AU Small Finance Bank Q1 Results: मुनाफा 37% बढ़कर हुआ ₹796 करोड़, NII में 32% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 795.95 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 580.86 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल इनकम करीब 15.5 प्रतिशत बढ़कर 5991.95 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 5189.05 करोड़ रुपये थी। बैंक ने 25 जुलाई को शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2695 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 47 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5.9 प्रतिशत हो गया।

जून 2026 तिमाही में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो घटकर 2.10 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.47 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.76 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.88 प्रतिशत था। एसेट्स पर एवरेज रिटर्न बढ़कर 0.42 प्रतिशत रहा, जो कि जून 2025 तिमाही में 0.37 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और लोन

जून 2026 तिमाही के दौरान बैंक के कुल डिपॉजिट का आंकड़ा 1,57,727 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 24 प्रतिशत ज्यादा है। CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 45,399 करोड़ रुपये के हो गए। CASA रेशियो 29 प्रतिशत रहा। ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर जून 2026 तिमाही में 1,44,250 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

AU Small Finance Bank का शेयर एक साल में 34 प्रतिशत मजबूत

अच्छे तिमाही नतीजों के बाद सोमवार, 27 जुलाई को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में तेजी आने की उम्मीद है। शुक्रवार को बीएसई पर शेयर 1002.25 रुपये पर बंद हुआ था। बैंक का मार्केट कैप 75000 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 34 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है।

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HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

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रामदेव अग्रवाल ने कहा-बाजार के लिए ऑयल और रुपया बड़े रिस्क, यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का सही समय

शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता अच्छा नहीं रहा। आज यानी 24 जुलाई को लगातार पांचवें दिन शेयर बाजारों में गिरावट दिख रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अभी बाजार के लिए सबसे बड़ा चैलेंज क्या है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन बाजार की सबसे बड़ी चिंता

अग्रवाल ने कहा कि बाजार के लिए अब सबसे बड़ी चिंता वैल्यूएशन नहीं बल्कि जियोपॉलिटिकल स्थितियां हैं। मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ रही हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। रुपये में कमजोरी जब तक जारी रहेगी तब तक विदेशी निवेशकों के भारत लौटने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति अनिश्चित दिख रही है, जिससे विदेशी निवेशक खरीदारी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।

मार्केट करेक्शन का असर लंबी अवधि के निवेश पर नहीं पड़ेगा

बाजार में हालिया गिरावट के बारे में उन्होंने कहा कि इसका असर लंबी अवधि के निवेशकों की खरीदारी पर नहीं पड़ेगा। दरअसल, यह अच्छी क्वालिटी के शेयरों को खरीदने या उनमें निवेश बढ़ाने का मौका है। इसकी वजह यह है कि इंडिया की ग्रोथ स्टोरी पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है। अब भी भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ दुनिया के कई बड़े देशों की ग्रोथ से ज्यादा है।

क्रूड 100 के पार जाने पर बाजार पर दबाव बढ़ेगा

उन्होंने कहा, “बाजार एक दिशा में नहीं चलता है। शेयरों पर अच्छे और बुरे दोनों वजहों का असर पड़ता है। सही तरीका यह है कि करेक्शंस के बाद शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव होने पर लंबी अवधि में अच्छे प्रदर्शन की संभावना वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर को पार कर जाती है तो बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा।

देश के एक्सटर्नल अकाउंट पर भी दबाव बढ़ रहा

अग्रवाल ने कहा कि महंगे क्रूड से करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने और विदशी निवेश कमजोर रहने से भारत के एक्सटर्नल अकाउंट पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से ही करेंट अकाउंट का बड़ा घाटा दिख रहा है। अब तो कैपिटल अकाउंट में भी घाटा दिखने लगा है। इसका खराब असर मार्केट के मनोविज्ञान पर पड़ेगा। उनका मानना है कि बाजार में कई आईपीओ आने वाले हैं, इससे भी विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली दिख सकती है।

बड़े आईपीओ में निवेश के लिए शेयर बेच सकते हैं FIIs

उन्होंने कहा, “Zepto, jio और NSE जैसे आईपीओ आने वाले हैं। इनमें विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी दिख सकती है। ऐसे में उन्हें इसके लिए अपने पोर्टफोलियो में जगह बनानी होगी। इसका मतलब है कि वे अपने पोर्टफोलियो के कुछ शेयर बेच सकते हैं।” उन्होंने कहा कि इससे बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा। पहले से ही क्रूड में उछाल से बाजार पर दबाव दिख रहा है।

भारत के लिए बेहतर हो रही हैं स्थितियां 

अग्रवाल ने कहा कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं। उन्होने कहा, “मानसून में इम्प्रूवमेंट है। अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी दिख रही है। रुपये में स्थिरता है। हालांकि, हमें रुपये पर नजर बनाए रखनी होगी। उधर, दुनियाभर में AI स्टोरी कमजोर होती दिख रही है।” उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी अच्छी है, जिससे वैश्विक अनिश्चितता पर इसका असर कम पड़ेगा। अगर जियोपॉटिलिक्स को छोड़ दिया जाए तो भारत असल में अच्छी स्थिति में है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

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12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Realty Stocks : निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने लगाई जबरदस्त छलांग, एनालिस्ट्स को इन चुनिंदा शेयरों में अभी नजर आ रहा दम

Real Estate Stocks : पिछले महीने निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा है। इसमें 10.8% की बढ़त हुई और इसने बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत बिक्री,नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी पाइपलाइन और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट साइकल के बने रहने की उम्मीदों के चलते इन्वेस्टर्स लिस्टेड डेवलपर्स में रुचि ले रहे हैं। इसके चलते इस सेक्टर में अच्छी तेजी आई है।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने इस अवधि में दूसरे सेक्टर इंडेक्सों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी दौरान,निफ्टी IT इंडेक्स में 3.6% की बढ़त हुई,जबकि बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विस और अधिकांश दूसरे सेक्टर में मामूली बढ़त हुई या फिर उनमें सुस्ती रही। निफ्टी रियल्टी की यह बढ़त व्यापक रही जिसमें लोढ़ा डेवलपर्स,गोदरेज प्रॉपर्टीज़,प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स,ब्रिगेड एंटरप्राइजेज,ओबेरॉय रियल्टी,फीनिक्स मिल्स और अनंत राज जैसे शेयरों की अहम भूमिका रही।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अक्षय शेट्टी का कहना है कि यह तेजी किसी एक वजह से नहीं,बल्कि बेहतर मैक्रो स्थितियों और कंपनियों के मज़बूत होते फंडामेंटल्स के मिले-जुले असर से आ रही है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। साथ ही,बड़े लिस्टेड डेवलपर्स लगातार अच्छी प्री-सेल्स,मजबूत बिज़नेस डेवलपमेंट और लॉन्च की मजबूत पाइपलाइन की जानकारी दे रहे हैं,जिससे यह भरोसा मजबूत होता है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट का साइकिल कायम है।

उन्होंने बताया कि 2026 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4.3-4.4 अरब डॉलर निवेश किया जो सालाना आधार पर 23-25% की बढ़ोतरी दिखाता है। कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ लगभग 18% रही,जबकि हाउसिंग लोन में सालाना आधार पर लगभग 11% की बढ़ोतरी देखने को मिली जिससे मांग में तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

ब्याज दरों के कम रहने की उम्मीद से भी लोगों का भरोसा बढ़ा है। RBI का रेपो रेट 5.25% है और होम लोन की दरें लगभग 7.1% से शुरू हो रही हैं, जिससे घर खरीदना आसान हो गया है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की AVP और रिसर्च एनालिस्ट स्नेहा पोद्दार ने कहा कि यह तेजी रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में आए स्ट्रक्चरल सुधारों को दिखाती है। हाउसिंग सेक्टर की स्थिति अच्छी बनी हुई है। डिमांड अपने पीक लेवल से थोड़ी कम हुई है,लेकिन सप्लाई पर कंट्रोल रहा है,जिससे इन्वेंट्री का बहुत ज्यादा स्टॉक जमा नहीं हुआ है। लिस्टेड डेवलपर्स ने पिछले चार-पांच सालों में अपना कर्ज काफी कम किया है,जिससे कैश जेनरेशन बेहतर हुआ है और उनकी बैलेंस शीट मज़बूत हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन की वजह से बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स लगातार मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं। साथ ही,प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मजबूत डिमांड और बेहतर बैलेंस शीट की वजह से डेवलपर्स जमीन के बड़े सौदे कर रहे हैं और नए इलाकों में अपना कारोबार फैला रहे हैं।

कहां करें निवेश?

पिछले महीने में हुई जबरदस्त बढ़त के बावजूद,एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को इस सेक्टर में अच्छे रिटर्न के लिए अब चुनिंदा क्विलिटी शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। लिस्टेड कंपनियों में एनालिस्ट्स अब मजबूत बैलेंस शीट और समय पर काम पूरा करने की क्षमता वाले बड़े डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अक्षय शेट्टी को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने के तरीके,अच्छे कलेक्शन,प्रीमियम लॉन्च और सोच-समझकर होने वाले कैपिटल एलोकेशन के कारण लोढ़ा डेवलपर्स सबसे ज्यादा पसंद है। इसके अलावी उनको गोदरेज प्रॉपर्टीज भी पसंद है। उनका मानना है कि कंपनी को मज़बूत बिज़नेस डेवलपमेंट पाइपलाइन और एसेट-लाइट विस्तार की रणनीति क फायदा मिलेगा। अनंत राज भी उनकी फेवरिट लिस्ट में शामिल है। उनका कहना है कि इस कंपनी को रियल एस्टेट बिजनेस के साथ-साथ बढ़ते डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म का भी फायदा मिलेगा।

स्नेहा पोद्दार ने कहा कि ने कहा कि मोतीलाल ओसवाल की पसंदीदा कंपनियों में लोढ़ा डेवलपर्स,DLF और गोदरेज प्रॉपर्टीज शामिल हैं,क्योंकि इनके पास अच्छा फ्री कैश फ्लो,प्रीमियम प्रोजेक्ट पाइपलाइन और काम करने की मजबूत क्षमता है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dr Reddy’s Shares: अमेरिकी मार्केट में 10% की गिरावट, तीन ब्रोकरेजेज से समझें आगे की स्ट्रैटेजी

Dr Reddy’s Share Price: दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे पर अमेरिका में लिस्टेड इसके शेयर यानी ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) धड़ाम हो गए। अमेरिकी मार्केट में यह 10% टूट गया। अब ऐसे में अब भारतीय स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों में भी तेज गिरावट की आशंका दिखने लगी है। इससे पहले रिजल्ट आने वाले दिन यानी 22 जुलाई को बीएसई पर यह नतीजे आने से पहले 1.95% की गिरावट के साथ ₹1183.00 पर बंद हुआ था।

एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹1149.00 से पांच ही महीने में यह 23.10% चढ़कर 29 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹1414.40 पर पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इस कवर करने वाले ओवरऑल 41 एनालिस्ट्स में से 16 ने खरीदारी, 10 ने होल्ड और 15 ने सेल रेटिंग दी है।

Dr Reddy’s पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने डॉ रेड्डीज की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर ₹1125 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़े रेगुलेटरी इश्यू को सुलझाने पर काम हो रहा है तो b-abatacept से कमर्शियल फायदा मार्च 2028 तिमाही से मिलने की उम्मीद है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के हाई बेस के चलते वित्त वर्ष 2027 में कमाई घट सकती है और वित्त वर्ष 2028 से फिर सुधार दिख सकती है

सीएलएसए ने भी इस वित्त वर्ष 2027 के लिए डॉ रेड्डीज के रेवेन्यू के अनुमान को घटा दिया है क्योंकि इसे बिक्री में 30-40 लाख पेन का झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़ी दिक्कते नवंबर तक सुलझ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अगले तीन वर्षों के लिए मार्जिन अनुमान भी घटा दिए हैं। सीएलएसए ने इसे होल्ड रेटिंग दी है और ₹1240 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

जेपी मॉर्गन ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस पर डॉ रेड्डीज को अंडरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रेवेन्यू में 52% हिस्सेदारी ब्रांडेड बिजनेस की होने के बावजूद कंपनी की कोर प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अगर कनाडा में सेमाग्लूटाइड और एबेटेसेप्ट की लॉन्चिंग में और देरी होती है या बिक्री उम्मीद से सुस्त रहती है, तो इससे FY2028–FY2029 की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों की कंपनी की कमाई में 20% से अधिक हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इन दोनों प्रोडक्ट्स को हटाकर ब्रोकरेज का मानना है कि डॉ रेड्डीज का बेस बिजनेस FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 32 गुने और FY28 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 30 गुने के महंगे भाव पर है

Semaglutide को लेकर क्या है दिक्कत

इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि प्रोडक्ट में API से जुड़ी दिक्कत के चलते सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच तय मानकों के हिसाब से नहीं पाए गए थे। इस खुलासे के बाद 9 जुलाई को इसके शेयर 6% टूट गए थे। हालांकि मैनेजमेंट को सेमाग्लूटाइड मामले में आगे किसी और प्रोविजन के आसार नहीं दिख हे हैं और उनका मानना है कि वे इसकी असल वजह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं। बता दें कि ₹240 करोड़ के सेमाग्लूटाइड एपीआई प्रोविजन के चलते जून 2026 तिमाही में कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगा।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा

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Bandhan Bank Share Price: RoA गाइडेंस में कटौती से शेयर 15% टूटा, ब्रोकरेज फर्मों ने भी घटाया भरोसा, अब क्या निवेशक!

Bandhan Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर की लीडिंग बैंक बंधन बैंक (Bandhan Bank) के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। तिमाही नतीजों में शानदार बढ़त के बावजूद शेयर इंट्राडे में 15 फीसदी टूट गया। अच्छे नतीजों के बाद भी शेयरों में गिरावट की मुख्य वजह ‘एग्जिट RoA’गाइडेंस में कटौती रही है। बंधन बैंक के मैनेजमेंट ने अपनी अर्निंग्स कॉल में बताया है कि इसने अपने ‘एग्जिट RoA’ गाइडेंस को पहले के 1.6%-1.8% से घटाकर 1.2%-1.4% कर दिया है। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि डिपॉजिट की अधिक लागत के कारण मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

मैनेजमेंट ने डिपॉजिट कॉस्ट, अनिश्चित ग्लोबल माहौल, मॉनसून और टेक्नोलॉजी पर अधिक खर्च को बैंक के लिए कुछ मुख्य जोखिमों के तौर पर बताया है। यहीं कारण है कि बैंक का शेयर 208.60 रुपये के मुकाबले सीधे 10 फीसदी लोअर सर्किट के साथ 187.75 रुपये पर खुला है और इसके बाद करीब 10 बजे तक ये 14 फीसदी गिरकर 179.25 रुपये पर है।

नतीजों के बाद ब्रोकरेज की क्या है राय

मैनेजमेंट के बयान के बाद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग बदल दी है। इसने पिछली “Buy” रेटिंग को घटाकर “hold” कर दिया है। हालांकि इसका प्राइस टारगेट ₹225 प्रति शेयर बनाए रखा है, जो मंगलवार के क्लोजिंग लेवल से 8% ऊपर की बढ़त दिखाता है।

मोतीलाल ओसवाल ने बंधन बैंक के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के अर्निंग्स एस्टिमेट में क्रमशः 14% और 6% की कटौती की है और उम्मीद है कि लेंडर अगले दो सालों में क्रमशः 1% और 1.4% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) देगा।

जेपी मॉर्गन 

जेपी मॉर्गन ने बंधन बैंक पर अपनी “Neutral” रेटिंग बनाए रखी है और 175 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है, जो स्टॉक में 15% की गिरावट दिखाता है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि गाइडेंस में कटौती बंधन बैंक की अर्निंग्स कॉल में एक मुख्य फोकस पॉइंट थी, जिसमें RoA और ग्रोथ गाइडेंस में बड़ी कटौती की गई थी।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि लेंडर ने अपने लोन ग्रोथ गाइडेंस को 14% से 15% के टारगेट के निचले सिरे तक घटा दिया है। बंधन बैंक ने ज़्यादा एनर्जी कॉस्ट और सप्लाई चेन में रुकावटों से बढ़ते एसेट क्वालिटी रिस्क के साथ-साथ अनिश्चित मॉनसून के कारण ग्रोथ में जानबूझकर मंदी का हवाला दिया है।

नोमुरा

नोमुरा ने बंधन बैंक पर अपनी “Neutral” रेटिंग की राय दी है और इसके लिए 190 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। नोमुरा ने कहा कि बंधन बैंक के एवरेज सेविंग्स अकाउंट रेट्स को 20 बेसिस पॉइंट्स और पीक टर्म डिपॉजिट रेट्स को भी पहली तिमाही के आखिर में 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाने के कदम का हवाला दिया, क्योंकि डिपॉजिट में बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिशन था और इसलिए, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में कॉस्ट पर इसका असर दिखेगा।

ब्रोकरेज ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2028 अर्निंग्स पर शेयर अनुमानों में 4% की कटौती करके 7% कर दिया है और क्रेडिट कॉस्ट अनुमानों को पहले के 2% से घटाकर 1.8% करने के बाद भी, 18-24 बेसिस पॉइंट्स कम मार्जिन बना रहे हैं।

CLSA

डाउनग्रेड और सतर्क कमेंट्री के बीच, CLSA ने बंधन बैंक पर अपनी “Outperform” रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए ₹235 टारगेट प्राइस तय किया है। CLSA का कहना है कि बैंक के RoA गाइडेंस में कटौती से बाजार डर सकता है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए 1.3% का उनका अनुमान वैसे भी कम था।

बंधन बैंक पर 26 एनालिस्ट का कवरेज है, जिनमें से 15 ने “buy” रेटिंग दी है, सात ने “hold” कहा है, और चार ने स्टॉक पर “Sell” रेटिंग दी है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 585 अंक टूटा, निफ्टी 24000 के करीब, फार्मा, बैंक शेयरों में दबाव, ऑटो चमके

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

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Lohia Corp IPO: ₹404-₹425 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 23 जुलाई से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू

कानपुर की कंपनी लोहिया कॉर्प ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹404-₹425 प्रति इक्विटी शेयर रहेगा। निवेशक कम से कम 35 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, लोहिया कॉर्प का लक्ष्य अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,102.08 करोड़ जुटाने का है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें लोहिया परिवार की ओर से 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों को ​बिक्री के लिए रखा जाएगा। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। नतीजतन, IPO से हासिल होने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वालों को मिलेगी।

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टेप एक्सट्रूजन लाइंस, सर्कुलर लूम्स, कोटिंग और लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग और कनवर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइंस, रीसाइक्लिंग मशीन और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) से बुने हुए फैब्रिक और बोरे (राफिया) बनाने वाली मशीनरी के मामले में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। लोहिया कॉर्प के प्रमोटर राज कुमार लोहिया, गौरव लोहिया, अमित कुमार लोहिया हैं।

30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

IPO में एंकर इनवेस्टर 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 जुलाई को होगी। लिस्टिंग के बाद लोहिया कॉर्प का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,490.13 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगस्त 2025 में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर फिर से फाइल किए थे और दिसंबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिली थी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में OFS का साइज 4.22 करोड़ इक्विटी शेयरों का था। यह अब घटकर 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर रह गया है।

Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

IPO में रिजर्व हिस्सा

इस IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। लोहिया कॉर्प के लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में राजू इंजीनियर्स, लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) और ममता मशीनरी जैसे नाम शामिल हैं। इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लोहिया कॉर्प का शुद्ध मुनाफा 64.2% बढ़कर ₹193.5 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले ₹117.8 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू 24.7% बढ़कर ₹1,717 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹1,376.9 करोड़ था।