Shadowfax Technologies में हो सकती है ब्लॉक डील, ₹700 करोड़ के शेयर बेचने की तैयारी में Flipkart

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। इस हिस्सेदारी की कीमत 700-750 करोड़ रुपये हो सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया, “फ्लिपकार्ट जुलाई महीने के आखिर में एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत शैडोफैक्स में शेयर बेच सकती है। शैडोफैक्स के शेयरहोल्डर्स के​ लिए 6 महीने का लॉक-इन पीरियड जुलाई के आखिर में खत्म हो रहा है।”

शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹1,907.27 करोड़ का था। फ्लिपकार्ट ने शैडोफैक्स के IPO में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत कुछ शेयर बेचे और शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 8 प्रतिशत कर ली। उसके पास अभी भी लगभग 4.26 करोड़ शेयर हैं। शैडोफैक्स के शेयर की कीमत फिलहाल 230 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है।

फ्लिपकार्ट ने पहली बार 2019 में शैडोफैक्स में निवेश किया था और बाद के फंडिंग राउंड में भी इस लॉजिस्टिक्स कंपनी को सपोर्ट किया। आज शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। साथ ही यह उन कई कारोबारों के लिए मुख्य डिलीवरी पार्टनर के तौर पर भी काम करती है, जो पूरी तरह से थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर हैं।

पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती फ्लिपकार्ट

सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि फ्लिपकार्ट एक बड़ी ब्लॉक डील के तहत 700-750 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकती है। यह डील आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। हालांकि फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स में अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती। मौजूदा 4.26 करोड़ शेयरों में से, फ्लिपकार्ट के लगभग 3.37 करोड़ शेयर बेचने की संभावना है। अगर यह डील हो जाती है, तो फिर फ्लिपकार्ट के पास शैडोफैक्स में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। बाकी बचे 89 लाख शेयर फ्लिपकार्ट को अपने पास रखने होंगे क्योंकि वे ‘मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन’ का हिस्सा हैं।

मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रीब्यूशन वह न्यूनतम हिस्सेदारी है, SEBI किसी IPO के बाद लॉक-इन रखने के लिए जरूरी मानता है। ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रमोटर्स का कंपनी में लंबे समय तक हित बना रहे और पब्लिक इनवेस्टर्स को भरोसा दिलाया जा सके कि मुख्य शेयरधारक लिस्टिंग के तुरंत बाद बाहर नहीं निकल सकते। इन शेयरों पर एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड लागू होता है, जो कि आमतौर पर 18 महीने होता है। इस दौरान इन्हें बेचा नहीं जा सकता।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़, SBI एंप्लॉयीज और शेयरहोल्डर के लिए भी शेयर रिजर्व

SBI फंड्स मैनेजमेंट के प्री-IPO राउंड के बाद इसके IPO का साइज घटकर ₹9812.9 करोड़ रह गया है। पहले यह ₹11692.91 करोड़ था। कंपनी ने प्री-IPO राउंड के दौरान 30 बड़े इनवेस्टर्स से ₹1880 करोड़ जुटाए। इस दौरान SBI ने 2.88 करोड़ शेयर (1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी) ₹1655 करोड़ में और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने 39.19 लाख शेयर 225 करोड़ रुपये में बेचे। इस तरह कुल 3.27 करोड़ शेयरों या 1.6 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्री-IPO राउंड में बेचा गया।

SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के प्रमोटर SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में पहले प्रमोटर्स की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाने का प्लान था। लेकिन अब प्री-IPO राउंड के बाद 17.09 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी। अब OFS में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9,95,01,649 शेयर (4.8851 प्रतिशत हिस्सेदारी) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7,14,54,982 शेयर (3.5082 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेंगे। प्री-IPO राउंड के बाद अब SBI के पास SBI फंड्स मैनेजमेंट में 60.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अमुंडी के पास 36.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पहले इनके पास क्रमश: 61.76 प्रतिशत और 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

प्री-IPO राउंड में किसने खरीदे शेयर

SBI Funds Management के प्री-IPO राउंड में SIG की कंपनी Susquehanna Asia Technology Pty Ltd और WhiteOak Capital India Opportunities Fund ने अमुंडी से SBI फंड्स मैनेजमेंट के 39.19 लाख शेयर खरीदे, जबकि बाकी 28 निवेशकों ने SBI से 2.88 करोड़ शेयर खरीदे। निवेशकों में अजीम प्रेमजी के निवेश वाला PI Opportunities Fund और आकाश मनेक भंसाली प्री-IPO राउंड में सबसे बड़े भागीदार रहे। दोनों ने 200 करोड़ रुपये मूल्य के 34.84 लाख शेयर खरीदे। प्रशांत जैन के निवेश वाले 3P India Equity Fund ने 150 करोड़ रुपये के 26.13 लाख शेयर खरीदे।

इसके अलावा, व्हाइटओक कैपिटल, Tata AIG General Insurance, Hara Global Capital Master Fund और Clarus Capital में से हर एक ने 99.9 करोड़ रुपये के 17.42 लाख शेयर खरीदे। प्री-IPO राउंड में भाग लेने वाले अन्य निवेशकों में मालाबार इंडिया फंड, 360 ONE, Carnelian, Dymon Asia, Bennett Coleman, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस और NEO Series शामिल थे।

14 जुलाई से इस भाव पर ओपनिंग

IPO 14 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 16 जुलाई तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर और लॉट साइज 26 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल हो सकता है और कंपनी BSE, NSE पर 21 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI के कर्मचारियों को छूट पर मिलेंगे शेयर

SBI फंड्स मैनेजमेंट ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 2.7 लाख शेयर, SBI के कर्मचारियों के लिए 29.87 लाख शेयर और SBI के शेयरहोल्डर्स के लिए 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। SBI फंड्स मैनेजमेंट और SBI, दोनों के कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 54 रुपये की छूट पर शेयर मिलेंगे। SBI के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को कोई छूट नहीं मिलेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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ग्रे मार्केट में प्रीमियम गिरा

ग्रे मार्केट लिस्टिंग अच्छी रहने का संकेत दे रहा है, हालांकि प्रीमियम में थोड़ी गिरावट आई है। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 574 रुपये से 15.33 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। एक दिन पहले प्रीमियम 17.42 प्रतिशत तक चला गया था। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

SBI के इस IPO ने खुलने से पहले ही मचाई हलचल! ग्रे मार्केट से आए चौंकाने वाले संकेत, जानें सभी जरूरी डिटेल्स

SBI Funds Management IPO GMP Today: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का मेगा आईपीओ 14 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के इस सबसे बड़े खिलाड़ी के आईपीओ को लेकर बाजार में भारी उत्साह है। अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों की खूब डिमांड देखने को मिल रही है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह पब्लिक इश्यू ₹11,692.91 करोड़ का है। आइए जानते हैं इस बड़े आईपीओ की पूरी डिटेल, प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें और कंपनी का बिजनेस प्रोफाइल।

IPO प्राइस बैंड और मार्केट वैल्यूएशन

  • प्राइस बैंड: ₹545 से ₹574 प्रति शेयर
  • एंकर इनवेस्टर बिडिंग: 13 जुलाई, 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 14 जुलाई, 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 16 जुलाई, 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 17 जुलाई, 2026
  • रिफंड और डिमैट क्रेडिट: 20 जुलाई, 2026
  • शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई, 2026 BSE और NSE पर

पूरी तरह ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) है यह इश्यू

यह ₹11,692.91 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर्स अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं और इससे मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा, कंपनी को अपने काम के लिए कोई फंड नहीं मिलेगा।

SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)

Amundi India Holding बेचेगी: 7.56 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)

इस बड़े इश्यू को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, एचएसबीसी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, जेफरीज, जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स जैसी दिग्गज संस्थाएं बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रही हैं।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है, जो एसबीआई म्यूचुअल फंड के निवेश को मैनेज करती है। 31 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 15.4 फीसदी है।

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कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) ₹12,49,970 करोड़ रहा है। अगर इसमें पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अन्य एडवाइजरी फंड्स को भी जोड़ दिया जाए, तो कंपनी का कुल QAAUM ₹29,04,026 करोड़ के विशाल स्तर पर पहुंच जाता है।

लगातार बढ़ रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम

10 जुलाई की सुबह ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के अनऑफिशियल शेयरों में मजबूती देखी जा रही है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल ₹85 प्रति शेयर चल रहा है, जो करीब 14.81% के लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। वहीं इनवेस्टरगेन के अनुसार इसका जीएमपी ₹86 के आस-पास है, जो लगभग 15% का मुनाफा दिखाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

South Korea Share Market: दक्षिण कोरिया के बाजार में गिरावट जारी, ऑल-टाइम हाई से 20% फिसला कोस्पी

South Korea Share Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 8 जुलाई को भी बड़ी गिरावट दिखी। जून में अपने ऑल-टाइम हाई से 20 फीसदी गिरने के बाद यह बाजार अब बेयर मार्केट में प्रवेश कर गया है। 7 जुलाई को बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 8 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। 8 जुलाई को भी कोस्पी पर दबाव दिखा। भारतीय समय के मुताबिक, 11 बजे यह 4.14 फीसदी गिरकर 7,329 अंक पर चल रहा था।

दिग्गज शेयरों में बड़ी गिरावट ने बनाया दबाव

8 जुलाई को दिग्गज कंपनियों में गिरावट ने दक्षिण कोरिया के बाजार पर दबाव बढ़ाया। चिप बनाने वाली दोनों बड़ी कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हायनिक्स में बड़ी गिरावट दिखी। 11 बजे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 5.41 नीचे चल रहा था। SK Hynix का शेयर 2.68 फीसदी नीचे था। Hyundai Motor का शेयर भी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

मध्यूपूर्व में फिर से तनाव बढ़ने का असर

मध्यूपूर्व में एक बार फिर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ा है। इसका असर भारत सहित दूसरे एशियाई बाजारों पर 8 जुलाई को देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड में उछाल का असर भी एशियाई बाजारों पर पड़ा। जापान, चीन और थाईलैंड के बाजारों में गिरावट दिखी। MSCI Asia Pacific Index करीब 1 फीसदी नीचे चल रहा था। इस साल दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी।

अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट का भी असर

7 जुलाई को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दिखी। सबसे ज्यादा गिरावट टेक्नोलॉजी शेयरों में आई थी। इससे नैस्डेक लाल निशान में बंद हुआ था। बाकी दोनों सूचकांक डाओ जोंस और एसएंडपी 500 भी गिरकर बंद हुए थे। इसका असर भी 8 जुलाई को एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दिखा। पिछले कुछ हफ्तों से टेक्नोलॉजी खासकर एआई से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

स्थिति पर नजर रख रही दक्षिण कोरिया की सरकार

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते कुछ हफ्तों में आई गिरावट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वित्तमंत्री शेयर बाजारों के लिए रिस्क बढ़ाने वाले फैक्टर्स पर विचार करने के लिए तैयार हैं। सरकार ने 7 जुलाई को यह बताया।

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विदेशी निवेशक कर रहे बड़ी बिकवाली

दक्षिण कोरिया के वित्तमंत्री ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर और फाइनेंशियल रेगुलेटर्स के प्रमुखों से भी मुलाकात की है। दक्षिण कोरिया स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में चिप बनाने वाली दोनों कंपनियों की करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों शेयरों में विदेशी इनवेस्टर्स की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।

Stocks to Watch: 8 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार, 8 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर फोकस में रह सकते हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, FPO, OFS, निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। अगर आप ट्रेडिंग या निवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो इन शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।

Rashtriya Chemicals and Fertilizers

सरकारी उर्वरक कंपनी Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd के बोर्ड ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) लाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM की मंजूरी अभी बाकी है।

Cochin Shipyard

सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह इश्यू 3.52 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसकी जानकारी DIPAM सचिव ने दी।

Uno Minda

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Uno Minda Ltd ने पैसेंजर व्हीकल सीटिंग सिस्टम कारोबार में उतरने का ऐलान किया है। कंपनी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। इस पर करीब 320 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp Ltd ने 200 करोड़ रुपये तक के टियर-II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड के 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट में L-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला) घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने से जुड़ा है।

Silver Touch Technologies

आईटी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी Silver Touch Technologies Ltd को RITES Ltd से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी PARAKH नाम का AI बेस्ड प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) की जांच में मदद करेगा।

Pondy Oxides and Chemicals

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Pondy Oxides and Chemicals ने शेयर स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की है। कंपनी 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में बांटेगी। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई को पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ)

ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के हेड-इन्वेंट्री (गोल्ड) संजय बिलिमोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 8 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने दूसरे करियर अवसरों के लिए यह फैसला लिया है।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 14 बैंकों के कंसोर्टियम में शामिल 2 बैंकों का पूरा कर्ज चुका दिया है। यह भुगतान 30 सितंबर 2024 के सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत किया गया है।

Titan

ज्वेलरी और लाइफस्टाइल कंपनी Titan Company की AAA (Stable) लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग ICRA ने बरकरार रखी है। एजेंसी ने कंपनी के 3,000 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम, 14,750 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल सुविधाओं और 1,000 करोड़ रुपये के टर्म लोन की रेटिंग भी दोहराई है।

IndiGo

एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयरों पर नजर रहेगी। DGCA के मुताबिक, मई में घरेलू हवाई यात्री ट्रैफिक 9.5% बढ़कर 1.54 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से घटकर 64.9% रह गई। इसके बावजूद कंपनी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

J.B. Chemicals & Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी J.B. Chemicals & Pharmaceuticals ने बताया कि NCLT की अहमदाबाद बेंच ने उसके Torrent Pharmaceuticals के साथ प्रस्तावित मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी को आदेश की प्रमाणित कॉपी भी मिल गई है। अब आगे की नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने कहा है कि वह इनोवेटिव और कॉम्प्लेक्स दवाओं पर फोकस बढ़ाएगी। कंपनी R&D, नए प्रोडक्ट, अधिग्रहण और लाइसेंसिंग के जरिए कारोबार का विस्तार करेगी। साथ ही लागत घटाने और प्रमुख बाजारों में मौजूदगी मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho की जनरल मैनेजर (बिजनेस) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मेघा अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ा है। 7 जुलाई 2026 से उन्हें आधिकारिक तौर पर कार्यमुक्त कर दिया गया है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Cochin Shipyard OFS : सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) का ऐलान किया गया है। पहले चरण में सरकार 2.52% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर निवेशकों की ओर से अच्छी मांग रही, तो ग्रीन-शू ऑप्शन के तहत इतनी ही अतिरिक्त 2.52% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए लाई जाएगी।

कितना है फ्लोर प्राइस?

सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह सोमवार के बंद भाव से करीब 7.2% डिस्काउंट पर रखा गया है। गैर-रिटेल निवेशक 7 जुलाई 2026 को बोली लगा सकेंगे। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए OFS 8 जुलाई 2026 को खुलेगा।

सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?

यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटा रही है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 67.91% है। रिटेल इनेवस्टर्स के पास 22.95% हिस्सा है। वहीं, FII 3.10% और DII 6.05% हिस्से के मालिक हैं।

सरकार ने कितना पैसा जुटाया?

केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में विनिवेश की रफ्तार तेज कर दी है। 21 मई से अब तक सरकार अलग-अलग PSU कंपनियों के OFS के जरिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी है।

शेयर का क्या हाल रहा?

Cochin Shipyard Ltd का शेयर सोमवार को 19 रुपये यानी 1.25% गिरकर 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इस सरकारी कंपनी का स्टॉक 6.94% बढ़ा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 26.70% की गिरावट आई है।

Cochin Shipyard का बिजनेस

Cochin Shipyard Ltd भारत की सबसे बड़ी शिपयार्ड कंपनियों में से एक है। कंपनी भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए युद्धपोत और दूसरे रक्षा जहाज बनाती है। इसके अलावा कमर्शियल जहाजों का निर्माण, शिप रिपेयर, जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम भी करती है। हाल के वर्षों में डिफेंस ऑर्डर और सरकारी फोकस की वजह से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।