Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी, तीन लिस्टिंग, इंट्रा-डे में Indigo-Bajaj Healthcare समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 117 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,166 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 20 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

बजाज ऑटो, बंधन बैंक, जेएसडब्ल्यू इंफ्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, आवास फाइनेंशियर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, एंथम बायोसाइंसेज, अदाणी टोटल गैस, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, क्रिसिल, इंडियन होटल्स कंपनी, मास्टेक, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, ट्राइडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी और वेल्सपन स्पेशलिटी सॉल्यूशंस आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

इन कंपनियों के तिमाही नतीजे पेश

Bajaj Healthcare Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बजाज हेल्थकेयर का प्रॉफिट 14.1% बढ़कर ₹13.9 करोड़ और रेवेन्यू 11.3% उछलकर ₹165.6 करोड़ पर पहुंच गया।

SML Mahindra Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर एसएमएल महिंद्रा का प्रॉफिट 5% गिरकर ₹63.6 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 13.2% उछलकर ₹957.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Sobha Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर सोभा का प्रॉफिट करीब 4 गुना बढ़कर ₹13.6 करोड़ से ₹50.8 करोड़ और रेवेन्यू 50% उछलकर ₹1,278.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Canara HSBC Life Insurance Company Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹28.1 करोड़, नेट प्रीमियम इनकम 23.8% उछलकर ₹2,407.5 करोड़ और नेट कमीशन 21.8% चढ़कर ₹117.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Rallis India Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर रैलिस इंडिया का प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ और रेवेन्यू 6.8% उछलकर ₹1,022 करोड़ पर पहुंच गया।

Bluestone Jewellery and Lifestyle Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ब्लूस्टोन ज्वैलरी ₹34.5 करोड़ के घाटे से ₹6.96 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो इस दौरान रेवेन्यू भी 49.6% उछलकर ₹736.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Wanbury

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक वानबरी की आंध्र प्रदेश में स्थित फैसिलिटी में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) की नियमित जांच की और इस जांच के बाद छह ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Redington

रेडिंगटन ने रियल-टाइम ऑडियंस एंगेजमेंट सॉल्यूशंस में ग्लोबल लीडर रिजल्टिक्स के साथ पांच साल के लिए एक स्ट्रैटेजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंडिगो ने एयरबस ए320 नियो फैमिली के 510 जहाजों के लिए 1 हजार से अधिक लीप-1ए इंजन्स के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एमओयू किया है। लीप इंजन्स के लिए यह अब तक सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर होगा और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक रिकॉर्ड होगा। इसमें इंजन MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) को लेकर भी लॉन्ग-टर्म मैटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत बात बनी है।

बल्क डील्स

Sparc Electrex

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने स्पार्क इलेक्ट्रेक्स में 0.33% हिस्सेदारी वाले 66,001 इक्विटी शेयर ₹3.04 लाख में प्रति शेयर ₹4.61 के भाव पर बेचे हैं।

Accent Microcell

प्रमोटर घनश्याम अर्जनभाई पटेल ने एक्सेंट माइक्रोसेल के 3.9 लाख शेयर (1.62% हिस्सेदारी) ₹20.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹521.01 के भाव पर बेचे हैं।

Gandhar Oil Refinery India

नियोमाइल ग्रोथ फंड-सीरीज I ने गांधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 8.64 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹19.4 करोड़ में प्रति शेयर ₹224.8 के भाव पर खरीदे हैं।

Horizon Reclaim

फिनएवेन्यू ग्रोथ फंड ने होरिजोन रिक्लेम (इंडिया) के 1.93 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) ₹2.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹155 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

आज एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज एंजेल वन, चोलमंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, इंडो बोराक्स एंड केमिकल्स, जारो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, केसॉल्व्स इंडिया, लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, पंजाब एंड सिंध बैंक, और रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स और होरीजोन रीक्लेम के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: HDFC Bank, Cipla और PNB समेत इन स्टॉक्स पर फोकस, खास वजहों से तेज हलचल की उम्मीद

Stocks to Watch:  कच्चे तेल में उबाल पर वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एक कारोबारी दिन पहले 17 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 964.58 प्वाइंट्स यानी 1.25% के उछाल के साथ 78,151.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 261.55 प्वाइंट्स यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

Reliance Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़, ग्रास रेवेन्यू 24.5% उछलकर ₹3.4 लाख करोड़, ईबीआईटीडीए 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18% से 15.9% पर आ गया।

Jio Platforms Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़, रेवेन्यू 11.8% उछलकर ₹39,173 करोड़, ईबीआईटीडीए 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ और मार्जिन 51.8% से 53.3% पर पहुंच गया।

HDFC Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,059.7 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 78.8% गिरकर ₹3,059.8 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.15% से बढ़कर 1.17% तो नेट एनपीए 0.38% से उछलकर 0.41% पर पहुंच गया।

ICICI Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 12.7% बढ़कर ₹24,384.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 30.5% गिरकर ₹1,260.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.40% से गिरकर 1.38% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.33% से उछलकर 0.35% पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 9.2% चढ़कर ₹7,928.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 44.7% गिरकर ₹668.1 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.20% से गिरकर 1.18% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.25% से उछलकर 0.27% पर पहुंच गया।

Axis Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 8% चढ़कर ₹14,646.1 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 43.7% गिरकर ₹2,222.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.23% से बढ़कर 1.28% और नेट एनपीए 0.37% से उछलकर 0.39% पर पहुंच गया।

Punjab National Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब नेशनल बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 213.6% बढ़कर ₹5,253.3 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% चढ़कर ₹10,798.4 करोड़ और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 67.5% उछलकर ₹541.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का टैक्स पर खर्च 66% घटकर ₹1,724.7 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से फिसलकर 0.28% पर आ गया।

Oberoi Realty Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओबेराय रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹543.5 करोड़ और रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,300.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

NATCO Pharma

नाटको फार्मा को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से ओलापारिब 100 mg और 150 mg टैबलेट के लिए टेंटेटिव अप्रूवल मिला है। ये टैबलेट एस्ट्राजेनेका फार्मा की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्रग लिनपार्जा (Lynparza) टैबलेट की बायोइक्विवेलेंट हैं। यह टैबलेट नाटको बनाएगी औक अमेरिका में इसे एलेम्बिक फार्मा बेचेगी। इंडस्ट्री के सेल्स डेटा के अनुसार मार्च 2026 को खत्म होने वाले 12 महीनों में ओलापारिब टैबलेट की अमेरिका में अनुमानित बिक्री लगभग $140 करोड़ रही।

Samvardhana Motherson International

समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल को जापान की अदालत से युताका गिकेन में 81% हिस्सेदारी और युताका गिकेन की सब्सिडियरी शिनिची कोग्यो कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने की मंज़ूरी मिल गई है। शिनिची में युताका गिकेन की 62% हिस्सेदारी है।

GAIL India

गेल (इंडिया) ने देश की लॉन्ग-टर्म रिसोर्स सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए अहम मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए खनिज विदेश इंडिया (KABIL) के साथ एक एमओयू किया है।

Aditya Birla Capital

आदित्य बिड़ला कैपिटल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी शेयरों में राइट्स इश्यू के जरिए ₹484.5 करोड़ का निवेश किया है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की अमेरिकी सब्सिडियरी एसटीएल ऑप्टिकल कनेक्टिविटी ने अमेरिका की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक के नेटवर्क पर फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना नया एडवांस्ड FTTH सॉल्यूशन CONCAT लॉन्च किया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13-17 जुलाई के बीच न्यूयॉर्क में सिप्ला की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनवाजेन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नियमित तौर पर होने वाली cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) जांच की और आखिरी में एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Power Grid Corporation of India

पावर ग्रिड ने फतेहगढ़-II ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सफल बोली लगाई है। इस प्रोजेक्ट में फतेहगढ़-II पावर स्टेशन पर दो सिंक्रोनस कंडेंसर और उनसे जुड़े बे (bays) को लगाने और चालू करने का काम है।

Force Motors

अमित प्रमोद जोशी ने निजी कारणों से फोर्स मोटर्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जुलाई से प्रभावी है।

SpiceJet

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस के इस्तेमाल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

बल्क डील्स

Landmark Cars

हेलियोस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹520.28 के भाव पर लग्जरी कार रिटेलर लैंडमार्क कार्स के 2.45 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹12.79 करोड़ में खरीदे।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के 5.94 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹138.4 करोड़ में ₹2,330.03 के भाव पर बेचे।

Updater Services

एसआईएस ने प्रति शेयर ₹193.71 के भाव पर अपडेटर सर्विसेज के 6.53 लाख शेयर (0.97% हिस्सेदारी) ₹12.66 करोड़ में और खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में पहले से ही 4.88% हिस्सेदारी थी। वहीं दूसरी तरफ हेज फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड I ने अपडेटर सर्विसेज में अपनी लगभग पूरी हिस्सेदारी बेच दी। फंड ने ₹15.8 करोड़ में 8.17 लाख शेयर ₹193.27 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक फंड के पास कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी (8.39 लाख शेयर) थी।

Rappid Valves India

एजिस इन्वेस्टमेंट फंड ने रैपिड वाल्व्स (इंडिया) के 2.06 लाख शेयर (3.97% हिस्सेदारी) ₹6.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.4 के भाव पर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड ने ₹323.7 के भाव पर रैपिड वाल्व्स के 1.45 लाख शेयर (2.79% होल्डिंग) ₹4.7 करोड़ में और अशोक कुमार धारीवाल ने प्रति शेयर ₹338 के भाव पर ₹1.25 करोड़ में 37,200 शेयर बेचे। मार्च 2026 तक महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड के पास रैपिड वाल्व्स में 5.58% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आदित्य इन्फोटेक, एक्सेलरेटबीएस इंडिया, फेयरकेम ऑर्गेनिक्स, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पी फोर्जिंग्स, केपीआर मिल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट्स, नेलकास्ट, नेस्को, पोकरना, क्वेस्ट कैपिटल मार्केट्स और एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

Asian Market : US-Iran तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, एशियाई बाजारों पर बना दबाव

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा, एआरपीयू 215 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा। इसमें मोबिलिटी और होम सर्विसेज सब्सक्राइबर्स की अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7,108 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 17 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11.8 फीसदी बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 35,032 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान कुल रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 45,961 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 15.1 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 18,135 करोड़ रुपये था। जियो ने कहा है कि ग्रोथ पर हायर फाइनेंस कॉस्ट और 5जी एसेट कैपिटलाइजेशन की वजह से डेप्रिसिएशन का असर पड़ा।

जियो का एआरपीयू साल दर साल आधार पर 3.3 फीसदी बढ़कर 215.6 करोड़ रुपये रहा। प्रति व्यक्ति डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी प्रति माह रहा। जून तिमाही में टोटल डेटा ट्रैफिक साल दर साल आधार पर 26.9 फीसदी बढ़ा। जियो के कुल सब्सक्राइबर की संख्या बढ़कर 53.3 करोड़ हो गई। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ सब्सक्राइबर शामिल हैं।

कंपनी ने बताया कि डिजिटल सर्विसेज का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 20 फीसदी बढ़ा। इसमें कंटेंट, क्लाउंड कंप्यूटिंग, IoT और मैनेज्ड सर्विसेज का हाथ रहा। कनेक्टिविटी की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11 फीसदी रही।

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम अंबानी ने कहा, “जियो ने खुद को एक डीप-टेक कंपनी के रूप में स्थापित किया है। इसने कई एडवान्स्ड टेक्नोलॉजीज में इनोवेशन की रफ्तार दिखाई है। इसका पता हमारे स्ट्रॉन्ग पेटेंट पोर्टफोलियो से मिलता है, जिसे दुनियाभर में पहचान मिली है।”

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

Stock In News : इस बिस्कुट और ब्रेड बनाने वाली कंपनी पर दिग्गज इन्वेस्टर सुनील सिंघानिया ने लगाया दांव, 14% भागा शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

India Semiconductor Mission (ISM 2.0): केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को India Semiconductor Mission (ISM 2.0) को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है। यह पहले चरण के ₹76,000 करोड़ से करीब 68% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। अब पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन भारत में तैयार करने पर जोर रहेगा, ताकि देश आयात पर कम निर्भर हो और दुनिया का बड़ा चिप हब बन सके।

आखिर ISM 2.0 में नया क्या है?

पहले चरण यानी ISM 1.0 का फोकस चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लाने पर था। अब ISM 2.0 का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। सरकार अब चिप डिजाइन से लेकर मशीनें, केमिकल, गैस, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च तक पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करना चाहती है।

6 बड़े पिलर पर तैयार हुआ मिशन

सरकार ने ISM 2.0 को छह बड़े हिस्सों में बांटा है।

  • सबसे पहले भारत को चिप डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा। सरकार स्टार्टअप और डिजाइन कंपनियों को मदद देगी, ताकि वे दुनिया के लिए चिप डिजाइन कर सकें।
  • दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर रहेगा। चिप बनाने वाली मशीनें, स्पेशलिटी केमिकल, गैस और जरूरी कच्चा माल देश में ही तैयार करने की कोशिश होगी।
  • तीसरे चरण में नई सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब और दूसरी निर्माण इकाइयों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
  • चौथा लक्ष्य ATMP और OSAT यानी चिप की एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • पांचवें हिस्से में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित न रहे, बल्कि अगली पीढ़ी की चिप टेक्नोलॉजी भी विकसित करे।
  • छठा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर होगा। इस सेक्टर के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियर और एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे।

105 स्टार्टअप पहले से कर रहे हैं काम

सरकार के मुताबिक, देश में 105 स्टार्टअप पहले से सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत इन्हें तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार चाहती है कि भारत चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो।

2028 तक शुरू हो सकती है पहली चिप फैक्ट्री

सरकार ने कहा है कि भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) यूनिट 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक, India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और 9 पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है।

Micron, Kaynes और CG Semi में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। एक और यूनिट इस साल के अंत तक प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।

68 हजार छात्रों को मिली ट्रेनिंग

सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल ह्यूमन रिसोर्स भी तैयार कर रही है। अभी 315 विश्वविद्यालयों में आधुनिक Electronic Design Automation (EDA) टूल्स के जरिए पढ़ाई हो रही है। अब तक 68,000 से ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बड़ी कंपनियों की भी दिलचस्पी

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में विदेशी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ रहा है। AMD और Applied Materials ने 40-40 करोड़ डॉलर, Microchip Technology ने 30 करोड़ डॉलर, Lam Research ने 110 करोड़ डॉलर और KLA ने 40 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

वहीं ASML, Merck और IBL Electron ने टाटा ग्रुप के साथ समझौते किए हैं। इनका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत सिर्फ चिप आयात करने वाला देश नहीं बनना चाहता। सरकार का लक्ष्य पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करना है। आने वाले वर्षों में भारत की सेमीकंडक्टर मांग 50 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि इस बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा हो।मजबूत बनाना है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

ISM 2.0 : सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का रास्ता साफ, चिप मैन्युफैक्चरिंग,डिजाइन और स्किल डेवलपमेंट पर होगा फोकस

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

कर्नाटक के गांव से निकल बिना IIT डिग्री के पृथ्वीराज ने NVIDIA में पाई 2.6 करोड़ की जॉब, जानिए कैसे किया मुमकिन

कर्नाटक के एक इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। चित्रदुर्ग के पास एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित NVIDIA में करीब 2.6 करोड़ रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी हासिल की। वहीं उन्होंने ये उपलब्धि IIT डिग्री के बिना हासिल की है। ये कहानी पृथ्वीराज पी की है, जिनका बचपन कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के कटमदेवरकोट गांव में बीता, जहां संसाधन और टेक्नोलॉजी सुविधाएं काफी सीमित थीं।

इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का रास्ता बनाया। आज उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो छोटे शहर या गांव से निकलकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं।

आईआईटी से नहीं की पढ़ाई

पृथ्वीराज पी ने किसी आईआईटी से नहीं, बल्कि बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ नई तकनीक सीखने और अपने प्रैक्टिकल स्किल्स को बेहतर बनाने पर लगातार मेहनत की। इसी लगन और सीखने की इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ने और टेक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद की। पृथ्वीराज ने सफलता पाने के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान या नामी कॉलेज के सहारे पर भरोसा नहीं किया।

उन्होंने ऑनलाइन कोर्स किए, इंटर्नशिप की, अपने खुद के प्रोजेक्ट्स पर काम किया और लगातार प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करते रहे। कई वर्षों की मेहनत से उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग के क्षेत्र में अपनी अच्छी पकड़ बनाई, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।

NVIDIA में करते हैं काम

रिपोर्ट्स के अनुसार, पृथ्वीराज बाद में मास्टर डिग्री करने के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने एक टियर-3 यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। सीमित आर्थिक संसाधनों और कम मार्गदर्शन के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अपनी तकनीकी कौशल को बेहतर बनाया और करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार मेहनत और सीखने की लगन की बदौलत पृथ्वीराज ने NVIDIA की कठिन चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पार की। अब वह कंपनी के अमेरिका स्थित सांता क्लारा मुख्यालय में डीप लर्निंग से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं और उनकी सालाना आय करीब 2.6 करोड़ रुपये बताई जाती है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे लगातार सीखते रहें, धैर्य रखें और अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखें, क्योंकि समर्पण से बड़े अवसर हासिल किए जा सकते हैं।

IPO News: पैसों का कर लें इंतजाम! 14 जुलाई को खुलेंगे ₹10100 करोड़ के तीन आईपीओ

IPO News: 13 जुलाई से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते आईपीओ मार्केट में काफी रौनक रहने वाली है। तीन कंपनियों के ₹10,100 करोड़ के आईपाीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाले हैं जिसमें से एक तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) मेगा आईपीओ है। इनमें से एक एसएमआई आईपीओ है जो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) का है। ये तीनों इश्यू 14 जुलाई को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। वैसे इनके अलावा कुछ और इश्यू में भी पैसे लगाने का मौका मिलेगा जोकि अभी खुले हैं और अभी कल यानी सोमवार 13 जुलाई को बंद होंगे। जैसे कि पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर लेजर पावर एंड इंफ्रा का ₹742 करोड़ का मेनबोर्ड आईपीओ कल बंद होगा तो एसएमई सेगमेंट में भी देवसन केटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स का भी आईपीओ कल बंद होगा। इनकी मार्केट में 16 जुलाई को एंट्री होगी।

तीनों आईपीओ की डिटेल्स

देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई (SBI) और फ्रेंच एसेट मैनेजर एमुंडी (Amundi) की प्रमोटेड कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ₹9,812.91 करोड़ का आईपीओ ला रही है। इसका प्राइस बैंड ₹545-₹574 फिक्स किया गया है। इसका ऑफर साइज पहले ₹11,692.9 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 निवेशकों से फंड जुटाने के बाद एसबीआई फंड मैनेजमेंट ने आईपीओ साइज कम कर दिया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई 9.95 करोड़ शेयर (4.89% होल्डिंग) और एमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.14 करोड़ शेयर (3.51% होल्डिंग) बेच रहे हैं।

मेनबोर्ड सेगमेंट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपीओ आ रहा है। इसके ₹126.25 करोड़ के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। इसमें निवेशक ₹100-₹105 के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल ग्रे फैब्रिक प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर एक नई वीविंग यूनिट लगाने, लोन हल्का करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

14 जुलाई को एक एसएमई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का भी ₹160.3 करोड़ का आईपीओ खुलेगा। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹315-₹331 फिक्स किया गया है। बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल प्लांट और मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी करेगी।

इस साल कैसा है आईपीओ मार्केट में हाल

इस कैलेंडर ईयर में अब तक 30 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹24,404 करोड़ है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने से इस साल अब तक मेनबोर्ड में 32 आईपीओ के जरिए कुल फंड-रेजिंग ₹34,343 करोड़ तक पहुंच जाएगी। एसएमई सेगमेंट में इस साल अब तक 90 कंपनियों के ₹3,861 करोड़ के आईपीओ सफल हुए हैं और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज़ को मिलाकर कुल फंड-रेजिंग बढ़कर ₹4,022 करोड़ हो जाएगी।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

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Vivo T5 Lite 5G लॉन्च डेट कन्फर्म, 6500mAh बैटरी और 50MP कैमरे के साथ आएगा नया स्मार्टफोन

Vivo T5 Lite 5G: Vivo ने भारत में अपने नए स्मार्टफोन Vivo T5 Lite 5G के लॉन्च की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके लॉन्च में अब एक हफ्ते से भी कम समय बचा है। हाल ही में कंपनी ने फोन के कुछ खास फीचर्स और इसकी बिक्री से जुड़ी जानकारी भी शेयर की है, जिससे पता चला है कि यह फोन दो कलर ऑप्शन में आएगा, जिनमें से एक में मार्बल फिनिश डिजाइन दिया जाएगा। हम यहां पर अनऑफिशियल और ऑफिशियल दोनों तरह के सोर्स से मिली जानकारी के आधार पर इस डिवाइस के बारे में सब कुछ बता रहे हैं।

Vivo T5 Lite की कीमत और लॉन्च डेट

Vivo T5 Lite भारत में 16 जुलाई, 2026 को दोपहर 12:00 बजे (IST) लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह भारत में Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा और दो कलर ऑप्शन – Blue और Black में आएगा। फोन की कीमत की बात करें तो, लीक से पता चलता है कि 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट मार्केट में ₹17,999 में उपलब्ध होगा।

Vivo T5 Lite के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Vivo T5 Lite में 6.74-इंच का HD+ डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। अफवाहों के अनुसार, यह फोन 6nm प्रोसेस पर आधारित MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर पर चलेगा, साथ ही इसमें 4GB LPDDR4X RAM और 128GB UFS 2.2 इंटरनल स्टोरेज होगी। बता दें कि यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड, OriginOS 6 पर चलेगा।

इसके अलावा, इस फोन में 6500mAh की बैटरी मिल सकती है, जो 44W फ्लैश चार्ज सपोर्ट के साथ आ सकता है। सिक्योरिटी के लिए, स्मार्टफोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर और फेस लॉक का सपोर्ट भी हो सकता है। साथ ही इसमें AI ट्रांसक्रिप्ट असिस्ट, AI कैप्शन्स, AI क्रिएशन, AI डॉक्यूमेंट्स और प्राइवेट स्पेस जैसे कुछ AI फीचर्स भी मिल सकते हैं।

कैमरे की बात करें तो, Vivo T5 Lite में डुअल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस फोन में 5MP का फ्रंट कैमरा भी दिया जा सकता है।

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