NPS Equity: किस पेंशन फंड ने NPS इक्विटी में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? समझिए 10 साल का पूरा हिसाब

NPS Equity: NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में रिटायरमेंट के लिए निवेश के सबसे अच्छे विकल्पों में गिना जाता है। इसमें इक्विटी यानी Scheme E एक अहम विकल्प है। इसमें आपके निवेश का पैसा मुख्य रूप से शेयरों और शेयर से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है।

इसलिए इसमें डेट या सरकारी सिक्योरिटीज की तुलना में ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है। लेकिन बाजार गिरने पर नुकसान का जोखिम भी होता है। यह विकल्प खासतौर पर लंबे समय के रिटायरमेंट निवेश के लिए देखा जाता है।

NPS Scheme E में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया?

NPS Scheme E के 10 साल के आंकड़ों में HDFC पेंशन सबसे आगे है। सरकारी सेक्टर में इसने 10 साल में 13.01% का सालाना रिटर्न दिया। बेंचमार्क का रिटर्न 13.12% रहा। ICICI Prudential 12.90% के साथ दूसरे नंबर पर रहा। Kotak ने 12.75% रिटर्न दिया।

पेंशन फंड10 साल का रिटर्नशुरुआत से रिटर्न
HDFC Pension13.01%13.93%
ICICI Prudential12.90%12.44%
Kotak12.75%11.82%
UTI12.54%12.19%
LIC11.69%12.24%
SBI11.64%10.66%

नोट : आंकड़े NPS Trust के हैं। डेटा 25 अगस्त 2026 तक का है।

प्राइवेट सेक्टर में भी HDFC आगे

नॉन गवर्नमेंट सेक्टर में भी HDFC Pension का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसने 10 साल में 12.99% का सालाना रिटर्न दिया। ICICI Prudential का रिटर्न 12.88% रहा। Kotak ने 12.74% रिटर्न दिया।

NPS में 100% इक्विटी का विकल्प

NPS में इक्विटी में ज्यादा पैसा लगाने के विकल्प भी हैं। Active Choice में निवेशक खुद एसेट अलोकेशन तय कर सकता है। Auto Choice में उम्र के हिसाब से इक्विटी का हिस्सा बदलता रहता है। Multiple Scheme Framework के तहत नॉन गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए 100% तक इक्विटी का विकल्प भी है।

सिर्फ रिटर्न देखकर फैसला न करें

किसी NPS फंड को चुनते समय सिर्फ रिटर्न देखना ठीक नहीं है। लंबी अवधि का प्रदर्शन देखना जरूरी है। बाजार गिरने पर फंड ने कैसा प्रदर्शन किया, यह भी देखना चाहिए।

इसके अलावा बेंचमार्क से तुलना करें। पोर्टफोलियो और जोखिम भी देखें। रिटायरमेंट के लिए निवेश है, इसलिए सिर्फ पिछले एक साल के अच्छे रिटर्न के पीछे भागना सही नहीं है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stocks to Watch: 21 स्टॉक्स; TempSens की लिस्टिंग समेत Lenskart, Wipro और Tejas Networks समेत ये शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 60.50 प्वाइंट्स यानी 0.25% की बढ़त के साथ 24,260.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 27 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 539.35 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 116.90 प्वाइंट्स यानी 0.48% की फिसलन के साथ 24,090.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Lenskart Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव वेंचर्स ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 1.2% हिस्सेदारी बेच सकती है। लगभग ₹1,313 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹630 तय किया गया है।

Texmaco Rail and Engineering

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ने जर्मनी की Bochumer Verein Verkehrstechnik GmbH (BVV) के साथ एक एमओयू किया है। इसमें रेलवे व्हील्स, व्हीलसेट्स, एक्सल्स और रेल गाड़ियों के दूसरे पार्ट्स को लेकर कारोबारी मौके तलाशने और उन पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

Tejas Networks

तेजस नेटवर्क्स को टीसीएस से बीएसएनएल के 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 18,685 साइट्स पर RAN इक्विपमेंट, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन मैटीरियल की सप्लाई के लिए ₹1,537 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को केंद्रीय विद्यालय संगठन, डायरेक्टरेट ऑफ टीचर एजुकेशन एंड एससीईआरटी (ओडिशा) और केनरा बैंक से ₹134.27 करोड़ के कई कंस्ट्रक्शन ऑर्डर मिला है।

Chemplast Sanmar

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2026 से तीन साल के लिए केमप्लास्ट सनमार

के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर गणेशकुमार सुब्रमण्यन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Wipro

विप्रो ने जेमिनी एंटरप्राइज और एजेंटिक AI को गूगल क्लाउड के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके अलावा विप्रो जेमिनी एंटरप्राइज के इंटरनल डिप्लॉयमेंट को बढ़ा रही है और 1,500 फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स समेत 10,000 से ज्यादा एआई-सर्टिफाइड स्पेशलिस्ट्स को एडवांस्ड AI क्षमताओं से लैस करेगी।

Adani Power

अदाणी पावर ने अपनी सब्सिडियरीज चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क और अदाणीकनेक्स के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया है, जिसके तहत यह चंदेनवल्ले इंफ्रा पार्क में अपनी पूरी हिस्सेदारी अदाणीकनेक्स को ₹535.69 करोड़ में बेचेगी।

RPP Infra Projects

तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिए गए ₹205.89 करोड़ के वर्क ऑर्डर को रद्द कर दिया है।

Star Cement

MMDR (माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन)) एक्ट, 1957 के नए नियमों के तहत स्टार सीमेंट और उसकी सब्सिडियरीज को अब 22 अगस्त, 2026 से मिनरल सेस का पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने MMDR एक्ट में बदलाव किया है और अब राज्य सरकारें मिनरल राइट्स या मिनरल वाली जमीनों पर टैक्स, सेस और अन्य लेवी नहीं लगा सकती हैं। इसमें यह भी है कि पुरानी बकाया लेवी अब वसूली नहीं जाएगी।

Dr Agarwal’s Health Care

डॉ अग्रवाल हेल्थ केयर की सब्सिडियरी डॉ अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने चेन्नई में दुनिया का पहला पिनहोल पपिलोप्लास्टी (PPP) सेंटर शुरू किया है।

Union Bank of India

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर ब्रांच के अमेरिकी डॉलर में जारी हुए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को ‘BBB’ लॉन्ग-टर्म इश्यू रेटिंग दी है।

Apollo Tyres

ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वॉरबर्ग पिनकस की कंपनी एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट ने अपोलो टायर्स में 4.25% हिस्सेदारी वाले 2.7 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,174.93 करोड़ के भाव पर बेच दिए। ये शेयर तीन घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस और SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने प्रति शेयर ₹435 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक अपोलो टायर्स में एमेराल्ड सेज इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी 9.93% थी, जबकि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास 1.12% हिस्सेदारी थी।

ICICI Prudential Asset Management Company

प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स ने ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के 98.85 लाख शेयर (2% हिस्सेदारी) ₹3,030.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,065.47 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल AMC में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 87.6% थी, जिसमें प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 34.59% थी।

Foseco India

मॉर्गन टेरासेन और मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.26% हिस्सेदारी बेच दी। मॉर्गन एडवांस्ड मैटेरियल्स की मॉर्गन टेरासेन ने फोसेको इंडिया के 5.6 लाख शेयर (7.43% हिस्सेदारी) ₹330.26 करोड़ में तो मॉर्गेनाइट क्रूसिबल ने 5.9 लाख शेयर (7.84% हिस्सेदारी) ₹348.36 करोड़ में बेचे हैं। कुल मिलाकर ₹678.6 करोड़ में 11.5 लाख शेयर को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- सिटीग्रुप, इंवेस्को एमएफ, एलआईसी एमएफ, महिंद्रा मैनुलाइफ एमएफ, मिरे एसेट एमएफ, मॉर्गन स्टेनले, कैटामारन वेंचर्स, एसबीआई एमएफ और मोतीलाल ओसवाल एएमसी ने प्रति शेयर ₹5,897 के भाव पर खरीदे।

Aye Finance

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर अल्फा वेव ग्लोबल की कंपनी अल्फा वेव इंडिया I ने आय फाइनेंस से अपनी पूरी 7.78% हिस्सेदारी (1.92 करोड़ शेयर) ₹322.57 करोड़ में बेच दी। इनमे में 14.88 लाख शेयर मधुसूदन केला की सिंगुलैरिटी AMC ने सिंगुलैरिटी लार्ज वैल्यू फंड III के जरिए ₹25 करोड़ में और इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज (एशिया) ने 23.8 लाख शेयर ₹40 करोड़ में खरीदे। शेयरों का लेन-देन ₹168 के भाव पर हुआ।

DCB Bank

एसबीआई और ओमान इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने डीसीबी बैंक के 37 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹80.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹217.01 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक बैंक में इस फंड की 2.86% हिस्सेदारी थी।

Happiest Minds Technologies

पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के 8.3 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹35.68 करोड़ में प्रति शेयर ₹429.92 के भाव पर खरीद लिए।

Iris Clothings

निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने आइरिस क्लोदिंग्स में 0.6% हिस्सेदारी के बराबर 11.53 लाख शेयर ₹6.58 करोड़ में प्रति शेयर ₹57.1 के भाव पर खरीदे।

RPP Infra Projects

सीएमके प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर यागवी एनए से कंपनी के 5 लाख शेयर ₹2.84 करोड़ में प्रति शेयर ₹56.85 के भाव पर खरीद लिए।

Wonder Electricals

नेक्सस ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड और यूनिको ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड ने वंडर इलेक्ट्रिकल्स में अपनी 5.66% हिस्सेदारी (75.89 लाख शेयर) ₹98.21 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक नेक्सस ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की कंपनी में 2.34% हिस्सेदारी थी, तो यूनिको ग्लोबल अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 7.48%।

Tempsens Instruments (India)

आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: एमसीएक्स, होनासा कंज्यूमर, एलाइड डिजिटल सर्विसेज, अरविंद स्मार्टस्पेस, ब्लैक बॉक्स, कैंटाबिल रिटेल इंडिया, कोरल इंडिया फाइनेंस एंड हाउसिंग, डैम कैपिटल एडवाइजर्स, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, इमामी पेपर मिल्स, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, गुफिक बायोसाइंसेज, गुलशन पॉलीओल्स, हल्डिन ग्लास, जेनबर्कट फार्मा, क्रेडो ब्रांड्स मार्केटिंग, एनबीसीसी (इंडिया), पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, पॉली मेडिक्योर, प्रोटियन ई-गवर्नेंस टेक्नोलॉजीज, रॉयल ऑर्किड होटल्स, साल्जर इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टर्लिंग टूल्स, स्टड्स एक्सेसरीज, सुपरशक्ति मेटालिक्स, स्वान कॉर्प, वेरिटास (इंडिया), वर्धमान होल्डिंग्स, विक्रान इंजीनियरिंग, वर्धमान स्पेशल स्टील्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, यूकेन इंडिया

एक्स-राइट्स: जयके एंटरप्राइजेज

एक्स-स्प्लिट: रोटोग्राफिक्स (इंडिया), स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

F&O बैन: आज एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

Hy-Tech Engineers IPO Subscription: हाइड्रोलिक फिटिंग बनाने वाली कंपनी हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ को निवेशकों ने पैसों की बारिश कर दी है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज, 27 अगस्त पैसे लगाने का आखिरी मौका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बोली के चौथे और अंतिम दिन दोपहर तक यह आईपीओ 90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

NII और रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह

कंपनी के ₹136 करोड़ के आईपीओ में ऑफर पर मौजूद 1.81 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 158.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखी गई और यह हिस्सा 177.30 गुना भरा है।

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 95.27 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO से जुड़ी मुख्य बातें 

इश्यू साइज: ₹136 करोड़ (₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू + प्रमोटर्स द्वारा ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

अंतिम तिथि: 27 अगस्त, शाम 5 बजे तक

अलॉटमेंट: 28 अगस्त

लिस्टिंग डेट: 1 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹40.72 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 8 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹53 प्रति शेयर के भाव पर 76.83 लाख शेयर अलॉट किए हैं। दिग्गज निवेशक प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल ने कुल एंकर अलॉटमेंट का 43% हिस्सा अकेले हासिल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड्स का इस्तेमाल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल 15.15% बढ़कर ₹22.6 करोड़ रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 17.4% बढ़कर ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गया।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹29.96 करोड़ का इस्तेमाल कवठे, शिरवल और पीथमपुर यूनिट्स में मशीनरी खरीदने और विस्तार के लिए किया जाएगा। वहीं ₹16 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

GMP में आया बंपर उछाल

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त की सुबह हाय-टेक इंजीनियर्स का शेयर ₹44 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहा है। ₹53 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर ग्रे मार्केट में 83% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टेक दिग्गज अब ‘किसान’ बने; अमेरिका में कृषिभूमि की होड़:गेट्स-बेजोस 7 लाख एकड़ जमीन पर आलू-गाजर उगा रहे, जुकरबर्ग पाल रहे मवेशी

दुनिया के सबसे अमीर और टेक दिग्गजों में अब पशु-पालन और खेती का शौक बढ़ रहा है। अमेरिका में खेती की जमीन अब सिर्फ किसान की जरूरत नहीं, अरबपतियों के लिए बड़ा निवेश और शौक बन चुकी है। कोई यहां मवेशी पाल रहा है, तो कोई जमीन खरीदकर भविष्य ज्यादा सुरक्षित कर रहा है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग हवाई के काउआई द्वीप पर करीब 2,871 करोड़ रु. के 4,000 एकड़ कोउलाउ रेंच पर वाग्यू और एंगस नस्ल के मवेशी पाल रहे हैं। वहीं, रेडिट के सह-संस्थापक एलेक्सिस ओहानियन फ्लोरिडा में अपने फार्म पर केले के बाग और मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। हालांकि, इन दिग्गजों के खेती-बारी का नया शौक अमेरिका में कृषि जमीनों को एक बेहद महंगे ‘एसेट क्लास’ में बदल दिया है। ‘ द लैंड रिपोर्ट’ के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के पास 2.75 लाख एकड़ कृषि भूमि है, जिससे वे अमेरिका के 44वें सबसे बड़े भूस्वामी बन गए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 4.62 लाख एकड़ और वॉलमार्ट घराने से जुड़े स्टेन क्रोनके 27 लाख एकड़ जमीन के मालिक हैं। क्रोनके ने 2025 में न्यू मैक्सिको में 9.38 लाख एकड़ जमीन खरीदी, जिसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी रैंच बिक्री बताया गया। अलग-अलग राज्यों में इन जमीनों पर आलू, गाजर, प्याज, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलें उगाई जाती हैं। कुछ किसानों को लीज पर भी दी जाती है। पीपुल्स कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कृषि भूमि 411 लाख करोड़ की परिसंपत्ति बन चुकी है। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक, बीते वर्ष खेतों के मूल्य में 4.3% की बढ़ोतरी हुई। नेशनल यंग फार्मर्स कोएलिशन की पॉलिसी निदेशक एरिन फॉस्टर के अनुसार, जमीन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि पहली बार खेती में उतरने वाले युवा या छोटे किसान प्रतिस्पर्धा से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। जमीन में निवेश क्यों? महंगाई के साथ बढ़ती है कीमत महंगाई से सुरक्षित बचाव – सीमित प्राकृतिक संसाधन होने के कारण जमीन की कीमतें हमेशा महंगाई के साथ बढ़ती हैं। एआई और डेटा सेंटर्स की मांग – टेक कंपनियों (एआई हाइपरस्केलर्स) को विशाल डेटा सेंटर बनाने के लिए बड़े भूभाग की जरूरत होती है। लाइफस्टाइल और नॉन-फाइनेंशियल फायदे – कोरोना महामारी के बाद बड़े परिसरों में शिकार, मछली पकड़ने और खुद का ऑर्गेनिक अन्न उगाने का रुझान बढ़ा है।

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी सेक्टर के इस मेगा आईपीओ में पैसे लगाने का बढ़िया मौका! प्राइस बैंड ₹168-177 तय

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एक और ज्वैलरी सेक्टर की कंपनी अपना आईपीओ ला रही है। हैदराबाद बेस्ड 22-कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी प्रोसेस करने और सप्लाई करने वाली कंपनी दीपा ज्वेलर्स ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹460 करोड़ जुटाने की प्लानिंग में हैं।

फ्रेश इश्यू और OFS का गणित

दीपा ज्वेलर्स मार्केट से कुल ₹459.7 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1,701.4 करोड़ आंका गया है। कंपनी ₹250 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹209.7 करोड़ के 1.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे।

IPO की पूरी डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹168 से ₹177 प्रति शेयर
  • एंकर बुक ओपनिंग: 31 अगस्त
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 1- 3 सितंबर 2026
  • अलॉटमेंट: 4 सितंबर
  • लिस्टिंग: 8 सितंबर
  • न्यूनतम निवेश: अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम ₹14,868 के निवेश की जरूरत होगी।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और फंड्स का उपयोग

दीपा ज्वेलर्स एक संगठित बिजनेस-टू-बिजनेस(B2B) कंपनी है। यह 41 कारीगरों के नेटवर्क के जरिए आउटसोर्स मैन्युफैक्चरिंग मॉडल पर ज्वैलरी डिजाइन और प्रोसेस करवाती है। कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन्स और स्टोर्स को अपनी सप्लाई देती है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹250 करोड़ में से ₹215 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी बची रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: 158% उछला मुनाफा

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन वित्तीय मोर्चे पर काफी शानदार रहा है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ पर पहुंच गया, जो बीते वर्ष (FY25) में ₹40.6 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 37.9% की बढ़त के साथ ₹1,926.7 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,397 करोड़ थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की मंथली एक्सपायरी; Groww, IRB Infra और Vedanta समेत ये 18 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 34.00 प्वाइंट्स यानी 0.14% की गिरावट के साथ 24,362.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स और बैंकेक्स समेत बीएसई के सभी इंडेक्सेज के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 26 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 183.15 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,472.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 126.80 प्वाइंट्स यानी 0.52% की फिसलन के साथ 24,207.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Juniper Green Energy Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुनिपर ग्रीन एनर्जी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 54.2% बढ़कर ₹33.5 करोड़ और रेवेन्यू 81.2% उछलकर ₹291.2 करोड़ पर पहुंच गया।

ICICI Prudential AMC

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स की योजना ICICI प्रूडेंशियल एएमसी में 2% हिस्सेदारी ₹3,121 करोड़ में बेचने की है। हालांकि यह मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्तों को पूरा करने के लिए है। जून 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से अभी कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 87.6% है जिसमें प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी 34.59% है।

Foseco India

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मॉर्गनाइट क्रूसिबल और मॉर्गन टेरासेन बीवी ब्लॉक डील्स के जरिए फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.27% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹664.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹5,773.63 तय किया गया है।

Aye Finance

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव इंडिया I एलपी ब्लॉक डील के जरिए आय फाइनेंस में अपनी पूरी 7.8% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹320.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹167 तय किया गया है।

Fino Payments Bank

आरबीआई ने फिनो पेमेंट्स बैंक के अंतरिम सीईओ के तौर पर केतन मर्चेंट का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। वह 27 अगस्त 2026 से तीन महीने या रेगुलर एमडी-सीईओ की नियुक्ति तक, जो भी पहले हो, तक जिम्मेदारी संभालेंगे।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा के बोर्ड ने प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए IRB InvIT Fund की यूनिट्स में ₹351 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 5.4 करोड़ अतिरिक्त यूनिट्स को ₹65 के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव रखा है। IRB InvIT Fund मार्केट में लिस्टेड इंफ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट से दो प्रोजेक्ट SPV खरीदने के लिए फंड जुटा रहा है।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेट्रॉनिक्स को 10 अगस्त से ₹730 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं।

Max Healthcare Institute

मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट की सब्सिडियरी आल्प्स हॉस्पिटल को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI), मुंबई से एक शो-कॉज-कम-डिमांड नोटिस मिला है। इसमें ₹165.7 करोड़ के जीएसटी की मांग की गई है, जिसमें ₹110.47 करोड़ का जुर्माना भी शामिल है।

Vedanta

वेदांता की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज ने वह वेदांता, वेदांता एल्युमीनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की चर्चाओं को खारिज कर दिया और कहा कि फिलहाल कोई भी हिस्सेदारी बेचने की ऐसी कोई योजना नहीं है।

Physicswallah

लाइटस्पीड अपॉर्चुनिटी फंड II LP ने फिजिक्सवाला के अपने पूरे 4.67 करोड़ शेयर (1.61% हिस्सेदारी) ₹549.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹117.72 के भाव पर बेच दिए। इस ब्लॉक डील के तहत ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, विरिडियन एशिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड, सफ्रा सारासिन फंड मैनेजमेंट SA, घिसालो मास्टर फंड, मेडिओलानम इंटरनेशनल फंड्स, न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, OP-इंडिया फंड और टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने शेयर बेचे हैं।

Rubicon Research

जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने रुबिकॉन रिसर्च के 1.38 करोड़ शेयर (8.37% हिस्सेदारी) ₹2,291.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹1660 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में 35.83% हिस्सेदारी वाले विदेशी प्रमोटर जनरल अटलांटिक ने ब्लॉक डील के जरिए 10 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, नोमुरा इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड मदर फंड, एचडीएफसी एएमसी, ICICI प्रूडेंशियल AMC, SBI म्यूचुअल फंड, VEMF-A LP, एक्सिस MF, TIMF होल्डिंग्स, एरंडा इन्वेस्टमेंट्स और PI अपॉर्चुनिटीज AIF V LLP को बेचे हैं।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

रिबिट कैपिटल V ने ग्रो के 6.31 करोड़ इक्विटी शेयर ₹196 के भाव पर ₹1,238.1 करोड़ में तो रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V ने 4.99 करोड़ शेयर ₹196.06 के भाव पर ₹979.16 करोड़ में बेच दिए। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल 11.31 करोड़ शेयर (1.8% हिस्सेदारी) 2,217.3 करोड़ रुपये में बेचे। जून 2026 तक रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V के पास ग्रो में 4.46% और रिबिट कैपिटल V LP की 5.64% हिस्सेदारी थी।

Welspun Corp

प्रति शेयर ₹2,275.30 के भाव पर प्रमोटर वेल्सपन इन्वेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स ने वेल्सपन कॉर्प के 60 लाख शेयर (2.27% हिस्सेदारी) ₹1,365.2 करोड़ तो वेल्सपन कॉर्प के एमडी और सीईओ विपुल माथुर ने 3 लाख शेयर (0.11% हिस्सेदारी) ₹68.3 करोड़ में बेच दिए। दोनो ने कुल मिलाकर 2.38% हिस्सेदारी बेची। वहीं कैपिटल ग्रुप ने 14 स्कीमों के जरिए ₹1,088.6 करोड़ में 1.81% हिस्सेदारी के बराबर वेल्सपन कॉर्प के 47.84 लाख शेयर और खरीदे तो एबरडीन ग्रुप ने छह स्कीमों के जरिए ₹150.76 करोड़ में 6.62 लाख शेयर (0.25% हिस्सेदारी) खरीदे। इसके अलावा क्वांट म्यूचुअल फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भी शेयर खरीदे हैं।

Viyash Scientific

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म द कार्लाइल ग्रुप की कंपनियों- सीए हुल इन्वेस्टमेंट्स और सीए हार्बर इन्वेस्टमेंट्स ने वियश साइंटिफिक के 4.75 करोड़ शेयर (10.88% हिस्सेदारी) अलग-अलग भाव पर ₹1,259.4 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक कार्लाइल ग्रुप की कंपनी में 61.31% हिस्सेदारी थी। कार्लाइल ने जो शेयर बेचे हैं, उसमें 1.08 करोड़ शेयर छह निवेशकों- कोटक महिंद्रा AMC, बंधन MF, एडलवाइस MF, पनवीरा इंडिया इनोवेशन फंड, एस गुप्ता होम्स और आगम इन्वेस्टमेंट्स ने खरीदे हैं।

Gaja Alternative Asset Management

इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने लिस्टिंग के दिन गजा कैपिटल के अतिरिक्त 85.95 लाख शेयर (6.09% हिस्सेदारी) ₹157.8 करोड़ में खरीद लिए। IPO बंद होने के बाद लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार इनवेस्को इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड की कंपनी में 1.71% हिस्सेदारी थी, और अब लिस्टिंग के दिन खरीदारी के बाद उसकी कुल हिस्सेदारी 7.8% हो गई।

Avenue Supermarts (DMart)

कैपिटल ग्रुप की अमेरिकन फंड्स इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल ग्रोथ एंड इनकम फंड ने डीमार्ट के एवेन्यू सुपरमार्ट्स के 67.64 लाख शेयर (1.03% हिस्सेदारी) ₹2,537.12 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,750.58 के भाव पर बेच दिए।

Standard Engineering Technology

अमांसा होल्डिंग ने स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के अतिरिक्त 11.58 लाख शेयर ₹37.59 करोड़ में प्रति शेयर ₹324.60 के भाव पर बेच दिए।

TCC Concept

गोल्डमैन सैक्स एशिया स्ट्रैटेजिक ने टीसीसी कॉन्सेप्ट के 4.04 लाख शेयर ₹10.46 करोड़ में प्रति शेयर ₹258.48 के भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: PFC (पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन), पीएंडजी (प्रॉक्टर एंड गैंबल) हेल्थ, थॉमस कुक (इंडिया), DOMS इंडस्ट्रीज, यश हाईवोल्टेज, मानक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज

एक्स-राइट्स: एनसीएल रिसर्च एंड फाइनेंशियल सर्विसेज

F&O बैन: आज SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITR Filing Deadline: 31 अगस्त की ITR डेडलाइन छूटने पर क्या होगा? फिर कैसे भर सकते हैं रिटर्न, कितना देना पड़ेगा जुर्माना

अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।

अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।

31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।

31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।

अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।

क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?

हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।

लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत

डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।

यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।

ITR में गलती हो गई तो क्या करें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।

लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।

Pension Scheme: अटल पेंशन योजना या PM मानधन, किस स्कीम में ज्यादा फायदा? 

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Upcoming IPO: पैसे कर लें तैयार, 31 अगस्त से खुलेगा मधुसूदन केला के निवेश वाली कंपनी पर्पल स्टाइल का IPO, जानिए सभी डिटेल्स

Purple Style Labs IPO: लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म पर्निया पॉप-अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने ₹680 करोड़ के इस आईपीओ के लिए ₹546 से ₹575 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

आकाश भंसाली, मधुसूदन केला और मुकुल महावीर अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों के समर्थन वाली इस कंपनी का आईपीओ 31 अगस्त को खुलकर 2 सितंबर 2026 को बंद होगा।

आईपीओ से जुड़ी जरूरी बातें

  • आईपीओ खुलने और बंद होने की तारीख: 31 अगस्त- 2 सितंबर 2026
  • एंकर बुक इश्यू: 28 अगस्त 2026
  • इश्यू साइज: ₹680 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू)
  • प्राइस बैंड: ₹546 से ₹575 प्रति शेयर
  • न्यूनतम निवेश (1 लॉट): ₹14,950 (26 शेयर)

आईपीओ के फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने विस्तार और मार्केटिंग में करेगी:

₹371.1 करोड़: सब्सिडियरी कंपनी PSL रिटेल में निवेश किया जाएगा, ताकि भारत में एक्सपीरियंस सेंटर्स और बैक-एंड ऑफिसों के लीज पेमेंट पूरे किए जा सकें।

₹138.9 करोड़: सेल्स और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।

बाकी रकम: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी का कारोबार और दिग्गज निवेशकों की हिस्सेदारी

पर्पल स्टाइल लैब्स भारत में लक्जरी फैशन, खासतौर पर वेडिंग और ओकेजन वियर का बड़ा क्यूरेटेड प्लेटफॉर्म चलाती है। कंपनी के पास देश भर में 12 एक्सपीरियंस सेंटर्स और 2 बैक-एंड ऑफिस हैं। प्रमुख निवेशकों की हिस्सेदारी:

  • आकाश भंसाली (Volrado Venture Partners Fund II): 2.41% हिस्सेदारी
  • मधुसूदन केला (Singularity AMC): 1.60% हिस्सेदारी
  • मुकुल महावीर अग्रवाल: 1.18% हिस्सेदारी

कैसी है कंपनी की माली हालत?

कंपनी की वित्तीय सेहत पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में राजस्व में उतार-चढ़ाव और घाटे में बढ़ोतरी देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कुल घाटा बढ़कर ₹285.3 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2025 में घाटा ₹188.3 करोड़ था। साथ ही कंपनी का राजस्व 13.9% बढ़कर ₹557.8 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.9% घटकर ₹489.9 करोड़ रह गया था।

पर्पल स्टाइल लैब्स का ब्रांड नेम और इसमें दिग्गजों का निवेश इसे आकर्षक बनाता है, लेकिन पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय रह सकता है। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

ESDS Software IPO: महाराष्ट्र की कंपनी ESDS Software Solution अपना ₹720 करोड़ का IPO ला रही है। यह 28 अगस्त को खुलेगा और 1 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर कंपनी की वैल्यू करीब ₹5,028.3 करोड़ बैठती है।

IPO की पूरी डिटेल

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी IPO से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी को मिलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 27 अगस्त को खुलेगी। IPO का अलॉटमेंट 2 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 4 सितंबर से शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी ने पहले ₹600 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। अब इश्यू का आकार बढ़ाकर ₹720 करोड़ कर दिया गया है।

रिटेल निवेशक कितना पैसा लगाएगा?

निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 34 शेयर के मल्टीपल में ही बोली लगाई जा सकेगी।

अपर प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,586 होगा। वहीं अधिकतम निवेश करीब ₹1,89,618 तक जा सकता है।

ESDS Software IPO का GMP

ESDS Software के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹250 रुपये है। यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को 58.28% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसलिए लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

ESDS Software Solution IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में लगाएगी।

कंपनी करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद और इंस्टॉलेशन पर करेगी। यह खर्च FY27 और FY28 के दौरान किया जाएगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में लगाया जाएगा।

कंपनी क्या करती है?

ESDS Software Solution क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देती है।

कंपनी का दावा है कि भारत में वह उन चुनिंदा कंपनियों में है जो इन सभी सेवाओं का पूरा स्पेक्ट्रम देती हैं। उसके डेटा सेंटर बेंगलुरु, नोएडा, नासिक और मोहाली जैसे शहरों में हैं। कोलकाता और साहिबाबाद में भी नए डेटा सेंटर बनाने की योजना है।

AI से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

मार्च 2026 में ESDS Software ने ऑस्ट्रेलिया की एक neocloud AI compute कंपनी के साथ रणनीतिक समझौता किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 5 साल का है। इसे 2 साल और बढ़ाने का विकल्प भी है।

पूरे संभावित 7 साल के लिए इस समझौते की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.25 अरब डॉलर है। कंपनी को इस समझौते से FY27 की तीसरी तिमाही से रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी के शेयरहोल्डर्स कौन हैं?

कंपनी के प्रमोटर्स के पास करीब 46.06% हिस्सेदारी है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 52.65% हिस्सेदारी है।

पब्लिक शेयरहोल्डर्स में मुकुल महावीर अग्रवाल की 6.99%, आशीष कचोलिया की 2.39% और Anchorage Capital Fund की 1.32% हिस्सेदारी है।

मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹120.8 करोड़ हो गया। FY25 में यह ₹55.6 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.7% बढ़कर ₹472.2 करोड़ हो गया। FY25 में रेवेन्यू ₹361.3 करोड़ था।

IPO के लिए DAM Capital Advisors और Systematix Corporate Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।