Bank Holiday: कल शनिवार को इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है 17 अक्टूबर की छुट्टी

Bank Holiday 17th October: अक्टूबर के महीने में त्योहारों का सिलसिला लगातार जारी है। त्योहारी सीजन के इस दौर में बैंक शाखाओं में कामकाज के लिए जाने से पहले आपको छुट्टियों की पूरी लिस्ट जरूर पता होनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बैंक हॉलिडे की ऑफिशियल लिस्ट के मुताबिक दुर्गा पूजा और महा सप्तमी जैसे पावन पर्वों के चलते देश के कुछ खास राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आपको इस सप्ताह या शनिवार-रविवार के दौरान बैंक शाखा में जाकर चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाने या दूसरे जरूरी फाइनेंशियल काम करने हैं तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों का यह पूरा शेड्यूल चेक कर लें।

17 अक्टूबर को महा सप्तमी पर इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक

आरबीआई की हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक कल यानी 17 अक्टूबर को ‘महा सप्तमी’ के पावन अवसर पर अगरतला, त्रिपुरा में बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हमेशा की तरह पूरी तरह सुचारू रहेंगी। बाकी भारत के लिए यह महीने का तीसरा शनिवार है और बैंक खुले रहेंगे।

इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। इसके तुरंत बाद अगले हफ्ते की शुरुआत में 19 और 20 अक्टूबर को महा अष्टमी, महा नवमी और विजयादशमी (दशहरा) के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा, बिहार, झारखंड, असम, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अक्टूबर महीने में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

अक्टूबर महीने के बचे हुए दिनों में विभिन्न त्योहारों और राष्ट्रीय छुट्टियों की वजह से बैंकों का शेड्यूल कुछ इस तरह रहेगा-

17 अक्टूबर: महा सप्तमी के अवसर पर त्रिपुरा राज्य में बैंक बंद रहेंगे।

18 अक्टूबर: रविवार की साप्ताहिक छुट्टी की वजह से पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

19 अक्टूबर: महा अष्टमी और महा नवमी के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अवकाश रहेगा।

20 अक्टूबर: विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर लगभग पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। (गंगटोक और इम्फाल को छोड़कर)।

21 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / विजया दशमी- अगरतला, बेंगलुरु, गंगटोक, गुवाहाटी, कोच्चि, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम।

22–23 अक्टूबर: दुर्गा पूजा / दसैन- सिर्फ गंगटोक (सिक्किम)।

24 अक्टूबर: महीने के चौथे शनिवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण देश भर में बैंक बंद रहेंगे।

25 अक्टूबर: रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अक्टूबर: महर्षि वाल्मीकि जयंती और लक्ष्मी पूजा के अवसर पर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बैंक अवकाश रहेगा।

29 अक्टूबर: करवा चौथ पर सिर्फ शिमला में लोकल छुट्टी।

31 अक्टूबर: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और करवा चौथ के मौके पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश सहित कुछ क्षेत्रों में बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं

छुट्टियों के दौरान बैंक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बैंक की सभी डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई के माध्यम से पैसों का लेन-देन कर सकेंगे। इसके अलावा कैश विड्रॉल और बैलेंस इंक्वायरी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए देश भर के सभी एटीएम चौबीस घंटे काम करते रहेंगे।

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Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

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जेलेंस्की बोले- रूस की तेल रिफाइनरियों पर फिर हमले करेंगे:ट्रम्प की बात नहीं मानेंगे, अमेरिका का पुतिन से डीजल खरीदने का फैसला गलत

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर फिर हमले करने का ऐलान किया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हमले रोकने की अपील मानने से इनकार कर दिया। जेलेंस्की ने अमेरिका के रूस से डीजल खरीदने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए पैसा मिलेगा। उन्होंने ने गुरुवार को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “अब बहुत हो चुका।” उन्होंने यह नहीं बताया कि रूसी रिफाइनरियों पर हमले कब शुरू होंगे। ट्रम्प की अपील पर यूक्रेन ने रोके थे हमले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर का ऐलान किया था। उन्होंने दोनों देशों से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की अपील की थी। यूक्रेन ने इस अपील के बाद रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोक दिए थे। हालांकि, यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने उसके बिजलीघरों और बिजली सप्लाई करने वाले दूसरे ठिकानों पर हमले जारी रखे। वहीं रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दावा किया था कि यूक्रेन ने रूसी रिफाइनरियों पर हमले कभी बंद ही नहीं किए थे। यूक्रेन का कहना है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की अपील का पालन किया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तेल ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों को ट्रम्प के लिए सीधी चुनौती बताया था। अमेरिका ने रूस से डीजल खरीदने का समझौता किया ट्रम्प ने पिछले हफ्ते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ आने वाले महीनों में लाखों टन डीजल खरीदने का समझौता करने का ऐलान किया था। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूस से डीजल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटा दीं। ये प्रतिबंध 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद लगाए गए थे, ताकि पुतिन को युद्ध के लिए मिलने वाला पैसा कम किया जा सके। जेलेंस्की ने इस समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ यूक्रेन के लोग युद्ध में जान गंवा रहे हैं, दूसरी तरफ अमेरिका रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस को तेल और डीजल बेचकर मिलने वाला पैसा युद्ध जारी रखने में मदद करेगा। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच ऊर्जा कारोबार बढ़ रहा है, जबकि यूक्रेन के लोग लड़ रहे हैं, जान गंवा रहे हैं और अपने देश को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रूस के मिसाइल हमलों की जानकारी नहीं मिलने का आरोप जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को हाल के दिनों में रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बारे में पहले जैसी खुफिया जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाया था। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी हमलों के बाद करीब 6 लाख लोग बिजली से वंचित हो गए थे। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्होंने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया। अमेरिका के स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम के सैन्य इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाए जाने की खबरें भी सामने आईं। स्टारलिंक की मदद से यूक्रेनी सेना युद्ध के मैदान में कम्युनिकेशन बनाए रखती है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि वे जांच कर रहे हैं कि चलते हुए उपकरणों के लिए स्टारशील्ड की कनेक्टिविटी बहाल हुई है या नहीं। स्टारशील्ड, स्टारलिंक का सैन्य इस्तेमाल वाला सिस्टम है, जिसका खर्च अमेरिकी रक्षा मंत्रालय उठाता है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना कम नहीं किया गया है। उन्होंने ऐसी मदद रोकने की धमकी देने से भी इनकार किया। जेलेंस्की बोले- अमेरिका जैसा मजबूत साथी खो रहे जेलेंस्की ने ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ट्रम्प के फैसलों से धोखा महसूस हुआ है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अपने देश को बचाने के लिए अमेरिका और ट्रम्प पर भरोसा है, लेकिन हाल के फैसले दोनों देशों के बीच साझेदारी के अनुरूप नहीं हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अमेरिका जैसे मजबूत साझेदार को खो रहा है। उन्होंने ट्रम्प के पुतिन के साथ समझौते करने और तानाशाहों की तारीफ करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुतिन को “असली बुराई” बताते हुए कहा, “ट्रम्प उनसे दोस्ती कैसे कर सकते हैं? मुझे लगता है कि यह एक गलती है।” यूरोपीय नेताओं ने रूस की रिफाइनरियों पर हमले का समर्थन किया ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करने के जेलेंस्की के फैसले का ज्यादातर समर्थन किया। एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टन मिहाल ने कहा कि रूस की रिफाइनरियों और उसकी ऊर्जा बेचने की क्षमता को जितना जल्दी नुकसान पहुंचे, उतना बेहतर है, क्योंकि रूस तेल बेचकर युद्ध के लिए पैसा जुटाता है। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने अमेरिका-रूस डीजल समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि इससे दुनिया के बाजार में कीमतें कम होने की संभावना नहीं है, लेकिन पुतिन को युद्ध के लिए पैसा जरूर मिलेगा। उन्होंने इसे ट्रम्प का गलत फैसला बताया। हालांकि, बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा कि वह किसी भी तेल रिफाइनरी पर हमले का समर्थन नहीं करते। रूस की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद आग लगी गुरुवार तड़के यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के रियाजान इलाके में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके बाद वहां आग लग गई। यह इलाका मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। रियाजान के गवर्नर पावेल माल्कोव और रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले के बाद आग लगने की जानकारी दी। एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि यूक्रेन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया था। हालांकि, आग से हुए नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह हमला जेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें उन्होंने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करने की बात कही थी। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई:रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर; यही सर्विस भारत में शुरू करना चाहते हैं मस्क अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Q2 Results: आईटी कंपनी Tech Mahindra ने सितंबर तिमाही में 1,586 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। यह जून तिमाही के 1,465 करोड़ रुपये से 8.2% ज्यादा है। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफा 1,576 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी कंपनी के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे।

डॉलर में रेवेन्यू भी बढ़ा

टेक महिंद्रा का डॉलर में रेवेन्यू भी 2% बढ़कर 1,693 मिलियन डॉलर हो गया। जून तिमाही में यह 1,660 मिलियन डॉलर था। वहीं, EBIT यानी ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 40.5% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी का EBIT मार्जिन भी सुधरा है। यह जून तिमाही के 14.4% से बढ़कर 14.8% हो गया। Tech Mahindra का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इसे 15% तक पहुंचाना है।

डिविडेंड और बोनस शेयर को मंजूरी

टेक महिंद्रा ने शेयरधारकों को 15 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है।

नए ऑर्डर और AI से ग्रोथ की उम्मीद

टेक महिंद्रा के CEO मोहित जोशी ने तिमाही प्रदर्शन को बेहद मजबूत बताया। सितंबर तिमाही में कंपनी को 1.023 अरब डॉलर के नए सौदे मिले। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर कारोबार 6.6% बढ़ा।

कंपनी को Orange के बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट से भी मदद मिली। Avant Techno Solutions के अधिग्रहण से भी तिमाही के रेवेन्यू में योगदान हुआ। इसके अलावा, Tech Mahindra AI कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी के मुताबिक, उसका AI कलेक्शन सॉल्यूशन बकाया रकम की वसूली में करीब 40% तक एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। कंपनी ने Cisco और SpaceX AI के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है।

H-1B वीजा पर क्या बोले CEO?

अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़े सवाल पर मोहित जोशी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन कंपनियों का नाम लिया था, उनमें Tech Mahindra शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनियाभर में वीजा नियमों और उनके अनुपालन को लेकर सतर्क रहती है।

जोशी के मुताबिक, H-1B वीजाधारक कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 1% हैं। कंपनी का अमेरिका और वैश्विक स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती पर जोर है।

शेयर में 4.75% की तेजी

नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को Tech Mahindra का शेयर 4.75% बढ़कर 1,650 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी से शेयर सालभर के हिसाब से भी बढ़त में आ गया। पिछले 12 महीनों में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले साल कितनी होगी सैलरी हाइक? Aon सर्वे में आया ये आंकड़ा, जानिए किन सेक्टरों में होगी बंपर बढ़ोतरी

Salary Hike Projection: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ट्रेड रिस्क के बावजूद भारत में कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म Aon plc के ‘Annual Salary Increase and Turnover Survey for India 2026-27’ के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष में देश में औसत सैलरी हाइक 9.1% रहने का अनुमान है, जो कि पिछले साल के 9% से मामूली रूप से ज्यादा है। मजबूत घरेलू खपत और निरंतर निवेश के कारण देश में बिजनेस कॉन्फिडेंस बना हुआ है।

किन सेक्टरों में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी हाइक?

सर्वे के अनुसार, सभी सेक्टरों में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। कुछ खास सेक्टर्स टैलेंट की मांग और ग्रोथ के चलते सबसे आगे रहने वाले हैं:

NBFC: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां 10.1% की सबसे ऊंची सैलरी ग्रोथ के साथ सूची में सबसे आगे रहेंगी।

एनर्जी: ऊर्जा सेक्टर में वेतन वृद्धि औसतन 9.9% तक रहने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: इस क्षेत्र में कर्मचारियों को 9.8% तक की सैलरी हाइक मिल सकती है।

एट्रिशन रेट और टैलेंट की जंग

कंपनियों के बजट स्थिर होने के बावजूद कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला बढ़ा है। ओवरऑल एट्रिशन रेट बढ़कर 2026 में 18% पर पहुंच गया है, जो कि 2025 में 16.2% और 2024 में 17.1% था। इससे यह साफ होता है कि कुशल और अनुभवी टैलेंट को अपने पास रोके रखने के लिए कंपनियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है।

AI स्किल्स और अपस्किलिंग का दौर: मिल रहा है तगड़ा प्रीमियम

डे-टू-डे वर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की गहरी पैठ और तेजी से बदलते ट्रेंड्स का असर सैलरी और रिक्रूटमेंट पर साफ दिख रहा है। रूटीन कामकाज में एआई प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां 2025 के 46.1% से बढ़कर 56% हो गई हैं। करीब 60% एंप्लॉयर अपने कर्मचारियों के अपस्किलिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के प्रोफेशनल्स के लिए कंपनियां सामान्य से लगभग 10% अधिक पे-प्रीमियम दे रही हैं।

वेज कोड और पेरोल कॉस्ट का असर

सर्वे के मुताबिक, 65.4% एंप्लॉयर पूरी तरह से नए वेज कोड का पालन कर रहे हैं, जबकि 20.9% कंपनियां अगले छह महीनों में इसके अनुपालन की उम्मीद कर रही हैं। वैसे लगभग 42.8% कंपनियों को अंदेशा है कि इससे उनकी पेरोल लागत कम से कम 1% तक बढ़ सकती है, जिसके लिए उन्हें अपने रिवॉर्ड स्ट्रक्चर को समझदारी से री-अलाइन करना होगा।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

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Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Reliance Jio Origin Story: रिलायंस जियो के मेगा IPO के ऐतिहासिक ऐलान के बीच, ईशा अंबानी ने वह दिलचस्प किस्सा शेयर किया है कि कैसे एक छोटी सी इंटरनेट समस्या ने भारत के सबसे बड़े डिजिटल नेटवर्क ‘रिलायंस जियो’ को जन्म दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिलायंस ग्रुप के बिजनेस फिलॉसफी, नेट-डेट फ्री बनने के सफर और अपने दादा धीरूभाई अंबानी के 50 साल पुराने सपने को याद किया।

2009 की वो एक घटना… और हुआ Reliance Jio का जन्म

ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे एक असाइनमेंट सबमिट न हो पाने की वजह से देश में डिजिटल क्रांति का विचार उपजा। उन्होंने बताया, ‘बात 2009-2010 की है। आकाश और मैं अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे और छुट्टियों में बॉम्बे वाले घर आए हुए थे। मुझे अपना एक कॉलेज असाइनमेंट ऑनलाइन सबमिट करना था, लेकिन इंटरनेट न चलने की वजह से मैं उसे जमा नहीं कर सकी।’

उन्होंने बताया कि, इसके बाद घर में इस बात पर लंबी चर्चा हुई कि आखिर भारत कनेक्टिविटी के मामले में पश्चिम के देशों से भारत क्यों पीछे है?

आकाश अंबानी का मानना था कि इसका एकमात्र समाधान भारत में एक मजबूत ‘डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी’ तैयार करना है। इसी सोच के साथ 2016 में जियो की नींव रखी गई, जो आज 2026 में देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क बन चुका है।

रिलायंस की सफलता के 3 मूल मंत्र: लॉन्ग-टर्म विजन, स्केल और एग्जीक्यूशन

ईशा अंबानी ने बताया कि रिलायंस में बिजनेस बनाने की फिलॉसफी तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:

लॉन्ग-टर्म पर्सपेक्टिव: रिलायंस केवल आज या कल के लिए नहीं सोचता, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर दांव लगाता है।

स्केल: कंपनी हमेशा उस स्तर का स्केल हासिल करने का लक्ष्य रखती है जो उस पूरे उद्योग की इकोनॉमिक्स को बुनियादी तौर पर बदल दे।

एग्जीक्यूशन: रिलायंस एक गहराई से तकनीकी कंपनी है। किसी भी प्रोजेक्ट को तय समय और सटीकता से पूरा करना कंपनी की आदत में शामिल है।

‘फाइनेंशियल प्रूडेंस’ और वादे पर खरे उतरने की मिसाल

अपने बयान में ईशा अंबानी ने रिलायंस की वित्तीय अनुशासन और शेयरधारकों के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया, साल 2019 में मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को 2021 तक ‘नेट-डेट फ्री’ बनाने का वादा किया था। 2020 में कोरोना महामारी और वैश्विक मंदी आने के बावजूद, कंपनी ने समय सीमा से 9 महीने पहले ही रिलायंस को कर्जमुक्त बना दिया’।

धीरूभाई अंबानी का 50 साल पुराना सपना और 29% एनुअलाइज्ड रिटर्न

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए ईशा अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी को नमन किया। 1977 में धीरूभाई अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज का आईपीओ (IPO) लेकर आए थे, जिसे लगभग 50 साल पूरे हो चुके हैं। इन 50 वर्षों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने शेयरधारकों को 29% का सालाना रिटर्न दिया है।

उन्होंने कहा, ‘मेरे दादाजी के लिए रिलायंस सिर्फ एक कंपनी नहीं थी। रिलायंस एक वादा है कि हर भारतीय को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने, इसकी समृद्धि को साझा करने और एक बेहतर भविष्य पर विश्वास करने का अवसर मिलना चाहिए।’

IDBI Bank की 60% हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax, लेकिन डील का इस शेयर पर भी दिखेगा असर

CSB Bank Share Price: केरलम के थ्रिसूर की प्राइवेट लेंडर सीएसबी बैंक के शेयरों पर आज इसलिए नजर रहेगी क्योंकि इसके प्रमोटर ने एक और बैंक पर दांव लगाया है। एक कारोबारी दिन पहले सामने आया कि आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी फेयरफैक्स (Fairfax) खरीदने जा रही है, जोकि सीएसबी बैंक की प्रमोटर है। अभी सीएसबी बैंक के शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को बीएसई पर यह 4.07% की बढ़त के साथ ₹320.95 पर बंद हुआ था। आईडीबीआई बैंक का भी शेयर बीएसई पर 9.07% के उछाल के साथ ₹90.44 पर बंद हुआ।

IDBI Bank में कितनी हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax और क्या है CSB Bank से कनेक्शन

केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। फेयरफैक्स सरकार और एलआईसी से आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में खरीदेगी। इसमें से 30.48% हिस्सेदारी सरकार और 30.24% हिस्सेदारी एलआईसी बेचेगी, जिसे कनाडा इंक खरीदेगी। इसकी पेरेंट कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स है। इस डील के पूरा होने के बाद यह फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी एफडीआई डील होगी।

अब सवाल उठता है कि आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री का सीएसबी बैंक से क्या लेना-देना है। सितंबर तिमाही के आखिरी में एफआईएच मॉरीशस इंवेस्टमेंट्स की इसमें 40% हिस्सेदारी है, जोकि फेयरफैक्स की एक एंटिटी है।

क्या दो बैंक में हो सकती है होल्डिंग?

बैंक ओनरशिप और कंट्रोल को लेकर आरबीआई के नियमों के मुताबिक कोई प्रमोटर एंटिटी एक समय में दो प्रतिस्पर्धी बैंक नहीं चला सकती है। ऐसे में अगर आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स को मंजूरी मिलती है तो इसे या तो सीएसबी बैंक में हिस्सा बेचना होगा या आईडीबीआई बैंक के साथ विलय का रास्ता निकालना होगा यानी कि इंटीग्रेशन प्रोसेस और अधिक कॉम्प्लेक्स हो सकता है। सीएसबी बैंक बात करें तो इसमें फेयरफैक्स इकलौती प्रमोटर एंटिटी है और बाकी 60% पब्लिक शेयरहोल्डर्स हैं। सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 13.15% है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले करीब 63 हजार खुदरा निवेशकों की इसमें 12.56% हिस्सेदारी है।

कैसी है सेहत

सीएसबी बैंक ने हाल ही में सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें सामने आया कि बैंक का ग्रास एडवांसेज सालाना 22% और डिपॉजिट्स 18% की रफ्तार से बढ़ा। इस दौरान टर्म डिपॉजिट्स भी 22% बढ़ा तो गोल्ड लोन बिजनेस की ग्रोथ 36% रही। अब एक साल में शेयरों के चाल की बात करें इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 5 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹574.70 पर था, जिससे आठ महीने में यह 48.65% टूटकर 15 सितंबर 2026 को एक साल के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि अभी भी यह ₹197 के आईपीओ प्राइस से ऊपर है।

IDBI Bank की रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, फेयरफैक्स खरीदेगी सरकार और LIC से हिस्सेदारी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

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