Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 10 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,660 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद बाजार पर फाइनेंशियल शेयरों में आई गिरावट का असर ज्यादा रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी करीब 40 अंक यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,680 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.09 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स में 1.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.80 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 1.89 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 0.69 फीसदी की मजबूती दिख रही है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.59 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। S&P रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 151.83 अंक या 0.28% बढ़कर 54,036.93 पर पहुंच गया। S&P 500 इंडेक्स में 47.68 अंक या 0.62% की बढ़त हुई और यह 7,757.64 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 342.26 अंक या 1.30% बढ़कर 26,690.62 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुरुआती कारोबार में दुनिया की अधिकांश बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में थोड़ी बढ़त देखने को मिल रही थी। ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। जोखिम के प्रति संवेदनशील मुद्राओं का प्रदर्शन कमजोर नजर आ रहा है। डॉलर इंडेक्स 99.63 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.66% और 4.20% पर ऊपर ट्रेड कर रही है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला रुख नजर आ रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया (+0.15%),फिलीपींस पेसो (+0.21%),थाई बाहत (+0.17%), ताइवान डॉलर (+0.16%),चीनी रेनमिनबी (+0.06%) और मलेशियाई रिंगित (+0.06%) मजबूत दिख रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन (-0.50%),जापानी येन (-0.18%)और सिंगापुर डॉलर (-0.09%) कमजोर कारोबार कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज्यादा गिरावट नजर आ रही है।

FII और DII फंड फ्लो

7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

Stocks to Watch: सोमवार 10 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 21 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

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Market Outlook : निफ्टी-सेंसेक्स गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 10 अगस्त को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी,सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है। वहीं, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी रही। डिफेंस और इंफ्रा इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि, बैंकिंग और PSE शेयरों में दबाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में निफ्टी 65 प्वाइंट गिरकर 24,571 पर बंद हुआ। वहीं,सेंसेक्स 456 प्वाइंट गिरकर 78,499 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी बैंक निफ्टी 317 प्वाइंट गिरकर 57,746 पर बंद हुआ। जबकि, मिडकैप 137 प्वाइंट चढ़कर 63,464 पर बंद हुआ।

आज निफ्टी के 50 में से 27 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में बिकवाली रही। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 95.21 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट का असर ज्यादा रहा। बजाज फाइनेंस के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि बजाज फिनसर्व,ट्रेंट और ICICI बैंक भी गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत TCS, ग्रासिम और हिंडाल्को के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। मार्केट ब्रेथ निगेटिव रहा 1,964 शेयरों में बढ़त हुई, जबकि 2,119 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

Hedged.in के HNI और डेरिवेटिव्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का कारोबार कमजोरी के साथ बंद हुआ। हालिया बढ़त के बाद बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव का असर मार्केट के सेंटीमेंट पर पड़ा,जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ। आज की गिरावट के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल ढांचा काफी हद तक मजबूत बना हुआ। निवेशक ग्लोबल संकेतों और घरेलू घटनाओ पर नज़र बनाए हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी 65 अंक गिरकर 24,570.00 पर बंद हुआ। इंडेक्स 24,600 के तत्काल सपोर्ट से नीचे आ गया है, लेकिन अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अब निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है और उसके बाद 24,300 के पास एक मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ,इसके लिए 24,650–24,750 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर निफ्टी लगातार इस जोन से ऊपर बना रहता है,तो फिर से तेजी आ सकती और ऊंचे स्तरों के लिए रास्ता खुल सकता है।

रियांक अरोड़ा ने आगे कहा कि सेंसेक्स 317 अंक गिरकर 77,746.00 पर बंद हुआ। सेशन के दौरान इंडेक्स में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई,लेकिन यह अपने अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहा। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 77,500–77,300 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 78,000–78,300 के पास दिख रहा है। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस जोन के ऊपर कोई भी निर्णायक चाल शॉर्ट-टर्म आउटलुक को मज़बूत करेगी।

बाजार के ओवरऑल ट्रेंड पर बात करते हुए उन्होंनें कहा कि हालिया बढ़त के बाद बाजार में हेल्दी करेक्शन का एक दौर देखने को मिला है। आज ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हुई। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, तब तक कुल मिलाकर बाजार का रुख तेजी के पक्ष में रहेगा। ट्रेडर्स और निवेशक मज़बूत फ़ंडामेंटल वाले शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट के मामले में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Q1 नतीजों के बाद मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका का इन शेयरों पर आया दिल, क्या हैं आपके पास?

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Top Stock Picks : केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में काफी अच्छे निवेश के मौके, ये तीन ऑटो शेयर करेंगे कमाल

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने के मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,550 के आस-पास बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 505.76 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 78,449 पर और निफ्टी 100.05 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,535.95 पर आ गया है। । सेक्टर के हिसाब से प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.90 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि बैंक निफ्टी में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार की कमजोरी के बावजूद IT और ऑटो शेयरों में तेजी बनी हुई है। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.63 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में क्रूड की वोलेटिलिटी और जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी का असर देखने को मिल रहा है। लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बाजार ने एक बहुत ही बढ़िया मजबूती दिखाई है। ब्रॉड बेस मार्केट में अप्रैल महीने से अभी तक जिस तरह की रिकवरी देखने को मिली है वह इस बात का क्लियर रिफ्लेक्शन है कि अब कहीं ना कहीं बाजार इस अनसर्टेनिटी को पचाने की क्षमता दिखाना शुरू कर चुका है।

ये सिर्फ सेंटीमेंटल रिकवरी नहीं है। सभी सेक्टरों के पहली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। कई तिमाहियों के बाद हमें इस तरह के उत्साहजनक आंकड़ें देखने को नजर आ रहे हैं। खासतौर पर स्माल कैप ने सबसे ज्यादा सरप्राइज किया है। यहां पर हमें 28% तक की टॉप लाइन एबिट और पैट ग्रोथ देखने को नजर आई है। अभी तक जो रिजल्ट्स उनको देखते हुए बाजार का ट्रेंड साफतौर पर काफी स्ट्रांग है।

ऐसे में अगर हम थीम स्पेसिफिक बात करें तो पूरा ईएमएस स्पेस ही काफी अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर के लिए सेमीकॉन 2.0 और सरकारी प्रोत्साहन काफी पॉजिटव फैक्टर है। ऐसे में हमें आगे सिरमा और एवलॉन जैसी कंपनियों में इसका काफी पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। केन्स (Kynes Tech) जैसा शेयर भी बड़े करेक्शन के बाद तेजी के लिए तैयार दिख रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में भी काफी अच्छे निवेश के मौके दिख रहे हैं। नवीन फ्लोरिन, न्यूलैंड लैब्स और डीवीज लैब जैसी कंपनियों ने जिस तरह के स्ट्रांग टॉप लाइन ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाए हैं, उनको देखकर लगता है कि मार्केट इनको लगातार रिवॉर्ड करता हुआ नजर आएगा।

आशीष चतुरमोहता को इनके अलवा डिफेंस में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं। डिफेंस के दिग्गज प्लेयर्स अब तक थोड़े साइडवेज थे। अब ये भी तेजी पकड़ते दिख रहे हैं। डिफेंस कंपनियों की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी इंप्रूव होती हुई नजर आ सकती है और जिसका बेनिफिट एचएल जैसे स्टॉक में भी देखने को नजर आ सकता है।

टू व्हीलर स्पेस पर अपनी राय रखते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही में अक्रॉस द बोर्ड पैसेंजर व्हीकल,कमर्शियल व्हीकल,टू व्हीलर,इलेक्ट्रिक व्हीकल इन सबके नंबर्स बहुत ही ज्यादा अच्छे आए। इनमें डबल डिजिट और किसी-किसी सेगमेंट में तो 20% की भी ग्रोथ देखने को मिली है। अब तो फेस्टिव सीजन भी आने वाला है। ऐसे में नंबर्स यहां से और बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसका बहुत अच्छा फायदा M&M, TVS मोटर्स और एथर एनर्जी को हो सकता है। वैसे तो पूरी थीम ही काफी अच्छी लग रही। लेकिन ये तीन शेयर खास हैं, क्योंकि इन्होंने लगातार मार्केट शेयर गेन किया है और नई कैटेगरी क्रिएट करके वहां पर मार्केट लीडर बने हैं।

एसयूवी ईवी सेगमेंट में पैसेंजर व्हीकल की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा लगातार लीड बनाए हुए है। टू व्हीलर की बात करें तो TVS मोटर्स टू व्हीलर में तो अच्छा कर ही रहा है, ईवी सेगमेंट के अंदर भी इसका लगभग 25% का मार्केट शेयर हो गया है। इसी तरह एथर एनर्जी जो कि एक नया खलाड़ी था, पहली बार प्रॉफिटेबल हुआ है। कंपनी का कहना है अब उसकी प्रॉब्लम डिमांड नहीं है। डिमांड तो काफी ज्यादा आ रही। मेन प्रॉब्लम सप्लाई साइड से है। इसका मतलब उनको कैपेसिटी और बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में हमें लगता है यह कंपनी भी बहुत स्ट्रांग टर्न अराउंड फेस में एंटर हो रही है। ऐसे में इस समय ऑटो स्पेस और ऑटो एंसिलरी का स्पेस काफी प्रॉमिसिंग दिख रहा है।

 

Market View : ऑटो और ऑटो एंसिलियरी का फ्यूचर अच्छा, आईटी सेक्टर को लेकर रहें सतर्क-हेमंत कानावाला

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: निफ्टी 24570 से नीचे, सेंसेक्स 503 अंक तक फिसला; बाजार 6 कारणों से लाल

शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को गिरावट है। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी रही थी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 78,516.08 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से करीब 503 अंक तक टूटकर 78,451.99 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,538.90 पर खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के लो तक गया। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को लौटी गिरावट के अहम कारण डिटेल में…

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी है। यह 1.3% चढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की बढ़ती कीमतें आयात की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है। साथ ही देश के अंदर महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्तीय शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को फाइनेंशियल स्टॉक्स ​दबाव में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़का। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में भी 3.6 प्रतिशत की गिरावट दिखी। निफ्टी बैंक 0.3 प्रतिशत नीचे है, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी गिरावट आई।

FII की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में है। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रुपये में गिरावट

शुक्रवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

India VIX में बढ़ोतरी

मार्केट में अस्थिरता का पैमाना India VIX 3 प्रतिशत बढ़कर 12.46 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

RBI दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है, ICICI Bank ने बताई यह वजह

आरबीआई दिसंबर से इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। यह अनुमान आईसीआईसीआई बैंक ने जताया है। एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से यह यह जानकारी दी है। आईसीआईसीआई बैंक का मानना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आरबीआई दिसंबर में रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स के इजाफे के साथ इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर सकता है।

ICICI Bank का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतो में नरमी आती है तो फिर आरबीआई अगले साल अप्रैल में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। उसने कहा है कि अप्रैल से इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद ज्यादा है। गौरतलब है कि आरबीआई ने 5 अगस्त को लगातार चौथी बार रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।

RBI ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान 5 अगस्त को किया। तीन दिन तक चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय बैंक ने अपना रुख भी तटस्थ यानी Neutral रखने का ऐलान किया। हालांकि, आरबीआई ने ग्रोथ के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया और इनफ्लेशन के अनुमान को थोड़ा कम किया।

आरबीआई ने 5 जुलाई को जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया। हालांकि, ICICI Bank का मानना है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ आरबीआई के अनुमान से ज्यादा रह सकती है। प्राइवेट बैंक ने FY27 में जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी और FY28 में 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

मध्यपूर्व में लड़ाई का असर केंद्रीय बैंकों की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ा है। क्रूड ऑयल सहित कई कमोडिटी की सप्लाई में बाधा से उनकी कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर इनफ्लेशन पर पड़ रहा है। भारत में भी रिटेल इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज को पार कर चुका है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ी है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market outlook :मंगलवार, 4 अगस्त के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 24,650 से नीचे गिरकर बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। लगभग 2030 शेयर बढ़े,2037 शेयर गिरे और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट ग्रासिम इंडस्ट्रीज,HDFC लाइफ,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज ऑटो और रिलायंस इंडस्ट्रीज में हुई। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,ट्रेंट,अपोलो हॉस्पिटल्स,जियो फाइनेंशियल और इटरनल शामिल रहे।

मेटल और मीडिया को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,ऑयल एंड गैस,रियल्टी,इंफ्रा,प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और FMCG इंडेक्स 0.5-2 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिरा,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत बढ़ा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन,निफ्टी आखिरी मिनटों में लगभग 200 अंक उछल गया। बड़े इंस्टीट्यूशनल बॉय ऑर्डर्स थिन ऑक्शन विंडो के दौरान ज्यादा लिक्विड NSE पर फोकस करते हुए नजर आए जिससे कई हैवीवेट कंपनियों को बड़ा फायदा हुआ। BSE पर इंस्टीट्यूशनल कैश-मार्केट एक्टिविटी बहुत कम होने के बावजूद,सेंसेक्स अपने 3:15 बजे के लेवल के बहुत करीब रहा। जिससे यह अंतर पैदा हुआ। यह नए सिस्टम के तहत पूरी तरह से डिमांड-सप्लाई का असंतुलन था, न की कोई टेक्निकल गड़बड़ी।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड,विनोद नायर का कहना है कि मंगलवार की वीकली एक्सपायरी और F&O क्लोजिंग प्राइस तय करने के नए सिस्टम के लागू होने से मार्केट ट्रेंड्स में गड़बड़ी आई है। निफ्टी स्टॉक्स और इंडेक्स की दोपहर 3:30 बजे और 3:40 बजे की क्लोजिंग प्राइस के बीच बड़ा अंतर,साथ ही सेंसेक्स से इनका अंतर,यह बताता है कि नया सिस्टम जैसा सोचा गया था वैसा काम नहीं कर रहा है,जिससे प्राइस में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। इससे 15 मिनट के ब्लाइंड डेरिवेटिव्स विंडो क्लोजिंग सेशन से पहले,खासकर रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच,पोजीशन्स का फोर्स्ड स्क्वेयर-ऑफ शुरू हो गया है।

ये नए सिस्टम की शुरुआती दिक्कतें लग रही हैं और एक्सचेंज और मार्केट रेगुलेटर को इन कमियों को दूर करने की जरूरत है। अभी,इसका असर स्टॉक्स और मेन इंडेक्स में ट्रेडिंग के F&O सेगमेंट तक ही सीमित है। खास बात यह है कि ये फंडामेंटल स्ट्रक्चरल परेशानियां नहीं हैं और इन पर कंट्रोल कर लेने की उम्मीद है।

आर्थिक और फाइनेंशियल आउटलुक मजबूत बना हुआ है और इससे लंबे समय के निवेशकों की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। उम्मीद है कि जैसे ही एक्सचेंज अपने नॉर्मल ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर पर लौटेंगे,मौजूदा उतार-चढ़ाव थम जाएगा।

मार्केट का फोकस होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की घटनाओं पर बना हुआ है। इस इलाके में शांति लौटने और स्टेबिलिटी आने से क्रूड ऑयल की कीमतों को कम करने और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी लाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा ग्लोबल अनिश्चितताओं और महंगाई की चिंताओं के बीच RBI की पॉलिसी मीटिंग पर सबकी नजरें लगी हुई हैं। इन्वेस्टर्स इन चुनौतियों से निपटने के लिए RBI से पॉलिसी उपायों की उम्मीद कर रहे हैं,साथ ही बैंकिंग सिस्टम के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट की भी उम्मीद है। इससे मार्केट का भरोसा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे मार्केट की दिशा काफी हद तक RBI की पॉलिसी कमेंट्री और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे,24750-24780 जोन निफ्टी के लिए एक बड़ी रुकावट बना रहेगा। 24780 से ऊपर का ब्रेकआउट इसके लिए 24900 की ओर और ऊपर जाने का रास्ता बना सकता है,जिसके बाद 25050 का लेवल भी देखने को मिल सकता है। नीचे की तरफ, निफ्टी के लिए 24460-24430 जोन से तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे ट्रेडिंग सेशन में दबाव में रहा। इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई। हालांकि,CAS सेटलमेंट प्राइस में तेज रिकवरी (जो 3:15 PM क्लोजिंग लेवल से 400 अंक से ज्यादा ऊपर थी। ने नुकसान को काफी कम करने में मदद की। इंडेक्स आखिरकार 0.58% नीचे 57907 पर सेटल हुआ। डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक छोटी कैंडल बनाई,जिसकी निचली शैडो लंबी थी। यह निचले लेवल पर खरीदारी बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से,इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी साइडवेज़ रुझान का संकेत दे रहे हैं,जो शॉर्ट टर्म में मजबूत डायरेक्शनल मूव की कमी का संकेत देते हैं।

आगे 58200-58300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम करेगा। 58300 से ऊपर मूव करने पर 58800 की तरफ एक नया अपस्विंग हो सकता है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में 59200 का टारगेट भी देखने को मिल सकता है।

वहीं, नीचे की तरफ,57400-57300 का जोन एक अहम सपोर्ट बैंड के तौर पर काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट से ऊपर रहता है,तब तक बड़ा पॉजिटिव स्ट्रक्चर बना रहने की उम्मीद है।

 

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Share Market Crash: डे-हाई से 700 प्वाइंट्स टूटा Sensex, 5 वजहों से Nifty आया 24500 के नीचे

Share Market Crash: क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता फैली है। ब्रोकरेजेज ने भी रिटेलर्स को सतर्क किया है। इसका असर आज मार्केट में दिखा और कच्चे तेल के भाव में उछाल ने इस दबाव को और बढ़ाया। इस दबाव में सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो भी निफ्टी भी टूटकर 24500 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तेज दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी फिसल गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 249.56 प्वाइंट्स यानी 0.32% की गिरावट के साथ 78,389.47 और निफ्टी (Nifty) 283.30 प्वाइंट्स यानी 1.14% की फिसलन के साथ 24,491.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 504.12 प्वाइंट्स उछलकर 79,143.15 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 781.36 प्वाइंट्स टूटकर 78,361.79 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 291.10 प्वाइंट्स गिरकर 24,483.20 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

CAS सिस्टम

कई ब्रोकर्स ने खुदरा निवेशकों को दोपहर 3 बजे तक अपनी पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेजेज ने अपने क्लाइंट्स को सलाह दी है कि जब तक नए मैकेनिज्म CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) में मार्केट ढल नहीं जाता है, अपनी पोजिशन 3:00 PM और 3:05 PM के बीच बंद कर दें। इससे मार्केट में बेयरेश माहौल बना है क्योंकि एक तरह से शेयरों के लेन-देन का समय कम हुआ है।

आईटी और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में दबाव

मार्केट पर आज आईटी और हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने काफी दबाव बनाया जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी कमजोर हुए। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक तो ऑटो और सरकारी बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी की गिरावट है।

कच्चे तेल में उछाल

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $85 के करीब पहुंचा तो मार्केट पर इसकी आंच महसूस हुई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 2.41% के उछाल के साथ 12.21 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

Nifty की एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है जिसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख रही है।

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Sensex 544 प्वाइंट्स मजबूत, Nifty 24774 पर बंद, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Sensex-Nifty closes green: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को टालने का ऐलान किया तो मार्केट में रौनक छा गई। कच्चे तेल की नरमी से इसे और सपोर्ट मिला। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी 24750 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने आज मार्केट को शानदार सपोर्ट दिया और इसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक मजबूत हुआ। इंडेक्स के हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने इसे सपोर्ट किया जिसका निफ्टी इंड़ेक्स करीब 2% मजबूत हुआ। निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी आज डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक तो ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए।

मार्केट की रौनक में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब ₹3 लाख करोड़ बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में करीब ₹3 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। आज सेंसेक्स (Sensex) 544.39 प्वाइंट्स यानी 0.70% के उछाल के साथ 78,639.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 390.70 प्वाइंट्स यानी 1.60 के उछाल के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 800.46 प्वाइंट्स चढ़कर 78,895.10 और निफ्टी भी 390.70 प्वाइंट्स उछलकर 24,774.30 तक पहुंचा।

₹2.98 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,42,524.92 करोड़ था। आज यानी 3 अगस्त 2026 को यह बढ़कर ₹4,90,40,595.36 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,98,070.44 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 21 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, टीसीएस और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट सन फार्मा, भारती एयरटेल और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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187 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4595 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2837 शेयर आज मजबूत हुए तो 1552 में गिरावट रही जबकि 206 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 187 शेयर एक साल के हाई और 67 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 12 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 12 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Holidays in August: क्या आप बैंक जा रहे हैं? पहले जान लें आज ब्रांच खुली है या नहीं

Bank Holidays in August: अगर आप किसी काम से बैंक जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले यह जान लेना जरूरी है कि आज बैंक खुला है या नहीं। कई लोग हफ्ते के अंत में बैंक से जुड़े काम निपटाने का प्लान चुके होते हैं। लेकिन, जब बैंक जाते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे उनका समय खराब होता है।

सभी बैंकों में आरबीआई के नियम के हिसाब से छुट्टी होती है

सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को छुट्टी के मामले में RBI के नियमों का पालन करना होता है। केंद्रीय बैंक के नियम में बैंकों के लिए हर हफ्ते की छुट्टी पूर्व निर्धारित होती है। यह जानकारी बैंक की हर शाखा को डिस्प्ले करना जरूरी है। इसका मकसद ग्राहकों को असुविधा से बचाना होता है। इसके अलावा हर राज्य में मनाए जाने वाले त्योहार के मौके पर भी बैंक में छुट्टी होती है।

हर हफ्ते रविवार को बैंक की शाखाएं बंद रहती हैं

आरबीआई के नियम के मुताबिक, हर हफ्ते रविवार को बैंक की शाखाएं बंद रहती हैं। इसके अलावा हर हफ्ते के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक की शाखाएं बंद रहती हैं। आज अगस्त महीने की पहली तारीख है। आज शनिवार भी है। चूंकि यह महीने का पहला शनिवार है तो बैंकों की शाखाएं आज खुली हैं। अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई काम करना हैं तो आप बैंक जा सकते हैं।

इस महीने 15 अगस्त यानी शनिवार को भी बैंक रहेंगे बंद

इस महीने की 8 तारीख को दूसरा शनिवार होगा। उस दिन बैंकों की सभी शाखाएं बंद रहेंगी। इसकी तरह 15 अगस्त को भी शनिवार है। लेकिन, उस दिन बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इसकी वजह यह है कि उस दिन स्वतंत्रता दिवस है। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय छुट्टी होती है। इस मौके पर सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिसेज में छुट्टी होती है।

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इस महीने सिर्फ 1 तारीख के शनिवार और 29 तारीख के शनिवार को बैंक खुले रहेंगे

इस महीने में कुल पांच शनिवार हैं। इनमें से सिर्फ 1 तारीख और 29 तारीख को बैंक खुले रहेंगे। दोनों दिन शनिवार हैं। 8 अगस्त को दूसरा शनिवार होने के चलते बैंक में छुट्टी रहेगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 22 अगस्त इस महीने का चौथा शनिवार है। इसलिए उस दिन बैंक बंद रहेंगे। 29 अगस्त को बैंक खुले रहेंगे, क्योंकि वह महीने का पांचवां शनिवार होगा। हालांकि, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इस मौके पर कुछ राज्यों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी।