पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर शनिवार को भारी गोलीबारी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए है। वहीं, पाकिस्तान ने दावा किया है कि जवाबी हमले में कई अफगान तालिबानी लड़ाके मारे गए और उनका एक सैन्य ठिकाना तबाह कर दिया गया। दोनों देशों के बीच यह झड़प विवादित डूरंड लाइन पर हुई। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक अफगानिस्तान में सीमा पार से होने वाली हिंसा के कारण 1100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। पाकिस्तान बोला- अफगान लड़ाकों ने गोलीबारी की शुरूआत की पाकिस्तान ने कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने उसके चेकपॉइंट्स पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। वहीं, अफगान सुरक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान पर संघर्ष शुरू करने और बिना अनुमति सीमा चौकियां बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं। अफगान सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने पहले गोलीबारी की। उनके मुताबिक, अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुंचाया। पाकिस्तान ने इसके उलट कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में उसके चेकपॉइंट्स पर गोली चलाई। पाकिस्तान का तालिबान ठिकाना नष्ट करने का दावा पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को हुई एक अलग गोलीबारी में कई अफगान तालिबान लड़ाकों को मारने का दावा किया। उन्होंने एक तालिबानी सैन्य बेस कैंप नष्ट करने की बात भी कही। इस्लामाबाद ने आरोप लगाया कि अफगान बलों ने आतंकियों को पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसाने में मदद के लिए गोलीबारी की। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच क्या विवाद है? पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले साल अक्टूबर में सीमा पर बड़ी झड़पों के बाद से कई बार सैन्य टकराव हो चुका है। विवाद की एक बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान का तालिबान प्रशासन TTP को पनाह देता है और उसके लड़ाके अफगान जमीन से सीमा पार हमलों की योजना बनाकर उन्हें अंजाम देते हैं। हालांकि, काबुल इन आरोपों को खारिज करता है। TTP, अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी है और दोनों एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था, जिससे नाराज होकर TTP ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लड़ाई शुरू की। संगठन पाकिस्तान सरकार को इस्लाम के खिलाफ मानता है। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले भी किए। 17 दिन पहले पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में बच्चों समेत 9 की मौत हुई थी पाकिस्तान ने 1 अक्टूबर को अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। इन हमलों में 9 लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया था कि इन हमलों में 3 घर तबाह हुए और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा था कि उसने अफगानिस्तान में दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें कम से कम 22 लड़ाके मारे गए। ——————– यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में राष्ट्रपति भवन से 400 मीटर दूर हिंसक प्रदर्शन: 143 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत जलाई; महंगाई के खिलाफ 8 लाख लोग सड़कों पर फ्रांस में बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के विरोध में शनिवार को 8 लाख लोग सड़कों पर उतरे। पूरी खबर पढ़ें…
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर शनिवार को भारी गोलीबारी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 7 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए है। वहीं, पाकिस्तान ने दावा किया है कि जवाबी हमले में कई अफगान तालिबानी लड़ाके मारे गए और उनका एक सैन्य ठिकाना तबाह कर दिया गया। दोनों देशों के बीच यह झड़प विवादित डूरंड लाइन पर हुई। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक अफगानिस्तान में सीमा पार से होने वाली हिंसा के कारण 1100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। पाकिस्तान बोला- अफगान लड़ाकों ने गोलीबारी की शुरूआत की पाकिस्तान ने कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने उसके चेकपॉइंट्स पर बिना उकसावे के गोलीबारी की। वहीं, अफगान सुरक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान पर संघर्ष शुरू करने और बिना अनुमति सीमा चौकियां बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के दावे किए हैं। अफगान सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने पहले गोलीबारी की। उनके मुताबिक, अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुंचाया। पाकिस्तान ने इसके उलट कहा कि अफगान सीमा रक्षकों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर-पश्चिमी कुर्रम जिले में उसके चेकपॉइंट्स पर गोली चलाई। पाकिस्तान का तालिबान ठिकाना नष्ट करने का दावा पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने शनिवार को हुई एक अलग गोलीबारी में कई अफगान तालिबान लड़ाकों को मारने का दावा किया। उन्होंने एक तालिबानी सैन्य बेस कैंप नष्ट करने की बात भी कही। इस्लामाबाद ने आरोप लगाया कि अफगान बलों ने आतंकियों को पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसाने में मदद के लिए गोलीबारी की। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच क्या विवाद है? पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले साल अक्टूबर में सीमा पर बड़ी झड़पों के बाद से कई बार सैन्य टकराव हो चुका है। विवाद की एक बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान का तालिबान प्रशासन TTP को पनाह देता है और उसके लड़ाके अफगान जमीन से सीमा पार हमलों की योजना बनाकर उन्हें अंजाम देते हैं। हालांकि, काबुल इन आरोपों को खारिज करता है। TTP, अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी है और दोनों एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया था, जिससे नाराज होकर TTP ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ लड़ाई शुरू की। संगठन पाकिस्तान सरकार को इस्लाम के खिलाफ मानता है। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले भी किए। 17 दिन पहले पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक में बच्चों समेत 9 की मौत हुई थी पाकिस्तान ने 1 अक्टूबर को अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। इन हमलों में 9 लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया था कि इन हमलों में 3 घर तबाह हुए और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा था कि उसने अफगानिस्तान में दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें कम से कम 22 लड़ाके मारे गए। ——————– यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में राष्ट्रपति भवन से 400 मीटर दूर हिंसक प्रदर्शन: 143 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत जलाई; महंगाई के खिलाफ 8 लाख लोग सड़कों पर फ्रांस में बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के विरोध में शनिवार को 8 लाख लोग सड़कों पर उतरे। पूरी खबर पढ़ें…
वेस्टइंडीज के खिलाफ 5वें और आखिरी मुकाबले में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का वापसी हुई है। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी और निर्णायक मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार को मौका मिल सकता है। अर्शदीप सिंह की जगह भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया है। वहीं इस मुकाबले के प्लेइंग 11 में भुवी को मौका मिल सकता है। भुवनेश्वर ने नवंबर 2022 के बाद से भारत की ओर से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेले हैं। ऐसे में फैंस को उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसा है भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड
टीम में कर सकते हैं वापसी
मेरठ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लंबे समय बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी कर सकते हैं। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार 25 दिसंबर 2012 को बेंगलुरु में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। वहीं नवंबर 2022 के बाद से भारत के लिए इस फॉर्मेट में नहीं खेले हैं। ऐसे में फैंस को उनकी वापसी का इंतजार है।
भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड
भुवनेश्वर कुमार को टी20 क्रिकेट में खेलने का लंबा अनुभव है। उन्होंने भारत की ओर से अब तक 87 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और 90 विकेट अपने नाम किए हैं। वह भारत के लिए इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में सातवें स्थान पर हैं। भुवनेश्वर नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में विकेट लेने के लिए जाने जाते हैं, जिससे वह टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित होते हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ कैसा है रिकॉर्ड
भुवनेश्वर कुमार का वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैचों में प्रदर्शन अच्छा रहा है। उन्होंने इस टीम के खिलाफ 18 मुकाबले खेले हैं और 13 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, भारतीय मैदानों पर भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है। भुवनेश्वर ने भारत में 34 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलते हुए 34 विकेट लिए हैं। घरेलू मैदान पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था, जब उन्होंने 12 जून 2022 को कटक में 13 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। अब फैंस की नजरें एक बार फिर उनके प्रदर्शन पर रहेंगी।
आईपीएल में भी शानदार रिकॉर्ड
भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में भी अपनी गेंदबाजी से शानदार पहचान बनाई है। वह इस टूर्नामेंट में 200 से ज्यादा मैच खेलने और 200 से अधिक विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से सभी 16 मैच खेले और 28 विकेट हासिल किए। वह टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में दूसरे स्थान पर रहे। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने टीम को खिताब बचाने में अहम मदद दी, जबकि कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया।
IND vs WI 5th T20: चिन्नास्वामी स्टेडियम जाने से पहले जानें ये जरूरी नियम, कई जगहों पर रूट डायवर्जन

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में ‘वोट चोरी’ करवाई जा रही है इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
श्री गांधी ने शनिवार को अपने पॉडकास्ट में परीक्षाओं में देरी, नियुक्तियां अटकने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र करते हुए ऐसे मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की जरूरत बतायी। उन्होंने पिछले एक महीने में इंदौर, नासिक, बालाघाट और दिल्ली में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान के अनुभव साझा करते हुए कहा कि छात्रों के सवाल ऐसी व्यवस्था को चुनौती देते हैं।
उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों ने देश के संस्थानों पर कब्जा कर लिया है और आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को जो सुविधाएं मिलती हैं उनमें कटौती की जा रही है इसलिए इन मामलों में सरकार की ओर से जवाबदेही तय होनी चाहिए।
Also Read : पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंप के तेज झटके
श्री गांधी ने इस पॉडकास्ट में महाराष्ट्र के नासिक में आंदोलनरत आदिवासी विद्यार्थियों, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और मध्य प्रदेश के बालाघाट में कुपोषण तथा बीमारियों से बच्चों को खोने वाले आदिवासी परिवारों के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बालाघाट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह लागू करने का आग्रह किया और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस संदर्भ में पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 729 निवासियों में से 728 के नाम मतदाता सूची से हट गये। इसे मतदान के अधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला बताते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनना चाहिए।
वोट चोरी को संविधान पर हमला बताते हुए श्री गांधी ने 30 सितंबर को यहां इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक का उल्लेख किया और कहा कि उसमें प्रत्येक भारतीय के मतदान के अधिकार की रक्षा पर विचार-विमर्श किया गया है।
उन्होंने परीक्षा में देरी, नियुक्तियां अटकने और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों के साथ ही दिल्ली के सत्य निकेतन की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा बजट में कटौती की वजह से ऐसा हो रहा है और इन सब मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
Pic Credit : UNI
पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व PM इमरान खान भी पूर्व प्रधानमंत्रियों की तरह देश छोड़ सकते हैं। विपक्षी नेता महमूद खान अचकजई ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यहा दावा किया। अचकचई ने कहा कि सरकार इमरान पर समझौते के लिए दबाव बना रही है। वे नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो की तरह देश छोड़कर जा सकते हैं। अचकचई पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (PKMP) के अध्यक्ष और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता हैं। नवाज-बेनजीर ने क्यों छोड़ा था पाकिस्तान? अचकजई ने अपने दावे के समर्थन में पाकिस्तान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो के पुराने मामलों का हवाला दिया। नवाज शरीफ: 1999 में तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट कर नवाज सरकार को हटा दिया था। नवाज को जेल में डाल दिया गया। इसके बाद 2000 में सऊदी अरब और लेबनान के नेताओं की मध्यस्थता से हुए समझौते के तहत वे पाकिस्तान छोड़कर चले गए। समझौते की शर्तों के मुताबिक, नवाज को 10 साल तक पाकिस्तान से बाहर रहना था और राजनीति से दूर रहना था। बेनजीर भुट्टो: 1997 में तत्कालीन राष्ट्रपति फारूक लेघारी ने बेनजीर को भ्रष्टाचार के आरोप में प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था। इसके बाद 1997 के आम चुनाव में उन्हें हार मिली। इसके बाद बेनजीर भुट्टो ने देश छोड़ दिया। वह 9 साल तक ब्रिटेन और दुबई में रहीं। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की वर्तमान स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 आंकी गयी। भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर की गहराई में था।
एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार आज पूर्वाह्न 10 बजकर 37 मिनट पर आए। इसका अक्षांश 27.944 डिग्री उत्तर और देशांतर 66.532 डिग्री पूर्व था। भूकंप के बाद तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
Also Read : जियो की भारत से बाहर विस्तार की योजना
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में भूकंप आने का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। इन दोनों प्लेटों के टकराव से भूकंपीय गतिविधियां उत्पन्न होती हैं।
दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान का विशाल प्रांत बलूचिस्तान भूकंप के खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान भी संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां सक्रिय भ्रंश रेखाओं और जटिल पर्वतीय प्रणालियों के कारण भूकंप का खतरा बना रहता है। पंजाब और सिंध के कुछ हिस्सों में भी भूकंपीय गतिविधियों की आशंका रहती है।
Pic Credit : UNI

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर पुरुष चयन समिति की दौड़ में शामिल हो गए हैं। अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे न बढ़ाने के बीसीसीआई के फ़ैसले के बाद ख़ाली हुए राष्ट्रीय चयनकर्ता पद के लिए उन्होंने आवेदन किया है।
जाफ़र ने कहा, “हां, मैंने इस पद के लिए आवेदन किया है।” 48 वर्षीय जाफ़र ने भारत के लिए 31 टेस्ट खेले और पांच शतक लगाए। इनमें वेस्टइंडीज़ और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दोहरे शतक भी शामिल हैं। उनका टेस्ट करियर 2000 से 2008 तक रहा। इस दौरान उन्होंने 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए। वनडे में जाफ़र ने 2006 में सिर्फ़ दो मैच खेले।
Also Read : ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के कलाकारों ने साझा कीं नवरात्रि की यादें
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में जाफ़र का रिकॉर्ड शानदार रहा है। वह रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं और इस प्रतियोगिता में उनके नाम सबसे ज़्यादा शतक भी हैं। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों में 50 से अधिक के औसत से 19,410 रन बनाए और 57 शतक लगाए। उन्होंने 1996-97 सीज़न में मुंबई के लिए अपने सीनियर क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और विदर्भ का प्रतिनिधित्व करते हुए क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।
अगर अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) उन्हें चुनती है, तो अध्यक्ष पद के लिए विचार किए जा रहे उम्मीदवारों में जाफ़र के नाम सबसे ज़्यादा टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड होगा। इसी आधार पर वह चयन समिति के अध्यक्ष बनेंगे।
जाफ़र ने प्रज्ञान ओझा से सात टेस्ट ज़्यादा खेले हैं। ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं। ओझा के अलावा मौजूदा चयनकर्ताओं में आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास शामिल हैं।
Pic Credit : UNI
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 48 किलोमीटर दूर था। इसी साल फरवरी में यहां इतनी ही तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके सिंध में भी महसूस किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें खुझदार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिले में राहत-बचाव दल, अस्पताल और पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल, भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई हैं। फरवरी में भी भूकंप आया था इससे पहले फरवरी में बलूचिस्तान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था। यह सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर आया था और इसका केंद्र जमीन से 13 किलोमीटर की गहराई में था। उस समय भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 86 किलोमीटर दूर था। भूकंप के झटके बलूचिस्तान के झल मगसी, जाफराबाद और नसीराबाद में महसूस किए गए थे। पड़ोसी सिंध प्रांत के सुक्कुर, कंबर, शहदादकोट और दादू जिलों में भी झटके महसूस हुए थे। बलूचिस्तान में पहले भी खतरनाक भूकंप आ चुके हैं बलूचिस्तान के क्वेटा में 1935 में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इसमें करीब 35 हजार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 1945 में मकरान तट के पास 8.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे समुद्र में सुनामी भी उठी थी। 2005 के भूकंप में 74 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं पाकिस्तान में अब तक के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक 8 अक्टूबर 2005 को आया था। इस भूकंप में 74 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों – अरबियन, यूरेशियन और भारतीय प्लेट- के संपर्क वाले क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण देश में अक्सर भूकंप के झटके महसूस होते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में छात्रों ने मंदिर के सामने गोमांस पकाया: आज यूनिवर्सिटी में गाय काटने की तैयारी बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में 12 अक्टूबर को मंदिर के पास गोमांस पकाने को लेकर विवाद हो गया। इसके दो दिन बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में पशु काटने से बचने का नोटिस जारी किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिका के ओरेगन राज्य के बेंड शहर में गुरुवार को एक स्कूल में गोलीबारी हुई। इसमें 3 बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। CNN के मुताबिक, हमलावर को एक स्थानीय नागरिक ने गोली मार दी, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर की उम्र करीब 16 साल थी। एजुकेशन वीक की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल में गोलीबारी का यह इस साल का 26वां मामला है। गोलीबारी के बाद की 3 तस्वीरें मारे गए बच्चे 5 से 11 साल के थे एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, मारे गए बच्चों की उम्र 5, 8 और 11 साल थी। मरने वालों में एक शिक्षक भी शामिल है। इनके परिवारों को जानकारी दे दी गई है। गोलीबारी में घायल 7 साल के एक बच्चे और 54 साल के शिक्षक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रमुख माइक क्रांट्ज ने बताया कि हमलावर बेंड का रहने वाला था। उसने स्कूल के बंद दरवाजों पर गोली चलाकर अंदर घुसने का रास्ता बनाया था। FBI की टीम भी जांच में जुटी FBI के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर बताया कि एजेंसी की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। फिलहाल जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या हमलावर पहले कभी इस स्कूल में पढ़ा था। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में घटना से जुड़ी और जानकारी जारी की जाएगी। स्कूल में करीब 450 छात्र पढ़ते हैं रॉयटर्स के मुताबिक, सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में किंडरगार्टन से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। स्कूल में करीब 450 छात्र और 40 कर्मचारी हैं। ओरेगन की गवर्नर टीना कोटेक ने हमलावर को रोकने वाले स्थानीय नागरिक से भी बात की। गवर्नर ने उस नागरिक की तारीफ करते हुए कहा कि उसने बहादुरी से लोगों की जान बचाई। इस साल हुई गोलीबारी की बड़ी घटनाएं 19 अप्रैल, लुइसियाना: श्रेवपोर्ट में गोलीबारी में 8 बच्चों की मौत हुई। इनमें हमलावर के 7 बच्चे शामिल थे। 9 अक्टूबर, पेंसिल्वेनिया: एरी में एक व्यक्ति ने परिवार के 7 सदस्यों और एक परिचित की हत्या कर दी। बाद में उसने खुदकुशी कर ली। 9 अक्टूबर, जॉर्जिया: डगलस में एक व्यक्ति ने परिवार के 4 सदस्यों की गोली मारकर हत्या की और फिर खुदकुशी कर ली। ————————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में स्कूल की छत गिरने से 35 की मौत: इनमें 34 बच्चे, 1 महिला टीचर पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 35 हो गया है। इनमें 34 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। सभी बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम है। हादसे के बाद निजी स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार को एक निजी विद्यालय की छत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गयी जबकि 52 लोग घायल हो गये। मृतकों में ज्यादातर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
सरकारी आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, यह हादसा दीर कॉलोनी के कॉलेज रोड स्थित ‘अल-खैर’ नामक निजी विद्यालय में आज सुबह करीब 08:48 बजे हुआ। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिये गये। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के बाद राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों ने घंटों मलबे की तलाशी ली, क्योंकि आशंका थी कि और भी बच्चे मलबे में दबे हो सकते हैं। राहत कार्यों में सहायता के लिए पाकिस्तानी सेना के जवान भी बचाव दलों के साथ जुट गये।
लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि अस्पताल में आपातकाल घोषित कर डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।
Also Read : शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा उछला
इस बीच, पेशावर पुलिस ने विद्यालय के मालिक खान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इमारत बेहद खतरनाक हालत में है और इसके और अधिक ढहने का जोखिम बना हुआ है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण गहरा दुख जताया है।
श्री शरीफ ने ‘एक्स’ पर दुख जताते हुए लिखा है, “विद्यालय की छत गिरने की दुखद और दिल दहला देने वाली घटना का गहरा दुख है, जिससे कई कीमती जानें चली गयी। जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के दुखी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। मैं उन परिवारों के लिए सब्र और हिम्मत की दुआ करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवायी।”
उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि घटना में घायल हुए बच्चों और दूसरे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जायें और प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दी जाये।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
Pic Credit : UNI

