चार में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है।

सुचिका बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने जूडो, कुराश, जिउ-जित्सु और अब एमएमए सहित कई खेलोंं में अपना करियर बनाया है। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका के शानदार करियर में यह नई उपलब्धि है। वह 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2024 में जिउ-जित्सु में विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं।

घुटने की चोट और कुछ अन्य कारणों से कुछ समय तक खेलों से बाहर रहने के बाद उन्होंने एमएमए में हाथ आजमाए और सफलता हासिल करने में सफल रही। सुचिका ने यूरेशिया क्षेत्र में 92वें स्थान पर काबिज बैगलमा के खिलाफ मुकाबले पर पूरा नियंत्रण रखते हुए 2-0 से जीत हासिल करते हुए अंतिम चार में जगह पक्की की।

भारत का खोला खाता

सुचिका की जीत ने Asian Games 2026 में भारत का पहला मेडल पक्का कर दिया है। यह Asian Games में MMA में भारत का पहला मेडल भी होगा। भारत ने रविवार को एशियाई खेलों की महिला टीम टेबल टेनिस स्पर्धा के ग्रुप एफ के अपने शुरुआती मैच में इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। श्रीजा अकुला ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया। लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए।

दीया चितले ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी घोरपड़े ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर शामिल हैं।

दीपिका ने दागे आठ गोल

इस बीच, दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे, जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को एशियाई खेलों के पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी। यह एकतरफा मुकाबला होने की उम्मीद थी। ठीक वैसा ही हुआ क्योंकि उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति भारत के लगातार हमलों का कोई जवाब नहीं दे पाई।

दोनों टीमों के बीच का अंतर मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था क्योंकि शुरुआत से ही भारत ने गोल वर्षा शुरू कर दी थी। भारत के लिए दीपिका (8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें, 54वें मिनट) ने गोल की झड़ी लगा दी। जबकि लालरेम्सियामी (7वें), इशिका (11वें, 42वें, 54वें), बलजीत कौर (12वें), नेहा (18वें), नवनीत कौर (23वें, 45वें), लथंतलुआंगी (43वें, 51वें) और साक्षी राणा (43वें) ने भी गोल किए।

इंडोनेशिया से भिड़ेगा भारत

भारत सोमवार को अपने अगले मैच में इंडोनेशिया से भिड़ेगा। प्रतियोगिता में दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए पहले हाफ में ही आठ गोल दाग दिए।यह मैच पूरी तरह से एकतरफा मुकाबला था और दोनों टीमों के बीच कौशल का स्तर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

इसकी शुरुआत तब हुई जब लालरेम्सियामी ने करीब से एक फील्ड गोल किया। दीपिका ने इसके एक मिनट बाद ही बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो के पास पर इशिका ने सर्कल के बाईं ओर से शानदार गोल दाग दिया।

एक मिनट बाद बलजीत ने स्कोर 4-0 कर दिया, जिसके बाद नेहा ने एक और फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से मिले मौके पर जोरदार ड्रैगफ्लिक शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 6-0 कर दिया।

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नवनीत ने भी फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया, जिसके बाद दीपिका ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को पहले हाफ में 8-0 की बढ़त दिला दी। उज्बेकिस्तान के लिए स्थिति बद से बदतर हो गई क्योंकि भारतीय टीम ने आखिरी दो क्वार्टर में 11 गोल दाग दिए।