किश्तवाड़ में बड़ा बवाल! थाने में घुसकर सेना के जवानों ने पुलिस कर्मियों से की मारपीट, 7 पर FIR दर्ज

Jammu and Kashmir Army Police Clash: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सात जवानों (जिनमें मेजर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें यह आरोप लगाया है कि सेना के कुछ जवानों ने किश्तवाड़ जिले के अथोली पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और स्टेशन परिसर में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वहीं, सेना ने गुरुवार (25 जून 2026) को कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और संयुक्त जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि अथोली पुलिस स्टेशन में 24 जून को दर्ज FIR नंबर 17/2026 के अनुसार, यह घटना दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 17 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 109 (हत्या की कोशिश) और ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) शामिल हैं।

अथोली पुलिस के SHO की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

News18 के पास मौजूद FIR के अनुसार, यह मामला अथोली पुलिस थाने के थाना प्रभारी (SHO) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जब वह पड्डर स्थित ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) में जिला आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि पुलिस थाने के अंदर एक हिंसक घटना हुई है।

पुलिस शिकायत के अनुसार, 17 राष्ट्रीय राइफल्स के लगभग 30 से 40 आर्मी जवानों का एक ग्रुप, यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के परिसर में घुस गया। इसे “पहले से तय हमला” बताया जा रहा है। FIR में कमांडिंग ऑफिसर, एक मेजर, नायब सूबेदार और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात आर्मी जवानों का भी जिक्र किया है, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जानी बाकी है।

भारतीय सेना के अधिकारियों ने News18 को बताया कि मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है और भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा, “यह मामला किश्तवाड़ के अथोली में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है। मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

लोहे की रॉड लेकर पुलिस स्टेशन में घुसे आर्मी के जवान

वहीं, भारतीय सेना ने आगे कहा कि अभी इस मामले में और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच चल रही है।

FIR के अनुसार, लाठी, लोहे की रॉड और सर्विस हथियारों से लैस सेना के जवान मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन पुलिस स्टेशन में घुस गए।

FIR में लिखा है, “पूरी तैयारी के साथ और लाठी, लोहे की रॉड, हथियार और गोला-बारूद से लैस होकर, उस ग्रुप ने मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन अथोली पुलिस स्टेशन के परिसर में घुसपैठ की। उनका मकसद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था। जबरन घुसने और हमले के बारे में पुलिस स्टेशन से कॉल मिलने पर, मैं तुरंत वापस पहुंचा।”

SHO, SDPO, ARTO के साथ सेना ने की मारपीट:

शिकायत के मुताबिक, जब SHO पुलिस स्टेशन लौटे, तो एक मेजर की अगुवाई में सेना के जवानों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। FIR में यह भी कहा गया है कि हाथापाई के दौरान अधिकारी की वर्दी फट गई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि सेना के जवानों ने SDPO अथोली विजय कुमार भगत और स्टेशन पर तैनात कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।

FIR में कहा गया कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार की गर्दन पर राइफल के बट से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। FIR में यह भी कहा गया है कि किश्तवाड़ के असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, जो उस समय पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद थे, उन पर भी हाथापाई के दौरान हमला किया गया।

कथित हमले के अलावा, पुलिस ने आर्मी के जवानों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि ARTO, SHO अथोली और SDPO अथोली की सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, साथ ही घटना के दौरान पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

वहीं, इन आरोपों के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 115(2), 121(1), 126(2), 132, 189(2), 190, 191(2), 191(3), 221, 324(4), 324(5), 324(6), 332(b), 351(2) और 352 के साथ-साथ ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया।

हालांकि, FIR में उन हालात या वजहों का जिक्र नहीं है जिनकी वजह से सेना और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ। इस कथित टकराव की वजह अभी साफ नहीं है।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली FIR दर्ज! इन 8 लोगों के नाम शामिल, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

Ram Mandir donation row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा एवं चंदा चोरी से जुड़े मामले में गुरुवार (25 जून) को पहली FIR दर्ज की गई। इससे दो दिन पहले मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी। पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई से गुरुवार को पुष्टि की है कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। यह केस अयोध्या थाने में दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया था। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

किसके खिलाफ दर्ज हुआ है केस?

सूत्रों के मुताबिक, इस FIR में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। हालांकि, बताया जा रहा है कि उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, अभी यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है। यूपी सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

पुलिस सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रमाशंकर यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि एसआईटी ने कुछ कठोर सिफारिशें की हैं। अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई थी।

यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

पुलिस के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर BNS की धारा 306, 316 (5) , 317 (4) और 317 (5) लगाई गई हैं। मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने SIT की शुरुआती जांच के आधार पर यह FIR कराई है।

किसने दर्ज कराई FIR?

न्यूज 18 के मुताबिक, यह FIR श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत के आधार पर अयोध्या में दर्ज की गई है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 306, 316(5) और 317 शामिल हैं।

यह घटनाक्रम तब हुआ जब दान में मिली रकम की चोरी के आरोपों की जांच कर रही SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंपी, जो ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।

राम मंदिर के लिए भक्तों द्वारा दिए गए दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर विवाद इस महीने की शुरुआत में तब शुरू हुआ, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि रिपोर्टों से पता चलता है कि दान के करोड़ों रुपये गायब हैं।

VHP ने की थी केस दर्ज करने की मांग

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अयोध्या में राम मंदिर को मिले चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज करने और समयबद्ध जांच करने की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अलोक कुमार ने पीटीआई से कहा कि जांच चार महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए और और आरोपियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हम मांग करते हैं कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR दर्ज होनी चाहिए, जांच में तेजी लाई जानी चाहिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” कुमार ने कहा कि जांच चार महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि दोषियों को बिना विलंब के सजा मिल सके।

VHP की यह मांग ऐसे समय में आई है जब दान राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। एसआईटी की यह रिपोर्ट लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी।

SIR जांच जारी

अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी की जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े तथ्यों का संकलन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर दान में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।

एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद पंत ने कहा कि टीम अगले 10 से 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का प्रयास कर रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सात जून को आरोपों से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए कहा था कि राम मंदिर को चंदे में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं। उन्होंने अदालत से मामले का संज्ञान लेने की अपील की थी।

FIR पर अखिलेश का रिएक्शन

अयोध्या मामले में केस दर्ज होने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश ने X पर लिखा, “भाजपा राज में नाइंसाफी की दिखेगी ये झांकी… फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी! जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद FIR हो  रही है। लगता है SIT को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा।”

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Trisha-Vijay: एक तस्वीर और खत्म हुईं सारी अफवाहें! तृषा ने सीएम विजय को दी जन्मदिन की बधाई

एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने 22 जून को अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उनको फिल्म और राजनीति से जुड़े कई लोगों ने बधाई दी। वहीं एक्ट्रेस तृषा कृष्णन ने सीएम विजय के जन्मदिन के एक दिन बाद उनको खास अंदाज में बधाई दी है। एक्ट्रेस ने इस मौके की विजय के साथ एक तस्वीर शेयर की है। विजय को बधाई देने के साथ एक्ट्रेस ने फैंस के बीच चल रही तमाम चर्चाओं और कयासों पर विराम लग गया। तृषा का ये पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 तृषा ने शेयर किया पोस्ट

सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर में तृषा कृष्णन और विजय साथ नजर आ रहे हैं। फोटो में दोनों कई केक से सजी एक मेज के पास खड़े दिखाई देते हैं। तस्वीर में विजय मुस्कुराते हुए केक की ओर देख रहे हैं, जबकि तृषा उनके पास खड़ी नजर आ रही हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में तृषा ने लिखा, ‘उस शख्स के लिए जो हर चीज को खास बना देता है। हैप्पी बर्थडे 00.00।’ सोशल मीडिया पर शेयर की गई इस फोटो को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।

 

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इस बार नहीं दी ती बधाई

तृषा पिछले कई सालों से हर साल विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती रही हैं। लेकिन इस बार सीएम विजय के जन्मदिन पर तृषा कृष्णन ने कोई बधाई संदेश शेयर नहीं किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें होने लगीं। इसी बीच कुछ यूजर्स ने दावा किया कि तृषा ने इंस्टाग्राम पर विजय को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद दोनों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हाल ही में शेयर की गई तृषा कृष्णन की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर चल रही कई चर्चाओं पर विराम लग गया।

फैंस ने किया कमेंट

तृषा कृष्णन की पोस्ट सामने आते ही उसे बड़ी संख्या में लाइक्स और कमेंट्स मिलने लगे। कई फैंस ने खुशी जताई कि तृषा ने आखिरकार विजय को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, कमेंट सेक्शन में फैंस ने भी विजय के लिए बधाई संदेशों की भरमार कर दी। तृषा कृष्णन और विजय को तमिल फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक माना जाता है। दोनों ने कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी जोड़ी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है।

इसी साल तमिलनाडु के सीएम बने विजय

इस साल विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद अपना पहला जन्मदिन मनाया। विजय ने साल 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई थी। वहीं 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत हासिल की थी। TVK को विधानसभा चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीती थी। इसके बाद मई महीने में विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।

सरकारी अस्पताल में पैदा हुए हर बच्चे को इतना सोना मिलेगा! गजब की स्कीम लेकर आ गई विजय की सरकार

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए एक ऐसी नई योजना को मंजूरी दी है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस योजना के तहत बच्चों को खास तोहफा मिलेगा, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं।  इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस योजना का नाम ‘थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ रखा गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग 755.83 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी है।

किन्हें मिलेगा का इस योजना का लाभ

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को योजना को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा गया है, ताकि योजना में किसी तरह की देरी न हो। सरकार का मानना है कि यह योजना नवजात बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष उपहार होगी, साथ ही राज्य की पारंपरिक सांस्कृतिक भावना को भी बढ़ावा देगी। इस योजना का लाभ उन बच्चों को मिलेगा, जिनका जन्म 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में होगा। यह तारीख मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. विजय (विजय) के जन्मदिन से जुड़ी है। वहीं, इस योजना की आधिकारिक शुरुआत 15 सितंबर 2026 को की जाएगी, जो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई (अन्ना) की जयंती है।

तमिल संस्कृति की पुरानी प्रथा

सरकारी बयान के अनुसार, यह योजना तमिल संस्कृति की एक पारंपरिक प्रथा “थाई मामन सीर” से प्रेरित है। इस परंपरा में नवजात शिशु के जन्म पर मामा बच्चे को उपहार और आशीर्वाद देकर उसका स्वागत करता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार इस योजना के तहत मामा की प्रतीकात्मक भूमिका निभाएगी। सरकार नवजात बच्चों के प्रति स्नेह, देखभाल और शुभकामनाओं के प्रतीक के रूप में प्रत्येक पात्र बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी भेंट करेगी।

सीएम विजय ने किया था चुनावी वादा

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें बढ़ावा देना भी है। साथ ही यह पहल नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सम्मान और सहयोग देने का भी एक प्रयास है। ‘थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ पहले तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल थी। इसके अलावा सरकार के ‘वेट्री तमिलगम विजन डॉक्यूमेंट’ में भी इस योजना का उल्लेख किया गया था।

तमिलनाडु में पहले भी कई राजनीतिक दल अपने नेताओं के जन्मदिन के अवसर पर सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठियां बांटते रहे हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह पहली बार है जब इस तरह की परंपरा को आधिकारिक रूप से राज्य की कल्याणकारी योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह योजना सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर चलने का एक अनोखा प्रयास है, जिससे नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

अयोध्या मामले में SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

SIT submits preliminary report to Home Department in Ayodhya case

Uttar Pradesh News : अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार की ओर से एक्शन शुरू हो सकता है।

माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर गबन और चोरी के मामलों में केस भी दर्ज कराई जा सकती है। वहीं कुछ लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। राम मंदिर एसआईटी की जांच के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने और जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब कुछ नए नामों की चर्चा तेज हो गई है।

ये लोग राम जन्मभूमि में कर्मचारी नहीं हैं। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

Edited By : Chetan Gour