जबरन घर में घुसा, प्राइवेट पार्ट दिखाए, कौन है महिला के साथ अश्लील हरकत करने वाला डिलीवरी एजेंट?

बेंगलुरु में फ्लिपकार्ट के एक डिलीवरी एजेंट को महिला के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में हुई है। महिला ने बताया कि डिलीवरी एजेंट पार्सल देने उसके घर आया था। बता दें कि, महिला ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि फ्लिपकार्ट का एक डिलीवरी एजेंट जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत की। महिला का कहना है कि आरोपी ने उन्हें अपने प्राइवेट पार्ट दिखाए।

पुलिस ने लिया ये एक्शन 

महिला की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट उनके घर एक पार्सल देने आया था। पार्सल देने के बाद उसने टॉयलेट इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। महिला ने इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद वह जबरदस्ती घर के अंदर घुस गया। महिला का आरोप है कि वॉशरूम से बाहर निकलते समय उसने अश्लील हरकत करते हुए उन्हें अपने निजी अंग दिखाए।

महिला ने बताई हैरान कर देने वाली कहानी 

महिला ने अपनी पोस्ट में बताया, “मैंने कई बार मना किया और साफ कहा कि मैं किसी अजनबी को अपने फ्लैट के अंदर आने की अनुमति नहीं देती। मैंने उसे यह भी कहा कि अगर बहुत जरूरी है, तो वह आसपास रहने वाले किसी पुरुष पड़ोसी से मदद मांग सकता है। लेकिन बार-बार मना करने के बावजूद उसने अपनी चप्पल उतारी और मेरी इजाजत के बिना जबरन घर के अंदर घुस गया।”

महिला ने आगे आरोप लगाया, “जब वह वॉशरूम से बाहर आया, तो उसने मेरे सामने अश्लील हरकत करते हुए अपने निजी अंग दिखाए। उस समय मैं बेहद घबरा गई। मुझे अपमानित और असुरक्षित महसूस हुआ। एक महिला के ‘नहीं’ कहने के बाद वहीं बात खत्म हो जानी चाहिए थी। किसी भी व्यक्ति को किसी महिला की इच्छा के खिलाफ उसके घर में घुसने या उसकी निजी सीमा का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।”

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

महिला की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और उनसे संपर्क कर पूरी जानकारी मांगी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में की है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद फ्लिपकार्ट ने भी बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही आरोपी डिलीवरी एजेंट को तुरंत नौकरी से हटा दिया गया है।

फ्लिपकार्ट ने कही ये बात

फ्लिपकार्ट ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा, “इस मामले से हमें गहरा दुख हुआ है और हम पीड़ित ग्राहक को पूरा सहयोग दे रहे हैं। हमारे लिए ग्राहकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जैसे ही हमें इस घटना की जानकारी मिली, हमने संबंधित डिलीवरी एजेंट की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दीं। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।” कंपनी ने आगे कहा, “हर डिलीवरी एजेंट को काम पर रखने से पहले उसका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जाता है और जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाती है। हालांकि इस तरह की घटनाएं बहुत कम होती हैं, लेकिन ऐसी एक भी घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। हम पूरे मामले की समीक्षा कर रहे हैं ताकि भविष्य में ग्राहकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।”

बेंगलुरु में घर में घुस महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाने वाला डिलीवरी एजेंट अरेस्ट, क्या है पूरा मामला?

बेंगलुरु से सामने आई एक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और निजी सीमाओं (पर्सनल बाउंड्री) को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए दावा किया कि एक साधारण डिलीवरी कुछ ही मिनटों में डरावने अनुभव में बदल गई। महिला के मुताबिक, उन्होंने अपनी सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए साफ इनकार किया था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद जो हुआ, उसने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद महिला ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।

लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए महिलाओं की सुरक्षा, डिलीवरी स्टाफ के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वॉशरूम चाहिएसे शुरू हुई पूरी घटना

महिला के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट पार्सल देने के बाद उनके घर का वॉशरूम इस्तेमाल करने की अनुमति मांगने लगा। उन्होंने साफ शब्दों में मना कर दिया और कहा कि वह किसी अजनबी को अपने घर के अंदर आने की इजाजत नहीं देतीं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जरूरत होने पर वह पास में रहने वाले पुरुष पड़ोसियों से मदद मांग सकता है।

मनाही के बावजूद फ्लैट में घुसने का आरोप

महिला का आरोप है कि बार-बार इनकार करने के बावजूद डिलीवरी एजेंट ने उनकी बात नहीं मानी। उसने अपने जूते-चप्पल उतारे और बिना अनुमति फ्लैट के अंदर चला गया। इसके बाद उसने वॉशरूम का इस्तेमाल किया।

बाहर आते ही की अशोभनीय हरकत

महिला ने दावा किया कि वॉशरूम से बाहर निकलने के बाद आरोपी ने उनके सामने अपने निजी अंग उजागर कर दिए। इस घटना से वह बुरी तरह घबरा गईं और खुद को अपमानित व असुरक्षित महसूस करने लगीं। उनका कहना है कि किसी महिला के ‘नहीं’ कहने के बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी।

डर के बीच अपनाई यह तरकीब

महिला ने बताया कि पूरी घटना के दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रही। इसलिए उन्होंने अपने मोबाइल का कैमरा चालू रखा, घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ा और दरवाजे के पास ही खड़ी रहीं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बाहर निकलकर मदद मांग सकें।

वीडियो वायरल, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

महिला की पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से फैल गया। इसके बाद मराठाहल्ली पुलिस ने उनसे संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की और आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामथ को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने महिला की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं कुछ लोगों ने डिलीवरी स्टाफ के सत्यापन और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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S Janaki passed away: 48 हजार से ज्यादा गाने गाए, पद्म भूषण को ठुकराया, राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी ने ‘जानकी अम्मा’ को दी श्रद्धांजलि

S Janaki passed away: दक्षिण भारत की ‘नाइटिंगेल’ के नाम से मशहूर दिग्गज गायिका एस. जानकी का शनिवार को मैसूर में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ-साथ सुपरस्टार रजनीकांत, कमल हासन और अन्य लोगों ने भी जानकी को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने जानकी अम्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें याद किया।

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प्रधानमंत्री ने X पर जानकी को याद किया। उन्होंने लिखा, “मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय रहे। उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को आवाज़ दी। उनकी धुनें आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर विजय ने जानकी को श्रद्धांजलि दी और उनकी विरासत को याद किया। उन्होंने X पर लिखा, “भारतीय फ़िल्म संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी आवाज़ से कई पीढ़ियों का दिल जीतने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रीमती एस. जानकी के निधन से बहुत दुख हुआ है। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और दूसरी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाकर उन्होंने संगीत की दुनिया पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।”

उन्होंने आगे कहा, “कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स समेत अनगिनत प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली जानकी जी अपनी मीठी आवाज़, भावनाओं को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के कारण हमेशा अपने फ़ैन्स के दिलों में बसी रहेंगी। उनका निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। मैं उनके शोक-संतप्त परिवार, फ़िल्म जगत, संगीत कलाकारों और दुनिया भर में फैले उनके फ़ैन्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

बोनी कपूर ने X पर लिखा, “जिस आवाज़ ने अनगिनत भावनाओं को ज़िंदगी दी, वह अब खामोश हो गई है, लेकिन उसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी। दक्षिण भारत की सदाबहार ‘नाइटिंगेल’ और महान प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन से गहरा दुख हुआ है। छह दशकों से भी ज़्यादा समय तक, उन्होंने अपनी आवाज़ से लाखों लोगों के दिलों को छुआ; उनकी आवाज़ में खुशी, प्यार, भक्ति, तड़प और दुख को बेहद खूबसूरती से बयां करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके गाने भाषाओं, पीढ़ियों और सीमाओं से परे रहे और भारत की संगीत विरासत का एक अहम हिस्सा बन गए। भारत ने अपने संगीत के सबसे अनमोल रत्नों में से एक को खो दिया है। उनके परिवार, चाहने वालों और उन लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं, जिनकी ज़िंदगी को उन्होंने अपनी असाधारण कला से समृद्ध किया। ओम शांति। जानकी अम्मा, आपकी आत्मा को अनंत शांति मिले।”

चिरंजीवी ने X पर लिखा, “जनकम्मा गारू के निधन की खबर ने मेरे दिल को गहरा सदमा पहुँचाया है। मेरे फिल्मी सफर में, उन्होंने अनगिनत यादगार गानों को अपनी बेमिसाल आवाज़ दी। स्क्रीन पर हमने जो भावनाएँ दिखाईं, उनमें जान उनकी आवाज़ ने ही डाली थी। मेरे करियर के जिन गानों को दर्शक आज भी प्यार से याद करते हैं, उनके पीछे जनकम्मा गारू की मीठी आवाज़ है। जब भी वे गाने बजते हैं, तो वे दिन… वे यादें… एक बार फिर मेरी आँखों के सामने ताज़ा हो जाती हैं। जनकम्मा गारू सिर्फ़ एक गायिका नहीं थीं… वह एक असाधारण कलाकार थीं जिन्होंने भावनाओं को सुरों में ढाला। उनका गाया हर गाना एक याद है… एक एहसास है… एक जीवन भर का रिश्ता है। आज हमने संगीत की दुनिया की एक महान हस्ती को खो दिया है। लेकिन उनके गाने पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और हमारी ज़िंदगी के बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर हमेशा गूंजते रहेंगे। मैं श्रीमती एस. जानकी गारू के परिवार, उनके चाहने वालों और उन्हें पसंद करने वाले लाखों संगीत प्रेमियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। जनकम्मा गारू… आपकी आवाज़ अमर है। ओम शांति।”

रजनीकांत ने X पर लिखा, “अपनी सुरीली आवाज़ से कई पीढ़ियों के लोगों को खुश करने वाली उनकी आत्मा को शांति मिले।”कमल हासन, जिन्होंने जानकी के साथ कई यादगार गाने गाए हैं, ने एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि लिखी है, जिसका अर्थ है: “यह गाना हमेशा गूंजता रहेगा। माँ, मैं वह प्यार दोबारा पाने के लिए कहाँ जाऊँगा? कई लोग ऐसा दुख लिए घूमते हैं जिसे वे कभी भुला नहीं पाते। उन सभी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”

सिंगर उनके काम के साथ ही बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में उन्होंने भारत सरकार के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण को लेने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद वो खबरों में छाई रही थीं। जानकी इस सम्मान को इसलिए नहीं रखना चाहति थीं, क्योंकि वह भारत रत्न की मांग कर रही थीं।

जानकी 20 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग करने के लिए चेन्नई चली गईं। उनका पहला गाना 1957 की तमिल फ़िल्म ‘विधिइन विलायाट्टु’ के लिए था और बाद में उन्होंने तेलुगु फ़िल्म ‘M.L.A.’ के लिए भी गाना गाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने 20 भारतीय भाषाओं में गाने गाए, जिनमें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बडागा, बंगाली और कोंकणी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने अंग्रेज़ी, जापानी, जर्मन और सिंहली जैसी विदेशी भाषाओं में भी गाने गाए। उन्हें कई सम्मान भी मिले, जिनमें चार नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और 33 स्टेट फ़िल्म अवॉर्ड शामिल हैं।

HDFC Bank के सीईओ की बैसिक सैलरी ₹3.31 करोड़, बैठक में शामिल होने पर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को ₹1.20 करोड़

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक की एनुअल रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि बैंक के एमडी और सीईओ समेत इसके एगीक्यूटिव्स और नॉन-एग्जीक्यूटिव्स डायरेक्टर्स की वित्त वर्ष 2026 में कितनी कमाई हुई। इसमें सैलरी, एलाउंसेज, परफॉरमेंस बोनस, रिटायरमेंट बेनेफिट्स, स्टॉक ऑप्शंस और सिटिंग फीस शामिल हैं। स्टॉक ऑप्शंस एंप्लॉयीज को दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बेनेफिट है जिसके तहत एंप्लॉयी को कंपनी के शेयर भविष्य में एक तय कीमत यानी एक्सरसाइज प्राइस पर खरीदने का हक मिलता है।

HDFC Bank के टॉप एग्जीक्यूटिव्स की FY26 में कितनी कमाई

पहले बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन की बात करें तो उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.31 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹3.63 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाओं के रूप में, ₹39.70 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹49.64 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स के रूप में मिले। इसके अलावा उन्हें ₹7.29 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला और वित्त वर्ष 2026 के दौरान 4,28,405 स्टॉक ऑप्शंस भी एलॉट हुए।

एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को ₹3.60 करोड़ की बेसिक सैलरी और ₹4 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलीं। उन्हें ₹43.16 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹53.95 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स भी मिला तो उनका परफॉरमेंस बोनस ₹8.57 करोड़ रहा। कैजाद भरूचा को 6,23,651 स्टॉक ऑप्शंस मिले, जो बैंक के सभी पूर्णकालिक डायरेक्टर्स में सबसे अधिक था।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वी श्रीनिवास रंगन को ₹4.03 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.98 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹48.32 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹60.40 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिले। इसके अलावा उन्हें ₹3.18 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला तथा वित्त वर्ष 2026 में 2,93,538 स्टॉक ऑप्शंस एलॉट हुए।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल 18 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुका है। उन्हें वित्त वर्ष 2026 में ₹2.02 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.53 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹24.26 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹30.33 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिला। उन्हें ₹2.02 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस भी मिला और 1,38,542 स्टॉक ऑप्शंस मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक परफॉरमेंस बोनस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप हेड के रूप में उनके परफॉरमेंस के लिए नकद बोनस भी शामिल था।

नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स में सबसे अधिक संदीप पारेख को ₹1.20 करोड़ की सिटिंग फीस मिली। इसके बाद एमडी रंगनाथ को ₹96 लाख, रेणु कर्नाड को ₹83 लाख, हर्ष कुमार भनवाला ₹79 लाख, लिली वडेरा को ₹69 लाख, अतनु चक्रवर्ती को ₹59 लाख, सुनीता महेश्वरी को ₹45 लाख, संतोष केशवन को ₹40 लाख और अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री को ₹35 लाख की सिटिंग फीस मिली। सिटिंग फीस के अलावा पार्ट-टाइम चेयरमैन को छोड़कर सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को आरबीआई के कॉरपोरेट गवर्नेंस फ्रेमवर्क के हिसाब से ₹30 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक भी मिला।

पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को ₹30 लाख की बजाय ₹48.25 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के हिसाब से आरबीआई ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए उन्हें ₹50 लाख के फिक्स्ड पारिश्रमिक को मंजूरी दी थी लेकिन चूंकि चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उन्हें प्रो-राटा बेसिस यानी अनुपातिक आधार पर ₹48.25 लाख का पेमेंट मिला। बोर्ड और कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मिले ₹59 लाख के सिटिंग फीस को जोड़कर वित्त वर्ष 2026 में उन्हें ₹1.07 करोड़ मिले। इसके अलावा इस्तीफे की तारीख तक उन्हें आधिकारिक और व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए एक कार भी दी गई थी।

सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 30 मार्च 2026 को फिर से स्वतंत्र निदेशक के तौर पर चुनी गईं सुनीता माहेश्वरी को वित्त वर्ष 2026 के दौरान आनुपातिक आधार पर निश्चित पारिश्रमिक मिला। बैंक के अनुसार उनके कार्यकाल के बाकी अवधि का पारिश्रमिक शेयरहोल्डर्स और आरबीआई की मंजूरी के हिसाब से अगले वित्तीय वर्ष यानी FY2027 में दिया जाएगा।

विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ का दिखा क्रेज, UK में 1 घंटे में बिके हजारों टिकट

विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ का दिखा क्रेज, UK में 1 घंटे में बिके हजारों टिकट

Jana Nayagan: दक्षिण भारत के सुपरस्टार विजय की फैन फॉलोइंग का असर एक बार फिर देखने को मिला है। कई बार देरी होने के बाद आखिरकार उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘जन नायकन’ को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से रिलीज की मंजूरी मिल ही गई। इस फिल्म में विजय के साथ ममता बैजू, बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, गौतम वासुदेव मेनन, प्रकाश राज, नारायण और प्रियामणि भी नजर आएंगे। बता दें कि यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म का निर्देशन एच. विनोद ने किया है और माना जा रहा है कि यह विजय की आखिरी फिल्म हो सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन (UK) में टिकटों की बिक्री पहले ही शुरू हो चुकी है। वहां के एक डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि सिर्फ एक घंटे में ही एक हजार से ज्यादा टिकट बिक गए।

‘यह सिर्फ एक फिल्म नहीं…’

‘जन नायकन’ के UK डिस्ट्रीब्यूटर, अहिंसा एंटरटेनमेंट ने X पर लिखा, “#JanaNayagan — 24 JULY! @cineworld पर टिकट बिक रहे हैं और शो की संख्या जबरदस्त है!”

कंपनी ने आगे लिखा, “आने वाले सालों में लोग आपसे पूछेंगे कि क्या आप उस पल का हिस्सा थे? सुनिश्चित करें कि आपका जवाब ‘हां’ हो। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि उस इंसान को विदाई है जिसने हमें बहुत कुछ दिया है।”

अहिंसा एंटरटेनमेंट ने यूके के दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में सिनेमाघरों में पहुंचें और इस फिल्म को तमिल सिनेमा की सबसे बड़ी विदाई फिल्मों में से एक बनाने में मदद करें।

1 घंटे में बिके हजारों टिकट

इस घोषणा के कुछ ही समय बाद, डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि बुकिंग शुरू होने के पहले घंटे में ही हजारों टिकट बिक गए। यह जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, “60 मिनट में UK में हजारों टिकट बिक गए। इस एक नाम के लिए लोगों का क्रेज वाकई अविश्वसनीय है। #JanaNayagan.”

वहीं, ‘जन नायकन’ लंबे समय से विवादों में घिरी हुई थी। फिल्म को पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी नहीं मिली थी, जिसके कारण इसकी रिलीज को जनवरी से आगे बढ़ा दिया गया था। एक जांच समिति के सदस्य की शिकायत के बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा गया। करीब सात महीने और कई बदलावों व कट्स के बाद आखिरकार फिल्म को रिलीज के लिए सर्टिफिकेट मिल गया।

इसलिए, जब प्रोडक्शन हाउस KVN ​​Productions ने शनिवार को कन्फर्म किया कि CBFC ने ‘जाना नायकन’ को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है, तो विजय के फैन्स बहुत खुश हुए। उन्होंने लिखा, “जल्द ही थिएटर में मिलते हैं दोस्तों। #JanaNayaganCensoredA”

बता दें कि यह विजय की आखिरी फिल्म होगी और ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के प्रमुख के तौर पर सक्रिय राजनीति में आने के बाद उनकी पहली फिल्म होगी।

कहा जाता है कि ‘जन नायकन’ अनिल रविपुडी की 2023 की हिट फिल्म ‘भगवंत केसरी’ का अडैप्टेशन है। इस फिल्म में बालकृष्ण और श्रीलीला मुख्य भूमिकाओं में थे, साथ ही काजल अग्रवाल भी थीं। बता दें कि, भारत और अन्य देशों के लिए बुकिंग जल्द ही शुरू होगी।

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नौकरी के लिए मां ही नहीं आयुषी ने पिता की भी ली थी जान? मामा ने लगाए सनसनीखेज आरोप

जयपुर में नीरज शर्मा हत्याकांड ने पूरे देश को हैरान कर दिया। इस केस में उनकी बेटी आयुषी शर्मा पहले से ही अपनी मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। वहीं जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, हर दिन लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस ये भी पता लगा रही है कि क्या उसके पिता विजय शर्मा की मौत से भी उसका कोई संबंध था। बता दें साल 2025 में आयुषी के पिता विजय शर्मा की मौत हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मामलों से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

3 जुलाई को हुई थी हत्या

नीरज शर्मा की 3 जुलाई को प्रताप नगर इलाके में एक स्कॉर्पियो वाहन से कुचलकर हत्या की गई थी। नीरज शर्मा सरकारी विभाग में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थीं। शुरुआती तौर पर इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में मामला हत्या का निकला। जयपुर में नीरज शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, आयुषी पर अपनी मां की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में उसके चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि की भी भूमिका सामने आई है, जो फिलहाल फरार है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस केस में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।

पिता की भी की थी हत्या?

ब्रट की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के मुताबिक, नीरज शर्मा की हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपियों को करीब 7 लाख रुपये दिए गए थे। वहीं, इस मामले में अब एक नया पहलू भी सामने आया है। आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में उसके पिता विजय शर्मा की मौत नॉर्मल नहीं थी। उन्होंने पुलिस और अदालत से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है। राकेश ने कहा कि ये मामला परिवार की संपत्ति और सरकारी नौकरी से जुड़े एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।

आयुषी पर लगाए ये आरोप

राकेश शर्मा के आरोप के मुताबिक, आयुषी ने उन्हें बताया था कि उसके पिता विजय शर्मा जयपुर के निविक हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने बताया कि विजय शर्मा के शरीर को गंभीर चोटें आई थीं और उनकी हालत बेहद नाजुक थी। शिकायत के अनुसार, कुछ समय बाद आयुषी उन्हें अस्पताल से घर ले आई, जहां बाद में विजय शर्मा की मौत हो गई। अब इन आरोपों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की भी जांच कर रही है।

राकेश शर्मा के मुताबिक, आयुषी ने एक बार अपनी मां को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। परिवार ने ये भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में विजय शर्मा को ब्रेन हैमरेज होने के बाद आयुषी ने उनके इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अहम जानकारियां रिश्तेदारों से छिपाकर रखीं। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

मां से नाराज थी आयुषी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आयुषी ने बताया कि वह लंबे समय से अपनी मां से नाराज थी। उसका दावा था कि परिवार में उसे अपने दिव्यांग भाई की तुलना में कम महत्व और स्नेह मिला। जांच में यह भी सामने आया कि पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद और आपसी मनमुटाव इस मामले की संभावित वजह हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ में साइकोलॉजिस्ट की भी मदद ली जाएगी।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी बलराम अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि विजय शर्मा की मौत से जुड़े लगाए गए आरोपों की भी अलग से जांच होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नए आरोप जोड़े जा सकते हैं या नया मामला दर्ज किया जा सकता है।

स्पेन ने पहली बार गोल खाया लेकिन अंतिम लम्हों में बेलजियम पर पाई शानदार जीत

सुपर-सब मिकेल मेरिनो के आखिरी क्षणों में किये गये गोल की बदौलत स्पेन ने शुक्रवार रात फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस से भिड़ने का रास्ता पक्का कर लिया। पहले हाफ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ गोल दागे।

शुरुआती लाइनअप में अप्रत्याशित रूप से शामिल हुए फैबियान रुइज ने 30वें मिनट में रिबाउंड पर गोल दाग दिया, लेकिन चार्ल्स डी केटेलेरे ने टिमोथी कास्टाग्ने के क्रॉस पर 41वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। यह टूर्नामेंट में पहला अवसर है जबकि स्पेन ने गोल खाया।

हालांकि, अंत में स्पेन ने बाजी मार ली, जब स्थानापन्न गोलकीपर सेने लैमेंस पाउ कुबार्सी के दूर से किए गए शॉट को रोक नहीं पाए और मेरिनो ने सामान्य समय समाप्त होने से दो मिनट पहले विजयी गोल दाग दिया।स्पेन अब मंगलवार को एक सपने जैसे सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा।स्पेन मार्च 2023 से लगातार 37 मैचों में अजेय रहा है।

गोलकीपर लैमेंस को 71वें मिनट में मैदान में उतरना पड़ा, क्योंकि बेल्जियम के लंबे समय से गोलकीपर रहे थिबाउट कर्टोइस जांघ में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे।बेल्जियम ने अंतिम मिनटों में बराबरी का गोल करने के लिए जीजान से प्रयास किया, लेकिन आयमेरिक लापोर्टे ने सर्वश्रेष्ठ मौके पर बाहर शॉट से मार दिया।

अर्जेंटीना बनाम मिस्र मैच पर रेफरी ने विवादित निर्णय पर कहा, ईमानदारी पर शक ना करें

फीफा के रेफरी चीफ, पियरलुइगी कोलिना ने मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना की विवादित 3-2 वर्ल्ड कप जीत के दौरान रेफरी के फैसलों का मजबूती से बचाव किया है। उन्होंने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया और आलोचनाओं के बीच कहा कि मैच अधिकारियों ने पूरी आज़ादी के साथ काम किया।

कोलिना ने अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाने की निंदा की और कहा कि ऐसे आरोपों से रेफरी और उनके परिवारों को धमकियां मिल सकती हैं। मिस्र ने गलत व्यवहार की शिकायत की और आरोप लगाया कि अर्जेंटीना द्वारा स्टॉपेज-टाइम में विजयी गोल करके 2-0 की बढ़त को पलटने के बाद रेफरी पर दबाव डाला गया था।

कोलिना ने पुष्टि की कि वीएआर ने लिसांद्रो मार्टिनेज पर फाउल के कारण मुस्तफा ज़िको के गोल को सही ढंग से रद्द किया था और अर्जेंटीना के विजयी गोल से पहले मिस्र को पेनल्टी न देने के फैसले का बचाव किया। फीफा ने पूरे टूर्नामेंट में वीएआर के नियमों को लागू करने के तरीके पर संतोष व्यक्त किया, हालांकि कुछ फैसलों पर अलग-अलग राय हो सकती है, यह भी माना। कोलिना ने कहा कि रेफरी की आलोचना फुटबॉल का हिस्सा है, लेकिन उन्होंने हार के बाद मिस्र द्वारा रेफरी के फैसलों की शिकायत करने के बाद अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाने की निंदा की।

कोलिना ने बेबुनियाद आरोपों को खारिज किया। कोलिना ने कहा, “फैसलों के बारे में रचनात्मक चर्चा हमेशा फुटबॉल का हिस्सा रहेगी, लेकिन हमारे खेल में बेबुनियाद आरोपों की कोई जगह नहीं है। कोई भी फीफा वर्ल्ड कप मैच अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठा सकता… कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि फीफा रेफरी के फैसलों को कोई प्रभावित कर सकता है, यहां तक कि फीफा अध्यक्ष (जियानी इन्फेंटिनो) भी नहीं।”

मिस्र टूर्नामेंट से बाहर हो गया, लेकिन उनका दावा था कि उनके साथ गलत व्यवहार हुआ। अर्जेंटीना ने 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी की और एन्ज़ो फर्नांडीज के स्टॉपेज-टाइम गोल से जीत हासिल की। मैच के बाद कोच होसाम हसन ने आरोप लगाया कि अर्जेंटीना को टूर्नामेंट में बनाए रखने के लिए रेफरी पर दबाव हो सकता है। मिस्र फुटबॉल एसोसिएशन ने कहा, “कई अहम घटनाओं ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं और फैसलों की निरंतरता और निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े किए, जिन्होंने सीधे तौर पर खेल की दिशा को प्रभावित किया।”

FIFA World Cup

मिस्र का तर्क था कि दूसरे हाफ में मुस्तफा ज़िको के गोल को गलत तरीके से खारिज कर दिया गया; रेफरी ने गोल से पहले की कार्रवाई में फाउल का हवाला दिया, जो असल में हुआ ही नहीं था। मिस्र इस बात से भी नाराज था कि मोहम्मद सलाह के खिलाफ हुए फाउल पर कोई पेनल्टी नहीं दी गई, जबकि ठीक उसी के बाद अर्जेंटीना ने वह मूव बनाया जिससे विजयी गोल हुआ।

फीफा के कोलिना ने कहा कि वीएआर ने सही सलाह दी थी कि ज़िको के गोल को रद्द कर दिया जाए, क्योंकि अटैक के दौरान मारवान अत्तिया ने अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसैंड्रो मार्टिनेज के खिलाफ फाउल किया था। कोलिना ने कहा, “हमारा मानना है कि फाउल तो फाउल ही होता है। चाहे फाउल ‘साफ’ दिखे या न दिखे, अगर रेफरी ने इसे मैदान पर नहीं देखा, तो वीएआर दखल दे सकता है।” कोलिना ने अर्जेंटीना के विजयी गोल से पहले मिस्र को पेनल्टी न देने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि रेफरी और वीएआर दोनों ने सलाह और जूलियन अल्वारेज़ के बीच हुए संपर्क को “सामान्य फुटबॉल संपर्क” माना।

जिन्हें कब्रस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी की जनता से अपील- नकारात्मक व विकास विरोधी सोच वालों को खारिज कीजिए

– मुख्यमंत्री योगी ने 9 साल पहले के बुंदेलखंड की दुर्दशा और अब आए परिवर्तन का भी किया जिक्र 

– योगी ने कहा- बांदा के विधायक विकास में रुचि लेते हैं और बबेरू वाले गरीबों को प्रताड़ित करने में

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा व सनातन को कोसना जीवन का ध्येय बनाया है। वे वैभवशाली व विकसित भारत नहीं देखना चाहते। हमारी सरकार जो पैसा मंदिरों के विकास व धामों के सुंदरीकरण के लिए देती है, समाजवादी पार्टी के समय यही पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए जाता था। उन्हें कब्रस्तान प्यारा है, इसलिए वे राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा व कांग्रेस वाले भाजपा के प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों को पचा नहीं पाते।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जिनकी सोच नकारात्मक व विकास विरोधी है, उन्हें खारिज कीजिए। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गईं कई योजनाओं को गिनाकर इसका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

 

कभी डकैतों व माफिया का था आतंक, आज प्रगति देखकर होती है प्रसन्नता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की दुर्दशा के दौर को भी बयां किया। बताया कि मुख्यमंत्री

 बनने के बाद प्रधानमंत्री जी ने मुझसे कहा था कि पहला दौरा बुंदेलखंड का हो और वहां के लिए कुछ किया जाए। नौ- साढ़े 9 साल पहले जब आया तो देखा कि पिछड़ापन यहां का पर्याय था। पलायन और प्यास बुंदेलखंड की पहचान बन गई थी। खनन, लैंड, सैंड, वन, भूमाफिया व डकैतों का ऐसा आतंक था, जिससे किसान भी खेत में जाने से डरता था।

पाठा का यह क्षेत्र डकैतों के लिए फिरौती व वसूली का माध्यम बन गया था। कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार नहीं था। थाने में एफआईआर तक नहीं होती थी। बुंदेलखंड अस्तित्व के लिए जूझ रहा था परंतु अब बुंदेलखंड की प्रगति को देखकर अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। हर किसी को 9 वर्ष पहले और आज के बांदा में परिवर्तन दिखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास व विरासत के संरक्षण के लिए शासन के संज्ञान में जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसे लागू कर बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। 

 

भाजपा सरकार ने हर वर्ग के सपनों को किया साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने जब देश की बागडोर संभाली तो आशा की किरण जगी। 2017 में यूपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद यहां भी कनेक्टिविटी, पेयजल, हर खेत को पानी और बांदा के युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सभी के सपनों को साकार किया है। 

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

वर्ष 2017 के पहले जिसे रखवाली की जिम्मेदारी मिली, वही प्रदेश को लूटते थे 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता ने श्रीप्रकाश द्विवेदी, रामकेश निषाद व ओममणि वर्मा जैसे अच्छे जनप्रतिनिधियों को जिताया है तो यहां विकास की परियोजनाएं आ रही हैं। बुंदेलखंड भी डकैत, माफिया, कर्फ्यू, उपद्रव व दंगामुक्त हो गया। अब यहां महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सचेत किया कि यदि भूमाफिया व डकैत चुनाव जीतेगा तो व्यापारी का अपहरण करेगा, गरीबों को उजाड़ेगा और नौजवानों-गरीबों की योजनाओं पर डकैती डालेगा। वर्ष 2017 के पहले उप्र में यही होता था। जिसे प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपी, वही प्रदेश को लूटते थे। गरीबों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलती थीं। आवास की सुविधा उन्हें ही मिलती थी, जो समाजवादी पार्टी के थे परंतु अब ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

 

सरकार को उपद्रव पसंद नहीं, माने तो ठीक वरना यमराज के घर का रास्ता खोल दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती। सरकार को उपद्रव, कर्फ्यू, गुंडागर्दी पसंद नहीं है। सरकार बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों को चेतावनी देती है और न मानने वालों के लिए यमराज के घर जाने का रास्ता भी खोल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार आने पर भी यहां कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया था। आज भी अवंती बाई लोधी की दिव्य-भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है। 

 

वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान देता है बांदा

मुख्यमंत्री ने बांदा की सड़कों व चौराहों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। कहा कि शहर के लोग जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यवस्थित सिटी का मॉडल बना सकते हैं। बांदा वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान दे रहा है। यहां महापुरुषों के नाम पर पार्क बन रहे हैं। कालिंजर का अजेय दुर्ग विजय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहां विराजमान नीलकंठ महादेव का आशीर्वाद हर किसी को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार है तो भारत की विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट व बुंदेलखंड की स्मृतियों में हैं। 

 

सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, हमने ब्रह्मोस दिया, जिसे देख बाप-बाप चिल्लाता है पाकिस्तान

मुख्यमंत्री योगी ने फिर तंज कसा कि सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, नौकरी की बजाय नौजवानों को तमंचे दिए, जबकि हमारी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया और डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का हब बनाया। यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल को जब भारत दागता है तो पाकिस्तान भी बाप-बाप करते हुए चिल्लाता है। भारत के जवानों के इस शौर्य, पराक्रम का केंद्र बिंदु बुंदेलखंड बन रहा है। 

 

बांदा के विधायक विकास करते हैं, बबेरू के विधायक को रुचि कहीं और 

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समर्पित और जनता-जनार्दन को योजनाओं से जोड़ने वाला होना चाहिए। बांदा के विधायक रुचि लेते हैं तो यहां विकास है, लेकिन बबेरू के सपा विधायक को विकास में रुचि नहीं है। उनके लिए विकास गरीबों की जमीन पर कब्जा, गरीबों को प्रताड़ित करना ही है। ऐसी उद्दंडता व गरीबों के हकों पर पड़ने वाली डकैती को रोकना पड़ेगा। कांग्रेस व सपा के समय में अवंती बाई लोधी, महाराणा प्रताप की मूर्ति, तीर्थों का पुनरुद्धार, मंदिरों का सुंदरीकरण, कनेक्टिविटी के बेहतरीन कार्य नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी रुचि नहीं थी। 

 

सपा के माफियाओं से खाली कराई गई 64 हजार एकड़ भूमि 

उन्होंने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने दो बातें कही थीं कि अवैध स्लाटर हाउस बंद होंगे और गरीबों-व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया 24 घंटे में खाली कर दें, अन्यथा हमें खाली कराना आता है। सपा से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ लैंड जमीन खाली कराई गई जिसमें अब निवेश हो रहा है और इससे नौजवानों को नौकरी मिल रही है। बुंदेलखंड के नौजवान को अब घर में ही कार्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी व रोजगार से जुड़े युवाओं की संख्या का भी जिक्र किया। 

 

कीमती पत्थरों में हो रही ‘शजर’ की गिनती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद के यूनिक प्रॉडक्ट को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने बांदा के शजर पत्थर के सजावट की भी तारीफ की, कहा कि यहां के ‘शजर’ की गिनती कीमती पत्थरों में हो रही है। अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नग की जगह शजर पत्थर को मंगा रहीं हैं। यह पीएम मोदी के विजन-ओडीओपी के कारण हो पाया है। एमएसएमई को सम्मान, सुरक्षा का वातावरण बना तो प्रदेश में निवेश भी आया। 

 

अब देश-दुनिया के लोग नौकरी मांगने आएंगे बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर के निर्माण को बढ़ा रहे हैं। बीडा के रूप में बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर देने जा रहे हैं। पहले शासकीय उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के लोग पलायन करते थे, लेकिन हमारा संकल्प है कि अब देश-दुनिया के नौजवान यहां नौकरी मांगने आएंगे। 

 

इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,  लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता ‘बासू’, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

मिस्र के साथ हुई नाइंसाफी, अर्जेंटीना के पक्ष में थे रेफरी, उठे कई सवाल

अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।मिस्र की टीम मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में 79वें मिनट तक 2-0 से आगे थी, लेकिन अंतिम 11 मिनट में तीन गोल खाकर 3-2 से हार गयी।

विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ “स्पष्ट रेफरिंग अन्याय” हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।

मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।

इस बीच, मिस्र फुटबॉल संघ के अध्यक्ष हानी अबू रीदा ने फीफा को औपचारिक शिकायत भेजकर रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर और उनकी टीम की जांच की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि मैच अधिकारियों ने “गंभीर रेफरिंग गलतियां” कीं और दोहरे मानदंड अपनाए, जिसकी वजह से मिस्र टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

मिस्र ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-जी में उपविजेता रही थी और राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।