Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 5% से ज्यादा गिरकर 79 डॉलर के पास आ गया है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ बहुत जल्द डील फाइनल हो सकती है। हालांकि ईरान ने किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

4 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे चार सेशन की बढ़त का सिलसिला टूट गया। वीकली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी, NSE के नए क्लोजिंग ऑक्शन पॉलिसी सेशन (CAS) के रोलआउट के बाद बढ़ी वोलैटिलिटी और आरबीआई पॉलिसी से पहले निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 फीसदी गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 फीसदी गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 154.50 अंक यानी 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ 24,734 के स्तर पर दिख रहा है। यह सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 3 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, स्ट्रेट टाइम्स में 0.55 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.13 फीसदी और ताइवानी बाजार में 3.61 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी में करीब 4 फीसदी की बढ़त है। शांघाई कंपोजिट में भी 1.17 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 और Dow रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 907.47 अंक या 1.71% बढ़कर 54,085.88 पर, S&P 500 इंडेक्स 136.02 अंक या 1.79% बढ़कर 7,736.52 पर और नैस्डैक 671.10 यानी 2.59% बढ़कर 26,584.99 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट को लेकर नई उम्मीदों के चलते डॉलर छह हफ़्ते के निचले स्तर के पास बना रहा। छह बड़ी करेंसी के मुकाबले अमेरिकी करेंसी को ट्रैक करने वाला US डॉलर इंडेक्स सोमवार को छह हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद पर 99.85 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़ी है। 10-साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.62% हो गई है और 2-साल की ट्रेजरी यील्ड थोड़ी बढ़कर 4.20% हो गई है।

एशियाई करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज ऊपर ट्रेड कर रही थीं। साउथ कोरियन वॉन सबसे अच्छा परफॉर्मर है जिसमें 0.34% की बढ़त हुई है। उसके बाद फिलीपीन पेसो (+0.31%),ताइवान डॉलर (+0.21%),मलेशियन रिंगिट (+0.17%) और जापानी येन (+0.13%) ऊपर दिख रहे हैं। चीनी रेनमिनबी भी 0.09% बढ़ा है। जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.02% की हल्की बढ़त दिख रही है। उधर इंडोनेशियाई रुपिया 0.17% गिरा है। जबकि थाई बहत पिछले बंद भाव से 0.003% नीचे दिख रहा है।

FII और DII फंड फ्लो

विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 4 अगस्त को लगातार छठे सेशन में अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और ₹2,446 करोड़ के इक्विटी खरीदे। इस बीच,घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट सेलर बन गए और लगभग ₹1,000 करोड़ के इक्विटी बेचे।

Stocks to Watch: Paytm, Airtel, Nykaa और ONGC समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; RBI के ऐलान का मार्केट पर असर!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 150.50 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 24,728.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 04 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 210.08 प्वाइंट्स यानी 0.27% की गिरावट के साथ 78,428.95 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.40 प्वाइंट्स यानी 0.64% की फिसलन के साथ 24,614.90 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

पावर ग्रिड, पीबी फिनटेक, ऑरोबिंदो फार्मा, बर्जर पेंट्स इंडिया, बायोकॉन, कमिंस इंडिया, ईक्लर्क्स सर्विसेज, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स, जीई वर्नोवा टीएंडी इंडिया, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, जेके लक्ष्मी सीमेंट, श्री रेणुका शुगर्स, एसआईएस और व्हर्लपूल ऑफ इंडिया आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी

इन कंपनियों के रिजल्ट जारी

Bharti Airtel Q1 (Consolidated (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एयरटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 37.3% बढ़कर ₹8,167.4 करोड़ और रेवेन्यू 18.4% उछलकर ₹58,539.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 19.3% बढ़कर ₹33,599 करोड़ और मार्जिन 50 बीपीएस चढ़कर 57.4% पर पहुंच गया। इस दौरान प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू ₹250 से ₹264 पर पहुंच गया।

ONGC Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओएनजीसी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 112.3% बढ़कर ₹17,034 करोड़ और रेवेन्यू 45.2% उछलकर ₹46,460 करोड़ पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल प्राइस-नॉमिनेटेड का नेट रियलाइजेशन 50.4% बढ़कर प्रति बैरल $99.45 पर पहुंच गया।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नायका का कंसालिडेटेड प्रॉफिट तीन गुना बढ़कर ₹24.5 करोड़ से ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 29.1% उछलकर ₹2,782 करोड़ पर पहुंच गया। नायका ने ₹32 करोड़ में एमिनु वेलनेस में 51% हिस्सेदारी हासिल की।

Bharti Hexacom Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर भारती हेग्जाकाम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.2% बढ़कर ₹482 करोड़ और रेवेन्यू 10.9% उछलकर ₹2,510 करोड़ पर पहुंच गया।

Marico Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मैरिको का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.1% बढ़कर ₹652 करोड़ और रेवेन्यू 22.9% उछलकर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया।

Kalyan Jewellers India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कल्याण ज्वैलर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹348.7 करोड़ और रेवेन्यू 45.7% उछलकर ₹10,588.9 करोड़ पर पहुंच गया।

United Breweries Q1 (Consolidated)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर यूनाइटेड ब्रूअरीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.6% गिरकर ₹166.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.1% उछलकर ₹3,067 करोड़ पर पहुंच गया।

NHPC Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएचपीसी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.9% बढ़कर ₹1,095.9 करोड़ और रेवेन्यू 18.5% उछलकर ₹3,808.3 करोड़ पर पहुंच गया।

MCX Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एमसीएक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.5% बढ़कर ₹413.4 करोड़ और रेवेन्यू 88.1% उछलकर ₹702 करोड़ पर पहुंच गया।

Sheela Foam Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर शीला का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9 गुना बढ़कर ₹6.5 करोड़ से ₹61.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.6% उछलकर ₹1,031.9 करोड़ पर पहुंच गया।

BSE Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बीएसई का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 62% बढ़कर ₹874 करोड़ और रेवेन्यू 63.5% उछलकर ₹1,566 करोड़ पर पहुंच गया। इसने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन होल्डिंग आईएफएससी में हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% कर ली है।

Metropolis Healthcare Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.7% बढ़कर ₹56.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.6% उछलकर ₹450.2 करोड़ पर पहुंच गया।

PNB Housing Finance Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 7.5% उछलकर ₹788.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Deepak Nitrite Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर दीपक नाइट्राइट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3 गुना बढ़कर ₹112.3 करोड़ से ₹345 करोड़ और रेवेन्यू 36.4% उछलकर ₹2,577.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Sanofi India Q2CY26 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सनोफी इंडिया का प्रॉफिट 20.1% बढ़कर ₹83.5 करोड़ और रेवेन्यू 7.7% उछलकर ₹437.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इस पर भी रहेगी नजर

LIC

सरकार ने 5 अगस्त को ऑफर फॉर सेल के जरिए एलआईसी में 4% हिस्सेदारी वाले 50.59 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 2.5% वाले 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों के बेस इश्यू साइज के अलावा है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

One 97 Communications (Paytm)

एलीवेशन कैपिटल V ने पेटीएम के 10.20 लाख शेयर ₹139.55 करोड़ में बेचे, तो एसएआईएफ III मॉरीशस कंपनी ने 97.43 लाख शेयर ₹1,332.7 करोड़ में और एसएआईएफ पार्टनर्स इंडिया IV ने भी 41.36 लाख शेयर ₹565.77 करोड़ में बेचे। कुल मिलाकर इन तीनों कंपनियों ने पेटीएम के 1.49 करोड़ शेयर ₹2,038.02 करोड़ में बेचे। ये शेयर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, एक्सिस म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, सोसिएट जेनरल, बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, सुंदरम म्यूचुअल फंड, मैनुलाइफ ग्लोबल फंड, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गजों ने खरीदे।

Meesho

सोसिएट जेनरल, एक्सिस म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी, गोल्डमैन सैक्स, यूटीआई म्यूचुअल फंड, प्रूडेंशियल हांगकांग, मॉर्गन स्टेनली, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, डेंडाना इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स समेत 27 निवेशकों ने एलीवेशन कैपिटल और पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स से मीशो की 2.27% होल्डिंग के बराबर शेयर ₹1949 करोड़ में ₹186 के भाव पर खरीदे।

Poonawalla Fincorp

पीएफएल एम्प्लॉई वेलफेयर ट्रस्ट ने पूनावाला फिनकॉर्प के 47.08 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹222.96 करोड़ में बेच दिए। प्रति शेयर ₹473.5 के भाव पर इन्हें सुंदरम म्यूचुअल फंड, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, हेलियोस म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर जैसे निवेशकों ने खरीदा।

Sudeep Pharma

गोल्डमैन सैक्स फंड्स-गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने नुवामा से सुदीप फार्मा के सुदीप फार्मा के 11.76 लाख शेयर (1.04% हिस्सेदारी) ₹100 करोड़ में खरीदे। नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III ने 6.14 लाख शेयर और सीरीज IIIA ने फार्मा कंपनी के 5.62 लाख शेयर ₹850 के भाव पर बेचे हैं। जून 2026 तक कंपनी में नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III की 2.95% और सीरीज IIIA की 2.57% हिस्सेदारी थी।

Zota Health Care

लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने वैलिएंट इंडिया अपॉर्चुनिटीज से जोटा हेल्थ केयर के 2.19 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) ₹27.18 करोड़ में ₹1,241 के भाव पर खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स के 8.97 लाख शेयर (3.75% हिस्सेदारी) ₹2.95 करोड़ में ₹32.94 के भाव पर ₹2.96 करोड़ में बेचे। मार्च 2026 तक फंड के पास कंपनी में 5.76% हिस्सेदारी के बराबर 13.77 लाख शेयर थे। इसमें से राघव नरेंद्र राठी ने ₹33 के भाव पर 2.97 लाख शेयर, रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने ₹32.90 के भाव पर 3.03 लाख शेयर और माधव नरेंद्र राठी ने ₹32.94 के भाव पर 3 लाख शेयर खरीदे।

Aimtron Electronics

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट के एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड सीरीज 3 ने प्रति शेयर ₹1,480 के भाव पर एमट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक्स के 2.06 लाख शेयर ₹30.48 करोड़ में खरीदे। वहीं प्रमोटर मुकेश जेराम वसानी ने प्रति शेयर ₹1,480.09 के भाव पर कंपनी के 2.1 लाख शेयर ₹31.08 करोड़ में बेचे हैं।

Apollo Pipes

प्रमोटर एस गुप्ता होल्डिंग ने प्रति शेयर ₹522.16 के भाव पर अपोलो पाइप्स के 2.25 लाख शेयर और ₹522.34 के भाव पर ₹2.25 लाख शेयर खरीदे। इस प्रकार प्रमोटर ने ₹23.5 करोड़ में कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी हासिल की।

लिस्टिंग

आज मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

हुंडई मोटर इंडिया, एडीएफ फूड्स, अजंता फार्मा, अनुह फार्मा, ऑटोमोटिव एक्सल्स, इंडेफ मैन्युफैक्चरिंग, बेयर क्रॉपसाइंस, बर्जर पेंट्स इंडिया, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, डिसा इंडिया, फर्मेंटा बायोटेक, गांधी स्पेशल ट्यूब्स, गुडइयर इंडिया, इंडैग रबर, आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स, मैट्रिमोनीडॉटकॉम, मुकेश बाबू फाइनेंशियल सर्विसेज, मुंजाल शोवा, ओरिएंटल एरोमैटिक्स, श्रेयांस इंडस्ट्रीज, सिका इंटरप्लांट सिस्टम्स, सोमानी सिरेमिक्स, टीडी पावर सिस्टम्स, अपडेटर सर्विसेज, और वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। वहीं एसएबी इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा हैं संकेत, RBI की पॉलिसी पर नजर

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। वॉल स्ट्रीट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने , कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एशियाई बाजारों में तेजी के बाद GIFT निफ्टी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। आज सबकी नजरें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंकों, NBFCs, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों से असर पड़ने वाले सेक्टर के शेयरों पर ध्यान रहेगा।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 165 अंक या 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 24,745 पर ट्रेड कर रहा था, जो यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,614.90 के क्लोजिंग स्तर से काफी ऊपर खुल सकता है। बाजार के सकारात्मक शुरुआत के संकेत तब आए हैं जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार चार सत्रों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया था। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। RBI के पॉलिसी फैसले और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

एशियाई बाजारों में तेजी, वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर

बुधवार को एशियाई इक्विटी में वैश्विक तेजी जारी रही, क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की अच्छी कमाई और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जापान का निक्केई 225 3 फीसदी बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4 फीसदी चढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 1.5 फीसदी ऊपर चढ़ा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स मिले-जुले रहे, जिसमें बेंचमार्क के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी ऊपर चढ़े।

अमेरिकी इक्विटी में रात भर आई तेजी के बाद वैश्विक धारणा में काफी सुधार हुआ। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डॉव 1.71 प्रतिशत चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1.79 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 2.59 फीसदी की बढ़त हुई। पैलांटिर टेक्नोलॉजीज और कैटरपिलर जैसी AI से जुड़ी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ावा दिया।

तेल की कीमतों में गिरावट जारी

पिछले सेशन में 5 प्रतिशत से ज़्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, क्योंकि US-ईरान विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट के डर को कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर $79.02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.5 फीसदी गिरकर $75.35 पर आ गया।

RBI के पॉलिसी फैसले पर नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीद और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार के निकट-अवधि के नजरिए को मजबूत किया है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भी बाजार की धारणा को मजबूती मिल रही है।

पोनमुडी ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बुधवार को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले पर है। बाजार के प्रतिभागी महंगाई, लिक्विडिटी, ग्रोथ और व्यापक पॉलिसी आउटलुक पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

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गुलामी की जंजीरों से निकला आइसक्रीम को स्वाद देने वाला वनीला

how 12 year old boy changed world vanilla farming

आज जिसे हम साधारण स्वाद समझते हैं, कभी वह वनीला राजाओं की पसंद था। मेसोअमेरिका के शासकों से लेकर यूरोप के आलीशान दरबारों तक इसकी मांग थी। दुनिया भर में इसकी खुशबू फैलाने का श्रेय एक 12 साल के गुलाम लड़के को जाता है। ALSO READ: दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकॉर्ड

 

आज आइसक्रीम से लेकर खांसी की दवाओं तक में वनीला हर जगह मौजूद है। सिंथेटिक वैनिलिन के आने के बाद से यह स्वाद दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच गया है। अब वनीला इतना आम हो चुका है कि अंग्रेजी भाषा में इसे सादे के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है।

 

असल वनीला दुनिया की सबसे मुश्किल फसलों में से एक है। रासायनिक रूप से भी इसे बनाना काफी जटिल है। इसमें 200 से भी ज्यादा तरह के खुशबूदार कम्पाउंड्स होते हैं, जो इसकी अनोखी खुशबू और स्वाद का राज हैं। केसर के बाद वनीला दुनिया का दूसरा सबसे महंगा मसाला माना जाता है। इसकी कीमत लगभग 100 से 600 डॉलर प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।

 

वनीला की इस कहानी में एक बिना डंक वाली मधुमक्खी, औपनिवेशिक सत्ता और एक 12 वर्षीय गुलाम बनाए गए लड़के एडमंड अल्बियस की अहम भूमिका है। जिसकी खोज ने वनीला की खेती का तरीका बदल दिया। अगर यह खोज नहीं हुई तो आज दुनिया इस स्वाद से अनजान होती। ALSO READ: क्या हम फफूंद के खतरे को अब तक कम आंकते रहे हैं?

 

सालों के कब्जे से पनपा वनीला का बीज

वनीला की कहानी शुरू होती है, प्राचीन मेसो अमेरिका से। वहां के गर्म और नम जंगलों में ‘वनीला प्लैनिफोलिया' नाम की एक खास जंगली ऑर्किड बेल उग आती है।

 

इतिहास के पन्नों में दर्ज लेखों से पता चलता है कि उस समय अलग-अलग समुदायों ने वनीला के लिए अपने-अपने नाम रखे थे। मेक्सिको के लोग इसे ‘त्लिलशाचितल', टोटोनाक लोग ‘शानात' और माया लोग ‘सिस्बिक' कहते थे। हालांकि, सभी सभ्यताओं में वनीला काफी कीमती थी। दवा बनाने से लेकर, धार्मिक अनुष्ठानों तक कई जगह इसका इस्तेमाल किया जाता था।

 

टोटोनाक लोग, आज के मेक्सिको के वेराक्रूज इलाके में वनीला की खेती करने वाला पहला समुदाय था। इसकी खुशबू के लिए वे इसे बेहद पसंद करते थे। बाद में जब एजटेक लोगों ने टोटोनाक इलाके पर कब्जा किया, तो टैक्स के तौर पर वनीला वसूलने लगे। एजटेक वनीला का इस्तेमाल ‘शोकोलात्ल' नामक के काकाओ ड्रिंक में स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए करते थे। ये ड्रिंक केवल ऊंचे पदों पर बैठे लोगों और योद्धाओं के लिए थी।

 

साल 1519 में एजटेक के सम्राट, मोक्तेजुमा द्वितीय ने यह खास ड्रिंक स्पेनिश सैनिकों को परोसा। यह घटना तब की है, जब स्पेन सेंट्रल मेक्सिको में अपना औपनिवेशिक शासन स्थापित कर रहा था।

 

बाद में स्पेनिश लोग वनीला यूरोप लेकर आ गए। शुरुआत में यह मेक्सिको से लाए गए चॉकलेट ड्रिंक के रूप में स्पेन के शाही दरबार तक पहुंचा। फिर धीरे-धीरे वनीला फ्रांस और इंग्लैंड के राजदरबारों की रसोइयों तक पहुंच गया, जहां इसका इस्तेमाल कर खास मिठाइयां और पेस्ट्रियां बनाई जाने लगी।

 

एक मधुमक्खी ने यूरोप को किया दंग 

इस जंगली ऑर्किड की बेल को फ्रांस और इंग्लैंड के बागानों में उगाने की बहुत कोशिश की गई। लेकिन हर बार सिर्फ निराशा ही हाथ आई, लाख कोशिशों के बावजूद उसके फूलों में फल नहीं लगे।

 

औपनिवेशिक शासकों ने वनीला की बेलों को अपने दूसरे उपनिवेशों जैसे भारत, जावा, फिलीपींस और फ्रांस के कब्जे वले रीयूनियन द्वीप में भी उगाने की कोशिश की। वहां बेलें तो अच्छी तरह बढ़ीं, फूल भी खिले, लेकिन उन पर वनीला की फलियां नहीं आईं। यह परेशानी लगभग 300 सालों तक ऐसी ही बनी रही।

 

साल 1836 में बेल्जियम के बागवानी विशेषज्ञ, चार्ल्स मोरेन ने पता लगाया कि वनीला के फूलों का प्राकृतिक परागण एक बिना डंक वाली मेलिपोना मधुमक्खी करती है, जो केवल मेक्सिको में ही पाई जाती है। मोरेन ने अपनी प्रयोगशाला में हाथ से वनीला का परागण करने में सफलता तो हासिल की, लेकिन यह तरीका काफी धीमा और खेती के लिहाज से कारगर नहीं था।

 

तभी रीयूनियन द्वीप पर रहने वाले 12 साल के गुलाम बनाए गए एक लड़के एडमंड अल्बियस ने इस समस्या का समाधान खोज निकाला। ALSO READ: मुसीबत में ट्रंप के दोस्त FIFA अध्यक्ष इनफैनटिनो! निजी निवेशकों की योजना पर लगा ब्रेक, बड़े फुटबॉल परिसंघों के विरोध में झुकी संस्था

 

अल्बियस और उसका आसान सा हल

साल 1841 में अल्बियस ने हाथ से वनीला के फूलों का पॉलिनेशन करने का तरीका खोज निकाला। एडमंड अल्बियस ने अपने अंगूठे और लकड़ी के एक छोटे-से टुकड़े की मदद से वनीला के फूल के भीतर मौजूद एक पतली झिल्ली को उठाया, जो नर प्रजनन भाग, पोलेन और मादा प्रजनन भाग, स्टिग्मा को अलग रखती है। फिर उसने दोनों को आपस में मिला दिया। इसके कुछ ही समय बाद ऑर्किड के फूलों पर वनीला की फलियां बनने लगीं।

 

इतिहासकार और ‘वनीला: द हिस्ट्री ऑफ ऐन एक्स्ट्राऑर्डिनरी बीन' (2025) के लेखक एरिक टी। जेनिंग्स ने खुद इस तकनीक को आजमाया है। उनके अनुसार, “कई महान आविष्कारों की तरह यह तरीका सुनने में बेहद आसान जरूर लग सकता है, लेकिन वनीला के फूलों के नर और मादा भागों को सही ढंग से मिलाना उतना आसान नहीं है, जितना दिखाई देता है।”

 

अल्बियस की खोज के बाद कुछ समय के लिए रीयूनियन द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा वनीला उत्पादक बन गया था। लेकिन 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन ने हाथ से परागण की तकनीक अपने दूसरे उपनिवेश मेडागास्कर तक भी पहुंचा दी। आज मेडागास्कर दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक वनीला उत्पादक है। फ्रांसीसी उपनिवेशों में उगाई गई इस वनीला को ‘बॉर्बन वनीला' कहा जाने लगा। इसका नाम रीयूनियन द्वीप के पुराने औपनिवेशिक नाम ‘आइल बॉर्बन' पर रखा गया था।

 

वनीला का हीरो या कहानी का बस कोई किरादार?

अल्बियस की तकनीक आज भी पूरी दुनिया में वनीला की खेती के लिए इस्तेमाल की जाती है। वनीला का यह कारोबार आज अरबों डॉलर का उद्योग बन चुका है। यह बेहद मेहनत और सावधानी वाला काम है, क्योंकि वनीला का हर फूल केवल एक दिन के लिए ही खिलता है और उसी दौरान उसका हाथ से परागण करना पड़ता है।

 

इतनी बड़ी खोज के बावजूद अल्बियस को इससे कभी कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला। 12 वर्ष की उम्र में विकसित की गई उनकी तकनीक से फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन ने भारी मुनाफा कमाया, लेकिन स्वयं अल्बियस का 1880 में गरीबी के चलते निधन हो गया।

 

जेनिंग्स ने अपने शोध के लिए रीयूनियन द्वीप का दौरा किया। वह बताते हैं कि अल्बियस की याद में उनके जन्मस्थान सैंट-सुजान में एक मूर्ति बनाई गई है। उनके नाम पर कुछ स्कूल भी हैं। फिर भी, जेनिंग्स के अनुसार, उनकी कहानी आज भी बहुत कम लोगों को पता है, जबकि उनकी खोज ने रीयूनियन द्वीप को पूरी तरह बदल दिया था।

 

जेनिंग्स के अनुसार, अल्बियस की खोज के 30 सालों के भीतर ही रीयूनियन दुनिया का सबसे बड़ा वनीला उत्पादक बन गया था। इतना ही नहीं, बल्कि इस खोज ने द्वीप की खेती को केवल गन्ने पर निर्भर रहने से बचाया। उस समय लगातार गन्ने की खेती से वहां की उपजाऊ मिट्टी भी कमजोर होती जा रही थी।

 

जेनिंग्स मानते हैं कि अल्बियस को उनकी खोज का उचित श्रेय और आर्थिक लाभ नहीं मिलने का एक बड़ा कारण यह भी था कि वह गुलाम थे। हालांकि, उन्हें इस तकनीक का असल आविष्कारक माना गया। जब रीयूनियन के प्रमुख वनस्पति उद्यान के एक श्वेत वनस्पतिशास्त्री ने इस खोज का श्रेय लेने की कोशिश की, तो वह सफल नहीं हो सका।

 

जेनिंग्स बताते हैं, “आज एडमंड अल्बियस के बारे में जो जानकारी हमारे पास है, वह इसलिए है क्योंकि उनके पूर्व मालिक और उन्हें जानने वाले लोगों ने उस झूठे दावे का विरोध किया और साबित किया कि इस तकनीक के असली आविष्कारक अल्बियस ही थे।”

 

सादी दिखने वाली हर चीज सादी नहीं होती

एडमंड अल्बियस की खोज के बाद भी वनीला की कहानी लगातार बदलती रही। 1858 में रसायनज्ञों ने वनीला की खुशबू के लिए जिम्मेदार मुख्य तत्व वैनिलिन को अलग किया और 1874 में इसे कृत्रिम रूप से बनाना मुमकिन हो गया।

 

सस्ता और बड़े पैमाने पर आसानी से बनाया जा सकने वाला सिंथेटिक वैनिलिन जल्द ही आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, परफ्यूम, बेकरी उत्पादों और पैकेज्ड फूड में इस्तेमाल होने लगा। इससे कभी बेहद कीमती माने जाने वाला वनीला एक आम स्वाद बन गया।

 

जेनिंग्स के अनुसार, कृत्रिम वैनिलिन के आने से वनीला के प्रति लोगों की धारणा बदल गई है। 1880 से 1960 के बीच सिंथेटिक वैनिलिन ने वनीला को अधिक लोगों तक पहुंचाया। लेकिन इसके साथ ही यह कुछ खास लगना भी बंद हो गया। उनके शब्दों में कहें तो, सिंथेटिक वैनिलिन की सपाट खुशबू ने वनीला के लिए ‘साधारण' या ‘फीकी' धारणा को बढ़ावा दिया। इसमें असली वनीला जैसी गहराई और विविधता महसूस नहीं होती।

 

जबकि असली वनीला की फली में 200 से भी ज्यादा तरह के प्राकृतिक कंपाउंड होते हैं, जिसका ना कभी स्वाद फीका था और ना ही इतिहास की कहानी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

Stock Market Live Update: GIFT निफ्टी, जो निफ्टी 50 के परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर है, 24,744.50 पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि F&O एक्सपायरी के आसपास उतार-चढ़ाव का असर इक्विटी पर पड़ा, जबकि बुधवार को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के मॉनेटरी पॉलिसी फ़ैसले से पहले निवेशक सतर्क रहे। निफ्टी 50 159.40 अंक या 0.64% गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27% गिरकर 78,428.95 पर बंद हुआ।

ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्रियों के सर्वे के अनुसार, RBI के रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने और अपनी न्यूट्रल पॉलिसी का रुख जारी रखने की उम्मीद है।

महंगाई पर सेंट्रल बैंक के आकलन पर सबकी नज़र रहेगी, खासकर इसलिए क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव की वजह से एनर्जी की कीमतें ज़्यादा बनी हुई हैं। पॉलिसी बनाने वालों की नज़र इस बात पर होगी कि क्या ईंधन की ज़्यादा कीमतों का असर दूसरी चीज़ों की कीमतों पर भी पड़ता है। हालांकि, महंगाई RBI की 2% से 6% की टॉलरेंस रेंज के अंदर ही बनी हुई है।

आज सबकी नज़रें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंक, NBFC, ऑटो और रियल्टी जैसे रेट-सेंसिटिव स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। साथ ही ICICI लोम्बार्ड, गो डिजिट और न्यू इंडिया एश्योरेंस जैसी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों पर भी नज़र रखें।

RBI MPC Meeting August 2026: 10 बजे RBI गवर्नर करेंगे बड़ा ऐलान! जानिए कहां देखें पॉलिसी का लाइव टेलीकास्ट

RBI Monetary Policy Committee Live Updates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक का फैसला आज यानी बुधवार, 5 अगस्त 2026 को आने वाला है। देश के करोड़ों बैंक ग्राहक, होम लोन की EMI चुकाने वाले आम लोग और शेयर बाजार के निवेशक इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 10 बजे मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।

कब और कहां देखें RBI गवर्नर का संबोधन LIVE?

तारीख और समय: बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे पॉलिसी का ऐलान होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस: दोपहर 12:00 बजे RBI गवर्नर मीडिया से रूबरू होंगे।

कहां देखें लाइव: RBI गवर्नर का यह संबोधन रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, उसके आधिकारिक YouTube चैनल और X हैंडल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

अगस्त पॉलिसी से क्या हैं बाजार की उम्मीदें?

मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि छह सदस्यीय एमपीसी लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी। वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर है और इसके इसी स्तर पर बरकरार रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट के संघर्ष को देखते हुए केंद्रीय बैंक फिलहाल सतर्कता भरा रुख अपना सकता है।

जून की पिछली MPC बैठक में क्या हुआ था?

इससे पहले 3 से 5 जून 2026 के बीच हुई MPC बैठक में भी RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा था और अपना रुख ‘न्यूट्रल’ बरकरार रखा था। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट को 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट को 5.5% पर बरकरार रखा गया था। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 6.6% और रिटेल महंगाई 5.1% रहने का अनुमान जताया है।

जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटें बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को झेलने के लिए पूरी तरह मजबूत है।

आम जनता के लिए क्यों अहम है RBI MPC बैठक?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा होता है, जिससे आपके होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI बढ़ जाती है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने से आपकी EMI पर तुरंत कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता और एफडी (FD) के निवेशकों को भी स्थिर रिटर्न की गारंटी मिलती रहती है।

अगर आप RBI गवर्नर के इस बड़े ऐलान की हर छोटी-बड़ी अपडेट, लोन की EMI पर असर और शेयर बाजार का रिएक्शन सबसे पहले पाना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल हिन्दी के इस लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें।

GACM Technologies का ₹15 करोड़ का MoU, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर बढ़ाएगी फोकस

GACM Technologies: टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी GACM Technologies ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए Meridian Intelligence Private Limited के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी की कुल संभावित वैल्यू ₹15 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताएं मजबूत होंगी और लंबे समय में नए रेवेन्यू के अवसर बनेंगे।

2028 तक रहेगा समझौता

कंपनी के मुताबिक, यह MoU 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत दोनों कंपनियां भविष्य में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करेंगी। जरूरत के मुताबिक आगे अलग-अलग बाध्यकारी समझौते भी किए जाएंगे।

टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो होगा मजबूत

GACM Technologies का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत करना है। साथ ही नए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करना, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और कारोबार का विस्तार करना भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जे. वी. तिरुपति राव ने कहा कि Meridian Intelligence के साथ यह साझेदारी GACM Technologies की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षमताओं को नई मजबूती देगी। इससे कंपनी को स्केलेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करने, बाजार में मौजूदगी बढ़ाने और लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

वित्त वर्ष 2025-26 में GACM Technologies का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹22.94 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹14.58 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4.12 करोड़ से बढ़कर ₹8.60 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि यह बेहतर ऑपरेशनल और टिकाऊ ग्रोथ रणनीति का नतीजा है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 5 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 5 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रहने वाले हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कुछ के शेयर बड़े कॉरपोरेट ऐलान की वजह से चर्चा में रहेंगे। इसके अलावा HDFC Bank की AGM और RBI की मौद्रिक नीति का फैसला भी बाजार की दिशा तय कर सकता है। ऐसे में इन 19 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) 5 अगस्त को होगी। बैठक में नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजीव कुमार की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है। बैंक AT-1, Tier-II और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने की मंजूरी भी मांगेगा। नए CEO की नियुक्ति पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Marico

FMCG कंपनी Marico का जून तिमाही का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 27% बढ़कर ₹652 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹513 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,957 करोड़ पहुंच गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

Bharti Airtel

टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 11.5% बढ़कर ₹8,167 करोड़ रहा। रेवेन्यू 5.7% बढ़कर ₹58,539 करोड़ और EBITDA 4.8% बढ़कर ₹33,599 करोड़ पहुंच गया। ARPU बढ़कर ₹264 हो गया। मुनाफा अनुमान से कम रहा, लेकिन रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहे।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC के OFS में सरकार ने 4% के ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके बाद OFS का आकार बढ़कर 6.5% हिस्सेदारी के बराबर हो जाएगा। शुरुआती ऑफर 2.5% हिस्सेदारी का था। बेहतर मांग मिलने के बाद सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल किया।

Nykaa

ब्यूटी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स कंपनी Nykaa का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 3 गुना बढ़कर ₹79.7 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹24.4 करोड़ था। रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹2,782 करोड़ और EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 6.5% से बढ़कर 8.5% हो गया।

ONGC

सरकारी महारत्न तेल एवं गैस कंपनी ONGC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 156% बढ़कर ₹17,034 करोड़ पहुंच गया। यह बाजार के अनुमान से भी काफी बेहतर रहा। कंपनी की कुल आय 29.3% बढ़कर ₹46,461 करोड़ और EBITDA 124% बढ़ा। कंपनी ने अब तक का सबसे ऊंचा प्री-टैक्स प्रॉफिट भी दर्ज किया।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2.9% बढ़कर ₹1,095.87 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 18.5% बढ़कर ₹3,808.31 करोड़ रहा। EBITDA 30.6% बढ़कर ₹2,352.19 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 56.1% से बढ़कर 61.8% हो गया।

Tata Investment Corporation

निवेश कंपनी Tata Investment Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹139 करोड़ से बढ़कर ₹164 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹170 करोड़ से बढ़कर ₹209 करोड़ पहुंच गई। तिमाही के दौरान निवेश से बेहतर कमाई का असर नतीजों में दिखा।

MCX

कमोडिटी एक्सचेंज MCX का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 22% घटकर ₹413.4 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 21% घटकर ₹702 करोड़ रही। EBITDA 26% घटकर ₹494 करोड़ और EBITDA मार्जिन 74.9% से घटकर 70.4% पर आ गया।

Bharti Hexacom

टेलीकॉम कंपनी Bharti Hexacom का शुद्ध मुनाफा 23.2% बढ़कर ₹482.4 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 10.9% बढ़कर ₹2,510 करोड़ रहा। EBITDA 13.9% बढ़कर ₹1,322.2 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 51.29% से बढ़कर 52.68% हो गया।

Sundram Fasteners

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Sundram Fasteners का शुद्ध मुनाफा ₹138 करोड़ से बढ़कर ₹151 करोड़ हो गया। कंपनी की आय भी ₹1,350 करोड़ से बढ़कर ₹1,615 करोड़ पहुंच गई। मजबूत बिक्री से कंपनी के नतीजों में सुधार देखने को मिला।

Deepak Nitrite

केमिकल कंपनी Deepak Nitrite का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा ₹345 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹112.2 करोड़ था। रेवेन्यू 36.4% बढ़कर ₹2,577.6 करोड़ और EBITDA ₹189.4 करोड़ से बढ़कर ₹540.2 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन 10.03% से बढ़कर 20.96% पहुंच गया।

Castrol India

लुब्रिकेंट कंपनी Castrol India का शुद्ध मुनाफा 42.5% बढ़कर ₹347 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹1,871 करोड़ और EBITDA 40.8% बढ़कर ₹599.4 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹6.25 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

Dredging Corporation of India

सरकारी ड्रेजिंग कंपनी Dredging Corporation of India घाटे से मुनाफे में लौट आई है। कंपनी ने ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ और EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ रहा।

BSE

स्टॉक एक्सचेंज BSE का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। रेवेन्यू ₹1,566 करोड़ रहा। कंपनी ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% करने का भी फैसला किया है।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का शुद्ध मुनाफा 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 7.5% बढ़कर ₹788.4 करोड़ पहुंच गई। कंपनी का लोन कारोबार लगातार बढ़ता रहा।

United Breweries

बीयर बनाने वाली कंपनी United Breweries का शुद्ध मुनाफा 9.5% घटकर ₹166 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.1% बढ़कर ₹3,067 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 9.1% घटकर ₹283 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 10.9% से घटकर 9.2% हो गया।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी ASK Automotive का शुद्ध मुनाफा 28.8% बढ़कर ₹85.12 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹1,358.1 करोड़ और EBITDA 34.3% बढ़कर ₹160.6 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 13.42% से घटकर 11.83% रह गया।

Metropolis Healthcare

डायग्नोस्टिक कंपनी Metropolis Healthcare का शुद्ध मुनाफा 25.8% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 16.6% बढ़कर ₹450 करोड़ रहा। EBITDA 22% बढ़कर ₹217 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 48.3% हो गया।

RBI की मौद्रिक नीति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर बुधवार को बाजार की नजर रहेगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट, महंगाई, GDP ग्रोथ और पॉलिसी रुख का ऐलान करेंगे। उनके बयान का असर बैंकिंग, ऑटो, रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों पर देखने को मिल सकता है।

तिमाही नतीजे

कई कंपनियां 5 अगस्त को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Aegis Vopak Terminals, Allcargo Logistics, Arisinfra Solutions, Asahi India Glass, Aurobindo Pharma, Bikaji Foods International, Biocon और Cummins India जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन शेयरों पर कारोबार के दौरान नजर रहेगी।

ONGC Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 112% बढ़ा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का फायदा मिला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Best Agrolife Share: 3 दिन में 36% उछला एग्रोकेमिकल स्टॉक, दमदार रिजल्ट से निवेशकों में खरीदने की होड़

Best Agrolife Share: एग्रोकेमिकल कंपनी बेस्ट एग्रोलाइफ के शेयरों में जून तिमाही के नतीजों के बाद जोरदार तेजी आई है। यह स्टॉक रिजल्ट के बाद तीन कारोबारी सत्र में करीब 36% चढ़ चुका है। वहीं, बीते 5 दिनों में इसने 46% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

मंगलवार को भी स्टॉक 20% के अपर सर्किट के साथ 22.66 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह जून तिमाही में मुनाफे का डबल होना और मैनेजमेंट का आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक रुख है।

मार्जिन और मुनाफे में जोरदार उछाल

जून तिमाही में Best Agrolife का मुनाफा तेजी से बढ़ा। कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर 396 करोड़ रुपये रहा। लेकिन असली मजबूती मुनाफे में दिखी। EBITDA 70% बढ़कर 78 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 12% से बढ़कर 20% हो गया।

शुद्ध मुनाफा (PAT) भी दोगुना होकर 41 करोड़ रुपये रहा। ग्रॉस मार्जिन 29% से बढ़कर 37% पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में चुनिंदा बढ़ोतरी और लागत पर नियंत्रण की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

पेटेंटेड प्रोडक्ट्स पर बढ़ा फोकस

बेस्ट एग्रोलाइफ का पेटेंटेड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो लगातार मजबूत हो रहा है। इस तिमाही में इसकी वॉल्यूम 37% बढ़ी। वहीं, ब्रांडेड बिक्री में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 45% से बढ़कर 64% हो गई। डीलरों को ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की बिक्री भी 13% बढ़ी। कंपनी ने तीन नए पेटेंटेड प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं, जिससे कुल पोर्टफोलियो 12 प्रोडक्ट्स का हो गया है।

मैनेजमेंट का कहना है कि किसानों से अच्छा फीडबैक मिल रहा है और रिपीट ऑर्डर भी बढ़ रहे हैं। मानसून में देरी और फसल की धीमी शुरुआती बढ़त से खरीफ सीजन की शुरुआत कमजोर रही। लेकिन अब दूसरी तिमाही से मांग में सुधार की उम्मीद है।

कंपनी की रणनीति आगे क्या है?

मैनेजमेंट का फोकस फिलहाल कारोबार को स्थिर करने और मुनाफा बढ़ाने पर है। इसी वजह से CAPEX योजना को अभी टाल दिया गया है। कंपनी ने 60 करोड़ रुपये का सेल्स रिटर्न प्रावधान भी किया है। साथ ही वर्किंग कैपिटल सुधारने के लिए इन्वेंट्री घटाकर 764 करोड़ रुपये कर दी गई है।

कंपनी को आगे 10% से 15% की CAGR रेवेन्यू ग्रोथ और 13% से 14% के टिकाऊ EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी विस्तार जारी है। नेपाल, थाईलैंड, वियतनाम और मेक्सिको में नए प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन मिले हैं, जबकि श्रीलंका में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स को फास्ट-ट्रैक मंजूरी मिली है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।