ट्रम्प ने मस्क को नेशनल साइंस मेडल से नवाजा:बोले- इलॉन हमारे दौर के थॉमस एडिसन हैं, साइंस को हकीकत में बदल दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट’ में इलॉन मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया। ट्रम्प ने अंतरिक्ष खोज, तकनीक और इनोवेशन में मस्क के योगदान की तारीफ करते हुए उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ और ‘आधुनिक दौर का थॉमस एडिसन’ बताया। अवार्ड देने से पहले ट्रम्प ने मस्क को उद्योग जगत का दिग्गज, शानदार इंजीनियर और अब तक के सबसे महान टेक्नोलॉजी फाउंडर्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मस्क की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प ने विज्ञान-कथा को हकीकत में बदल दिया है। ट्रम्प ने टेस्ला में मस्क की भूमिका की तारीफ की ट्रम्प ने टेस्ला की स्थापना में मस्क की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने टेस्ला को 75 साल से ज्यादा समय में सफल होने वाली पहली नई कार निर्माता कंपनी बताया और कहा कि कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों और सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को व्यावसायिक रूप से सफल बनाया। ट्रम्प ने अपने चाचा डॉ. जॉन ट्रम्प का भी जिक्र किया, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने आविष्कारक निकोला टेस्ला के काम का आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। उन्होंने मस्क के न्यूरालिंक और सुपरइंटेलिजेंस से जुड़े काम की भी तारीफ की। ट्रम्प ने कहा कि मस्क ऐसे लोगों की नजर, बोलने और चलने की क्षमता बहाल करने पर काम कर रहे हैं, जो इन्हें खो चुके हैं। नेशनल मेडल ऑफ साइंस की स्थापना 1959 में हुई थी नेशनल मेडल ऑफ साइंस से गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और एएमडी की सीईओ लिसा सु को भी सम्मानित किया गया। वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया। यह ट्रम्प के दोनों कार्यकालों में पहली बार था, जब उन्होंने नेशनल मेडल ऑफ साइंस और नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिए। नेशनल मेडल ऑफ साइंस की स्थापना अमेरिकी कांग्रेस ने 1959 में की थी। यह अमेरिका में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वालों को दिया जाता है। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया:8 आईटी कंपनियों के खिलाफ एक्शन, अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों पर सीधा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गुरुवार को 8 बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL हैं। इनके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प ने मस्क को नेशनल साइंस मेडल से नवाजा:बोले- इलॉन हमारे दौर के थॉमस एडिसन हैं, साइंस को हकीकत में बदल दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट’ में इलॉन मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया। ट्रम्प ने अंतरिक्ष खोज, तकनीक और इनोवेशन में मस्क के योगदान की तारीफ करते हुए उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ और ‘आधुनिक दौर का थॉमस एडिसन’ बताया। अवार्ड देने से पहले ट्रम्प ने मस्क को उद्योग जगत का दिग्गज, शानदार इंजीनियर और अब तक के सबसे महान टेक्नोलॉजी फाउंडर्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मस्क की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प ने विज्ञान-कथा को हकीकत में बदल दिया है। ट्रम्प ने टेस्ला में मस्क की भूमिका की तारीफ की ट्रम्प ने टेस्ला की स्थापना में मस्क की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने टेस्ला को 75 साल से ज्यादा समय में सफल होने वाली पहली नई कार निर्माता कंपनी बताया और कहा कि कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों और सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को व्यावसायिक रूप से सफल बनाया। ट्रम्प ने अपने चाचा डॉ. जॉन ट्रम्प का भी जिक्र किया, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने आविष्कारक निकोला टेस्ला के काम का आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। उन्होंने मस्क के न्यूरालिंक और सुपरइंटेलिजेंस से जुड़े काम की भी तारीफ की। ट्रम्प ने कहा कि मस्क ऐसे लोगों की नजर, बोलने और चलने की क्षमता बहाल करने पर काम कर रहे हैं, जो इन्हें खो चुके हैं। नेशनल मेडल ऑफ साइंस की स्थापना 1959 में हुई थी नेशनल मेडल ऑफ साइंस से गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और एएमडी की सीईओ लिसा सु को भी सम्मानित किया गया। वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया। यह ट्रम्प के दोनों कार्यकालों में पहली बार था, जब उन्होंने नेशनल मेडल ऑफ साइंस और नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया:8 आईटी कंपनियों के खिलाफ एक्शन, अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों पर सीधा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गुरुवार को 8 बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL हैं। इनके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। पूरी खबर पढ़ें…

फील्डमार्शल ने नए डीजल इंजन लॉन्च किए, टैक्ट्रर और खेती की मशीनों में आएंगे काम; ARAI से मिली मंजूरी

इंजीनियरिंग कंपनी Fieldmarshal P.M. Diesels Private Limited ने 15 HP और 18 HP कैटेगरी में नए सिंगल-सिलेंडर डीजल इंजन लॉन्च किए हैं। कंपनी के मुताबिक, ये भारत के पहले ARAI-अप्रूव्ड और TREM V-कम्प्लायंट सिंगल-सिलेंडर डीजल इंजन हैं। यह लॉन्च कंपनी के 60 साल से ज्यादा लंबे इंजीनियरिंग सफर में अहम पड़ाव है।

कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर और खेती की मशीनों के लिए डिजाइन

नए इंजन खास तौर पर कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर और खेती की मशीनों के लिए बनाए गए हैं। कंपनी का कहना है कि इनमें बेहतर टेक्नोलॉजी, ईंधन की बचत और मजबूती पर फोकस किया गया है। साथ ही, इनका डिजाइन कॉम्पैक्ट रखा गया है, ताकि खेती से जुड़े अलग-अलग कामों में इनका इस्तेमाल आसान हो।

देश में विकसित की गई EGR टेक्नोलॉजी

इन इंजनों में भारत में विकसित EGR सिस्टम लगाया गया है। यह उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है। साथ ही, इंजन के सुचारू संचालन पर भी फोकस किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह टेक्नोलॉजी नए TREM V उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित करती है।

TREM V टेक्नोलॉजी के लिए पेटेंट फाइलिंग

Fieldmarshal ने अपनी TREM V इंजन टेक्नोलॉजी से जुड़ी कई राष्ट्रीय पेटेंट फाइलिंग भी की हैं। कंपनी के मुताबिक, इससे देश में ही R&D, इंजीनियरिंग और बौद्धिक संपदा तैयार करने पर उसका फोकस दिखता है।

कंपनी अब एडवांस्ड इंजन, ट्रैक्टर और खेती के मशीनीकरण से जुड़े समाधान विकसित करने पर आगे बढ़ रही है। इसके अलावा कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, जल समाधान और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना है।

कंपनी ने क्या कहा?

Fieldmarshal P.M. Diesels के डायरेक्टर ऋषि पटेल ने कहा कि TREM V इंजन प्लेटफॉर्म कंपनी की इंजीनियरिंग यात्रा में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि छह दशकों से ज्यादा समय से कंपनी का फोकस ऐसे प्रोडक्ट बनाने पर रहा है, जो वास्तविक कामकाजी परिस्थितियों में भरोसेमंद प्रदर्शन दे सकें।

उन्होंने कहा कि ARAI से मंजूर TREM V-कम्प्लायंट 15 HP और 18 HP सिंगल-सिलेंडर इंजन का लॉन्च और इससे जुड़ी पेटेंट फाइलिंग भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं को दिखाती है।

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Digital India: 35,000 गांवों में हाई-स्पीड नेटवर्क के लिए मोदी सरकार का मास्टर प्लान! खर्च होंगे ₹15,000 करोड़

Govt To Spend ₹15000 Crore Telecom Connectivity: दूरदराज के इलाकों में नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026’ में घोषणा की कि सरकार देश के लगभग 35,000 गांवों में टेलीकॉम टावर लगाने के लिए ₹12,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ के बीच खर्च कर रही है।

संचार मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन इलाकों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर व्यापारिक दृष्टिकोण से फायदे का सौदा नहीं है, वहां सरकार को खुद आगे आकर निवेश करना पड़ रहा है ताकि कोई भी क्षेत्र कनेक्टिविटी से अछूता न रहे।

जहां फायदा नहीं, वहां सरकार खुद करेगी निवेश

मंत्री सिंधिया ने इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग और इंटर-ऑपरेबिलिटी पर जोर देते हुए कहा, ‘हर क्षेत्र रिटर्न या मुनाफा देने वाला नहीं हो सकता। कई दूरदराज के इलाकों में पहुंच एक बड़ी चुनौती है, जहां निजी कंपनियां मुनाफा न होने के कारण नेटवर्क नहीं लगा पातीं। ऐसे क्षेत्रों में सरकार का आगे आना अनिवार्य है और हमने यही काम किया है।’

ग्राहकों को ध्यान में रखकर स्पेक्ट्रम रिफार्मिंग

संचार मंत्री ने कहा कि सरकार स्पेक्ट्रम के बेहतर और सही इस्तेमाल के लिए ‘स्पेक्ट्रम रिफार्मिंग’ पर काम कर रही है। इससे मौजूदा स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

हाईवे की तरह बनेगा टेलीकॉम नेटवर्क

नेविगेशन और नेटवर्क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ‘मिडिल माइल’ इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर बल दिया गया। सिंधिया ने सरकार की भूमिका की तुलना हाईवे निर्माण से करते हुए कहा, ‘जैसे सरकार का काम हाईवे बनाना है, वैसे ही टेलीकॉम में हमारा काम ‘मिडिल माइल’ तैयार करना है। इसके बाद हमारा अगला कदम यह सुनिश्चित करना है कि लोग इस नेटवर्क हाईवे का सही और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें।’

भारतनेट और 4G सैचुरेशन स्कीम का विस्तार

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत सरकार ने ₹1.40 लाख करोड़ का बजट तय किया है। इसका मकसद केवल ग्राम पंचायतों तक ही नहीं, बल्कि सीधे गांवों और घरों तक ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाना है।

इससे पहले सरकार ने ‘4G सैचुरेशन स्कीम’ के तहत करीब 30,000 गांवों की पहचान की थी, जहां 21,000 टेलीकॉम टावर लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 17,000 टावर पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुरक्षा के नियम

इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज और AI के प्रभाव पर बात करते हुए सिंधिया ने 2000 के दशक से पहले के आईटी दौर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी अपने आप में एक जरिया है, लेकिन आप इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं, उसी से आपकी उत्पादकता तय होती है।

सिंधिया ने सचेत करते हुए कहा कि AI के विस्तार से कुछ नकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इसके लिए एक ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ की जरूरत है ताकि लोगों को टेक्नोलॉजी के गलत प्रभावों से बचाया और सुरक्षित रखा जा सके।

देश में 4G और 5G की मौजूदा स्थिति

IMC 2026 में डेटा साझा करते हुए सिंधिया ने बताया, भारत के 99% से अधिक गांवों में अब 4G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। वहीं देश के 99.9% जिलों को 5G नेटवर्क से कवर कर लिया गया है। अब भारत का मुख्य फोकस केवल बुनियादी नेटवर्क देने तक सीमित नहीं है, बल्कि 5G, 6G और AI-सक्षम सेवाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।

इन शेयरों पर दांव लगाने से हो सकती है जोरदार कमाई, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्टॉक्स शामिल

शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.98 फीसदी यानी 220 अंक चढ़कर 22,776 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.95 फीसदी यानी 685 अंक के उछाल के साथ 73,067 पर क्लोज हुआ। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार करेक्शन के बाद शेयरों की वैल्यूएशंस अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। अभी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने ऐसे शेयरों की लिस्ट की तैयार की है।

इस कंज्यूमर ड्यूरबेल कंपनी में कमाई का मौका

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की लिस्ट का पहला शेयर आदित्य विजन है। यह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनी है। आदित्य विजन का शेयर 6 अक्तूबर को 0.87 फीसदी गिरकर 595.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते 6 महीनों में यह शेयर 29 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 720 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर 26 फीसदी चढ़ सकता है।

इस शेयर पर दांव लगाने से 26% रिटर्न मिल सकता है

इस लिस्ट की दूसरी कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज है। यह आईटी कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 7.53 फीसदी चढ़कर 587.20 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर पर दांव लगाने से 26 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

बीते छह महीनों में 53 फीसदी चढ़ा है यह शेयर 

कार्बोरंडम यूनिवर्सल इस लिस्ट का तीसरा शेयर है। यह कैपिटल गुड्स कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 0.15 फीसदी चढ़कर 1,269.50 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर बीते छह महीनों में 53 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसका टारगेट प्राइस 1,563 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 26 फीसदी तेजी आ सकती है।

इस शेयर की कीमत 45 फीसदी उछल सकती है

गोदावरी पावर एंड इस्पात के शेयरों में भी कमाई का मौका दिख रहा है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 3.4 फीसदी चढ़कर 218.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 20 फीसदी गिरा है। इस शेयर का टारगेट प्राइस 314 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 45 फीसदी का उछाल दिख सकता है।

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इस शेयर में आ सकती है 51 फीसदी तेजी 

ताजजीवीके होटल्स के शेयर में निवेश का मौका दिख रहा है। यह होटल एंड रिजॉर्ट कंपनी है। यह शेयर 6 अक्तूबर को 1.17 फीसदी चढ़कर 319 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने बीते छह महीनों में कोई रिटर्न नहीं दिया है। इसका टारगेट प्राइस 475 रुपये है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट लेवल से 51 फीसदी चढ़ सकता है।

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Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ। आज लगभग 1991 शेयरों में बढ़त हुई, 2297 शेयरों में गिरावट आई और 216 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आज बाजार की शुरुआत अच्छी रही,लेकिन बाद में वित्त मंत्री सीतारमण के इस बयान के बाद कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत अटक गई है, बाजार में गिरावट आई। भारत के साथ व्यापार संबंधों में अमेरिका ट्रेड डेफिसिट का सामना कर रहा है, इसलिए वह इस असंतुलन को कम करने और पिछले कई सालों के असंतुलन की भरपाई करने की पूरी कोशिश कर रहा है।

आज RBI की बैठक शुरू होने और फरवरी 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद के कारण VIX ऊंचे स्तर पर रहा। VIX आज 1.73% ऊपर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी पर सबकी नजर रही क्योंकि HDFC बैंक, यस बैंक, RBL बैंक और AU बैंक समेत लगभग 11 बैंकों ने अपने Q2FY27 के प्रोविज़नल नतीजे जारी किए हैं। यह इंडेक्स 0.48% ऊपर बंद हुआ। इस तेजी में AU बैंक, फेडरल बैंक और PNB का योगदान सबसे ज़्यादा रहा। जबकि HDFC बैंक और कोटक बैंक में गिरावट रही।

Bizom के डेटा से पता चलता है कि भारत के FMCG बाज़ार में Q2FY27 के दौरान वैल्यू में 8.6% की बढ़ोतरी हुई,जो पिछले छह क्वार्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट है (Q1 में यह 6.8% थी)। इसी वजह से आज FMCG इंडेक्स में तेजी रही। यह इंडेक्स 1.8% ऊपर बंद हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और एनटीपीसी शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे।

फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, मीडिया, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, टेलीकॉम और रियल्टी में 0.5-2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका में उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण बाजार में रिकवरी देखी गई। इससे उन निवेशकों को कुछ राहत मिली जो निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़त के डर से ग्रस्त थे। हालांकि,असल आर्थिक विकास और बाजार के प्रदर्शन के बीच अंतर के कारण निवेशक अब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और करेंसी से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रख रहे हैं।

अब सबकी नज़रें RBI के पॉलिसी और आने वाले अर्निंग्स सीजन पर टिकी हैं। बाजार को पहले से ही 25-bps की दर बढ़ोतरी की उम्मीद है। बाजार एक अहम मोड़ पर है। रिवर्सल की संभावना है। हालांकि,मौजूदा जोखिम से बचने का सेंटीमेंट निवेशकों को तब तक मुनाफा वसूलने के लिए प्रेरित कर सकता है जब तक कि कोई नया ट्रिगर सामने न आए।

SBI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को निफ्टी मामूली गैप-अप के साथ खुला और लगभग 223 पॉइंट्स के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड किया। इससे पता चलता है कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद भी वोलैटिलिटी बनी हुई है। इंडेक्स हाल के दायरे के निचले स्तर के पास ही ट्रेड करता रहा। डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और जारी मंदी के दौर में ठहराव को दिखाती है। इंडेक्स 0.60% ऊपर बंद हुआ जो शुरुआती खरीदारी में भागीदारी का संकेत है। हालांकि,बाजार की दिशा में किसी बड़े बदलाव के लिए लगातार खरीदारी के साथ जोरदार रिकवरी की जरूरत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI 30 से नीचे बना हुआ है, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे लगातार नीचे की ओर झुका हुआ है जो बताता है कि पुलबैक में कोई खास तेजी नहीं है। ADX लगातार बढ़ रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि मंदी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।

आगे 22400–22380 का जोन सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है,तो 22220 की तरफ बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। यह स्तर 1 अक्टूबर के निचले स्तर के आसपास है। ऊपर की तरफ़,22700–22720 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस जोन के ऊपर लगातार बढ़त बनी रहती है तो 22850 की तरफ एक रिलीफ रैली आ सकती है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी का जोर नहीं दिखता तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर ही रहेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी 0.48% ऊपर बंद हुआ और पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में इसने लगभग 975 अंकों की रिकवरी की है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी नहीं होती, तब तक बड़ा ट्रेंड सतर्क रहने का है। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर लगातार दो न्यूट्रल कैंडल बनाई हैं। लेटेस्ट कैंडल की बॉडी छोटी है और उसमें ऊपर और नीचे विक्स (wicks) हैं,जो अनिश्चितता और जारी बिकवाली के ट्रेंड में ठहराव का संकेत हैं। आगे चलकर,54200–54100 का जोन सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन टूटता है तो 53600 की ओर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है। ऊपर की तरफ, 55200–55300 एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है अगर इस जोन के ऊपर लगातार मूवमेंट बना रहता है तो पुलबैक 55800 तक बढ़ सकता है।

 

 

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चार दिन की गिरावट से उबरा शेयर बाजार

विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में चार दिन के बाद तेजी लौट आई और प्रमुख सूचकांक 0.6 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 472.77 अंक (0.66 प्रतिशत) ऊपर 72,382.47 अंक पर बंद हुआ। यह सुबह 431 अंक चढ़कर 72,340.95 अंक पर खुला था और कुछ ही देर में 722 अंक की बढ़त में पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद तक यह 71,840.18 अंक तक लुढ़क भी गया। इस प्रकार सूचकांक में 791 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त में 22,555.75 अंक पर बंद हुआ। लगातार चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेजी लौटी है।

एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में अधिक लिवाली देखी गई। निफ्टी एफएमसीजी 1.80 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूह के सूचकांक में 1.53 फीसदी और मीडिया समूह में 0.92 फीसदी की तेजी रही। बैंकिंग, वित्त, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर रहे। स्वास्थ्य और फार्मा समूहों से सूचकांक टूट गए।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से घरेलू बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई। वृहत बाजार में भी बिकवाली की जोर रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.42 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.47 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

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एनएसई में जिन 3,706 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 1,844 के शेयर लाल निशान में और 1,745 के हरे निशान में रहे। अन्य 117 कंपनियों के शेयर अपरिवर्तित रहे।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 में तेजी रही। आईटीसी का शेयर 4.49 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इटरनल के शेयर में 2.50 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.38, बजाज फाइनेंस में 2.28, अडानी पोर्ट्स में 2.13 और आईसीआईसीआई बैंक में 2.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.72 फीसदी, एलएंडटी का 1.48, एनटीपीसी का 1.45, टाइटन का 1.43, टीसीएस का 1.40, मारुति सुजुकी का 1.07 और पावरग्रिड का शेयर 0.92 प्रतिशत चढ़ा। बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी हरे निशान में रहे।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 3.69 प्रतिशत की गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.99 प्रतिशत, सन फार्मा का 1.55, इंफोसिस का 1.50 और एशियन पेंट्स का 1.43 प्रतिशत टूट गया। ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर भी लाल निशान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 2.40 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.28 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 0.25 फीसदी ऊपर था।

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Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देंगी बोनस शेयर, 9 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; 6 महीनों में 80% तक रिटर्न

मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर देने जा रही हैं। ये कंपनियां हैं- मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस। दोनों कंपनियों ने इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा अगस्त महीने में की थी। दोनों के बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 9 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलने वाला है। मोल्ड-टेक पैकेजिंग के शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है, जबकि मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। दोनों कंपनियों की ओर से बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 12 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

Mold-Tek Technologies का शेयर 6 महीनों में 80 प्रतिशत मजबूत

Mold-Tek Technologies के शेयर की वर्तमान में BSE पर कीमत 203.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 586 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 50 प्रतिशत और 6 महीनों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 227.20 रुपये और एडजस्टेड लो 101.30 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Tech का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 45.52 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 142.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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Mold-Tek Packaging 6 महीनों में 30 प्रतिशत बढ़ा

दूसरी ओर Mold-Tek Packaging के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 659.10 रुपये है। यह शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी का मार्केट कैप 2200 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 830.35 रुपये और एडजस्टेड लो 453.80 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 33.21 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Packaging का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 300.45 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 25.57 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 886.61 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 72.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kuku IPO: मुनाफे में आई कुकू, छह गुना उछकर रेवेन्यू पहुंचा ₹1484 करोड़ पर

Kuku IPO: आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी कुकू टेक्नोलॉजीज के लिए पिछला वित्त वर्ष 2026 धमाकेदार रहा। माइक्रोड्रामा ऐप कुकू टीवी (Kuku TV) और ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म कुकू एफएम (Kuku FM) वित्त वर्ष 2026 में मुनाफे में आ गई और इसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू छह गुना बढ़ गया। Entrackr के मुताबिक कंपनी के लेटेस्ट अनाउंसमेंट के हिसाब से FY26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹241.5 करोड़ से बढ़कर ₹1484.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का मार्केटिंग और विज्ञापनों पर खर्च भी करीब चार गुना बढ़कर ₹1105.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी ₹152.6 करोड़ के शुद्ध घाटे से ₹182.7 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई। हालांकि इस मुनाफे में ₹98.2 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट है। FY26 में कंपनी का PBT (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) ₹88.6 करोड़ रहा।

Kuku IPO: क्या है प्लान?

सबसे पहले मनीकंट्रोल ने जून में जानकारी दी थी कि कुकू का रेवेन्यू ₹1400 के पार हो गया और यह जानकारी इसके गोपनीय तरीके से दाखिल किए गए आईपीओ के ड्राफ्ट से सामने आई थी कुकू की योजना ₹15000 करोड़ के वैल्युएशन पर ₹2500-₹3500 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इस आईपीओ के तहत नये शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल के जरिए भी शेयरों की बिक्री हो सकती है। पिछले महीने मनीकंट्रोल ने जानकारी दी थी कि कंपनी को आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी मिल चुकी है।

Kuku की कैसे हुई कमाई और कहां हुआ खर्च

FY26 के कुकू के रेवेन्यू में ₹1475.4 करोड़ का हिस्सा सब्सक्रिप्शन का रहा। वर्चुअल कॉइन के जरिए कंटेंट अनलॉक करने यानी पे-पर-पीस पर्चेज से इसकी ₹6.9 करोड़ कमाई हुई तो विज्ञापनों से ₹1.9 करोड़। इसके ऑपरेटिंग रेवेन्यू में ₹1463.6 करोड़ यानी 99% हिस्सेदारी भारत की रही जबकि इंटरनेशनल बिजनेस से ₹20.5 करोड़ आए। कुकू की ऑपरेशनल कॉस्ट वित्त वर्ष 2026 में सालाना ₹8.7 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹96.3 करोड़ पर हो गया। इस दौरान एंप्लॉयीज बेनेफिट्स भी 24% उछलकर ₹74.1 करोड़ पर पहुंच गया। कुकू का टोटल एक्सपेंसेज तो 3.5 गुना बढ़कर ₹411 करोड़ से ₹1421.8 करोड़ पर पहुंच गया।

साल 2018 में शुरू हुआ था कुकू

कुकू को साल 2018 में लालचंद बिसू, विकास गोयल और विनोद वीना ने शुरू किया था। पिछले साल 2025 के अक्टूबर में $8.5 करोड़ की फंडिंग में इसकी वैल्यूएशन $50 करोड़ आंकी गई थी जोकि सितंबर 2023 में $17.7 करोड़ के वैल्यूएशन से लगभग तीन गुना अधिक थी। कुकू सब्सक्रिप्शन-बेस्ड माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म कुकू टीवी और स्टोरीज (StoRizz), ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म कुकू एफएम (Kuku FM) और माइक्रो-लर्निंग प्लेटफॉर्म गुरू (Guru) चलाती है। इसके अलावा कंपनी के पास क्यूरेटेड मूवी कंटेंट ऐप फिल्मी (Filmy) और फ्री माइक्रो-ड्रामा ऐप फ्रीड्रामा (FreeDrama) भी हैं।

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पाकिस्तान में ट्रम्प के बेटों की कंपनी ड्रोन यूनिट लगाएगी:3 सैन्य साइट्स चुनी गईं; आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात के बाद प्रोडक्शन की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर से जुड़े पॉवरस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। कंपनी ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। ड्रोन प्रोडक्शन के लिए हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला में तीन संभावित मिलिट्री साइट्स चुनी गई हैं। यहां आत्मघाती ड्रोन बनाए जाएंगे। 16 सितंबर को मुनीर और पॉवरस के बीच ड्रोन आयात का एमओयू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, प्रोडक्शन में पाक आर्मी की इंडस्ट्रियल यूनिट भी शामिल होगी। यूनिट की साइट फाइनल करने के लिए पाक टीम 15 अक्टूबर के बाद अमेरिका जाएगी। इसके बाद करार की बाकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पाकिस्तान आर्मी फिलहाल चीन और तुर्किये से ड्रोन सप्लाई ले रही है। तुर्किये ने भी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन का करार किया है। ट्रम्प के बेटों की निवेश कंपनी की 9.9% हिस्सेदारी अलजजीरा के मुताबिक, ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प पॉवरस कंपनी में अमेरिकन वेंचर्स के जरिए निवेशक हैं। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, पॉवरस के प्रस्तावित मर्जर के बाद अमेरिकन वेंचर्स की कंपनी में 9.9% बेनिफिशियल हिस्सेदारी होने की उम्मीद है। ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता के मुताबिक, वह सिर्फ पैसिव निवेशक हैं और कंपनी के कामकाज या कॉन्ट्रैक्ट में उनकी कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान से पहले भारत से भी पॉवरस का करार पॉवरस का पाकिस्तान से पहले भारत में भी करार हुआ था। 30 जून की फाइलिंग में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने बताया कि पॉवरस ने उसे भारत में गार्डियन-1 ड्रोन इंटरसेप्टर बनाने और बेचने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया है। यानी पॉवरस की ड्रोन तकनीक से भारत और पाकिस्तान दोनों जुड़े हैं। पाकिस्तान ने क्या समझौता किया है? पॉवरस के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ हुआ एमओयू अंतिम समझौता नहीं है। इससे खरीदारी की बाध्यता नहीं बनती और यह अमेरिकी कानूनों और सरकार की मंजूरी के अधीन है। कंपनी ने पाकिस्तान में अपनी तकनीक बनाने के तरीकों पर काम करने की बात भी कही है। 16 सितंबर की बैठक में रक्षा खरीद, प्रोडक्शन और क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। एक्सपर्ट बोले- भारत के लिए खतरा, 4 सवालों में समझिए कैसे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में काम कर चुके डिफेंस एक्सपर्ट अविनाश मोहनानी के मुताबिक पाकिस्तान में बनने वाले ये ड्रोन भारत की अंदरूनी सुरक्षा के लिए चुनौती हो सकते हैं। 1. ड्रोन यूनिट से हमें क्या खतरा? पाक को अमेरिका से मिलने वाले कई हथियार आईएसआई से होकर आतंकियों के पास जाते हैं। कश्मीर में ऐसे कई केस हैं जब यूएस मेड हथियार आतंकियों के कब्जे से बरामद हुए हैं। ये ड्रोन हमारी अंदरूनी सुरक्षा को चुनौती होंगे। 2. पाक में प्रोडक्शन क्यों? पहले पाक को अमेरिका से ड्रोन आयात करने थे, लेकिन अब प्रोडक्शन इसलिए क्योंकि ट्रम्प के बेटों की कंपनी इन्हें पाक के जरिए एशिया और अफ्रीका के उन देशों को भी बेच सकेगी जिन्हें अमेरिका सीधे हथियार नहीं देता है। 3. चीन की पाक को मंजूरी क्यों? चीन का पाक में सीपैक के रूप में बड़ा निवेश है। सीपैक सबसे अहम है, पर इसका फायदा नहीं मिल रहा है। बलूचिस्तान-खैबर में चीन खनन नहीं कर पा रहा है। ऐसे में मुनीर के कहने पर चीन ने पाक को इस डील की मंजूरी दी। 4. क्या पाक का रोल बढ़ेगा? ट्रम्प के दौर में अमेरिका का पाक के साथ कई क्षेत्रों में करार बढ़ा है। ईरान युद्ध में भी अमेरिका ने पाक को मध्यस्थ का रोल दिया था। ट्रम्प परिवार का पाक के क्रिप्टो करंसी बिजनेस में हाथ है। अमेरिका पाक के रोल को और बढ़ाने वाला है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस; भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है। पूरी खबर पढ़ें…