NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।

कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।

बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।

बाजार: नाजुक स्तरों पर

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?

बाजार: अब क्या?

बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।

 

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में आज तेज गिरावट है। आज यह शेयर करीब 8 फीसदी तक फिसला है। फिलहाल यह शेयर 68.30 रुपए यानी 5.57 फीसदी की कमजोरी के साथ 1157 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 1,199.10 रुपए और दिन का लो 1,125.70 रुपए है। इसका 52 वीक लो 907.40 रुपए और 52 वीक हाई 1,284.50 रुपए है।

PVR INOX में तेज गिरावट की वजह

इस स्टॉक में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट आई है। शेयर की बायबैक की रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर थी। कंपनी के बोर्ड ने 300 करोड़ रुपए के बायबैक मंजूर कर लिया है। बायबैक की प्राइस 1450 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। कुल पेड-अप इक्विटी का 4.09% बायबैक होगा।

PVR INOX: 200 Cr फ्रॉड का मामला

कंपनी ने अप्रैल में एक सीनियर एग्जीक्यूटिव को हटाया है। इंटरनल जांच में रिश्वत लेने का आरोप सामने आया था। सिनेमा प्रॉपर्टीज बना रहे डेवलपर्स से रिश्वत का आरोप है। कथित तौर पर यह मामला कई सालों से चल रहा था। ये एक-दो पेमेंट का मामला नहीं। इस घोटाले की कुल रकम 200 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मल्टीप्लेक्स चलाने वाली PVR INOX ने अप्रैल में एक वरिष्ठ कार्यकारी को अपने सिनेमा भवनों का निर्माण कर रहे डेवलपर्स से कथित रिश्वतखोरी की आंतरिक जांच के बाद पद छोड़ने के लिए कहा था। इस जांच से पता चला है कि कंपनी के ग्रोथ और इन्वेस्टमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रमोद अरोड़ा ने सिनेमा प्रॉपर्टीज़ के डेवलपर्स से रिश्वत ली थी।

अरोड़ा टियर II और टियर III शहरों में PVR के विस्तार में शामिल थे। इनमें फ्रेंचाइजी-ओन्ड,कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) सिनेमा और SMART/स्मार्ट स्क्रीन पहल शामिल हैं। इन फ़ॉर्मेट्स को कम लागत वाले,डिजिटल-फ़र्स्ट मल्टीप्लेक्स के तौर पर डिज़ाइन किया गया है इसका लक्ष्य छोटे शहरों और कस्बों में विस्तार है।

कंपनी को अप्रैल में इन आरोपों के बारे में पता चला, जिसके बाद अरोड़ा और कुछ अन्य कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया। अरोड़ा के साइन किए हुए एक डिक्लेरेशन में उन्हें दूसरी सिनेमा चेन में शामिल होने और PVR Inox के मौजूदा वेंडर्स से संपर्क करने से भी रोका गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है,तो इस डॉक्यूमेंट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

JM Financial ने इस स्टॉक पर अपनी ‘ADD’ रेटिंग बनाए रखते हुए, 12 महीने के प्राइस टारगेट को ₹1,130 से बढ़ाकर ₹1,270 कर दिया है। ब्रोकरेज ने अपने टारगेट EV/EBITDA मल्टीपल को 8x से बढ़ाकर 9x कर दिया है। इसके पीछे कंपनी के पास मौजूद अच्छे कंटेंट पाइपलाइन और बेहतर नेट कैश पोज़िशन का हवाला दिया गयाहै। जून 2026 के आखिर में कंपनी के पास ₹81 करोड़ का नेट कैश था,जबकि मार्च 2026 के आखिर में ₹162 करोड़ का नेट डेट (कर्ज़) था।

PVR INOX: हनुमान अंश का दम

सिर्फ 2 करोड़ रुपए में बनी फिल्म की कमाई 145 करोड़ रुपए के पार चली गई है। कम बजट में हनुमान अंश का जबरदस्त कलेक्शन देखने को मिला है।

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PVR INOX की चाल

शेयर ने इस साल अब तक 13 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल में इसने 21 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 4.06 फीसदी की गिरावट आई है। 1 महीने में इसमें 0.23 फीसदी की तेजी आई है। 1 साल में यह शेयर 1.08 फीसदी बढ़ा है।

 

 

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Hy-Tech Engineers IPO: कल होगी धमाकेदार एंट्री! 80% चढ़ा GMP, लिस्टिंग के बाद बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स से जानें

Hy-Tech Engineers IPO GMP & Listing: प्राइमरी मार्केट में धमाल मचाने के बाद हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ कल यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। 244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुए इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है और इसका जीएमपी लगभग 80 फीसदी के करीब पहुंच चुका है।

जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल लिस्टिंग वाले दिन क्या करें, मुनाफा वसूल कर निकल जाएं या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड रखें? आइए जानते हैं लिस्टिंग से पहले GMP, सब्सक्रिप्शन डेटा, ब्रोकरेज की राय और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी पूरी डिटेल्स।

244 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब

24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच खुले इस ₹135.73 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने रिकॉर्डतोड़ बोलियां लगाई थीं। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 443.49 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशक(NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 402.29 गुना आवेदन आए। QIB का हिस्सा 255.77 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कितनी मजबूत है बैलेंस शीट?

हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली हाई-टेक इंजीनियर्स मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स बनाती है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹19.62 करोड़ था।

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने व्हाइटओक कैपिटल जैसे दिग्गजों सहित एंकर निवेशकों से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे।

80% लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के अनुसार, 31 अगस्त को Hy-Tech Engineers का GMP ₹42 प्रति शेयर चल रहा है। इसका इश्यू प्राइस ₹53 था। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर रह सकता है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 80% का बंपर मुनाफे की उम्मीद है।

Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज: ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने पिछले 2 सालों में 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBIDTA मार्जिन 22% के आसपास बनाए रखा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर मजबूत है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘कंपनी लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती है। कल अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। जिन्हें अलॉटमेंट मिला है, वे इसे मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए HOLD रख सकते हैं।’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स: आनंद राठी ने कंपनी के 11,000 से ज्यादा SKUs, 170 सीधे क्लाइंट्स और रेलवे-डिफेंस में मौजूदगी की तारीफ की। अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E मल्टीपल 22.25x है जो वाजिब वैल्युएशन दिखाता है। इन्होंने भी इस इश्यू को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी थी।

निवेशकों के लिए फाइनल स्ट्रैटेजी

जिन्हें केवल शॉर्ट-टर्म मुनाफा चाहिए, वे कल बंपर ओपनिंग के बाद अपना प्रॉफिट बुक करके निकल सकते हैं या स्टॉप-लॉस लगाकर चल सकते हैं। वहीं लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स जिन्हें शेयर अलॉट हुए हैं और वे कंपनी के फंडामेंटल्स व हाइड्रॉलिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा रखते हैं, वे एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक इसे अपने पोर्टफोलियो में होल्ड कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: टेक्नोलॉजी से जुड़े होम-सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company के शेयर में बुधवार को गिरावट आई। इसके साथ लगातार तीन दिन से चल रही तेजी भी थम गई। इसकी वजह है ग्लोबल ब्रोकरेज Bank of America यानी BofA की नई रिपोर्ट।

BofA ने Urban Company की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से घटाकर ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दी है। ब्रोकरेज को शेयर की मौजूदा कीमत ज्यादा लग रही है। कंपनी को घाटा भी हो रहा है। ऊपर से Instant Help कारोबार में मुकाबला बढ़ रहा है।

शेयर 0.69% गिरा

बुधवार को NSE पर Urban Company का शेयर 0.69% गिरकर ₹168.12 पर बंद हुआ। हालांकि, इससे पहले तीन कारोबारी दिनों में शेयर करीब 16% चढ़ चुका था।

जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 30% ऊपर जा चुका था। इसी तेजी के बाद BofA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹155 रखा है। यानी मौजूदा भाव से करीब 8% नीचे जाने का अनुमान है।

Instant Help कारोबार चिंता बढ़ा रहा

BofA की सबसे बड़ी चिंता Urban Company का Instant Help कारोबार है। कंपनी इस सेगमेंट में तेजी से पैसा लगा रही है। लेकिन अभी यहां घाटा काफी बढ़ गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस कारोबार में मुकाबला और बढ़ेगा। इससे कंपनी की कमाई पर दबाव आ सकता है। Urban Company को Snabbit और Pronto जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। दोनों ने हाल में पैसा भी जुटाया है। इसका मतलब है कि मुकाबला आगे और तेज हो सकता है।

InstaHelp का घाटा 13 गुना बढ़ा

InstaHelp का EBITDA घाटा तेजी से बढ़ा है। FY26 की पहली तिमाही में यह करीब ₹10 करोड़ था। FY27 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर करीब ₹130 करोड़ हो गया। यानी कंपनी इस कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए पैसा लगा रही है। लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर नहीं दिख रहा है।

BofA ने इसी वजह से Urban Company के कमाई अनुमान भी घटाए हैं। FY28 के लिए अब उसे प्रति शेयर ₹0.73 का घाटा होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान ₹0.59 के घाटे का था। FY29 के लिए EPS अनुमान भी ₹2.27 से घटाकर ₹1.41 कर दिया गया है।

UBS और Emkay की राय अलग

Urban Company पर सभी ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। इससे पहले UBS ने शेयर पर कवरेज शुरू की थी। उसने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी थी। UBS का मानना है कि भारत का ऑनलाइन होम सर्विस बाजार तेजी से बढ़ सकता है। UBS ने इस बदलाव को भारत के क्विक कॉमर्स में आए ‘Blinkit मोमेंट’ जैसा बताया था।

इसके बाद Emkay ने भी शेयर पर कवरेज शुरू की। उसने ‘Buy’ रेटिंग दी और ₹190 का टारगेट दिया। Emkay को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के बीच भारत का कंज्यूमर सर्विस मार्केट करीब 19.8% CAGR से बढ़ सकता है।

Vedanta Aluminium share Price: मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीदने की सलाह, शेयर 3 फीसदी उछला

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Manipal Health IPO: पैसों का कर लें इंतजाम! कल से खुल रहा है मणिपाल हेल्थ का मेगा इश्यू , जानें ब्रोकरेज की राय

Manipal Health Enterprises IPO: देश की प्रमुख अस्पताल चेन मणिपाल हॉस्पिटल्स का संचालन करने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ कल यानी 29 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। अगर आप भी इस IPO में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश करने से पहले इसका प्राइस बैंड, जीएमपी, लॉट साइज और ब्रोकरेज रिपोर्ट जान लें।

Manipal Health IPO: प्राइस बैंड और इश्यू साइज

  • प्राइस बैंड: ₹560 से ₹590 प्रति शेयर।
  • ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 29-31 जुलाई
  • अलाटमेंट: 3 अगस्त
  • लिस्टिंग: 5 अगस्त
  • न्यूनतम निवेश: रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट (25 शेयर) के लिए बोली लगा सकते हैं। अपर प्राइस बैंड (₹590) के हिसाब से 1 लॉट के लिए ₹14,750 का निवेश करना होगा।
  • इश्यू साइज: ₹9,275 करोड़ (₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

कंपनी प्रोफाइल और फंड का इस्तेमाल

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज बेड क्षमता के आधार पर भारत का सबसे बड़ा पैन-इंडिया मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है। मार्च 2026 तक कंपनी 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 49 अस्पतालों और 13,037 लाइसेंस प्राप्त बेड्स का संचालन करती है।

कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के बकाए कर्ज को चुकाने, सह्याद्री हॉस्पिटल्स में माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

FY26 में कंपनी की कुल आय 26% बढ़कर ₹10,520.52 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹8,362.79 करोड़ थी। EBITDA भी बढ़कर ₹2,795.94 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,247.07 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) घटकर ₹916.52 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹1,081.67 करोड़ था।

ब्रोकरेज की राय: Subscribe करें या नहीं?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड ₹590 पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के आधार पर 85.4x PE पर है और इश्यू के बाद मार्केट कैप ₹77,605.6 करोड़ बैठता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आईपीओ का वैल्यूएशन पूरी तरह से प्राइज्ड-इन है। ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।

ग्रे मार्केट में क्या है रुझान?

आईपीओ मार्केट ट्रैकर्स के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 को मणिपाल हेल्थ का जीएमपी ₹13.5 दर्ज किया गया है। ₹590 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹603.5 के आसपास हो सकती है। यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल लगभग 2.29% के मामूली लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा है।

डिक्लेमर: मनीकंट्रोल हिंदी पर दिए गए विचार और निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स के अपने निजी होते हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें।

Xtranet Technologies IPO: आईटी सेक्टर के इस आईपीओ में निवेश का मौका! क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? यहां जानें

Xtranet Technologies IPO Details: आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए आज से एक और नया मौका खुल गया है। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ₹167 करोड़ का आईपीओ आज यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल गया है। कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं ब्रोकरेज की राय सहित इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी बात।

Xtranet Technologies IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर।
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹13,970
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹50 करोड़

यह ₹167 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 1.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹50.04 करोड़ जुटाए हैं। प्रमुख एंकर इनवेस्टर्स सेंट कैपिटल फंड, विनी ग्रोथ फंड, लॉन्गथ्राइव कैपिटल और टॉरस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ₹102 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों, ₹20.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹8.48 करोड़ नए सिस्टम व हार्डवेयर खरीदने पर खर्च करेगी।

कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक

2002 में स्थापित यह कंपनी एंटरप्राइज एप्लीकेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में एंड-टू-एंड आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) साल-दर-साल 35.6% बढ़कर ₹40.73 करोड़ हो गया। इस दौरान कुल रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹365.3 करोड़ पर पहुंच गया। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास ₹356.96 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है GMP?

IPO मार्केट पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जुलाई को एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹13 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹140 रह सकता है। अगर GMP के अनुमानों के मुताबिक लिस्टिंग होती है तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को करीब 10% से ज्यादा का मुनाफा हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को मध्यम अवधि और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है और इसका वैल्यूएशन मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के हिसाब से सही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कल से खुलेगा लोहिया कॉर्प का ₹1101 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय

Lohia Corp IPO GMP and Details: प्राइमरी मार्केट में निवेशकों को पैसा बनाने का एक और जबरदस्त मौका मिलने जा रहा है। टेक्निकल टेक्सटाइल और वोवन प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प लिमिटेड का करीब ₹1,101 करोड़ का आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल रहा है।

बाजार में एंट्री से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने भी इस इश्यू को लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस आईपीओ का प्राइस बैंड, जीएमपी, जरूरी तारीखें, कंपनी की वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज की राय।

Lohia Corp IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹404 से ₹425 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,875
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इश्यू का साइज ₹1,101.28 करोड़ है जिसमें प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे है। चूंकि यह पूरी तरह से OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को जाएगी, कंपनी के खाते में कोई फंड नहीं आएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल और Raffia इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली ग्लोबल दिग्गज है। यह सीमेंट, उर्वरक, केमिकल्स, फूड ग्रेंस और बैग्स की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक और बोरे बनाने की मशीनें बनाती है।

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय वोवन राफिया मशीनरी बाजार में कंपनी की 40.7% की हिस्सेदारी थी, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 15.4% है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹117.84 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.70% बढ़कर ₹1,717 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को लोहिया कॉर्प का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसका अपर प्राइस बैंड ₹425 है इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹465 प्रति शेयर (₹425 + ₹40) रह सकता है। इस GMP पर निवेशकों को करीब 10% का लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।

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ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस आईपीओ को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालांकि कंपनी का राजस्व मुख्य रूप से एक ही सेगमेंट पर निर्भर है, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पकड़ और ग्रोथ क्षमता को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

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