अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

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इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

2 और कंपनियों को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। ये कंपनियां हैं- नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी लिमिटेड और इंटेलियस रिकोड लिमिटेड। दोनों IPO को BSE और NSE पर लिस्ट कराने की तैयारी है। नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी सूरत, गुजरात की कंपनी है। इसने मार्च में IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और उसे 23 जुलाई को सेबी की मंजूरी मिली। इसके ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 1.44 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा।

कंपनी अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Bigshare Services Private Limited है।

Intellius Recode IPO

वहीं, इंटेलियस रिकोड ने मार्च में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। उसे 24 जुलाई को सेबी से मंजूरी मिली। ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 117 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 12.9 लाख शेयरों का OFS रहेगा। इस IPO के लिए Inga Ventures Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी के डिजिटल वर्कर्स के डेवलपमेंट, इससे जुड़ी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग फीस के पेमेंट और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।इंटेलियस रिकोड एक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह कॉरपोरेट ग्राहकों के डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन में मदद करती है। कंपनी टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। इनमें प्रोपराइटरी एजेंटिक AI बेस्ड डिजिटल वर्कर भी शामिल हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PhonePe का FY26 में घाटा 62% बढ़ा, रेवेन्यू में रही 11% की ग्रोथ

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म फोनपे (PhonePe) का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ा ₹7,920 करोड़ दर्ज किया गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹7,115 करोड़ था। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में कंपनी की ओर से जमा की गई फाइलिंग के अनुसार, कंसोलिडेटेड नेट लॉस 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,792 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹1,727 करोड़ था। PhonePe इस वक्त देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी है। UPI पेमेंट में इसका मार्केट शेयर 45 प्रतिशत से ज्यादा है।

नॉर्मलाइज्ड ऑपरेशनल बेसिस पर, वित्त वर्ष 2026 में PhonePe का नेट लॉस ₹1,377 करोड़ रहा। रेवेन्यू में कंपनी की धीमी ग्रोथ के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि पिछले वित्त वर्ष के बीच में क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट रोकना, सरकार की ओर से रियल मनी गेम्स (RMG) पर बैन लगाया जाना, पिछले साल UPI के लिए सरकारी सब्सिडी न मिलना।

फिलहाल के लिए टल चुका है PhonePe IPO

मार्च 2026 में खबर आई कि PhonePe ने मिडिल ईस्ट में युद्ध और मार्केट के अस्थिर माहौल का हवाला देते हुए अपना IPO टाल दिया। उम्मीद है कि कंपनी इस साल के आखिर में लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी। कंपनी ने जनवरी 2026 में IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया था। UDRHP के अनुसार, IPO में केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। इसमें प्रमोटर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 5.06 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए ऑफर से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बिक्री करने वालों को मिलेगी।

वॉलमार्ट के पास कितनी हिस्सेदारी

WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स का मालिकाना हक वॉलमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स इंक के पास है। इसकी PhonePe में 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्तमान में जनरल अटलांटिक सिंगापुर PPIL, फोनपे में 8.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर है। इसके बाद 5.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हेडस्टैंड है। फोनपे में टाइगर ग्लोबल PIP 9-1 और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस भी निवेशक हैं। कहा जा रहा है कि OFS के जरिए टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट, फोनपे से एग्जिट करेंगी। इसके अलावा फोनपे में रिबिट कैपिटल, टीवीएस कैपिटल, टेनसेंट और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसों का भी पैसा लगा हुआ है।

फोनपे ने सितंबर 2025 में IPO के लिए SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट जमा किया था। कहा गया था कि मेगा IPO लगभग 12,000 करोड़ रुपये का रहेगा। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe के कॉन्फिडेंशियल DRHP को मंजूरी दी थी।

Caliber Mining & Logistics Listing: कैलिबर माइनिंग की अच्छी शुरुआत, शेयर 19% तक बढ़त में लिस्ट

Caliber Mining & Logistics की शुक्रवार, 24 जुलाई को लिस्टिंग अच्छी रही। BSE पर शेयर करीब 19 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 504 रुपये पर और NSE पर करीब 18 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 500.25 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल IPO प्राइस 424 रुपये था। कंपनी का 450 करोड़ रुपये का IPO 154.66 गुना भरा था। इसमें 400 करोड़ रुपये के 94 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 50 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) था।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर है। यह कोयला निकालने और कोयले की लॉजिस्टिक्स में विशेषता रखती है। महाराष्ट्र में स्थित यह कंपनी माइनिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाएं देती है, जिनमें कोयला निकालना, ओवरबर्डन हटाना, कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग, सड़क से ट्रांसपोर्टेशन और रेल ट्रांसपोर्टेशन का तालमेल बिठाना शामिल है। यह माइनिंग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करते हुए, कोयला माइनिंग और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस के लिए एंड-टू-एंड समाधान देती है।

कंपनी के प्रमोटर मोहित सतीशकुमार चड्ढा, मनीष कृष्णलाल चड्ढा, राहुल रोशनलाल चड्ढा, अनुज कृष्णलाल चड्ढा और प्रिया अनुज चड्ढा हैं। कंपनी के पब्लिक इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 253.88 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 281.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कैलिबर माइनिंग अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए, मशीनरी की खरीद के लिए, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर आए खर्च की भरपाई के लिए करेगी। कैलिबर माइनिंग ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 135 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Caliber Mining की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 17 प्रतिशत बढ़कर 1,684.66 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इनकम 1,435.57 करोड़ रुपये थी। शुद्ध मुनाफा 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 157.90 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 131.55 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कल से खुलेगा लोहिया कॉर्प का ₹1101 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय

Lohia Corp IPO GMP and Details: प्राइमरी मार्केट में निवेशकों को पैसा बनाने का एक और जबरदस्त मौका मिलने जा रहा है। टेक्निकल टेक्सटाइल और वोवन प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प लिमिटेड का करीब ₹1,101 करोड़ का आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल रहा है।

बाजार में एंट्री से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने भी इस इश्यू को लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस आईपीओ का प्राइस बैंड, जीएमपी, जरूरी तारीखें, कंपनी की वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज की राय।

Lohia Corp IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹404 से ₹425 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,875
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इश्यू का साइज ₹1,101.28 करोड़ है जिसमें प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे है। चूंकि यह पूरी तरह से OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को जाएगी, कंपनी के खाते में कोई फंड नहीं आएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल और Raffia इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली ग्लोबल दिग्गज है। यह सीमेंट, उर्वरक, केमिकल्स, फूड ग्रेंस और बैग्स की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक और बोरे बनाने की मशीनें बनाती है।

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय वोवन राफिया मशीनरी बाजार में कंपनी की 40.7% की हिस्सेदारी थी, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 15.4% है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹117.84 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.70% बढ़कर ₹1,717 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को लोहिया कॉर्प का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसका अपर प्राइस बैंड ₹425 है इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹465 प्रति शेयर (₹425 + ₹40) रह सकता है। इस GMP पर निवेशकों को करीब 10% का लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।

Indo-MIM IPO: पैसे कर लें तैयार! कल से खुलेगा ₹3,811 करोड़ का मेगा मेनबोर्ड आईपीओ, ग्रे मार्केट में 40% ऊपर चल रहा भाव

ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस आईपीओ को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालांकि कंपनी का राजस्व मुख्य रूप से एक ही सेगमेंट पर निर्भर है, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पकड़ और ग्रोथ क्षमता को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Indo-MIM IPO: पैसे कर लें तैयार! कल से खुलेगा ₹3,811 करोड़ का मेगा मेनबोर्ड आईपीओ, ग्रे मार्केट में 40% ऊपर चल रहा भाव

Indo MIM IPO Details & GMP: अगर आप आईपीओ मार्केट में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो बेंगलुरु बेस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर इंडो-एमआईएम का बड़ा आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से खुल रहा है। ₹3,811.21 करोड़ का यह मेनबोर्ड आईपीओ बाजार में दस्तक देने से पहले ही ग्रे मार्केट में धमाल मचा रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में करीब 40% के तगड़े प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं, जो लिस्टिंग के दिन शानदार रिटर्न का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें, वित्तीय सेहत और अन्य प्रमुख बातें।

Indo-MIM IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

  • एंकर इनवेस्टर्स के लिए बिडिंग: 22 जुलाई
  • इश्यू ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 23 से 27 जुलाई
  • प्राइस बैंड: ₹461 से ₹485 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,550
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

इश्यू साइज और फंड का इस्तेमाल

यह आईपीओ कुल ₹3,811.21 करोड़ का है जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) है। ओएफएस के तहत ग्रीन मीडोज इन्वेस्टमेंट्स 6.05 करोड़ शेयर, अनुराधा कोडुरी 54.59 लाख शेयर और आईआईटी मद्रास 23.07 लाख शेयर बेच रहे हैं।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹500 करोड़ में से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,212.3 करोड़ का बकाया कर्ज था। बाकी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस

1996 में स्थापित इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर्स के लिए काम करती है। फाइनेंशियल ग्रोथ की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 26% बढ़कर ₹533.5 करोड़ हो गया। इसी अवधि में परिचालन राजस्व भी 26% बढ़कर ₹4,193 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

आईपीओ मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 22 जुलाई की सुबह इंडो-एमआईएम के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹194 से ₹195 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसकी संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹485 (अपर प्राइस बैंड) + ₹195 (GMP) = ₹680 प्रति शेयर हो सकती है। निवेशकों को इस आईपीओ की लिस्टिंग पर ही करीब 40.21% का मुनाफा हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds IPO GMP: कल बाजार में मचेगा तहलका? लिस्टिंग से ठीक पहले GMP में भारी उछाल! जानें कितना हो सकता है मुनाफा

SBI Funds Management IPO GMP Update: देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड मैनेजर, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की कल यानी मंगलवार, 21 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार में एंट्री होने जा रही है। बाजार में कदम रखने से ठीक पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है और यह करीब 18 फीसदी के मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के मामले में देश का पांचवां सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका है। जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया है, वे बेसब्री से कल सुबह की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ग्रे मार्केट का ताजा हाल क्या है और संभावित लिस्टिंग प्राइस क्या हो सकती है।

देश का 5वां सबसे बड़ा आईपीओ, लगी थी बोलियों की झड़ी

₹9,813 करोड़ के इस विशाल आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब का क्रेज देखा गया। 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुले इस आईपीओ को रिकॉर्ड तोड़ रिस्पांस मिला था। यह आईपीओ कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

आईपीओ से जुड़ी कुछ अन्य बड़ी बातें

₹545 से ₹574 के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) ने मिलकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे हैं। चूंकि यह ओएफएस था, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम प्रमोटर्स के पास जाएगी, कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा।

मार्केट लीडर है कंपनी

साल 1992 में स्थापित हुई यह कंपनी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड ‘एसबीआई म्यूचुअल फंड’ का इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट संभालती है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹16.32 लाख करोड़ था और भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी 15.5 फीसदी की है।

ग्रे मार्केट में दमदार प्रदर्शन, 18% मुनाफे के संकेत

आईपीओ पर नजर रखने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ‘इन्वेस्टरगेन’ और ‘आईपीओ वॉच’ के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹103 प्रति शेयर चल रहा है। इस जीएमपी के हिसाब से देखें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले यह शेयर बाजार में ₹677 पर लिस्ट हो सकता है।

यानी कल पहले ही दिन निवेशकों को प्रति शेयर करीब 18% का तगड़ा लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है। कल सुबह 10 बजे जैसे ही बाजार खुलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह शेयर ग्रे मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कोई नया रिकॉर्ड बनाता है या नहीं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: ₹404-₹425 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 23 जुलाई से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू

कानपुर की कंपनी लोहिया कॉर्प ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹404-₹425 प्रति इक्विटी शेयर रहेगा। निवेशक कम से कम 35 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, लोहिया कॉर्प का लक्ष्य अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,102.08 करोड़ जुटाने का है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें लोहिया परिवार की ओर से 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों को ​बिक्री के लिए रखा जाएगा। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। नतीजतन, IPO से हासिल होने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वालों को मिलेगी।

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टेप एक्सट्रूजन लाइंस, सर्कुलर लूम्स, कोटिंग और लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग और कनवर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइंस, रीसाइक्लिंग मशीन और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) से बुने हुए फैब्रिक और बोरे (राफिया) बनाने वाली मशीनरी के मामले में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। लोहिया कॉर्प के प्रमोटर राज कुमार लोहिया, गौरव लोहिया, अमित कुमार लोहिया हैं।

30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

IPO में एंकर इनवेस्टर 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 जुलाई को होगी। लिस्टिंग के बाद लोहिया कॉर्प का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,490.13 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगस्त 2025 में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर फिर से फाइल किए थे और दिसंबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिली थी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में OFS का साइज 4.22 करोड़ इक्विटी शेयरों का था। यह अब घटकर 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर रह गया है।

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IPO में रिजर्व हिस्सा

इस IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। लोहिया कॉर्प के लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में राजू इंजीनियर्स, लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) और ममता मशीनरी जैसे नाम शामिल हैं। इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लोहिया कॉर्प का शुद्ध मुनाफा 64.2% बढ़कर ₹193.5 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले ₹117.8 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू 24.7% बढ़कर ₹1,717 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹1,376.9 करोड़ था।

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एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

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