Rentomojo IPO: ₹1256 करोड़ का इश्यू 73 गुना भरकर बंद, 37% मुनाफे में हो सकती है लिस्टिंग! ग्रे मार्केट से संकेत

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 11 सितंबर को बंद हो गया। इसे कुल 72.89 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 177.29 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 67.93 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 15.62 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 21.03 गुना भरा। यह 9 सितंबर को खुला था और प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर था।

अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। लिस्टिंग अच्छे मुनाफे में होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में रेंटोमोजो का शेयर 36.63 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। IPO में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशकों ने शेयरों को बिक्री के लिए रखा। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹376.07 करोड़ जुटाए।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच रेंटोमोजो पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के सीईओ ने कहा- अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेड की इजाजत के लिए अप्लिकेशन नहीं दिया

एनएसई के आईपीओ के खुलने से पहले एक्सचेंज के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने 11 सितंबर को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एनएसई ने खुद के प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर की ट्रेडिंग की इजाजत मांगने के लिए सेबी के पास अप्लाई नहीं किया है। एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है।

1700-1785 रुपये का प्राइस बैंड

ब्लूमबर्ग ने पिछले महीने सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि एनएसई के शेयर औपचारिक रूप से बीएसई पर लिस्ट होंगे, लेकिन ‘परमिटेड टू ट्रेड’ कैटेगरी में शेयर की ट्रेडिंग एनएसई के अपने प्लेटफॉर्म पर हो सकती है। एनएसई ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।

24 सितंबर को लिस्ट होंगे शेयर 

एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह आईपीओ 16 सितंबर को खुल जाएगा। शेयर 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट होने की संभावना है। चौहान ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एनएसई भारत का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। यह दुनिया के सबसे एक्सचेंजों में से एक है। एनएसई का मकसद सेविंग्स कैपिटल में चैनलाइज करना है।” उन्होंने कहा कि एनएसई ने उस मकसद को पूरा किया है, जिसके लिए फाउंडर्स ने इसे शुरू किया था।

सबसे बड़े एक्सचेंजों में शामिल 

उन्होंने कहा, “एनएसई सबसे बड़े वर्टिकली इंटिग्रेटेड एक्सचेंजों में से एक है, क्योंकि हमारी खुद की टेक्नोलॉजी है। कुछ एक्सचेंज कमोडिटीज या इक्विटीज पर फोकस करते हैं। हम कई एसेट क्लास कवर करते हैं, जिनमें कमोडिटीज, करेंसीज, इलेक्ट्रिसिटी और यहां तक कि चैरिटी भी शामिल है।”

कैश मार्केट में 95% हिस्सेदारी

एनएसई का प्रॉफिट FY26 में 10,300 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुकाबले 15 फीसदी कम है। एक्सचेंज का रेवेन्यू अप्रैल 2019 से अप्रैल 2026 के बीच दोगुना हो गया। इसमें इंडिया ऑप्शंस ट्रेडिंग में बढ़ती दिलचस्पी का हाथ है। कैश मार्केट में एनएसई की हिस्सेदारी करीब 95 फीसदी है, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स में इसकी हिस्सेदारी 75 फीसदी है। एनएसई ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है।

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इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल

एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एक्सेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे। इसलिए आईपीओ से कोई पैसा एनएसई को नहीं मिलेगा। पहले इस आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रहने होने का अनुमान था। लेकिन, अब एनएसई ने इसका साइज घटा दिया है।

Market Insight : अनुज सिंघल से जाने कहां तक गिर सकता है निफ्टी, NSE के IPO में क्या करें

Market Insight : बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में बाजार झुलसता दिख रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में आज 23250 का अहम लेवल भी तोड़ दिया तो बैंक निफ्टी 1 फीसदी टूटकर 56000 के नीचे चला गया। मिड और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली आई है। क्रूड 108 डॉलर के पार चला गया है। उधर इंडिया VIX 6 फीसदी उछला है। US में दरे बढ़ने की आशंका से रेट सेंसटिव शेयरों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। रियल्टी,ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। रियल्टी इंडेक्स करीब 4 फीसदी नीचे है। गोदरेज और प्रेस्टीज 5 फीसदी तक गिरे हैं। हालांकि IT शेयर संभलने की कोशिश कर रहे हैं।

US में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी के करीब पहुंचने से मेटल और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर प्रेशर है। मेटल इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी टूटा है। HINDALCO, HIND ZINC, हिंद कॉपर, NALCO 5 फीसदी तक नीचे आए हैं। सोने में गिरावट से मुथूट और मणप्पुरम भी टूटे हैं।

क्या आज होगा टोटल ब्रेक डाउन ?

बाजार पर बात करते हुए CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनका लगातार इंडेक्स पर शॉर्ट रहने का नजरिया रहा है। बाजार इस समय एक बड़े मैक्रो दिक्कत में है। इसीलिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट आ रही है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार खराब है। मिडकैप,स्मॉलकैप और IPOs में पैसा बन रहा है। आज सुबह-सुबह बॉन्ड बाजार और कच्चे तेल से डराने वाले संकेत मिले हैं। आज शाम को US रिटेल महंगाई डाटा भी आना है। ऐसे में बड़ा सवाल ये कि बाजार दरों में बढ़ोतरी को कितना पचा चुका है और अगर वाकई US में दरों में बढ़ोतरी हुई तो क्या हम और गिरेंगे या ये भाव में शामिल हो चुका है?

निफ्टी: कहां तक गिर सकते हैं हम?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग आधार पर हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 81% गिर चुके हैं। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 55% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल आएगा करीब 23,264 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,100-23,300 पत्थर की लकीर है। अगर 23,100-23,300 टूटा तो 22,300 भी रिस्क पर होगा।

बाजार: आज का दांव

आज बैंक और IT दोनों के गिरने के संकेत हैं। निफ्टी IT पर हमने एकदम सही समय पर Bullish नजरिया खत्म किया। इस महीने निफ्टी IT 7% से ज्यादा गिर चुका है और वापस निफ्टी IT में अब पैसा बेच कर बन रहा है। बैंक और NBFCs में आज कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड की दोहरी मार है। HDFC बैंक अब इस साल 30% गिर चुका है। अब तो HDFC बैंक के पक्के निवेशक भी उम्मीद छोड़ रहे हैं। दिक्कत यह है कि ICICI बैंक और SBI भी साथ नहीं दे रहे हैं। आज मेटल की रैली भी बुरी तरह से फेल हो सकती है। गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में फिर बड़ी गिरावट का रिस्क रहेगा। हिंद जिंक पर कल हमने इंट्राडे में मुनाफावसूली का नजरिया रखा था। आज बाकी मेटल शेयरों में भी तेज गिरावट आ सकती है। छुपने की जगह इस समय सिर्फ फार्मा और हेल्थकेयर में है। इसके अलावा आज NSE के IPO पर नजर रहेगी।

NSE IPO डिटेल्स

NSE IPO 17-21 सितंबर के बीच खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपए और इश्यू साइज 22,569 करोड़ (पूरी तरह OFS) तय किया गया है। कंपनी का मार्केट कैप 4.42 लाख करोड़ रुपए है। NSE के वैल्युएशन की बात करें तो 1,785 रुपए प्रति शेयर पर वैल्युएशन करीब 42.9x Trailing FY26 P/E होता है। SE का मौजूदा P/E करीब 54x FY26 EPS पर है। NSE के फाइनेंशियल पर नजर डालें तो FY26 में इसकी आय 16,601 करोड़ रुपए, EBITDA मार्जिन 76% और मुनाफा 10,302 करोड़ रुपए रहा।

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NSE में क्या करें?

NSE कैपिटल मार्केट सेक्टर का सबसे बड़ा शेयर है। ध्यान रहे इसमें लगभग 6 महीने तक फ्लोटिंग स्टॉक काफी सीमित रहेगा। प्री-IPO निवेशकों के लिए 6 महीने का Lock In है और 4.5% इश्यू में से करीब 1.5% एंकर निवेशकों का होगा। एंकर निवेशक भी 1 महीने तक नहीं बेच पाएंगे। NSE का असली टेस्ट लिस्टिंग के 6 महीने बाद होगा। NSE का सबसे बड़ा रिस्क है F&O वॉल्यूम का तेजी से नीचे आना और यही कारण है कि BSE अपने हाई से काफी गिर चुका है। NSE भी Unlisted मार्केट में 2200 रुपए तक गया था और वहां से गिरा है।

 

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Shankesh Jewellers Q1 Results: लिस्टिंग के बाद पहला रिजल्ट! ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा डबल, रेवेन्यू 55% बढ़ा

Shankesh Jewellers Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी Shankesh Jewellers ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹43 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹22 करोड़ था। यानी मुनाफा करीब दोगुना हो गया। ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 55.1% बढ़कर ₹424 करोड़ हो गया। पिछले

EBITDA भी मजबूत रहा। यह 92.4% बढ़कर ₹61 करोड़ हो गया। पिछले साल EBITDA ₹32 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.6% से बढ़कर 14.4% हो गया।

यह लिस्टिंग के बाद कंपनी का पहला तिमाही नतीजा है। Shankesh Jewellers के शेयर 25 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हुए थे।

बोर्ड ने नतीजों को मंजूरी दी

Shankesh Jewellers के बोर्ड की 10 सितंबर को बैठक हुई। इसमें जून तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन नतीजों को मंजूरी दी गई। ऑडिटर V J Shah & Co की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को भी मंजूरी मिली।

कंपनी की कुल आय ₹423.61 करोड़ रही। पिछले साल यह ₹273.18 करोड़ थी। कुल खर्च बढ़कर ₹365.65 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹244.33 करोड़ था।

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹57.96 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹28.85 करोड़ था। टैक्स खर्च भी बढ़कर ₹14.73 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.25 करोड़ था। कंपनी की बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹3.68 रही। पिछले साल यह ₹1.84 थी।

IPO से जुटाए ₹274 करोड़

Shankesh Jewellers का IPO जून तिमाही खत्म होने के बाद आया था। इसमें 2.95 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। इनका फेस वैल्यू ₹5 था। इश्यू प्राइस ₹93 प्रति शेयर था।

फ्रेश इश्यू से कंपनी ने ₹274.18 करोड़ जुटाए। इसके अलावा प्रमोटर शेयरधारकों ने 1 करोड़ शेयर OFS में बेचे। इससे ₹93 करोड़ जुटाए गए।

शेयर का हाल

Shankesh Jewellers का शेयर 10 सितंबर को NSE पर 0.53% की तेजी के साथ ₹98.45 पर बंद हुआ। यह फिलहाल अपने लिस्टिंग प्राइस से 3.83% ऊपर है। कंपनी का मार्केट कैप 1.45 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SS Retail IPO: मोबाइल फोन रिटेल चेन का इश्यू 16 सितंबर से, जुटाए जाएंगे ₹500 करोड़; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

SS रिटेल अपना ₹500.75 करोड़ का IPO ला रही है। यह 16 सितंबर को खुलने वाला है। इसमें ₹360.75 करोड़ के 85.08 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹140 करोड़ के 33.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख, भाविनी हर्षल पारेख और शेयरहोल्डर राखी नरेंद्र फिरोदिया शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 15 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर है। लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होने वाली है। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होंगे।

IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है SS Retail

कंपनी मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली एक मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में काम करती है। इसका फोकस मुख्य रूप से टियर II, टियर III और उससे छोटे शहरों पर है। कंपनी अपने खुद के ब्रांड SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space के तहत स्टोर चलाती है।

कंपनी खुद के स्टोर और फ्रेंचाइजी वाले स्टोर, दोनों तरह के मॉडल के तहत काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स में मोबाइल फोन, पहले इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन, एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। साथ ही यह मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान, EMI सुविधा, एंटी-थेफ्ट सॉफ्टवेयर और मोबाइल रिचार्ज जैसी सर्विसेज भी देती है।

SS Retail का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹2,352.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹59.28 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹162.59 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,599.96 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹39.86 करोड़ रहा था।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

SS रिटेल अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान नए स्टोर्स खोलने के लिए ‘फिट-आउट’ (सजावट और जरूरी साजो-सामान) को लेकर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

NSE IPO: ये 5 कंपनियां आईपीओ में बेचेगी की हिस्सेदारी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।

सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

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प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।

NSE IPO पर आई सबसे बड़ी खबर! तगड़ी डिमांड, फिर भी क्यों घटा आईपीओ का साइज? जानिए क्या है माजरा

NSE IPO Latest News: ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ (NSE) के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बेहद बड़ी खबर आई है। NSE ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा कर दिया है।

हालांकि, इस बार आईपीओ से जुड़ा एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। कंपनी के इस मेगा आईपीओ का कुल साइज घटकर लगभग ₹23,000 करोड़ रह गया है, जबकि पहले इसके ₹30,000 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान था।

आइए समझते हैं कि आईपीओ का साइज क्यों घटा, कौन-कौन से बड़े निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं और इसका बाजार पर क्या असर होगा।

क्यों घटा NSE के IPO का साइज?

एनएससी का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई खुद कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है और आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं।

जून में दाखिल किए गए ओरिजिनल DRHP में 14.89 करोड़ शेयर यानी NSE की कुल इक्विटी का लगभग 6% बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन नए ड्राफ्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख सरकारी बीमा कंपनियों और वैश्विक वित्तीय दिग्गज मॉर्गन स्टेनली ने आईपीओ के जरिए बेचे जाने वाले अपने शेयरों की संख्या कम कर दी है।

किन-किन दिग्गजों ने घटाया अपना स्टेक सेल?

सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटाई है, उनमें ये प्रमुख कंपनियां शामिल हैं:

सरकारी बीमा कंपनियां:

GIC Re (General Insurance Corp): पहले 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था।

New India Assurance: पहले 1.05 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी।

National Insurance Company: पहले 60 लाख शेयर।

United India Insurance: पहले 60 लाख शेयर।

(शुरुआती ड्राफ्ट में ये चारों कंपनियां मिलकर कुल 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थीं, जिसमें अब कटौती की गई है।)

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी संस्था MS Strategic (Mauritius) Ltd ने भी अपनी हिस्सेदारी बिक्री कम की है। मूल प्रॉस्पेक्टस में यह संस्था 1.60 करोड़ शेयर बेचने वाली थी।

संस्थागत निवेशकों में बंपर क्रेज

भले ही मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी हो, लेकिन NSE के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का उत्साह है। सूत्रों का कहना है कि एंकर और संस्थागत निवेशकों की ओर से लगभग ₹85,000 करोड़ की डिमांड आ चुकी है। इससे यह साफ पता चलता है कि बड़े डोमेस्टिक और विदेशी निवेशकों (FIIs) के बीच भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने की जबरदस्त होड़ मची हुई है।

एक दशक लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक कदम

यह कदम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर है। एनएसई ने लगभग 10 साल पहले पहली बार आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की थी, जो कई तरह की विनियामक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण रुकी हुई थी। UDRHP दाखिल होना यह संकेत देता है कि अब जल्द ही यह मेगा आईपीओ दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देने वाला है।

क्या हो सकता है प्राइस बैंड, कब से खुलेगा और क्या चल रहा GMP?

बाजार सूत्रों के अनुसार एनएसई आईपीओ का अनुमानित प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। यह आईपीओ 18 सितंबर 2026 से खुलने और 22 सितंबर को बंद होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रे मार्केट में इसे लेकर बाजार का माहौल गरम है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसका GMP फिलहाल ₹225 से ₹250 के प्रीमियम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वैसे बीते कुछ दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manika Plastech IPO: 11 सितंबर से खुलेगा इश्यू, 40% पर पहुंचा GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Manika Plastech IPO: मुंबई की प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Manika Plastech का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 सितंबर से खुलेगा। इसमें निवेशक 16 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए ₹40 से ₹43 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

IPO में ₹92.5 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर इकाई VRIDAA Holding Trust 76.74 लाख शेयर तक OFS में बेचेगी।

Manika Plastech IPO का GMP

मणिका प्लास्टेक के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹17 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 40% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है। इसे लिस्टिंग की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

₹54.9 करोड़ मशीनरी पर खर्च करेगी कंपनी

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹54.9 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च होंगे। वहीं, ₹15 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एंकर निवेशकों के लिए बोली 10 सितंबर को खुलेगी। शेयर अलॉटमेंट 17 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 सितंबर से होने की संभावना है। IPO के लिए Pantomath Capital Advisors को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।

क्या कारोबार करती है Manika Plastech?

Kapadia परिवार की प्रमोटेड Manika Plastech रिजिड पॉलिमर पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी का फोकस डिजाइन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर है। कंपनी बैटरी केसिंग, पेल और कंटेनर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और थिन-वॉल कंटेनर जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इनमें स्टैंडर्ड और कस्टमाइज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट शामिल हैं।

कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है। कंपनी व्हीकल बैटरी, इनवर्टर, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेंट्स, फूड एंड डेयरी और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे सेक्टर्स को प्रोडक्ट सप्लाई करती है।

जून तिमाही में ₹13 करोड़ का प्रॉफिट

जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। इस दौरान रेवेन्यू ₹162.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7.3% बढ़कर ₹436 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹77.9 करोड़ की बकाया उधारी थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mahatransco IPO: आईपीओ से 10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।

Maharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।

इस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, “इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है।” इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।

मनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।

शेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।

रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।

New IPO Alert: ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दांव! आज से खुला इश्यू, जानिए दांव लगाने से पहले 5 बड़ी बातें

Rentomojo IPO Details: भारत में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंसेज किराये पर देने वाला प्रमुख प्लेटफॉर्म ‘रेंटोमोजो’ का आईपीओ आज, 9 सितंबर से दांव लगाने के लिए खुल गया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने अपने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹376.07 करोड़ जुटाकर जबरदस्त शुरुआत की है।

एंकर बुक में ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज ग्लोबल निवेशकों के साथ-साथ देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने दिल खोलकर पैसा लगाया है।

अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो जान लीजिए इसका प्राइस बैंड, फाइनेंशियल्स और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी 5 सबसे अहम बातें।

आईपीओ की तारीखें और प्राइस बैंड

  • इश्यू खुलने की तारीख: 9 सितंबर
  • इश्यू बंद होने की तारीख: 11 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹384 से ₹404 प्रति शेयर
  • कुल आईपीओ साइज: ₹1,256 करोड़

इस आईपीओ में ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, यानी यह पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। वहीं, प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹1,105.56 करोड़ मूल्य के 2.73 करोड़ शेयर बेच रहे हैं।

एंकर निवेशकों से ₹376 करोड़ की बंपर फंडिंग

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹404 प्रति शेयर पर कुल 93.08 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स और थेलेम पार्टनर जैसे बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स इसमें शामिल हुए। साथ ही देश के 16 प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउस की 30 स्कीम्स ने मिलकर करीब ₹244 करोड़ (60.41 लाख शेयर) का निवेश किया।एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ और बजाज लाइफ सहित इंश्योरेंस कंपनियों ने ₹51 करोड़ (12.62 लाख शेयर) लगाए।

जुटाए गए पैसों का कंपनी क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹150 करोड़ की शुद्ध रकम को कंपनी इन कामों में खर्च करेगी:

कर्ज चुकाने में: ₹70 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज कम करने के लिए करेगी (कंपनी पर कुल ₹258.3 करोड़ का कर्ज है)।

लीज और किराया: ₹42.5 करोड़ का इस्तेमाल वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लीज रेंट और लाइसेंस फीस देने में होगा।

कॉर्पोरेट जरूरतें: बाकी बची रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कामकाज और विस्तार में किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और नेटवर्क

रेंटोमोजो एक ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म चलाती है, जहां ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर करने के साथ-साथ स्टोर्स पर जाकर भी फर्नीचर और होम अप्लायंसेज देख सकते हैं। देश भर में कंपनी के पास वर्तमान में 82 एक्सपीरियंस स्टोर्स हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट 83.34% रही, जो पिछले साल (82.82%) के मुकाबले बेहतर हुई है।

142% बढ़कर ₹104 करोड़ पहुंचा मुनाफा

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वित्त वर्ष में रेंटोमोजो का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 45.5% की सालाना बढ़त के साथ ₹387 करोड़ पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2025 में ₹266 करोड़ रहा था। वहीं, कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। FY25 के ₹43.1 करोड़ के मुकाबले कंपनी का शुद्ध मुनाफा 142% बढ़कर FY26 में ₹104.2 करोड़ दर्ज किया गया है। रेवेन्यू और मुनाफे में आया यह तगड़ा उछाल कंपनी के बिजनेस मॉडल और सब्सक्रिप्शन आधार में आई मजबूती को दर्शाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।