Xiaomi 18 Pro का भारत में लॉन्च कन्फर्म, 200MP कैमरे और Snapdragon चिपसेट से होगा लैस

Xiaomi ने पुष्टि की है कि वह आने वाले महीनों में भारत में अपना नया स्मार्टफोन Xiaomi 18 Pro लॉन्च करेगी। कंपनी ने India Mobile Congress (IMC) 2026 में इस फोन को पेश किया और बताया कि भारतीय वेरिएंट में Qualcomm की लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 6 सीरीज का प्रोसेसर मिलेगा। कंपनी के मुताबिक, इस फोन की खासियत इसका डुअल डिस्प्ले डिजाइन और एडवांस कैमरा सिस्टम है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक भारत में लॉन्च होने वाले मॉडल के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन की जानकारी नहीं दी है।

Xiaomi 18 Pro में दो डिस्प्ले हैं

Xiaomi 18 Pro में सामने की तरफ 6.4-इंच का डिस्प्ले और पीछे की तरफ एक छोटा 2.7-इंच का स्क्रीन है। कैमरा मॉड्यूल के बगल में मौजूद यह सेकेंडरी डिस्प्ले नोटिफिकेशन्स, विजेट्स और दूसरी जानकारी दिखा सकता है, जिसके लिए यूजर्स को मेन स्क्रीन ऑन करने की जरूरत नहीं पड़ती।

फोन के चीनी वेरिएंट में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 1.5K LTPO AMOLED मेन डिस्प्ले है। इसकी सेकेंडरी स्क्रीन भी 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। हालांकि, Xiaomi ने अभी यह कन्फर्म नहीं किया है कि इंडियन मॉडल में भी यही स्पेसिफिकेशन्स होंगे या नहीं।

प्रोसेसर और कैमरा की जानकारी

Xiaomi ने कन्फर्म किया है कि भारतीय मॉडल में Snapdragon 8 Elite Gen 6 सीरीज का प्रोसेसर होगा। उम्मीद है कि यह चिपसेट भारी-भरकम ऐप्स, गेमिंग, मल्टीटास्किंग और AI-पावर्ड फीचर्स को सपोर्ट करेगा।

चीनी मॉडल में तीन रियर कैमरे हैं, जिनमें 200MP का प्राइमरी सेंसर, 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा और 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 50MP का फ्रंट कैमरा भी है।

आपको बता दें कि फोन के ये स्पेसिफिकेशन बताते हैं कि भारतीय मॉडल में क्या-क्या हो सकता है, हालांकि Xiaomi ने अभी यह कन्फर्म नहीं किया है कि पूरा कैमरा सेटअप वैसा ही रहेगा या नहीं।

Xiaomi 18 Pro की कीमत और उपलब्धता

Xiaomi ने अभी तक Xiaomi 18 Pro की भारत में कीमत या लॉन्च की तारीख का ऐलान नहीं किया है। Digit की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस स्मार्टफोन की कीमत 95,000 रुपये से 1,00,000 रुपये के बीच हो सकती है।

वहीं, चीन में इस फोन की शुरुआती कीमत CNY 5,999 है, जो लगभग 86,000 रुपये के बराबर है। भारत में इसकी कीमत टैक्स, इम्पोर्ट कॉस्ट और देश में लॉन्च होने वाले वेरिएंट के आधार पर अलग हो सकती है।

हालांकि, Xiaomi ने आने वाले महीनों में भारत में इस फोन के लॉन्च की पुष्टि कर दी है, लेकिन लॉन्च की सही तारीख और उपलब्धता की जानकारी का अभी भी इंतजार है।

Xiaomi 18 Pro का डुअल-डिस्प्ले डिजाइन, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और फ्लैगशिप प्रोसेसर इसे भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में एक मजबूत दावेदार बना सकते हैं। इसके फाइनल स्पेसिफिकेशन और कीमत से ही पता चलेगा कि यह दूसरे फ्लैगशिप डिवाइस के साथ कैसा मुकाबला करता है।

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पीएम मोदी ने कहा डीबीटी ने लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए, मोबाइल फोन बना गवर्नेंस का हिस्सा

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत का मोबाइल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उम्मीद से ज्यादा विकसित हुआ है। यह अब शासन और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी का एक प्रमुख साधन बन गया है। सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम के माध्यम से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं। नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सैकड़ों सरकारी सेवाएं अब मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध हैं और डीबीटी के परिणामस्वरूप 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा किए गए हैं।

पिछले दशक में टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की भूमिका में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन सुशासन का एक उपकरण बन गया है। डीबीटी ने न केवल सरकारी पैसे के ट्रांसफर की सुविधा प्रदान की है बल्कि इस पैसे को गलत हाथों तक पहुंचने से रोकने में भी मदद की है।

जिन लोगों को पहले की व्यवस्था से फायदा हुआ था उनका जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों ने कमाई खो दी है,उन्हें मोदी पसंद नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बदलावों के विरोध के बावजूद,वह उन्हें लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बचाए गए धन का इस्तेमाल अब सही उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा मोबाइल फोन अब चैट का माध्यम नहीं रह गया है,लेकिन इससे यात्रा कम हो गई है, प्रतीक्षा का समय कम हो गया है और सुविधा अधिक हो गई है। यह देश के नागरिकों से टेक्नोलॉजी से मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10-12 सालों में मोबाइल फोन अपनी सिर्फ बातचीत की पारंपरिक भूमिका से काफी आगे बढ़ गए हैं और गरर्नेंस के लिए एक माध्यम बन गए हैं। उन्होंने कहा,एक दशक पहले डिजिटल विभाजन एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। नई तकनीक तेजी से कुछ खास लोगों का विशेषाधिकार बनती जा रही थी। सरकार ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से मोबाइल फोन को अपनी डिजिटल रणनीति का केंद्र बनाकर इसका जवाब दिया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि डीपफेक एक “बड़ी चुनौती” है और धोखाधड़ी और सुरक्षा जोखिमों से निपटने के लिए एक वैश्विक ढांचे की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए एक समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया क्योंकि डिजिटल खतरे तेजी से राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों से साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास ऐसे खतरों से निपटने का अनुभव है और वह अपनी सीख अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।