S Janaki passed away: दक्षिण भारत की ‘नाइटिंगेल’ के नाम से मशहूर दिग्गज गायिका एस. जानकी का शनिवार को मैसूर में निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ-साथ सुपरस्टार रजनीकांत, कमल हासन और अन्य लोगों ने भी जानकी को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने जानकी अम्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें याद किया।

प्रधानमंत्री ने X पर जानकी को याद किया। उन्होंने लिखा, “मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा का निधन संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अलग-अलग भाषाओं में उनके गाने कई पीढ़ियों के बीच लोकप्रिय रहे। उन्होंने बेमिसाल खूबसूरती और विविधता के साथ हर भावना को आवाज़ दी। उनकी धुनें आने वाले सालों में भी सुनने वालों को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, अनगिनत प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।”
The passing of the distinguished playback singer S. Janaki Amma is an irreparable loss to the world of music and culture. Her songs in various languages were popular across generations. They gave voice to every emotion with unparalleled grace as well as versatility. Her melodies…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 12, 2026
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर विजय ने जानकी को श्रद्धांजलि दी और उनकी विरासत को याद किया। उन्होंने X पर लिखा, “भारतीय फ़िल्म संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी आवाज़ से कई पीढ़ियों का दिल जीतने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रीमती एस. जानकी के निधन से बहुत दुख हुआ है। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और दूसरी कई भाषाओं में हज़ारों गाने गाकर उन्होंने संगीत की दुनिया पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।”
இந்தியத் திரையிசை உலகில் தனது தனித்துவமான குரலால் பல தலைமுறைகளின் இதயங்களை வென்ற பழம்பெரும் பின்னணிப் பாடகி திருமதி எஸ். ஜானகி அவர்களின் மறைவு மிகுந்த வேதனையளிக்கிறது.
தமிழ், தெலுங்கு, மலையாளம், கன்னடம், இந்தி உள்ளிட்ட பல்வேறு மொழிகளில் ஆயிரக்கணக்கான பாடல்களைப் பாடி, இசை…
— CMOTamilNadu (@CMOTamilnadu) July 11, 2026
उन्होंने आगे कहा, “कई नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स समेत अनगिनत प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली जानकी जी अपनी मीठी आवाज़, भावनाओं को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता और संगीत के प्रति अटूट समर्पण के कारण हमेशा अपने फ़ैन्स के दिलों में बसी रहेंगी। उनका निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। मैं उनके शोक-संतप्त परिवार, फ़िल्म जगत, संगीत कलाकारों और दुनिया भर में फैले उनके फ़ैन्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”
बोनी कपूर ने X पर लिखा, “जिस आवाज़ ने अनगिनत भावनाओं को ज़िंदगी दी, वह अब खामोश हो गई है, लेकिन उसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी। दक्षिण भारत की सदाबहार ‘नाइटिंगेल’ और महान प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन से गहरा दुख हुआ है। छह दशकों से भी ज़्यादा समय तक, उन्होंने अपनी आवाज़ से लाखों लोगों के दिलों को छुआ; उनकी आवाज़ में खुशी, प्यार, भक्ति, तड़प और दुख को बेहद खूबसूरती से बयां करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके गाने भाषाओं, पीढ़ियों और सीमाओं से परे रहे और भारत की संगीत विरासत का एक अहम हिस्सा बन गए। भारत ने अपने संगीत के सबसे अनमोल रत्नों में से एक को खो दिया है। उनके परिवार, चाहने वालों और उन लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं, जिनकी ज़िंदगी को उन्होंने अपनी असाधारण कला से समृद्ध किया। ओम शांति। जानकी अम्मा, आपकी आत्मा को अनंत शांति मिले।”
The voice that gave life to countless emotions has fallen silent, but its echo will resonate for generations.
Deeply saddened by the passing of legendary playback singer S. Janaki Amma—the timeless Nightingale of South India. For over six decades, she touched millions of hearts… pic.twitter.com/t96GR1LxCh
— Boney Kapoor (@BoneyKapoor) July 11, 2026
चिरंजीवी ने X पर लिखा, “जनकम्मा गारू के निधन की खबर ने मेरे दिल को गहरा सदमा पहुँचाया है। मेरे फिल्मी सफर में, उन्होंने अनगिनत यादगार गानों को अपनी बेमिसाल आवाज़ दी। स्क्रीन पर हमने जो भावनाएँ दिखाईं, उनमें जान उनकी आवाज़ ने ही डाली थी। मेरे करियर के जिन गानों को दर्शक आज भी प्यार से याद करते हैं, उनके पीछे जनकम्मा गारू की मीठी आवाज़ है। जब भी वे गाने बजते हैं, तो वे दिन… वे यादें… एक बार फिर मेरी आँखों के सामने ताज़ा हो जाती हैं। जनकम्मा गारू सिर्फ़ एक गायिका नहीं थीं… वह एक असाधारण कलाकार थीं जिन्होंने भावनाओं को सुरों में ढाला। उनका गाया हर गाना एक याद है… एक एहसास है… एक जीवन भर का रिश्ता है। आज हमने संगीत की दुनिया की एक महान हस्ती को खो दिया है। लेकिन उनके गाने पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और हमारी ज़िंदगी के बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर हमेशा गूंजते रहेंगे। मैं श्रीमती एस. जानकी गारू के परिवार, उनके चाहने वालों और उन्हें पसंद करने वाले लाखों संगीत प्रेमियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। जनकम्मा गारू… आपकी आवाज़ अमर है। ओम शांति।”
रजनीकांत ने X पर लिखा, “अपनी सुरीली आवाज़ से कई पीढ़ियों के लोगों को खुश करने वाली उनकी आत्मा को शांति मिले।”कमल हासन, जिन्होंने जानकी के साथ कई यादगार गाने गाए हैं, ने एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि लिखी है, जिसका अर्थ है: “यह गाना हमेशा गूंजता रहेगा। माँ, मैं वह प्यार दोबारा पाने के लिए कहाँ जाऊँगा? कई लोग ऐसा दुख लिए घूमते हैं जिसे वे कभी भुला नहीं पाते। उन सभी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”
தன்னுடைய தேனமுதக் குரலால் தலைமுறை தலைமுறையாக மக்களை மகிழ்வித்த ஜானகி அம்மா அவர்களின் ஆத்மா சாந்தியடையட்டும் #JanakiAmma
— Rajinikanth (@rajinikanth) July 11, 2026
सिंगर उनके काम के साथ ही बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में उन्होंने भारत सरकार के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण को लेने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद वो खबरों में छाई रही थीं। जानकी इस सम्मान को इसलिए नहीं रखना चाहति थीं, क्योंकि वह भारत रत्न की मांग कर रही थीं।
जानकी 20 साल की उम्र में प्लेबैक सिंगिंग करने के लिए चेन्नई चली गईं। उनका पहला गाना 1957 की तमिल फ़िल्म ‘विधिइन विलायाट्टु’ के लिए था और बाद में उन्होंने तेलुगु फ़िल्म ‘M.L.A.’ के लिए भी गाना गाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने 20 भारतीय भाषाओं में गाने गाए, जिनमें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी, बडागा, बंगाली और कोंकणी शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने अंग्रेज़ी, जापानी, जर्मन और सिंहली जैसी विदेशी भाषाओं में भी गाने गाए। उन्हें कई सम्मान भी मिले, जिनमें चार नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और 33 स्टेट फ़िल्म अवॉर्ड शामिल हैं।

