Adroit Industries IPO: 23 सितंबर को खुलेगा ₹151 करोड़ का एक और इश्यू, ग्रे मार्केट में अभी से 26% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज अपना ₹150.71 करोड़ का पब्लिक इश्यू ला रही है। इसमें ₹132.62 करोड़ के 98.97 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹18.09 करोड़ के 13.50 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर मुकेश सांगला (HUF) की ओर से शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे। IPO की ओपनिंग 23 सितंबर को होगी। प्राइस बैंड ₹126-₹134 प्रति शेयर और लॉट साइज 111 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 22 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। 25 सितंबर को इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 28 सितंबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 सितंबर को हो सकती है।

इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। पब्लिक इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है Adroit Industries

एड्रोइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ड्राइवलाइन सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स बनाती और सप्लाई करती है। कंपनी 5,000 से ज्यादा SKUs का पोर्टफोलियो ऑफर करती है, जिसमें प्रिसिशन-मशीन्ड टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, कंप्लीट प्रोपेलर शाफ्ट असेंबलीज और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसकी वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में फोर्जिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट, असेंबली, बैलेंसिंग और टेस्टिंग शामिल हैं, जिससे प्रोडक्शन प्रोसेस पर पूरा कंट्रोल बना रहता है।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स, टियर-1 ड्राइवलाइन कंपोनेंट सप्लायर्स और सीधे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को कस्टमर्स की खास टेक्निकल जरूरतों के आधार पर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों के साथ-साथ SUVs, डिफेंस और इमरजेंसी सर्विसेज, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाइवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की एक्सपोर्ट में अच्छी मौजूदगी है और यह नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक में कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

एड्रोइट इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत बढ़कर 143 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 26.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर 52.40 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू 136.61 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 18.14 करोड़ रहा। IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल देवास फैसिलिटी के लिए मशीनरी व इक्विपमेंट खरीदने के लिए, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच सामान की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल खरीदने के लिए, सब्सिडियरीज में डेट या इक्विटी के तौर पर निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

ग्रे मार्केट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज का शेयर अभी से 26.12 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE और हीरो मोटर्स IPO के GMP में बड़ी गिरावट, निवेशकों को किस बात का है डर?

IPO बाजार में इस समय NSE और Hero Motors के इश्यू चर्चा में हैं। दोनों IPO को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह दिखा। लेकिन फिर इनके GMP यानी Grey Market Premium में तेज गिरावट देखने को मिली। बेशक GMP अंतिम लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। मगर इससे निवेशकों के उत्साह और आईपीओ की डिमांड का मोटा अंदाजा मिलता है।

NSE IPO का GMP क्यों गिरा?

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, NSE IPO का GMP शुरुआत में ₹310 था, जो 17 सितंबर की घटकर करीब ₹145 रह गया। यानी इसमें लगभग 53% की गिरावट आई। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹145 का GMP करीब 8% के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है।

GMP में गिरावट की कई वजहें हैं। पहली बात की NSE का IPO करीब ₹22,562 करोड़ का है और यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। यानी इस इश्यू से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। इतना बड़ा इश्यू होने का मतलब है कि ज्यादातर लोगों को अलॉटमेंट मिलने की संभावना रहती है। इसलिए ग्रे मार्केट में अब ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा।

दूसरी बड़ी चिंता NSE की कमाई को लेकर है। कंपनी की आमदनी में ट्रांजैक्शन चार्ज की बड़ी हिस्सेदारी है और खासकर डेरिवेटिव्स कारोबार में रेगुलेटरी बदलावों का असर पड़ा है। FY26 में NSE का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों घटा था। इससे ग्रे मार्केट में वैल्यूएशन को लेकर सतर्कता बढ़ी है।

इसके अलावा, बाजार का मौजूदा माहौल भी पूरी तरह मजबूत नहीं है। अमेरिकी फेड की दरों से जुड़ा रुख, कच्चे तेल की कीमत और हाल की बाजार गिरावट ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी इन फैक्टर्स को भारतीय बाजार के मौजूदा सतर्क माहौल की वजहों में शामिल किया है। ऐसे में NSE की कमाई पर आगे भी असर पड़ सकता है।

Hero Motors IPO का GMP भी फिसला

हीरो ग्रुप की कंपनी Hero Motors IPO का GMP भी शुरुआती उछाल के बाद कमजोर हुआ है। 13 सितंबर को इसका GMP करीब ₹24 था, जो 17 सितंबर को घटकर करीब ₹8 रह गया। यानी चार दिनों में प्रीमियम लगभग 66.7% नीचे आया है। ₹84 के अपर प्राइस बैंड पर ₹13 का GMP करीब 9.5% संभावित प्रीमियम का संकेत देता है।

Hero Motors के मामले में एक अहम बात QIB यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की कमजोर शुरुआती मांग है। 17 सितंबर की सुबह तक IPO कुल 2.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था, लेकिन QIB हिस्सा सिर्फ 0.01 गुना भरा था। इसके मुकाबले रिटेल हिस्सा 3.49 गुना और NII हिस्सा 2.10 गुना सब्सक्राइब हुआ।

यानी IPO को रिटेल और NII निवेशकों से अच्छी मांग मिल रही थी, लेकिन संस्थागत निवेशकों की शुरुआती भागीदारी कम रही। ग्रे मार्केट में इस तरह की डिमांड को लेकर धारणा GMP पर असर डाल सकती है। बाद में सब्सक्रिप्शन बढ़ने पर तस्वीर बदल भी सकती है।

GMP गिरने का मतलब IPO कमजोर होना नहीं

GMP को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि यह अनऑफिशियल मार्केट का संकेतक है। इसमें ट्रेडिंग सीमित होती है और सेंटीमेंट तेजी से बदल सकता है। इसलिए GMP में ₹20-30 की गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में उसी अनुपात में बदलाव आया है।

NSE के मामले में GMP में गिरावट के साथ बड़ा इश्यू साइज, डेरिवेटिव्स से जुड़ी रेगुलेटरी चिंताएं और वैल्यूएशन जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। वहीं Hero Motors में शुरुआती QIB डिमांड और ग्रे मार्केट सेंटीमेंट महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। हालांकि, अंतिम लिस्टिंग प्राइस का पता शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद ही चलेगा।

NSE IPO : लिस्टिंग के बाद NSE के निफ्टी में शामिल होने पर SEBI से अभी कोई चर्चा नहीं-एनएसई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE से ज्यादा GMP तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा, जानिए इस इश्यू की सबसे जरूरी बातें

एनएसई का आईपीओ 16 सितंबर को एंकर इनवेस्टर्स के लिए खुल गया। यह इश्यू 17 सितंबर को बाकी निवेशकों के लिए खुल जाएगा। लेकिन, जैसे-जैसे एनएसई के आईपीओ के खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसके शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) घट रहा है। इसके शेयर से ज्यादा जीएमपी तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा है।

खुलने के कुछ ही घंटों में 20% सब्सक्राइब हुआ इश्यू

Hero Motors का आईपीओ 16 सितंबर को खुल गया है। इसे इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। NSE के डेटा के मुताबिक, 10:25 बजे तक यह इश्यू 20 फीसदी तक सब्सक्राइब हो गया था। यह आईपीओ 1,000 करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ में 18 सितंबर तक इनवेस्ट किया जा सकता है।

आईपीओ में कंपनी 600 करोड़ के नए शेयर इश्यू करेगी

हीरो मोटर्स ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 79-84 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इनवेस्टर्स को 600 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 400 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी की प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ओएफएस में शेयर बेच रही हैं।

हीरो मोटर्स के शेयर पर जीएमपी एनएसई से काफी ज्यादा

हीरो मोटर्स के शेयरों पर 16 सितंबर को करीब 23 फीसदी जीएमपी चल रहा था। यह जानकारी इनवेस्टरगेन के डेटा पर आधारित है। एनएसई के शेयर का जीएमपी घटकर 9 फीसदी से कम रह गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP से सिर्फ शेयर की लिस्टिंग या लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। यह एक्चुअल लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इनवेस्टर्स को सिर्फ जीएमपी देखकर किसी आईपीओ में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए 

हीरो मोटर्स आईपीओ से मिले पैसे में से 190 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी करीब 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर करेगी। कंपनी का प्लांट यूपी के गौतम बुद्ध नगर में है। कंपनी इस प्लांट के लिए इक्विपमेंट खरीदना चाहती है, जिसका इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए होगा।

BMW AG, Ducati Motor जैसी कंपनियां हीरो मोटर्स की ग्राहक

हीरो मोटर्स ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) के लिए इंजीनियर्सड पावरट्रेन सॉल्यूशंस की डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग करती है। इसका ऑपरेशंस कई देशों में है, जिनमें अमेरिका, यूरोप और आसियान के देश शामिल है। इसके ग्राहकों में दुनिया की कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इनमें BMW AG, Ducati Motor Holding, Enviolo International, Formula Motorsport और HWA AG शामिल हैं।

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16 सितंबर को लंबे समय बाद बाजार में आई रिकवरी

हीरो मोटर्स के आईपीओ के खुलने के दिन बाजार में रिकवरी है। शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी दोपहर में 0.58 फीसदी यानी 134 अंक चढ़कर 23,253 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.52 फीसदी यानी 388 अंक के उछाल के साथ 74,391 पर चल रहा था।

NSE IPO: ओरिएंटल इंश्योरेंस बेचेगी 49.57 लाख शेयर, हिस्सेदारी बिक्री से FY27 में मुनाफे में लौटने की उम्मीद

सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी चालू वित्त वर्ष 2026-27 में मुनाफे में लौटने की राह पर है। कंपनी को यह बढ़त नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने से मिलेगी। NSE का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। इस इश्यू का लंबे वक्त से इंतजार हो रहा है। इश्यू का साइज 22,561.57 करोड़ रुपये और प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर है। क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी और शेयरों की लिस्टिंग BSE पर 24 सितंबर को होने की उम्मीद है।

NSE IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरहोल्डर 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखने वाले हैं। शेयर बिक्री करने वालों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, SBI कैपिटल मार्केट्स, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, क्राउन कैपिटल, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी, इंडियन बैंक, ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी आदि शामिल हैं।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) संजय जोशी का कहना है, ‘‘हम इस साल कुछ मुनाफा कमाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं… NSE के IPO से मिलने वाली रकम को मुनाफे के रूप में दर्ज किया जाएगा। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, इससे कंपनी को नकदी भी मिलेगी।’’

NSE IPO में कितने शेयर बेचेगी Oriental Insurance

कंपनी NSE के IPO में अपनी हिस्सेदारी का केवल एक छोटा हिस्सा ही बेच रही है। इसके तहत करीब 49.57 लाख शेयर बिक्री के लिए रखे जाने वाले हैं। NSE में 30 जून, 2026 तक ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास 3.52 करोड़ शेयर थे। शेयरों की यह संख्या NSE की 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। IPO के प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर बिक्री के जरिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को लगभग 843-885 करोड़ रुपये मिलेंगे।

ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के शुरुआती निवेशकों में से एक है। जोशी का कहना है कि NSE के लिस्ट होने के बाद, उसमें बची हुई होल्डिंग वैल्यू का इस्तेमाल कंपनी की सॉल्वेंसी (देनदारी भुगतान क्षमता) को कैलकुलेट करने के लिए किया जा सकेगा। इससे कंपनी के सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार होने की उम्मीद है।

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NSE IPO 10 सालों से पेंडिंग

NSE ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए हैं। ये उन्हें फाइनल इश्यू प्राइस पर 170 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ ऑफर किए जाएंगे। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था और सितंबर में SEBI की मंजूरी मिल गई। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RentoMojo IPO: 72 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने का पूरा प्रोसेस

RentoMojo IPO : रेंटल टेक्नोलॉजी कंपनी RentoMojo IPO 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक खुला था। इश्यू को कुल 72.84 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 रखा था। IPO का कुल साइज करीब ₹1,255.57 करोड़ है।

इसमें ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹1,105.57 करोड़ का OFS शामिल है। RentoMojo लोगों को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाड़ी और दूसरे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट खरीदने के बजाय मासिक किराये पर लेने की सुविधा देती है।

RentoMojo IPO का अलॉटमेंट

इस आईपीओ का अलॉटमेंट सोमवार, 14 सितंबर को हो सकता था। लेकिन सोमवार को गणेश चतुर्थी के चलते शेयर बाजार बंद है।

इसलिए अब अलॉटमेंट 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर 16 सितंबर को क्रेडिट हो सकते हैं। कंपनी के शेयर की 17 सितंबर को NSE और BSE पर लिस्टिंग संभावित है।

RentoMojo IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में भी RentoMojo IPO को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹151 है। यह अपर प्राइस बैंड से 37.38% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल मार्केट का संकेत है। इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

KFin Technologies पर ऐसे चेक करें

  • KFin Technologies की IPO allotment वेबसाइट खोलें।
  • IPO की लिस्ट में RentoMojo चुनें।
  • PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP ID/Client ID में से कोई एक विकल्प चुनें।
  • अपनी डिटेल दर्ज करें और सबमिट करें।
  • स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिख जाएगा।

NSE पर ऐसे चेक करें

  • NSE की IPO एप्लिकेशन स्टेटस वेबसाइट पर जाएं।
  • RentoMojo IPO चुनें।
  • जरूरी एप्लिकेशन डिटेल्स दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर शेयर अलॉटमेंट की जानकारी मिल जाएगी।

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Hero Motors IPO: हीरो ग्रुप की Hero Motors Ltd अपना ₹1,000 करोड़ का IPO ला रही है। इश्यू 16 से 18 सितंबर तक खुलेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹79-84 तय किया है। इस भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹3,815 करोड़ बैठता है।

IPO में ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। वहीं ₹400 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS में ₹395 करोड़ प्रमोटर O P Munjal Holdings और ₹5 करोड़ Hero Cycles को जाएंगे।

Hero Motors IPO का GMP

ग्रे मार्केट में भी हीरो मोटर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टगेन के मुताबिक, इसका लेटेस्ट GMP ₹24 है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 28.57% लिस्टिंग गेन का संकेत है। हालांकि, इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए क्योंकि ये लगातार बदलता रहता है।

Hero Motors की कारोबारी सेहतर

हीरो मोटर्स फ्रेश इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज घटाने और क्षमता बढ़ाने में करेगी। करीब ₹190 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। वहीं ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर प्लांट में नए उपकरण खरीदने पर खर्च होंगे।

FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 9.1% बढ़कर ₹1,188.35 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट 25.5% बढ़कर ₹41.17 करोड़ पहुंच गया। अब कंपनी के सामने बड़ी चुनौती अपनी बढ़ी हुई क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना और इन निवेशों से बेहतर रिटर्न हासिल करना है।

हीरो मोटर्स क्या करती है?

हीरो मोटर्स, पंकज एम. मुंजाल से जुड़ी ऑटो कंपोनेंट और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह सीधे ग्राहकों को बाइक या स्कूटर नहीं बेचती। कंपनी पावरट्रेन सिस्टम, गियर और ई-बाइक ड्राइवट्रेन बनाती है। इसके ग्राहक BMW, Ducati जैसी कंपनियां और दुनिया की कई ई-बाइक कंपनियां हैं।

इसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, यूरोप और ASEAN देशों में भी है। कंपनी का फोकस इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर भी तेजी से बढ़ रहा है।

दूसरे ‘हीरो’ कंपनियों से कैसे अलग है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Hero Motors और Hero MotoCorp अलग कंपनियां हैं। Hero MotoCorp बाइक और स्कूटर बनाकर सीधे ग्राहकों को बेचती है। इसके Splendor और Xtreme जैसे ब्रांड हैं। दूसरी ओर, Hero Motors मुख्य रूप से B2B कंपनी है। यानी यह दूसरी ऑटो कंपनियों के लिए कंपोनेंट और टेक्नोलॉजी तैयार करती है।

NSE IPO में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

Hero Cycles साइकिल कारोबार में है। वहीं, Hero Electric इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। चारों कंपनियां मुंजाल परिवार की अलग-अलग कारोबारी शाखाओं से जुड़ी हैं। इसलिए Hero नाम एक जैसा होने के बावजूद इनके कारोबार और निवेश की कहानी अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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Kanohar Electricals IPO: 16 साल बाद शेयर मार्केट में वापसी, 90 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार रह सकती है लिस्टिंग; चेक करें GMP

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,055.74 करोड़ का IPO 90.59 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 215.37 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 87.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 20.51 गुना भरा। इश्यू 8 सितंबर को खुला था और 10 सितंबर को बंद हुआ। अब कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने वाले हैं।

ग्रे मार्केट की मानें तो लिस्टिंग अच्छे गेन के साथ होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 38.61 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत सच ही हो जाएं।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के पब्लिक इश्यू में ₹300 करोड़ के 47.47 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹755.74 करोड़ के 1.20 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। प्राइस बैंड ₹601-₹632 प्रति शेयर था। इश्यू की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹316.72 करोड़ जुटाए। कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाली कमाई का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

क्या करती है Kanohar Electricals

Kanohar Electricals पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे उद्योगों की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी दो बिजनेस सेगमेंट के जरिए काम करती है: (i) ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग और (ii) इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC)। यह भारत की उन 4 मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जिन्हें 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने के लिए रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से सर्टिफिकेशन मिला है। RDSO भारतीय रेलवे की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा है। उत्तर प्रदेश की कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के प्रमोटर दिनेश सिंघल, आदेश सिंघल, विवेक सिंघल, अभिषेक सिंघल, विराट सिंघल और आदित्य सिंघल हैं।

16 साल बाद शेयर मार्केट में वापसी फिर कर रही है एंट्री

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स  16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी कर रही है। यह पहले 1995 में लिस्ट हुई थी लेकिन फिर 2010 में अपनी मर्जी से डीलिस्ट हो गई। कंपनी की ओर से जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कहा गया, “हमारी कंपनी के इक्विटी शेयर पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब DSE एस्टेट्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब U.P. स्टॉक एंड कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) पर क्रमशः 13 नवंबर 1995, 1 नवंबर 1995 और 31 अक्टूबर 1995 को लिस्ट हुए थे। लेकिन, बाद में कम लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण, कंपनी के इक्विटी शेयरों को BSE, दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज से क्रमशः 12 जुलाई 2010, 30 अगस्त 2010 और 20 अक्टूबर 2010 से स्वेच्छा से डीलिस्ट करा लिया गया था।”

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Kanohar Electricals की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 662.86 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 99 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 129.73 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 39 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 457.30 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 65.12 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

एनएसई के शेयर इस महीने 24 तारीख को बीएसई पर लिस्ट हो जाएंगे। लिस्ट होते ही शेयर रॉकेट बन सकते हैं। इस शेयर में 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच निवेश किया जा सकता है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्रत्येक 1 रुपये फैस वैल्यू वाले शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,85 रुपये है।

संस्थागत निवेशकों की डिमांड से मिलेगा सपोर्ट

कनवर्जेंट फाइनेंस के मैनेजिंग पार्टनर हर्ष राघवन का कहना है कि लिस्टिंग के चार से छह हफ्तों में एनएसई का शेयर 20-25 फीसदी चढ़ सकता है। उनका कहना है कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड से इस शेयर को सपोर्ट मिलेगा। एनएसई आईपीओ पर सीएनबीसी-टीवी18 के मार्केट फोरम में उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि लिस्टिंग के 4-6 हफ्ते में यह शेयर 20-25 फीसदी चढ़ जाएगा।”

म्यूचुअल फंड्स के पास एनएसई के शेयर नहींं

उन्होंने कहा कि एनएसई में पहले से कई शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी है। लेकिन, बड़े म्यूचुअल फंड्स हाउसेज और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास एनएसई के ज्यादा शेयर नहीं हैं। इसलिए शेयर के लिस्ट होते ही संस्थागत निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी इस शेयर में दिखेगी। रिटेल इनवेस्टर्स को काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

कम से कम 8 शेयरों के लिए करना होगा अप्लाई

इस आईपीओ में निवेश करने के लिए प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कम से कम 14,280 रुपये की बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.41 लाख करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई आईपीओ में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसके पास कोई पैसा नहीं आएगा।

ये पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे एनएसई के शेयर

इस आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचने जा रहे हैं। इनमें एसबीआई ग्रुप, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स, एमएस स्ट्रेटेजिक, न्यू इंडिया एश्योरेंस और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न पर कई गुना रिटर्न मिलने जा रहा है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को बीएसई में लिस्ट होंगे।

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राघवन का एनएसई में पहले से निवेश

राघवन एनएसई के पुराने निवेशकों में शामिल हैं। 2006 में उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया था। फिर 2016 में उन्होंने फेयरफैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया। उन्होंने कहा कि उनके निवेश की वजह एक्सचेंज के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इंडियन इकोनॉमी में जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, वैसे-वैसे एनएसी की स्थिति मजबूत होगी।