Stock in Focus: ₹351 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर शेयर रॉकेट? 21 सितंबर को रहेगी नजर

Welspun Enterprises Share Price: गांवों से लेकर शहरों तक पीपीपी मॉडल पर सड़कों, हाईवेज और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली वेलस्पन एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी को दो बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इसकी सब्सिडियरी को वेलस्पन मिशीगन इंजीनियर्स को अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से कुल मिलाकर ₹352.14 करोड़ के दो सीवर रिहैबिलेटेशन प्रोजेक्ट्स मिले हैं। इन नए ऑर्डर्स के बाद जून 2026 तक इसकी सब्सिडयरी की ऑर्डर बुक करीब ₹2,135 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹2,432.66 करोड़ हो गई है। ऐसे में इसका असर सोमवार को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 18 सितंबर को बीएसई पर यह 6.05% की बढ़त के साथ ₹825.80 पर बंद हुआ था।

कैसा काम मिला है Welspun Enterprises को?

वेलस्पन एंटरप्राइजेज की मैटेरियल सब्सिडियरी वेलस्पन मिशीगन इंजीनियर्स (Welspun Michigan Engineers) को दो सीवर रिहैबिलेटेशन प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जिनकी कुल वैल्यू जीएसटी समेत ₹351.24 करोड़ है। कंपनी को इन प्रोजेक्ट्स के लिए 18 सितंबर 2026 की तारीख में LoA (लेटर ऑफ अवार्ड) मिला। इन दोनों प्रोजेक्ट की फंडिंग वर्ल्ड बैंक से होगी।

इन दोनों में से पहला प्रोजेक्ट ₹229.48 करोड़ का है। इसमें पश्चिमी अहमदाबाद की मौजूदा मुख्य ट्रंक सीवर लाइन का रिहैबिलिटेशन किया जाएगा। यह काम इस्कॉन चार रास्ता से 285 एमएलडी टर्शियरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक होगा। यह वेलस्पन एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी को अपनी खुद की हैसियत के जरिए हासिल किए गए सबसे बड़े रिहैबिलिटेशन ऑर्डर्स में से एक है।

दूसरा प्रोजेक्ट ₹121.76 करोड़ का है। इसमें पूर्वी अहमदाबाद की मौजूदा सीवर लाइनों के कई हिस्सों का रिहैबिलिटेशन शामिल है। इनमें ओधव 310 से पंजरपोल टार रास्ता, निरांत क्रॉस रोड से महादेव इंपीरियल, और मेट्रो पिलर नंबर 99 से निरांत चार रास्ता तक के हिस्से हैं।

एक साल में कैसी रही वेलस्पन एंटरप्राइजेज के शेयर

वेलस्पन एंटरप्राइजेज के शेयरों ने निवेशकों की तगड़ी कमाई कराई है और महज छह महीने में निवेशकों का पैसा दोगुना से अधिक कर दिया। 16 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹391.20 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से छह ही महीने में यह 114.20% उछलकर एक कारोबारी दिन पहले 18 सितंबर 2026 को ₹837.95 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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Venus Pipes Share: ₹372 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मिली मंजूरी, शेयर 8% भागा

Venus Pipes & Tubes Share Price: गुरुवार 17 सितंबर को BSE पर Venus Pipes & Tubes के शेयर की कीमत में 8% की तेजी आई और यह ₹2,078.10 के 52-हफ़्ते के नए हाई पर पहुंच गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹1,670 प्रति शेयर के भाव पर 22.3 लाख इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंज़ूरी दी, जिससे ₹372 करोड़ जुटाए गए। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।

आयरन और स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी के शेयर की कीमत ने 15 सितंबर, 2026 को बने ₹2,045 के पिछले हाई को पार कर लिया। पिछले 9 ट्रेडिंग दिनों में Venus Pipes के शेयर की कीमत में 30% की बढ़ोतरी हुई है। यह 30 मार्च, 2026 को बने ₹888.45 के 52-हफ़्ते के निचले स्तर से 134% ऊपर आया है।

कंपनी ने बुधवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने अपनी बैठक में प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर ₹10 फेस वैल्यू वाले 22.27 लाख इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को मंज़ूरी दी। शेयरों के इश्यू की कीमत ₹1,670 प्रति शेयर तय की गई, जिससे कुल फंड जुटाने की वैल्यू ₹372 करोड़ हो गई।

इस प्रेफरेंशियल इश्यू में 18 नॉन-प्रमोटर निवेशक शामिल होंगे, जिनमें आशीष कचोलिया, व्हाइटओक कैपिटल फंड, टाटा बिज़नेस साइकिल फंड, टाटा मल्टीकैप फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, अशोका व्हाइटओक ICAV – अशोका व्हाइटओक इंडिया अपॉर्चुनिटीज़ फंड, इंडिया एकॉर्न फंड, व्हाइटओक कैपिटल इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड वगैरह शामिल हैं।

टाटा मल्टीकैप फंड को ₹15 करोड़ कीमत के 89,820 इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं, जबकि आशीष कचोलिया को ₹30 करोड़ तक के 1.79 लाख इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। सबसे ज़्यादा शेयर किटारा PIIN 2401 को ₹50 करोड़ कीमत के 2.99 लाख इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं ।

प्रेफरेंशियल इश्यू से पहले, 11 सितंबर, 2026 तक, कंपनी में प्रमोटर एंटिटीज़ की हिस्सेदारी 48.41% थी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 51.59% थी। इश्यू के बाद, कंपनी में प्रमोटर एंटिटीज़ की हिस्सेदारी 43.71% और पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी 56.29% होगी।

गुरुवार को वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स के शेयरों में 8% तक की बढ़त हुई और इन्होंने ₹2,095 का इंट्राडे हाई छुआ। स्टॉक अभी 6.4% ऊपर ₹2,062 पर ट्रेड कर रहा है और इसकी साल-दर-साल (YTD) बढ़त लगभग 80% तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने में स्टॉक में लगभग 30% की बढ़त हुई है।

क्या है ICICI सिक्योरिटीज की राय

इश्यू प्राइस मौजूदा मार्केट प्राइस से 16% कम है, जो सेंटीमेंट के हिसाब से थोड़ा नेगेटिव है। हालांकि, बड़े और अनुभवी निवेशकों की भागीदारी कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और कमाई की संभावनाओं पर भरोसा जगाती है। ICICI सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि सबसे अहम बात यह है कि कर्ज चुकाने से ब्याज का खर्च काफी कम हो जाएगा और फंड जुटाने से EPS (प्रति शेयर आय) बढ़ेगी; अभी कंपनी पर ₹257 करोड़ का नेट कर्ज है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि वे वीनस पाइप्स को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसकी वजह मजबूत डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाना और ज़्यादा वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करना है। ₹635 करोड़ के कुल ऑर्डर बुक के साथ, रेवेन्यू की स्थिति अच्छी बनी हुई है। प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद, प्रमोटर की हिस्सेदारी 48.4% से घटकर 43.7% होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ICICI सिक्योरिटीज फंड जुटाने को स्ट्रक्चरली पॉजिटिव मानती है, क्योंकि बैलेंस शीट मजबूत होने, फाइनेंस कॉस्ट कम होने और फॉरवर्ड इंटीग्रेशन से ग्रोथ के अगले चरण को सपोर्ट मिल सकता है

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tenneco Clean Air Share: 75% की तेजी के साथ ये शेयर लगाएगा लंबी छलांग, मोतीलाल ओसवाल ने दे दिया बड़ा टारगेट

Tenneco Clean Air India  Share Price: ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाने वाली कंपनी टेनेको क्लीन एयर इंडिया (Tenneco Clean Air India) के शेयर 15 सितंबर को 3 फीसदी की तेजी दिखाते नजर आए। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा शेयर की कवरेज शुरु करने के बाद आई। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹673 का टारगेट प्राइस दिया है।

ब्रोकरेज के ‘बेस केस’ टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार को स्टॉक की क्लोजिंग कीमत ₹506.35 से इसमें 33% की बढ़त हो सकती है।

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको क्लीन एयर अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश करेगी। इसकी वजह क्लीन-एयर और सस्पेंशन प्रोडक्ट्स में कंपनी की लीडरशिप, कड़े एमिशन नियम, गाड़ियों का प्रीमियम होना, नए कस्टमर प्रोग्राम और बढ़ता एक्सपोर्ट है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 और FY29 के बीच कमाई में 19% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) होगी, जबकि इसी दौरान क्लीन-एयर और पावरट्रेन रेवेन्यू में लगभग 17% CAGR से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

MOFSL के अनुसार, 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹12,400 करोड़ था, जो इसके FY28 रेवेन्यू टारगेट का 100% से ज़्यादा कवरेज देता है।

मजबूत मार्केट पोजीशन

टेनेको क्लीन एयर का कमर्शियल व्हीकल OEM को सप्लाई किए जाने वाले क्लीन-एयर प्रोडक्ट्स में लगभग 58% मार्केट शेयर है, ट्रैक्टर को छोड़कर ऑफ-हाईवे एप्लीकेशन में 68% और पैसेंजर व्हीकल्स में 20% शेयर है। पैसेंजर-व्हीकल शॉक एब्जॉर्बर और स्ट्रट्स में भी इसका लगभग 55% शेयर है।

MOFSL ने कहा कि ग्लोबल टेनेको नेटवर्क के साथ कंपनी के जुड़ने से उसे टेक्नोलॉजी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, ग्लोबल OEM संबंध, रिसर्च और डेवलपमेंट क्षमताएं और मैन्युफैक्चरिंग की विशेषज्ञता मिलती है। ब्रोकरेज ने कहा कि कस्टमर के प्रोडक्ट-डेवलपमेंट साइकिल में शामिल होने से ‘स्विचिंग कॉस्ट’ (दूसरे सप्लायर पर जाने की लागत) भी बढ़ जाती है।

क्या है ग्रोथ के मुख्य कारण

ब्रोकरेज BS-VII, CAFE III और TREM-V को प्रति गाड़ी ज़्यादा कंटेंट (पुर्जों/तकनीक) के महत्वपूर्ण कारण के तौर पर देखती है।

कमर्शियल गाड़ियों के लिए, BS-VII और उससे जुड़े एमिशन नियमों से क्लीन-एयर कंटेंट बढ़ने की उम्मीद है, जबकि लाइट कमर्शियल गाड़ियों में कम पैठ (penetration) के कारण मार्केट-शेयर बढ़ाने की गुंजाइश है। ट्रैक्टर एक बड़ा मौका देते हैं, क्योंकि 30-50 HP वाले सेगमेंट का मार्केट में 90% से ज़्यादा हिस्सा है। MOFSL को उम्मीद है कि जैसे-जैसे आफ्टर-ट्रीटमेंट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, TREM-V से प्रति गाड़ी क्लीन-एयर कंटेंट ₹5,000 – ₹7,000 तक बढ़ सकता है।

पैसेंजर गाड़ियों में, BS-VII और CAFE III से क्लीन-एयर कंटेंट लगभग 1.3 गुना बढ़ सकता है, जिसकी वजह गैसोलीन डायरेक्ट इंजेक्शन और गैसोलीन पार्टिकुलेट फिल्टर का ज़्यादा इस्तेमाल है। उम्मीद है कि 2028 से एक जापानी OEM के GPF प्रोग्राम से टेनेको के हॉट-एंड बिज़नेस में बढ़ोतरी होगी।

कंपनी ने एक बड़े भारतीय CV OEM के साथ एक नया क्लीन-एयर इंजन प्लेटफॉर्म, एक प्रमुख यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल OEM के साथ एक प्रोग्राम और एक ग्लोबल OEM के दो मॉडल्स के लिए CNG प्लेटफॉर्म कोल्ड-एंड असेंबली प्रोग्राम भी हासिल किया है।

सस्पेंशन बिजनेस में 20% की बढ़ोतरी

MOFSL को उम्मीद है कि प्रीमियम बनाने, एक्सपोर्ट, बिज़नेस में ज़्यादा हिस्सेदारी और एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से FY26-FY29 के दौरान सस्पेंशन बिज़नेस में लगभग 20% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की बढ़ोतरी होगी।

भारत के पैसेंजर-व्हीकल सस्पेंशन मार्केट में टेनेको की हिस्सेदारी लगभग 55% है। इसका DaVinci DCx, जिसे फरवरी 2026 में महिंद्रा के साथ कमर्शियलाइज़ किया गया था, बहुत कम कीमत पर सेमी-एक्टिव सिस्टम जैसा लगभग 85-90% आराम देता है। MOFSL का मानना ​​है कि यह टेक्नोलॉजी ₹10-35 लाख वाले पैसेंजर-व्हीकल सेगमेंट के लिए काम आ सकती है, जिसका मार्केट में लगभग 70% हिस्सा है।

बढ़ेगा एक्सपोर्ट

टेनेको क्लीन एयर को ग्लोबल टेनेको नेटवर्क में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी तैयार किया जा रहा है, जिसके प्रोडक्ट्स नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया-पैसिफिक और अफ्रीका में सप्लाई किए जाते हैं।

कंपनी अभी लगभग 18-22 देशों में एक्सपोर्ट करती है, जबकि MOFSL को उम्मीद है कि FY29 तक एक्सपोर्ट वैल्यू-एडेड रेवेन्यू का 15% हो जाएगा, जो अभी 7% है। ब्रोकरेज के अनुसार, मौजूदा ऑर्डर बुक में एक्सपोर्ट का हिस्सा लगभग 14% है और आम तौर पर घरेलू बिज़नेस की तुलना में इसमें ज़्यादा मार्जिन मिलता है।

कंपनी के फाइनेंशियल अनुमानों पर ब्रोकरेज की राय

MOFSL को उम्मीद है कि टेनेको का रेवेन्यू FY26 में ₹5,404 करोड़ से बढ़कर FY29 तक ₹8,985 करोड़ हो जाएगा। इसी दौरान EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के ₹925.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,560.8 करोड़ होने का अनुमान है, और EBITDA मार्जिन 17.1% से बढ़कर 17.4% हो जाएगा।

टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफ़िट के FY26 में ₹630.4 करोड़ से बढ़कर FY29 में ₹1,026 करोड़ होने का अनुमान है, जबकि EPS के ₹15.6 से बढ़कर ₹25.4 होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी की मज़बूत बैलेंस शीट इस ग्रोथ में मदद करेगी। टेनेको क्लीन एयर की नेट कैश पोज़िशन है, वर्किंग कैपिटल नेगेटिव है और कोर RoCE 90% से ज़्यादा है। साथ ही, कैश-फ़्लो कन्वर्ज़न के भी हेल्दी रहने की उम्मीद है, जिसमें CFO/EBITDA 70% से ज़्यादा और FCF/PAT 80% से ज़्यादा रहेगा।

टेनेको क्लीन एयर का वैल्यूएशन

MOFSL के ₹506 के रेफरेंस प्राइस पर, स्टॉक FY28E की कमाई के 26.1 गुना और FY29E की कमाई के 19.9 गुना पर ट्रेड कर रहा था। ब्रोकरेज ने स्टॉक का वैल्यूएशन सितंबर 2028 की कमाई के 30 गुना के आधार पर किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹673 तय हुआ है।

लंबी अवधि में दे सकता है 75% का रिटर्न

मोतीलाल ओसवाल के ‘बुल केस’ (तेजी वाले अनुमान) में FY29 तक 22.7% रेवेन्यू CAGR, BS-VII को पूरी तरह लागू करने, EV को धीरे अपनाने और सस्पेंशन की तेज़ी से बढ़ती मांग को आधार माना गया है। इस स्थिति में टेनेको क्लीन एयर (Tenneco Clean Air) के लिए ₹886 का प्राइस टारगेट तय किया गया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा कीमत से इसमें लगभग 75% की बढ़त की संभावना है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस साल 27% चढ़ा है इस डिफेंस कंपनी का शेयर, क्या अभी निवेश करने पर होगी मोटी कमाई?

जेन टेक्नोलॉजीज डिफेंस सिमुलेशन और एंट्री-ड्रोन सॉल्यूशंस ऑफर करती है। सरकार डिफेंस पर खर्च बढ़ा रही है। इसके अलावा अगली पीढ़ी के वारफेयर सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इसका फायदा जेन टेक्नोलॉजी को मिलेगा। कंपनी एयर फोर्स सिमुलेटर मार्केट में उतरी है। एंटी-ड्रोन सेगमेंट में भी कंपनी के लिए बड़े मौके है। कंपनी अमेरिकी बाजार में बिजनेस का विस्तार कर रही है। इससे मीडियम और लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

1239 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक जून तिमाही में

Zen Technologies की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक 30 जून, 2026 को 1,239 करोड़ रुपये की थी। FY26 की मार्च तिमाही के अंत में ऑर्डर बुक 1,336 करोड़ रुपये की थी। तिमाही दर तिमाही आधार पर ऑर्डर बुक में गिरावट की वजह जून तिमाही में बेहतर एग्जिक्यूशन है। कंपनी की ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट ऑर्डर की हिस्सेदारी 921 करोड़ है, जबकि 318 करोड़ रुपये के ऑर्डर AMC के हैं।

मार्च तक 2700 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक की उम्मीद

कंपनी नए ऑर्डर्स के लिए 700-800 करोड़ रुपये के सिमुलेटर ऑर्डर्स पर विचार कर रही है। कंपनी को FY27 के अंत तक ऑर्डर बुक करीब 2,500 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। एंटी-ड्रोन सिस्टम की बढ़ती मांग का फायदा भी कंपनी को मिलेगा। घरेलू बाजार के साथ ही कंपनी मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, साऊथईस्ट एशिया और CIS देशों में बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी की नजरें EU और नॉर्थ और साऊथ मार्केट्स पर भी हैं।

जून तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन 

जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर 10.5 फीसदी गिरावट आई। EBITDA साल दर साल आधार पर 40.2 फीसदी घटकर 39 करोड़ रुपये रह गया। इसका असर कंपनी के टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) पर पड़ा, जो करीब 34 करोड़ रुपये रहा। सितंबर तिमाही में ऑर्डर एग्जिक्यूशन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

कपैसिटी बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर विचार

अगले दो साल तक कंपनी की ग्रोथ में सिमुलेटर्स और एंट्री-ड्रोन सिस्टम्स का बड़ा हाथ रह सकता है। इंटरसेप्टर ड्रोन, हार्ड-किल सिस्टम्स, रोबोटिक्स, ऑटोनोमस व्हीकल्स और इंटिग्रेटेड स्मार्ट बॉर्डर सॉल्यूशंस से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है। इससे रेवेन्यू का स्रोत भी बढ़ेगा।

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52 हफ्ते के हाई से शेयर 14.5 फीसदी नीचे

Zen Technologies का शेयर 11 सितंबर को 1.25 फीसदी गिरकर 1,728.10 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी का शेयर इस साल 19 अगस्त को 2,044 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे ज्यादा प्राइस है। अभी इस लेवल से यह करीब 14.5 फीसदी नीचे है। सरकार के डिफेंस इक्विपमेंट के इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस का फायदा जेन टेक्नोलॉजीज को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?

High Return Stock: आईनॉक्स इंडिया ने हाई वैल्यू बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मौजूदगी और नए अप्लिकेशंस में एंट्री से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को 3.84 फीसदी चढ़कर 2,180 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने 2026 में निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान इसने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।

कपैसिटी बढ़ने से ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट

Inox India कांडला में अपनी कपैसिटी बढ़ा रही है। इससे भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। शेयरों में ज्यादा तेजी का असर वैल्यूएशन पर पड़ा है। कंपनी की वैल्यूएशन 2028 में अनुमानित अर्निंग्स का करीब 44 गुना हो गई है। हालांकि, जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। अगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले नहीं होते तो रेवेन्यू ग्रोथ ज्यादा रहती।

EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा

मुश्किल के बावजूद कंपनी का EBITDA साल दर साल आधार पर 1.4 फीसदी बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा, जो अच्छा है। साल दर साल आधार पर टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) बगैर बदलाव के 61 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहता, क्योंकि 32-35 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट डिस्पैच के लिए तैयार हैं।

फ्रेट कॉस्ट में उछाल से इक्विपमेंट की शिपिंग में बाधा

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपिंग की सीमित उपलब्धता की वजह से इक्विपमेंट की शिपिंग नहीं हो सकी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यूरोपियन कनटेनर रेट्स 3,000-4000 से बढ़कर 8,000-9,000 ड़लर तक पहुंच गए हैं। कुछ ग्राहकों ने ज्यादा फ्रेट रेट्स को देखते हुए डिलीवरी टाल दी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुश्किल थोड़े समय के लिए है।

1686 करोड़ रुयये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक

जून तिमाही में कंपनी को 532 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। इससे कुल ऑर्डरबुक बढ़कर जून के अंत में 1,686 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की 1,140 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है। कंपनी के लिए एयरोस्पेस नए मौके के रूप में उभरा है। कंपनी को 1,500 क्यूबिक मीटर क्राइजोनिक स्टोरेज टैंक्स के 8 बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। उसी ग्राहक से छह अतिरिक्त टैंक के भी ऑर्डर मिले हैं।

सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश

कंपनी भारत में नए उभरते सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश कर रही है। इसे धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट के ऑर्डर मिले हैं। मैनेजमेंट ने बताया है कि ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ रुपये के हैं। कंपनी के संभावित ग्राहकों में Micron, Foxconn और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है।

मैनेजमेंट ने 18-20 फीसदी का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा

मैनेजमेंट ने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के 18-20 फीसदी गाइडेंस को बनाए रखा है। एबिड्टा मार्जिन के 21-24 फीसदी गाइडेंस को भी बनाए रखा है। यह इसके बावजूद है कि पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी की 1,686 करोड़ रुपये की ऑर्डरबुक से रेवेन्यू को लेकर अगले कई सालों की तस्वीर साफ है।