मुफ्त योजनाओं से दूरी, विकास पर जोर! चुनाव से पहले योगी सरकार ने खोला 59 हजार करोड़ का खजाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया है। इस बजट में योगी सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा करने के बजाय सड़क, उद्योग, बिजली और गांवों के विकास पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए इस बजट में अतिरिक्त राशि का बड़ा हिस्सा सड़क निर्माण, ग्रामीण संपर्क मार्ग, औद्योगिक ढांचे और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रखा गया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार चुनाव से पहले विकास कार्यों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के सामने रखना चाहती है।

 महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों का खास ख्याल 

यूपी सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट में महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए पहले से चल रही कई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान किया गया है। लेकिन इस बजट में बुजुर्गों, विधवाओं और निराश्रित लोगों की पेंशन बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है। इसके अलावा, किसी नई नकद सहायता योजना या लड़कियों को मुफ्त स्कूटी देने जैसी नई योजना की भी घोषणा नहीं की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा

इस सप्लीमेंट्री बजट का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण विकास क्षेत्र को मिलेगा। सरकार ने गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए 16,432.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। यह पूरे सप्लीमेंट्री बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 15,750.01 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसका उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क संपर्क देना और दूर-दराज के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

कनेक्टिविटी पर ज्यादा जोर

सरकार का यह बजट साफ दिखाता है कि वह विकास के लिए सड़क, एक्सप्रेसवे, उद्योग और बेहतर कनेक्टिविटी पर लगातार जोर दे रही है। नए एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ढांचे के विकास के लिए भी अच्छी-खासी रकम रखी गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

एयरपोर्ट पर भी फोकस 

सरकार ने कई बड़े विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। इनमें जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, हरदोई और फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सड़क, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार और सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया जाएगा। उद्योग क्षेत्र को भी इस बजट में अच्छी-खासी राशि दी गई है। इसके लिए 2,220.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। विदेशी निवेश (एफडीआई) और बड़ी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की नीति के तहत 1,302.61 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

वहीं, अटल औद्योगिक आधारभूत ढांचा मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के तहत नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, प्रस्तावित आईटी सदन, स्टेट डेटा सेंटर 2.0 और केंद्र सरकार की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना के तहत सात औद्योगिक आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धन दिया गया है।

इस सप्लीमेंट्री बजट में बिजली क्षेत्र पर भी खास ध्यान दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 7,358 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इसमें से 6,958 करोड़ रुपये संशोधित बिजली वितरण योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को पूरा करने के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रयागराज के मेजा-द्वितीय ताप बिजली परियोजना (मेजा-II थर्मल पावर प्रोजेक्ट) के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाना, लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति देना और बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। हालांकि, चुनावी साल में पेश होने वाले कई बजटों की तरह इस बार कोई बड़ी लोकलुभावन घोषणा नहीं की गई है। इस अनुपूरक बजट में नई मुफ्त योजनाओं या बड़े कल्याणकारी ऐलानों के बजाय विकास कार्यों और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया गया है।

यूपी के 59,020 करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट की बड़ी बातें

  • 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट: योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया है। इसमें सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है।
  • गांवों के विकास के लिए सबसे ज्यादा राशि: ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 16,432.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे गांवों में सड़क, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
  • सड़क और परिवहन पर बड़ा निवेश: सड़क, पुल और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 15,750.01 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस राशि से नए एक्सप्रेसवे और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्ग विकसित किए जाएंगे।
  • कई नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी: बजट में विंध्य एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क, आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली परियोजना तथा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए धन रखा गया है।
  • उद्योग क्षेत्र को 2,220.89 करोड़ रुपये: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 2,220.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इससे विदेशी निवेश, बड़े उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, आईटी सदन, स्टेट डेटा सेंटर 2.0 और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को मदद मिलेगी।
  • बिजली क्षेत्र के लिए 7,358 करोड़ रुपये: बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 7,358 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को पूरा करने के लिए 6,958 करोड़ रुपये और प्रयागराज की मेजा-द्वितीय ताप बिजली परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये शामिल हैं।
  • पुरानी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन: सरकार ने महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों से जुड़ी पहले से चल रही योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि दी है। हालांकि, पेंशन या अन्य लाभ की राशि बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है।
  • किसानों और बुनकरों को भी राहत: कृषि क्षेत्र के लिए 254.15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे आलू भंडारण पर सब्सिडी, मूल्य स्थिरीकरण कोष और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, हथकरघा और बुनकरों के लिए 140.03 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनका उपयोग बुनकर कल्याण योजनाओं और संत कबीर टेक्सटाइल एवं परिधान पार्क के विकास में किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में ये 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट हुए मंजूर, पूर्वांचल से विंध्य तक जबर्दस्त तरीके से बदलेगी कनेक्टिविटी

UP Expressway news: उत्तर प्रदेश के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के रोड नेटवर्क को मजबूती देने के लिए चार नए प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। इन मंजूरियों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले दो लिंक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक का एलाइनमेंट शामिल है।

आइए जानते हैं इन चारों नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से और यह भी समझते हैं कि कैसे ये स्टेट की सुपर डेवलपमेंट स्पीड को सपोर्ट कर सकते हैं-

12264 करोड़ रुपये से ज्यादा के 2 ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित और अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल को मंजूरी दी है। इनकी कुल लागत 12,264 करोड़ रुपये से अधिक है। पहला है 50.98 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक। यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर होगा। इसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत करीब 4775.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

इसमें दूसरा है 90.84 किलोमीटर लंबाई वाला फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक। यह फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। यह 6-लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड लिंक होगा। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में अनुमानित 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी। डेवलपर्स के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। चुनी गई एजेंसियों को लगभग 36 महीनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक सड़क का रखरखाव करना होगा।

26315 करोड़ रुपये की लागत वाला ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’

कैबिनेट ने राज्य के दक्षिणी और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 26315 करोड़ रुपये होगी। यह 6-लेन वाला एक्सप्रेसवे होगा। इसे जरूरत पड़ने पर 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह प्रस्तावित कॉरिडोर प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के लिए आवागमन और सड़कोंकी कनेक्टिविटी को सीधे तौर पर बेहतर बनाएगा।

पूर्वांचल को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी है। यह करीब 9039 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट है। यह लिंक गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगा, जिससे पूर्वी यूपी के इन जिलों में सड़कों का नेटवर्क काफी मजबूत होगा।

एक्सप्रेसवे ग्रिड से मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा

राज्य सरकार के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को मिलाकर एक सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इस इंटिग्रेटेड नेटवर्क से लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और कुशल हो जाएगी। यात्रा के समय और ईंधन की खपत में भारी कमी आएगी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।