IT Sector में रौनक समेत 4 वजह, Sensex भागा 900 प्वाइंट्स ऊपर, Nifty पहुंचा 22900 के करीब

Share Market Rally: कच्चे तेल में गिरावट और रुपये की मजबूती से स्टॉक मार्केट को शानदार सपोर्ट मिला है। इस सपोर्ट पर सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 22900 के करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 871.57 प्वाइंट्स यानी 1.20% की बढ़त के साथ 73,653.46 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 250.05 प्वाइंट्स यानी 1.11% के उछाल के साथ 22,873.25 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 930.67 प्वाइंट्स उछलकर 73,712.56 और निफ्टी 269.20 प्वाइंट्स चढ़कर 22,891.90 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में गिरावट

न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका तेल के बेडे़ पर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इससे कच्चे तेल पर दबाव बढ़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल फिसलकर $104 के करीब आ गया। इसने मार्केट में रौनक बिखेरी है।

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

घरेलू मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। एआई स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते एआई-हैवी दक्षिण कोरियाई इंडेक्स कोस्पी करीब 9% टूट गया। एआई स्टॉक्स में बिकवाली ने आईटी सर्विसेज स्टॉक्स की रौनक बढ़ा दी और घरेलू मार्केट में निफ्टी आईटी 2% से अधिक उछल पड़ा। इसकी तेजी ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों की बिकवाली को संभाल लिया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा है। प्राइवेट बैंकों से भी मार्केट को सपोर्ट मिला है, और निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक मजबूत हुआ है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट में भारी गिरावट से कई अच्छे-अच्छे स्टॉक्स भी सस्ते में मिलने लगे तो निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग होने लगी, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

रुपये की मजबूती

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 94.92 के भाव पर खुला। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance-M&M के चलते Sensex लाल, Nifty कमजोर, ₹43 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closed red: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज शुरुआती हल्की उठा-पटक के बाद तेज गिरावट दिखी। सेंसेक्स डे-हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया और निफ्टी भी 22600 के नीचे आ गया और रेड जोन में बंद भी हुए। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक गायब हो गई और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड जोन में बंद हुए। इस दबाव में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹43 हजार करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹43 हजार करोड़ से अधिक घट गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने ऊपर ले जाने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक ऊपर चढ़े। हालांकि फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाया। निफ्टी फार्मा 1% से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंकों आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो भी करीब 1% कमजोर हुआ।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें आज 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में बात करें तो सेंसेक्स 161.48 प्वाइंट्स चढ़कर 73,195.26 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 616.51 प्वाइंट्स फिसलकर 72,578.75 तक आ गया और निफ्टी भी पहले 36.00 प्वाइंट्स चढ़कर 22,757.95 तक पहुंचा, जहां से यह 199.00 प्वाइंट्स टूटकर 22,558.95 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹43 हजार करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,91,742.63 करोड़ था। आज यानी 14 अक्टूबर 2026 को यह घटकर ₹4,70,47,768.69 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹43,973.94 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 11 आज बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे अधिक तेजी आज इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। वहीं दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और बजाज फिनसर्व में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4578 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2563 शेयर आज मजबूत हुए तो 1810 में गिरावट रही जबकि 205 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 103 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 5 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Trading Plan: जब तक निफ्टी 22480 के लेवल को बनाए रखता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के सेशन में यह देखना अहम होगा कि पिछले सेशन में दिखी तेजी बनी रहती है या नहीं। हालांकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है,लेकिन मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती के संकेत दिखे हैं। अगर निफ्टी अपने 10 डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) यानी 22,600 के इमीडिएट सपोर्ट को बनाए रखने में कामयाब रहता है तो कुछ कंसोलिडेशन की संभावना के बावजूद यह 22,800 और फिर 23,000 के लेवल तक जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स 22600 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ऐसे में 22,300–22,200 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

बैंक निफ्टी को भी सेलिंग प्रेशर से बचने के लिए 55,400 और 55,100 पर सपोर्ट बनाए रखने की जरूरत है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए ऊपर की तरफ, 56,100 और 56,500 पर रेजिस्टेंस है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और सीईओ आशीष क्याल का कहना है कि हाल की गिरावट के बाद ग्लोबल मार्केट में आई तेजी की वजह से बाजार में फिर से खरीदारी लौटी। दोपहर में आई तेजी की एक मुख्य वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान था,जिससे इनकी समीक्षा की उम्मीद जगी। इस पॉजिटिव माहौल को और सपोर्ट देते हुए, HCLTech और TCS के शानदार तिमाही नतीजों के दम पर IT सेक्टर में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह इंडेक्स की रिकवरी में अहम योगदान देने वाला सेक्टर बन गया।

डेली चार्ट पर चल रही गिरावट के बाद आई थोड़ी रिकवरी (पुलबैक) के ‘डायमेट्रिक पैटर्न’ की ‘वेव F’ के रूप में जारी रहने की उम्मीद है। लगातार चार सेशन के बाद,निफ्टी आखिरकार पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ,जो चल रही गिरावट में कुछ समय के लिए विराम का संकेत है। कम समय के फ्रेम में, निफ्टी अहम POC (पॉइंट ऑफ़ कंट्रोल) वॉल्यूम प्रोफ़ाइल एरिया से ऊपर चला गया है,जो एक अच्छा संकेत है। इसके आधार पर सपोर्ट लेवल 22,620 (फ्यूचर्स) के आस-पास है, जो लगभग 22,480 स्पॉट लेवल के बराबर है।

निफ्टी निचले स्तरों से वापसी (पुलबैक) दिखा रहा है। फिलहाल, जब तक निफ्टी 22,480 के निचले स्तर को बनाए रखता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (buy on dips) का ट्रेंड है और टारगेट 22,820 है।

अहम रेजिस्टेंस: 22,820

अहम सपोर्ट: 22,480

स्ट्रेटेजी: अगर निफ्टी फ्यूचर्स 22,630 से 22,650 की ओर बढ़ता है और वहां से वापस घूमता है (रिवर्स होता है), तो 22,520 के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी करें। इसके लिए टारगेट 22,730-22,760 और उसके बाद 22,820 होंगे।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी एक हफ्ते से ज़्यादा समय से 54,200–55,400 की सीमित रेंज में बना हुआ था। पिछले सेशन में इंडेक्स आखिरकार इस रेंज से ऊपर निकला और 31 अगस्त के बाद पहली बार डेली चार्ट पर मिडिल बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद हुआ,जो शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत है।

बैंकिंग सेक्टर में हाल की रिकवरी रैली में प्राइवेट बैंकों का अहम योगदान रहा है और इनमें लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंकों की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा,इंडेक्स ने पिछले 3 सेशन से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ने का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी अपने कंसोलिडेशन रेंज के ऊपर बंद हुआ है,लेकिन लगातार ब्रेकआउट की पुष्टि के लिए और खरीदारी की ज़रूरत है। इसमें 55,770 और उससे ऊपर तक की चाल देखी जा सकती है। नीचे की तरफ,55,000 तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस अपनी पिछली रेंज में जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,030

अहम सपोर्ट: 55,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 55,600 के ऊपर लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 55,400 और टारगेट 55,800 उसके बाद 56,030 होगा।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

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Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने कैश होल्डिंग घटाई, इन दो कंपनियों पर लगाया बड़ा दांव

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने पास रखी नकदी में बड़ी कटौती की है। एक साल पहले फंड की कैश होल्डिंग करीब 24% थी। अब यह घटकर 9.7% रह गई है। शेयरों की कीमतों में गिरावट के बाद फंड को निवेश के नए मौके दिख रहे हैं। इसलिए उसने बाजार में पैसा लगाना बढ़ा दिया है।

PPFAS Mutual Fund के को-फंड मैनेजर (इक्विटी) और हेड ऑफ रिसर्च रौनक ओंकार ने CNBC-TV18 को एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शेयरों की वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले आकर्षक हो रही है। फंड को कुछ कंपनियों के शेयर कम कीमत पर मिल रहे हैं। इसलिए उसने इन कंपनियों में अच्छी-खासी रकम लगाई है।

ओंकार ने बताया कि फंड ऐसी कंपनियों पर भी नजर रख रहा है, जिनके कारोबार से लगातार कैश आता है। फिलहाल बाजार का ज्यादा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर है। इस वजह से कई दूसरी कंपनियों पर निवेशकों का ध्यान कम गया है।

उनके मुताबिक, ऐसी कुछ कंपनियों के शेयर उनकी कमाई और कैश फ्लो के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं। इससे मजबूत कारोबार वाली कंपनियों में निवेश का मौका बन रहा है।

DLF में PPFAS क्यों लगा रहा है पैसा?

PPFAS Mutual Fund ने अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनी DLF के शेयर भी शामिल किए हैं। ओंकार ने बताया कि DLF के पास काफी बड़ी जमीन है। कंपनी के पास प्रोजेक्ट पूरे करने की अच्छी क्षमता भी है। इसके अलावा, उसने अपना कर्ज कम किया है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

ओंकार के मुताबिक, अब DLF में निवेश का मौका इस बात में है कि कंपनी अपनी जमीन का इस्तेमाल किस तरह करती है। वह नए प्रोजेक्ट बनाकर कारोबार बढ़ा सकती है। साथ ही, उसके कमर्शियल प्रॉपर्टी से किराये के रूप में लगातार कैश भी आता है।

उन्होंने यह भी कहा कि DLF की बैलेंस शीट पहले से मजबूत है। कर्ज कम होने के कारण कंपनी के पास विस्तार के लिए ज्यादा गुंजाइश है। इससे वह उत्तर भारत के अपने पारंपरिक बाजार से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी कारोबार बढ़ा सकती है।

CMS Info Systems पर क्यों है PPFAS की नजर?

PPFAS Mutual Fund ने CMS Info Systems में भी निवेश किया है। इस कंपनी के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा कैश से जुड़ा है। ओंकार के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में आज भी नकदी का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए बैंकों और दूसरे कैश एक्सेस पॉइंट्स के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि देश में चलन में मौजूद नकदी का स्तर नोटबंदी के समय के मुकाबले ज्यादा है। अर्थव्यवस्था में कई तरह के लेनदेन अब भी कैश से होते हैं। ऐसे में बैंकों और दूसरी जगहों पर नकदी पहुंचाने और उसे संभालने के लिए भरोसेमंद ऑपरेटर जरूरी हैं।

CMS Info Systems इसी तरह के काम से जुड़ी कंपनी है। वह कैश लेनदेन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर संभालती है। हालांकि, ओंकार ने यह भी माना कि कंपनी के मुख्य कारोबार में ऑर्गेनिक ग्रोथ बहुत मजबूत नहीं है। इसी वजह से उसके शेयर की वैल्यूएशन भी ज्यादा ऊंची नहीं है।

इसके बावजूद कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है। यानी कारोबार से उसके पास लगातार पैसा आता है। कंपनी अपने मौजूदा कारोबार से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी विस्तार के मौके तलाश रही है।

प्राइवेट बैंकों में 20% निवेश से संतुष्ट है PPFAS

PPFAS Mutual Fund के पोर्टफोलियो का करीब 20% हिस्सा प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में लगा है। इसमें HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयर शामिल हैं।

ओंकार ने कहा कि फंड बैंकिंग शेयरों में अपने मौजूदा निवेश से संतुष्ट है। उसे इस सेक्टर में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत नहीं दिखती। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसमें इससे आगे निवेश बढ़ाते रहना सही होगा। आखिर यह बैंकिंग फंड नहीं है। हमने अपने पोर्टफोलियो में बैंकिंग सेक्टर को एक तय हिस्सेदारी दी है।’

ओंकार ने फंड की मौजूदा पसंद के हिसाब से बैंकों की रैंकिंग भी बताई। इसमें HDFC Bank पहले नंबर पर है। इसके बाद ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank का स्थान है।

हालांकि, यह रैंकिंग हमेशा एक जैसी रहेगी, ऐसा नहीं है। ओंकार के मुताबिक, समय के साथ इन बैंकों में निवेश का अनुपात बदल सकता है। यह बाजार की चाल, शेयरों के प्रदर्शन और संबंधित बैंकों के कारोबार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Rally: 5 वजहों से 700 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, आईटी सेक्टर की रौनक में Nifty पहुंचा 22600 के पास

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और इकनॉमिक ग्रोथ आउटलुक में अपग्रेड ने घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार रौनक बिखेरी। इस माहौल में सेंसेक्स 693 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी ने फिर से 22500 का लेवल हासिल किया और 22600 के करीब पहुंचा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में बिकवाली का काफी दबाव है। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स 692.86 प्वाइंट्स यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 और निफ्टी भी 213.10 प्वाइंट्स यानी 0.95% के उछाल के साथ 22,576.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 696.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 प्वाइंट्स उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 4.40% की तेजी के साथ 14.58 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली।

IT Stocks का शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज आज मार्केट को आईटी सेक्टर का शानदार सपोर्ट मिला है, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक उछल पड़ा। इसे एफएमसीजी और रियल्टी से भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी ऊपर चढ़ा है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब निफ्टी 22,300 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 169% बढ़ा, NII में भी तगड़ा उछाल; बैड लोन में कमी आई

RBL Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 169% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक की कमाई बढ़ी है। साथ ही, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।

NII में 37.4% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये थी।

खराब कर्ज घटा, लेकिन प्रोविजन बढ़ा

RBL Bank के बैड लोन यानी खराब कर्ज में कमी आई है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.02% रह गया। जून तिमाही में यह 1.3% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.37% से घटकर 0.29% पर आ गया। यानी बैंक के फंसे हुए कर्ज का स्तर कम हुआ है।

हालांकि, बैंक को खराब कर्ज के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी पड़ी। सितंबर तिमाही में प्रोविजन बढ़कर 766.5 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में यह 599.2 करोड़ रुपये था। एक साल पहले सितंबर तिमाही में यह रकम 499.7 करोड़ रुपये थी।

लोन देने में बढ़ोतरी

बैंक का नेट एडवांस यानी दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर 1,42,314 करोड़ रुपये हो गया। इसमें रिटेल कर्ज 32% बढ़कर 79,465 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनियों को दिए जाने वाले होलसेल कर्ज में 56% की बढ़ोतरी हुई। यह 62,849 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिटेल लोन में सिक्योर्ड लोन की बढ़ोतरी ज्यादा रही। इसमें 52% का इजाफा हुआ। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन सिर्फ 6% बढ़ा। बैंक में जमा रकम भी बढ़ी है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में RBL Bank का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 1,56,272 करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA रेशियो 27.2% रहा।

बैंक में 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट को ग्रैन्युलर डिपॉजिट कहा जाता है। सितंबर तिमाही में इस तरह की जमा रकम 16% बढ़कर 68,877 करोड़ रुपये हो गई। यह बैंक के कुल डिपॉजिट का 44% है।

कैपिटल रेशियो में आई कमी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% था। जून के आखिर में यह 33.3% था। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 यानी CET1 रेशियो भी घटा है। जून तिमाही के 32.2% के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 29% रहा।

बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 148% रहा। यह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही का आंकड़ा है।

CEO ने क्या कहा?

RBL Bank के MD और CEO आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। कर्ज देने और जमा जुटाने, दोनों मोर्चों पर अच्छी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि बैंक ने विदेशी मुद्रा में FCNR डिपॉजिट भी जुटाए हैं। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत हुई है। साथ ही, भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिली है।

बैंक का नेटवर्क बढ़ा

30 सितंबर तक RBL Bank के कुल 1,954 टचपॉइंट थे। इनमें 628 बैंक शाखाएं और 1,326 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं शामिल थीं।

इन बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं में 248 बैंकिंग आउटलेट थे। वहीं, बैंक की सब्सिडियरी RBL Finserve के पास 1,076 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं थीं।

RBL Bank के शेयरों का हाल

बैंक ने बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 12 अक्टूबर को RBL Bank का शेयर NSE पर 0.07% गिरकर 417.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 32.14% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.03% का रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 64.84 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Strategy : IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार, जानिए सोमवार के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : लगातार आठ हफ्ते की बिकवाली के बाद इस हफ्ते निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग की उम्मीद बढ़ी है। IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी 800 प्वाइंट का उछाल देखने को मिला है। मिडकैप शेयरों में भी जबरदस्त जोश है। INDIA VIX भी करीब 5 फीसदी की गिरावट के साथ ठंडा पड़ा है। TCS के नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश बढ़ा दिया है। आईटी इंडेक्स 2.5 फीसदी उछला है। 4 फीसदी उछाल के साथ TCS निफ्टी का टॉप गेनर बना है। वहीं एम्फैसिस, LTM, विप्रो, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ने से FMCG शेयरों में रौनक है। यह इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ITC और कोलगेट करीब पांच फीसदी उछाल के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, NBFCs में भी अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। हॉस्पिटल शेयरों में भी तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल करीब 4 फीसदी चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। उधर फोर्टिस और KIMS में भी फुल जोश है। सिर्फ NON-SCHEDULED कैंसर दवाओं के मार्जिन पर सख्ती के संकेत से इनमें जोश है।

कल वायदा में शामिल कंपनी डीमार्ट के नतीजे आएंगे। इसके मुनाफे में 16.5% का उछाल दिख सकता है। लेकिन मार्जिन कमजोर रहने का अनुमान है। इधर सोमवार को HCL टेक के नतीजे आएंगे। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ 2.5% रहनी संभव है। मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है।

बाजार: शानदार रैली

बाजार के आगे के ट्रेंड पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ने कल की बड़ी गिरावट के बाद आज शानदार रिकवरी दी। निफ्टी ने अब तक 22,200 को निर्णायक रूप से नहीं तोड़ा है। कल क्लोजिंग में हमने शॉर्ट कवर करने का नजरिया रखा था। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से शानदार सपोर्ट मिला और निफ्टी ने 22,421 का बड़ा रजिस्टेंस क्रॉस किया। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी तेजी लौटी। एंटी AI ट्रेड पूरी तरह से आज प्ले हुई है। IT ऊपर और पावर इक्विपमेंट शेयर नीचे आए। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये रैली टिकेगी या फिर से फेल होगी?

बाजार: अब क्या?

बाजार में एक टेम्पलेट चल रही है। हर बड़ी गिरावट के बाद एक शार्प रिकवरी। हर बार ये रिकवरी 10 DEMA पर फेल होती है। एक अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 20 DEMA के ऊपर आने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अगर बैंक निफ्टी 55,500 के ऊपर आया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। निफ्टी का बड़ा ट्रेंड 23,200 के ऊपर ही बदलेगा। तब तक रैली ट्रेड करने लायक रहेगी, लेकिन फेल होने का रिस्क रहेगा। रुपये में अभी तक बड़ी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में इस रैली के फिर फेल हो इसका रिस्क रहेगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,400-22,450 पर पहला सपोर्ट और 22,300-22,350 पर बड़ा सपोर्ट है। इसके लिए 22,550-22,600 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट और 55,500-55,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, इंट्राडे में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Strategy : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त देखने को मिल रही है। सुबह करीब 10 बजे के आसपास सेंसेक्स 601 अंक यानी 0.84% चढ़कर 72,194 पर और निफ्टी 197 अंक यानी 0.88% बढ़कर 22,428 पर पहुंच गया था। IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2.86% की तेजी दिख रही है। जबकि प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी और मीडिया इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़त देखने को मिल रही है। मिडकैप शेयरों में लगभग 1% की बढ़त हुई है। हालांकि स्मॉलकैप शेयरों में मामूली गिरावट आई है। एनर्जी,ऑयल एंड गैस और फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 4.06% गिर गया है। यह तेजड़ियों के लिए राहत की बात है।

निफ्टी पर रणनीति

आज बाजार में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 22361-22440 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22513-22571/22610 पर है। इसके लिए पहला बेस 22110-22080 पर और बड़ा बेस 21866/21945-22010 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54921-55080 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55304-55434/55610 पर है। इसके लिए पहला बेस 54330-54431 पर और बड़ा बेस 54040-54212 पर है।

सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल की निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 22,150-22,200 पर और बड़ा सपोर्ट 22,000-22,050 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 22,350-22,400 पर और बड़ा रजिस्टेंस 22,450-22,500 पर है। 22,400-22,450 के रिजेक्शन पर बेचें, 22,500 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 22,150-22,200 होल्ड करे तभी खरीदें, 22,100 का सख्त SL लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 54,300-54,500 पर और बड़ा सपोर्ट 54,000-54,200 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 54,800-55,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,500 पर है। 54,800-55,000 के रिजेक्शन पर बेचें, 55,100 का सख्त SL लगाएं। अगर निफ्टी 54,300-54,500 होल्ड करे तभी खरीदें, 54,100 का सख्त SL लगाएं।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्र के फ्यूचर्स में 80 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, नेस्ले के फ्यूचर्स में इनकी 1290 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 1360 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank Share Price: FIIs ने बेची होल्डिंग तो शेयर धड़ाम, ब्रोकरेजेज का ये है रुझान

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखी और इसकी वजह इसका सितंबर तिमाही का शेयरहोल्डिंग पैटर्न है। इसमें सामने आया कि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी 2.43% कम की और अब जून तिमाही के आखिरी में 41.82% से घटकर सितंबर तिमाही के आखिरी में 39.39% (FIIs Holding in HDFC Bank) तक आ गई। इसने बैंक के शेयरों पर दबाव बढ़ाया और फिलहाल बीएसई पर यह 1.65% की गिरावट के साथ ₹692.20 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.79% टूटकर ₹691.20 तक आ गया था।

FIIs vs DII in HDFC Bank: किसकी कितनी होल्डिंग?

सितंबर 2026 तिमाही के आखिरी में एचडीएफसी बैंक में विदेशी निवेशकों यानी FIIs की हिस्सेदारी 2.43 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कम होकर 39.39% पर आ गई। वहीं दूसरी तरफ इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की होल्डिंग 1.69 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़कर 43.44% हो गई। इसमें म्यूचुअल फंड्स की 31.88% हिस्सेदारी है तो ₹2 लाख तक के निवेश वाले यानी खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 10.87% है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का

एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सीईओ के तौर पर अनूप बागची की नियुक्ति के असर का मार्केट आकलन कर रहा है। अधिकतर ब्रोकरेज फर्म ने उनकी नियुक्ति का सपोर्ट किया है लेकिन कुछ एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी कि उन्हें काम संभालने में समय लगेगा।

नुवामा के बीएफएसआई एनालिस्ट हेड आनंद दामा का कहना है कि अनूप को पहले अपनी टीम फिर से बनाने की जरूरत पड़ेगी और फिर एक लंबे समय में वह नए आइडिया ला सकते हैं और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि अनूप बागची की नियुक्ति से एचडीएफसी बैंक की लीडरशिप से जुड़ी एक बड़ी चिंता दूर हो गई और अनूप बागची का अनुभव एक बड़ी ताकत साबित होगी।

अनूप बागची अभी ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ हैं और देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI Bank में सीनियर पदों पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने रिटेल और होलसेल बैंकिंग बिजनेस संभाला था। उन्होंने छह साल तक ICICI सिक्योरिटीज को भी लीड किया। उनकी उम्र 56 साल है तो वह लंबे समय तक एचडीएफसी बैंक की कमान संभाल सकते हैं क्योंकि RBI के नियमों के मुताबिक बैंक सीईओ 70 साल की उम्र तक बने रह सकते हैं।

इंडिपेंडेंट एनालिस्ट नीरज दीवान का कहना है कि प्रोविजनल डेटा और एचडीएफसी ग्रुप के बाहर के किसी शख्स को सीईओ की कमान बैंक के लिए पॉजिटिव है लेकिन निवेशक अभी सतर्कता बरत रहे हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर कुछ और तिमाहियों तक दबाव बना रह सकता है। बैंक ने शनिवार को सितंबर के आखिरी तक अपने डिपॉजिट में लगभग 18.8% और ग्रॉस एडवांस में 16.3% की बढ़ोतरी की जानकारी दी थी।

शेयरों पर क्यों आया दबाव

साल 2023 में अपनी पैरेंट कंपनी एचडीएफसी के साथ विलय के बाद एचडीएफसी बैंक के मार्जिन और ग्रोथ पर असर पड़ा। इसका असर बैंक के शेयरों पर पड़ा और अपने पियर्स के मुकाबले यह कमजोर हुआ। गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के कारण मार्च में चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने भी सेंटीमेंट पर बुरा असर डाला। हालांकि एक स्वतंत्र जांच में उनके दावों की पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन शेयरों पर दबाव बना रहा। प्राइस-टू-एडजस्टेड बुक वैल्यू के आधार पर यह स्टॉक अब आईसीआईसीआई बैंक के मुकाबले 25% डिस्काउंट पर है और साल 2025 में अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद से इसमें लगभग 31% की गिरावट आई है।

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