Sensex लगातार दूसरे दिन लाल, एक्सपायरी को Nifty 24056 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes red: उम्मीद से बेहतर जीडीपी ग्रोथ और निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग से मार्केट में तेज रिकवरी आई लेकिन फिर कच्चे तेल के उबाल और बैंकिंग शेयरों की बिकवाली का दबाव अधिक भारी पड़ गया। इस दबाव में डे-हाई से सेंसेक्स 576 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप स्पेस में अधिक दबाव दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 आज 0.25% कमजोर हुआ तो निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.39% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज एफएमसीजी और आईटी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1% मजबूत हुए। हालांकि ऑटो, बैंकिंग और फार्मा स्टॉक्स का दबाव अधिक भारी पड़ गया। निफ्टी फार्मा आज करीब डेढ़ फीसदी तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक 1% से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। बिकवाली की इस आंधी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो महीने के पहले कारोबारी दिन आज 1 सितंबर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 12.99 प्वाइंट्स यानी 0.02% की मामूली फिसलन के साथ 76,944.28 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की कमजोरी के साथ 24,055.80 पर बंद हुआ है।

इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उठा-पटक दिखी। पहले तो सेंसेक्स 193.01 प्वाइंट्स गिरकर 76,764.26 तक आया था, जिससे फिर यह 467.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,231.87 के हाई तक पहुंचा लेकिन फिर इस हाई से यह 575.75 प्वाइंट्स टूटकर 76,656.12 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 70.90 प्वाइंट्स टूटकर 24,009.50 तक आया था, जिससे यह फिर 133.65 प्वाइंट्स ऊपर चढ़कर 24,143.15 तक पहुंचा था लेकिन फिर इस हाई लेवल से यह 190.60 प्वाइंट्स टूटकर 23,952.55 तक आ गया।

डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,58,204.57 करोड़ था। आज यानी 1 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,88,11,607.93 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,46,596.64 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 13 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 13 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज आईटीसी, एचसीएलटेक और इंफोसिस सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ मारुति, एसबीआई और इंडिगो में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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अफगानिस्तान वनडे के बाद अब टी-20 सीरीज से भी बाहर होने की कगार पर खड़े हार्दिक

जून माह में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या अब इस देश के खिलाफ इस महीने खेली जाने वाली टी-20 सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके पैर में अकड़न है और टीम प्रबंधन उनको जल्द मैदान पर नहीं उतारना चाहता। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में  मांसपेशियां यानि कि हैमस्ट्रिंग के कारण वह बाहर रहे थे।

गौरतलब है कि मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने यह कहा था कि हार्दिक पांड्या को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए भारतीय टीम में शामिल करने की योजना है।

यह चोट उस योजना को पीछे ढकेलती है क्योंकि एक बार फिर हार्दिक पांड्या की खराब फिटनेस सबके सामने उजागर हो जाती है। वह भी तब जब उनको बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से हरी झंडी मिल गई थी।इससे पहले पिछले एकदिवसीय विश्वकप में भी बीच हार्दिक पांड्या टूर्नामेंट चोटिल होकर बाहर हो गए थे।

2 टी-20 विश्वकप जीत चुके हार्दिक पांड्या टी20 टीम में पंड्या की वापसी की संभावना कम लग रही है क्योंकि अगरकर ने साफ कर दिया था कि उनका इस्तेमाल ज्यादातर 50 ओवर प्रारूप में किया जाएगा।अगरकर ने कहा था, ‘‘वह अभी अफगानिस्तान सीरीज के लिए वनडे टीम का हिस्सा हैं। बुमराह की तरह, अगर हम उनसे अच्छा प्रदर्शन करवा सकें और उन्हें वनडे क्रिकेट के लिए फिट रख सकें। इस समय यही मुख्य मक़सद है। ’’

उन्होंने कहा था, ‘‘हम उन्हें कभी भी वापस ला सकते हैं। इससे हमें नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी को टी20 क्रिकेट में कुछ मौके देने का भी मौका मिलता है। इसलिए पंड्या के मामले में टी20 के लिए थोड़ा आराम और रोटेशन होगा। ’’

लेजेंड्स बूट्स क्यों टांग देते हैं?

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महान करियर का सबसे मुश्किल क्षण वह नहीं होता, जब आपको यह साबित करना हो कि आप अब भी जीत सकते हैं। मुश्किल क्षण वह होता है, जब आप यह तय करते हैं कि अब आपको कुछ और साबित करने की जरूरत नहीं है।

 

यही किसी महान खिलाड़ी की विदाई को इतना भावुक बना देता है। दुनिया आमतौर पर मानती है कि हार करियर खत्म करती है। लेकिन महान खिलाड़ी कई बार हार से पहले ही चले जाते हैं।

 

वे तब विदा होते हैं, जब तालियां अभी बाकी होती हैं। जब शरीर अभी कुछ और मुकाबले लड़ सकता है। जब दर्शक अभी एक और प्रदर्शन की मांग कर रहे होते हैं।

 

लियोनेल मेसी की विदाई कुछ ऐसी ही है।

 

39 साल की उम्र में मेसी अर्जेंटीना की जर्सी उतार रहे हैं—इसलिए नहीं कि दुनिया ने उन्हें बता दिया कि उनका समय खत्म हो गया है, बल्कि इसलिए कि उन्होंने खुद तय किया कि अब समय आ गया है।

यह फर्क महत्वपूर्ण है।

 

2022 में उन्होंने अर्जेंटीना को विश्व कप जिताया। 2026 में टीम को फिर फाइनल तक पहुंचाया और टूर्नामेंट में आठ गोल किए। अर्जेंटीना के लिए 207 मैच और 125 गोल के साथ वह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह रहे हैं। क्लब फुटबॉल में उनकी कहानी अभी जारी है।

 

फिर भी उनके शब्दों में जीत का अहंकार नहीं, विदाई का दर्द है। फैसला उन्हें भीतर तक चोट पहुंचाता है, लेकिन वह समझते हैं कि यही सही समय है। मेसी की विदाई का सबसे मार्मिक हिस्सा यह नहीं कि वह जा रहे हैं। बल्कि यह कि वह तब जा रहे हैं जब उनके पास अभी भी देने के लिए कुछ बाकी दिखता है। 

 

यह बात सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि मेसी दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में से एक हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मेसी ने तब रुकने का फैसला किया जब वे अभी भी मेसी थे।

 

यही विदाई को सुंदर बनाता है। 

 

शायद यही महानता की सबसे कठिन परीक्षा है— जब आप अभी भी अच्छा खेल सकते हों, तब यह पहचानना कि अब रुक जाना चाहिए।

चार लेजेंड्स, चार अलग विदाइयां

सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट इसलिए नहीं छोड़ा कि उनका क्रिकेट से प्रेम खत्म हो गया था। 24 साल और 200 टेस्ट के बाद उन्होंने उस खेल से विदाई ली, जिसे 11 साल की उम्र से उन्होंने अपना जीवन बना लिया था।

 

कल्पना कीजिए—जिस व्यक्ति की सुबह, दोपहर, शाम और पहचान क्रिकेट के इर्द-गिर्द बनी हो, उसके लिए क्रिकेट छोड़ना किसी नौकरी छोड़ने जैसा नहीं था।

 

उनके लिए वो अपने ही एक हिस्से से अलग होना था।

 

रोज नेट्स पर न जाना। ड्रेसिंग रूम में न लौटना। दर्शकों का शोर न होना। बल्ले से टकराती बॉल की आवाज न सुनना। फिर भी एक समय उन्होंने समझा कि एक सपना अपनी पूर्णता तक पहुंच चुका है।

 

रोजर फेडरर के सामने सवाल कुछ और था। शरीर वर्षों से संकेत दे रहा था—चोटें, सर्जरी, लंबी रिकवरी और बार-बार लौटने की कोशिश।

 

41 की उम्र में उन्होंने आखिरकार स्वीकार किया कि कभी-कभी दिमाग अब भी दौड़ना चाहता है, लेकिन शरीर अपनी सीमा पहले ही बता चुका होता है। फेडरर ने अपने शरीर की सुनी। 

 

राफेल नडाल की कहानी में शरीर के साथ समय भी खड़ा था। 38 की उम्र में, वर्षों की चोटों से जूझने के बाद, उन्होंने स्वीकार किया कि खेल अब पहले जैसी शर्तों पर संभव नहीं था।

 

नडाल ने अपने करियर को “much more successful than I could have ever imagined” कहकर पीछे देखा। 

सचिन ने कहा—“जब मेरा दिल कहता है कि अब समय आ गया है।”

 

फेडरर ने अपने शरीर का संदेश सुना।

 

और मेसी कह रहे हैं—दर्द हो रहा है, लेकिन समय आ गया है।

 

चार महान खिलाड़ी। चार अलग कारण।

 

लेकिन एक बात समान—  किसी ने दुनिया से यह प्रमाणपत्र नहीं मांगा कि अब उसका समय पूरा हो चुका है।

 

उन्होंने खुद पहचाना। महान खिलाड़ी सिर्फ यह नहीं जानते कि कितना खेलना है; वे यह भी जानते हैं कि कब खेलना बंद करना है।

यहीं खेल अचानक जिंदगी बन जाता है

हममें से ज्यादातर लोग कभी विश्व कप फाइनल नहीं खेलेंगे। किसी स्टेडियम में 70 हजार लोग हमारा नाम नहीं पुकारेंगे। लेकिन जीवन किसी न किसी मोड़ पर हमसे वही सवाल पूछेगा— अब रुकना कब है?

 

50 की उम्र के बाद यह सवाल और साफ सुनाई देता है। तीन दशक तक आपका परिचय आपके काम से रहा— मैं पत्रकार हूं। मैं डॉक्टर हूं। मैं अधिकारी हूं। मैं कारोबारी हूं। 

 

फिर एक दिन designation चला जाता है। विजिटिंग कार्ड बदल जाता है। कुर्सी पर कोई और बैठ जाता है। और पहली बार सवाल नौकरी का नहीं रहता।

 

सवाल यह होता है—मैं कौन हूं, जब मैं वह नहीं रहा जो इतने वर्षों तक था?

 

शायद रिटायरमेंट का असली डर वेतन या पद खोने का नहीं है। अपने उस रूप को खो देने का है, जो नौकरी के साथ बना था।

 

इसीलिए कुछ लोग रिटायर नहीं होते—भले ही उन्हें पैसों की जरूरत न हो। उन्हें काम से ज्यादा जरूरी होने का एहसास चाहिए।
 

लेकिन जरूरी होना और मूल्यवान होना एक बात नहीं

यह उम्र के साथ सीखा जाने वाला शायद सबसे कठिन सबक है। कोई संस्था हमसे बड़ी होती है।

 

अखबार हमारे बिना भी निकलता है। कंपनी नया नेतृत्व खोज लेती है। टीम नया कप्तान चुन लेती है। 

दुनिया आगे बढ़ जाती है।

 

यह समझना कि आप replaceable हैं, पहले चोट करता है। फिर मुक्त करता है। क्योंकि जब आपको हर कीमत पर अपनी जगह बचाने की जरूरत नहीं रहती, तब आप एक बेहतर सवाल पूछ सकते हैं— “अब मैं वह क्या दे सकता हूं, जो खुद को साबित करने में व्यस्त रहते हुए नहीं दे पाया?”

 

यहीं अनुभव की असली कीमत शुरू होती है।

 

खिलाड़ी कोच बनता है।

 

बॉस mentor बनता है।

 

विशेषज्ञ शिक्षक बनता है।

 

और जो व्यक्ति कभी जगह के लिए लड़ता था, वह किसी और के लिए जगह बनाने लगता है।

 

शायद उम्र का सबसे बड़ा विशेषाधिकार यही है कि कमरे का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बनने की जरूरत खत्म हो जाए और किसी दूसरे को महत्वपूर्ण बनाने में खुशी मिलने लगे।

 

रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती

  • फेडरर 41 पर रुके। 
  • नडाल 38 पर।
  • सचिन 40 पर।

 

कुछ लोग इससे बहुत आगे तक काम करते हैं। कुछ को करना चाहिए। कुछ को नहीं।

 

सवाल बस चार हैं— 

  • क्या मैं सीख रहा हूं?
  • क्या मैं योगदान दे रहा हूं?
  • क्या शरीर रुकने का संकेत दे रहा है?
  • और क्या मैं किसी युवा को अपनी जगह देने के लिए तैयार हूं?

 

अगर जवाब बदल रहे हैं, तो अगली पारी सामने है। जरूरी नहीं कि वह संन्यास हो—शायद सिर्फ भूमिका बदलनी हो।

 

भगवद्गीता की एक परिचित पंक्ति है— “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।”

 

हम इसे आमतौर पर कर्म और उसके फल से विरक्ति के रूप में समझते हैं। लेकिन उम्र के एक पड़ाव पर इसका एक और अर्थ खुल सकता है— आपकी कीमत हमेशा स्कोरबोर्ड से तय नहीं हो सकती।

 

जिंदगी की पहली पारी में हम स्कोर गिनते हैं—पद, पैसा, पुरस्कार, उपलब्धियां, प्रभाव। 

 

दूसरी पारी में शायद सवाल बदल जाता है— “मैंने जो सीखा, अब उसका करूंगा क्या?” यहीं करियर धीरे-धीरे उपलब्धि से विरासत में बदलता है। 

 

हर किसी को विश्व कप फाइनल, 200वां टेस्ट या आखिरी ग्रैंड स्लैम जैसा विदाई मंच नहीं मिलेगा। हममें से अधिकांश की आखिरी विदाई बहुत शांत होगी। एक खाली होती मेज।

 

बदलता हुआ विजिटिंग कार्ड। एक आखिरी ईमेल। और बंद होता हुआ एक दरवाजा। लेकिन सवाल वही रहेगा— क्या हम तब रुकेंगे जब कोई और हमें बता देगा कि हमारा समय खत्म हो गया है?

 

या हममें इतनी समझ होगी कि उससे पहले पहचान लें कि हमारी सबसे अच्छी पारी अब कहीं और है? 

 

और फिर बात मेसी पर लौटती है।  

 

उन्होंने फुटबॉल नहीं छोड़ा है।

 

तेंदुलकर ने क्रिकेट छोड़ा, उसकी समझ नहीं।

 

फेडरर ने प्रतिस्पर्धी टेनिस छोड़ा, खेल से रिश्ता नहीं।

 

नडाल ने कोर्ट छोड़ा, टेनिस नहीं।

 

शायद महान संन्यास की यही खूबसूरती है— आप मंच छोड़ते हैं। अपनी कहानी नहीं।

 

क्योंकि महानता सिर्फ यह नहीं कि आपने खेल में कितने लंबे समय तक टिके रहे। महानता यह भी है कि कब समझा कि खेल ने आपको सब कुछ दे दिया है—और अब आपकी बारी है कुछ लौटाने की।

 

शायद बूट्स इसलिए नहीं टांगे जाते कि देने को कुछ नहीं बचा। कभी-कभी इसलिए टांगे जाते हैं क्योंकि जो बचा है, वह अगली पारी के लिए है।

TBZ Share Price: ज्वेलरी कंपनी में खरीद का तूफान, 20% बढ़त के साथ अपर सर्किट; प्रमोटर बेचेंगे 74% हिस्सा

जेम्स एंड ज्वेलरी कंपनी त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी (TBZ) के शेयरहोल्डर्स के लिए 1 सितंबर का दिन बेहद शानदार रहा। शेयर 20 प्रतिशत उछला और बीएसई पर 366.50 रुपये पर अपर सर्किट लगा। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर भी है। दरअसल GRT ज्वेलर्स इंडिया, TBZ के प्रमोटर्स से कंपनी में 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके लिए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट साइन किया गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.12 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह खरीद 209 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी। इसके चलते डील की वैल्यू 1,033.71 करोड़ रुपये रहेगी। इस खरीद के पूरा होने के बाद GRT ज्वेलर्स TBZ के पब्लिक शेयरहोल्डर्स से लगभग 26 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी की खरीद के लिए एक ओपन ऑफर भी लेकर आएगी। इस हिस्सेदारी को 249.60 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदा जाएगा। GRT Jewellers के अभी भारत में 68 स्टोर हैं। एक स्टोर सिंगापुर में भी है।

TBZ का शेयर 3 महीनों में 111 प्रतिशत मजबूत

शेयर में आई तेजी के बाद त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का मार्केट कैप बढ़कर 2400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर एक सप्ताह में 30 प्रतिशत, 2 सप्ताह में 46 प्रतिशत और 3 महीनों में 111 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में शेयर की कीमत करीब 150 प्रतिशत और 2 साल में 212 प्रतिशत उछली है।

IndiGo, SpiceJet के शेयर 3% तक फिसले, लगातार दूसरे महीने ATF की कीमत बढ़ने से तगड़ा झटका

कंपनी की वित्तीय सेहत

त्रिभुवनदास भीमजीदास झवेरी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 840.97 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 32.85 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग करीब 5 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,202.95 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 200.49 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 30 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 तक TBZ पर 886 करोड़ रुपये का कर्ज था और फाइनेंस कॉस्ट 77 करोड़ रुपये थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पीएम मोदी का नया मंत्र- Wed in India, आखिर क्या है इसके मायने?

पीएम मोदी का नया मंत्र- Wed in India, आखिर क्या है इसके मायने?

मेक इन इंडिया के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को एक नया मंत्र दिया है 'Wed in India'। देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से 'स्वदेशी' और 'आत्मनिर्भरता' को अपनाने की भावुक अपील की है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत GDP विकास दर का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने विशेष रूप से विदेशों में होने वाली खर्चीली शादियों पर चिंता जताई और 'Wed in India' (भारत में शादी) के मंत्र पर जोर दिया।

विदेशों में शादियों के चलन पर चिंता

पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि घूमने के अलावा अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचना चाहिए और विदेशों में शादियां रचाने के चलन पर विराम लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेश यात्राएं अगर घूमने के लिए जाते हैं, तो नहीं जाना चाहिए। अगर विदेश में शादियां करते हैं, तो नहीं करनी चाहिए। ‘वेड इन इंडिया’ के मंत्र को जीना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घरेलू उत्पादों की खपत बढ़ाने और बिना जरूरत के सोना न खरीदने की भी सलाह दी। ALSO READ: शहबाज शरीफ के सामने गरजे पीएम मोदी, आतंकवाद पर दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे, जड़ से खत्म करना होगा इकोसिस्टम

विदेशी डेस्टिनेशन वेडिंग का सच

उद्योग अनुमानों और रिपोर्टों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 5000 अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन वेडिंग्स (विदेशों में) आयोजित की जाती हैं। हालांकि इसका कोई आधिकारिक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। लेकिन, कंज्यूमर और वेडिंग इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल इन 5000 शादियों के जरिए भारतीय परिवारों का लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का खर्च देश से बाहर विदेशी वेडिंग डेस्टिनेशन (जैसे थाईलैंड, यूएई, श्रीलंका, वियतनाम और यूरोप) में चला जाता है। ALSO READ: 7.8% विकास दर पर गदगद हुए पीएम मोदी: बोले- दुनिया संकटों में फंसी है, फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

पीएम मोदी की अपील का उद्देश्य

पीएम मोदी की सीधी अपील का उद्देश्य इसी धन को देश के भीतर बनाए रखना है। भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग का औसतन खर्च करीब 58 लाख रुपए आता है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह बजट बढ़कर लगभग 1.5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। भारतीयों के लिए थाइलैंड सबसे लोकप्रिय विदेशी वेडिंग डेस्टिनेशन बना हुआ है। इसके अलावा UAE, वियतनाम और श्रीलंका (2025 में 25% की वृद्धि) भी प्रमुख विकल्प हैं, जबकि इटली, स्पेन और ग्रीस का चयन लक्जरी शादियों के लिए किया जाता है। Policybazaar के आंकड़े दर्शाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय शादियों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीद में लगातार दो वर्षों तक 27.4% की सालाना वृद्धि हुई है।

ESDS Software IPO: 28 गुना से ज्यादा भरा, GMP देखकर गदगद हुए निवेशक! आज है बोली लगाने का आखिरी मौका

ESDS Software Solutions IPO: क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को बोली लगाने के आखिरी दिन, 1 सितंबर को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला है।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर सुबह 10:30 बजे तक यह पब्लिक इश्यू 28.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। शेयर बाजार में चल रही भारी मांग को देखते हुए ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का प्रीमियम (GMP) लगातार ऊंचाई छू रहा है।

आइए आपको बताते हैं ESDS Software IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, जीएमपी, कंपनी का बिजनेस और लिस्टिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

सब्सक्रिप्शन स्टेटस: NII और रिटेल कैटेगरी में बंपर मांग

कंपनी का ₹720 करोड़ का यह आईपीओ ऑफर पर रखे गए 1,23,52,942 शेयरों के मुकाबले 34,97,62,658 शेयरों के लिए बोलियां हासिल कर चुका है:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): एनआईआई हिस्से में सबसे ज्यादा आक्रामक खरीदारी देखी गई और यह कोटा 81.74 गुना भर चुका है।

रिटेल निवेशक: खुदरा निवेशकों का कोटा भी 21.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी बातें

  • आईपीओ साइज: ₹720 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹408 – ₹429 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026
  • एंकर इन्वेस्टर्स जुटाए: ₹216 करोड़
  • लिस्टिंग डेट: 4 सितंबर 2026 (BSE और NSE पर)

ESDS Software Solutions इस पब्लिक इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से ₹576 करोड़ का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए AI-बेस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए करेगी। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल हेल्थ

2005 में स्थापित ESDS Software Solutions AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। FY26 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹472.21 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि इसका शुद्ध मुनाफा ₹120.82 करोड़ रहा। कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI), पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और कॉरपोरेट समेत 2,500 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

58% तक लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘इन्वेस्टरगेन’ के मुताबिक, ESDS Software का शेयर ₹250 के तगड़े ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के ₹408 से ₹429 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के आधार पर, इसके ₹429 के अपर प्राइस बैंड में ₹250 का प्रीमियम जोड़कर इसकी संभावित लिस्टिंग ₹679 प्रति शेयर पर हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि यह आईपीओ लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को करीब 58.28% का शानदार मुनाफा दे सकता है।

बोली लगाए या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित P/E का 41.6 गुना है, जो इश्यू के बाद ₹50,284 मिलियन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट की मजबूत ग्रोथ संभावनाओं, कंपनी की इंटीग्रेटेड सेवाओं और बेहतर होती प्रोफिटबिलिटी को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन काफी हद तक वाजिब है। इसी के आधार पर ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: चांदी के रेट में तेजी या गिरावट? दिल्ली, मुंबई समेत इन शहरों में आज का भाव जरूर चेक करें

Silver Price Today: 1 सितंबर 2026 चांदी खरीदने वालों के लिए आज के भाव जानना बेहद जरूरी है। वैश्विक बाजार में जारी हलचल के बीच चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। घरेलू बाजार में भी चांदी के भाव अलग-अलग प्लेटफॉर्म और शहरों के हिसाब से अलग नजर आ रहे हैं। MCX पर चांदी के वायदा भाव में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है, जबकि सर्राफा बाजार और बुलियन्स में इसके दाम अलग स्तर पर हैं। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समझना जरूरी है कि आज चांदी किस भाव पर मिल रही है और पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें कितना बदलाव आया है।

अगर आप भी आज चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं या कीमतों पर नजर रख रहे हैं, तो यहां जानिए MCX से लेकर देश के प्रमुख शहरों तक चांदी के ताजा भाव, साथ ही अलग-अलग शुद्धता वाली चांदी की कीमतें।

MCX पर चांदी का वायदा भाव कितना बढ़ा?

MCX पर सुबह तक चांदी का वायदा भाव 0.06 फीसदी यानी 136 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,977 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी का वायदा भाव 2,33,841 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था।

यानी शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत में मामूली सुधार देखने को मिला है। हालांकि, हाल के कारोबारी सत्रों में कीमती धातु की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है।

बुलियन्स के अनुसार चांदी का आज का भाव

बुलियन्स के आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी का भाव बढ़कर 2,39,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं, चांदी की अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से कीमतें इस प्रकार हैं:

चांदी की शुद्धता 1 किलो भाव

999 फाइन चांदी ₹2,39,800

925 स्टर्लिंग चांदी       ₹2,21,815

900 कॉइन चांदी ₹2,15,820

800 जर्मन चांदी ₹1,91,840

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों पर नजर

वैश्विक बाजार में भी चांदी की कीमत में हलचल जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 57.86 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार की चाल का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिलता है।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में क्या है चांदी का रेट?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, बताई गई है। वहीं, गुडरिटर्न्स के अनुसार दिल्ली में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलो है। दोनों आंकड़ों में अंतर इसलिए है क्योंकि अलग-अलग स्रोत कीमत तय करने के लिए अलग बाजार, टैक्स और मूल्य निर्धारण के आधार इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम कीमत जरूर कन्फर्म करनी चाहिए।

देश के प्रमुख शहरों में आज चांदी कितने की?

गुडरिटर्न्स के मुताबिक, 1 सितंबर को देश के ज्यादातर प्रमुख शहरों में चांदी का भाव 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं कुछ शहरों में यह कीमत 2,60,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

दिल्ली: ₹2,55,000

मुंबई: ₹2,55,000

कोलकाता: ₹2,55,000

चेन्नई: ₹2,60,000

पटना: ₹2,55,000

लखनऊ: ₹2,55,000

मेरठ: ₹2,55,000

अयोध्या: ₹2,55,000

कानपुर: ₹2,55,000

गाजियाबाद: ₹2,55,000

नोएडा: ₹2,55,000

गुरुग्राम: ₹2,55,000

चंडीगढ़: ₹2,55,000

जयपुर: ₹2,55,000

अहमदाबाद: ₹2,55,000

पुणे: ₹2,55,000

लुधियाना: ₹2,55,000

गुवाहाटी: ₹2,55,000

इंदौर: ₹2,55,000

सूरत: ₹2,55,000

नागपुर: ₹2,55,000

नासिक: ₹2,55,000

बैंगलोर: ₹2,55,000

वडोदरा: ₹2,55,000

भुवनेश्वर: ₹2,60,000

रायपुर: ₹2,55,000

हैदराबाद: ₹2,60,000

पिछले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में क्या रहा भाव?

कारोबारियों के अनुसार, पिछले कारोबारी दिन दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम, सभी टैक्स समेत, पर स्थिर रही। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत 66.97 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

इससे संकेत मिलता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही और दोनों बाजारों में अलग-अलग स्तर पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

पिछले दिन वायदा बाजार में चांदी क्यों गिरी?

इससे पहले सोमवार को कमजोर हाजिर मांग और कारोबारियों की ओर से सौदों का आकार घटाए जाने के कारण चांदी के वायदा भाव में गिरावट आई थी। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1,955 रुपये यानी 0.81 फीसदी गिरकर 2,40,489 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।

वैश्विक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 68.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।

क्यों महत्वपूर्ण है चांदी की मौजूदा चाल?

चांदी की कीमत पर घरेलू मांग के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा, डॉलर की चाल, निवेशकों की धारणा और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर पड़ता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कीमती धातुओं में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

LPG Price Hike: 1 सितंबर से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, ₹10.50 तक बढ़े दाम

सितंबर के पहले दिन तगड़ा झटका मिला है। 1 सितंबर से देश में LPG सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि कीमत में बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर तक ही सीमित है। दाम 10.50 रुपये तक बढ़ा है। इसके बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2747.50 रुपये हो गई है। मुंबई में इस सिलेंडर की कीमत अब 2701 रुपये, चेन्नई में 2916.50 रुपये हो गई है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में होता है। इसके अलावा बाजार मूल्य वाले 5 किलो के नॉन डोमेस्टिक LPG सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है।

अगस्त और जुलाई में सस्ता हुआ था कमर्शियल सिलेंडर

इससे पहले अगस्त और जुलाई में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटे थे। अगस्त में कटौती 209 रुपये तक और जुलाई में 183.5 रुपये तक की रही थी। उससे पहले इस साल जनवरी से लेकर जून तक कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम लगातार 7 बार बढ़े थे। मार्च महीने में 2 बार बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से ग्लोबल LPG मार्केट में सप्लाई में आई रुकावट और चिंताएं थीं।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

14.2 kg के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी कीमत में आखिरी बार बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था। दाम 29 रुपये बढ़ा था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, बिना सब्सिडी वाले 14.2 kg के घरेलू इंडेन LPG सिलेंडर की कीमत वर्तमान में दिल्ली में 942 रुपये है। मुंबई में कीमत 941 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। लोकल सेल्स टैक्स या VAT के आधार पर रेट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं। सामान्य 5 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर आौर XTRALITE का रेट भी स्थिर है।

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Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।