Stocks to Watch: 23 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 7 शेयर, अदाणी और टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch:  बुधवार 23 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियां अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकती हैं। अदाणी और टाटा ग्रुप की कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी कुछ शेयरों पर दिख सकता है। वहीं, हिस्सेदारी बढ़ाने, प्रमोटर सेल और नए स्टोर से जुड़े अपडेट भी हैं।

Adani Group Stocks

अडानी ग्रुप की कंपनियां फोकस में रहेंगी। SEBI ने Adani Enterprises, Adani Total Gas, AWL Agri Business, Adani Green Energy और Adani Energy Solutions से जुड़े मामलों को ₹1.51 करोड़ के सेटलमेंट के साथ निपटाया है। मामला हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए RPT और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवालों से जुड़ा था।

OMCs Stocks

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यानी OMCs फोकस में रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। Brent क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से तेल बाजार पर असर पड़ा है।

Tata Group Stocks

टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रहेगी। Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने Tata Trusts की भूमिका और ग्रुप की मौजूदा ट्रस्ट-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही है।

Persistent Systems

आईटी सेक्टर की कंपनी Persistent Systems ने Nagarro में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने 61.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की है। इसके साथ Nagarro में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.25% हो गई है। अतिरिक्त शेयरों के लिए स्वीकृति अवधि 23 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक HDFC Bank में नए MD और CEO के फैसले पर नजर रहेगी। बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। दोनों नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। बैंक ने अभी आधिकारिक तौर पर नामों का खुलासा नहीं किया है।

Allied Blenders & Distillers

शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders & Distillers के प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया 55 लाख तक शेयर बेच सकती हैं। यह कंपनी की करीब 1.97% हिस्सेदारी है। बिक्री का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत पूरी करना है।

Allcargo Terminals

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Allcargo Terminals के अगस्त के कुल वॉल्यूम में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कुल वॉल्यूम 65.6 हजार TEUs रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 6% और जुलाई के मुकाबले 5% ज्यादा है।

360 ONE WAM

वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी 360 ONE WAM ने Aashish Agarwal को CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 फरवरी 2027 से प्रभावी होगी। इसी तारीख से MD Karan Bhagat को Vice Chairman की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

IRB Infrastructure Developers

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी IRB Infrastructure Developers के बोर्ड ने कुछ संपत्तियों को बेचकर रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के लिए कंपनी को अधिकृत भी किया है। अब कंपनी इन एसेट्स के मॉनेटाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Shoppers Stop

रिटेल सेक्टर की कंपनी Shoppers Stop ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी ने अहमदाबाद के Sindhu Bhavan और जबलपुर के Mall 11 में नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के डिपार्टमेंट स्टोर्स की कुल संख्या 117 हो गई है।

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

भारत सरकार दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेटरों के लिए एयरलाइन कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़े नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ये ऑपरेटर किसी एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार इस पाबंदी को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है।

इस कदम का मकसद देश के एविएशन मार्केट में IndiGo और Air India के दबदबे को कम करना है। दोनों एयरलाइंस मिलकर देश के करीब 90% घरेलू यात्रियों को संभालती हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है।

दिल्ली और मुंबई में अलग है नियम

बेंगलुरु जैसे एयरपोर्ट के लिए अपनी एयरलाइन शुरू करने पर ऐसी रोक नहीं है। लेकिन दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेशन और मैनेजमेंट एग्रीमेंट में ऐसी शर्त है, जो इनके ऑपरेटरों को किसी एयरलाइन पर नियंत्रण रखने से रोकती है।

नायडू ने कहा कि इस नियम में बदलाव पर विचार चल रहा है। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। Bloomberg News ने सबसे पहले जुलाई में इस प्रस्ताव की जानकारी दी थी।

Adani और GMR के लिए खुल सकता है रास्ता

अगर यह पाबंदी हटती है तो Adani Group और GMR Airports के लिए एयरलाइन कारोबार में उतरने का रास्ता खुल सकता है। Adani Group मुंबई समेत आठ एयरपोर्ट ऑपरेट करता है। वहीं, GMR Airports दिल्ली समेत पांच एयरपोर्ट का संचालन करता है।

यानी नियम बदलने के बाद ये कंपनियां किसी एयरलाइन में बड़ी हिस्सेदारी खरीद सकती हैं या एयरलाइन कारोबार में उतरने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

सरकार चाहती है कम से कम पांच बड़ी एयरलाइंस

एविएशन मिनिस्टर ने कहा कि भारत को कम से कम पांच एयरलाइंस की जरूरत है। इनमें से हर एयरलाइन के पास कम से कम 100 विमान होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार नई एयरलाइन शुरू करने के लिए आवेदन करने वाले किसी भी खिलाड़ी के प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है।

कैसे बढ़ा IndiGo और Air India का दबदबा?

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एविएशन मार्केट में कई बड़े बदलाव हुए हैं। Jet Airways और Go Airlines बंद हो गईं। दूसरी तरफ Vistara और AirAsia India का Tata Group की एयरलाइंस में विलय हो गया।

इसके बाद बाजार में IndiGo और Air India की पकड़ काफी मजबूत हो गई। Akasa Air अभी नई एयरलाइन है। SpiceJet भी चुनौतियों से जूझ रही है। इसके अलावा कुछ छोटी क्षेत्रीय एयरलाइंस हैं, लेकिन उनकी बाजार हिस्सेदारी काफी कम है।

ऐसे में सरकार ज्यादा बड़ी एयरलाइंस खड़ी करना चाहती है। अगर दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से जुड़ा नियम बदलता है तो Adani Group और GMR जैसे बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर भी इस बाजार में बड़े खिलाड़ी के तौर पर उतर सकते हैं।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ चल रहे मामले को सेटल कर दिया है। इन कंपनियों ने कुल ₹1.51 करोड़ का भुगतान किया है। यह मामला अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के खुलासे से जुड़ा था। उसमें रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPT) और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवाल उठाए गए थे।

SEBI ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आरोपों की जांच के दौरान इन मामलों की पड़ताल की थी। इसमें SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) नियमों, पुराने Listing Agreement और दूसरे लागू नियमों के संभावित उल्लंघन को देखा गया था।

इन पांच कंपनियों ने कितनी रकम दी?

सेटलमेंट के तहत Adani Enterprises ने ₹76.05 लाख दिए हैं। Adani Green Energy ने ₹45.50 लाख का भुगतान किया है। वहीं, Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Energy Solutions ने ₹9.75 लाख-₹9.75 लाख दिए हैं।

इन पांचों रकम को जोड़ें तो कुल भुगतान करीब ₹1.51 करोड़ बैठता है।

Adani Enterprises पर क्या मामला था?

SEBI की कार्यवाही में Adani Enterprises पर अपनी एनुअल रिपोर्ट में कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस यानी ग्रुप कंपनियों के बीच लेनदेन की जानकारी नहीं देने का आरोप था। इसके अलावा कंपनी की ऑडिट और लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स ऐसी ऑडिट फर्मों ने साइन की थीं, जिनके पास वैध Peer Review Certificate नहीं था।

यह सर्टिफिकेट ऑडिट फर्म की क्वालिटी रिव्यू प्रक्रिया से जुड़ा प्रमाणपत्र है। SEBI ने इसी से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन को भी कार्यवाही में शामिल किया था।

बाकी कंपनियों पर क्या आरोप थे?

Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Green Energy के मामले में भी ऑडिट या लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स से जुड़ा मुद्दा था। इन रिपोर्ट्स पर ऐसी ऑडिट फर्म ने हस्ताक्षर किए थे, जिसके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं था।

Adani Energy Solutions के मामले में जून 2015 की तिमाही की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को लेकर इसी तरह की आपत्ति थी।

कंपनियों ने आरोप स्वीकार नहीं किए

इन कंपनियों ने SEBI के साथ मामले को सेटल करने का रास्ता चुना। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों ने SEBI के जांच के नतीजों को स्वीकार कर लिया।

सेटलमेंट के तहत कंपनियों ने तथ्यों से जुड़े निष्कर्षों या कानूनी निष्कर्षों को न तो स्वीकार किया और न ही खारिज किया।

सितंबर में पूरा हुआ सेटलमेंट

SEBI की हाई पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून 2026 में संशोधित सेटलमेंट टर्म्स की सिफारिश की थी। इसके बाद अगस्त में SEBI के होलटाइम मेंबर्स के पैनल ने इन शर्तों को मंजूरी दी।

कंपनियों ने 5 सितंबर को SEBI को बताया कि सेटलमेंट की रकम जमा कर दी गई है। SEBI ने भी भुगतान मिलने की पुष्टि की। इसके बाद 22 सितंबर को SEBI ने इन मामलों को खत्म कर दिया।

क्या अब SEBI दोबारा कार्रवाई नहीं कर सकता?

ऐसा नहीं है। सेटलमेंट ऑर्डर में SEBI ने अपने अधिकार सुरक्षित रखे हैं। अगर सेटलमेंट के दौरान कंपनियों की ओर से दी गई कोई जानकारी बाद में गलत पाई जाती है, सेटलमेंट की शर्तों का उल्लंघन होता है या रकम तय करने में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो SEBI आगे कार्रवाई कर सकता है।

ऐसी स्थिति में SEBI पुरानी कार्यवाही को फिर से शुरू कर सकता है या नया एक्शन शुरू कर सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 16 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बाज़ार में काफी उतार-चढ़ाव रहा और IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी से पहले निवेशकों का मूड सतर्क रहा। इसके साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी दबाव और बढ़ा दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग 23,223.50 पर ट्रेड कर रहा था। यह घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए सपाट से लेकर बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

चार दिनों की गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजारों में कुछ स्थिरता दिख रही है। निवेशकों की नजर फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर से जुड़े फ़ैसले पर बनी रही। बाज़ार को उम्मीद है कि 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी।

MSCI का एशियाई इक्विटी इंडेक्स 0.2% ऊपर दिख रहा है। इसमें बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर दिख रही है। टॉपिक्स में 0.82 फीसदी की बढ़त दिख रही है। वहीं, निक्केई में 0.03 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 0.31 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी में 0.32 फीसदी की तेजी नजर आ रही है। वहीं,हैंगसेंग में 0.36 फीसदी की कमजोरी दिख रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दौर जारी रहा। अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी,कर्ज को लेकर बढ़ती चिंता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण खरीदार बाजार से दूरी बनाते दिखे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 328.09 अंक या 0.63% गिरकर 52,093.11 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 34.25 अंक या 0.45% की गिरावट के साथ 7,585.73 पर बंद हुआ और नैस्डैक कम्पोजिट 204.84 अंक या 0.78% गिरकर 25,981.57 पर आ गया।

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डॉलर इंडेक्स सपाट

बुधवार को डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है। यह कई बड़ी मुद्राओं के मुकाबले यह कई हफ़्तों के हाई के आस-पास ट्रेड कर रहा है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 99.69 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मामूली गिरावट के साथ 4.99% और 4.65% पर आ गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी कमज़ोर दिख रही है।दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.53% की गिरावट आई है। जापानी येन और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.14% की गिरावट देखी गई है। जबकि ताइवान डॉलर, थाई बहत, सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी भी कमज़ोर हुए हैं। इसके विपरीत,फिलीपींस पेसो और मलेशियाई रिंगित में बढ़त हुई है। इनमें 0.16% और 0.02% की तेज़ी आई है।

क्रूड ऑयल

बुधवार को अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई। वहीं,रेड सी तक जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद सऊदी अरब द्वारा अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोकने के फैसले के बाद निवेशकों ने सप्लाई से जुड़े जोखिमों पर नजर बनाई हुई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 93 सेंट गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ़्यूचर्स 97 सेंट गिरकर $104.86 प्रति बैरल पर दिख रहा है।

सोने की चाल सपाट

दो दिन की गिरावट के बाद सोने की चाल सपाट दिख रही है। तेल की ऊंची कीमतों की वजह से महंगाई की चिंता बनी हुई है और बुधवार को फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले से पहले ब्याज दरें बढ़ने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 15 सितंबर को ₹2,977 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान ₹2,686 करोड़ के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

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अदाणी पावर की GVK Energy को खरीदने की तैयारी, 330 MW हाइड्रो प्रोजेक्ट मिलेगा

Adani Power: अदाणी ग्रुप की दिग्गज बिजली कंपनी Adani Power ने GVK Energy को खरीदने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। GVK Energy के लेनदारों की समिति यानी CoC ने Adani Power के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट यानी LOI भी मिल गया है।

Adani Power ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि GVK Energy के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने 7 सितंबर को LOI जारी किया।

330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट

GVK Energy के पास उत्तराखंड में 330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट उसकी सब्सिडियरी Alaknanda Hydro Power Company के जरिए चलता है।

Adani Power यह अधिग्रहण कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस यानी CIRP के तहत कर रही है। यह प्रक्रिया इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत चल रही है।

100% हिस्सेदारी खरीदेगी Adani Power

Adani Power ने GVK Energy की 100% शेयर कैपिटल और कंट्रोल खरीदने का प्लान दिया है। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया यानी CCI ने मई में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

डील अभी पूरी नहीं हुई है

LOI मिलने का मतलब यह नहीं है कि अधिग्रहण पूरा हो गया है। रिजॉल्यूशन प्लान लागू करने के लिए अभी कुछ और मंजूरियां जरूरी हैं।

Adani Power ने कहा है कि यह प्रक्रिया LOI की शर्तों के अधीन होगी। इसके अलावा हैदराबाद स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT से भी मंजूरी लेनी होगी। जरूरत पड़ने पर दूसरे रेगुलेटरी अथॉरिटीज, कोर्ट या ट्रिब्यूनल से भी मंजूरी लेनी पड़ सकती है।

Adani Power के शेयर का हाल

Adani Power का शेयर 7 सितंबर को NSE पर 1.31% गिरकर ₹204.49 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 46.93% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 61.24% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.97 हजार करोड़ रुपये है।

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DK Shivakumar-Adani meeting: कर्नाटक में अदाणी-शिवकुमार की मुलाकात को लेकर सियासी घमासान! BJP ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड को लेकर साधा निशाना

DK Shivakumar-Adani meeting: दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार 24 अगस्त को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट बताया। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के साथ मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

सूत्रों के अनुसार, अदाणी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ गए थे। एयरपोर्ट लौटते समय सदाशिवनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिवकुमार से मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया। यह मुलाकात हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के बीच हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। हालांकि, टेंडर को अभी आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

यह तत्काल पता नहीं चल सका कि शिवकुमार और अदाणी के बीच बातचीत में सुरंग सड़क परियोजना का मुद्दा उठा या मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब वह (अदाणी) यहां मुझसे मिलने आना चाहते थे। वे यहां कई कारोबार कर रहे हैं। वह शिष्टाचारवश मुझसे मिलने आए थे।”

BJP हुई हमलावर

इस बीच, BJP के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने इस मुलाकात की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की अनुमति दी थी। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा, “कांग्रेस दिल्ली में अदाणी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके पक्ष में है। क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है?” उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अदाणी के लिए ‘लाल कालीन बिछा दी’ है।

अशोक ने शिवकुमार से राहुल गांधी को यह बताने को कहा कि अदाणी एक कारोबारी हैं। वह केवल कारोबार कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर तंज कसते हुए अशोक ने उनसे बेंगलुरु आने और लालबाग या सैंकी टैंक में किसी पेड़ को गले लगाने को कहा जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित होंगे। BJP सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। भगवा पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया है।

प्रियांक खड़गे की आई सफाई

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सीएम डीके शिवकुमार की गौतम अदाणी के साथ हुई मीटिंग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह उद्योगपति राज्य सरकार के लिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्टर है। टेंडर प्रोसेस पर कोई असर नहीं डाला गया है। खड़गे ने पत्रकारों से कहा, “हमारे लिए अदाणी एक कॉन्ट्रैक्टर हैं। वे कुछ प्रोजेक्ट्स में सबसे कम बोली लगाने वाले हैं। ये कर्नाटक सरकार के लिए अहम प्रोजेक्ट्स हैं। हमने टेंडर प्रोसेस को प्रभावित नहीं किया है। कोई भी L1 बन सकता है।”

BJP से पूछा सवाल

उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप पर कांग्रेस का राजनीतिक रुख नहीं बदला है। लेकिन साथ ही कहा कि राजनीतिक मतभेदों से यह तय नहीं हो सकता कि सरकारी टेंडर की प्रक्रिया कैसे होगी। खड़गे ने कहा, “अगर अदाणी कानूनी तरीके से टेंडर हासिल करते हैं, तो ठीक है।” उन्होंने टनल रोड प्रोजेक्ट पर बीजेपी के रुख पर भी सवाल उठाया। साथ ही पूछा कि क्या विपक्ष अब भी इसका विरोध करेगा, जब अदाणी ग्रुप की एक कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है।

राज्य सरकार द्वारा बताई गई बोली की जानकारी के अनुसार, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 16.75 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यह बोली सरकार की शुरुआती अनुमानित प्रोजेक्ट लागत 17,698 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

वहीं, शिवकुमार की अदाणी से मुलाकात पर कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “हमने साफ तौर पर कहा है कि हम एकाधिकार के खिलाफ हैं। हम किसी उद्योगपति के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम हमेशा कहते हैं कि अगर किसी एक उद्योगपति का एकाधिकार हो जाए, तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है।”

कौन 16 करोड़ रुपये में खरीद ले गया गांधीजी की चिट्ठी-चरखा, 688 हैंडरिटेन विचार और ये सारी विरासतें? अब मिली ये जानकारी

National Gandhi Museum: महात्मा गांधी से जुड़े पत्रों, हस्तलिखित दस्तावेजों और उनके निजी इस्तेमाल की वस्तुओं की हालिया नीलामी को लेकर नेशनल गांधी म्यूजियम ने चिंता जताई है। म्यूजियम के डायरेक्टर ए. अन्नामलाई ने कहा है कि गांधी के ऐसे दस्तावेज और व्यक्तिगत सामान केवल किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं, बल्कि भारत की साझा ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने इन दुर्लभ सामग्रियों के मालिकों से इन्हें नीलाम करने के बजाय राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय को सौंपने की अपील की है, ताकि इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

19 अगस्त को हुई एक नीलामी में गांधी से जुड़े 86 दुर्लभ आइटम शामिल थे। इनमें उनके करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखी गई गांधी की 688 हस्तलिखित टिप्पणियों का संग्रह भी था। करीब दो सालों में लिखे गए इस संग्रह का शीर्षक ‘A Thought for the Day’ था। यह संग्रह 16.20 करोड़ रुपये में बिका और किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के नीलामी में बिकने का विश्व रिकॉर्ड बना।

‘यह खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक’

नेशनल गांधी म्यूजियम के डायरेक्टर ए. अन्नामलाई ने शनिवार को जारी बयान में इस नीलामी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए लेटर और उनके इस्तेमाल की गई कुछ वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय नीलामी में रखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, इन वस्तुओं की बिक्री से मालिक को 16 करोड़ रुपये से अधिक मिले।

अन्नामलाई ने इसे ‘बेहद दुखद और पीड़ादायक खबर’ बताया। उन्होंने कहा कि गांधी के कई पत्र भले ही किताबों में प्रकाशित हो चुके हैं। लेकिन मूल पत्रों और उनके हाथ से लिखी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखना देश की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है।

तीसरी-चौथी पीढ़ी के पास पहुंच चुके हैं कई दस्तावेज

म्यूजियम डायरेक्टर के मुताबिक, गांधी से जुड़े कई पत्र और वस्तुएं अब उन लोगों के पास हैं जो मूल मालिकों की तीसरी या चौथी पीढ़ी से आते हैं। संभव है कि उन्हें इन सामग्रियों के ऐतिहासिक महत्व की पूरी जानकारी न हो या वे यह न जानते हों कि इन्हें किस तरह सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

ऐसे में कुछ लोग इन दुर्लभ वस्तुओं को नीलामी के जरिए बेचने का रास्ता अपना रहे हैं। अन्नामलाई ने कहा कि गांधी के पत्र, पांडुलिपियां और उनके निजी इस्तेमाल की वस्तुएं सिर्फ निजी संग्रह की चीजें नहीं हैं, बल्कि भारत के साझा इतिहास का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि इन सामग्रियों को इस तरह संरक्षित किया जाना चाहिए कि भारत ही नहीं। बल्कि दुनियाभर के लोग इन्हें देख सकें, उनका अध्ययन कर सकें और महात्मा गांधी के विचारों को समझ सकें।

राष्ट्रीय गांधी म्यूजियम ने की खास अपील

अन्नामलाई ने उन सभी लोगों से अपील की, जिनके पास गांधी के पत्र, उनके हाथ से लिखी पांडुलिपियां या उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुएं हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें बेचने या नीलाम करने के बजाय राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, दिल्ली को सौंपा जाए। उनका कहना है कि म्यूजियम इन दुर्लभ और मूल्यवान सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से संरक्षित कर सकता है। उन्हें वर्तमान तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपयोगी बना सकता है।

नीलामी में क्या-क्या बिका?

‘Gandhi: From the Collection of Anand T Hingorani’ नाम से आयोजित नीलामी में गांधी से जुड़े कुल 86 लॉट शामिल थे। इनमें पत्र, पांडुलिपियां, तस्वीरें और व्यक्तिगत वस्तुएं शामिल थीं। सबसे अधिक कीमत गांधी की 688 हस्तलिखित टिप्पणियों के संग्रह को मिली। इसमें सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, निर्भयता, धार्मिक समानता, अस्पृश्यता उन्मूलन, प्रार्थना, रामनाम, सेवा, श्रम, भूख, कर्तव्य, स्वराज, नैतिक जिम्मेदारी, मौन, अंतरात्मा, अनासक्ति, आत्मबोध और ईश्वर की खोज जैसे विषयों पर उनके विचार दर्ज थे। यह संग्रह 16.20 करोड़ रुपये में बिका।

इसके अलावा गांधी के ईश्वर और भगवद्गीता से जुड़े विचारों पर आधारित तीन पांडुलिपियों और पत्रों का सेट ‘Message on God’ नाम से पेश किया गया, जिसे 1.68 करोड़ रुपये में बेचा गया। गांधी का ‘पेटी चरखा’ (बॉक्स स्पिनिंग व्हील) भी नीलामी में शामिल था। इसके साथ कताई के आध्यात्मिक अनुशासन पर लिखे दो पत्र थे। इसकी अनुमानित कीमत 50 से 70 लाख रुपये थी, लेकिन यह 1.02 करोड़ रुपये में बिका।

इसके अलावा गांधी की हस्ताक्षरित एक तस्वीर (जिसमें वह लिखते हुए दिखाई दे रहे हैं) 78 लाख रुपये में बिकी। आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़े गांधी के पत्रों, टेलीग्राम और पोस्टकार्ड का एक सेट 57.60 लाख रुपये में बेचा गया।

हिंगोरानी परिवार ने पीढ़ियों तक संभालकर रखा था संग्रह

नीलाम की गई सामग्री को हिंगोरानी परिवार ने कई पीढ़ियों से संभालकर रखा था। यह संग्रह गांधी और आनंद टी. हिंगोरानी के लंबे और करीबी संबंधों के माध्यम से गांधी के व्यक्तित्व और विचारों की एक निजी झलक प्रस्तुत करता है। नीलामी में खरीदार की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। हालांकि नीलामी कराने वाली संस्था ने बताया कि खरीदार भारत का ही है और यह महत्वपूर्ण पांडुलिपि देश में ही रहेगी।

राष्ट्रीय गांधी म्यूजियम की अपील के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि महात्मा गांधी जैसी ऐतिहासिक शख्सियत से जुड़े मूल दस्तावेजों और निजी वस्तुओं को निजी संपत्ति मानकर बाजार में बेचा जाना चाहिए या उन्हें राष्ट्रीय विरासत के रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए।

नीलामी से जुड़ी मुख्य बातें

कुल बिक्री: सैफरनआर्ट (Saffronart) नीलामी घर द्वारा ‘गांधी: फ्रॉम द कलेक्शन ऑफ आनंद टी. हिंगोरानी’ शीर्षक से 86 वस्तुओं की नीलामी की गई।

सबसे महंगी वस्तु: गांधीजी द्वारा अपने निकट सहयोगी आनंद टी. हिंगोरानी को दो वर्षों में लिखे गए 688 हस्तलिखित विचारों का संग्रह ‘अ थॉट फॉर द डे’ 16.20 करोड़ रुपये में बिका। यह किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज़ के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है।

अन्य प्रमुख वस्तुएं

‘मेसेज ऑन गॉड’ (ईश्वर और भगवद गीता पर विचार): 1.68 करोड़ रुपये

गांधीजी का पेटी चरखा (दो पत्रों के साथ): 1.02 करोड़ रुपये

लिखने के दौरान की हस्ताक्षरित तस्वीर: 78 लाख रुपये

आर्थिक स्वतंत्रता पर पत्र, टेलीग्राम और पोस्टकार्ड: 57.60 लाख रुपये

कौन है खरीददार?

नीलामी घर ने पुष्टि की है कि खरीदार भारत का ही निवासी है, इसलिए ये दस्तावेज देश में ही रहेंगे। हालांकि खरीददार के नाम का खुलासा नहीं हुआ है।

संग्रहालय का पक्ष और अपील

संरक्षण पर चिंता: गांधी म्यूजियम के निदेशक ए. अन्नामलाई ने कहा कि मूल मालिकों की तीसरी या चौथी पीढ़ी के पास ये वस्तुएं हैं, जो अक्सर इनके ऐतिहासिक महत्व या सही संरक्षण तकनीकों को समझे बिना इन्हें बेच देते हैं।

राष्ट्रीय धरोहर: उन्होंने जोर देकर कहा कि गांधीजी के पत्र, पांडुलिपियाँ और वस्तुएं साझा राष्ट्रीय संपत्ति हैं, जिन्हें आम जनता के अध्ययन और सीखने के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

सार्वजनिक अपील: अन्नामलाई ने निजी संग्रहकर्ताओं और वंशजों से अपील की है कि वे इन ऐतिहासिक वस्तुओं को नीलाम करने के बजाय नई दिल्ली स्थित ‘राष्ट्रीय गांधी म्यूजियम’ को सौंपें ताकि इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

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उद्योगपति गौतम अडानी ने कर्नाटक CM डीके शिवकुमार से की मुलाकात, टनल रोड प्रोजेक्ट में Adani Group बनी है सबसे बड़ी दावेदार

Gautam Adani meets DK Shivakumar: अडानी ग्रुप के चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी ने रविवार 23 अगस्त को राजधानी बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। शिवकुमार के सदाशिवनगर स्थित आवास पर यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) बेंगलुरु के 16.75 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट के दोनों पैकेजों के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (L1) बनकर उभरी है।

हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और अडानी ग्रुप की ओर से इस मुलाकात को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सामने आए वीडियो में शिवकुमार को गौतम अडानी को विदा करते हुए देखा गया। सूत्रों के मुताबिक, अडानी आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर की यात्रा के बाद एयरपोर्ट जाते समय मुख्यमंत्री के आवास पहुंचे थे।

टनल रोड प्रोजेक्ट से जुड़ी है मुलाकात?

गौतम अडानी और सीएम डीके शिवकुमार की मुलाकात का समय इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दिसंबर 2025 में अडानी एंटरप्राइजेज ने सेंट्रल सिल्क बोर्ड से हेब्बाल तक प्रस्तावित 16.75 किलोमीटर टनल रोड प्रोजेक्ट के दोनों पैकेजों के लिए सबसे कम बोली लगाई थी। बेंगलुरु स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (B-SMILE) की ओर से दिसंबर 2025 में खोली गई फाइनेंशियल बिड्स से पता चलता है कि AEL ने दोनों पैकेजों में L1 रही थी यानी सबसे कम बोली लगाई थी।

राज्य सरकार ने पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 17,698 करोड़ रुपये रखी थी। वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज ने करीब 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यानी कंपनी की बोली सरकारी अनुमान से लगभग 4,600 करोड़ रुपये ज्यादा है। सूत्रों ने बताया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) B-SMILE ने 29 मई को राज्य सरकार को फाइल भेजी थी। उसी दिन राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया था।

अभी नहीं मिला है ठेका

हालांकि, अडानी एंटरप्राइजेज के सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनने के बावजूद अभी तक उसे आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट का ठेका नहीं दिया गया है। सूत्रों ने हमारे सहयोगी ‘मनीकंट्रोल’ को बताया कि इस प्रोजेक्ट को लागू करने वाली विशेष उद्देश्य कंपनी (SPV) B-SMILE ने 29 मई को संबंधित फाइल राज्य सरकार को भेजी थी। अधिकारियों के मुताबिक, अडानी की बोली परियोजना के स्वीकृत अनुमान से निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण अब कैबिनेट की मंजूरी जरूरी हो गई है।

शिवकुमार के लिए अहम है ये प्रोजेक्ट

बेंगलुरु का यह टनल रोड प्रोजेक्ट डीके शिवकुमार की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल माना जाता है। बेंगलुरु विकास मंत्री रहते हुए भी उन्होंने इस प्रोजेक्ट का लगातार समर्थन किया था। हालांकि, प्रोजेक्ट को लेकर नागरिक संगठनों और शहरी परिवहन विशेषज्ञों की ओर से विरोध भी सामने आया है। आलोचकों ने इसकी लागत, ट्रैफिक पर प्रभाव और बेंगलुरु की परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।

30 साल तक निजी कंपनी को मिलेगा संचालन अधिकार

प्रस्तावित टनल रोड को संशोधित Build, Own, Operate and Transfer (BOOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाना है। इस मॉडल के तहत कर्नाटक सरकार प्रोजेक्ट को आर्थिक रूप से मुमकिन बनाने के लिए ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding)’ देगी। सरकार प्रोजेक्ट की लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा उठाएगी। जबकि प्राइवेट कंपनी लगभग 30 साल की अवधि में कंसेशन व्यवस्था के जरिए अपना निवेश वसूल करेगी।

अडानी ग्रुप की कर्नाटक में मौजूदगी

अडानी ग्रुप की कर्नाटक में पहले से ही मजूत बिजनेस मौजूदगी है। ग्रुप की कंपनियों ने राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी, सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और फ़ूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर में निवेश किया है। इसके अलावा, अडानी ग्रुप उडुपी थर्मल पावर प्लांट और मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन भी करता है।

राहुल गांधी के बयानों से बढ़ी नजर

अडानी की शिवकुमार से मुलाकात राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार अडानी ग्रुप को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। सरकार पर उद्योग समूह को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाते रहे हैं। राहुल गांधी कई अडानी से जुड़े प्रोजेक्टों, जिनमें ग्रेट निकोबार परियोजना भी शामिल है, लेकिन आपत्ति जता चुके हैं। हालांकि, केंद्र सरकार और अडानी ग्रुप दोनों ने इन आरोपों को खारिज किया है।

ऐसे में अडानी की मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात और बेंगलुरु टनल रोड प्रोजेक्ट में उनकी कंपनी के L1 bidder बनने का घटनाक्रम अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खासा ध्यान खींच रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में टनल रोड प्रोजेक्ट पर कोई चर्चा हुई या नहीं।

गुजरात में जैन मंदिर पहुंचे थे अडानी

इस मुलाकात से पहले गौतम अडानी गुजरात के गांधीनगर जिले स्थित प्रसिद्ध महुडी जैन तीर्थ पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी प्रीति अडानी, बड़े बेटे करण अडानी और बहू परिधि अडानी भी थीं। अडानी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी यात्रा की जानकारी शेयर करते हुए कहा था कि उन्हें महुडी जैन तीर्थ के दर्शन का सौभाग्य मिला। उन्होंने जैन धर्म के अहिंसा, आत्म-अनुशासन और करुणा के संदेश का उल्लेख करते हुए सभी के शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब जैन समुदाय पर्युषण महापर्व की तैयारियों में जुटा है। इस वर्ष पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से शुरू होगा।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT निफ्टी से मिल रहे अच्छे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मजबूती के साथ खुल सकते हैं। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,565 के आसपास हरे निशान में कारोबार कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी। FMCG और IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी में 2.6% की बढ़त हुई,जिससे पिछले हफ्ते हुए सभी नुकसान की भरपाई हो गई और हफ्ते की क्लोजिंग मजबूती के साथ हुई।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 31 जुलाई को ₹277 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और ₹2,260 करोड़ के शेयर खरीदकर वे भी नेट बॉयर बन गए।

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में

क्रूड में नरमी से गिफ्ट निफ्टी जोश में दिख रहा है। इसमें 125 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है। US फ्यूचर्स भी ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, 4.74 फीसदी तक जाने के बाद US बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है और यह 4.7 के नीचे फिसल गया है। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी रौनक दिखी है। हालांकि एशियाई बाजार दबाव में दिख रहे हैं। कोस्पी 5 फीसदी तो जापान का बाजार निक्केई 3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

अनुमान से कमजोर रहे ITC के नतीजे

आईटीसी के पहले तिमाही के स्टैंडअलोन नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। मार्जिन और ईबीआईटीडीए में 27% की गिरावट आई है। रेवेन्यू में भी 14% से ज्यादा की गिरावट आई है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है। एक्साइज टैक्स का बढ़ोतरी पर असर दिखा है। एफएमसीजी कारोबार की रेवेन्यू अनुमान के करीब रही है।

Market cues : 24100-24000 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में देखने को मिल सकती है 24800-25000 तक की तेजी

कमजोर रहे मारुति के नतीजे

मारुति के नतीजे कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी की आय 36 फीसदी बढ़ी है। लेकिन मुनाफा 11 फीसदी घटा है। वेस्ट एशिया संकट की मार्जिन पर मार पड़ी है। मार्जिन करीब 400 बेसिस प्वाइंट घटकर 8 फीसदी तक आए हैं। महंगे कमोडिटी दामों का असर पड़ा है। हालांकि वॉल्यूम ऑलटाइम हाई पर रहा है।

डिवीज लैब्स के शानदार Q1 नतीजे

पहली तिमाही में डिवीज लैब्स ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 66 फीसदी और रेवेन्यू में 28 फीसदी की बढ़त हुई है। मार्जिन में भी 10 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है। तीनों आंकड़े अनुमान से कहीं अच्छे रहे हैं। वहीं ग्लेनमार्क फार्मा का प्रॉफिट 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है। इसके रेवेन्यू में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके मार्जिन भी सुधरे हैं।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। मारुति की बिक्री 34% बढ़ी है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हीरो मोटो,महिंद्रा और हुंडई की भी बिक्री जोरदार रही है।

जुलाई में रिकॉर्ड GST कलेक्शन

जुलाई में GST कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। टैक्स कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है।

बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान

ब्याज दरों पर आज RBI MPC की तीन दिवसीय बैठक शुरू होगी। बुधवार को मॉनेटरी पॉलिसी का एलान होगा। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आज से 10 मिनट बढ़ेगा F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग

आज से F&O मार्केट का क्लोजिंग-टाइमिंग 10 मिनट बढ़ेगा। प्री-मार्केट की तर्ज पर मार्केट बंद होने से पहले 15 मिनट का स्पेशल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन होगा। वायदा में शामिल शेयरों से इसकी शुरुआत हो रही है। स्टॉक फ्यूचर्स और इंडेक्स फ्यूचर्स में ट्रेडिंग तीन बजकर 40 मिनट तक होगी।