HDFC Bank News: बैंक के एमडी शशिधर जगदीशन नहीं चाहेंगे पुनर्नियुक्ति, अक्तूबर में होंगे रिटायर

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीशन पुनर्नियुक्ति नहीं चाहेंगे। उन्होंने यह फैसला ले लिया है। वह 26 अक्तूबर, 2026 को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। बैंक ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है। एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।

HDFC Bank ने कहा है कि शशिधर जगदीशन ने अपने फैसले के बारे में 29 अगस्त को बैंक के बोर्ड को बताया। बैंक ने कहा है कि अनुरोध करने के बावजूद उन्होंने अपनी पुनर्नियुक्ति स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। इस वजह से वह एचडीएफसी बैंक की सेवा से 26 अक्तूबर, 2026 को रिटायर करना चाहेंगे।

एचडीएफसी बैंक ने बैंक की ग्रोथ और स्टैबिलिटी के लिए जगदीशन की प्रतिबद्धता, लीडरशिप के लिए उनकी तारीफ की है। बैंक ने कहा है कि एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी के विलय में भी उनकी अहम भूमिका रही। बैंक के बोर्ड ने बेहतर भविष्य के लिए जगदीशन को शुभकामना दी है।

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जगदीशन के फैसले के बाद बैंक ने कहा कि बैंक ने जल्द उनके उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। तय समयसीमा के तहत यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बैंक का शेयर 29 अगस्त को 1.20 फीसदी चढ़कर 719.50 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 24 फीसदी गिरा है।

सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान में नया मोड़, LICHF, केनरा बैंक, यूनियन बैंक NCLT के एप्रूवल को चैलेंज करेंगे

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान का विरोध किया है। वे चंद्रा के पर्सनल इनसॉल्वेंसी मामले को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल से मिले एप्रूवल को अपीलीय ट्राइब्यूनल में चैलेंज करेंगे।

तीनों मिलकर NCLAT में रिपेमेंट प्लान को करेंगे चैलेंज

LIC Housing Finance, Canara Bank और Union Bank of India ने कहा है कि चंद्रा की इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स में उनकी (तीनों की मिलाकर) 8.45 फीसदी वोटिंग शेयर है। उन्होंने कहा कि वे इस रिपेमेंट प्लान का विरोध करते हैं। इस बारे में LIF HF ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है, “इस प्लान को आखिर में इसलिए मंजूरी मिली क्योंकि दूसरे फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की तरफ से पेश प्लान के पक्ष में कुल 80.81 फीसदी वोट मिले।”

तीनों ने NCLT  में भी रिपेमेंट का विरोध किया था

एलआईसी एचएफ ने कहा कि वह तुरंत नेशनल कंपनी लॉ एपेलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील फाइल करेगी। इसमें उसके साथ दूसरी सरकारी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस भी होंगे। Canara Bank ने कहा है कि उसने रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था। वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चैलेंज करेगा।

इन तीनों का कुल वोटिंग शेयर सिर्फ 8.45 फीसदी 

केनरा बैंक ने कहा है, “उसने (1.60 वोटिंग शेयर) दूसरी सरकारी कंपनियों एलआईसी एचएफ (6.09 फीसदी वोटिंग शेयर) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (0.76 फीसदी वोटिंग शेयर) के साथ इस प्लान का विरोध किया था और चंद्रा की तरफ से पेश 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान के खिलाफ वोटिंग की थी। “

मामले की फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की गई थी

बैंक ने यह भी कहा है कि उसने फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की थी, लेकिन उसके पास माइनॉरिटी वोटिंग शेयर होने से उसके प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। अब वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चुनौती देगा। Union Bank of India ने भी कहा है कि उसने भी रिजॉल्यूशन प्लान को खारिज किया है। उसने NCLT के समक्ष भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।

NCLT ने चंद्रा के रिपेमेंट प्लान को दी है मंजूरी 

उसने कहा है कि कुछ प्राइवेट क्रेडिटर्स (लोन देने वाले) का वोटिंग शेयर ज्यादा होने से NCLT में रिपेमेंट प्लान को मंजूरी मिल गई। बैंक ने कहा है कि वह जल्द NCLAT में इस प्लान को चैलेंज करेगा। इससे पहले NCLT ने सुभाष चंद्रा की तरफ से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी थी। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की तरफ से फाइल इनसॉल्वेंसी मामले में चंद्रा ने यह रिपेमेंट प्लान पेश किया था।

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रिपेमेंट प्लान के तहत 22,000 करोड़ पेमेंट के दावे का सेटलमेंट होगा 

NCLT ने इस मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत क्रेडिटर्स (कर्ज देने वालों) की तरफ से पेश 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों के सेटलमेंट के लिए सुभाष चंद्र 6.5 करोड़ रुपये चुकाएंगे। दिग्गज प्राइवेट बैंक HDFC Bank भी इस मामले में अपील करने के बारे में सोच रहा है। एचडीएफसी बैंक ने 27 अगस्त को कहा था कि उसने भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।

Share Market Rally: रक्षाबंधन को 358 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty भी मजबूत

Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक और आईटी सेक्टर में खरीदारी के मजबूत रुझानों पर सवार घरेलू स्टॉक मार्केट में भी जोश आ गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 358 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी चढ़कर 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 302.45 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,236.04 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.25% के उछाल के साथ 24,151.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 357.86 प्वाइंट्स उछलकर 77,291.45 और निफ्टी भी 75.40 प्वाइंट्स चढ़कर 24,166.25 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज आईटी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 3% उछल पड़ा। इसे दक्षिण कोरिया के टेकहैवी इंडेक्स कोस्पी की तेज गिरावट से सपोर्ट मिला है। आमतौर पर एआई से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट से आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर मार्केट पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन सरकारी बैंकों और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में गिरावट हल्की ही है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.08% की गिरावट के साथ 10.95 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। ताइवान के ताइवान वेटेड और जापान के निक्केई 225 में करीब 1-1% की बढ़त है तो सिंगापुर के स्ट्रैट टाइम्स और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में भी अच्छी बढ़त है। वहीं दक्षिण कोरिया को कोस्पी में 1% से अधिक तो थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Nifty का टेक्निकल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।

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HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Bank Holiday: कल मंगलवार को मिलाद ए शरीफ पर कहां-कहां बंद हैं बैंक, जानिए RBI ने क्यों दी है 25 अगस्त को छुट्टी

Bank Holiday 25 August: अगर आप कल यानी मंगलवार, 25 अगस्त को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट के मुताबिक, मिलाद-ए-शरीफ के अवसर पर देश के कई प्रमुख राज्यों और शहरों में बैंकों में अवकाश रहेगा।

बैंक जाने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपके शहर या राज्य में कल बैंक खुले हैं या बंद।

RBI ने क्यों दी है 25 अगस्त को छुट्टी?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 25 अगस्त को मिलाद-ए-शरीफ (Milad-i-Sherif / First Onam) के उपलक्ष्य में ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत बैंकों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मोत्सव और कई क्षेत्रों में ओणम त्यौहार की शुरुआत के चलते RBI की आधिकारिक सूची में 25 अगस्त को बैंक हॉलीडे के रूप में दर्ज किया गया है।

कल 25 अगस्त को कहां-कहां बंद रहेंगे बैंक?

RBI की हॉलीडे मैट्रिक्स के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों और सर्कल्स में त्योहारों के हिसाब से छुट्टियां तय होती हैं:

किन क्षेत्रों में रहेगी छुट्टी: केरल (कोच्चि, तिरुवनंतपुरम) और मिलाद-ए-शरीफ / फर्स्ट ओणम मनाने वाले संबंधित सर्कल्स में कल सभी सरकारी व प्राइवेट बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

किन राज्यों में खुले रहेंगे बैंक: जिन राज्यों या शहरों में ईद-ए-मिलाद का मुख्य अवकाश अगले दिन यानी 26 अगस्त को है, वहां 25 अगस्त को बैंक सामान्य रूप से कामकाज करेंगे।

डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी पूरी तरह चालू

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग के दौर में आप अपने वित्तीय काम ऑनलाइन निपटा सकते हैं:

ATM सेवाएं: कैश निकालने और जमा करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

Net Banking & Mobile Apps: यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए फंड ट्रांसफर (NEFT/IMPS/RTGS) बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगे।

अगर आपका बैंक में कोई चेक डिपॉजिट, ड्राफ्ट बनवाना या काउंटर से जुड़ा काम अटका है, तो अपनी स्थानीय बैंक ब्रांच से स्थिति की पुष्टि कर लें या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करें ताकि आपका समय बच सके।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 25 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 24 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 171.72 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,369.11 पर और निफ्टी 32.95 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,219.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1970 शेयरों में बढ़त हुई, 2278 शेयरों में गिरावट आई और 199 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,JSW स्टील,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,टाटा स्टील और HCL टेक्नोलॉजीज शामिल रहे।

IT,एनर्जी,मेटल और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक में 1% की गिरावट आई,जबकि प्राइवेट बैंक,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.3-0.5% की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.13% की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग दिखी। निफ्टी 33 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 171 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो मेटल इंडेक्स में 1.50 फीसदी से ज्यादा की तेजी रही,जबकि PSU बैंक और डिफेंस इंडेक्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई।

टेक्निकल तौर पर,पॉज़िटिव शुरुआत के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर रिवर्सल पैटर्न मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने के संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 24,250 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस लेवल के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कमजोरी का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ,निफ्टी 24,000-23,950 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 24,250 के ऊपर जाने पर मार्केट में रिकवरी आ सकती है और यह 24,350-24,400 तक जा सकता है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे का कहना है कि अच्छी शुरुआत के बाद इंडेक्स नीचे गिर गया क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन घटाते दिखे। इंट्राडे में निफ्टी 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था,लेकिन क्लोजिंग के समय उसने इसे फिर से हासिल कर लिया।

मंगलवार को बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है क्योंकि ट्रेडर्स ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे। यह अहम घटना NSE की मंथली F&O एक्सपायरी के साथ ही होगी जो एक अहम इवेंट है। इसलिए,मंगलवार को बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

निचले स्तर पर नफ्टी के लिए 24,200/24,000 पर सपोर्ट है। ऊपरी स्तर पर,24,350 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का काम कर सकता है,जिसके ऊपर जाने पर निफ्टी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी आज डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ है। यह ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन फेज में है,जो मार्केट में दुविधा और किसी साफ दिशा के बारे में पक्के भरोसे की कमी को दिखाता है। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,300 पर है (जो सोमवार के निचले स्तर के आसपास है),जबकि रेजिस्टेंस 58,000 के आसपास दिख रहा है,जो गिरती हुई ट्रेंडलाइन के साथ मेल खाता है।

जब तक कोई साफ ब्रेकआउट या ‘ब्रेकडाउन नहीं होता,तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। इसलिए,57,300–58,000 की रेंज में सख्त स्टॉप-लॉस के साथ ही ट्रेड करने की सलाह होगी।

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FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

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Nifty Outlook: दो हफ्तों की गिरावट के बाद क्या अब आएगी रिकवरी? एक्सपर्ट्स ने बताएं अहम लेवल्स

Nifty Outlook: शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद रखने वालों के लिए पिछला हफ्ता भी खास नहीं रहा। निफ्टी लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि शुक्रवार को हल्की बढ़त मिली, लेकिन पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.47% टूटकर 24,252 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को क्या हुआ?

निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ खुला। लेकिन पूरे दिन बाजार छोटी रेंज में ही घूमता रहा। आखिर में इंडेक्स 20 अंक यानी 0.08% चढ़कर बंद हुआ। क्लोजिंग ऑक्शन में भी 19 अंकों का सहारा मिला।

निफ्टी में Power Grid, HDFC Life और Nestlé सबसे ज्यादा चढ़े। वहीं Trent, Maruti Suzuki और IndiGo सबसे ज्यादा गिरे।

कौन से सेक्टर चमके?

इस बार तस्वीर मिली-जुली रही। मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी में खरीदारी दिखी। वहीं ऑटो, मीडिया और आईटी सेक्टर दबाव में रहे।

अच्छी बात यह रही कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 0.10% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की बढ़त रही।

अगले हफ्ते क्या रहेगा फोकस?

बाजार जानकारों का कहना है कि अगले हफ्ते निफ्टी एक सीमित दायरे में रह सकता है। दो हफ्तों की गिरावट के बाद हल्की रिकवरी की उम्मीद भी बनी हुई है। इन बातों पर बाजार की नजर रहेगी।

  • मानसून की रफ्तार
  • FII की खरीद-बिक्री
  • कच्चे तेल की कीमत
  • बड़े आर्थिक घटनाक्रम

ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। उनके मुताबिक इंडेक्स अगले हफ्ते 24,500 से 24,600 तक जा सकता है। उन्होंने 24,100 को अहम सपोर्ट बताया है।

HDFC Securities के विनय राजानी का कहना है कि निफ्टी अभी 50 और 100 दिन के EMA के ऊपर टिका हुआ है। ये दोनों करीब 24,200 के आसपास हैं। लेकिन इंडेक्स अभी भी 20 दिन के EMA यानी 24,300 और 200 दिन के EMA यानी 24,376 से नीचे है। इसलिए फिलहाल बाजार में साफ दिशा नहीं दिख रही।

उनके मुताबिक अगर निफ्टी 24,000 से नीचे बंद होता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। वहीं 24,400 के ऊपर टिकने पर शॉर्ट टर्म में तेजी लौट सकती है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को फिलहाल साइडवेज से हल्का पॉजिटिव मानते हैं। उनके मुताबिक 24,200 पहला सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,350 पहला रेजिस्टेंस है। इसे पार करने पर 24,500 का रास्ता खुल सकता है।

Bank Nifty के अहम स्तर

Bank Nifty शुक्रवार को करीब 290 अंकों की रेंज में रहा। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक 58,200 से 58,300 बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर इंडेक्स 58,700 और फिर 59,000 तक जा सकता है। नीचे की तरफ 57,300 से 57,200 मजबूत सपोर्ट है।

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Bank Holidays: अगले हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम सोमवार को जरूर निपटा लें

अगले हफ्ते अगर आपको बैंक का कोई काम है तो उसे सोमवार यानी 24 अगस्त को निपटा लेना ठीक रहेगा। 25 अगस्त से 30 अगस्त के बीच सरकारी और प्राइवेट बैंकों की शाखाएं अवकाश के कारण बंद रहेंगी। हालांकि, बैंकों के एटीएम खुले रहेंगे। नेट बैंकिंग सुविधाएं भी जारी रहेंगी। इससे ग्राहक जरूरी काम ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे।

हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी

बैंकों में हर रविवार को छुट्टी रहती है। इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। बैंकों को छुट्टी के मामले में आरबीआई के नियमों का पालन करना पड़ता है। ये नियम सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं पर एक समान तरह से लागू होते हैं।

आज चौथा शनिवार की वजह से बैंक की शाखाएं बंद हैं

आज चौथा शनिवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद हैं। कल यानी 23 अगस्त को रविवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। 24 अगस्त को बैंक खुलेंगे। सोमवार को आम तौर पर बैंक की शाखाओं में कामकाज का दबाव ज्यादा होता है। खासकर उस हफ्ते में ज्यादा दबाव देखने को मिलता है, जिस हफ्ते में बैंकों में शनिवार और रविवार की छुट्टी होती है।

25 अगस्त को कई राज्यों और इलाकों में बैंक बंद रहेंगे

अगले हफ्ते मंगलवार यानी 25 अगस्त को कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में मिलाद-उन-नबी, फर्स्ट ओणम और मिलाद-ए-शरीफ के मौके पर बैंकों में छुट्टी रहेगी। हालांकि, दूसरे जगहों पर बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी। 26 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इनमें बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, नागपुर, मुंबई, दिल्ली, रांची, रायपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। उस दिन ईद-ए-मिलाद, बरावफात, मिलाद-उन-नबी के मौके पर छुट्टी रहेगी।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर कई राज्यों में छुट्टी

28 अगस्त को भी रक्षा बंधन और कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के चलते कई इलाकों में बंद रहेंगे। इनमें अहमदाबाद, भोपाल, जयपुर, कानपुर, कोच्चि जैसे बड़े शहर शामिल हैं। रक्षा बंधन का त्योहार उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार शुक्रवार यानी 28 अगस्त को मनाया जा रहा है।

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29 अगस्त को शनिवार के दिन भी बैंकों में कामकाज होगा

29 अगस्त को शनिवार है। लेकिन, बैंकों की शाखाएं उस दिन खुली रहेंगी। इसकी वजह यह है कि उस दिन इस महीने का पांचवां शनिवार होगा। बैंकों की शाखाएं सिर्फ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहती हैं। हालांकि, 30 अगस्त को रविवार की वजजह से बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। रविवार को हर राज्य में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। उस दिन कोई काम नहीं होता है।

Nifty में 7 सत्रों के बाद लौटी तेजी, क्या शेयर बाजारों में यह तेजी जारी रहेगी?

शेयर बाजारों में 20 अगस्त को रौनक लौट आई। निफ्टी में लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद तेजी आई। चौतरफा खरीदारी ने बाजार में जोश भरा। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। इससे क्रूड में तेज उछाल है। ब्रेंट क्रूड का भाव 94 डॉलर के पार हो गया है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अच्छी रिकवरी

Nifty कारोबार खत्म होने पर 0.64 फीसदी यानी 153 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.82 फीसदी यानी 628 अंक के उछाल के साथ 77,537 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.45 फीसदी की मजबूती आई। शेयर बाजारों के करीब सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी

सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक और निफ्टी आईटी में आई। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में मुथूट फाइनेंस, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, इटर्नल, श्रीराम फाइनेंस, जिंदल स्टील शामिल रहे। गिरने वाले वाले शेयरों में पीएफसी, आरईसीएल, सीमेंस एनर्जी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंज्यूमर शामिल थे।

बुल और बेयर्स में किसका पलड़ा भारी

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज प्रमुख सूचकांकों में पुलबैक दिखा। निफ्टी 154 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 628 अंक उछला। उन्होंने कहा कि डेली चार्ट्स पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न दिख रहा है। यह बुल और बेयर्स के बीच मामला फंसे होने का संकेत है। इसका मतलब है कि पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि अभी किसका पलड़ा भारी है।

24,100 का लेवल बना रहा तो जारी रह सकती है पुलबैक

उन्होंने कहा कि निफ्टी का 50-डे SMA 24,150 है, जो ट्रेडर्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट लेवल दिख रहा है। जब तक बाजार इस लेवल के ऊपर बना रहेगा, पुलबैक जारी रह सकती है। तेजी की स्थिति में निफ्टी 24,350-24,500 तक जा सकता है। अगर निफ्टी 24,100 के नीचे जाता है तो ट्रेडर्स के लिए तेजी के सौदे काटना ठीक रहेगा।

इंडिया वीआईएक्स 5 फीसदी गिरा

इंडिया वीआईएक्स इस बीच 5.01 फीसदी गिरकर 10.76 पर आ गया। यह 8 जून, 2026 के बाद इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज से भी नीचे है। इससे मार्केट में उतार-चढ़ाव कम रहने और स्टैबिलिटी का संकेत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। इससे क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही है। यह बाजार के लिए अच्छा नहीं है।

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तेजी लंबे समय तक जारी रहने पर संदेह

भारतीय बाजारों में तेजी जारी रहने के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों का नीचे आना जरूरी है। ऐसा तभी होगा जब अमेरिका-ईरान में डील के लिए बातचीत शुरू होगी। फिलहाल इसके संकेत नहीं दिख रहे है। इसका मतलब है कि 20 अगस्त को बाजार में आई तेजी के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद कम है।