Hariyali Teej: हरियाली तीज की थाली में जरूर रखें ये 5 मिठाइयां, घरवालों से लेकर मेहमान तक पूछेंगे रेसिपी

सावन की फुहारों के बीच आने वाला हरियाली तीज का त्योहार भारतीय परंपरा, आस्था और उत्साह का खूबसूरत संगम माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस पर्व पर महिलाएं सजने-संवरने के साथ व्रत, पूजा और कई पारंपरिक रस्मों में शामिल होती हैं। हरी साड़ी, चूड़ियों की खनक, हाथों में रची मेहंदी और झूलों की मस्ती इस दिन के माहौल को और खास बना देती है। परिवार और सहेलियों के साथ मिलकर त्योहार मनाने की खुशी के बीच खानपान का भी अपना अलग महत्व रहता है। खासकर घर में तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां तीज की थाली को पूरा करती हैं और उत्सव में मिठास घोलती हैं।

अगर आप इस बार हरियाली तीज पर कुछ स्वादिष्ट और पारंपरिक बनाना चाहती हैं, तो कुछ ऐसी मिठाइयां हैं जिन्हें आसानी से सेलिब्रेशन का हिस्सा बनाया जा सकता है। ये विकल्प त्योहार के स्वाद के साथ देसी परंपरा का अहसास भी कराएंगे।

घर की बनी मिठाइयों से बढ़ाएं त्योहार की खुशी

हरियाली तीज पर गुड़, नारियल, मावा और सूजी जैसी चीजों से तैयार होने वाली देसी मिठाइयों का खास महत्व है। घर पर तैयार की गई मिठाई में स्वाद के साथ शुद्धता का भरोसा भी रहता है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में तीज के मौके पर पारंपरिक मिठाइयां जरूर बनाई जाती हैं।

ओट्स बर्फी

अगर आप पारंपरिक मिठाई में थोड़ा मॉडर्न टच देना चाहती हैं, तो ओट्स बर्फी ट्राई कर सकती हैं। ओट्स, दूध पाउडर, देसी घी, गुड़, दूध, इलायची, काजू, बादाम और नारियल के बुरादे से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ अलग विकल्प भी है। तीज पर परिवार वालों का मुंह मीठा कराने के लिए इसे बनाया जा सकता है।

नारियल लड्डू

हरियाली तीज के लिए नारियल के लड्डू भी बढ़िया विकल्प हैं। इन्हें बनाने में ज्यादा झंझट नहीं होती और स्वाद भी हल्का व स्वादिष्ट रहता है। अगर आप रिफाइंड चीनी से बचना चाहती हैं, तो लड्डुओं में गुड़ का इस्तेमाल कर सकती हैं। त्योहार के लिए यह झटपट तैयार होने वाली मिठाई है।

घेवर

हरियाली तीज और घेवर का रिश्ता काफी पुराना है। सावन आते ही बाजारों में घेवर की मांग बढ़ जाती है। कुरकुरा घेवर, ऊपर से मलाई या रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स—त्योहार के मौके पर यह कॉम्बिनेशन मिठास को और खास बना देता है। हालांकि इसे घर पर बनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन तीज की थाली में घेवर हो तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है।

रबड़ी

सावन में रबड़ी का स्वाद भला कौन भूल सकता है। गाढ़े दूध से तैयार होने वाली यह पारंपरिक मिठाई खास मौकों पर खूब पसंद की जाती है। व्रत रखने वाली महिलाएं भी अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार इसका सेवन कर सकती हैं। इसे तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद मेहनत की पूरी भरपाई कर देता है।

मालपुआ

मालपुआ भी ऐसी पारंपरिक मिठाई है, जिसे कई जगह शुभ अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। आटे या मैदे के घोल से तैयार होकर घी में सिकने वाला मालपुआ ऊपर से चाशनी या रबड़ी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है। हरियाली तीज पर घरवालों के लिए इसे बनाकर त्योहार की मिठास बढ़ाई जा सकती है।

इस तीज पर थाली में परोसें परंपरा और स्वाद

हरियाली तीज सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी है। ऐसे में घर पर तैयार की गई पारंपरिक मिठाइयां त्योहार के स्वाद को खास बना सकती हैं। चाहे आप ओट्स बर्फी जैसे नए विकल्प को चुनें या घेवर, रबड़ी और मालपुआ जैसी सदाबहार मिठाइयों को हर विकल्प तीज के जश्न में अपनी अलग मिठास घोल सकता है।

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2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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18,000 रुपये की सैलरी से शुरू हुआ सफर, अब हर महीने ₹10 लाख कमाते हैं शब्बीर, जानें कैसे बदली किस्मत

रात की नौकरी और दिनभर की पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन शब्बीर मिठाईवाला ने कई साल तक इसी चुनौतीपूर्ण जिंदगी को अपनी मेहनत का हिस्सा बनाया। UAE में बचपन बिताने के बाद पढ़ाई के लिए मुंबई आए शब्बीर के सामने आर्थिक चुनौतियां थीं। अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के लिए उन्होंने नौकरी करने का फैसला किया। एक कॉल सेंटर से शुरू हुआ यह सफर सिर्फ कमाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आगे चलकर उनके करियर और जिंदगी की दिशा बदलने वाला साबित हुआ। दिन में कॉलेज, पढ़ाई और रात की शिफ्ट के बीच उन्होंने लगातार मेहनत की।

उस दौर में उनकी कमाई भले ही आज की तुलना में छोटी थी, लेकिन अनुभव और संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। कई साल बाद जब परिस्थितियों ने उन्हें एक बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर किया, तब मुंबई में सीखी मेहनत और आत्मनिर्भरता उनके काम आई। उनकी कहानी अब संघर्ष से सफलता तक के सफर की मिसाल बन गई है।

18-19 घंटे की जिंदगी, पांच साल तक यही रूटीन

कमाई का इस्तेमाल किराए, खाने और पढ़ाई के खर्चों को संभालने में होता था, लेकिन इसके लिए उन्हें बेहद व्यस्त दिनचर्या अपनानी पड़ती थी। सुबह 11 बजे तक कॉलेज, दोपहर से शाम तक CA की कोचिंग और रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नौकरी। यानी कई बार दिन का करीब 18-19 घंटे हिस्सा पढ़ाई और काम में गुजरता था। शब्बीर के मुताबिक, करीब पांच साल तक उन्होंने इसी तरह काम किया और इसी अनुभव ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में शुरुआत से कुछ खड़ा करने का आत्मविश्वास दिया।

पिता की आंख की रोशनी गई, तो बदल गई जिंदगी की दिशा

CA की पढ़ाई पूरी करने के दौरान उन्हें पता चला कि उनके पिता की एक आंख की रोशनी चली गई है। उनके पिता 1984 से दुबई में पिक्चर-फ्रेम का कारोबार चला रहे थे, लेकिन 2013 में जब शब्बीर UAE लौटे, तब परिवार का बिजनेस गंभीर आर्थिक संकट में था। कारोबार में कैश-फ्लो की समस्या थी और करीब 10 लाख दिरहम का कर्ज जमा हो चुका था। दूसरी ओर, परिवार को शब्बीर के छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई का खर्च भी उठाना था।

CA का सपना छोड़ा, परिवार का कारोबार चुना

शब्बीर के सामने बड़ा सवाल था जिस CA करियर के लिए उन्होंने वर्षों मेहनत की, उसे आगे बढ़ाएं या परिवार के मुश्किल दौर में कारोबार संभालें? उन्होंने CA करियर छोड़कर परिवार के बिजनेस में लौटने का फैसला किया। मुंबई के वर्षों के संघर्ष ने उन्हें दोबारा शून्य से शुरुआत करने का हौसला दिया था। दुबई लौटने के बाद उन्होंने एक बार फिर करीब 19-20 घंटे काम करने वाली दिनचर्या अपना ली।

पिक्चर फ्रेम से आर्किटेक्चरल ग्लास तक बदला कारोबार

शब्बीर सिर्फ पुराने बिजनेस को बचाने तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कारोबार के लिए नया रास्ता तलाशना शुरू किया। पारंपरिक रूप से परिवार का काम पिक्चर फ्रेम बनाने पर केंद्रित था, लेकिन उन्होंने इसे एक नए बाजार की ओर ले जाने का फैसला किया। 2017 में उन्होंने Glass R Us Industries की शुरुआत की, जिसके जरिए कंपनी ने आर्किटेक्चरल ग्लास सॉल्यूशंस की दिशा में कदम बढ़ाया। कारोबार अब रेजिडेंशियल, कमर्शियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के लिए ग्लास सॉल्यूशंस देने की ओर बढ़ गया।

करीब 7 साल लगे कर्ज से बाहर निकलने में

कारोबार को नई दिशा देने के बावजूद आर्थिक मुश्किलें तुरंत खत्म नहीं हुईं। शब्बीर के मुताबिक, परिवार को करीब छह से सात साल का समय लगा पूरा कर्ज चुकाने में। कर्ज खत्म होने के बाद उनका फोकस सिर्फ कारोबार चलाने पर नहीं रहा। उन्होंने इसे आगे बढ़ाने और एक लग्जरी ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम शुरू किया।

खुद की सैलरी भी रखी सीमित

करीब 10 लाख दिरहम के कर्ज का अनुभव शब्बीर की वित्तीय सोच पर भी गहरा असर डाल गया। अब वह कर्ज लेने और खर्च करने को लेकर काफी सावधानी बरतते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी से वह हर महीने करीब 40,000 दिरहम यानी लगभग ₹10 लाख लेते हैं, जबकि वह इससे ज्यादा रकम भी निकाल सकते हैं। लेकिन वह अपने व्यक्तिगत खर्च और जरूरतों का हिसाब लगाकर सैलरी की सीमा तय करते हैं और बाकी पैसा कारोबार में वापस लगाते हैं।

अब लक्ष्य है इंटरनेशनल मार्केट और रोजाना $1 मिलियन

शब्बीर की महत्वाकांक्षा अब सिर्फ पारिवारिक कारोबार को सफल बनाने तक सीमित नहीं है। वह अपने ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका सबसे बड़ा वित्तीय लक्ष्य सुनकर शायद कई लोग चौंक जाएं। शब्बीर का कहना है कि वह भविष्य में हर दिन 1 मिलियन डॉलर कमाने का लक्ष्य रखते हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक बड़ी रकम का सपना नहीं, बल्कि सोच को बड़े स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है। मुंबई की रात की शिफ्ट से शुरू हुई उनकी कहानी अब दुबई से ग्लोबल बिजनेस बनाने की महत्वाकांक्षा तक पहुंच चुकी है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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ट्रेन टिकट बुकिंग में होने वाला है ऐतिहासिक बदलाव! अब चंद सेकंड में यात्रियों को मिलेगा टिकट, रेलवे का नया PRS सिस्टम मचाएगा तहलका

Indian Railways Reservation System: इंडियन रेलवे ट्रेन टिकट बुकिंग को आधुनिक बनाने और यात्रियों के लिए रिजर्वेशन को तेज एवं सुविधाजनक बनाने के लिए एक नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) शुरू करने जा रहा है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित PRS लगभग चार दशकों से रेलवे रिजर्वेशन की रीढ़ रहा है। 1986 में शुरू किए गए इस सिस्टम ने पुराने मैनुअल रिजर्वेशन सिस्टम की जगह ली थी।

तब से यह ऑनलाइन और मोबाइल टिकट बुकिंग को सपोर्ट करने के लिए विकसित हुआ है। मई में राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने घोषणा की थी कि 40 साल पुराने PRS (Passenger Reservation System) सिस्टम को अगस्त से शुरू करके चरणों में अपग्रेड किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नए सिस्टम के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग, सीट उपलब्धता, वेटिंग लिस्ट, RAC और यात्रियों की पूछताछ से जुड़ी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सबसे खास बात यह है कि नया PRS मौजूदा सिस्टम की तुलना में कई गुना ज्यादा टिकट बुकिंग का दबाव संभाल सकेगा। रेलवे के मुताबिक, नया सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभालने में सक्षम होगा।

जबकि मौजूदा सिस्टम की क्षमता करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट बताई गई है। इसी सिस्टम के जरिए टिकट बुकिंग, टिकट कैंसिलेशन, सीट अलॉटमेंट, वेटिंग लिस्ट, RAC, रिजर्वेशन चार्ट और यात्रियों की पूछताछ जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित होती हैं। अब रेलवे इस पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से नई तकनीक वाले PRS से बदलने की तैयारी कर रहा है।

भारी ट्रैफिक को संभालने की क्षमता

तत्काल टिकट के समय IRCTC वेबसाइट पर अचानक बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को संभालने में नया सिस्टम पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सक्षम हो सकता है। Indianexpress.com से बात करते हुए रेलवे बोर्ड के पब्लिक रिलेशंस (PR) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि नए सिस्टम में चरणबद्ध तरीके से बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई IRCTC बीटा वेबसाइट इसी बदलाव का हिस्सा है।

अधिकारी ने कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे किया जाएगा। पुराने PRS को पूरी तरह से बदलने से पहले नए सिस्टम का अलग-अलग यूजर लोड स्तरों पर चरणों में टेस्ट किया जाएगा। अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नए यूजर-फ्रेंडली लुक और फील को चरण-दर-चरण लागू करने में लोड-आधारित टे्ट शामिल होगा, क्योंकि हम पुराने PRS से नए PRS की ओर बढ़ रहे हैं।”

भारतीय रेलवे में अभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम क्या है?

PRS एक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है जिसका उपयोग भारतीय रेलवे रिजर्व-टिकटों के मैनेज के लिए करता है। यह यात्रियों को टिकट बुक करने, बदलने और रद्द करने की सुविधा देता है। साथ ही सीट आवंटन, वेटलिस्ट, RAC स्टेटस, रिजर्वेशन चार्ट और यात्री पूछताछ को भी संभालता है। यह सिस्टम रेलवे रिजर्वेशन सेंटरों को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। इससे टिकट रिजर्वेशन की प्रक्रिया आसान और अधिक कुशल हो जाती है।

PRS ने रेलवे टिकट बुकिंग को कैसे बदला?

PRS ने मैनुअल रिजर्वेशन रजिस्टर और काउंटर-आधारित बुकिंग की जगह एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ले लिया। जैसे-जैसे रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ। यह एक राष्ट्रव्यापी रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म बन गया। इससे यात्री कंट्री-वाइड नेटवर्क फॉर कंप्यूटराइज्ड एन्हांस्ड रिजर्वेशन एंड टिकटिंग (CONCERT) के माध्यम से देश भर में अलग-अलग जगहों से ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं।

फिलहाल यात्री रेलवे रिजर्वेशन काउंटर, वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से रिजर्वेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के साथ-साथ RailOne ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इससे यात्री कहीं से भी टिकट बुक कर सकते हैं।

अगस्त से शुरू हुआ बदलाव, धीरे-धीरे होगा पूरा माइग्रेशन

रेलवे ने मई में घोषणा की थी कि करीब चार दशक पुराने PRS को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा। इसका काम अगस्त से शुरू किया जाएगा। धर्मेंद्र तिवारी के मुताबिक, नए सिस्टम की ओर माइग्रेशन शुरू हो चुका है। रेलवे इसे एक साथ पूरी तरह बदलने के बजाय धीरे-धीरे और अलग-अलग चरणों में लागू कर रहा है।

पहले नए सिस्टम को अलग-अलग स्तर के यूजर लोड पर टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद जैसे-जैसे सिस्टम स्थिर और सक्षम साबित होगा। फिर पुराने PRS से नए PRS की ओर माइग्रेशन बढ़ाया जाएगा। रेलवे के मुताबिक, नए सिस्टम के यूजर इंटरफेस और सुविधाओं को भी धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा रहा है।

तत्काल टिकट वालों को मिल सकता है सबसे बड़ा फायदा

ट्रेन यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर होती है। टिकट विंडो खुलते ही लाखों लोग एक साथ बुकिंग की कोशिश करते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट या ऐप पर दबाव बढ़ जाता है। IRCTC के अनुसार, 15 जुलाई को बीटा वेबसाइट लॉन्च होने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार देखने को मिला।

महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े की तुलना में पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल टिकट बुकिंग में 5 प्रतशित से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पांच मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में करीब 3 फीसदी और 30 मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

प्रति मिनट 1.5 लाख की होगी बुकिंग

रेल मंत्रालय के अनुसार, अपग्रेड किया गया PRS प्रति मिनट 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभाल सकेगा। जबकि मौजूदा सिस्टम में यह क्षमता लगभग 32,000 टिकट की है। यह प्रति मिनट 40 लाख से ज्यादा पूछताछ को भी प्रोसेस करेगा। जबकि अभी यह संख्या लगभग 4 लाख है। नए सिस्टम में टिकट बुकिंग और पूछताछ के लिए कई भाषाओं वाला और इस्तेमाल में आसान इंटरफेस होगा। इसे रेलवे रिजर्वेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा स्केलेबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और भरोसेमंदता देने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है।

नए सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसकी क्षमता होगी

रेल मंत्रालय के अनुसार:-

मौजूदा PRS: करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट क्षमता है।

नया PRS: 1.5 लाख से ज्यादा टिकट काटने की प्रति मिनट क्षमता होगी।

मौजूदा पूछताछ क्षमता: करीब 4 लाख प्रति मिनट होगी।

नई पूछताछ क्षमता: 40 लाख से ज्यादा प्रति मिनट होगी।

इसका मतलब है कि नया सिस्टम टिकट बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन, सीट और रिजर्वेशन से जुड़ी बड़ी संख्या में यात्रियों की पूछताछ भी एक साथ संभाल सकेगा।

देशभर में ऑनलाइन टिकट बुकिंग का दबाव कितना बढ़ गया है?

रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि जून 2025 से जून 2026 के बीच PRS के जरिए 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक किए गए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए। इससे साफ है कि रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था अब तेजी से डिजिटल हो चुकी है। ऐसे में पुराने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना रेलवे के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

नई व्यवस्था में मिलेगा ज्यादा आसान और मल्टी-लैंग्वेज इंटरफेस

नए PRS में यात्रियों के लिए ज्यादा यूजर-फ्रेंडली और मल्टीलिंगुअल इंटरफेस देने की तैयारी है। यानी टिकट बुकिंग और पूछताछ को ज्यादा आसान बनाने के साथ-साथ अलग-अलग भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। नए सिस्टम को ज्यादा स्केलेबल, फ्लेक्सिबल और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। ताकि भविष्य में यात्रियों की संख्या और ऑनलाइन ट्रैफिक बढ़ने पर भी सिस्टम पर अचानक अत्यधिक दबाव न पड़े।

सिर्फ PRS ही नहीं, रेलवे का पूरा डिजिटल नेटवर्क हो रहा आधुनिक

CRIS ने यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनमें UTS, NTES, IRCTC Rail Connect, RailOne, RailMadad, CoachMitra, Rail Sugam और Rail Rajbhasha शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने और रेलवे से जुड़ी कई अन्य रेलवे से जुड़ी सर्विस मिलती हैं। नए PRS और इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर टेक्नोलॉजी के तालमेल से रेलवे की ऑनलाइन सेवाओं को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

40 साल पुराने सिस्टम से Next-Generation PRS तक

भारतीय रेलवे का PRS चार दशक पहले मैनुअल रिजर्वेशन की जगह इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग व्यवस्था लेकर आया था। अब वही सिस्टम एक और बड़े तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगर चरणबद्ध तरीके से हो रहा यह माइग्रेशन सफल रहता है, तो आने वाले समय में ट्रेन टिकट बुकिंग ज्यादा तेज, ज्यादा स्थिर और ज्यादा डिजिटल हो सकती है। यानी रेलवे के इस बदलाव का असली असर सिर्फ वेबसाइट की स्पीड पर नहीं, बल्कि करोड़ों यात्रियों के रोजमर्रा के टिकट बुकिंग अनुभव पर दिखाई दे सकता है।

रेलवे के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों ने जून 2025 और जून 2026 के बीच PRS के ज़रिए 65.08 करोड़ रिजर्व्ड टिकट बुक किए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट (यानी 89 प्रतिशत) ऑनलाइन बुक किए गए थे। IRCTC ने कहा कि 15 जुलाई को अपनी बीटा वेबसाइट लॉन्च करने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार हुआ है।

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महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े (15-15 दिन के समय) की तुलना करने पर पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। पांच मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जबकि 30 मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई।

Nikita Rawal: रेड कार्पेट पर एक महिला ने निकिता रावल को किस किया, ‘गरम मसाला’ एक्ट्रेस के उड़े होश

Nikita Rawal: निकिता रावल का हाल ही का रेड कार्पेट अपीयरेंस तब एक अजीब मोड़ पर आ गया, जब एक महिला फैन उनके पास आई और अचानक उनके होंठों पर किस कर लिया। हां आपने सही पढ़ा। इस अजीब पल ने एक्ट्रेस को साफ तौर पर हैरान और असहज कर दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और तब से ऑनलाइन चर्चा का विषय बनी हुई है।

वीडियो में निकिता एक इवेंट में पैपराजी के लिए पोज देती हुई दिख रही हैं, तभी एक महिला फ़ैन उनके पास आती है और सेल्फ़ी की मांग करती है। बातचीत के दौरान एक्ट्रेस शुरू में सहज लग रही थीं और उन्होंने फैन के साथ खुशी-खुशी पोज़ भी दिया, जबकि फ़ोटोग्राफ़र्स ने उस पल को कैमरे में कैद किया।

हालांकि, माहौल तब अचानक असहज हो गया जब फैन ने निकिता के गाल पर किस किया और फिर उन्हें अपनी ओर खींचकर होंठों पर किस कर लिया। एक्ट्रेस इस अचानक हुई हरकत से हैरान दिखीं और ऐसा लगा जैसे उन्होंने फैन को रोकने की कोशिश की हो।

इसके बावजूद, फैन निकिता को पकड़े रही। एक्ट्रेस साफ़ तौर पर असहज दिख रही थीं। जाने से पहले, फ़ैन ने उनके गाल पर फिर से किस किया, जबकि कैमरे इस अजीब स्थिति को रिकॉर्ड करते रहे। निकिता रावल ने हिंदी और साउथ इंडियन फ़िल्मों में अपना करियर बनाया है और कई प्रोजेक्ट्स में काम किया है। बॉलीवुड में, यह एक्ट्रेस ‘ब्लैक एंड व्हाइट’, ‘मिस्टर हॉट मिस्टर कूल’, ‘द हीरो – अभिमन्यु’, ‘अम्मा की बोली’, ‘गरम मसाला’ और ‘क्यूट कमीना’ जैसी फ़िल्मों में नज़र आ चुकी हैं।

निकिता ने 2012 में तेलुगु सिनेमा में कदम रखा और ‘टिम्पा’ नाम के प्रोजेक्ट में काम किया, जिसमें उन्होंने विक्रम रॉय के साथ एक इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाया। आने वाले समय में, निकिता अरशद वारसी और चंकी पांडे के साथ ‘रोटी कपड़ा और रोमांस’ फ़िल्म में नज़र आएंगी।

Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

क्लीन एनर्जी पर मारुति का बड़ा दांव! 4 नए बायोगैस प्लांट पर ₹561 करोड़ खर्च करेगी कंपनी, जानिए RC भार्गव का मास्टरप्लान

Maruti Suzuki Biogas Plant Investment: देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने शेयरधारकों को जानकारी दी है कि मारुति सुजुकी चार बायोगैस प्लांट लगाने के लिए ₹561 करोड़ का निवेश करेगी।

आरसी भार्गव ने मारुति सुजुकी की FY26 वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि बोर्ड ने पहले चरण में ₹561 करोड़ की लागत से 4 बायोगैस प्लांट शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद प्रक्रिया और तकनीक की गहरी समझ बनने के बाद कंपनी बायोगैस के उत्पादन और वितरण में और भी भारी-भरकम राशि का निवेश करेगी।

खरखौदा और मानेसर प्लांट में तेजी से बढ़ रहा काम

मारुति सुजुकी ने अपनी उत्पादन इकाइयों को हरित ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। पहले चरण के तहत खरखौदा संयंत्र में 10 टन प्रति दिन क्षमता वाला बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट FY27 में चालू होने की उम्मीद है और अपनी पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यह प्लांट की कुल गैस आवश्यकता का लगभग 20% हिस्सा पूरा करेगा।

कंपनी ने अपने मानेसर प्लांट की बायोगैस क्षमता को 0.2 TPD से बढ़ाकर 0.7 TPD कर दिया है। इससे सालाना लगभग 3.6 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बायोगैस का उत्पादन होने की उम्मीद है। मानेसर में फूड वेस्ट, नेपियर घास और धान के पुआल का उपयोग किया जाता है, साथ ही गोबर के इस्तेमाल का भी प्रावधान है।

गुजरात के हंसलपुर प्लांट में प्राकृतिक गैस की जगह बायोगैस का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है, जिससे लगभग 10% ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक रोजाना 20 टन से अधिक बायोगैस का उपयोग करने का है।

सीएनजी का विकल्प और किसानों की आय में इजाफे का विजन

आरसी भार्गव ने बायोगैस के व्यापक फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत को नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए मल्टीपल टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करना होगा। बायोगैस स्थानीय संसाधनों से बड़ी मात्रा में तैयार की जा सकती है। यह आयातित सीएनजी का विकल्प बनेगी, जो शून्य आयात सामग्री के साथ पूरी तरह से स्वच्छ और नवीकरणीय ईंधन है।

फसल के अवशेषों का उपयोग बायोगैस में होने से पराली जलाने की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे पर्यावरण साफ रहेगा और मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। बायोगैस उत्पादन के दौरान मिलने वाला उप-उत्पाद खेतों की उर्वरता और उत्पादकता बढ़ाएगा।

कृषि अवशेष और गोबर की बिक्री से किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि के यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए कंपनी पिछले दो वर्षों से पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के साथ काम कर रही है।

सरकार की GOBARdhan योजना से मिलेगा बूस्ट

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त को ₹23,731 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। यह योजना FY27 से FY36 तक लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को भारत के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का प्रमुख हिस्सा बनाना है।

सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से घरेलू बायोगैस उत्पादन में लगभग 10 गुना बढ़ोतरी होगी और इस सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। मारुति सुजुकी का यह निवेश इस दिशा में एक बड़ा कॉर्पोरेट कदम माना जा रहा है।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

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Aishwarya Rai: ऐश्वर्या राय ने अभिषेक बच्चन की वजह से शाहरुख खान की फिल्म ठुकरा दी थी?

Aishwarya Rai: फराह खान की डायरेक्ट की हुई फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’, जिसमें शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिकाओं में थे, एक बड़ी हिट साबित हुई। क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म के लिए दीपिका पहली पसंद नहीं थीं? फराह ने यह फिल्म ऐश्वर्या राय बच्चन को भी ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि अभिषेक बच्चन पहले से ही इसमें शामिल थे। उन्हें लगा कि यह फिल्म करना सही नहीं होगा, क्योंकि AB पहले से ही इसमें थे, और फिल्म में उन्हें SRK के साथ केमिस्ट्री दिखानी थी।

ऐश्वर्या राय बच्चन की एक पुरानी बात फिर से चर्चा में आई है, जिसमें उन्होंने फिल्म को ठुकराने के बारे में बात की है। उनका मानना ​​है कि अपनी बेटी आराध्या के जन्म के बाद ब्रेक लेने के बाद यह फिल्म उनके लिए एक बेहतरीन कमबैक हो सकती थी।

इस क्लिप में ऐश्वर्या कह रही हैं, “जब मुझे उस फ़िल्म के लिए पूछा गया तो असल में मां बनने के बाद यह वापसी के लिए एक बेहतरीन फ़िल्म थी। अगर आपको इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्म में ऐसा रोल करने को मिले, और वह फ़िल्म रिलीज़ हो और बॉक्स ऑफ़िस पर पक्की कामयाबी मिले, तो आप पहले ही इसका अंदाज़ा लगा सकते हैं। ओह माय गॉड, मुझे वह बात कहने का मौका मिलता। मतलब, क्या ज़बरदस्त फ़िल्म थी वह।”

एक्ट्रेस ने आगे कहा, “लेकिन मुझे नहीं पता कि AB के साथ यह कैसे होता। मतलब वह तो पहले से ही वहां थे। इसलिए मैं फराह से कह रही थी कि अगर आप मुझसे अलग से पूछें, तो मैं ज़रूर करती। मतलब, ‘मनवा लागे’ गाना शानदार होता, लेकिन मुझे लगता है कि उस स्थिति में यह सही नहीं बैठता। जब आप फ़िल्म देख रहे हों, तो ऐसी बहस या चर्चा की गुंजाइश क्यों रखी जाए?”

एक एक्ट्रेस के तौर पर यह फ़ैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन एक पत्नी के तौर पर उन्होंने यह चुनाव किया। ऐश्वर्या ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “एक प्रोफ़ेशनल और एक्टर के तौर पर पीछे हटना आसान नहीं था, लेकिन एक पत्नी के तौर पर मैंने वही फ़ैसला लिया।”

ऐश्वर्या राय बच्चन भारत की सबसे मशहूर एक्ट्रेस और पूर्व मिस वर्ल्ड में से एक हैं। ‘देवदास’, ‘जोधा अकबर’, ‘गुरु’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘ताल’ जैसी फ़िल्मों में अपनी एक्टिंग के लिए जानी जाने वाली ऐश्वर्या ने भारतीय और इंटरनेशनल सिनेमा, दोनों में ही तारीफ़ें बटोरी हैं। ऐश्वर्या ने कान फ़िल्म फ़ेस्टिवल जैसे ग्लोबल मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और दुनिया भर में देश के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक बन गई हैं। एक्टर अभिषेक बच्चन से शादी करने वाली ऐश्वर्या, उनकी बेटी आराध्या की मां हैं।