2 गोल खाकर 10 मिनट में 3 गोल, अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ टाला उलटफेर

फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी की गत चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद हैरतअंगेज वापसी करते हुए 13 मिनट के अंतराल में तीन गोल दागकर 3-2 से जीत हासिल करते हुए फीफा विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। अर्जेंटीना इस तरह क्वार्टर फाइनल में जाने वाली सातवीं टीम बन गई।

मिस्र 2-0 की बढ़त के साथ सबसे बड़ा उलटफेर करता दिखाई दे रहा था लेकिन क्रिश्चियन रोमेरो ने 79 वें मिनट में अर्जेंटीना का पहला गोल दागा। इस गोल से जोश में आये अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मिस्र पर हमले बोले और खेल के जादूगर मेसी ने 83 वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से तीसरा और मैच विजयी गोल दाग दिया।अर्जेंटीना के प्रशंसक अंतिम सीटी बजते ही ख़ुशी से झूम उठे।

मुकाबले का पहला गोल मिस्र की तरफ से आया जब यासिर इब्राहिम ने 15वें मिनट में अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने दूसरा गोल कर मिस्र को 2-0 से आगे ले जाने का काम किया। 78वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे चल रहा था। वर्ल्ड कप जैसे दबाव भरे मैचों में गोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना की उम्मीद तब जगी जब 79वें मिनट में क्रिश्चियन रोमेरो ने गोल दागा।

उसके 4 मिनट बाद ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में 21वां गोल आया। हालांकि मेसी इसी मुकाबले में पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उस वक्त माहौल ऐसा था कि पूरा मैदान सन्न रह गया था। खैर फुल-टाइम तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा और मैच का निर्णायक गोल किया।क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।

Delhi Power Cut: 9 जुलाई को दिल्ली के इन इलाकों में रहेगी बिजली की समस्या, देखें समय और जगहों की पूरी जानकारी

Delhi Power Cut: दिल्ली के कई इलाकों में गुरुवार (9 जुलाई) को बिजली कटौती की समस्या हो सकती है। यह कटौती जरूरी मेंटेनेंस और सिस्टम अपग्रेड के काम के कारण की जा रही है। दरअसल, BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और रखरखाव से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं, जिसके चलते अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसी हिसाब से अपने दिन की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले जरूरी इंतजाम कर लें।

निर्धारित बिजली कटौती इस प्रकार है:

पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ब्लॉक J, पालम में बिजली प्रभावित रहेगी।

पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सेक्टर 8, द्वारका और ब्लॉक RZ, सागरपुर में पावर कट रहेगा।

पालम डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक ब्लॉक G, राज नगर 2 में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

पालम डिवीजन: दोपहर 13:03 बजे से शाम 17:03 बजे तक तमिलर एन्क्लेव, विजय एन्क्लेव और महावीर एन्क्लेव में बिजली कटौती की समस्या रहेगी।

जनकपुरी डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक पोसांगीपुर गांव में बिजली कटौती रहेगी।

नांगलोई डिवीजन: सुबह 10:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक अध्यापक नगर, नांगलोई में बिजली आपूर्ती प्रभावित रहेगी।

हौज खास: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बियर सराय में बिजली सप्लाई बंद रह सकती है।

छतरपुर डिवीजन: सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक डॉ. अंबेडकर कॉलोनी में पावर कट रहेगा।

टैगोर गार्डन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 13:00 बजे तक ब्लॉक EF जनता कॉलोनी, ब्लॉक BA टैगोर, ब्लॉक EA, ब्लॉक FB, ब्लॉक D, टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में बिजली की समस्या रहेगी।

टैगोर गार्डन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक मुखर्जी पार्क चौखंडी विष्णु गार्डन में लाइट की समस्या रहेगी।

उत्तम नगर: रात 00:07 से 01:37 बजे तक पुराना जानकी पुरी, बिंदापुर में बिजली प्रभावित रहेगी।

मुंडका डिवीजन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जय विहार कमरुद्दीन नगर में बिजली कटौती रहेगी।

खानपुर डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक जवाहर पार्क, संगम विहार में पावर सप्लाई बंद रहेगी।

मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सैनिक एन्क्लेव, VIPIN गार्डन, नवादा में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

यह भी पढ़ें: Delhi Power Cut: दिल्ली के इन इलाकों में 8 जुलाई को घंटों गुल रहेगी बिजली, देखें समय और प्रभावित क्षेत्र

Sabang Port Deal: ग्रेट निकोबार से सिर्फ 100 मील दूर! PM मोदी कर आये वो डील जो हिंद महासागर में चीन को देगी शिकस्त

होर्मुज की अहमियत को देखने के बाद भारत ने स्ट्रेट ऑफ मलक्का में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाने जा रहा है। भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह को मिलकर विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होगा। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी और बेहतर होगी। सबांग पोर्ट भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर है। यह मलक्का स्ट्रेट के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति होती है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब भारत विदेशी पोर्ट पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और पूर्वी हिंद महासागर में अपनी समुद्री ताकत और मौजूदगी को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

सबांग पोर्ट क्यों है इतना अहम?

मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। चीन के लिए भी यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है। उसके कच्चे तेल का करीब 80 प्रतिशत आयात और लगभग 60 प्रतिशत सामान का व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए सबांग पोर्ट की अहमियत भी काफी ज्यादा है। यह परियोजना भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट को और मजबूत करेगी। दोनों बंदरगाह मिलकर मलक्का स्ट्रेट के आसपास भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रणनीतिक महत्व के साथ-साथ सबांग बंदरगाह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को भी मजबूती देगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इंडोनेशिया के आचे प्रांत के बीच समुद्री संपर्क बेहतर होगा। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होने की उम्मीद है।

व्यापार और भविष्य की संभावनाएं

फिलहाल सबांग एक छोटा पोर्ट है, जहां करीब 50 हजार टन तक के जहाज आ सकते हैं। यहां माल चढ़ाने और उतारने का काम अभी ज्यादातर जहाजों में लगी क्रेनों की मदद से किया जाता है। समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि भविष्य में सबांग को एक बड़े क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया के छोटे बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना आसान होगा और इस क्षेत्र में व्यापार को नई गति मिलेगी।

नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के पूर्व निदेशक विजय सखूजा के अनुसार, भविष्य में सबांग बंदरगाह को बंगाल की खाड़ी के कई बड़े बंदरगाहों, जैसे चट्टोग्राम और यांगून, से कंटेनर जहाजों के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा हल्दिया, चट्टोग्राम और दावेई जैसे बंदरगाहों के साथ कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला, लौह अयस्क, उर्वरक और अनाज जैसी वस्तुओं की आवाजाही भी आसान हो सकती है।

एक्सपर्ट का मानना है कि यह सिर्फ व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर पूर्वी हिंद महासागर में गश्त, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान भारतीय नौसेना इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईंधन भरने, जरूरी सामान उपलब्ध कराने और जहाजों के रखरखाव के लिए भी कर सकती है। इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।

अफगानिस्तान के बाएं हाथ के पेसर का लंबी बीमारी के बाद निधन

अफगानिस्तान के प्रमुख बाएं हाथ के पेसर शापूर जदरान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले।सलामी गेंदबाज होने के  बाद भी साल 2015 के एकदिवसीय विश्वकप में स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके बल्ले से ही टीम को विजयी रन मिले। यह अफगानिस्तान की एकदिवसीय विश्वकप में पहली जीत थी। वह टीम के लिए टी-20 विश्वकप का भी हिस्सा थे।

वह एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (HLH) से पीड़ित थे।एचएलएल एक ‘हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम’ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।

मंगलवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने उनके निधन की घोषणा की।एसीबी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बहुत दुख और अफसोस के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’’

एसीबी ने कहा कि लंबे-कद के गेंदबाज जादरान अफगानिस्तान की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे और ‘अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।’एसीबी ने कहा, ‘‘शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में खेल के उत्थान और विकास में अहम भूमिका निभाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह उन क्रिकेटरों में से एक थे जो अफगानिस्तान के शुरुआती क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहे और उन्होंने उस रास्ते को बनाने में मदद की जिसने अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।’’

एसीबी ने कहा कि जादरान ना केवल अफगानिस्तान में बल्कि दुनिया भर के कई युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे।ACB ने लिखा, ‘‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियां हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगी और राष्ट्रीय टीम की सेवा में उनके प्रयासों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर अपनी उपलब्धियों के अलावा शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा के सच्चे स्रोत थे।’’

एसीबी ने कहा, ‘‘उनके लड़ने के जज्बे, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्यार ने कई लोगों को उम्मीद दी और एक पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी कमी बहुत खलेगी और उनकी यादें हमेशा अफगानिस्तान के लोगों और क्रिकेट की दुनिया के दिलों में जिंदा रहेंगी।’’

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा ‘धोखेबाज’

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है।

विवादों से भरा रहा है करियर

2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा  था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे।

शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी।

भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं।

भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024  में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था।

264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।

7 विकेट से इंग्लैंड को हराकर 7वीं बार T-20I विश्व चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलिया

AUSvsENG ऑस्ट्रेलिया ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चिर-प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को रविवार को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से हराकर सातवीं बार महिला टी 20 चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।इंग्लैंड ने नैटली सिवर-ब्रंट (नाबाद 58) के शानदार अर्धशतक और उनकी फ़्रेया केंप (नाबाद 44) के साथ पांचवें विकेट के लिए 56 गेंदों में 80 रन की अविजित साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 150 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बेथ मूनी (64) के बेहतरीन अर्धशतक से 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर खिताब अपने नाम किया। इंग्लैंड ने पांच वाइड रन दिए और ऑस्ट्रेलिया चैम्पियन बन गया। ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में चैम्पियन रहा था।

बेथ मूनी ने फ़ीबी लिचफ़ील्ड (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 100 रन की मैच विजयी साझेदारी की। बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की अपनी पारी में 10 चौके लगाए। इस हार के साथ इंग्लैंड का 2009 के बाद दूसरी बार यह खिताब जीतने का सपना टूट गया।इससे पहले इंग्लैंड ने 150 रन बना लिए थे, लेकिन ये ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए काफी नहीं थे।

ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में दो विकेट मिले और उन्होंने दबाव भी बनाए रखा। कप्तान नैटली सिवर-ब्रंट ने संभलकर खेलने का फैसला किया। कैपसी ने उनका अच्छा साथ दिया और जब उन्होंने तेज़ी से रन बनाना शुरू किया, तो मोलिनक्स ने उन्हें आउट कर दिया।

गार्थ ने शानदार स्लोअर बॉल डालकर नाइट को जल्दी आउट कर दिया। फ्रेया केम्प क्रीज़ पर आईं और इंग्लैंड को जिस तेज़ी की ज़रूरत थी, वह उन्होंने दी। 80 रन की नाबाद साझेदारी में उन्होंने आक्रामक भूमिका निभाई। सिवर ब्रंट ने कोशिश की लेकिन अंत में तेज़ी से रन नहीं बना सकीं।

एक छोर संभाले रखते हुए उन्होंने अपना 20वां टी 20 अर्धशतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम फील्डिंग में उतनी सटीक नहीं रही; उन्होंने कुछ रन-आउट के मौके गंवाए और कुछ रन भी आसानी से दे दिए। गार्थ और हैमिल्टन ने कसी हुई गेंदबाजी की।

1 गोल से पिछड़ने के बाद हैरी कैन के दोहरे प्रहार से एतिहासिक वापसी कर जीता इंग्लैंड

 

FIFA World Cup 2026 में इंग्लैंड ने 1966 के बाद से कभी भी गोल खाने के बाद मैच नहीं जीता था इतिहास इंग्लैंड के विरुद्ध था लेकिन हैरी केन के इरादे कुछ और थे।कप्तान हैरी केन ने आखिरी 15 मिनट में दो गोल दाग कर इंग्लैंड को वर्ल्ड कप के Round of 16 में पहुंचा दिया, मुकाबले में एक गोल से पिछडने के बाद इंग्लैंड ने वापसी करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो को 2-1 से हराया।

बुधवार रात खेले गये इस मुकाबले में केन ने अपने देश के लिए एक और मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया, जब कप्तान ने 75वें मिनट में हेडर से बराबरी की और फिर मैच खत्म होने से चार मिनट पहले एक शानदार विजयी गोल किया, जब इंग्लैंड एक रोमांचक मैच में एक घंटे से पीछे था। केन का दूसरा गोल वर्ल्ड कप में उनका 13वां गोल था, जो महान पेले से एक अधिक था।

ब्रायन सिपेंगा ने मैच के सातवें मिनट में अपने पहले इंटरनेशनल गोल से डीआर कांगो को बढ़त दिलाकर इंग्लैंड को चौंका दिया था। गोल खाने के बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। जूड बेलिंघम के दो शानदार हेडर को डीआर कॉन्गो के गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल में नहीं जाने दिया।

वहीं, मार्कस रैशफोर्ड के शॉट को आरोन वान-बिसाका ने गोललाइन से क्लियर कर दिया। पहले हाफ के आखिरी पलों में हैरी केन का वॉली शॉट भी म्पासी ने रोक दिया। दूसरी ओर, डीआर कॉन्गो के योआने विस्सा का प्रयास पोस्ट से टकरा गया और इंग्लैंड एक और गोल खाने से बच गया।

दूसरे हाफ में इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल के बदलाव असरदार साबित हुए। सब्स्टीट्यूट एंथनी गॉर्डन ने 75वें मिनट में शानदार क्रॉस दिया, जिस पर हैरी केन ने हेडर के जरिए बराबरी का गोल दाग दिया। इस गोल के बाद इंग्लैंड ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और लगातार दबाव बनाता रहा। 86वें मिनट में हैरी केन ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई।

उन्होंने शानदार टर्न लेते हुए डिफेंडर को छकाया और नियर पोस्ट की ओर जोरदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ इंग्लैंड ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अंतिम मिनटों में डीआर कॉन्गो ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति ने कोई मौका नहीं दिया और टीम ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड की टीम का मुकाबला अब मेक्सिको से होगा।

मध्यप्रदेश में दिग्विजय–जीतू पटवारी विवाद में अरुण यादव की एंट्री, राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग, कांग्रेस महासचिव ने लगाया पुत्र मोह का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रही बयानबाजी और तल्खी अब नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गई है। इस विवाद में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता अरुण यादव की भी एंट्री हो गई है। इसके साथ कांग्रेस के सीनियर नेता सत्यवत चतुर्वेदी की बेटी और पार्टी की महासचिव निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है।
 
पूर्व मंत्री अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधे हस्तक्षेप करने और प्रदेश संगठन में एकता कायम करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अरुण यादव ने लिखा कि माननीय राहुल गांधी जी, मध्यप्रदेश में आंतरिक संघर्ष और असफलताओं सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार से जब इस दौर में भी पार्टी संगठन का वास्तविक निष्ठावान कार्यकर्ता वैचारिक और सतही तौर पर संघर्ष कर रहा है उस दौर में कतिपय लोग एक मिलीजुली साजिश के तहत उन कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे है, इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि युवाओं का जोश और पार्टी के अनुभवी नेताओं का होश मिलजुल कर ही फासीवादी विचारधारा का सामना कर पाएगा ऐसी स्थिति में जवाबदार लोग ही अपनी व्यक्तिगत पीड़ा और वैमनस्यता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कीमत पर भुनाने की कोशिश करेंगे तो वह समयोचित नहीं होगी । कृपा कर केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से संघर्षशील कार्यकर्ताओं के मनोबल को टूटने से बचाएं तथा संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करवाने की कृपा करें।
 
पुत्र मोह में फंसे दिग्विजय सिंह-वहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस हाईकमान से दिग्विजय सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर 'दिग्विजय का नागपाश, कांग्रेस पर प्रहार' नाम से एक लेख लिखा है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “अपनों के ही इस घातक बाण से कब मुक्त होगी मध्य प्रदेश कांग्रेस? उज्जैन के भूमि विवाद और वीर भारत न्यास के मामले में सच क्या है और झूठ क्या, कौन सही है और कौन गलत, यह जांच का विषय हो सकता है। आज हर सच्चे कांग्रेसी का सिर शर्म से झुक गया है। दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जिस प्रकार मोर्चा खोला वह निंदनीय है।
 
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि अगर जीतू पटवारी कहीं गलत भी थे, तो वरिष्ठ और मार्गदर्शक होने के नाते दिग्विजय सिंह उन्हें आमने-सामने बैठकर या फ़ोन करके बता सकते थे। उनके पास दिल्ली से लेकर भोपाल तक पार्टी के तमाम आंतरिक मंच उपलब्ध हैं, जहां वे अपनी बात रख सकते थे. लेकिन इन सब मर्यादाओं को दरकिनार कर हाथ में फ़ाइल लेकर उज्जैन जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस बात को उछालने का क्या औचित्य है? इस तरह सरेआम मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को खारिज करना और उनके लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना, जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. आखिर यह सारी कवायद क्यों की गई।
 
निधि चतुर्वेदी का कहना है “दिग्विजय सिंह की यह छटपटाहट, यह गुस्सा और यह अमर्यादित आचरण और कुछ नहीं, बल्कि 'पुत्र-मोह' में उठाया गया बेहद अशोभनीय, पीड़ादायक और निंदनीय कदम है। अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने की महत्वाकांक्षा में वे भूल चुके हैं कि पार्टी का अनुशासन क्या होता है। जब देशभर में राहुल गांधी भाजपा और संघ की जनविरोधी विचारधारा के खिलाफ सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं, तब पार्टी के एक शीर्ष नेता द्वारा इस तरह की बयानबाज़ी करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर करारा तमाचा है।

अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

Deadline extended for SIT probe into Ayodhya pilgrimage site donation matter

Donation controversy in Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

ALSO READ: UP में शिक्षा सुधार का नया मॉडल: कक्षा-कक्ष से मिली सीख के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति, योगी सरकार का बड़ा कदम

इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

Ashadha Gupt Navratri 2026: कब से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि? आइए जानें सही तारीख, घटस्थापना का मुहूर्त और पूजा विधि

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह इसमें भी मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है और यह पर्व भी 9 दिनों तक चलता है। हिंदू धर्म में वर्ष में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से दो प्रत्यक्ष (चैत्र और शारदीय) और दो गुप्त (माघ और आषाढ़) होती हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाने वाली नवरात्रि को ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

प्रत्यक्ष नवरात्रि में जहां सांसारिक सुख, शांति और गृहस्थ जीवन की खुशहाली के लिए माता की पूजा की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से साधकों, तांत्रिकों और अघोरियों के लिए विशेष महत्व रखती है। गुप्त नवरात्रि में माता दुर्गा के 9 रूपों के साथ-साथ मुख्य रूप से दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। इनमें शामिल हैं

मां काली

मां तारा

मां त्रिपुर सुंदरी

मां भुवनेश्वरी

मां छिन्नमस्ता

मां भैरवी

मां धूमावती

मां बगलामुखी

मां मातंगी

मां कमला

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तिथि

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ : 14 जुलाई, दोपहर 3:12 बजे से

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त : 15 जुलाई को प्रातः 11:50 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होगी और 23 जुलाई को इसका समापन होगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

प्रतिपदा तिथि पर ही घटस्थापना की जाती है, इसलिए इस बार 15 जुलाई को कलश स्थापना करनी होगी।

घटस्थापना मुहूर्त : प्रातः 6:01 से 10:17 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:11 से 4:52 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : इस दिन उपलब्ध नहीं

विजय मुहूर्त : दोपहर 2:45 से 3:40 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : सायं 7:20 से 7:40 बजे तक

अमृत काल : दोपहर से सायं 5:27 बजे तक

पूजा की सामान्य विधि

कलश स्थापना : प्रतिपदा तिथि को सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाती है।

अखंड ज्योति : नौ दिनों तक मां के सामने घी या तिल के तेल की अखंड ज्योति जलाई जाती है।

मंत्र जाप : इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ या “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का मानसिक जाप करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

सात्विकता : इन नौ दिनों में पूरी तरह सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है।

July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई में इस दिन किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें दोनों उपवासों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय