LPG Price 11 October 2026: दिल्ली से पटना तक LPG के ताजा भाव जारी, चेक करें नई कीमतें

LPG Price 11 October 2026: रसोई गैस सिलेंडर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बुकिंग से पहले अपने शहर के नए रेट जरूर जान लें। अक्टूबर महीने में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल राहत बरकरार है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर महंगा हो गया है। 1 अक्टूबर 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के खर्च पर पड़ सकता है।

वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। आइए जानते हैं दिल्ली, मुंबई, पटना समेत प्रमुख शहरों में आज घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर कितने रुपये में मिल रहा है।

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के आज के भाव

शहर के अनुसार LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग हो सकती है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों के घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम एक साथ दिए गए हैं।

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942.00₹2,810.00
नोएडा₹939.50₹2,747.50
गुरुग्राम₹951.00₹2,828.00
मुंबई₹912.50₹2,764.00
कोलकाता₹945.00₹2,954.00
चेन्नई₹950.00₹2,983.00
पटना₹1,000.00₹3,100.50
रांची₹1,010.50₹2,988.00
जयपुर₹945.50₹2,839.00

नोट: ये कीमतें उपलब्ध दरों पर आधारित हैं। बुकिंग से पहले संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या गैस वितरक से अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें।

अक्टूबर में कमर्शियल सिलेंडर क्यों हुआ महंगा?

तेल कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 को 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है, जहां खाना बनाने के लिए कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में इस दौरान कोई नया बदलाव नहीं किया गया। इससे घरों में खाना बनाने के खर्च पर तत्काल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।

अलग-अलग शहरों में LPG के दाम क्यों बदलते हैं?

गैस सिलेंडर की खुदरा कीमत तय होने में कई कारक अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत, आयात लागत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन खर्च और स्थानीय कर शामिल हैं। इसी वजह से दिल्ली, मुंबई, पटना और रांची जैसे शहरों में सिलेंडर की कीमत एक जैसी नहीं होती।

भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर गैस की लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों में बदलाव संबंधित फैसलों पर निर्भर करता है।

LPG सब्सिडी का लाभ किन उपभोक्ताओं को मिलता है?

सरकारी योजनाओं के तहत पात्र उपभोक्ताओं को घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। सब्सिडी की पात्रता और मिलने वाली राशि योजना के नियमों के अनुसार तय होती है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं का वास्तविक खर्च एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को अपनी पात्रता और बैंक खाते में सब्सिडी की स्थिति की जांच करनी चाहिए। बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन से संबंधित किसी भी अनिवार्य प्रक्रिया के लिए भी अपनी गैस कंपनी या आधिकारिक सरकारी सूचना से पुष्टि करना बेहतर है।

सिलेंडर बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

गैस बुक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप घरेलू या कमर्शियल में से सही श्रेणी का सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इसके अलावा, अपने शहर का लागू रेट, सब्सिडी की पात्रता और गैस वितरक की ओर से बताई गई अंतिम राशि भी जांच लें। इससे बिल को लेकर भ्रम नहीं रहेगा और आप अपने मासिक बजट की बेहतर योजना बना सकेंगे।

Petrol Diesel Price Today: 11 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें अपने शहर में आज के दाम

Petrol Diesel Price Today: 11 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें अपने शहर में आज के दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 11 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: एक हफ्ते में ₹2240 ऊपर चढ़ा गोल्ड, दिल्ली से चेन्नई तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां

Gold Rate Today in India: आज रविवार को सोने-चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे पहले सोने की चमक लगातार दो दिनों बढ़ी थी और इन दो दिनों में 24 कैरट की शुद्धता वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹1850 और 22 कैरट वाला ₹1700 महंगा हआ था। एक हफ्ते में 24 कैरट गोल्ड के भाव ₹2240 और 22 कैरट के ₹2050 ऊपर चढ़े हैं। अब चांदी की बात करें तो एक दिन उछलने के बाद आज इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर  24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव  22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 
दिल्ली ₹1,51,570 ₹1,38,950 ₹1,13,720
मुंबई  ₹1,51,420 ₹1,38,800 ₹1,13,570
कोलकाता  ₹1,51,420 ₹1,38,800 ₹1,13,570
चेन्नई ₹1,51,420 ₹1,38,800 ₹1,11,400
बेंगलुरू  ₹1,51,420 ₹1,38,800 ₹1,13,570
हैदराबाद₹1,51,420 ₹1,38,800 ₹1,13,570
लखनऊ ₹1,51,570 ₹1,38,950 ₹1,13,720
पटना₹1,51,470 ₹1,38,850 ₹1,13,620
जयपुर ₹1,51,570 ₹1,38,950 ₹1,13,720
अहमदाबाद  ₹1,51,470  ₹1,38,850 ₹1,13,620

एक दिन उछलने के बाद फिर ठहरी चांदी

चांदी की बात करें तो 1 अक्टूबर को एक किलो चांदी के भाव ₹5 हजार गिरने के बाद से लगातार आठ दिनों तक इसके भाव स्थिर रहे और फिर 10 अक्टूबर को यह ₹5 हजार चढ़ा। फिर उसके बाद आज 11 अक्टूबर को दिल्ली में एक किलो चांदी की चमक में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह ₹2,40,000 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,45,000 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

क्या कहना है एक्सपर्ट का

सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं। मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटी मामलों के प्रमुख प्रवीण सिंह का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमत सीमित दायरे में रह सकती है और इनमें मामूली तेजी बनी रह सकती है। हालांकि उन्होंने सतर्क भी किया है कि तेल की कीमतों में अचानक तेजी आने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

एक लाख रुपये सैलरी तो दिल्ली-NCR में किराए पर रहें या होम लोन लेकर खरीदें घर?

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Delhi Protest: IGI एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके के प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस, CJP ने लगाया हिरासत में लेने का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरने के बाद हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया पर प्लेन के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिल्ली पुलिस कह रही है कि यह गिरफ्तारी नहीं है। CJP ने एक बयान जारी कर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP के नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

“…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं”

अभिजीत दीपके की फ्लाइट कुछ ही मिनट पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरी है। वीडियो में अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस से कहते हुए दिख रहे हैं, “…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं; कर लीजिए गिरफ्तार।” वहीं दिल्ली पुलिस के जवान कह रहे हैं कि “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।”

ध्रुव राठी को लिया हिरासत में

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। सुबह करीब 7:48 बजे पुलिस सेक्टर 56 के सेंट्रल पार्क विहार में उनके घर पहुंची। शुक्रवार देर रात से ही उनके आवास के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी तैनात हो गए थे। शनिवार सुबह सिविल ड्रेस और पुलिस की वर्दी में पहुंचे लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने औपचारिक रूप से ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

200 प्रदर्शनकारी हिरासत में

दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को रोकने के लिए चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। नई दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

भारत में सरकारी नौकरी को अक्सर सुरक्षित भविष्य और अच्छी जिंदगी की गारंटी माना जाता है। लेकिन मुंबई में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी एक नाई की कहानी इस सोच से अलग नजर आती है। दावा है कि वह महीने में करीब 1 लाख रुपये कमाता है। दिलचस्प बात यह है कि इतनी कमाई के बावजूद वह एंट्री-लेवल सरकारी नौकरी मिलने पर भी अपना मौजूदा काम छोड़ना नहीं चाहता।

लेखक और फंड मैनेजर हर्ष गुप्ता मधुसूदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नाई के साथ हुई बातचीत साझा की। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नाई हफ्ते में छह दिन सुबह से रात तक काम करता है। यात्रा के बुनियादी खर्च निकालने के बाद उसकी मासिक कमाई करीब एक लाख रुपये बताई गई है।

मेहनत और आजादी को मानता है अपनी सबसे बड़ी पूंजी

हर्ष के मुताबिक, बातचीत के दौरान नाई ने कहा कि काम करने और मेहनत करने वालों के लिए अवसरों की कमी नहीं है। वह अपने काम को पसंद करता है और इसमें मिलने वाली आजादी उसके लिए अहम है। यही वजह है कि वह सरकारी नौकरी के बजाय अपना मौजूदा काम जारी रखना चाहता है।

उसकी कहानी ने रोजगार को लेकर एक दिलचस्प सवाल खड़ा किया है क्या अच्छी कमाई और संतुष्टि के लिए सरकारी नौकरी ही एकमात्र रास्ता है? हालांकि, एक व्यक्ति का अनुभव पूरे रोजगार बाजार की तस्वीर नहीं बताता।

आजमगढ़ से लखनऊ तक का सफर हुआ आसान, विकास से खुश है परिवार

बातचीत में उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र भी आया। हर्ष के अनुसार, नाई ने बताया कि पहले उसके गांव से लखनऊ पहुंचने में 7-8 घंटे लगते थे। अब बेहतर सड़कों के कारण उतने ही समय में आना-जाना संभव हो गया है, वह भी रास्ते में चाय और खाने के लिए रुकने के बाद।

नाई ने देश में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उसने बताया कि गांव में उसके परिवार को कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है, हालांकि शहर में ऐसा लाभ नहीं मिला।

टैक्स भरने पर गर्व, बेटे की पढ़ाई पर भी ध्यान

इस कहानी का एक और पहलू उसकी पारिवारिक जिंदगी है। हर्ष के मुताबिक, नाई की कमाई से टैक्स कटता है और वह गर्व के साथ इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल करता है। कई बार उसे रिफंड भी मिलता है।

उसका एक छोटा बेटा है, जिसे वह निजी प्री-स्कूल में पढ़ाता है। उसकी पत्नी भी कमाई में योगदान देती थी, लेकिन फिलहाल बच्चे की देखभाल के लिए काम से ब्रेक पर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, क्या हर किसी के लिए ऐसे अवसर हैं?

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने नाई की मेहनत और आत्मनिर्भरता की तारीफ की। वहीं, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या एक नाई के लिए हर महीने एक लाख रुपये कमाना आम बात है। कुछ लोगों ने इस कमाई के दावे की तुलना दूसरे शहरों में नाइयों की आमदनी से भी की।

दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने कहा कि एक व्यक्ति की सफलता को देश में रोजगार की पूरी स्थिति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने शिक्षित युवाओं के रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए।

हर्ष ने अपनी पोस्ट के अंत में व्यंग्य करते हुए लिखा कि उनका मन नाई से कहने का हुआ कि वह भारत और अपनी जिंदगी को लेकर इतनी सकारात्मक सोच छोड़कर सोशल मीडिया पर देश की नाकामियों के बारे में पढ़े, लेकिन वह ऐसा कह नहीं सके।

इस कहानी का असली पहलू यही है कि जहां कुछ लोग सरकारी नौकरी को सफलता मानते हैं, वहीं कुछ के लिए अपने काम में कमाई, संतुष्टि और आजादी ज्यादा मायने रखती है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Kinetic’s Electric Energy by Adil Jal Darukhanawala: Book review

Kinetic's Electric Energy by Adil Jal Darukhanawala: Book review
Kinetic's Electric Energy coffee table book on coffee table

Adil Jal Darukhanawala is a treasure trove of information when it comes to India’s automotive history, and his latest book, Kinetic’s Electric Energy, is a testament to that fact. In the last three decades of the 20th century, Kinetic Engineering was established as a force to be reckoned with under the stewardship of the Firodia family. Adil’s hugely detailed book traces the humble and truly frugal beginnings of the company all the way to today, when a resurgent Kinetic is looking to establish itself as a mainstay in the electric two-wheeler market.

This 170-page book starts off with a brief introduction to the Kinetic Honda DX while tracing the origins of the company with the spectacular moped success that was the Luna. The author goes into copious detail about how the company went to great lengths to ensure its moped transitioned India from pedal power to motorised mobility.

Not only that, chapters like ‘Lunacy on the Luna’ and ‘Beating the Queen – Kinetic Luna takes on the Indian Railways’ outline how Kinetic seized every opportunity to market the Luna. The former speaks about how the company sponsored five young college students – self-christened the Lunatix – on a 90-day, 18,000km journey traversing the length and breadth of the country back in 1982! The latter highlights how four humble Lunas and their gutsy as well as ingenious riders outran the Deccan Queen Mumbai-Pune express train in 1990. 

Kinetic didn’t just rely on its marketing but also its belief in the motto ‘Win on Sunday, sell on Monday’, which proved it was relevant not just in the high-end supersport world of motorcycling but could also ring true for the humble moped as it did in the chapter ‘Satish Apte and the World’s Fastest Luna.’ It documented how a fledgling team from Pune trounced the works team of the Hosur-based manufacturer through steely determination and some spectacularly out-of-the-box thinking. 

A chapter from Kinetic's Electric Energy

From there, we move on to how Kinetic partnered with Honda and opened the floodgates for gearless scooters in India with its novel DX scooter. Even though this partnership didn’t last very long, as detailed in ‘Kinetic & Honda – Unfulfilled Promise’, it cemented Kinetic’s position in the market as a maker of reliable and affordable products. 

This book also highlights the innovative spirit of the company’s leadership when you read about the stillborn but nonetheless revolutionary, hybrid scooter and compact city car concepts. At a time when India’s mobility market was cautiously walking, Kinetic took leaps of faith, and these have been beautifully articulated and illustrated in their respective chapters.

While Kinetic’s business was booming in the 20th century, its 21st century has been more muted between winding down ICE scooter production and the Motoroyale superbike business, which never managed to take off in a big way. However, as you flip through these pages, you’ll learn that with the reincarnated DX electric, Kinetic wants to recapture its magic of yesteryear and take the fight to the leaders’ doorsteps. 

If you are someone with even a passing interest in the automotive arena, especially the events that transpired before the turn of the century and shortly thereafter, Darukhanawala’s latest discourse should surely find a place on your mantelpiece.

Delhi Protest: रात के अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने वाले बॉडी कैमरों से लैस हुए दिल्ली पुलिस के जवान, समझिए क्या है तैयारी

जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए शनिवार 10 अक्टूबर को पूरी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े और हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं। इस बार प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात दिल्ली पुलिस के जवान आधुनिक नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों (BWCs) से लैस नजर आ रहे हैं। यह विशेष बॉडी कैमरे जवानों की यूनिफॉर्म पर लगाए गए हैं, जो दिन के उजाले के साथ-साथ रात के घने अंधेरे में भी हाई क्वॉलिटी की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं।

यह कैमरे हमारी और जनता दोनों की सुरक्षा के लिए हैं: जवान ने समझाई उपयोगिता

ANI की एक एक्स पोस्ट में दिल्ली में तैनात पुलिस जवान अपनी यूनिफॉर्म पर यह कैमरे पहने हुए दिखाई दिए। सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवान दीपक चौधरी ने इन कैमरों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि यह बॉडी कैमरे जवानों के साथ-साथ आम जनता और प्रदर्शनकारियों दोनों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन या हाथापाई की स्थितियों में अक्सर दिल्ली पुलिस के ऊपर एकतरफा आरोप लगा दिए जाते हैं। ऐसे में यह बॉडी कैमरे निष्पक्ष सबूत के तौर पर काम करेंगे और यह साबित करेंगे कि पुलिस ने किसी के साथ कुछ गलत किया है या नहीं। यह कैमरे मौके पर होने वाली हर एक गतिविधि को लगातार रिकॉर्ड करेंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की थी अनिवार्य बॉडी कैमरे लगाने वाली याचिका

बॉडी कैमरों की यह तैनाती ऐसे समय में देखने को मिली है, जब कुछ ही दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों का अनिवार्य और लगातार इस्तेमाल करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर को एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांबरे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका को केंद्र सरकार के समक्ष एक प्रतिवेदन के रूप में विचार करने को कहा था। अदालत ने न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की थी कि इस मामले में ऐसा कोई कानूनी पेंच नहीं है जहां कोर्ट को निर्देश जारी करने की जरूरत पड़े। अदालत ने कहा था कि जब भी विधायिका की कोई मंशा होती है, वे वैधानिक प्रावधानों में नियम तय कर देते हैं।

जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देकर दायर की गई थी याचिका

यह याचिका एडवोकेट चाहत राघव द्वारा भारत सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बीपीआरएंडडी के खिलाफ दायर की गई थी। इस याचिका में मांग की गई थी कि प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण में तैनात अधिकारियों के लिए कैमरे पहनना और उन्हें चालू रखना अनिवार्य किया जाए। साथ ही रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने, डेटा सुरक्षा और सबूत के तौर पर उसके इस्तेमाल के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाए।

याचिका में जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर CJP और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के प्रदर्शनों का जिक्र किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के अधिकांश वीडियो आम जनता या राहगीरों के मोबाइल फोन से सामने आए थे, न कि किसी आधिकारिक पुलिस रिकॉर्डिंग सिस्टम से। याचिका में कहा गया था कि 21 जुलाई की घटनाओं में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों दोनों को चोटें आई थीं, जबकि 23 जुलाई की समीक्षा बैठक में आरएएफ के महानिरीक्षक (IG) ने कथित तौर पर माना था कि इस्तेमाल किए गए बल के कुछ तरीके तय मानकों के अनुरूप नहीं थे।

1,500 कैमरों के लिए टेंडर और कानूनी प्रावधानों की मांग

याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2020 की बॉडी-वॉर्न कैमरों से जुड़ी एडवाइजरी सिर्फ एक सिफारिश थी, जो अधिकारियों के लिए कैमरे चालू रखना अनिवार्य नहीं बनाती। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस द्वारा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के जरिए लगभग ₹7.4 करोड़ की अनुमानित लागत से 1500 बॉडी कैमरों की खरीद के लिए निकाले गए टेंडर का भी जिक्र किया था, जिसमें प्रति कैमरा लागत करीब ₹49333 बैठती है।

याचिका में मांग की गई थी कि कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाए जिसे कोई जवान बदल न सके, साथ ही भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत प्रमाणीकरण और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों का पालन हो। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह कैमरे किसी भीड़ पर चेहरा पहचानने वाला जाल नहीं, बल्कि पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद का एक पारदर्शी रिकॉर्ड हैं जो बैरिकेड के दोनों तरफ मौजूद लोगों की सुरक्षा करते हैं।

छावनी में तब्दील हुई दिल्ली: 25,000 जवान, मेट्रो पाबंदी और इंटरनेट बंद

शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियां सुरक्षा में लगाई गई हैं। शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक समेत 30 से ज्यादा पॉइंट्स पर सख्त ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर गाड़ियों की सघन चेकिंग की जा रही है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बैन लागू है, नमो भारत के दो स्टेशन बंद हैं और ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। आपको बता दें कि यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है, जिसके विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन बुलाया गया है।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार 10 अक्टूबर को प्रस्तावित बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह बिना अनुमति का प्रदर्शन है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।

शनिवार सुबह 6:00 बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अगर आप आज दिल्ली की सड़कों, विशेषकर मध्य दिल्ली और लुटियंस जोन की तरफ निकलने वाले हैं, तो ट्रैफिक पाबंदियों और डायवर्जन पॉइंट्स की यह पूरी सूची जरूर देख लें।

इन 31 प्रमुख जगहों पर प्रभावित रहेगा ट्रैफिक, लागू होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, स्थिति और भीड़ के दबाव को देखते हुए शहर की इन 31 प्रमुख जगहों और उनसे जुड़ी सड़कों पर आवाजाही रोकी जा सकती है या ट्रैफिक का मार्ग बदला जा सकता है:

शंकर रोड गोलचक्कर–वंदे मातरम ‘टी’ पॉइंट (नई दिल्ली की ओर)

धौला कुआं फ्लाईओवर

झंडेवालान गोलचक्कर

पंचकुइयां गोलचक्कर

मंडी हाउस गोलचक्कर

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट)

राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट)

मिंटो रोड / दीनदयाल उपाध्याय मार्ग

गुरु नानक चौक

चेम्सफोर्ड रोड पर कनॉट प्लेस आउटर सर्कल टी-पॉइंट

भैरों रोड पर एमजी मार्ग (रिंग रोड) टी-पॉइंट

लोधी रोड फ्लाईओवर

नीला गुंबद गोलचक्कर

मदरसा टी-पॉइंट

सम्राट होटल गोलचक्कर

सरदार पटेल मार्ग–पंचशील मार्ग क्रॉसिंग

भीकाजी कामा प्लेस अंडरपास

मोती बाग फ्लाईओवर अंडरपास

रिंग रोड–सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट

अशोका रोड–जंतर मंतर रोड गोलचक्कर

विंडसर पैलेस गोलचक्कर

टॉलस्टॉय–जनपथ क्रॉसिंग

रेल भवन गोलचक्कर

जय सिंह रोड–संसद मार्ग क्रॉसिंग

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–बाराखंबा रोड टी-पॉइंट

गोल डाक खाना गोलचक्कर

पटेल चौक गोलचक्कर

जय सिंह रोड–अशोका रोड टी-पॉइंट

आरएमएल (RML) अस्पताल गोलचक्कर

कनॉट प्लेस आउटर सर्कल–संसद मार्ग टी-पॉइंट

सेंट्रल दिल्ली और लुटियंस जोन से जुड़ने वाले अन्य मुख्य रास्ते

दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

सड़क ट्रैफिक के अलावा सार्वजनिक परिवहन पर भी बड़ा असर पड़ा है। सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी 9 अक्टूबर रात 9:00 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6:00 बजे तक दिल्ली मेट्रो के 45 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को बंद रखने की घोषणा की है। हालांकि बंद स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बिना जरूरी काम के निकलने से बचें, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले रखें अतिरिक्त समय

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता और यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जो लोग नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली या आसपास के रास्तों से होकर रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT) या आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट जाने वाले हैं, वे घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि जाम में फंसने की स्थिति में फ्लाइट या ट्रेन न छूटे। जिन इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन या पुलिस की बैरिकेडिंग लागू है, वहां बेहद जरूरी काम न होने पर जाने से बचें। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ग्राउंड पर स्थिति के हिसाब से पाबंदियों में ढील दी जाएगी या उन्हें सख्त किया जाएगा।

कैसे चेक करें दिल्ली ट्रैफिक का पल-पल का अपडेट?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सहूलियत के लिए रियल-टाइम अपडेट पाने के आधिकारिक माध्यम भी साझा किए हैं। यात्री सड़क पर निकलने से पहले इन प्लेटफॉर्म्स पर जाकर वैकल्पिक रास्तों की जानकारी ले सकते हैं:

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LPG Price 10 October 2026: दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में कितने रुपये का मिल रहा गैस सिलेंडर? चेक करें नए रेट

LPG Price 10 October 2026: LPG सिलेंडर की कीमतों में अक्टूबर की शुरुआत में बदलाव किया गया है, जिसका असर घरेलू और कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वालों पर अलग-अलग पड़ा है। घरेलू ग्राहकों के लिए राहत की बात है कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट जैसे कारोबारों का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में अगर आप गैस सिलेंडर बुक कराने जा रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जानना जरूरी है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और पटना समेत कई बड़े शहरों में LPG के दाम अलग-अलग हैं। आइए जानते हैं 8 अक्टूबर 2026 को घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर किस कीमत पर मिल रहे हैं और कहां ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।

घरेलू गैस के दाम में राहत, कमर्शियल सिलेंडर ने बढ़ाया खर्च

10 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू LPG सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में इसकी कीमत में बदलाव नहीं किया गया। दूसरी ओर, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 1 अक्टूबर से 62.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 2,810 रुपये हो गई है।

इस बढ़ोतरी का असर उन कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। कारोबारियों की लागत बढ़ने पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

दिल्ली से मुंबई और पटना तक, कितने रुपये में मिल रहा सिलेंडर?

अलग-अलग शहरों में LPG की कीमतें अलग हैं। नीचे प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दिए गए रेट देख सकते हैं।

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
नोएडा₹939.50₹2,747.50
गाजियाबाद₹939.50₹2,747.50
मुंबई₹912.50₹2,764
कोलकाता₹945₹2,954
चेन्नई₹950₹2,983
पटना₹1,000₹3,100.50
रांची₹1,010.50₹2,988
बेंगलुरु₹944.50₹2,893.50

घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर क्यों हैं?

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव एक जैसा होना जरूरी नहीं है। तेल कंपनियां दोनों श्रेणियों के दाम अलग-अलग संशोधित करती हैं। इस बार घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है।

दिल्ली में इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर घरेलू इंडेन सिलेंडर का दाम 942 रुपये बताया गया है। हालांकि, बुकिंग से पहले अपने शहर में लागू कीमत की पुष्टि जरूर करें, ताकि भुगतान के समय किसी तरह का भ्रम न रहे।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें 10 अक्टूबर को आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें 10 अक्टूबर को आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 10 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।