48MP कैमरा, A20 Pro चिप और Dynamic Island…iPhone 18 Pro के सभी बड़े फीचर्स लीक! जानें लॉन्च डेट

Apple के अगले जनरेशन के फ्लैगशिप iPhone अब लॉन्च के करीब हैं और क्यूपर्टिनो की यह टेक कंपनी अपने सालाना सितंबर इवेंट में iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और काफी चर्चा में रहे iPhone Fold को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, इनका डिजाइन आपको पहले जैसा ही लग सकता है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि Apple परफॉर्मेंस, कैमरा, बैटरी लाइफ और कनेक्टिविटी के मामले में कुछ हार्डवेयर अपग्रेड की तैयारी कर रहा है। अब आइए जानते हैं iPhone 18 Pro के हालिया लीक से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी के बारे में।

Apple iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स, डिजाइन और कैमरा

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple इस बार Dynamic Island को पहले से छोटा कर सकता है। इसके लिए कंपनी Face ID सिस्टम के कुछ हिस्सों को डिस्प्ले के नीचे दे सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यूजर्स को Face ID की सुविधा पहले की तरह मिलेगी, लेकिन स्क्रीन पर देखने के लिए ज्यादा स्पेस मिलेगा।

Apple के नए A20 Pro चिपसेट से परफॉर्मेंस में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि यह प्रोसेसर TSMC की 2nm प्रोसेस पर बनाया जा रहा है, जिससे iPhone पहले के मुकाबले ज्यादा तेज चलेगा और कम बैटरी खर्च करते हुए बेहतर परफॉर्मेंस देगा।

फोटोग्राफी की बात करें तो, iPhone 18 Pro के कैमरे में पिछले कई सालों का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लीक्स के मुताबिक, इसमें 48MP Fusion कैमरा मिलेगा, जो वेरिएबल अपर्चर फीचर के साथ आ सकता है। यानी कैमरा अपने आप जरूरत के हिसाब से सेंसर तक पहुंचने वाली रोशनी को कम या ज्यादा कर सकेगा। इससे कम रोशनी में बेहतर फोटो, शानदार पोर्ट्रेट शॉट्स और बेहतर डेप्थ इफेक्ट मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि iPhone बनाने वाली कंपनी Camera Control बटन को आसान बना सकती है। इसके लिए कंपनी इसमें से टच-सेंसिटिव जेस्चर और हैप्टिक फीडबैक को हटाकर सिर्फ प्रेशर-सेंसिटिव (दबाव से काम करने वाले) कंट्रोल का इस्तेमाल कर सकती है। इससे कैमरे को कंट्रोल करना पहले से ज्यादा आसान हो सकता है।

कनेक्टिविटी के मामले में भी iPhone 18 Pro में कई नए अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। खबरों के मुताबिक, Apple इसमें अपना नया N2 वायरलेस चिप दे सकता है। वहीं, फोन में 6.3 इंच की डिस्प्ले पहले की तरह मिल सकती है, लेकिन इसमें बेहतर LTPO+ टेक्नोलॉजी होगी, जिससे बैटरी की खपत कम होगी और बैटरी बैकअप बेहतर मिलेगा।

फोन के डिजाइन को लेकर मिली-जुली खबरें हैं। Weibo पर जानकारी देने वाले ‘Fixed Focus Digital’ का दावा है कि iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max अपने पिछले मॉडल के मुकाबले लगभग 2mm मोटे हो सकते हैं, जिससे इनकी कुल मोटाई लगभग 10.75mm हो जाएगी। हालांकि, Macworld की रिपोर्ट के मुताबिक, फोन की बॉडी की मोटाई 8.75mm ही रह सकती है और सिर्फ कैमरा बंप बड़ा हो सकता है। इसलिए, फाइनल डिजाइन को लेकर अभी भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

Apple iPhone 18 Pro की कीमत और लॉन्च डेट (अनुमानित)

ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन के अनुसार, Apple का सालाना iPhone लॉन्च इवेंट 9 सितंबर, 2026 को होने की उम्मीद है और इसकी बिक्री 18 सितंबर से शुरू हो सकती है। रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि इस साल खरीदारों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि टिम कुक की अगुवाई वाली कंपनी Pro मॉडल की कीमतों में लगभग 10,000 रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है।

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पाकिस्तान की इस साइकिल एंबुलेंस का उड़ाया जा रहा मजाक लेकिन इसके पीछे की असली वजह जानकर बदल जाएगी राय

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर वीडियो की कहानी वैसी नहीं होती, जैसी पहली नजर में दिखाई देती है। इन दिनों पाकिस्तान के कराची से सामने आया एक वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चा बटोर रहा है, जिसमें एक साइकिल एंबुलेंस सड़क पर दौड़ती नजर आती है। वीडियो देखते ही कई लोगों ने इसे आधुनिक मेडिकल तकनीकों से जोड़कर मजाक बनाना शुरू कर दिया और तरह-तरह के मीम्स शेयर किए। हालांकि, इस पहल के पीछे की वजह महज दिखावा नहीं, बल्कि शहर की एक बड़ी समस्या का समाधान तलाशना है।

कराची जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में ट्रैफिक जाम और संकरी गलियों के कारण पारंपरिक एंबुलेंस अक्सर समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में यह साइकिल एंबुलेंस आपात स्थिति में शुरुआती इलाज पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल का हिस्सा है, जिसने अब सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।

नया नहीं, पहले से चल रहा है यह प्रोजेक्ट

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि कराची के मेयर ने हाल ही में इस साइकिल एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की है। हालांकि, यह दावा सही नहीं है। यह सेवा कोई नई पहल नहीं है, बल्कि 2025 से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित की जा रही है।

ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए निकाला गया समाधान

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस पहल की शुरुआत Sindh Integrated Emergency and Health Services (SIEHS-1122) यानी Rescue 1122 ने की थी। कराची में भारी ट्रैफिक और संकरी गलियों के कारण कई बार सामान्य एंबुलेंस समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पातीं। इसी समस्या को देखते हुए साइकिल एंबुलेंस का इस्तेमाल शुरू किया गया।

छोटी साइकिल, लेकिन जरूरी मेडिकल सुविधाओं से लैस

यह कोई साधारण साइकिल नहीं है। इसमें प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी मेडिकल किट, ऑक्सीजन मास्क, नेबुलाइज़र और ब्लड शुगर जांच उपकरण जैसे जरूरी सामान मौजूद रहते हैं। प्रशिक्षित रेस्पॉन्डर सबसे पहले मरीज तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार देते हैं और मरीज की स्थिति संभालते हैं, जब तक सामान्य एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच जाती।

महिला वॉलंटियर्स संभाल रही हैं जिम्मेदारी

इस पहल की एक खास बात यह भी है कि इसे प्रशिक्षित महिला स्वयंसेवकों द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न सिर्फ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देना है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर इसे लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कई लोगों ने इसका मजाक उड़ाया, वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने इसे भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए एक व्यावहारिक और कम लागत वाला समाधान बताया। उनका कहना है कि जहां बड़ी एंबुलेंस पहुंचने में समय लेती है, वहां साइकिल एंबुलेंस शुरुआती इलाज देकर मरीज की जान बचाने में मदद कर सकती है।

मीम्स से आगे, जरूरत पर पहल

भले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हंसी-मजाक का कारण बन गया हो, लेकिन साइकिल एंबुलेंस का उद्देश्य तेज और आसान आपातकालीन सहायता पहुंचाना है। भीड़भाड़ वाले शहरों में ऐसी पहल कई बार मरीजों तक समय पर पहुंचने का प्रभावी विकल्प साबित हो सकती है।

कचरे में फेंक दिया 7 लाख का चांदी का लोटा फिर इंदौर नगर निगम ने इसकी रिकवरी के लिए चला दिया पूरा अभियान

इंदौर से ईमानदारी और जिम्मेदारी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। शहर में एक बुजुर्ग का करीब 5 लाख रुपये कीमत का चांदी का लोटा गलती से घर के कचरे के साथ कचरा गाड़ी में चला गया। जब परिवार को अपनी भूल का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत नगर निगम से मदद मांगी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने बिना देर किए पूरे मामले को गंभीरता से लिया और कचरे के ढेर में उस कीमती सामान की तलाश शुरू कर दी। कई घंटों की मेहनत, सही योजना और तकनीक की मदद से आखिरकार चांदी का लोटा सुरक्षित खोज लिया गया।

इस घटना ने न सिर्फ नगर निगम कर्मचारियों की ईमानदारी और मेहनत को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि जिम्मेदारी के साथ किया गया काम लोगों का भरोसा मजबूत करता है।

एक प्लास्टिक बैग ने बढ़ाई परेशानी

करीब 2 किलो वजन का चांदी का लोटा एक प्लास्टिक बैग में रखा हुआ था। घर की सफाई के दौरान यह बैग गलती से सामान्य कचरे वाले बैग के साथ नगर निगम की कचरा गाड़ी में पहुंच गया। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जिस बैग को फेंका जा रहा है, उसमें इतनी कीमती चीज मौजूद है।

दो एक जैसे बैग के कारण हुई गलती

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक महिला घर की सफाई कर रही थी। घर के बाहर रखे दो एक जैसे प्लास्टिक बैग देखकर उससे गलती हो गई और दोनों बैग कचरा वाहन में डाल दिए गए। शाम को जब परिवार को चांदी के लोटे के गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तुरंत नगर निगम अधिकारियों से संपर्क किया।

 

कचरा गाड़ी से प्लांट तक शुरू हुई तलाश

शिकायत मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। कचरा वाहन चालक और सुपरवाइजर से जानकारी ली गई, लेकिन तब तक गाड़ी लालबाग ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा खाली कर चुकी थी। इसके बाद कचरा आगे सूखे कचरे के प्रबंधन और रीसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंच चुका था।

CCTV फुटेज ने दिखाई सही दिशा

लोटे को ढूंढने के लिए अधिकारियों ने प्लांट की CCTV फुटेज खंगाली। कई घंटों की मेहनत के बाद शनिवार सुबह सफाई कर्मचारियों ने प्रोसेस किए जा रहे कचरे के बीच से चांदी का लोटा खोज निकाला। अच्छी बात यह रही कि लोटा पूरी तरह सुरक्षित मिला।

ईमानदारी की मिसाल बनी नगर निगम टीम

सामान वापस करने से पहले नगर निगम ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इस पूरे अभियान में सफाई कर्मचारियों, ड्राइवरों और अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargava और नगर निगम आयुक्त Kshitij Singhal ने टीम के प्रयासों की सराहना की।

कचरे के ढेर से वापस लौटी बुजुर्ग की अमानत

यह घटना दिखाती है कि सही व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी से मुश्किल काम भी संभव हो सकता है। एक छोटी सी गलती से कचरे में पहुंचा कीमती लोटा आखिरकार नगर निगम की मेहनत से अपने असली मालिक तक वापस पहुंच गया।

Bajaj Finance पहुंचा आठ महीने के हाई पर, लगातार पांचवे दिन उछले शेयर, अब ये है अगला ट्रिगर

Bajaj Finance Share Price: बजाज ग्रुप की बजाज फाइनेंस के शेयर लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा है। इन पांच दिनों की तेजी के साथ आठ कारोबारी दिनों में यह 14 जुलाई को डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी सात दिन यह मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह करीब 1% उछलकर आठ महीने के हाई पर पहुंच गया और अब रिकॉर्ड हाई से काफी करीब आ चुका है। अभी की बात करें तो बजाज फाइनेंस के शेयर बीएसई पर फिलहाल 0.29% की बढ़त के साथ ₹1067.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.98% उछलकर ₹1,074.40 तक पहुंचा था।

जून में 11% से अधिक की बढ़त के बाद इस महीने अब तक यह 6% से अधिक उछल चुका है। इसके साथ ही पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के बाद पहली बार लगातार दूसरे महीने यह मजबूती दिखा रहा है। हालांकि इस तेजी के साथ बजाज फाइनेंस का RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 71 हो गया यानी कि यह ओवरबॉट कैटेगरी में पहुंच गया। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब स्टॉक का ओवरबॉट होना है।

क्यों चढ़ रहा Bajaj Finance का शेयर और अब आगे क्या है ट्रिगर?

बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट पेश किया था जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज फाइनेंस का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 23.9% बढ़कर ₹5.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया तो डिपॉजिट्स भी करीब 15% उछलकर ₹72,109 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में रिकॉर्ड 51 लाख नए ग्राहक जोड़े और अब इसकी कस्टमर फ्रेंचाइजी 12.44 करोड़ पर पहुंच गई। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी का डिपॉजिट बुक ₹68,500 करोड़ था।

बजाज फाइनेंस के लिए अब अगला ट्रिगर 30 जुलाई को आने वाला है, जिस दिन पूरी तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी। नतीजे के साथ-साथ इस वित्त वर्ष 2027 के लिए गाइडेंस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अपनी एसेट क्वालिटी पर ध्यान देने के लिए बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था। कंपनी ने ग्रोथ के मामले में इस अनुमान को पहले के 25%-30% से घटाकर 22%-24% और नए कस्टमर जोड़ने के मामले में 1.5 करोड़-1.7 करोड़ कर दिया था।

एक साल में कैसी रही बजाज फाइनेंस की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल बीएसई पर 23 अक्टूबर 2025 को यह ₹1,102.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 28.49% फिसलकर 23 मार्च 2026 को ₹788.40 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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MTAR Tech के शेयर में चौथे दिन लगा लोअर सर्किट, बीते 30 दिन में शेयर 34% क्रैश

एमटीएआर के शेयरों में बीते कुछ हफ्तों में बड़ी बिकवाली दिखी है। बीते एक महीने में यह शेयर 34 फीसदी से ज्यादा गिरा है। एक हफ्ते में यह करीब 17 फीसदी फिसला है। 21 जुलाई को लगातार चौथे सत्र इस शेयर में बड़ी गिरावट दिखी। 5 फीसदी गिरने के बाद इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया।

MTAR Technologies के शेयर में 21 जुलाई को लगातर चौथे सत्र लोअर सर्किट लगा। इससे पहले अमेरिकी कंपनी ब्लूम एनर्जी के शेयर में बड़ी गिरावट आई। यह शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी फिसला है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में एआई-लिंक्ड स्टॉक्स में कमजोरी का असर ब्लूम एनर्जी पर पड़ा है।

एमटीएआर टेक्नोलॉजीज के बारे में एनालिस्ट्स का कहना है कि गिरावट के बावजूद शेयर स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। हालांकि, नई खरीदारी में जल्दबाजी ठीक नहीं होगी। एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि FY28 में एमटीएआर के शेयर का अर्निंग्स प्रति शेयर 100 रुपये रहने की संभावना है। FY26-FY28 के बीच अर्निंग्स की सीएजीआर 50 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “50 गुना के पी/ई मल्टीपल पर इस बिजनेस की फेयर वैल्यू 5,000 करोड़ रुपये है। इस प्राइस टारगेट को ध्यान में रख इनवेस्टर्स कीमत में गिरावट पर इस शेयर को खरीद सकते है। 4,000 रुपये के प्राइस पर नए निवेशकों के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो फेवरेबल दिखता है।”

एमटीएआर का शेयर बीते छह महीनों में 123 फीसदी चढ़ा है, क्योंकि दुनियाभर में एआई से जुड़े शेयरों में तेजी आई थी। इस उम्मीद में शेयरों में तेजी आई थी कि कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन की बड़ी प्लेयर के रूप में उभरेगी। Bloom Energy से MTAR Technologies के जुड़ाव से इस सोच को और मजबूती मिली। ब्लूम एनर्जी एआई डेटा सेंटर्स को फ्यूल सेल सॉल्यूशंस सप्लाई करती है।

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 1:30 बजे निफ्टी 0.29 फीसदी यानी 70 अंक गिरकर 24,169 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.35 फीसदी यानी 271 अंक की कमजोरी के साथ 77,433 था। बैंक निफ्टी में 0.05 फीसदी की कमजोरी दिखी। 20 जुलाई को भी शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

जब इंफोसिस के ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन बने करोड़पति! जानें नारायण मूर्ति का वो फैसला जो बनी कॉरपोरेट इंडस्ट्री की सबसे अनोखी कहानी

Infosys Drivers-Electricians Became Crorepatis: भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में जब भी संपत्ति बनाने की बात आती है, तो इंफोसिस का नाम सबसे ऊपर आता है। यह कहानी सिर्फ एक आईटी कंपनी के सफल होने की नहीं है, बल्कि एक दूरदर्शी संस्थापक के उस फैसले की है जिसने आम मध्यमवर्गीय कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि ऑफिस के ड्राइवर्स और इलेक्ट्रिशियन तक की किस्मत हमेशा के लिए बदल दी।

साल 1999 में जब इंफोसिस के कर्मचारी करोड़पति बने, तो पूरा भारतीय कॉरपोरेट जगत हैरान रह गया था। आइए जानते हैं कि नारायण मूर्ति के उस एक फैसले ने कैसे इतिहास रच दिया।

1993 में आया था IPO, जब मॉर्गन स्टेनली बनी ‘मददगार’

बहुत कम लोग जानते हैं कि 1993 में जब इंफोसिस का IPO ₹95 प्रति शेयर के भाव पर आया था, तो शुरुआत में इसे पर्याप्त सब्सक्रिप्शन नहीं मिला था। उस समय ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली आगे आई और इश्यू प्राइस पर कंपनी की 13% हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचाया। किसी को अंदाजा नहीं था कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यह अब तक का सबसे सफल दांव साबित होने वाला है।

ESOP पर 1994 का वो ऐतिहासिक फैसला जिससे पलटी किस्मत 

साल 1994 में इंफोसिस ने ‘एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन प्लान’ (ESOP) शुरू किया। इंफोसिस ऐसा करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। पूर्व सीएफओ टी.वी. मोहनदास पाई के अनुसार, इस योजना का दायरा इतना बड़ा था कि यह केवल सीनियर इंजीनियर्स और मैनेजरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कंपनी के निचले स्तर के कर्मचारियों को भी दी गई।

नारायण मूर्ति का स्पष्ट मानना था कि, ‘कंपनी का विकास तभी सार्थक है, जब उसे बनाने वाले हर एक स्टेकहोल्डर और कर्मचारी का विकास उसके साथ हो।’

1999 में Nasdaq पर लिस्टिंग और शेयर में छप्परफाड़ तेजी

मार्च 1999 में इंफोसिस अमेरिका के नेस्डैक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस ग्लोबल लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों की मांग पूरी दुनिया में रातों-रात बढ़ गई।

इश्यू प्राइस (1993): ₹95 प्रति शेयर

शेयर प्राइस (1999): ₹8,100 के करीब

मात्र 6 साल के भीतर शेयर की कीमत में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने कागजी संपत्ति को असली पैसों में बदल दिया।

जब ड्राइवर और बिजली मिस्त्री भी बन गए ‘करोड़पति’

1999 के समय में जहां एक औसत इंजीनियर की सैलरी लगभग ₹8,000 प्रति महीना होती थी, वहीं इंफोसिस के लगभग 1,800 कर्मचारी ESOP की बदौलत डॉलर मिलियनेयर बन चुके थे। इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि कंपनी में काम करने वाले ड्राइवर्स, इलेक्ट्रिशियन और सपोर्ट स्टाफ, जिन्हें स्टॉक ऑप्शंस मिले थे, वे भी रातों-रात करोड़पति बन गए थे।

भारत के मध्यमवर्ग के लिए केवल सैलरी से नहीं, बल्कि कंपनी के शेयर लंबे समय तक होल्ड करके इतनी बड़ी संपत्ति बनाने का यह बिल्कुल नया और आंखें खोल देने वाला विचार था।

₹10,000 से ₹4 लाख करोड़ तक का सफर

मात्र ₹10,000 की उधारी पूंजी से शुरू हुई इंफोसिस ने आगे चलकर ₹4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के आंकड़े को पार किया। 1999 का दौर वह मोड़ था जिसने यह साबित किया कि यदि कंपनी अपनी सफलता में हर योगदान देने वाले को हिस्सेदार बनाती है, तो साधारण लोग भी असाधारण रूप से समृद्ध हो सकते हैं।

खुशहाली का प्रवेश द्वार है, जानिए कैसी होनी चाहिए आपके घर की नेमप्लेट?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर के मुख्य द्वार पर लगी नेम प्लेट को सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि सही दिशा, आकार और मटेरियल की नेम प्लेट घर में शुभता और खुशहाली लाने में सहायक होती है। इसलिए नेम प्लेट लगवाने से पहले कुछ जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है:

सही नेम प्लेट चुनना है जरूरी

 Best Name Plate Designs 2026 || Latest Name Plate Designs 2026|| Modern Name Plates 2026

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, नेम प्लेट ऐसे मटेरियल से बनवानी चाहिए जो मजबूत और प्राकृतिक हो। लकड़ी (wood) या पत्थर (stone) की नेम प्लेट को शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें स्टेबिलिटी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं प्लास्टिक की नेम प्लेट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नेम प्लेट को मेन गेट के दाईं ओर लगाना बेहतर माना जाता है।

इस बात का रखें ध्यान

 SP GRAPHICS एलईडी दरवाजा नाम प्लेट | निजीकृत, अनुकूलित I प्रीमियम ऐक्रेलिक हाउस नाम बोर्ड | आउटडोर प्रवेश दीवार सजावट के लिए कस्टम परिवार का नाम ...

नेम प्लेट पर केवल फैमिली हेड या फैमिली मेंबर का नाम और जरूरत हो तो उनका प्रोफेशन लिखवाना सही माना जाता है। बहुत ज्यादा जानकारी लिखने से बचना चाहिए। नाम को साफ, बड़े और आसानी से पढ़े जाने वाले अक्षरों में लिखवाएं। गोल्डन या ब्रास फिनिश वाले अक्षरों का यूज शुभ माना जाता है।

यह गलती न करें

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वास्तु के अनुसार, नेम प्लेट (nameplate) ऐसी जगह लगनी चाहिए जहां वह आसानी से दिखाई दे। यदि संभव हो तो इसे मेन गेट के पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) के आने का रास्ता माना जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और शुभता का संचार होता है।

एक छोटा-सा उपाय

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घर की नेम प्लेट हमेशा साफ दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए नेम प्लेट के ऊपर या पास में हल्की पीली रोशनी लगाई जा सकती है। माना जाता है कि इससे घर के एंट्रेंस गेट पर पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और नेम प्लेट भी अट्रेक्टिव दिखती है।

इसे नजरअंदाज न करें

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नेम प्लेट पर धूल या गंदगी जमा नहीं होने देनी चाहिए। अगर नेम प्लेट पुरानी, टूटी या उसके अक्षर धुंधले हो जाएं, तो उसे बदल देना बेहतर माना जाता है। साफ और अच्छी स्थिति में रखी नेम प्लेट घर की सकारात्मक छवि को दर्शाती है।

ये चीजे न जोड़ें

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वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नेम प्लेट पर देवी-देवताओं की आकृति बनवाने से बचना चाहिए। यदि शुभ प्रतीक लगाना चाहें, तो स्वास्तिक या ‘ॐ’ जैसे चिन्ह का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें शुभता और पाजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है।

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी का शेयर बना रॉकेट, जून तमाही के जोरदार नतीजों का असर

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 21 जुलाई को पंख लग गए। शेयर सुबह में मजबूत खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से रॉकेट बन गए। 12 बजे शेयर का प्राइस एनएसई में 10:41 फीसदी के उछाल के 674 रुपये चल रहा था। बीते छह महीनों में यह शेयर 58 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में रिटेल सेल्स 49 फीसदी बढ़ा

Bluestone Jewellery and Lifestyle के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में उसका शानदार प्रदर्शन है। कंपनी ने 20 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया, जिससे उसके शेयरों पर इसका असर 21 जून को देखने को मिला। जून तिमाही में कंपनी का रिटेल सेल्स साल दर साल आधार पर 49 फीसदी बढ़ा है।

कंपनी के कंज्यूमर बेस में 21 फीसदी इजाफा

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का रेवेन्यू जून तिमाही में बढ़कर 733 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार का हाथ है। साल दर साल आधार पर कंपनी ने अपना कंज्यूमर बेस 21 फीसदी तक बढ़ाया। रिपीट कस्टमर्स से भी कंपनी को अच्छा सपोर्ट मिला। इससे कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ी है।

एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का एडजस्टेड नेट लॉस हुआ था। कंपनी जून तिमाही में लॉस से प्रॉफिट में आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बढ़ी है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे।

अगले पांच सालों में मुनाफा बनाने की क्षमता बढ़ेगी

ब्लूस्टोन ज्वेलरी मुंबई की ज्वैलरी कंपनी है। कंपनी ने अगले पांच सालों में कंपनी को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ गौरव कुशवाहा ने कहा, “हमने छह साल पहले ऑपरेशन शुरू किया था। हमारे आधे से ज्यादा स्टोर्स तीन साल से कम पुराने हैं। आगे इन स्टोर्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है।”

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी 

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 12:15 बजे निफ्टी 0.28 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,172 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.34 फीसदी यानी 267 अंक गरकर 77,445 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.08 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली। 20 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।