पीएम मोदी ने कहा डीबीटी ने लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए, मोबाइल फोन बना गवर्नेंस का हिस्सा

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत का मोबाइल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उम्मीद से ज्यादा विकसित हुआ है। यह अब शासन और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी का एक प्रमुख साधन बन गया है। सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम के माध्यम से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं। नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सैकड़ों सरकारी सेवाएं अब मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध हैं और डीबीटी के परिणामस्वरूप 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा किए गए हैं।

पिछले दशक में टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की भूमिका में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन सुशासन का एक उपकरण बन गया है। डीबीटी ने न केवल सरकारी पैसे के ट्रांसफर की सुविधा प्रदान की है बल्कि इस पैसे को गलत हाथों तक पहुंचने से रोकने में भी मदद की है।

जिन लोगों को पहले की व्यवस्था से फायदा हुआ था उनका जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों ने कमाई खो दी है,उन्हें मोदी पसंद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बदलावों के विरोध के बावजूद,वह उन्हें लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बचाए गए धन का इस्तेमाल अब सही उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा मोबाइल फोन अब चैट का माध्यम नहीं रह गया है,लेकिन इससे यात्रा कम हो गई है, प्रतीक्षा का समय कम हो गया है और सुविधा अधिक हो गई है। यह देश के नागरिकों से टेक्नोलॉजी से मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10-12 सालों में मोबाइल फोन अपनी सिर्फ बातचीत की पारंपरिक भूमिका से काफी आगे बढ़ गए हैं और गरर्नेंस के लिए एक माध्यम बन गए हैं। उन्होंने कहा,एक दशक पहले डिजिटल विभाजन एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। नई तकनीक तेजी से कुछ खास लोगों का विशेषाधिकार बनती जा रही थी। सरकार ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से मोबाइल फोन को अपनी डिजिटल रणनीति का केंद्र बनाकर इसका जवाब दिया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि डीपफेक एक “बड़ी चुनौती” है और धोखाधड़ी और सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए एक वैश्विक ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए एक समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया क्योंकि डिजिटल खतरे तेजी से राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों से साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसे खतरों से निपटने का अनुभव है और वह अपनी सीख अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

‘2047 तक विकसित भारत, हम करके दिखाएंगे’ जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प

PM Modi: राजनीति में लंबा सफर तय करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जनसेवा में अपने 25 साल पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने पीछे मुड़कर उपलब्धियों को याद करने के बजाय भारत के विकास के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे!”

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उन्होंने देश के लोगों का लगातार भरोसा और समर्थन देने के लिए आभार भी जताया।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे! इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ओलंपिक की मेजबानी करने और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को लेकर देश में जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है, वह बेहद खास है।

प्रधानमंत्री की ये बातें तब सामने आईं जब उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। यह सफर 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद, 2014 में वे प्रधानमंत्री बने और तब से अब तक तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी इस मुकाम तक पहुंचूंगा।”

उन्होंने कहा, “आज मैंने लगातार 25 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है। यह लोगों के निरंतर आशीर्वाद और समर्थन का परिणाम है।”

‘मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं’

पीएम मोदी ने अपनी 25 साल की यात्रा में लोगों को सबसे अहम माना और कहा कि यह उपलब्धि उनकी अपनी कामयाबी नहीं, बल्कि नागरिकों से मिले भरोसे और आशीर्वाद का नतीजा है।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं।”

प्रधानमंत्री ने समर्थन के लिए NDA की सभी पार्टियों का भी धन्यवाद किया।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान हुए चुनावों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने बार-बार उन्हें सेवा करने का मौका दिया।

उन्होंने कहा, “इस दौरान, चाहे विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा चुनाव, लोगों ने मुझे अपनी सेवा करने के लिए चुना। आज मैं भारत के लोकतंत्र और संविधान को नमन करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उन्हें लोकतंत्र की ताकत समझने में मदद की।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने मेरा विरोध किया, उन्होंने मुझे लोकतंत्र की ताकत दिखाई।”

‘मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया’

अपनी यात्रा को याद करते हुए PM मोदी ने कहा कि हर अनुभव ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।

उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया। हर अनुभव ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका मकसद चुनावों के जरिए मशहूर होना होता, तो वे बहुत पहले ही चुनावी राजनीति में आ सकते थे।

PM मोदी ने कहा, “अगर मैं चुनावी राजनीति में चमकना चाहता, तो मैं बहुत पहले ही राजनीति के मैदान में उतर सकता था।”

इसके बजाय, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने नजरिए को एक मिशन और कर्तव्य के तौर पर बताया।

उन्होंने कहा, “मैं महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीने वाला व्यक्ति हूं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मेरा ध्यान हमेशा कर्म पर रहता है,” और साथ ही यह भी कहा, “मेरा कर्तव्य ही मेरा धर्म है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वे 25 साल पूरे होने को कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे 25 साल पूरे होने का पड़ाव व्यक्तिगत नहीं है।”

श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना

दिन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह अवसर उनके सरकार के प्रमुख के तौर पर पहली बार कार्यभार संभालने के 25 साल पूरे होने का था।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश, 140 करोड़ भारतीयों और खुद के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने और साथी नागरिकों की सेवा करने की शक्ति और क्षमता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेने वाले नागरिकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूं, जहां भी हूं और जिस भी भूमिका में सेवा कर रहा हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान ‘जनता जनार्दन’ का है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा की, “मेरे लिए जनता ही ईश्वर का रूप है।”

उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिकों का भरोसा और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

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‘को-पायलट नमाज पढ़ने उठा, फिर सिर पर किया हमला…’; Flydubai के कैप्टन स्मित मच्छार ने सुनाई कॉकपिट की अनसुनी कहानी

Flydubai Incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान के कॉकपिट में हुए उस खौफनाक घटनाक्रम के बारे में नए और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके ओमानी को-पायलट ने 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान में उनके सिर पर हमला कर दिया था। विमान में उस वक्त 174 लोग सवार थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने बताया कि उड़ान हर रोज की तरफ सामान्य थी। उनका को-पायलट नमाज पढ़ने के लिए अपनी सीट से उठा था। इस दौरान सम्मान के चलते उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन कुछ मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ।

उन्होंने कहा, “यह सामान्य उड़ान थी। को-पायलट नमाज पढ़ना चाहता था, जैसा कि कई स्थानीय लोग करते हैं। वह नमाज पढ़ रहा था। इस दौरान सम्मान के कारण मैंने पीछे की ओर नहीं देखा। करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक मेरे सिर के पीछे जोरदार चोट लगी।” बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके को-पायलट ने मच्छार पर चाकू से हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

पहले लगा विमान में कोई बड़ी खराबी हो गई

कैप्टन मच्छार ने बताया कि शुरुआती हमले के बाद लगातार वार होते रहे। पहले उन्हें लगा कि शायद विमान में ही कोई गंभीर तकनीकी समस्या आ गई है। उन्होंने कहा, “लेकिन उसके बाद लगातार वार होते रहे। तभी मुझे समझ आया कि समस्या विमान में नहीं है। बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया है।” हमले को रोकने की कोशिश में उनकी नजर धुंधली होने लगी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश भी की। लेकिन हमलावर ने दरवाजा फिर बंद कर दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े।

‘मेरे अंदर आखिरी लड़ाई बाकी थी’

कैप्टन ने बताया कि इसी दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर झुकने लगा और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। उस समय उन्हें लगा कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो विमान में सवार सभी लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने कहा, “मेरे अंदर एक आखिरी लड़ाई बाकी थी। आप इसे निजी लड़ाई कहें या लोगों के लिए लड़ाई, लेकिन मैंने वह किया। अगर मैं ऐसा नहीं करता तो मैं मर जाता।” उन्होंने आगे बताया कि पूरी ताकत लगाकर उन्होंने कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की और आखिरकार उसे खोलने में सफल रहे। इसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने स्थिति संभाल ली और विमान का अपने कंट्रोल में वापस ले लिया।

कोड के बावजूद कैसे खुला कॉकपिट का दरवाजा?

मच्छार ने बताया कि कॉकपिट के दरवाजे में बाहर से खोलने के लिए कोड की व्यवस्था थी। उनके सहयोगी बाहर से कोड डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन हमलावर उन्हें दरवाजा खोलने नहीं दे रहा था। ऐसे में उनके पास एक ही रास्ता बचा था दरवाजे के अंदर मौजूद नॉब तक पहुंचना। उन्होंने कहा, “यह एक छोटा और तेज ट्विस्ट था। जैसे ही मेरे हाथ नॉब तक पहुंचे, मैंने उसे घुमाया और दरवाजा खोल दिया।” इसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित कंट्रोल में लिया।

नेतन्याहू ने बताया ‘किस्मत का मोड़’, इजरायल आने का दिया न्योता

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए इसे ‘किस्मत का एक मोड़’ करार दिया। नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान मच्छार से कहा कि वह इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के हीरो हैं। उन्होंने उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित भी किया। यह घटना उस समय बेहद गंभीर हो गई थी जब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान के कॉकपिट में ही पायलट पर हमला हुआ। कैप्टन मच्छार की सूझबूझ और आखिरी क्षण तक विमान को बचाने की कोशिश ने संभावित बड़े हादसे को टालने में अहम भूमिका निभाई। इस वक्त उनकी पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है।

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Russia Ukraine War: क्या भारत कराएगा रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत? कीव ने कहा- नई दिल्ली का सीजफायर प्लान सबसे व्यापक

Russia Ukraine War Latest News: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की दिशा में भारत ने एक अहम कूटनीतिक पहल की है। यूक्रेन ने भारत के सीजफायर प्रस्ताव को अब तक मिले सभी प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के मुताबिक, कीव को भारत के अलावा तुर्की, मिस्र और अमेरिका से भी सीजफायर के प्रस्ताव मिले हैं। यूक्रेन रूस के साथ अलग-अलग फॉर्मेट में सीजफायर पर विचार करने के लिए तैयार है।

RBC-Ukraine की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कीव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भारत का प्रस्ताव इन सभी पहलों में ‘सबसे व्यापक’ है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाने की इच्छा स्पष्ट रूप से जताई है।

भारत के प्रस्ताव में क्या है?

सिबिहा के मुताबिक, यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर (Black Sea) दोनों में एक साथ सीजफायर चाहता है। उनका कहना है कि सिर्फ एक क्षेत्र में सीजफायर पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा और काला सागर में सीजफायर के लिए तैयार है। लेकिन दोनों को एक साथ शामिल किया जाना चाहिए। इसमें सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के साथ-साथ बंदरगाहों से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना भी शामिल होगा।

तुर्की-मिस्र और अमेरिका के प्रस्ताव भी मेज पर

यूक्रेन के सामने भारत के अलावा तीन अन्य कूटनीतिक पहल भी हैं। सिबिहा के अनुसार, तुर्की और मिस्र ने काला सागर में अनाज और कृषि क्षेत्र से जुड़े सीजफायर का जॉइंट प्रस्ताव दिया है। वहीं अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सीजफायर का एक फ्रेमवर्क पेश किया है। यह मुद्दा पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी चर्चा में आया था।यूक्रेन का कहना है कि वह संपर्क रेखा (Line of Contact) पर बिना किसी शर्त के सीजफायर समेत अलग-अलग फॉर्मेट पर विचार करने के लिए तैयार है।

काला सागर में फिर शुरू हो सकती है बातचीत

रूस और यूक्रेन के बीच काला सागर में सीजफायर को लेकर नए दौर की बातचीत की तैयारी भी चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, तुर्की और संयुक्त राष्ट्र इस दिशा में नए प्रयास कर रहे हैं। काला सागर में सीजफायर का एक अहम उद्देश्य अनाज की आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर पहले भी दबाव पड़ा है। दोनों देशों से होने वाला अनाज निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।

पुतिन भी कर चुके हैं PM मोदी की तारीफ

भारत की पहल पर यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ की थी। वाल्दाई फोरम में पुतिन ने कहा था कि पीएम मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद लगातार यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की जरूरत का मुद्दा उठाते हैं।

पुतिन ने कहा कि रूस प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों और संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के समर्थन के लिए आभारी है। उन्होंने PM मोदी के विचारों को बहुत अच्छे विचार बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री संघर्ष को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करना चाहते हैं।

भारत लगातार बातचीत और शांति पर दे रहा जोर

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि भारत का रुख मानवीय और शांति-केंद्रित है। अब यूक्रेन द्वारा भारत के सीजफायर प्रस्ताव को ‘सबसे व्यापक’ बताया जाना भारतीय कूटनीतिक भूमिका के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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Captain Smit Machchhar: जानिए सूरत के कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू लगने के बाद भी कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा, ये बने फ्लाइदुबई के हीरो

Captain Smit Machchhar: दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को जो कुछ हुआ, उसने विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बावजूद मच्छार ने आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने कंट्रोल संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।

सामान्य उड़ान के बीच अचानक मचा हड़कंप

Flydubai का बोइंग 737 MAX 8 विमान 30 सितंबर की सुबह करीब 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। शुरुआत में लगभग ढाई घंटे तक उड़ान सामान्य रही। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई। इसके बाद अचानक कॉकपिट में कथित तौर पर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ओमान के रहने वाले को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। फ्लाईदुबई ने फिलहाल सिर्फ इतना कहा है कि फ्लाइट डेक में ‘अल्टरकेशन’ यानी झड़प हुई थी। इसके बाद क्रू ने विमान को सुरक्षित करने तथा डायवर्ट करने की कार्रवाई की। घटना की वजह और हमले के पीछे की मंशा अभी जांच का विषय है।

अचानक हजारों फीट नीचे जाने लगा विमान

कॉकपिट के अंदर क्या हो रहा था, इसकी जानकारी अधिकांश यात्रियों को नहीं थी। उन्हें सबसे पहले विमान के असामान्य तरीके से नीचे जाने का एहसास हुआ। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग विश्लेषणों में कुछ ही समय में 14 हजार फीट से ज्यादा की गिरावट का जिक्र किया गया है। जबकि कुछ आंकड़ों में लंबे क्रम के दौरान करीब 17-18 हजार फीट की कुल गिरावट बताई गई है।

एक यात्री अल्मोग इटली ने बताया कि उन्हें शुरुआत में लगा कि विमान में बहुत तेज टर्बुलेंस हो रहा है। लेकिन विमान के बार-बार नीचे जाने से यात्रियों को समझ आने लगा कि मामला सामान्य नहीं है। विमान ने पहले ‘7700 इमरजेंसी कोड’ जारी किया। इसके बाद ‘7500 कोड’ का इस्तेमाल किया गया, जिसे विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है।

गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

घटना का सबसे अहम और निर्णायक पल कॉकपिट के अंदर हुआ। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छर हमले में गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत जुटाई और कॉकपिट का लॉक्ड दरवाजा खोल दिया। यही कदम आगे की पूरी स्थिति बदलने वाला साबित हुआ। आमतौर पर उड़ान के दौरान कमर्शियल विमान का कॉकपिट यात्रियों के लिए बंद रहता है। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने और स्थिति को संभालने का मौका मिला।

यात्री ने हमलावर को पकड़ा, कंट्रोल भी संभाला

इजरायली यात्री यानिव हयून ने घटना के दौरान कॉकपिट में प्रवेश किया। उनके मुताबिक, विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा था। इस दौरान वह आगे की ओर जा गिरे। कॉकपिट में पहुंचने पर उन्होंने कथित हमलावर को पकड़ लिया और उसे काबू करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए विमान के कंट्रोल को भी संभाला। हयून के मुताबिक, विमान धीरे-धीरे फिर से लेवल होने लगा। इसके बाद विमान में मौजूद एक अन्य पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हयून की भूमिका की तारीफ की है।

तीन यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया

कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कई यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों ने मिलकर कथित हमलावर को काबू किया। विमान के अंदर मौजूद यात्रियों के वीडियो में दो घायल लोगों को कॉकपिट के फर्श पर देखा गया। कुछ यात्रियों ने बाद में बताया कि उन्होंने सामने से लोगों को खून से लथपथ हालत में बाहर आते देखा। इस दौरान विमान में यात्रा कर रहे अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलटों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब तत्काल खतरा नियंत्रित हुआ तो रिजर्व क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाल लिया।

तबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। सऊदी अधिकारियों को सुबह करीब 8:44 बजे विमान की परेशानी से संबंधित सूचना मिली। विमान ने तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की। कैप्टन स्मित मच्छार और दूसरे पायलट को अस्पताल ले जाया गया। बाद में यात्रियों को तबुक में रोके जाने के बाद दूसरे विमान से इजरायल भेजा गया।

कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब कैसेी है?

भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी सर्जरी की गई है। भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह कैप्टन मच्छर के परिवार के संपर्क में है। सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर उनके इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रख रहा है। कैप्टन मच्छार के पास कमर्शियल एविएशन का 13 साल से ज्यादा का अनुभव बताया गया है। वह इससे पहले स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय तक काम कर चुके हैं। जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े थे।

आखिर हमले के पीछे क्या वजह थी?

इस घटना के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। इजरायली अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन फ्लाईदुबई ने लोगों से जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। सऊदी अरब के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी सेंटर ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ। झड़प की शुरुआत कैसे हुई। विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों गया और घटना के दौरान किस तरह विमान का नियंत्रण दोबारा हासिल किया गया।

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PM Modi Join Bhajan Clubbing: ‘हनुमान अंश’ का ‘पार्वती’ गाना सुन मंत्रमुग्ध हुए पीएम मोदी, GEN Z के साथ भजन क्लबिंग का उठाया लुफ्त

PM Modi Join Bhajan Clubbing: शुक्रवार को दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर ‘भजन क्लबिंग’ इवेंट हुआ। इस शाम भक्ति और आज के दौर के संगीत का संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इवेंट में शामिल हुए। यहां ‘हनुमान अंश’ के लिए मशहूर गायक साधु तिवारी ने फिल्म का लोकप्रिय भक्ति गीत ‘पार्वती’ गाया। जब भजन बज रहा था तो प्रधानमंत्री को ‘जेन-जी’ (Gen Z) दर्शकों के साथ गाने का आनंद लेते हुए देखा गया।

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में पीएम मोदी को भीड़ के साथ पूरी तरह घुलते-मिलते, तालियां बजाते और दिल को छू लेने वाली भक्ति परफॉमेंस के दौरान ‘खंजरी’ बजाते हुए देखा गया। बाद में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इवेंट का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, “दिल्ली में भजन क्लबिंग। शानदार!”

‘हनुमान अंश’ के एक्टर शोभिनव सत्य भी इवेंट में मौजूद थे और उन्होंने फिल्म के भक्ति गीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आनंद लेने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। NDTV से बातचीत में शोभिनव ने अफसोस जताया कि वह प्रधानमंत्री से मिल नहीं पाए। उन्होंने कहा, “उन्होंने जो कदम उठाए, जिस तरह से वह यहां आए और कुर्सी पर बैठे, ताली बजा रहे थे, पूरा आनंद ले रहे थे, ऐसा लगा जैसे वह बच्चों के बीच एक बच्चे बन गए हों। मुझे लगता है कि ऐसा केवल एक सच्चा संत ही कर सकता है। मेरे लिए वह एक सच्चे संत की तरह हैं।”

क्या है भजन क्लबिंग?

भजन क्लबिंग उभरता हुआ मूवमेंट पूरे भारत में ‘जेन-जी’ (Gen Z) का एक प्रमुख ट्रेंड है, जो भजन को नए अंदाज में पेश करता है। यह इवेंट आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक कॉन्सर्ट-स्टाइल स्टेजिंग, शानदार लाइटों, लाइव बैंड और हाई-एनर्जी प्रोडक्शन के साथ पेश करता है। इसे खास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक सभाओं को दिलचस्प बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लोगों को शराब-मुक्त कॉन्सर्ट के माहौल में नाचने, भजन गाने और एक-दूसरे से घुलने-मिलने का मौका देता है।

‘हनुमान अंश’

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित ‘हनुमान अंश’ फिल्म लक्ष्मी नारायण नाम के एक दुखी लड़के के शुरुआती जीवन की कहानी है, जो भगवान की तलाश में घर छोड़ देता है। दशकों तक भटकने, ध्यान करने और सेवा करने के बाद वह सम्मानित संत नीम करौली बाबा बन जाते हैं, जिन्हें भक्त भगवान हनुमान का अवतार मानते हैं। सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और बड़े मेनस्ट्रीम स्टूडियो की फिल्मों पर पूरी तरह छा गई।

Chintan Shivir: पीएम मोदी आज से शुरू करेंगे केंद्रीय मंत्रियों का ‘चिंतन शिविर’; ‘विकसित भारत 2047’ और बड़े सुधारों पर होगा मंथन

Chintan Shivir: केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक आज यानी बुधवार (23 सितंबर) से शुरू होगी। इसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्थित है।

विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे।

ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में की जाने वाली मुद्दों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है।

इन विभिन्न सुधारों पर जोर

प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

क्या है मकसद?

इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

नए सुधारों पर रहेगा जोर

केंद्रीय मंत्रियों के बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्य रूप से सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य की योजना बनाने और नए विचारों एवं सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस बैठक में पूरी सरकार के कामकाज का जायजा लिया जाएगा। साथ ही भविष्य की योजना, जारी कार्यों की समीक्षा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

‘विकसित भारत’ और ‘विजन 2047’

‘विकसित भारत’ की कवायद 2021 से चल रही है। ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।

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मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: रणबीर कपूर-आलिया भट्ट ने PM मोदी को दिया जन्मदिन का तोहफा, मुंबई के 20 स्कूलों का कराएंगे कायाकल्प

Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: आलिया भट्ट ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी। एक्ट्रेस ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि वह और उनके पति- एक्टर रणबीर कपूर 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेकर #SevaSankalpAbhiyaan का समर्थन करेंगे।

पीएम मोदी के लिए जन्मदिन का संदेश शेयर करते हुए आलिया ने लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी को जन्मदिन की बधाई! आने वाला साल आपके लिए सेहतमंद और खुशियों भरा हो। #SevaSankalpAbhiyaan की भावना सामूहिक प्रयास और समाज को कुछ वापस देने की शानदार सोच को दिखाती है। इस दिन को मनाने और इस नेक काम में सहयोग करने के लिए रणबीर और मैं @mybmc की सिफारिशों के अनुसार 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प ले रहे हैं, ताकि हमारे बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर और अच्छी सुविधाओं वाली जगहें मिल सकें।”

आलिया का यह पोस्ट तब आया जब कई मशहूर हस्तियों ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।

सेलेब्स ने पीएम मोदी को बधाई दी

X पर सलमान खान ने लिखा, “माननीय पीएम साहब, आपको जन्मदिन मुबारक हो। नरेंद्र भाई मोदी आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। जय हिंद।” शाहरुख खान ने भी अपने X हैंडल से PM मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “माननीय PM @narendramodi जी, आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। आप हमेशा अच्छी सेहत, खुशी और संतुष्टि के साथ रहें। देश को प्रेरित करने की ताकत और सकारात्मकता आपमें हमेशा बनी रहे।”

अक्षय कुमार ने X पर लिखा, “आज हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है और यह दिन सेवा के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। मेरा मानना ​​है कि जन्मदिन मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “हम किसी की सेवा करें, किसी जरूरतमंद की मदद करें, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएं… बस यही एक साधारण सा संकल्प। जन्मदिन मुबारक हो @narendramodi जी। हमारे महान देश को प्रेरित करते रहें। जय भारत। जय महाकाल।”

मोहनलाल ने X पर लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। देश की तरक्की के लिए आपका अथक समर्पण लाखों लोगों को प्रेरित करता रहता है। यह साल आपके लिए अच्छी सेहत, ताकत और देश की सेवा में लगातार सफलता लेकर आए।”एक्टर और MP कंगना रनौत ने PM मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की और दिल से एक नोट लिखा। जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर PM मोदी के साथ तस्वीर शेयर की और लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई!”

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी उनके 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी। इससे पहले 9 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि पीएम मोदी 7 अक्टूबर को जन-सेवा के 25 साल पूरे करेंगे और इस मौके पर बीजेपी एक महीने तक चलने वाला विशेष अभियान ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी।

BRICS Summit में PM मोदी का बड़ा प्रस्ताव, बोले- एकता को ठोस नतीजों में बदलने का समय

BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, “भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। उन्होंने कहा, लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। पीएम मोदी ने कहा, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

‘BRICS अब कमिंग ऑफ एज के दौर में’

प्रधानमंत्री कहा, “इस वर्ष का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ बना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु, मैच्योरिटी और रिस्पॉन्सिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वो अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती हैं। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिक्स भी अपने ‘कमिंग ऑफ एज’ के क्षण में है।

उन्होंने कहा, पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दर्शकों का सम्मान करते हैं और कर्तव्यनिष्ठ से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें।

पीएम मोदी ने समिट में लीडर्स को संबोधित करते हुए आगे कहा, अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एम्बिशियस एजेंडा पर काम करना होगा। इसकी शुरूआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है। किंतु इसकी वजह से हमारी संस्थागत गति नहीं रुकनी चाहिए। मैं ब्रिक्स ‘कंटिन्यूटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म’ यानी ‘निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र’ का प्रस्ताव रखता हूं। इसके तहत ट्रोइका (Troika) के माध्यम से सभी पहलों और परिणामों का फॉलोअप हो सकेगा।”

ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी-PM मोदी

उन्हों आगे कहा, “ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी। ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान स्ट्रक्चर पिरामिड की तरह दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में पावर और डिसीजन मेकिंग केंद्रित है और निचले भाग में वो देश हैं जो इन निर्णयों से प्रभावित तो होते हैं लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते। ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रॉ में है लेकिन डिसीजन मेकिंग की बैक रो में है।”

नाविकों की सुरक्षा पर PM मोदी ने दिया जोर

BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “समुद्र में काम करने वाले नाविक (Seafarers) वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, लेकिन मुश्किल समय में उन्हें मदद की जरूरत होती है। मेरा प्रस्ताव है कि हम एक ‘सीफेयरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बना सकते हैं। इसके जरिए मुश्किल हालात में नाविकों को अलर्ट भेजने, मेडिकल मदद देने, उनके परिवारों को जानकारी देने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने जैसे कामों में सहायता दी जा सकती है।”

ग्लोबल साउथ बने Rule-Shaper: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, “तीसरी बात जो मैं रखना चाहता हूं, वह नियम बनाने से जुड़ी है। भविष्य के वैश्विक नियम तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। AI, साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी और अहम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय कर रहे हैं। हमें ‘ग्लोबल साउथ’ को ‘नियम मानने वाले’ (rule-taker) से ‘नियम बनाने वाले’ (rule-shaper) बनाने के प्रयास करने होंगे। BRICS के जरिए, हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत के कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।”

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4 देशों से 21 देशों तक… BRICS के 20 साल पर PM Modi ने बिजनेस फोरम में बताई समूह की ताकत

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से 18वें BRICS समिट की शुरुआत हो गई है। ऐसे में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में विदेशों से आएं प्रतिनिधियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं। जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ चार देश थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों का है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है।

BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन का अहम केंद्र बन रहे

उन्होंने कहा, BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं। हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं। ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।

BRICS की थीम पर PM मोदी का जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ है। पिछले 12 वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा, मजबूती (resilience) के मामले में, भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक के क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। इसी मजबूती का नतीजा है कि आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर जोर

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, हम तेजी से अपनी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही, हम जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं।”

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