Nifty से ज्यादा Gold ETF में गिरावट, दो वजहों से 4 % तक आया नीचे

Gold ETF Big Fall: गोल्ड और सिल्वर के ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा और यह 4% तक टूट गया। इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श (Kevin Warsh) की हॉकिश यानी सख्त कमेंट्स से झटका लगा, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ीं तो सोने-चांदी के ईटीएफ की चमक फीकी पड़ी। यह बिकवाली वैश्विक मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में आई तेजी के मुताबिक ही है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में सोमवार को भी गिरावट जारी रही।

शुक्रवार को सोने में 3% से अधिक की गिरावट आई, जो जून की शुरुआत के बाद इसकी सबसे बड़ी गिरावट थी। सिंगापुर में कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.7% गिरकर प्रति औंस $4,422.75 प्रति औंस तो सिल्लर भी 0.4% गिरकर $66.12 प्रति औंस पर आ गया। इसका असर घरेलू बूलियन मार्केट में भी दिखा और MCX Gold प्रति 10 ग्राम 1.14% गिरकर ₹1,54,496 और MCX Silver Futures करीब 1.28% गिरकर ₹2,39,341 प्रति किग्रा पर आ गया।

Gold ETF की तुलना में Silver ETF में अधिक गिरावट

आज 31 अगस्त तो गोल्ड ईटीएफ की तुलना में सिल्वर ईटीएफ में अधिक गिरावट रही। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ (SBI Silver ETF) 4.05% गिरकर ₹226.55 पर आ गया, तो निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (Nippon India Silver ETF- Silver BeES) 4.06% गिरकर ₹221.07 पर आ गया। टाटा सिल्वर ईटीएफ (Tata Silver ETF) भी 3.98% गिरकर ₹22.44 और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ (ICICI Prudential Silver ETF) भी 3.87% गिरकर ₹231.21 पर आ गया।

गोल्ड ईटीएफ में भी भारी गिरावट रही। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ (ICICI Prudential Gold ETF) 3.59% गिरकर ₹130.75, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ (SBI Gold ETF) 3.50% टूटकर ₹130.30 और निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएसएस (Nippon India ETF Gold BeES) 3.48% गिरकर ₹126.30 पर आ गया। वहीं टाटा गोल्ड ईटीएफ (Tata Gold ETF) 3.19% गिरकर ₹14.87 पर आ गया।

क्या है US Fed का रुझान

फेडरल रिजर्व की सालाना जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में केविन वॉर्श ने कहा कि वह महंगाई को केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए प्रतिबंध है। इसके बाद सोना-चांदी धड़ाम हो गया क्योंकि इससे अमेरिकी मौद्रिक नीतियों के सख्त होने की उम्मीदें बढ़ गई। ट्रेडर्स का मानना है कि सितंबर में नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 50% से अधिक है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड का असर सोने और चांदी जैसी बिना यील्ड वाली एसेट्स पर पड़ता है।

सोने-चांदी की चमक पर अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई गहहाने से तेल की कीमतों में उबाल ने और दबाव बनाया। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया जोकि एक महीने से अधिक समय में ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई थी। कच्चे तेल की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया, जबकि बाजार पहले से ही आने वाले समय में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर कैलकुलेशन कर रहा था।

Ola Electric के शेयरों में 3% की तेज रिकवरी, लगातार तीसरे साल ₹95.81 करोड़ के इंसेंटिव ने भरा जोश

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank Share Price: MD और CEO पर नए ऐलान से दिखी 3% तक तेजी, अब ब्रोकरेज का क्या है नजरिया

HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।

HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।

HDFC Bank स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।

जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।

एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।

IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय

IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।

Northern ARC Capital Block Deal: एक झटके में बिके ₹308 करोड़ के शेयर, कीमत 10% तक उछली

अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट अब सिर्फ 60-70 मिनट दूर! ₹4,000 करोड़ का 50 KM एलिवेटेड एक्सप्रेसवे मंजूर, जानिए पूरा प्लान

Delhi to Jewar Airport: राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा अथॉरिटी ने दिल्ली को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले करीब 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को फाइनल मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर काफी तेज और आसान होने की उम्मीद है।

News24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य दिल्ली, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना और मौजूदा सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना है।

अक्षरधाम से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा कॉरिडोर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर के आसपास से शुरू होकर सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 50 किलोमीटर होगी, जिसमें लगभग 27 किलोमीटर हिस्सा नोएडा क्षेत्र में आएगा।

एक्सप्रेसवे का मुख्य हिस्सा छह लेन का होगा। वहीं, जहां से वाहन एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करेंगे, वहां संभावित जाम और ट्रैफिक बॉटलनेक को रोकने के लिए सड़क को आठ लेन तक चौड़ा किया जाएगा।इस परियोजना के निर्माण और आगे लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के पास होगी। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के चरण में है।

पहले यमुना के किनारे था रूट, फिर 5 मीटर बदला गया

इस एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में एक अहम बदलाव भी किया गया है। शुरुआती योजना के तहत सड़क को यमुना नदी के तटबंध के बिल्कुल साथ बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इस एलाइनमेंट को लेकर बाढ़ के खतरे और निर्माण की संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताईं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रस्तावित मार्ग को करीब 5 मीटर नोएडा की तरफ खिसका दिया। एलाइनमेंट में इस बदलाव के बाद संशोधित योजना को अंतिम मंजूरी मिल गई है।

सेक्टर-94 से मिलेगा प्रमुख कनेक्शन

नोएडा के सेक्टर-94 से करीब 120 मीटर चौड़ी सड़क इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के लिए प्रमुख पहुंच मार्ग के रूप में काम करेगी। निर्माण से पहले प्रस्तावित रूट पर मिट्टी की जांच भी की जाएगी। NHAI यह पता लगाएगा कि जमीन कितने भार को सुरक्षित रूप से सहन कर सकती है। इसके आधार पर आगे निर्माण से जुड़ी तकनीकी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट का सफर 60-70 मिनट में होगा पूरा!

सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में कमी के रूप में देखने को मिल सकता है। परियोजना के चालू होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर करीब 60 से 70 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। इसका फायदा पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर मिलेगा। मयूर विहार, पटपड़गंज, आईपी एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। इसके अलावा यह कॉरिडोर मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद से भी जुड़ सकेगा। इससे दिल्ली-NCR के कई प्रमुख इलाकों के बीच एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

NCR के कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा

50 किलोमीटर का यह एलिवेटेड कॉरिडोर अकेले एक सड़क परियोजना नहीं होगा, बल्कि इसे NCR के व्यापक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क नेटवर्क पर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ने के साथ यह नया मार्ग भविष्य में ट्रैफिक को अलग-अलग रूट पर बांटने में भी मदद कर सकता है।

गाजियाबाद से जेवर तक रैपिड रेल-मेट्रो भी चलेगी

जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केवल सड़क नेटवर्क पर ही काम नहीं हो रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एक नए 72.44 किलोमीटर लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना भी सामने रखी है। इसमें दो तरह की सेवाएं एक ही कॉरिडोर पर प्रस्तावित हैं। यात्रियों के लिए 11 नमो भारत स्टेशन होंगे, जो तेज क्षेत्रीय यात्रा में मदद करेंगे।

इसके अलावा स्थानीय यात्रियों के लिए 18 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ नमो भारत स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा। NCRTC के मुताबिक, इसका करीब 71.5 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि लगभग 1.29 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।

एयरपोर्ट के लिए बदल रहा पूरा कनेक्टिविटी नेटवर्क

कुल मिलाकर जेवर एयरपोर्ट के आसपास सड़क और सार्वजनिक परिवहन दोनों स्तरों पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़े प्रोजेक्ट सामने आ रहे हैं। अक्षरधाम से जेवर तक प्रस्तावित 50 किलोमीटर का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद-जेवर नमो भारत-मेट्रो कॉरिडोर के पूरा होने पर NCR के अलग-अलग हिस्सों से एयरपोर्ट पहुंचना पहले के मुकाबले काफी आसान हो सकता है। हालांकि, एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अभी DPR चरण में है, इसलिए निर्माण शुरू होने और इसके पूरी तरह चालू होने की समयसीमा आगे की परियोजना मंजूरियों और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

ये भी पढ़ें- Delhi Student Gangrape: दिल्ली में चलती बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार

Rajat Dalal: ‘हर चीज की एक सीमा होती है’, रजत दलाल ने रास्ता रोक रही कार में अपनी थार से मारी टक्कर

Rajat Dalal: हरियाणा के फरीदाबाद में पार्किंग को लेकर हुए एक झगड़े का वीडियो शेयर करने के बाद रजत दलाल एक बार फिर चर्चा में हैं। वीडियो में वह अपनी ‘थार’ गाड़ी से उस कार को टक्कर मारते हुए दिखे, जिसने उनका रास्ता रोक रखा था।

पूरा मामला क्या है?

‘बिग बॉस 18’ के कंटेस्टेंट ने ये वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर पोस्ट किए और बताया कि गाड़ियां इस तरह पार्क की जाती हैं कि उनकी कार का रास्ता रुक जाता है और यह एक आम समस्या बन गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना फरीदाबाद के सेक्टर 16 में हुई। पहले वीडियो में रजत ने दिखाया कि उनकी ‘थार’ दो गाड़ियों के बीच पार्क थी और उनकी SUV के आगे और पीछे दोनों तरफ कारें खड़ी थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।

वीडियो शेयर करते हुए रजत ने लिखा, “यह रोज़ का ड्रामा है। वे हर दिन मेरी कार को ब्लॉक कर देते हैं।” एक और क्लिप में, रजत अपनी थार (Thar) को उस कार से टकराते हुए दिखे जो उनके सामने पार्क की गई थी। ऐसा उन्होंने वहां से निकलने से पहले किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाड़ी के मालिक का लगभग 45-50 मिनट तक इंतज़ार किया, लेकिन वे नहीं मिले। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार पर कोई कॉन्टैक्ट नंबर नहीं था।

वीडियो के कैप्शन में लिखा था, “45-50 मिनट तक सब्र से इंतज़ार किया, कोई कॉन्टैक्ट नंबर नहीं, कुछ भी नहीं।” इसके बाद रजत ने और भी वीडियो शेयर किए जिनमें गाड़ियां लेन में गलत तरीके से पार्क की हुई दिख रही थीं। उन्होंने कहा कि पार्किंग की यह समस्या कई बार हुई है और साफ़ किया कि ये वीडियो पहले से तय (स्टेज्ड) या प्रमोशन के मकसद से नहीं बनाए गए थे।

उन्होंने लिखा, “यह कोई प्रमोशनल वीडियो या स्क्रिप्टेड चीज़ नहीं है। पार्किंग को लेकर हर दिन यही हाल होता है। यह ड्रोन से लिया गया एरियल शॉट नहीं है। इसे जिम की तीसरी मंज़िल से रिकॉर्ड किया गया था। हर चीज़ की एक लिमिट होती है।”

बैकग्राउंड

यह पहली बार नहीं है जब रजत गाड़ियों से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में आए हैं। 2024 में, उन पर अपनी कार से एक बाइक सवार को टक्कर मारने और बिना रुके गाड़ी चलाते रहने का आरोप लगा था। उन पर उस समय तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने का भी आरोप था। इससे पहले, रजत को एक 18 साल के छात्र को इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर अगवा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया था। बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था।

8th Pay Commission: सिर्फ एक बार नहीं बल्कि हर साल सैलरी में होगा बंपर इजाफा! सालाना इंक्रीमेंट वाला ये फार्मूला समझिए

8th Pay Commission Salary Calculation: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम राज्यों के दौरों के साथ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी यूनियनों के साथ लगातार बैठकें कर रही है। दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद आयोग की परामर्श प्रक्रिया अब अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है।

कर्मचारी यूनियनों द्वारा आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों से एक बात साफ हो गई है कर्मचारी न केवल फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी चाहते हैं, बल्कि इस बार वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को भी 3% से बढ़ाकर 5% से 7% करने की मांग कर रहे हैं। आइए समझते हैं कि तुरंत मिलने वाला बड़ा फिटमेंट फैक्टर ज्यादा फायदेमंद है या हर साल मिलने वाला ज्यादा इंक्रीमेंट?

3% की जगह मिले 5% से 7% का इंक्रीमेंट

7वें वेतन आयोग के तहत फिलहाल कर्मचारियों को 3% की दर से सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के सामने प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है:

कर्मचारी संगठनप्रस्तावित सालाना इंक्रीमेंट
NC-JCM6%
AIDEF6%
FNPO6%
AINPSEF 7%
IRTSA5%

वार्षिक इंक्रीमेंट में कंपाउंडिंग की ताकत

फिटमेंट फैक्टर लागू होते ही कर्मचारियों की शुरुआती बेसिक पे में तुरंत बड़ा उछाल आता है। लेकिन सालाना इंक्रीमेंट की भूमिका लंबी अवधि के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

जब हर साल बेसिक पे बढ़ती है, तो अगले साल का इंक्रीमेंट उस बढ़ी हुई रकम पर लगता है। यानी इस पर कंपाउंडिंग जैसा असर काम करता है। अगर आपकी नौकरी 15 से 30 साल बची है, तो सालाना इंक्रीमेंट की उच्च दर आपकी सैलरी को फिटमेंट फैक्टर के मुकाबले कई गुना ज्यादा बढ़ा सकती है।

कैल्कुलेशन से समझें फिटमेंट फैक्टर vs 7% इंक्रीमेंट

मान लीजिए किसी Level 10 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹56,100 है। अलग-अलग परिस्थितियों में 15 और 30 साल बाद सैलरी का अनुमानित गणित इस प्रकार हो सकता है:

कैल्कुलेशन से समझें फिटमेंट फैक्टर vs 7% इंक्रीमेंट

(नोट: यह केवल गणना को समझाने के लिए एक काल्पनिक उदाहरण है। वास्तविक सैलरी सरकार द्वारा स्वीकृत अंतिम फिटमेंट फैक्टर और पे-स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी।)

कर्मचारियों के लिए सबसे बेहतर क्या होगा?

आंकड़ों से साफ है कि केवल 7% इंक्रीमेंट मिलने पर लंबे समय (30 साल) में बेसिक पे ₹4.27 लाख तक पहुंच सकती है, जो 2.57x फिटमेंट फैक्टर के ₹3.50 लाख वाले आंकड़े से कहीं ज्यादा है। लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए सालों इंतजार करना पड़ेगा।

इसलिए, कर्मचारियों के लिए सबसे सही और फायदेमंद विकल्प ‘फिटमेंट फैक्टर + हाई इंक्रीमेंट’ का कॉम्बिनेशन होगा:

बंपर फिटमेंट फैक्टर: इससे पहले ही साल से बेसिक पे में तुरंत और बड़ी बढ़ोतरी मिलेगी।

5% से 7% इंक्रीमेंट: इससे पूरी सर्विस के दौरान हर साल वेतन तेजी से बढ़ता रहेगा।

कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग फिलहाल सभी हितधारकों से चर्चा कर रहा है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी सिफारिशें और अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार को सौंप सकता है।

Toxic box office collection day 5: यश स्टारर ने 214 करोड़ का आंकड़ा पार किया, ‘जन नायकन’ से निकली आगे

Toxic box office collection day 5: गीतू मोहनदास और यश की फ़िल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ बुधवार को बड़ी उम्मीदों के साथ सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। रिलीज़ के पहले दिन, यश की इस फ़िल्म ने भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर ₹101 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की ओपनिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतनी ज़बरदस्त शुरुआत को देखते हुए उम्मीद थी कि यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर कई रिकॉर्ड तोड़ेगी। हालांकि, दूसरे दिन ‘Toxic’ की कमाई में भारी गिरावट आई और तब से इसकी रोज़ाना की कमाई लगातार घटती जा रही है।

Toxic का 5वें दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, Toxic ने रविवार को भारत में ₹23 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इससे फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब तक ₹214.10 करोड़ हो गया है। रविवार को फिल्म की कुल थिएटर ऑक्यूपेंसी 25.3% रही और इसे 16,241 शो में दिखाया गया। शनिवार के ₹25.15 करोड़ के मुकाबले रविवार के कलेक्शन में लगभग 8.5% की मामूली गिरावट देखी गई। हालांकि फिल्म ने भारत में नेट कलेक्शन के मामले में ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन रिकॉर्ड ओपनिंग के बाद से इसके रोज़ाना के कलेक्शन में लगातार गिरावट आ रही है।

Toxic का 5वें दिन भाषा के हिसाब से कलेक्शन

भाषा के हिसाब से देखें तो, Toxic के सबसे ज़्यादा शो हिंदी में थे, जिनकी संख्या 11,734 थी। हिंदी वर्शन ने ₹14.50 करोड़ कमाए और 24% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। वहीं, कन्नड़ वर्शन ने सिर्फ़ 1,297 शो से ₹6.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और शानदार 50% ऑक्यूपेंसी हासिल की। ​​तेलुगु भाषा में रिलीज़ हुई फिल्म ने 1,541 शो से ₹1.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और 23% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि तमिल भाषा के शो से ₹0.60 करोड़ का नेट कलेक्शन हुआ (1,416 शो से)। मलयालम वर्शन ने 253 शो से ₹0.10 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic का अब तक का प्रदर्शन

Toxic ने पहले दिन भारत में ₹101.10 करोड़ के ज़बरदस्त नेट कलेक्शन के साथ अपनी थिएटर यात्रा शुरू की। हालांकि, गुरुवार को फिल्म के कलेक्शन में भारी गिरावट आई और इसने ₹37.65 करोड़ कमाए, जो पहले दिन के आंकड़े से 62.8% कम था।

शुक्रवार को भी गिरावट का यह सिलसिला जारी रहा और फिल्म ने ₹27.20 करोड़ का कलेक्शन किया। शनिवार को Toxic के कलेक्शन में और गिरावट आई और इसने भारत में ₹25.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic ने ‘जना नायकन’ और ‘करुप्पु’ के लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन को पीछे छोड़ा

Toxic ने यश की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘KGF चैप्टर 2’ के मुकाबले भारत में रिलीज़ के शुरुआती पांच दिनों में हुई कमाई का आधे से भी कम कलेक्शन किया है। KGF चैप्टर 2 ने रिलीज़ के पांच दिनों के अंदर भारत में ₹430.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था।

वहीं, ‘टॉक्सिक’ ने सूर्या की ‘करुप्पु’ (जिसने ₹198.18 करोड़ कमाए थे) और विजय की ‘जाना नायकन’ (जिसने ₹198.22 करोड़ कमाए थे) के भारत में लाइफटाइम नेट कलेक्शन के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

‘टॉक्सिक’ के बारे में

गीतू मोहनदास की डायरेक्ट की गई फ़िल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत, हुमा कुरैशी और अक्षय ओबेरॉय भी हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे 25-25 हजार रुपये, 1.22 लाख विद्यार्थी खरीदेंगे लैपटॉप

सीएम डॉ. मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे 25-25 हजार रुपये, 1.22 लाख विद्यार्थी खरीदेंगे लैपटॉप

भोपाल। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। विद्यार्थियों को यह राशि 1 सितंबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान की जाएगी।

 

प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

 

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का संबल-प्रदेश सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकेंगे।

Silver Price 31 August: चांदी हुई महंगी या सस्ती? जानें आज का ताजा भाव और शहरवार रेट

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे Bullion.co.in के अनुसार चांदी की कीमत ₹2,42,190 प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 925 स्टर्लिंग सिल्वर का भाव ₹2,24,026 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। निवेशकों और चांदी खरीदने वालों के लिए आज के रेट खास हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कीमती धातु की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

एक महीने में चांदी करीब 11% चढ़ी

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत में पिछले एक महीने के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल की अवधि में चांदी का भाव करीब 100 फीसदी तक बढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।

बड़े शहरों में चांदी के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 999 फाइन चांदी के रेट इस प्रकार हैं:

मुंबई: ₹2,41,760 प्रति किलो

दिल्ली: ₹2,41,340 प्रति किलो

चेन्नई: ₹2,42,460 प्रति किलो

कोलकाता: ₹2,41,440 प्रति किलो

बेंगलुरु: ₹2,41,950 प्रति किलो

हैदराबाद: ₹2,42,140 प्रति किलो

इन आंकड़ों के अनुसार, दिए गए प्रमुख शहरों में चेन्नई में चांदी सबसे महंगी और दिल्ली में सबसे सस्ती रही।

रविवार को नहीं हुआ था कारोबार

30 अगस्त, रविवार को घरेलू बुलियन मार्केट में नियमित कारोबार नहीं हुआ था। इसलिए उस दिन चांदी के कोई नए क्लोजिंग रेट जारी नहीं किए गए। इससे पहले 28 अगस्त को आखिरी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹5,000 की गिरावट के साथ ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलो था।

खरीदारी से पहले चेक करें ताजा रेट

चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-सप्लाई और बाजार की स्थिति के आधार पर लगातार बदल सकती है। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और अन्य लागत के कारण कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : US में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और क्रूड में उछाल से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट से ज्यादा नीचे आ गया है। शुक्रवार को FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 5600 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली देखने को मिली। इनके नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट फिर दो लाख के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

28 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला खत्म होगा। IT शेयरों में बढ़त की वजह से निफ्टी 24,150 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर और निफ्टी 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 24,175.65 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो मार्केट में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट जारी रही। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों में 0.3% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा और निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ कारोबार खत्म हुआ

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

28 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे,लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,183 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर इसकी भरपाई कर दी और लगातार 14वें दिन भी खरीदारी जारी रखी।

Stock Market LIVE Updates : GIFT Nifty से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजारों में गिरावट

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला असर दिख रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.29% और जापानी येन 0.09% मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.04% की गिरावट आई है,जबकि फिलीपींस पेसो 0.10% कमजोर हुआ है। थाई बाहत 0.19% और ताइवान डॉलर 0.17% गिरे हैं। चीनी रेनमिनबी में 0.14% की नरमी आई हैं,जबकि मलेशियाई रिंगित 0.20% टूटा है। सिंगापुर डॉलर भी 0.02% नीचे आया है।

वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ी

वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ गई है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार हुआ है। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर र्मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉलर की भूमिका धीरे-धीरे खत्म करने की जरूरत है। इधर क्रूड 90 डॉलर के पार चला गया है।

US फेड चेयरमैन ने दिए दरें बढ़ाने के संकेत, बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार, डॉलर इडेक्स में उछाल

US फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महंगाई लक्ष्य से ज्यादा रही तो कदम उठाने पड़ेंगे। इस बयान के बाद बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार चली गई है। डॉलर इंडेक्स में भी उछाल आया है। सोना-चांदी ठंडे पड़े हैं। अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं एशिया भी कमजोर दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी 2% फिसले हैं।

सबसे बड़े IPO का रास्ता हुआ साफ

देश के सबसे बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है। सेबी ने जियो प्लैटफॉर्म्स के IPO को मंजूरी दे दी है। जियो प्लैटफॉर्म्स 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा।

HDFC बैंक से रिटायर होंगे शशिधर जगदीशन

शशिधर जगदीशन दोबारा HDFC बैंक के MD&CEO नहीं बनेंगे। ये 26 अक्टूबर को रिटायर होंगे। उन्होंने कहा है कि वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते। उन्होंने बैंक के बोर्ड से कहा है कि उत्तराधिकारी तलाश करने का प्रोसेस तेज किया जाए।

सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की और से बड़ी खबर आई है। सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध किया गया है। NCLT के फैसले को कैनरा, HDFC बैंक और LIC हाउसिंग फाइनेंस चुनौती देंगे।

MSCI की आज रीबैलेंसिंग

आखिरी आधे घंटे में आज MSCI की रीबैलेंसिंग होगी। लॉरस लैब्स,लेंसकार्ट,अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो शामिल होंगे। वहीं बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, SBI कार्ड्स और एस्ट्रल बाहर होंगे। MSCI में भारत के वेटेज में भी हल्की बढ़त होगी।

LPG Price 31 August 2026: महीने के आखिरी दिन जानें गैस सिलेंडर का ताजा भाव, दिल्ली-मुंबई समेत इन शहरों में कितनी है कीमत

LPG Price Today: 31 अगस्त 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों पर सबकी नजर है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव करती हैं। ऐसे में आज 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों में खास दिलचस्पी है।

घरेलू LPG की कीमत का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों की लागत को प्रभावित करते हैं।

दिल्ली, मुंबई और बड़े शहरों में LPG का भाव

दिल्ली में घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि मुंबई में यह ₹941.50 में उपलब्ध है।फिलहाल 1 सितंबर 2026 के नए LPG रेट जारी होने का इंतजार है। नए दाम सामने आने तक ग्राहकों को पिछले महीने लागू कीमतों के आधार पर ही सिलेंडर मिल रहा है। शहर के हिसाब से LPG की कीमत अलग हो सकती है, इसलिए बुकिंग से पहले अपने शहर का मौजूदा रेट जरूर जांच लें

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00—

जून में बढ़े थे घरेलू LPG के दाम

घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव जून 2026 में देखने को मिला था। उस समय तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में घरेलू LPG का भाव ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गया था।

जून के बाद घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए सितंबर में भी लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या तेल कंपनियां घरेलू LPG के दाम में कोई बदलाव करती हैं।

अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता

कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक की कटौती की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को इसका प्रमुख कारण माना गया था।

सितंबर में LPG के दाम पर क्यों है नजर?

LPG की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार के साथ-साथ रुपये की स्थिति और वैश्विक सप्लाई का भी असर पड़ता है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियों में आई कमी के कारण आने वाले समय में तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में 1 सितंबर के बाद भी LPG की कीमतों में संभावित बदलाव पर लोगों की नजर बनी रहेगी। सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें।