हर 1,000 व्यूज पर ₹60! इस चीनी प्लेटफॉर्म ने क्रिएटर्स का खींचा ध्यान, YouTube को देगा कड़ी टक्कर

चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट

यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।

इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।

मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें

Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।

Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है

यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।

बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।

हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में चार सत्रों से जारी तेजी पर ब्रेक, चांदी ₹500 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार चार सत्रों से सोने में जारी तेजी पर 26 अगस्त को ब्रेक लग गया। सोना 600 रुपये गिरकर 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी की कीमतों में 500 रुपये का उछाल

चांदी में 500 रुपये का उछाल आया। इससे इसकी कीमतें 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मडरेक्स में लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि लगातार तेजी के बाद सोने में प्रॉफिट बुकिंग हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि हालिया तेजी के गोल्ड का भाव बीते कई महीनों की उंचाई पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरे सोना और चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.66 फीसदी गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.39 प्रति औंस पर चल रही थी। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दिखी। इसका भाव 1.22 फीसदी गिरकर 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट 

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट दिखी। इसकी वजह लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में भी गिरावट आई है। इसकी वजह इसकी सप्लाई को लेकर चिंता में कमी है। ईरान और ओमान अस्थायी रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ओपन करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

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फेड चेयरमैन की स्पीच पर इनवेस्टर्स की नजरें 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह 28 अगस्त यानी शुक्रवार को जैक्सन होल में स्पीच देने वाले हैं। उनकी स्पीच से फेड की पॉलिसी के संकेत मिलेंगे। सितंबर में फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। अगर वह इंटरेस्ट रेट को अपरिवर्तित रखता है तो यह सोने की कीमतों के लिए पॉजिटिव होगा।

Sugar Price: भाव में आ सकती है नरमी, सरकार ने विदेश भेजी जाने वाली चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की मंजूरी दी

भारत में चीनी की कमी को देखते हुए रिफाइनर करीब 3.5 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में बेच सकते हैं। यह चीनी पहले विदेश भेजी जानी थी। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।

यह स्टॉक करीब एक हफ्ते के भीतर घरेलू बाजार में आ सकता है। इतनी चीनी देश की करीब पांच दिन की कुल खपत के बराबर है। इससे हाल में तेजी से बढ़ी चीनी की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

इस साल चीनी की कमी क्यों हुई?

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है। लेकिन इस साल उत्पादन उम्मीद से कम रहने का अनुमान है। कई प्रमुख गन्ना उत्पादक इलाकों में बारिश सामान्य नहीं रही। फसलों में बीमारी का असर भी पड़ा है।

दूसरी तरफ अब देश में त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है। अगस्त के आखिर से जनवरी तक चीनी की खपत आमतौर पर काफी बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर पैकेज्ड फूड तक में चीनी की मांग बढ़ती है। यानी इस समय बाजार में चीनी की जरूरत बढ़ रही है और सप्लाई पर दबाव है।

सरकार ने दो बड़े फैसले लिए

सरकार ने हाल में चीनी की सप्लाई बढ़ाने के लिए दो कदम उठाए हैं। पहला, 10 लाख टन चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी गई है।

दूसरा, रिफाइनर्स को कुछ ऐसी रिफाइंड चीनी घरेलू बाजार में बेचने की इजाजत दी गई है, जिसे पहले एक्सपोर्ट के लिए रखा गया था। अब इसी फैसले के तहत करीब 3.5 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में आ सकती है।

चीनी के दाम में पहले ही आई नरमी

सरकार के कदम का असर कीमतों पर दिखने लगा है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रकाश नाइकनावरे के मुताबिक, देश में एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत पिछले हफ्ते ₹67 प्रति किलो तक पहुंच गई थी।

अब कीमत घटकर करीब ₹54 से ₹55 प्रति किलो रह गई है। 20 अगस्त को ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की घोषणा के बाद बाजार में राहत देखने को मिली है। नाइकनावरे का कहना है कि सरकार के समय पर उठाए गए कदमों से कीमतों में और नरमी आ सकती है। इससे त्योहारी सीजन में ग्राहकों को राहत मिलेगी।

कितना इंपोर्ट हो सकता है?

सरकार ने भले ही 10 लाख टन ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन पूरा कोटा इस्तेमाल होने की संभावना कम है। Bloomberg ने पांच ट्रेडर्स, एनालिस्ट्स और मिलर्स से बातचीत के आधार पर अनुमान लगाया है कि अक्टूबर के अंत तक करीब 3 लाख से 6 लाख टन चीनी का इंपोर्ट हो सकता है।

घरेलू कीमतों में नरमी आने से मिलर्स और रिफाइनर्स के लिए ज्यादा चीनी इंपोर्ट करने का फायदा कम हो गया है। इसलिए पूरा 10 लाख टन कोटा इस्तेमाल होने की संभावना कम बताई जा रही है।

ब्राजील से चीनी आने तक मिलेगी राहत

जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में एक्सपोर्ट वाली चीनी उतारने से फिलहाल राहत मिल सकती है। बाद में भारत को इंपोर्ट की जरूरत फिर भी पड़ेगी। इसका मकसद घरेलू बाजार में सप्लाई बनाए रखना है, जब तक ब्राजील से चीनी की खेप भारत पहुंचना शुरू नहीं हो जाती।

भारत में रिफाइनर्स को Advance Authorisation के तहत कच्ची चीनी ड्यूटी फ्री इंपोर्ट करने की अनुमति भी है। हालांकि, प्रोसेसिंग के बाद इस चीनी को तय नियमों के तहत एक्सपोर्ट करना होता है।

Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: BofA ने रेटिंग घटाई, शेयर में तीन दिन की तेजी पर भी ब्रेक लगा

Urban Company Share: टेक्नोलॉजी से जुड़े होम-सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company के शेयर में बुधवार को गिरावट आई। इसके साथ लगातार तीन दिन से चल रही तेजी भी थम गई। इसकी वजह है ग्लोबल ब्रोकरेज Bank of America यानी BofA की नई रिपोर्ट।

BofA ने Urban Company की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से घटाकर ‘अंडरपरफॉर्म’ कर दी है। ब्रोकरेज को शेयर की मौजूदा कीमत ज्यादा लग रही है। कंपनी को घाटा भी हो रहा है। ऊपर से Instant Help कारोबार में मुकाबला बढ़ रहा है।

शेयर 0.69% गिरा

बुधवार को NSE पर Urban Company का शेयर 0.69% गिरकर ₹168.12 पर बंद हुआ। हालांकि, इससे पहले तीन कारोबारी दिनों में शेयर करीब 16% चढ़ चुका था।

जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयर करीब 30% ऊपर जा चुका था। इसी तेजी के बाद BofA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹155 रखा है। यानी मौजूदा भाव से करीब 8% नीचे जाने का अनुमान है।

Instant Help कारोबार चिंता बढ़ा रहा

BofA की सबसे बड़ी चिंता Urban Company का Instant Help कारोबार है। कंपनी इस सेगमेंट में तेजी से पैसा लगा रही है। लेकिन अभी यहां घाटा काफी बढ़ गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस कारोबार में मुकाबला और बढ़ेगा। इससे कंपनी की कमाई पर दबाव आ सकता है। Urban Company को Snabbit और Pronto जैसी कंपनियों से टक्कर मिल रही है। दोनों ने हाल में पैसा भी जुटाया है। इसका मतलब है कि मुकाबला आगे और तेज हो सकता है।

InstaHelp का घाटा 13 गुना बढ़ा

InstaHelp का EBITDA घाटा तेजी से बढ़ा है। FY26 की पहली तिमाही में यह करीब ₹10 करोड़ था। FY27 की पहली तिमाही में घाटा बढ़कर करीब ₹130 करोड़ हो गया। यानी कंपनी इस कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए पैसा लगा रही है। लेकिन फिलहाल इसका असर मुनाफे पर नहीं दिख रहा है।

BofA ने इसी वजह से Urban Company के कमाई अनुमान भी घटाए हैं। FY28 के लिए अब उसे प्रति शेयर ₹0.73 का घाटा होने का अनुमान है। पहले यह अनुमान ₹0.59 के घाटे का था। FY29 के लिए EPS अनुमान भी ₹2.27 से घटाकर ₹1.41 कर दिया गया है।

UBS और Emkay की राय अलग

Urban Company पर सभी ब्रोकरेज की राय एक जैसी नहीं है। इससे पहले UBS ने शेयर पर कवरेज शुरू की थी। उसने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी थी। UBS का मानना है कि भारत का ऑनलाइन होम सर्विस बाजार तेजी से बढ़ सकता है। UBS ने इस बदलाव को भारत के क्विक कॉमर्स में आए ‘Blinkit मोमेंट’ जैसा बताया था।

इसके बाद Emkay ने भी शेयर पर कवरेज शुरू की। उसने ‘Buy’ रेटिंग दी और ₹190 का टारगेट दिया। Emkay को उम्मीद है कि FY26 से FY29 के बीच भारत का कंज्यूमर सर्विस मार्केट करीब 19.8% CAGR से बढ़ सकता है।

Vedanta Aluminium share Price: मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीदने की सलाह, शेयर 3 फीसदी उछला

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नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

Modi Balen Shah Telephonic Conversation

Modi Balen Shah Telephonic Conversation on Flood Tragedy: नेपाल में कुदरत का भयानक कहर जारी है। भीषण बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। संकट की इस कठिन घड़ी में भारत अपने पड़ोसी मित्र देश नेपाल की ओर पूरी मजबूती से मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से टेलीफोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

नेपाल में भीषण बारिश और बाढ़ के कारण मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर एकजुटता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और नेपाल को संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया। उल्लेखनीय है कि नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 400 पर्यटक लापता हैं। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।


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नेपाल के साथ खड़ा है भारत : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बातचीत में इस बात को रेखांकित किया कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ सीमाएं नहीं, बल्कि गहरी सांस्कृतिक और भाईचारे की भावना जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को आश्वस्त किया कि भारत सरकार संकट के इस समय में नेपाल को राहत सामग्री, बचाव कार्य और किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।


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राहत और बचाव में मदद का आश्वासन

नेपाल के कई हिस्से भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की जरूरतों के आधार पर तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि जब भी पड़ोसी देशों पर ऐसी प्राकृतिक आपदा आती है, तो भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) की नीति के तहत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है।

Vedanta Group कंपनियों के शेयरों को लगे पंख, वेदांता ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा 7% उछला

वेदांता ग्रुप की कंपनियों के लिए बुधवार यानी 26 अगस्त का दिन खास रहा। ग्रुप की करीब सभी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी। शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद ये शेयर अच्छी तेजी के साथ बंद हुए। इससे एक दिन में समूह की कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 18,120 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

Vedanta Group की प्रमुख कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक दिन में 5.66 फीसदी बढ़कर 3.38 लाख करोड़ रुपये हो गया। सबसे ज्यादा 7.27 फीसदी का उछाल वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखा। इससे इसका भाव 41.78 रुपये पर पहुंच गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 20 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों को खरीदने की सलाह

Vedanta Aluminium Metal के शेयरों में 3.33 फीसदी की तेजी आई। इससे इसका भाव 462.75 रुपये पर क्लोज हुआ। इस शेयर में तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म मोतोलाल ओसवाल की रिपोर्ट है। उसने शेयर पर ‘बाय’ की अपनी रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 540 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि आगे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने के आसार हैं। यह शेयर बीते एक महीने में करीब 6 फीसदी चढ़ा है।

वेदांता आयरन के शेयरों में करीब 5 फीसदी उछाल

वेदांता ऑयरन एंड स्टील के शेयर में 4.98 फीसदी उछाल आया। इससे इसका भाव 38.78 रुपये पर क्लोज हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 28 फीसदी उछला है। वेदांता का शेयर 4.36 फीसदी चढ़कर 287 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते एक महीने में 8.45 फीसदी चढ़ा है। ग्रुप की मार्केट वैल्यू बढ़ाने में सबसे ज्यादा 10,731 करोड़ रुपये का योगदान वेदांता एल्युमीनियम का रहा। वेदांता लिमिटेड का 4,891 करोड़ रुपये का योगदान रहा।

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हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस 750 करोड़ रुपये

हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में भी तेजी दिखी। यह शेयर 6.29 फीसदी चढ़कर 629.85 रुपये पर बंद हुआ। तेजी की वजह सरकार की तरफ से आया एक स्पष्टीकरण है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल उसका हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचने का प्लान नहीं है। इस, कंपनी में सरकार की 27.92 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि वेदांता की 60.71 फीसदी हिस्सेदारी है। इस बीच, जेफरीज ने हिंदुस्तान जिंक के शेयरों का टारगेट प्राइस बढ़ाया है। उसने टारगेट प्राइस बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया है।

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Stock Market Holiday: रक्षाबंधन पर खुलेगा या बंद रहेगा शेयर बाजार? ट्रेडर्स के लिए ये है बड़ा अपडेट

Raksha Bandhan Stock Market Holiday 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

बीएसई और एनएसई के ऑफिशियल ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह खुला रहेगा। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करंसी सेगमेंट में सामान्य दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी।

MCX और कमोडिटी मार्केट का क्या है शेड्यूल?

इक्विटी मार्केट के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर भी रक्षाबंधन के दिन काम-काज सामान्य रूप से जारी रहेगा। कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह और शाम दोनों सेशंस में रेगुलर ट्रेडिंग होगी। चूंकि यह ट्रेडिंग या रेगुलर सेटलमेंट हॉलिडे नहीं है, इसलिए रोलिंग सेटलमेंट साइकिल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

बैंकों की छुट्टी का पड़ सकता है असर

हालांकि शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट खुले रहेंगे, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 28 अगस्त को कई राज्यों और शहरों (जैसे- लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, जयपुर आदि) में बैंक बंद रहेंगे।

ऐसे में अगर आप इस दिन ट्रेडिंग के लिए बैंक ट्रांसफर या फंड्स ऐड/विड्रॉ करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने स्थानीय बैंक की वर्किंग स्थिति और डिजिटल बैंकिंग ऑप्शन्स की जांच पहले से कर लें।

2026 में शेयर बाजार की अगली छुट्टियां कब हैं?

रक्षाबंधन के बाद अब शेयर बाजार में अगली आधिकारिक छुट्टी सितंबर महीने में होगी। आने वाले महीनों की प्रमुख हॉलिडे लिस्ट इस प्रकार है:

  • 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर: दशहरा
  • 10 नवंबर: दिवाली (बलिप्रतिपदा)
  • 24 नवंबर: प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव जयंती)
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस

(नोट: दीपावली के दिन 8 नवंबर को शेयर बाजार में एक घंटे के लिए पारंपरिक ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सेशन का आयोजन किया जाएगा।)

रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को शेयर बाजार में किसी भी तरह की बंदी नहीं है। निवेशक सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे तक अपनी ट्रेडिंग सामान्य रूप से कर सकते हैं। हालांकि, बैंक हॉलिडे की वजह से फंड ट्रांसफर से जुड़े काम पहले से प्लान कर लें।

Solar Stock: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को ₹455 करोड़ का ऑर्डर मिला, 1 लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगाएगी

पुणे की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी GK Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है, जो राज्य सरकार की बिजली वितरण कंपनी ने दिया है। इसके तहत कंपनी को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर में 1 किलोवाट का सिस्टम लगेगा। यानी पूरे प्रोजेक्ट की क्षमता 100 MW होगी।

ऑर्डर की कुल कीमत करीब ₹454.5 करोड़ है। इसमें GST भी शामिल है। कंपनी को हर किलोवाट के लिए ₹45,450 मिलेंगे।

1 लाख घरों पर लगेगा सोलर

GK Energy को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर पर 1 kW का सिस्टम होगा। कंपनी का काम सिर्फ पैनल लगाने तक नहीं है। उसे पूरा काम संभालना होगा। इसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और सिस्टम शुरू करना शामिल है।

इन सोलर सिस्टम का 5 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस करना होगा। हर प्रोजेक्ट को संबंधित वर्क ऑर्डर मिलने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा।

जून तिमाही के नतीजे

GK Energy का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 54% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹37 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा। यह 55.4% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹325 करोड़ था।

EBITDA 44% बढ़कर ₹82.4 करोड़ हो गया। हालांकि, यहां एक छोटी चिंता भी है। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 16.3% रह गया। यानी बिक्री बढ़ी, लेकिन खर्च भी बढ़े। प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी बढ़कर ₹80.3 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹50.5 करोड़ था।

कंपनी करती क्या है?

GK Energy का मुख्य कारोबार सोलर से जुड़ा है। कंपनी दो बड़े काम करती है। पहला है सोलर प्रोजेक्ट्स का EPC कारोबार। यानी डिजाइन से लेकर निर्माण और इंस्टॉलेशन तक पूरा काम। दूसरा कारोबार सोलर सेल और दूसरे सोलर प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग का है। पहली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में EPC कारोबार की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही।

शेयर में 6.83% से ज्यादा तेजी

बुधवार को GK Energy के शेयर 6.83% बढ़कर ₹134.81 पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.62% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 19.63% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.73 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।