जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

omar abdulla

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर अपने पहले कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे और वहां के बदलते सुरक्षा माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा माना और कहा कि मोदी सरकार ने इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। उनके इस 'सुरक्षित' वाले बयान के बहुत बड़े मायने हैं, जिसे उन्होंने अपने अगले ही वाक्य में साफ भी कर दिया। गोर ने बताया कि वाशिंगटन जल्द ही अपने नागरिकों के लिए जारी 'नेगेटिव ट्रेवल एडवाइजरी' की समीक्षा करने वाला है।

राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर को भारत का एक 'बेहद खूबसूरत और महत्वपूर्ण हिस्सा'  कहा है।  उन्होंने कहा कि वो पहली बार कश्मीर आए हैं और यहां की सुंदरता को देखकर हैरान हैं। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की तारीफें करते हुए गोर ने कहा कि क्षेत्र अब काफी सुरक्षित हो चुका है और बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक यहां आकर इसकी खूबसूरती का अनुभव जरूर करना चाहेंगे।  

ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

‘मैं दूसरे देश के राजदूत के सामने अपनी शिकायतें नहीं रखता’

 

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं उनकी बात सुनने के लिए अधिक उत्सुक हूं। मुझे अपनी शिकायतें किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने रखने की आदत नहीं है। हमारे मामले वॉशिंगटन में हल नहीं होने वाले हैं, बल्कि इन्हें हमारे देश की सरकार ही सुलझाएगी।” उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने शिकायत करना उनके लिए उचित नहीं होगा। 

 

बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, उमर ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया जवाब

इस बीच, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने बुधवार को सिविल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम बनाया है। पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी के आरोपों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार में इतना भी सामर्थ्य नहीं है कि वह इस तरह के कथित भ्रष्टाचार को “छिपा” सके।

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

Vijay Thalapathy

तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला आदेश वापस ले लिया है। सरकार की तरफ से जारी इस आदेश में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने के निर्देश दिए गए थे, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी ने गैर-संवैधानिक बताते हुए विरोध किया था। अब विजय की सरकार ने बुधवार को अपना ही दिया आदेश वापस ले लिया है।

कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने बुधवार को अपना पिछला निर्देश वापस ले लिया, जिसमें सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के छात्रों और युवाओं को विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों में भाग लेने से रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया था।

मंगलवार को जारी एक आदेश में कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी ने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा 17 अगस्त, 2026 को जारी पिछला आदेश वापस ले लिया गया है। यह आदेश तमिलनाडु के सभी सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों को जारी किया गया था।

क्या था आदेश : 17 अगस्त के एक पत्र में, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों से कहा कि वे स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों, पुलिस और ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि छात्र-छात्राएं और युवा ऐसे विरोध प्रदर्शनों में शामिल न हों। यह निर्देश 14 अगस्त के एक सरकारी पत्र का ज़िक्र करता है, जिसमें इस मामले पर अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया था। “बेहद ज़रूरी” (Most Urgent) मार्क किए गए इस संदेश में कॉलेजों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे की गई कार्रवाई की जानकारी तुरंत 'डायरेक्टरेट ऑफ़ कॉलेजिएट एजुकेशन' को सौंपें।

सूत्रों के मुताबिक, TVK सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और ज़िला प्रशासन से कहा है कि वे छात्रों की भागीदारी रोकने के लिए मिलकर कार्रवाई करें। यह आदेश राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के बीच जारी किया गया है और दो राजनीतिक समूहों द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शनों में छात्रों और युवाओं की भागीदारी को लेकर सरकार की चिंता के बाद आया है।

सीजेपी पर BJP की प्रतिक्रिया : इस आदेश पर BJP नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। BJP नेता विनोज़ पी. सेल्वम ने वामपंथी संगठनों और CJP को “अराजकता फैलाने वाले” (Agents of Chaos) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके नेता छात्रों को गुमराह करते हैं और उन्हें नतीजों का सामना करने के लिए अकेला छोड़कर खुद अपने घरों को लौट जाते हैं। उन्होंने विजय सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से बचने और अपने करियर पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह अपनी सहयोगी पार्टी CPI(M) के दबाव में आकर इस नोटिफिकेशन को वापस न ले।

क्यों वापस लिया आदेश : तमिलनाडु सरकार के इस आदेश के सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने इसका विरोध किया था और इस आदेश को “गैर-संवैधानिक” बताया था। पार्टी ने विजय सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की थी। यह पूरा विवाद ऐसे समय शुरू हुआ था, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। CJP और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का विजय सरकार का आदेश राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया था और इसी वजह से सरकार ने आदेश वापस ले लिया है।

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

cm vijay

तमिलनाडु की जनता को सीएम विजय ने बड़ा तोहफा दिया है। सीएम ने हेल्‍थ इंश्‍योरेंस की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया है। इस खबर के बाद तमिलनाडु की जनता में खुशी की लहर है।

बता दें कि यह बीमा राशि पहले 5 लाख तक थी। अब तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना इलाज की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही दूध के खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के लोगों, दूध उत्पादकों और हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की सालाना इलाज सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार के इन फैसलों से लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

दूध उत्‍पादकों को भी फायदा : सरकार ने दूध उत्पादकों को राहत देते हुए खरीद मूल्य 38 रुपए से बढ़ाकर 41 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इस फैसले से करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दूध उत्पादकों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन भी 3 रुपए से बढ़ाकर 5 रुपए प्रति लीटर किया गया है। खरीद मूल्य बढ़ाने से सरकार पर हर महीने करीब 30 करोड़ रुपए और सालाना 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस कवर 5 से 25 लाख रुपए : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ा है। इसके तहत इलाज के लिए सालाना सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने ट्रांसजेंडर लोगों के लिए भी अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं को योजना में शामिल करने की घोषणा की है। ये सेवाएं चेन्नई, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, चेंगलपट्टू समेत कई सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

मेडिकल शिक्षा पर 351 करोड़ रुपये खर्च : तमिलनाडु सरकार ने मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए 351 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 6,098 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। इनमें B.Sc नर्सिंग की 660 सीटें, नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1,925 सीटें, 12 पैरामेडिकल कोर्स में 2,778 सीटें और मेडिकल कोर्स में 735 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

बनेगा 400 बेड वाला अस्पताल : स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पेरम्बलूर में 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यहां लोगों को आधुनिक और बेहतर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार के इन फैसलों का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर है।

विधायकों को मिलेगी सरकारी गाड़ी : सीएम विजय ने विधानसभा में एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सभी विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विधायकों को अपने क्षेत्र में जनसेवा और विकास के कामों के लिए आसानी से आने-जाने की सुविधा देना है। सरकार का मानना है कि इससे विधायक अपनी जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे।

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 26 अगस्त से बांटे जाएंगे सैंक्शंस लेटर, महिलाओं के खाते में इस दिन से आएंगे ₹2,500!

Delhi Lakshmi Yojana 2026: दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 26 अगस्त से आर्थिक सहायता के सैंक्शन लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक के बाद यह अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सैंक्शन लेटर जारी होने के बाद योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, 1 सितंबर से महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।

सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन मिलने के बाद सरकार ने आवेदनकर्ताओं की जांच और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।

कौन महिलाएं होंगी पात्र?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह दिल्ली की निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आवेदन करने वाली महिला की आयु 18 साल से अधिक होने के साथ-साथ वह दिल्ली में कम से कम 10 वर्षों से रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला या उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी होने पर वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। आयकर दाता परिवारों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकारी नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं या उनके परिवार के सदस्यों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन को इस नियम से अलग रखा गया है।

बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी स्कीम की राशि

सरकार ने योजना में भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट भेजे जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी के बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यदि किसी महिला के परिवार में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता या निर्धारित सीमा से अधिक आय वाला सदस्य है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। वहीं, परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन होने की स्थिति में भी आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया पर रखी जा रही नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। सरकार ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे।

26 अगस्त से स्वीकृति पत्र मिलने शुरू होंगे और 1 सितंबर से बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य दिल्ली की जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।

पैसा प्राप्त करने का विकल्प

लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए विकल्प दिए गए हैं:-

पहला विकल्प: दैनिक खर्चों के लिए ₹1,000 प्रति माह सेंट्र्ल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में प्राप्त कर सकते हैं और बाकी ₹1,500 को आवर्ती जमा (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करा सकते हैं।

दूसरा विकल्प: लंबी अवधि की बचत के लिए पूरी ₹2,500 की राशि को RD या FD में जमा करा सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Mehul Choksi: भारी कैश के साथ मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल लंदन में हिरासत में, भगोड़ा हीरा कारोबारी कब आएगा भारत?

Mehul Choksi: भारी कैश के साथ मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल लंदन में हिरासत में, भगोड़ा हीरा कारोबारी कब आएगा भारत?

Mehul Choksi Lawyer Detained: लंदन में भारतीय आपराधिक मामलों के चर्चित वकील और भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का केस लड़ने वाले विजय अग्रवाल को ब्रिटिश इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अग्रवाल पर ब्रिटेन में इमिग्रेशन और वर्क परमिट से जुड़े नियमों के उल्लंघन का आरोप है। विजय अग्रवाल भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील के तौर पर खास तौर पर चर्चित रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर तब हिरासत में लिया गया जब UK इमिग्रेशन अधिकारियों ने लंदन के मेफेयर इलाके में एक प्रॉपर्टी की जांच की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मकान मालिक की शिकायत के बाद की गई। इसी जांच के दौरान विजय अग्रवाल को हिरासत में लिया गया। विवेक अग्रवाल ने भारत में कई हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड केस संभाले हैं।

बिना जरूरी अनुमति काम करने का आरोप

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ब्रिटिश अधिकारियों को संदेह था कि अग्रवाल ब्रिटेन में आवश्यक वर्क परमिट या अन्य जरूरी इमिग्रेशन परमिशन के बिना पेशेवर गतिविधियां कर रहे थे। इमिग्रेशन अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान मेफेयर की इस प्रॉपर्टी में बड़ी मात्रा में कैश भी मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कैश के स्रोत की भी जांच की जा रही है। प्रॉपर्टी की जांच के समय अग्रवाल की फर्म से जुड़े कई जूनियर वकील भी कथित तौर पर वहां मौजूद थे। हालांकि, सामने आई रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हिरासत में लिए जाने के बाद ब्रिटिश अधिकारियों ने आगे क्या कार्रवाई की।

मेहुल चोकसी के प्रमुख वकील रहे हैं अग्रवाल

विजय अग्रवाल का नाम भारत के सबसे चर्चित वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के आरोपी भगोड़े मेहुल चोकसी की कानूनी पैरवी से जुड़ा रहा है। चोकसी भारत में कथित PNB धोखाधड़ी मामले में वांछित है। वह भारत से बाहर रह रहा है। अग्रवाल ने विभिन्न देशों में चल रही कानूनी कार्यवाहियों में चोकसी का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में भी चोकसी की ओर से पैरवी की है। बेल्जियम में चोकसी की गिरफ्तारी के बाद भी अग्रवाल उसके कानूनी बचाव से जुड़े रहे। भारत द्वारा चोकसी को वापस लाने की कोशिशों के खिलाफ भी उन्होंने कानूनी दलीलें पेश की हैं।

प्रत्यर्पण के खिलाफ दिए थे ये तर्क

चोकसी की भारत वापसी से जुड़े मामलों में अग्रवाल की ओर से मानवाधिकार, जेल की परिस्थितियों और चोकसी की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों जैसे मुद्दे उठाए गए थे। इन आधारों पर भारत प्रत्यर्पण का विरोध किया गया। चोकसी पर भारत में करीब 13,000 करोड़ रुपये के PNB घोटाले से जुड़े गंभीर आरोप हैं। वह मामले में वांछित आरोपियों में शामिल है।

कई हाई-प्रोफाइल मामलों में कर चुके हैं पैरवी

विजय अग्रवाल सिर्फ मेहुल चोकसी के मामले के कारण ही चर्चित नहीं हैं। बल्कि उनका कानूनी करियर भारत के कई बड़े कॉरपोरेट क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी मामलों से जुड़ा रहा है। उन्होंने PNB बैंक घोटाले से जुड़े मामलों में बचाव पक्ष की पैरवी की है। इसके अलावा उनका नाम 2G स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े कानूनी मामलों में भी सामने आया है।

ये भी पढ़ें- हाफिज सईद ने कश्मीर भेजे थे 10,000 आतंकवादी! पाकिस्तानी मौलवी ने की जेल में बंद आतंकी सरगना की खुलेआम तारीफ

फिलहाल लंदन में उनकी हिरासत से जुड़े आरोपों की जांच ब्रिटिश अधिकारियों की कार्रवाई पर निर्भर है। वर्क परमिट उल्लंघन और बरामद कथित कैश से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजे आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, पुलिस बलप्रयोग की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी, उधर सरकारी स्कूल में बदली तस्वीर

abhijeet dipake.jpg

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बलप्रयोग का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात कही है। हालांकि, CJP ने समिति के गठन को लेकर अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट समिति गठित करता है तो उसके सभी सदस्य पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए।

ALSO READ: पाकिस्तानी ब्यूटी क्रीम में पारे का ज़हर? महाराष्ट्र के गांवों में चेहरे की चमक बनी आफत, 100 से ज्यादा लोग गंभीर बीमार

सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, सीबीआई के पूर्व निदेशक समेत अन्य सदस्य शामिल हो सकते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समिति में शामिल किए जाने वाले अन्य सदस्यों को लेकर अलग-अलग पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद समिति के गठन का आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा।

ALSO READ: PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा

CJP ने कहा- समिति स्वतंत्र होनी चाहिए

 

सुप्रीम कोर्ट के बाहर CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा कि यदि अदालत को लगता है कि प्रदर्शनकारियों को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय समिति जरूरी है तो पार्टी अदालत के फैसले का सम्मान करेगी। हालांकि, उन्होंने समिति के सदस्यों के चयन को लेकर स्पष्ट शर्त रखी। दास के मुताबिक, समिति के सदस्य ऐसे होने चाहिए जिनकी निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर कोई सवाल न उठे। उन्होंने कहा कि समिति में ऐसे लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिनका पिछला रिकॉर्ड पहले से सवालों के घेरे में रहा हो। उन्होंने कहा कि यह सरकार की समिति नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट की समिति होगी और देश के युवा इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।

 

CJP ने अपने सदस्यों को समिति में शामिल करने की मांग की

 

CJP की लीगल मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया था कि प्रदर्शन से जुड़े सभी एफआईआर रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदर्शन खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर इस आश्वासन पर कार्रवाई चाहती थी। रत्ना सिंह ने कहा कि अगर जांच समिति बनाई जा रही है तो वह पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए और उसके सभी सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

 

उन्होंने यह भी मांग की कि CJP के सदस्यों को समिति में शामिल किया जाए, ताकि समिति के सामने रखी जाने वाली सूचनाओं का सत्यापन किया जा सके। उनका कहना है कि व्यक्तिगत रूप से पार्टी उच्चस्तरीय समिति नहीं चाहती, बल्कि वह सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन को पूरा किए जाने की मांग कर रही है। 

ALSO READ: iPhone 18 Pro और Pro Max की एंट्री सितंबर में! Apple ला सकता है अपना पहला फोल्डेबल iPhone

 


क्या है पूरा मामला?

20 जुलाई : दिल्ली में 'संसद चलो मार्च' के दौरान पुलिस बलप्रयोग के आरोप।

सुप्रीम कोर्ट : प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने की घोषणा।

प्रस्तावित समिति : रिटायर्ड जज, पूर्व डीजीपी, पूर्व सीबीआई निदेशक समेत अन्य सदस्य।

CJP की मांग : समिति पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हो।

दूसरी मांग : समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाएं।

CJP की अतिरिक्त मांग : पार्टी के सदस्यों को भी समिति में शामिल किया जाए।


 जंतर-मंतर आंदोलन के बाद 'स्कूल ठीक करो' अभियान

संसद मार्च और सुप्रीम कोर्ट में जांच समिति की मांग के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अब सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अभियान चला रहे हैं। उनके अभियान का असर उनके पैतृक गांव महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी में भी दिखाई देने लगा है।

 

दीपके ने 15 अगस्त को अपने पैतृक गांव के जिला परिषद स्कूल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और टूटी खिड़कियों समेत कई समस्याओं को सामने रखा था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने स्कूल में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया।

मिलीं नई बेंच-डेस्क और कंप्यूटर

अभिजीत दीपके ने मंगलवार, 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्कूल की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के स्कूल के बच्चों को अब नई बेंच-डेस्क मिल गई हैं। उन्होंने गांव के लोगों और स्कूल स्टाफ का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक बताया। एक अन्य वीडियो में उन्होंने बताया कि स्कूल में अब कंप्यूटर भी लगाए गए हैं। दीपके ने कहा कि जब सरकारें विफल होती हैं तो आम लोग मदद के लिए आगे आते हैं।

'अब रुकना नहीं है, स्कूल ठीक करके ही रहेंगे'

 

दीपके ने इससे पहले एक वीडियो में कहा था कि हिंगोली जिले के लिंबाला गांव के लोगों की यह पहली बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। उन्होंने इस जीत को अब्दुल और उसके पिता को समर्पित करते हुए कहा कि अब स्कूल सुधार का अभियान रुकना नहीं चाहिए।

 

15 अगस्त से शुरू किया 'स्कूल ठीक करो' अभियान

 

अभिजीत दीपके ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत अपने पैतृक गांव के स्कूल से की थी। ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं की टूटी खिड़कियों, खराब सीसीटीवी कैमरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया। दीपके के दौरे के बाद स्थानीय ग्राम पंचायत ने स्कूल की समस्याओं को दूर करने के लिए काम शुरू कराया।

 

खिड़कियां बदली जा रहीं, नए CCTV कैमरे लगाए जा रहे

 

संतुक पिंपरी के सरपंच विजय पुरी ने बताया कि दीपके ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया था और जिन कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया, उन्हें दूर करने का काम शुरू कर दिया गया है। स्कूल की क्षतिग्रस्त खिड़कियों को बदला जा रहा है और खराब सीसीटीवी कैमरों की जगह नए कैमरे लगाए जा रहे हैं।

इसके अलावा शौचालयों में पानी की समस्या को भी दूर किया गया है और चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्कूल प्रबंधन को बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी स्कूलों को लेकर दीपके का बड़ा सवाल

अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर मंत्री, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रिंसिपल, शिक्षक और दूसरे कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो इन स्कूलों की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी अधिकारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने ही सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? दीपके का कहना है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति में सुधार के लिए केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की जरूरत है।

Stocks to Watch: 16 स्टॉक्स, Nifty की एक्सपायरी को Paytm, Milky Mist, Baazar Style समेत ये फोकस में

Stocks to Watch: कच्चे तेल में उबाल और अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबावों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 74.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,300 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Indo-MIM

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडो-एमआईएम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹240.1 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,218.7 करोड़ पर पहुंच गया।

One 97 Communications (Paytm)

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के अनुसार विजय शेखर शर्मा की पैरेंट और प्रमोटर कंपनी रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी प्रति शेयर ₹1535 के फ्लोर प्राइस पर पेटीएम में 4.98% तक की हिस्सेदारी बेच सकती है।

SPR Auto Technologies

एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज ने 17 अगस्त को अपना QIP इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹4,438.20 तय किया गया है। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके जरिए लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा सकती है।

Netweb Technologies India

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया का क्यूआईपी इश्यू 17 अगस्त को प्रति शेयर ₹4,885.90 के फ्लोर प्राइस पर खुला। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए कंपनी लगभग ₹1,200 करोड़ जुटा सकती है।

Jyoti CNC Automation

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन को राजकोट में मौजूद अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगले पांच वर्षों में ₹1,020.65 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंज़ूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत कंपनी निवेश पर 25% तक के कैपेक्स इंसेंटिव के लिए एलिजिबल होगी।

Manipal Health Enterprises

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने बेंगलुरु के डोड्डानेकुंडी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित किंडर हॉस्पिटल के पूरे बिजनेस ऑपरेशन और एसेट्स को ₹130 करोड़ में खरीदने के लिए किंडोरामा हेल्थकेयर के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट साइन किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को तमिलनाडु में ‘पालयम फी प्लाजा’ के ऑपरेशंस के लिए ₹80.17 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। यह LOA (लेटर ऑफ अवार्ड) NHAI ने जारी किया था।

Embassy Office Parks REIT

अमेरिका की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म बेन कैपिटल ने अपनी सहयोगी कंपनी APAC Company XXIII के जरिए एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT के 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.05 के भाव और 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.01 के भाव पर बेच दिए। इसने कुल मिलाकर 5.63% होल्डिंग ₹2,325.28 करोड़ में बेचे हैं।

Baazar Style Retail

क्युपिड के प्रमोटर आदित्य कुमार हलवासिया ने बाजार स्टाइल रिटेल के प्रमोटर्स- भगवान प्रसाद, सिद्धार्थ सुराना और श्रेयांस सुराना से 45 लाख शेयर (5.91% हिस्सेदारी) ₹162.9 करोड़ में प्रति शेयर ₹362 के भाव पर खरीदे।

LEAP India

सिंगापुर सरकार ने लीप इंडिया के 22.15 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹34.39 करोड़ में प्रति शेयर ₹155.28 के भाव पर खरीद लिए।

RPP Infra Projects

दिवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के अतिरिक्त 8.51 लाख शेयर (1.7% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹58.67 के भाव पर खरीदे। वहीं प्रमोटर यगावी एन ए ने 8.95 लाख शेयर (1.8% हिस्सेदारी) ₹5.25 करोड़ में ₹58.68 के भाव पर बेच दी।

Ponni Sugars (Erode)

प्रमोटर शेषशायी पेपर एंड बोर्ड्स ने पोन्नी शुगर्स (इरोड) के 2.9 लाख शेयर (3.37% हिस्सेदारी) ₹10.15 करोड़ में प्रति शेयर ₹350 के भाव पर खरीदे। वहीं इन्वेस्टर अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड I ने 3.13 लाख शेयर (3.6% हिस्सेदारी) ₹10.96 करोड़ में प्रति शेयर ₹349.85 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड की कंपनी में 9.46% हिस्सेदारी थी।

Kesar India

मिनर्वा वेंचर्स फंड ने नागपुर की रियल एस्टेट डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी केसर इंडिया इंडिया के 11.78 लाख शेयर (3.76% होल्डिंग) फोर्ब्स ईएमएफ से ₹149.01 करोड़ में प्रकि शेयर ₹1,265 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक केसर इंडिया में मिनर्वा वेंचर्स फंड की 3.51% और फोर्ब्स ईएमएफ की 4.25% हिस्सेदारी थी।

VISA Chrome

एसेट्स केयर एंड रीकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज ने वीजा क्रोम के 78.93 लाख शेयर ₹30 करोड़ में बेचे। वहीं महा इंवेस्टमेंट फंड पीसीसी-ओनिक्स स्ट्रैटेजी ने 78.94 लाख शेयर ₹30 करोड़ में यानी प्रति शेयर ₹38 के भाव पर खरीदे।

Milky Mist Dairy Food

आईपीओ को 59 गुना बोली मिलने के बाद मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। इसके शेयर ₹140 के भाव में जारी हुए हैं।

Sham Foam

आईपीओ को 2.40 गुना बोली मिलने के बाद शैम फोम के शेयर ₹130 के भाव पर जारी हुए और अब इसकी बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

इन स्टॉक्स पर भी फोकस

एक्स-डिविडेंड: ECOS (इंडिया) मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, एलिक्सिर कैपिटल, इंडिया जिलेटिन एंड केमिकल्स, महानगर गैस, NGL फाइन केम, रॉसेल इंडिया, रूट मोबाइल, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), सोधानी एकेडमी ऑफ फिनटेक इनेबलर्स, शेषासाई टेक्नोलॉजीज, सन टीवी नेटवर्क, सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी, फोर्ब्स प्रिसिजन टूल्स एंड मशीन पार्ट्स, वसुंधरा रसायन

इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की एक्स-डेट: सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

कैपिटल रिडक्शन की एक्स-डेट: आशुतोष पेपर मिल्स

बाय बैक की एक्स-डेट: इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

स्प्लिट की एक्स-डेट: किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी

F&O Ban: बंधन बैंक, एलआईसी, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gujarat Cotex: खाने के तेल और रियल एस्टेट में एंट्री की तैयारी, बोर्ड के सामने रखे जाएंगे दो नए बिजनेस प्रस्ताव

Gujarat Cotex: मल्टी-बिजनेस कंपनी गुजरात कॉटेक्स लिमिटेड खाने के तेल, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी ने दो नए बिजनेस वर्टिकल ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इन दोनों प्रस्तावों पर कंपनी के बोर्ड की अगली बैठक में फैसला होगा। मंजूरी मिलने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

‘प्रभात ऑयल्स’ से खाने के तेल कारोबार पर फोकस

Gujarat Cotex खाने वाले और रिफाइंड तेल के कारोबार में नए मौके तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात ऑयल्स’ नाम से अलग बिजनेस डिवीजन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

यह डिवीजन ट्रेडिंग, प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग, जॉब वर्क और इससे जुड़े दूसरे काम कर सकेगा। कंपनी का कहना है कि इस कारोबार में ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के अनुभव का फायदा मिलेगा। इसका मकसद खाने के तेल के बाजार में मजबूत मौजूदगी बनाना और लंबे समय की ग्रोथ का आधार तैयार करना है।

‘प्रभात इंफ्राटेक’ से रियल एस्टेट में कदम

Gujarat Cotex रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी नए अवसर तलाशना चाहती है। इसके लिए ‘प्रभात इंफ्राटेक’ नाम से नया वर्टिकल शुरू करने का प्रस्ताव है।

यह डिवीजन सूरत और आसपास के इलाकों में रिहायशी, कमर्शियल और अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकता है। इसके अलावा धोलेरा स्मार्ट सिटी जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भी संभावनाएं तलाशने की योजना है। कंपनी का कहना है कि हर प्रोजेक्ट का आकलन कमर्शियल पहलू, रणनीतिक जरूरत और लंबे समय में वैल्यू बनाने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

नए रेवेन्यू स्रोत बनाने की कोशिश

गुजरात कॉटेक्स का मानना है कि इन दोनों वर्टिकल से नए रेवेन्यू के मौके बन सकते हैं। साथ ही ‘प्रभात’ ब्रांड की पहचान और प्रमोटर ग्रुप के तजुर्बे का भी फायदा मिलेगा। कंपनी इन कारोबारों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Gujarat Cotex के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेशकुमार जयंतकुमार पारेख ने कहा कि ‘प्रभात ऑयल्स’ और ‘प्रभात इंफ्राटेक’ कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, खाने के तेल के कारोबार में ट्रेडिंग से लेकर रिफाइनिंग तक विस्तार की अच्छी संभावना है। वहीं, रियल एस्टेट में कंपनी ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनना चाहती है, जहां लंबे समय तक वैल्यू क्रिएशन की गुंजाइश हो।

कंपनी ने साफ किया है कि दोनों प्रस्ताव बोर्ड की मंजूरी और जरूरी कानूनी व रेगुलेटरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही लागू होंगे। मंजूरी मिलने पर इन बिजनेस वर्टिकल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

Paytm Block Deal: विजय शेखर शर्मा की प्रमोटर कंपनी बेच सकती है 5% तक हिस्सेदारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बीजेपी की नई टीम का ऐलान, युवा और अनुभवी नेतृत्व का उचित संतुलन

अटकलों का दौर खत्म हुआ। लंबे इंतजार के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन की टीम का ऐलान आखिरकार हो ही गया। बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट से साफ है कि नीतिन नबीन की इस नयी टीम में निरंतरता के साथ साथ परिवर्तन का भी एक बड़ा संतुलन बना कर रखा गया है। इसमें 40 वर्ष से कम उम्र के 6 सदस्य, 40-49 की आयु के 15 और 50-59 साल के 21 सदस्यों को स्थान मिला है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी टीम के गठन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सहयोग मिला।

संदेश साफ है कि 2029 को ध्यान में रख कर ये टीम बनायी गयी है। इसमें 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, एक संगठन महासचिव, दो सह संगठन महासचिव, 16 सचिव, और केन्द्रीय मंत्री पियुष गोयल को एक बार फिर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बीएल संतोष बतौर समगठन महामंत्री और साथ ही सौदान सिंह और शिव प्रकाश बतौर सह संगठन महामंत्री अपना काम करते रहेंगे। पूर्व महासचिव महासचिव तरुण चुघ को केन्द्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। विष्णु दत्त शर्मा को सभी सेलों और प्रकोष्ठों का प्रभारी बनाया गया है जबकि संबित पात्रा को पूर्वोत्तर का प्रभारी बनाया गया है। जानते हैं कि क्या है इस नयी टीम का क्या है संदेश–

अनुभवी औऱ युवा नेतृत्व का संतुलन

नयी टीम की सबसे महत्वपूर्ण बात है पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर वक्ता स्मृति ईरानी की महामंत्री के रूप में वापसी। 2024 के लोकसभा चुनावो की हार के बाद स्मृति ईरानी थोड़ी हाशिए पर थीं। लेकिन बतौर स्टार प्रचारक पार्टी उनको कभी नहीं भूली थी। जेपी नड्डा के अध्यक्ष काल में संगठन से बाहर हुए संघ के प्रचारक रहे लेखक-चिंतक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है। जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में भगवा लहराने वाले राम माधव की संगठनात्मक कुशलता का लाभ भी पार्टी को मिलने वाला है। एबीवीपी कार्यकर्ता रहे विनोद तावड़े को उनके कुशल सांगठनिक क्षमता के लिए फिर से महामंत्री बनाया गया हो तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भारी विजय दिलाने वाले सुनील बंसल को दुबारा महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

आदिवासी समाज के गजेंद्र पटेल को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है तो उत्तर पूर्व से युवा नेता मृगांक बर्मन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद और युवा नेता संगीता यादव बनी राष्ट्रीय सचिव बनायी गयीं हैं। अनुभव की बात करें तो 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लव देब का अनुभव संगठन में खासा काम आने वाला है।

समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व

नितिन नबीन ने आला नेताओं से चर्चा के बाद तमाम क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए ये कोशिश की कि टीम में एक सामंजस्य़ बना रहे और देश भर में सही संदेश जाए। अरसे से बात चल रही थई कि उत्तर प्रदेश में अग़डे नाराज है या फिर ब्राह्मण नाराज हैं। लेकिन नयी टीम मे उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बना कर चुनावों से पहले अगड़ों को भी एक संदेश दे दिया है। दूसरी तरफ लिस्ट के मुताबिक लगभग 40 फीसदी से ज्यादा नयी टीम के सदस्य वंचित समाज से है। नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के मा व्यंकटेशन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

अल्पसंख्यक समाज से आने वाले उत्तर प्रदेश के प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कूुंवर बसित अली तो अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। सरदार मनप्रीत सिंह बादल को उपाध्यक्ष बनाया गया है। गुजरात के डाक्टर हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हेमांग जोशी अब कर्नाटक के तेजस्वी सूर्या की जगह लेंगे।

संगठन और प्रोफेशनल विशेषज्ञों का उचित समन्वय

संघ के प्रचारक और प्रवक्ता रहे राम माधव की टीम में वापसी संघ और संगठन के बीच सामंजस्य तो जोड़ती ही रहेगी और साथ ही उनकी संगठनात्मक क्षमता का उपयोग उन इलाकों में काम आएगा जहां पार्टी कमजोर है। बंगाल चुनावों में संगठन को मजबूत करने वाले नेता सुनील बंसल पुनः महासचिव बने हैं। जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ता रहे और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ स्वदेश सिंह भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय सचिव, कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मधुचंद्रा कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कर्नाटक के प्रोफेसर M नागराज, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया संभालने के लिए भी नयी टीम लेकिन नेतृत्व अनुभवी हाथों में

अब तक मीडिया प्रमुख का पद संभाल रहे पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी को एक बार फिर मीडिया का राष्ट्रीय सयोजन बनाया गया है। उनके साथ हरियाणा के सिद्धार्थ यादव, दिल्ली के प्रदीप भंडारी और मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल को सह संयोजक बनाया गया है। इसमे पहले के उप मीडिया प्रमुख संजय मयूख को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। अब वे बिहार में विधायक के तौर पर अपनी राजनीति करेंगेे। सोशल नीडिया की टीम के प्रमुख के पद से अमित मालविय को मुक्त किया गया है औऱ उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को संयोजक बनाया गया है।

नजर 2029 पर है और जिम्मेदारी इस युवा टीम पर। नीतीन नबीन को इस युवा और अनुभवी टीम को फ्रंट से लीड करना होगा ताकि पहली चुनौती जो अगले साळ कई यूपी, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में होने वालों चुनावों में बीजेपी का भगवा फिर से लहराने लगे।