Viral Video: ‘पुल से नीचे फेंकी कांच की बोतल चलती कार पर गिरी’ लोनावला में लापरवाही का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक शख्स की लापरवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पुल के ऊपर से कांच की शराब की बोतल सड़क पर फेंकता हुआ दिखाई देता है। कांच की शराब की बोतल नीचे एक चलती कार पर जाकर गिरती है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद से लोगों ने व्यक्तिन की हरकत की कड़ी आलोचना की है। वहीं कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “यह घटना लोनावला की है। अच्छी बात यह रही कि इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ और न ही किसी को चोट आई। कृपया इस तरह की लापरवाही न करें। सुरक्षित रहें।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

ये घटना लोनावला के पास हुई बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अपनी कार से कांच की शराब की बोतल निकालकर बिना आसपास की परवाह किए उसे पुल से नीचे फेंक देता है। कुछ ही पल बाद वह बोतल नीचे से गुजर रही एक चलती कार की छत पर जा गिरी। इस घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में जब पुल पर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसकी फेंकी हुई कांच की बोतल नीचे जा रही एक कार पर गिर गई है, तो उसने सफाई देते हुए कहा कि उसे लगा था सड़क खाली है। इसके बाद वह पुल से नीचे झांककर ये देखने की कोशिश करता नजर आया कि बोतल आखिर कहां गिरी।

 

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किसी को नहीं लगी चोट

इस घटना में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। कई यूजर्स के मुताबिक, अगर कांच की बोतल किसी बाइक सवार या पैदल जा रहे व्यक्ति पर गिरती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इस हरकत को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इस वीडियो पर लोगों ने काफी रिएक्शन दे रहे हैं।

लोगों ने दिया रिएक्शन

वीडियो पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। अगर उसी समय वहां से कोई बाइक सवार गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को समझना चाहिए कि सड़कें उनका निजी कूड़ेदान नहीं हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “अच्छी बात है कि बोतल किसी दोपहिया वाहन पर नहीं गिरी। अगर ऐसा होता, तो गंभीर चोट लग सकती थी। इस तरह कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

एक अन्य यूजर ने सवाल किया, “क्या अधिकारियों ने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की? अगर नहीं, तो दूसरों के लिए उदाहरण पेश करने के लिए उसे सजा मिलनी चाहिए।” एक और शख्स ने टिप्पणी की, “कभी-कभी उम्र नहीं, बल्कि गलत हरकत देखनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त सबक मिलना जरूरी है।”

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Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Maruti Suzuki Brezza Facelift 24 जुलाई को होगी लॉन्च, मिलेंगे E20 पेट्रोल के अनुकूल 2 इंजन और दमदार फीचर्स

क्या आप एक मिड साइज SUV लेने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो Maruti Suzuki India आपके लिए एक बजट फ्रेंडली कार पेश करने जा रही है। दरअसल, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी 24 जुलाई को Brezza का नया फेसलिफ्ट वर्जन लॉन्च करेगी। नए अवतार में आने वाली इस SUV में कई डिजाइन और टेक्नोलॉजी अपडेट्स के साथ नए पावरट्रेन विकल्प भी देखने को मिल सकते हैं।

साल 2016 में लॉन्च होने के बाद से ही Brezza भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली SUVs में शामिल रही है। अब तक इस SUV की 14 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक ​​चुकी हैं, जिससे यह Maruti Suzuki के SUV पोर्टफोलियो में एक अहम मॉडल बन गई है।

बता दें कि पिछले हफ्ते Maruti Suzuki ने Brezza की बुकिंग शुरू कर दी थी। ग्राहक इस नए वर्जन को कंपनी की वेबसाइट या डीलरशिप के जरिए 11,000 रुपये की टोकन राशि देकर बुक कर सकते हैं।

किन SUV से है मुकाबला?

Maruti Suzuki Brezza अभी अपनी दूसरी जेनरेशन में है, जो 2022 में आई थी। पिछले कुछ सालों में, इसे अपने सबसे बड़े कॉम्पिटिटर Tata Nexon से कड़ी टक्कर मिली है, जो कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में सबसे आगे रही है। इस सेगमेंट में Hyundai Venue, Kia Sonet और Mahindra XUV 3XO जैसे दमदार मॉडल भी मौजूद हैं।

इंजन और पावरट्रेन

अगर हम कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में Brezza के कॉम्पिटिटर को देखें, तो वे न सिर्फ पावरट्रेन के मामले में ज्यादा ऑप्शन देते हैं, बल्कि उनमें कई शानदार फीचर्स भी मिलते हैं। ऐसे में, मॉडल को नया बनाए रखने और बिक्री को लगातार जारी रखने के लिए एक फेसलिफ्ट की जरूरत है।

फिलहाल, Brezza में अभी 1.5-लीटर नैचुरली-एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है, जो ज्यादा से ज्यादा 103 PS की पावर और 139 Nm का पीक टॉर्क देता है। इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन या 6-स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कन्वर्टर का ऑप्शन मिलता है। इसमें 5-स्पीड MT के साथ CNG का ऑप्शन (88 PS और 121 Nm) भी उपलब्ध है। उम्मीद है कि Brezza फेसलिफ्ट में ये सभी ऑप्शन बने रहेंगे।

इस SUV में सबसे बड़ा बदलाव 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन का जुड़ना होगा। यह वही इंजन है जो अभी Maruti Suzuki Fronx में इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें 100 PS की मैक्सिमम पावर और 148 Nm का पीक टॉर्क मिलता है। उम्मीद है कि टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा और इसमें ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन नहीं होगा। ऐसा शायद कीमत को कंट्रोल में रखने के लिए किया जा सकता है।

1.5-लीटर नैचुरली-एस्पिरेटेड पेट्रोल और 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल, दोनों इंजन E20 पेट्रोल के अनुकूल होंगे।

इसके अलावा, टर्बो पेट्रोल इंजन अपनी परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं, न कि ज्यादा माइलेज के लिए। यह बात Maruti Suzuki की उस खासियत से कुछ हद तक अलग है, जिसके लिए कंपनी ईंधन की ज्यादा बचत करने वाली कारों के लिए जानी जाती है।

फीचर्स

फीचर्स की बात करें तो, मारुति सुजुकी की कारें इस मामले में सेगमेंट में सबसे आगे नहीं हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनमें फीचर्स की कमी है। बस बात यह है कि कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में दूसरी कंपनियां ज्यादा फीचर्स देती हैं।

हालांकि, Brezza फेसलिफ्ट के साथ इसमें बड़े बदलाव हो सकते हैं। उम्मीद है कि इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), पैनोरमिक सनरूफ, बड़ी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, आगे की तरफ वेंटिलेटेड सीटें, एम्बिएंट लाइटिंग और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स जैसे फीचर्स मिलेंगे।

एक्सटीरियर और इंटीरियर स्पेसिफिकेशन्स

एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो इसमें ज्यादा बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसमें फ्रंट ग्रिल और बंपर में हल्के बदलाव किए जा सकते हैं, जबकि रियर बंपर में भी थोड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है।

मुख्य बदलाव केबिन के अंदर किए जाएंगे, ताकि इन-कैबिन फीचर्स के मामले में Brezza फेसलिफ्ट अपने कॉम्पिटिटर्स को कड़ी टक्कर दे सके।

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Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 124% बढ़ा, शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की Adani Energy Solutions ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। मजबूत कमाई के बाद मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 3% चढ़कर ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

मुनाफा 124% उछला

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹513 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹29 करोड़ की रेगुलेटरी डिफरल इनकम दर्ज की। पिछले साल इसी अवधि में इसी मद में ₹504 करोड़ का खर्च दर्ज हुआ था। इससे भी मुनाफे को अच्छा सहारा मिला।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,819 करोड़ था।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

तिमाही के दौरान EBITDA 30% बढ़कर ₹3,008 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹2,314.5 करोड़ था। हालांकि EBITDA मार्जिन 33.9% से घटकर 31% रह गया।

इन कारोबारों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ट्रांसमिशन बिजनेस का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹3,335.3 करोड़ हो गया। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का रेवेन्यू भी 5% बढ़कर ₹3,520.4 करोड़ रहा।

सबसे तेज बढ़त स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में देखने को मिली। इसका रेवेन्यू 200% से ज्यादा बढ़कर ₹346.9 करोड़ पहुंच गया। वहीं, एनर्जी सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म का रेवेन्यू 9 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,906.8 करोड़ हो गया। यह इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत रही।

शेयर में आई तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया। शेयर कारोबार के दौरान ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली हुई। यह 0.44% बढ़कर 1,737 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 13% चढ़ चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें 67% की तेजी आ चुकी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

IND vs ZIM: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 और 3 वनडे सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड दौरे भारत के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 में व्हाइट वॉश के बाद वनडे में भी टीम 2-1 से सीरीज हार गई। वहीं इसके पहले आयरलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम को 2-0 से करारी हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से चैपिंयन टीम को टी20 में अपनी पहली जीत की तलाश है। वहीं श्रेयस अय्यर को भी अपनी कप्तानी में पहली जीत की तलाश है। अब भारतीय टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे कौ दौरा करेगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस सीरीज का पहला मैच 23 जुलाई, गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा मुकाबला 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर होगा।

दोनों टीमों के बीच होगा कड़ा मुकाबला

इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि, भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को एकतरफा नहीं माना जाना चाहिए। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबले उम्मीद से ज्यादा रोमांचक होंगे।

रजा ने क्या कहा

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “इस सीरीज में भारत और जिम्बाब्वे, दोनों के पास जीत का बराबर मौका है। हमारी टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा और मनोरंजक क्रिकेट खेल रही है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी और क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबले देखने को मिलेंगे।” रजा ने कहा, “हां, भारत इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और कुछ ऐसा ही जिम्बाब्वे की टीम में भी देखने को मिलेगा। हम भी नई टीम तैयार कर रहे हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सीरीज एकतरफा होगी। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।”

टी20 वर्ल्ड में किया था बड़ा उलटफेर

सिकंदर रजा के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम हाल के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के खिलाफ उतरेगी। इस साल टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे ने श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की है। रजा ने कहा कि भारत इस समय नई टीम तैयार कर रहा है, लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने पर काम कर रहा है।

लेकिन भारत के पास पिछली जिम्बाब्वे दौरे की अच्छी यादें हैं। साल 2024 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। वहीं, इस बार दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

HDFC Bank की गिरावट पर Sensex-Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण निवेशकों पर बरसे ₹2 लाख करोड़

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबला आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन फिसले। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे हैवीवेट स्टॉक में गिरावट के चलते इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम बढ़त रही तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज मार्केट में सबसे अच्छी रौनक रियल्टी सेक्टर में दिखी जिसके निफ्टी इंडेक्स में 1% से अधिक बढ़त रही। निफ्टी ऑटो में 1% से थोड़ी कम बढ़त रही। वहीं दूसरी तरफ सरकारी बैंकों में बिकवाली का दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 0.88% कमजोर हुआ तो निफ्टी आईटी भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 238.41 प्वाइंट्स यानी 0.31% की कमजोरी के साथ 77,470.11 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 50.80 प्वाइंट्स यानी 0.21% की गिरावट के साथ 24,187.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 371.19 प्वाइंट्स टूटकर 77,337.33 और निफ्टी 102.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,135.65 तक आ गया था।

₹2.15 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 20 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,19,644.97 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,84,29,159.65 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,09,514.68 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है

Sensex के 21 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 21 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज बजाज फिनसर्व, इंडिगो और अल्ट्राटेक सीमेंट में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एचडीएफसी बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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 131 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4399 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2188 शेयर आज मजबूत हुए तो 2021 में गिरावट रही जबकि 190 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 131 शेयर एक साल के हाई और 90 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 15 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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पश्चिमी एशिया में क्या है स्थिति

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वीं रात किया ताबड़तोड़ हमला किया तो दूसरी तरफ इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वीकेंड पर अमेरिकी सैनिकों की हुई मौतों और नुकसान से भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भयंकर बदले की कसम खाई है। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य और व्यापारिक नेटवर्क पर चौतरफा हमला बोल दिया है। ईरानी सेना ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज अमेजन के सेंट्रल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई क्रूज मिसाइलों से हमला कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

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लगातार 10वीं रात अमेरिका ने ईरान पर किया तबाही वाला हमला, इस बीच 17 अमेरिकी सैनिक मारे गए तो ट्रंप ने खाई ये कसम

ईरान का सबसे भीषण पलटवार! बहरीन में अमेजन का सेंट्रल डेटा सेंटर तबाह, कुवैत से जॉर्डन तक अमेरिकी ठिकानों पर हमला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lucknow Housing Scheme: लखनऊ समेत UP के 6 जिलों में बनेंगे 13.36 लाख सस्ते घर, जानिए LDA का पूरा प्लान

UP SCR Affordable Housing Plan: उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में रहने वाले और घर खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। लखनऊ सहित एससीआर के 6 प्रमुख जिलों में बड़े स्तर पर आवासीय योजनाएं आकार लेने जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 48.75 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आम और गरीब लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 13.36 लाख किफायती यानी सस्ते मकान शामिल होंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महा-परियोजना से लगभग 33.40 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कि किस जिले में कितने घर बनेंगे, जमीन की क्या तैयारी है और किस एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया है।

वर्ष 2051 की जरूरतों को ध्यान में रखकर खींचा गया खांचा

SCR के गठन के बाद लखनऊ और इसके आसपास के क्षेत्र रोजगार और व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। बाहरी जिलों से आने वाले लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के मकसद से 10 जुलाई को हुई विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में इस मेगा प्लान को मंजूरी दी गई।

2051 तक कुल जरूरत: 48.75 लाख घर।

सस्ते घर (EWS & LIG): 13.36 लाख घर।

योजना का क्षेत्रफल: कुल 70 हजार एकड़ में आवासीय योजनाएं विकसित होंगी।

पहला चरण: शुरुआती चरण में 9,940 एकड़ जमीन पर आवासीय परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी।

जिला-वार डेटा: किस जिले में कितने बनेंगे सस्ते आवास?

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

एससीआर में शामिल लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली में घरों की जरूरत और सस्ते मकानों का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:

किस जिले में कितनी भूमि की होगी जरूरत?

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इन योजनाओं को आकार देने के लिए कुल 70,000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

लखनऊ: 35,600 एकड़

उन्नाव: 7,500 एकड़

रायबरेली: 7,400 एकड़

सीतापुर: 7,300 एकड़

बाराबंकी: 6,900 एकड़

हरदोई: 4,200 एकड़

किन-किन लोकेशनों पर आएंगी आवासीय योजनाएं?

इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), सूडा (SUDA) और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को सौंपी गई है। सीतापुर रोड पर नैमिष नगर, आगरा एक्सप्रेसवे के पास वरुण विहार, सुलतानपुर रोड किसान पथ के पास आईटी सिटी और वेलनेस सिटी।  सीतापुर के नैमिषारण्य, हरदोई के संडीला इंडस्ट्रियल एरिया, बाराबंकी में सूडा, उन्नाव के नवाबगंज और रायबरेली के बछरावां में हाउसिंग बोर्ड की योजनाएं आएंगी।

मकान का साइज, स्टाइल और संभावित कीमत

एरिया साइज: इन सस्ते आवासों का क्षेत्रफल औसतन 83.5 वर्ग मीटर (लगभग 898.78 वर्ग फीट) रखा जाएगा।

ग्रुप हाउसिंग बनाम प्लॉट: रायबरेली में प्लॉट्स और ग्रुप हाउसिंग का अनुपात 50-50 प्रतिशत रहेगा। जबकि बाकी जिलों में ग्रुप हाउसिंग (फ्लैट्स) की संख्या अधिक होगी और प्लॉट्स अपेक्षाकृत कम रहेंगे।

कीमत: राजधानी लखनऊ में फिलहाल 15 से 20 लाख रुपये में सस्ते फ्लैट मिल जाते हैं। हालांकि, एससीआर भविष्य की दीर्घकालिक योजना है, इसलिए इन नए मकानों की अंतिम दरें आने वाले समय में तय की जाएंगी।

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वजन कम करना सिर्फ शरीर में बदलाव लाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और सही आदतों की लंबी यात्रा होती है। कई लोग इस सफर में शुरुआत तो करते हैं, लेकिन लगातार मेहनत और सही दिशा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अनुरीत क्वात्रा की, जिन्होंने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और सही रणनीति के दम पर करीब 56 किलो वजन कम किया। दो साल की लगातार मेहनत के बाद उन्होंने न सिर्फ अपना ट्रांसफॉर्मेशन किया, बल्कि अपनी फिटनेस और ताकत को भी नई ऊंचाई दी।

आज अनुरीत खुद फिटनेस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद कर रही हैं। अपने अनुभव से उन्होंने वजन घटाने से जुड़ी कई जरूरी बातें साझा की हैं, जो उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती हैं जो फिटनेस की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

प्रोटीन और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बनाएं हिस्सा

अनुरीत के अनुसार, वजन घटाने के लिए सिर्फ कार्डियो करना काफी नहीं है। डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और वेट ट्रेनिंग को शामिल करना जरूरी है। इससे शरीर में मांसपेशियां मजबूत होती हैं, फैट कम होता है और बॉडी शेप बेहतर होती है। साथ ही शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करने में सक्षम बनता है।

रोजाना ज्यादा चलने की आदत डालें

वर्कआउट जरूरी है, लेकिन पूरे दिन की छोटी-छोटी गतिविधियां भी वजन कम करने में बड़ा असर डालती हैं। रोजाना पैदल चलना, ज्यादा एक्टिव रहना और लंबे समय तक बैठे रहने से बचना फिटनेस लक्ष्य हासिल करने में मदद करता है।

फाइबर को नजरअंदाज न करें

वजन घटाने के दौरान प्रोटीन की तरह फाइबर भी बेहद जरूरी है। फाइबर लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है, पाचन बेहतर करता है और बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

कार्ब्स से डरने की जरूरत नहीं

कई लोग वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट से दूरी बना लेते हैं, लेकिन अनुरीत का कहना है कि कार्ब्स शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। खासकर वर्कआउट करने वालों के लिए सही मात्रा में कार्ब्स जरूरी होते हैं।

छिपी हुई कैलोरी पर रखें नजर

कई बार वजन कम न होने की वजह खाने की बड़ी चीजें नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अतिरिक्त कैलोरी होती हैं। खाना बनाने का तेल, सॉस, ड्रेसिंग और बिना ध्यान दिए खाए गए स्नैक्स कैलोरी बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनका हिसाब रखना जरूरी है।

बिना सोचे-समझे स्नैकिंग से बचें

अगर डाइट में प्रोटीन और फाइबर की कमी हो तो बार-बार कुछ खाने का मन कर सकता है। बिस्किट, नमकीन और छोटे-छोटे स्नैक्स देखने में कम लगते हैं, लेकिन ये आसानी से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकते हैं।

पसंदीदा खाने को पूरी तरह छोड़ें नहीं

वजन घटाने के लिए पसंदीदा चीजों से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है। अनुरीत के अनुसार, संतुलन बनाकर और सीमित मात्रा में पसंदीदा भोजन का आनंद लिया जा सकता है। इससे डाइट लंबे समय तक फॉलो करना आसान होता है।

पहले से प्लान करें अपना खाना

मील प्लानिंग से फिटनेस लक्ष्य पर टिके रहना आसान हो जाता है। पहले से तय भोजन करने से अचानक गलत चीजें खाने की संभावना कम होती है और डाइट मैनेज करना आसान हो जाता है।

शरीर को पर्याप्त पानी दें

पानी पीना भी वजन घटाने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। पर्याप्त हाइड्रेशन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, पाचन बेहतर होता है और भूख को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट की मदद लें

अनुरीत का मानना है कि सही कोच या विशेषज्ञ की सलाह लेने से गलतियां कम होती हैं, लक्ष्य पर बने रहने में मदद मिलती है और वजन घटाने का सफर आसान हो जाता है।

परफेक्शन नहीं, निरंतरता जरूरी है

अनुरीत का सबसे बड़ा सुझाव है कि लोग परफेक्ट बनने की बजाय लगातार कोशिश करने पर ध्यान दें। वजन घटाने के अच्छे परिणाम किसी एक दिन की मेहनत से नहीं, बल्कि रोजाना अपनाई गई अच्छी आदतों से मिलते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी TVS Motor ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने मुनाफे से लेकर रेवेन्यू और मार्जिन तक, लगभग हर मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। इसी का असर शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 5% तक चढ़ गया।

50% बढ़ा मुनाफा

जून तिमाही में TVS मोटर का शुद्ध मुनाफा 50.7% बढ़कर ₹1,174 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹779 करोड़ था। बाजार को करीब ₹1,022 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया।

कंपनी की अन्य आय (Other Income) भी ₹34 करोड़ से बढ़कर ₹150 करोड़ हो गई। इससे मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली।

रेवेन्यू भी उम्मीद से ज्यादा

TVS Motor का रेवेन्यू 37.8% बढ़कर ₹13,896 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹10,081 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के ₹13,618 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

TVS मोटर का EBITDA 41% बढ़कर ₹1,779 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1,260 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.5% से बढ़कर 12.8% पहुंच गया। बाजार को उम्मीद थी कि मार्जिन घटेगा, लेकिन कंपनी ने उल्टा इसे बढ़ा दिया।

बिक्री और कीमत, दोनों बढ़ीं

जून तिमाही में कंपनी की गाड़ी बिक्री 28% बढ़ी। वहीं, प्रति गाड़ी मिलने वाली औसत कीमत (Realisations) में भी 6% की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों को सहारा मिला।

शेयर में आई जोरदार तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा दिखाया। मंगलवार को TVS Motor का शेयर करीब 5.56% बढ़कर ₹3,789 पर पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर अपने ऑल टाइम हाई ₹3,970 के काफी करीब पहुंच गया है। पिछले 1 साल में शेयर 33.66% बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कौन हैं DC के बल्लेबाज अभिषेक पोरेल? हाई कोर्ट ने रेप के आरोप में दिया गिरफ्तारी का आदेश, जानें पूरा मामला

आईपीएल के दिल्ली कैपिटल्स और बंगाल के लिए खेलने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक महिला की ओर से लगाए गए रेप के आरोप से जुड़े मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद पोरेल कानूनी विवाद में फंस गए हैं और अब आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले की जांच के तहत मोगरा पुलिस को अभिषेक पोरेल के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने का आदेश दिया है। ऐसा इसलिए किया जाए ताकि शिकायत करने वाली महिला की तस्वीरें या वीडियो किसी भी तरह से आगे शेयर न हो सकें। महिला का आरोप है कि क्रिकेटर ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए और दोनों के निजी पलों की रिकॉर्डिंग भी की।

अदालत ने आदेश में क्या कहा

अदालत के आदेश के मुतबिक, “6 जुलाई, 2026 की रिपोर्ट से पता चलता है कि पिटीशनर से एक पेन ड्राइव/स्टोरेज डिवाइस जब्त किया गया है, जिसमें कुछ डेटा होने की बात सामने आई है। ऐसे में आरोपियों के पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करना जरूरी है, ताकि उनमें मौजूद डेटा किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर न किया जा सके।”

अदालत ने आगे कहा, “6 जुलाई, 2026 की रिपोर्ट में संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से आरोपियों को पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया गया है। लेकिन, अब तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इसलिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे रेस्पोंडेंट नंबर 6 और 7 को पकड़ने के प्रयास जारी रखें और उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करें, ताकि उनमें मौजूद आपत्तिजनक सामग्री आगे प्रसारित न हो सके।”

कब हुई थी ये घटना

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक पोरेल ने कथित तौर पर जनवरी 2023 में शिकायतकर्ता से संपर्क किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। क्रिकेटर अपने माता-पिता के घर पर नहीं होने के दौरान महिला को मनकुंडू स्थित अपने फ्लैट पर ले गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पोरेल ने वहीं उसके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए। शिकायत के अनुसार, बाद में दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत भी हुई थी। लेकिन, महिला का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि अभिषेक पोरेल के अन्य महिलाओं के साथ भी संबंध थे। इसके बाद दोनों के रिश्ते में विवाद पैदा हो गया और मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।

महिला को दी गई धमकियां

मोगरा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, अभिषेक पोरेल ने कथित तौर पर महिला को गैरकानूनी तरीके से अपने पास रोके रखा, उसे खाना लेने की अनुमति नहीं दी और जानबूझकर उसे दूसरों से अलग-थलग रखा। 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई इस कथित घटना के बाद महिला की शारीरिक हालत बिगड़ गई और वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। अगले दिन उसकी फ्लाइट तय थी, लेकिन चोटों के कारण उसे तुरंत मेडिकल इलाज कराना पड़ा। एफआईआर में आगे आरोप लगाया गया है कि पोरेल ने अपने एक सहयोगी और एक अन्य मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर महिला को फोन और सोशल मीडिया के जरिए धमकियां भी दीं।

कौन है अभिषेक पोरेल

23 वर्षीय अभिषेक पोरेल पश्चिम बंगाल के चंदननगर से आते हैं और घरेलू क्रिकेट में बंगाल की टीम के लिए खेलते हैं। वह बाएं हाथ के विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिन्हें आक्रामक बल्लेबाजी और फुर्तीली विकेटकीपिंग के लिए जाना जाता है। जूनियर स्तर पर भारत अंडर-19 और ईस्ट जोन टीम का हिस्सा बनने के बाद उन्होंने अपनी पहचान बनाई। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर पोरेल ने आईपीएल में भी जगह बनाई। आईपीएल में अभिषेक पोरेल दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा है। अभिषेक को दिल्ली में ऋषभ पंत के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था।