Mirzapur The Movie: किंग, प्रिंस और शेर की फिर होने जा रही है वापसी, ‘मिर्जापुर द मूवी’ के ट्रेलर से पहले मेकर्स ने जारी किए नए पोस्टर्स

Mirzapur The Movie: साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। फिल्म के मेकर्स ने चार नए और दमदार पोस्टर जारी किए हैं, जिनमें फ्रेंचाइज़ी के कुछ सबसे लोकप्रिय किरदार नजर आ रहे हैं—कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), मुन्ना भैया (दिव्येंदु), गुड्डू पंडित (अली फज़ल) और बबलू पंडित (जितेंद्र कुमार)।

बहुप्रतीक्षित ट्रेलर 11 अगस्त 2026 को रिलीज होने वाला है। इससे पहले जारी किए गए इन नए पोस्टर्स ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को बड़े पर्दे पर वापस लाने के साथ ये पोस्टर उन किरदारों की वापसी दिखाते हैं, जो इस फ्रेंचाइज़ी की पहचान बन चुके हैं। मिर्जापुर के किंग, प्रिंस और शेर एक बार फिर एक्शन में नजर आ रहे हैं, जिससे फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

ये नए कैरेक्टर पोस्टर ट्रेलर लॉन्च से सिर्फ दो दिन पहले जारी किए गए हैं, जिससे फिल्म के बड़े ट्रेलर लॉन्च की तैयारी और भी खास हो गई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ पहली बार सीरीज़ की लोकप्रिय दुनिया को सिनेमाघरों तक लेकर आ रही है। ऐसे में ट्रेलर दर्शकों को फिल्म की कहानी, बड़े पैमाने पर होने वाले संघर्ष और ड्रामा की पहली झलक दिखाने वाला है।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ दर्शकों को सीज़न 1 की दुनिया में वापस लेकर जाएगी। फिल्म में फ्रेंचाइज़ी के कई लोकप्रिय किरदार एक साथ नजर आएंगे, जिनमें गुड्डू पंडित, मुन्ना भैया और कालीन भैया शामिल हैं।

फिल्म में जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंगशा बिस्वास, शाजी चौधरी, सतेंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। फिल्म की कहानी और लेखन पुनीत कृष्णा ने किया है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले फिल्म का निर्माण किया है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी फिल्म के सह-निर्माता हैं।

11 अगस्त को ट्रेलर लॉन्च होने के बाद ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में दर्शकों के बीच आएगी।

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘खामोशी द म्यूजिकल’ के 30 साल हुए पूरे, इन 7 वजहों से संजय लीला भंसाली की फिल्म बनीं क्लासिक

रिलीज के तीन दशक बाद भी, खामोशी द म्यूजिकल को इंडियन सिनेमा की सबसे दिल को छूने वाली और इमोशनल फिल्मों में से एक के तौर पर याद किया जाता है। सिर्फ़ एक क्रिटिक्स द्वारा सराही गई ड्रामा से कहीं ज़्यादा, यह संजय लीला भंसाली का डायरेक्टोरियल डेब्यू था, जिसने दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर से मिलवाया, जिसका कहानी कहने का पैशन इंडियन सिनेमा को फिर से डिफाइन करेगा। आज भी, यह फिल्म अनगिनत कारणों से पसंदीदा बनी हुई है।

1. इसने दुनिया को संजय लीला भंसाली के सिनेमैटिक विज़न से इंट्रोड्यूस कराया

खामोशी: द म्यूजिकल भंसाली की ज़बरदस्त कहानी कहने की कला की पहली झलक थी। इमोशन, म्यूजिक और शानदार विजुअल्स को मिलाने की उनकी काबिलियत उनकी पहली ही फिल्म से साफ़ थी, जिसने एक ऐसे फिल्ममेकिंग स्टाइल की नींव रखी जो बाद में आइकॉनिक बन गया।

2. एक कहानी जो आज भी टाइमलेस लगती है

असल में, खामोशी परिवार, प्यार, त्याग और हिम्मत के बारे में एक दिल को छू लेने वाली कहानी है। एक सुनने वाली बेटी और उसके बहरे-गूंगे माता-पिता के बीच के रिश्ते को ईमानदारी और दया के साथ दिखाकर, भंसाली ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसके इमोशन पीढ़ियों तक गूंजते रहेंगे।

3. म्यूज़िक जो एक इमोशनल भाषा बन गया

संजय लीला भंसाली के लिए, म्यूज़िक हमेशा मनोरंजन से कहीं ज़्यादा रहा है, यह कहानी कहने का ज़रिया है। खामोशी ने इस सोच को खूबसूरती से दिखाया, हर गाने ने कहानी को बेहतर बनाया और किरदारों के इमोशन को बढ़ाया। तीन दशक बाद भी, इसका साउंडट्रैक यादगार है।

4. भंसाली के सिग्नेचर विज़ुअल स्टाइल का जन्म

दर्शकों के देवदास या बाजीराव मस्तानी की शान देखने से पहले ही, खामोशी ने भंसाली की हर छोटी-बड़ी बात पर नज़र रखने की कला दिखाई। हर फ्रेम, हर रंग और हर कंपोज़िशन में वह विज़ुअल खूबसूरती झलकती थी जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बन गई।

5. परफॉर्मेंस जो हमेशा असर छोड़ती हैं

भंसाली की अपनी कास्ट से गहरी इमोशनल परफॉर्मेंस निकलवाने की काबिलियत शुरू से ही साफ़ थी। फिल्म के किरदार अपनी असलियत, कमज़ोरी और इमोशनल गहराई की वजह से यादगार बने रहते हैं, जिससे खामोशी परफॉर्मेंस पर आधारित कहानी कहने के लिए एक बेंचमार्क बन जाती है।

6. अपने समय से आगे की फिल्म

इनक्लूसिविटी के बारे में बातचीत आम होने से बहुत पहले, खामोशी ने दिव्यांग किरदारों को अपनी कहानी के केंद्र में गरिमा, हमदर्दी और संवेदनशीलता के साथ रखा। भंसाली ने इस विषय को परंपरा के बजाय दया के साथ लिया, जिससे यह फिल्म आज भी उतनी ही रेलिवेंट है जितनी तीन दशक पहले थी।

7. एक असाधारण विरासत की शुरुआत

आज पीछे मुड़कर देखें तो, खामोशी: द म्यूजिकल एक शानदार डेब्यू से कहीं ज़्यादा है, यह भारत के सबसे महान फिल्ममेकर्स में से एक के जन्म की निशानी है। इस फ़िल्म ने संजय लीला भंसाली के शानदार सफ़र का रास्ता बनाया, जिसमें उन्होंने हम दिल दे चुके सनम, देवदास, ब्लैक, गोलियों की रासलीला राम-लीला, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, गंगूबाई काठियावाड़ी और हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार जैसी फ़िल्में कीं। इन सालों में, भंसाली ने सात नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, कई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड, पद्म श्री, एक BAFTA अवॉर्ड नॉमिनेशन जीता है, और रिपब्लिक डे पर एक झांकी, भारत गाथा डिज़ाइन करने वाले पहले फ़िल्ममेकर बने, जो भारतीय सिनेमा के कर्तव्य पथ पर सफ़र का जश्न मनाती है, जिससे भारत के सबसे महान सिनेमाई दूरदर्शी लोगों में से एक के रूप में उनकी जगह और पक्की हो गई।

तीस साल बाद, खामोशी: द म्यूज़िकल सिर्फ़ एक पसंदीदा फ़िल्म नहीं है, बल्कि यह संजय लीला भंसाली की असाधारण विरासत की नींव है। जैसे-जैसे दर्शक उनकी अगली फ़िल्म, लव एंड वॉर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, यह इंतज़ार ही उस भरोसे और तारीफ़ का सबूत है जो भंसाली ने तीन दशकों में बनाया है। अगर खामोशी ने एक जीनियस के जन्म को दिखाया, तो लव एंड वॉर एक ऐसे फिल्ममेकर के शानदार सफ़र में एक और मील का पत्थर साबित होगी, जो इंडियन सिनेमा का भविष्य बना रहा है।

IPO Next Week: आईपीओ मार्केट में फिर मचेगी धूम! अगले हफ्ते खुलेंगे ₹7,700 करोड़ के 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

Upcoming IPOs Next Week: भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगले सप्ताह यानी 10 अगस्त से दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। अगले हफ्ते कुल ₹7,700 करोड़ जुटाने के इरादे से 9 नए आईपीओ दांव लगाने के लिए बाजार में आ रहे हैं। इसके अलावा पहले से आ चुके 8 शेयरों की लिस्टिंग भी शेड्यूल की गई है।

आने वाले इन 9 नए आईपीओ में से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट के बड़े आईपीओ हैं, जो मिलकर ₹7,479 करोड़ जुटाएंगे। वहीं बाकी के 4 आईपीओ एसएमई सेगमेंट के हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹203 करोड़ है। आइए जानते हैं किस दिन कौन सा आईपीओ खुलेगा और क्या हैं उनके प्राइस बैंड।

मेनबोर्ड सेगमेंट के 5 बड़े IPOs

Dhoot Transmission IPO (10 – 12 अगस्त): महाराष्ट्र बेस्ड ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ 10 अगस्त को खुलकर 12 अगस्त को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹3,066.9 करोड़ है जिसमें ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,666.9 करोड़ का OFS है। इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर। कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले 7 अगस्त को ही एंकर निवेशकों से ₹918 करोड़ जुटा लिए हैं।

Molbio Diagnostics IPO (10 – 12 अगस्त): गोवा बेस्ड प्वाइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (टैमासेक और मोतीलाल ओसवाल समर्थित) का आईपीओ भी 10 से 12 अगस्त तक खुला रहेगा। इश्यू साइज ₹939.70 करोड़ है (₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू + 91.66 लाख शेयरों का OFS)। प्राइस बैंड ₹768 से ₹807 प्रति शेयर है। कंपनी एंकर बुक के जरिए 7 अगस्त को ₹281 करोड़ जुटा चुकी है।

Milky Mist Dairy Food IPO (11 – 13 अगस्त): तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी उत्पाद निर्माता मिलकी मिस्ट डेयरी 11 अगस्त को अपना पब्लिक इश्यू लेकर आ रही है। इश्यू साइज ₹1,553 करोड़ (₹1,428 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹125 करोड़ OFS)। प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर है।

Shiprocket IPO (12 – 14 अगस्त): एमएसएमई और बड़े रिटेलर्स के लिए ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म चलाने वाली गुरुग्राम बेस्ड कंपनी शिपरॉकेट का आईपीओ 12 अगस्त को खुलेगा। ₹1,617.5 करोड़ के इस आईपीओ में ₹885.50 करोड़ का फ्रेश इश्यू + ₹732 करोड़ का OFS है। इसका प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर है।

Behari Lal Engineering IPO (12 – 14 अगस्त): दिल्ली बेस्ड आयरन एंड स्टील मैन्युफैक्चरर बिहारी लाल इंजीनियरिंग मेनबोर्ड सेगमेंट का सबसे छोटा आईपीओ होगा। इश्यू साइज ₹301.62 करोड़ (₹93 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹208.62 करोड़ OFS) है। इसका प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर है।

SME सेगमेंट के 4 IPOs

Fascinate Textiles IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। रेडिमेड गारमेंट्स बनाने वाली इस कंपनी का आईपीओ साइज ₹67 करोड़ है (प्राइस बैंड: ₹148-156)।

Sham Foam IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। पॉलीयूरेथेन फोम और गद्दे बनाने वाली इस कंपनी का फिक्स्ड प्राइस इश्यू ₹40.5 करोड़ का है (इश्यू प्राइस: ₹130)।

Pramodini Medicare IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। आंध्र प्रदेश की इस डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर का आईपीओ ₹69.04 करोड़ का है (प्राइस बैंड: ₹110-118)।

Q&T Foods IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। यूपी बेस्ड बेकरी प्रोडक्ट्स मेकर कंपनी आईपीओ के जरिए ₹26.24 करोड़ जुटाएगी (इश्यू प्राइस: ₹115)।

क्लोज होने वाले और लिस्टिंग वाले IPOs

मेनबोर्ड का LEAP India और Technocraft Ventures का आईपीओ 11 अगस्त को बंद होगा। वहीं एसएमई सेगमेंट में LAPL Automotive 10 अगस्त और Optimystix Entertainment 11 अगस्त को बंद होगा।

लिस्टिंग का शेड्यूल

  • 10 अगस्त: Anawil Wire & Engineering (SME)
  • 11 अगस्त: Aegeus Technologies (SME)
  • 12 अगस्त: Ardee Industries, Technocraft Ventures, LEAP India (तीनों मेनबोर्ड), इसके अलावा GV Electricals और Optimystix Entertainment (SME)
  • 13 अगस्त: LAPL Automotive (SME)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ममता बनर्जी की कार पर पत्थरों-जूतों और कीचड़ से हमला, चोर-चोर के लगे नारे

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में विरोध का सामना करना पड़ा। वह एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर लिया और ‘चोर’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़ भी फेंका। यह घटना बिजपुर में हुई। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह ममता बनर्जी की गाड़ी के आसपास जमा हो गया, जब वह मृत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं।

ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि कार पर हमला इतना जोरदार था कि अगर उसकी खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने अपने जीवन में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है?” उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है, जबकि उनकी कार पर हमला पुलिस के सामने ही हुआ।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि हमला इतना जोरदार था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है? पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनकी कार पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके गए। ममता बनर्जी ने इसे एक साजिश बताया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को पहले ही बताया था कि मैं यहां आ रही हूं। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। पूरे पश्चिम बंगाल पर गुंडों का कब्जा है।” वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ममता बनर्जी शांत इलाके में “अशांति फैलाने” आई थीं। प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ नारे भी लगाए गए। यह विरोध एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के घर जाने के दौरान हुआ। बताया गया है कि कार्यकर्ता की मौत हलीशहर पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई थी। हालांकि, इस मामले से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

Mahesh Babu: अफ्रीका के जंगलों में नजर आया रुद्र का दमदार अंदाज, महेश बाबू के बर्थडे पर टीम वाराणसी ने शेयर की दो फोटोज

Mahesh Babu: तेलुगु सुपरस्टार महेश बाबू के जन्मदिन के मौके पर टीम #VARANASI ने अपनी बहुप्रतीक्षित एपिक फिल्म से दो एक्सक्लूसिव स्टिल्स जारी किए हैं। इन तस्वीरों के जरिए दुनिया को पहली बार फिल्म में रुद्र के किरदार की झलक देखने को मिलती है।

पहली तस्वीर में रुद्र घने जंगल के बीच बांस की एक बेड़ी पर आराम करता नजर आ रहा है। वह बेहद कूल, आकर्षक और शांत नजर आता है, लेकिन उसके अंदाज में वही गहराई और तीव्रता भी दिखती है जो उसके किरदार को खास बनाती है। दूसरी तस्वीर हमें केन्या के विशाल मसाई मारा के मैदानों में ले जाती है, जहां रुद्र जिराफों और वाइल्डबीस्ट के बीच खड़ा नजर आ रहा है और उसकी नजरों में साफ तौर पर एक अलग ही दबदबा दिखाई देता है।

ये दोनों तस्वीरें मिलकर #VARANASI की आत्मा की एक झलक दिखाती हैं। यह एक ऐसी ग्लोब-ट्रॉटिंग और कई सदियों में फैली बड़ी कहानी है, जिसमें एक शख्स का असाधारण सफर उसे भारत के पवित्र जल से लेकर दुनिया के सबसे जंगली और अनोखे इलाकों तक ले जाता है।

फिल्म के डायरेक्टर एस. एस. राजामौली ने कहा- “रुद्र का जन्म अपने से कहीं बड़े मकसद को पूरा करने के लिए हुआ है। वह एक ऐसी किस्मत को अपने साथ लेकर चल रहा है, जिसे उसने कभी नहीं चुना था। वह मजाकिया है, कमजोर भी पड़ता है और बेहद दमदार भी है। महेश बाबू यही सब इस किरदार में लेकर आए हैं। कोई भी दमदार किरदार निभा सकता है, लेकिन बहुत कम लोग एक ही पल में दमदार और नाजुक दोनों भाव दिखा सकते हैं।

ये तस्वीरें हमारे अफ्रीका शेड्यूल की हैं और इस जमीन ने हमें वो दिया, जो कोई सेट नहीं दे सकता था। किलिमंजारो के आसपास और मसाई मारा में शूटिंग के दौरान मैं हैरान रह गया था। कई सुबह ऐसी थीं, जब मुझे लगा कि सामने जो कुछ है, उसे 1.43:1 आईमैक्स फ्रेम भी अपने अंदर समेट नहीं सकता।”

#VARANASI का निर्देशन एस. एस. राजामौली ने किया है और इसका संगीत एम. एम. कीरवाणी ने दिया है। फिल्म को श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को दुनियाभर में आईमैक्स में रिलीज होगी।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

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UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

FMCG Price Hikes: महंगा होगा तेल, साबुन, चॉकलेट? Britannia, Dabur, और HUL समेत छह कंपनियों की ये है तैयारी

FMCG Price Hikes: एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स के भाव बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। यह बढ़ोतरी इसी तिमाही में हो सकती है। इसकी वजह ये है कि कमोडिटी की बढ़ती लागत यानी कच्चे माल के महंगे होने और जियो-पॉलिटिकल लेवल पर अनिश्चितताओं के चलते कंपनियों के मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां मांग को लेकर अभी भी पॉजिटिव बनी हुई हैं। उनका कहना है कि खपत मजबूत बनी हुई है, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है और रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार हो रहा है। इससे पहले जून तिमाही में एफएमसीजी सेक्टर ने औसतन 2-5% तक भाव बढ़ाए थे।

कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए कुछ चीजों के दाम बढ़ाने के अलावा श्रिंकफ्लेशन का भी सहारा ले रही है। श्रिंकफ्लेशन का मतलब है कि किसी चीज के दाम को स्थिर रखने या हल्के बदलाव के साथ उसके पैकेट का वजन कम कर दिया जाता है। कंपनियों की नजर महंगाई, कच्चे तेल के भाव और मौसम से जुड़े रिस्क जैसे मानसून और अल नीनो (El Nino) पर भी है।

क्या है कंपनियों की तैयारी

दिग्गज बेकरी फूड कंपनी ब्रिटानिया (Britannia) को इस तिमाही भाव में 1.5-2% बढ़ोतरी की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ₹5और ₹10 की बिस्किट वाले पैक में श्रिंकफ्लेशन के जरिए किया जा सकता है क्योंकि चीनी और पाम तेल की कीमतें अभी भी ऊंची हैं। कंपनी के एमडी और सीईओ रक्षित हरगवे के मुताबिक जून तिमाही में प्राइसिंग से जुड़ी ग्रोथ मुख्य रूप से श्रिंकफ्लेशन के जरिए आई थी और इसका ओवरऑल असर 1% था लेकिन सितंबर तिमाही में 1.5-2.0% तक अतिरिक्त प्राइसिंग एक्शन देखने को मिल सकता है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Godrej Consumer Products) ने जून तिमाही में औसतन लगभग 5% भाव बढ़ाए थे। साथ ही कंपनी ने सितंबर तिमाही में भाव में और बढ़ोतरी की भी बात कही। हालांकि कंपनी कच्चे माल के भाव के रुझान को लेकर ज्यादा स्पष्टता का इंतजार कर रही है। कंपनी के सीईओ सुधीर सीतापति का कहना है कि कंपनी के कई कच्चे माल की कीमतें कच्चे तेल से जुड़ी हुई हैं और इसके भाव में बदलाव का असर आमतौर पर 3-4 हफ्ते में दिखाई देता है। फिलहाल कच्चा तेल प्रति बैरल $80-85 के आसपास है और कंपनी का मानना है कि फिलहाल बहुत अधिक प्राइस हाइक की जरूरत नहीं है।

डाबर इंडिया (Dabur India) का मानना है कि इनपुट कॉस्ट यानी कच्चे माल और अन्य खर्च के ऊंचे बने रहने के आसार हैं। ऐसे में कंपनी का कहना है कि मार्जिन को बनाए रखने के लिए वह सोच-समझकर भाव बढ़ाएगी और साथ ही प्रोडक्टिविटी और कॉस्ट एफिशिएंसी पर अधिक ध्यान देगी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डाबर इंडिया के ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा ​​का कहना है कि ग्रोथ मुख्य रूप से रेवेन्यू और प्राइस से आएगी। अर्निंग्स कॉल में उन्होंने कहा कि महंगाई की वजह से इसका बोझ कंज्यूमर पर डालना पड़ा, वॉल्यूम ग्रोथ के मुकाबले प्राइस ग्रोथ और वैल्यू ग्रोथ ज़्यादा हो रही है और महंगाई बहुत अधिक होने के कारण वॉल्यूम पर दबाव रहेगा।

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) सितंबर तिमाही में कई प्रोडक्ट कैटेगरी में कीमतें बढ़ा सकती है, क्योंकि इसे तिमाही आधार पर 2-5% की इनफ्लेशन ग्रोथ की आशंका दिख रही है। कंपनी की सीईओ और एमडी प्रिया नायर का कहना है कि जून तिमाही में कीमतें 2-5% बढ़ाई गई थी और अब बढ़ती लागत को एडजस्ट करने और वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखने के लिए सितंबर तिमाही में भी कीमतें बढ़ाई जाएगी।

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) के एमडी सुनील डिसूजा ने जरूरत पड़ने पर कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।

नेस्ले इंडिया (Nestle India) का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन और मानसून पर अलनीनो के असर पर नजर बनी हुई है।

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