Gold Silver Price Today: सोना ₹800 उछला, ₹1.47 लाख के पार पहुंचा दाम; चांदी सपाट रही

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक बाजार में तेजी की वजह से सोने में यह उछाल देखने को मिला। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी की कीमत ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। कारोबारियों के मुताबिक हालिया गिरावट के बाद चांदी में खरीदारी सीमित रही। वहीं, सोने में लगातार अच्छी मांग बनी हुई है।

सोने की कीमत क्यों बढ़ी?

HDFC Securities के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद से भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और निवेशकों का रुझान फिर से सोने की ओर बढ़ा।

उन्होंने कहा कि चीन में मजबूत फिजिकल डिमांड और दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।

ग्लोबल मार्केट में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.25% बढ़कर 4,057.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 4,082 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक भी गया।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च की कायनात चैनवाला ने कहा कि पिछले हफ्ते 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद सोने ने अब फिर से तेजी पकड़ ली है।

चांदी ने भी दिखाई मजबूती

वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 4% से ज्यादा बढ़कर 58.80 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, चीन की ओर से टेक सेक्टर को समर्थन देने के लिए किए जा रहे बड़े निवेश से इंडस्ट्रियल मेटल्स, खासकर चांदी, को भी मजबूती मिली है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद सोने में फिर से मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। MCX पर सोना करीब ₹1,500 यानी 1% चढ़कर ₹1,42,800 के आसपास पहुंच गया। वहीं, COMEX Gold भी 4,070 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है और 4,000 डॉलर के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग फिर बढ़ी है। इसी का फायदा सोने को मिल रहा है। हाल की गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव भी काफी हद तक कम हो गया है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों को फिर से सोने की ओर खींच रही है। उनका अनुमान है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में MCX Gold ₹1,41,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

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चारधाम यात्रा होगी और आसान! बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर सुरंग तैयार

Char Dham Yatra Route Tunnel: अब चार धाम यात्रा के लिए जानें वाले श्रद्धालुओं को जाम और रोड से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर लंबी सुरंग का काम पूरा हो गया है। जिसे चार धाम यात्रा मार्ग पर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुरंग ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को केदारनाथ नेशनल हाईवे से जोड़ती है। बता दें कि यह एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा डबल-लेन मोटर ब्रिज भी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल का निर्माण अपने आखिरी चरण में है और 31 अगस्त से गाड़ियों का ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि अगर ट्रायल रन सफल रहे, तो चार धाम यात्रा का तीसरा चरण नई बनी सुरंग और पुल से होकर गुजरेगा, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों का सफर आसान और कम भीड़-भाड़ वाला होगा।

डीएम ने दी जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने कहा कि पुल का काम 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसकी क्वालिटी, सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच के लिए टेस्टिंग और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस नए मार्ग के शुरू होने से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की आवाजाही काफी आसान होने की उम्मीद है। मौजूदा बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरता है, जहां सड़क संकरी होने के कारण अक्सर लंबे ट्रैफिक जाम लगते हैं

उम्मीद है कि इस नए रास्ते से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वालों का सफर काफ़ी आसान हो जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अभी बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुज़रता है, जो एक संकरा रास्ता है और जहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। नया रास्ता शुरू होने के बाद, तीर्थयात्री जवारी बाईपास का इस्तेमाल करके सीधे इन दोनों तीर्थस्थलों की ओर जा सकेंगे और भीड़-भाड़ वाले बाजार वाले इलाके से पूरी तरह बच सकेंगे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह पहल सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चार धाम यात्रा की कुल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस यात्रा के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु बद्रीनाथ और केदारनाथ आते हैं।

अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय कम होगा, हिमालयी राज्य के सबसे व्यस्त तीर्थयात्रा मार्गों में से एक पर भीड़ कम होगी और कुल मिलाकर यात्रा ज्यादा सुरक्षित और बेहतर ढंग से आयोजित हो सकेगी।

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UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

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VIDEO: ‘मेरी सैलरी बताने लायक नहीं’ वेंडर की महीने की 1.5 लाख कमाई सुन हैरान रह गई कंटेंट क्रिएटर

सोशल मीडिया पर एक स्ट्रीट फूड बेचने वाले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्ट्रीट फूड बेचने के महीने की कमाई जानकर हर कोई हैरान है। एक कंटेंट क्रिएटर ने जब वेंडर से उसकी महीने की इनकम के बारे में पूछा, तो जवाब सुनकर वह खुद भी हैरान रह गई। सड़क किनारे मैगी और छोले-कुलचे बेचने वाले इस शख्स ने दावा किया कि वह हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये कमाता है। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और छोटे कारोबार से होने वाली कमाई को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई।

इंस्टाग्राम पर ये वीडियो कंटेंट क्रिएटर कोमल नेगी ने शेयर किया है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “रेहड़ी लगाने से क्या हो जाएगा? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो यह वीडियो देखने के बाद अपनी सोच जरूर बदलें।”

महीने में लाखों कमाता है ये वेंडर

वीडियो में कंटेंट क्रिएटर कोमल नेगी एक सड़क किनारे लगे फूड स्टॉल पर पहुंचती हैं, जहां एक व्यक्ति मैगी और छोले-कुलचे बेचता है। बातचीत के दौरान जब वह उससे उसकी महीने की इनकम के बारे में पूछती हैं, तो दुकानदार बताता है कि वह हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये की कमाई कर लेता है। उसका जवाब सुनकर कंटेंट क्रिएटर भी हैरान रह जाती हैं। वेंडर की कमाई सुनकर कोमल नेगी जोर से हंस पड़ती हैं और कहती हैं, “अब मेरी सैलरी बताने लायक ही नहीं है।” दोनों के बीच हुई ये छोटी-सी बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।

 

लोगों ने किया कमेंट

वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “क्या वह मुझे नौकरी पर रखेगा?” वहीं दूसरे ने कहा, “न इनकम टैक्स, न किराया।”एक कमेंट में लिखा गया, “कोई भी काम छोटा नहीं होता। शुरुआत में मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है, लेकिन बाद में सब ठीक हो जाता है। ठेला लगाने में शर्म की कोई बात नहीं है। आज के समय में सबसे जरूरी चीज कमाई है।” एक अन्य यूजर ने वेंडर की सोने जैसी दिखने वाली चेन की ओर इशारा करते हुए लिखा, “चेन दिख रही है, ब्रो।” एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “यह सच है कि सड़क किनारे ठेला लगाने वाले जितने गरीब दिखते हैं, उतने होते नहीं हैं।” लोग इस वीडियो को काफी शेयर भी कर रहे हैं।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अमिताभ कांत ने कहा-अमेरिकी इकोनॉमी में जगह बनाए बैगर भारत तेज ग्रोथ हासिल नहीं कर सकता

नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि हाई इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए भारत को अमेरिका के साथ निश्चित रूप से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) करना चाहिए। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में गहरी पैठ बनाए बगैर तेज रफ्तार से बढ़ना नामुमकिन है।

कांत ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते को देश के लिए बहुत अहम और जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह डील संतुलित होने के साथ ही ऐसा होना चाहिए जिससे दोनों देशों को फायदा हो। उन्होंने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देश अमेरिका के साथ आर्थिक रिश्ते बढ़ाकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक हम अमेरिकी इकोनॉमी में अपनी पैठ नहीं बनाते हमारे लिए बहुत तेज रफ्तार वाली गोथ हासिल करना नामुमकिन होगा। अमेरिका के साथ डील से भारतीय निर्यातकों के लिए एक समान मौके सुनिश्चित होने चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ हमारा एफटीए बहुत अहम है। लेकिन, यह दोनों देशों के लिए पारस्परिक फायदेमंद होना चाहिए।”

अमेरिका के साथ डील के लिए कॉमर्स मिनिस्ट्री की बातचीत की तारीख करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कॉमर्स मिनिस्ट्री एफटीए को लेकर अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत को बातचीत में अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए। कुछ मसलों के मामले में धैर्य जरूरी है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि हमें बातचीत में मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।”

नीति आयोग के पूर्व सीईओ ने अमिताभ कांत ने राजेश अग्रवाल के 13 जुलाई के उस बयान के बाद ये बातें कही हैं, जिसमें अग्रवाल ने कहा था कि भारत-अमेरिका के बीच समझौते का फ्रेमवर्क हस्ताक्षर के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों को इसके समय और स्ट्रक्चर के लिए तैयार होना है। उन्होंने यह भी कहा था कि व्यापक ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बातचीत भी आगे बढ़ रही है।

भारत और अमेरिका कई महीनों की बातचीत के बाद इस साल फरवरी में अंतरिम समझौते के लिए तैयार हुए थे। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत से होने वाले एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने को तैयार हो चुका है। कांत ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका 30 ट्रिलयन (लाख करोड़) डॉलर की इकोनॉमी है। यह 3.5 फीसदी की दर से भी बढ़ती है तो दुनिया के लिए बड़ी डिमांड बनेगी। इसलिए हमारे लिए इस इकोनॉमी में जगह बनाए बगैर तेजी से बढ़ना नामुमकिन होगा। “

Redmi Note 17 Leaks: 8000mAh बैटरी और 50MP कैमरे के साथ आएगा नया स्मार्टफोन, जानें कीमत और लॉन्च डेट

Redmi Note 17 Leaks: Redmi Note 17 सीरीज, एक हफ्ते पहले चीनी मार्केट में लॉन्च होने के बाद, अब भारतीय मार्केट में एंट्री करने वाली है। लीक हुई जानकारी के मुताबिक, Redmi Note 17 भारत में कई शानदार फीचर्स के साथ लॉन्च हो सकता है। इसकी लॉन्चिंग में बस 20-22 दिन ही बचे हैं। तो आइए, हम आपको सभी अफवाहों, अनुमानों और लीक्स के आधार पर इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स, लॉन्च डेट और कीमत के बारे में जानकारी देते हैं।

भारत में Redmi Note 17 की कीमत और लॉन्च डेट

टिपस्टर अभिषेक यादव ने लीक रिपोर्ट के आधार पर बताया कि Redmi Note 17 भारत में 6 अगस्त को लॉन्च हो सकता है। वहीं, फोन की पहली सेल 11 अगस्त 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। लॉन्च के समय यह हैंडसेट तीन कलर ऑप्शन Blue, Violet और Black कलर में लॉन्च हो सकते हैं।

अब अगर कीमत की बात करें तो, Redmi Note 17 की शुरुआती कीमत 19,999 रुपये के आसपास हो सकती है।

Redmi Note 17 के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Redmi Note 17 में 7.0-इंच का OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस के साथ आएगा। यह फोन Qualcomm Snapdragon 4 Gen 4 प्रोसेसर और Adreno 613 GPU पर चल सकता है। इसके अलावा, फोन में 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलने की उम्मीद है। पावर के लिए फोन में 8000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 45W वायर्ड और 22.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

कैमरे की बात करें तो, Redmi Note 17 में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा, LED फ्लैश, HDR और पैनोरमा सपोर्ट शामिल होंगे। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। बता दें कि ये लीक हुए फीचर्स सही लगते हैं, क्योंकि भारत में इसकी कीमत 20,000 रुपये से कम रहने की उम्मीद है।

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उत्तर प्रदेश में ये 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हुए मंजूर, पूर्वांचल से विंध्य तक जबर्दस्त तरीके से बदलेगी कनेक्टिविटी

UP Expressway news: उत्तर प्रदेश के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के रोड नेटवर्क को मजबूती देने के लिए चार नए प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। इन मंजूरियों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले दो लिंक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक का एलाइनमेंट शामिल है।

आइए जानते हैं इन चारों नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से और यह भी समझते हैं कि कैसे ये स्टेट की सुपर डेवलपमेंट स्पीड को सपोर्ट कर सकते हैं-

12264 करोड़ रुपये से ज्यादा के 2 ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित और अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को मंजूरी दी है। इनकी कुल लागत 12,264 करोड़ रुपये से अधिक है। पहला है 50.98 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक। यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर होगा। इसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत करीब 4775.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

इसमें दूसरा है 90.84 किलोमीटर लंबाई वाला फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक। यह फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। यह 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड लिंक होगा। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में अनुमानित 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। डेवलपर्स के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। चुनी गई एजेंसियों को लगभग 36 महीनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक सड़क का रखरखाव करना होगा।

26315 करोड़ रुपये की लागत वाला ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’

कैबिनेट ने राज्य के दक्षिणी और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 26315 करोड़ रुपये होगी। यह 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा। इसे जरूरत पड़ने पर 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह प्रस्तावित कॉरिडोर प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के लिए आवागमन और सड़कोंकी कनेक्टिविटी को सीधे तौर पर बेहतर बनाएगा।

पूर्वांचल को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी है। यह करीब 9039 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट है। यह लिंक गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगा, जिससे पूर्वी यूपी के इन जिलों में सड़कों का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

एक्सप्रेसवे ग्रिड से मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा

राज्य सरकार के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को मिलाकर एक सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इस इंटिग्रेटेड नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल हो जाएगी। यात्रा के समय और ईंधन की खपत में भारी कमी आएगी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

अल्फांसो आम की फसल को गर्मी ने दिया झटका, फिर भी रिकॉर्ड 34 देशों तक पहुंचा भारत का हापुस

Indian Alphonso Mango Crop: बेमौसम गर्मी और जलवायु परिवर्तन की मार के बावजूद भारतीय अल्फांसो आम (हापुस) ने ग्लोबल बाजार में अपनी मिठास का परचम लहराया है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भीषण गर्मी और प्रतिकूल मौसम की वजह से अल्फांसो आम की पैदावार को भारी नुकसान हुआ लेकिन इसके बावजूद भारत ने चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 34 देशों तक हापुस आम का निर्यात करने में सफलता हासिल की है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 21 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान ये जानकारी दी है।

कोंकण में बेमौसम गर्मी की मार और लॉजिस्टिक्स का संकट

राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, विशेष रूप से रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अनियंत्रित और बेमौसम गर्मी और अनियमित जलवायु की वजह से अल्फांसो आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे न सिर्फ उत्पादन प्रभावित हुआ बल्कि एक्सपोर्ट क्वॉलिटी वाले फलों की उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। इसके अलावा निर्यातकों को कई अंतरराष्ट्रीय और लॉजिस्टिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। वेस्ट एशिया में जारी संकट की वजह से शिपमेंट में देरी हुई और बंदरगाहों पर भीड़ बढ़ गई। निर्यातकों को उच्च फ्रेट लागत, वॉर-रिस्क सरचार्ज और कंटेनरों की भारी किल्लत से जूझना पड़ा।

इसके बाद भी 24 से बढ़कर 34 देशों तक पहुंचा भारतीय हापुस

इन तमाम वैश्विक चुनौतियों, भाड़े में बढ़ोतरी और फसल के नुकसान के बावजूद भारत ने अल्फांसो आम के अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार जारी रखा है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां अल्फांसो आम सिर्फ 24 देशों में निर्यात होता था वहीं चालू वित्त वर्ष में यह दायरा बढ़कर 34 देशों तक पहुंच गया है। अमेरिका, बेल्जियम, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, आइसलैंड, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया और रूस सहित 15 से अधिक देशों में भारतीय आम को बढ़ावा देने के लिए प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जापान और नेपाल निर्यात पर सरकार का स्पष्टीकरण

निर्यात से जुड़े अन्य मुद्दों पर मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया। नेपाल को आम के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। नेपाल में जरूरी नियमों का पालन करते हुए आयात की अनुमति दी गई है। ‘नेशनल प्लांट प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन’ (NPPO) भारतीय निर्यात सुविधाओं के 2026 प्री-सीजन निरीक्षण के दौरान जापानी अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए लगातार उनके संपर्क में है।

प्रभावित निर्यातकों के लिए सरकार का राहत पैकेज

लॉजिस्टिक्स में आए व्यवधानों और माल भाड़े के बोझ से प्रभावित निर्यातकों को सहयोग देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत सरकार ने RELIEF पहल शुरू की है। इसके जरिए भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम के माध्यम से बीमाकृत निर्यातकों और पात्र MSMEs को सहायता दी जा रही है। ऐसा इसलिए ताकि उनके अतिरिक्त फ्रेट और बीमा बोझ को कम किया जा सके। वाणिज्य विभाग, एपीडा (APEDA) के माध्यम से अपनी वित्तीय सहायता योजना के तहत आम निर्यातकों को सहायता दे रहा है। इसका उद्देश्य एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्ता अनुपालन और बाजार विकास को मजबूत करना है।

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Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Welspun Specialty Q1 Results: Welspun Group की कंपनी Welspun Specialty Solutions ने जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में वापसी की है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील बनाने वाली कंपनी है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले थोड़ा घटा, लेकिन ऑपरेटिंग प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला।

घाटे से मुनाफे में वापसी

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था।

कंपनी ने बताया कि पिछले साल की पहली तिमाही में ₹5.78 करोड़ का एकमुश्त फाइनेंस कॉस्ट भी शामिल था। यह खर्च प्रेफरेंस शेयरों के रिडेम्प्शन की वजह से आया था।

रेवेन्यू घटा, लेकिन कमाई सुधरी

जून तिमाही में Welspun Specialty का रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹201 करोड़ था।

हालांकि, ऑपरेटिंग प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹10.54 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹4.38 करोड़ था।

मार्जिन में बड़ा सुधार

बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन की वजह से EBITDA मार्जिन 2.2% से बढ़कर 5.4% हो गया। यानी बिक्री थोड़ी कम रही, लेकिन कंपनी की कमाई की क्षमता में अच्छा सुधार देखने को मिला।

किन सेक्टरों को सप्लाई करती है कंपनी?

Welspun Specialty Solutions गुजरात के झगड़िया में स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, एनर्जी, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, ऑयल एंड गैस, स्पेस और न्यूक्लियर पावर जैसे अहम सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

शेयर का हाल

Welspun Specialty Solutions का शेयर मंगलवार को 3.02% बढ़कर ₹54.50 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 47.10% का रिटर्न दिया है।

कंपनी का बिजनेस क्या है

Welspun Specialty Solutions, Welspun Group की मेटल कंपनी है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, ऑयल एंड गैस, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

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