RBI MPC Meeting Live: आज होगा रेपो रेट पर बड़ा ऐलान! जानिए होम लोन EMI, FD और आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

RBI Monetary Policy Committee Live Updates: देश के करोड़ों आम लोगों, होम लोन ग्राहकों और निवेशकों की निगाहें आज, 7 अक्टूबर सुबह 10 बजे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के ऐलान पर टिकी हुई है। महंगाई के बढ़ते दबाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये के बीच आज केंद्रीय बैंक अपनी नई मौद्रिक नीति का ऐलान करने जा रहा है।

वैसे बाजार के अधिकांश विशेषज्ञों और रॉयटर्स के पोल में शामिल 60% से अधिक इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि आज रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो रेपो रेट वर्तमान 5.25% से बढ़कर 5.50% हो जाएगी।

होम लोन EMI पर कितना पड़ेगा असर?

अगर आज आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लेने वाले ग्राहकों की जेब पर असर पड़ना तय है:

बढ़ेगी EMI या लोन की अवधि: रेपो रेट बढ़ते ही बैंकों की फंडिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिसे बैंक सीधे ग्राहकों पर डालेंगे। यदि आपका ₹50 लाख का होम लोन लंबे समय के लिए चल रहा है, तो 0.25% की बढ़ोतरी से बैंक या तो आपकी मासिक EMI बढ़ा देंगे या लोन की समयावधि को लंबा कर देंगे।

क्या करें उधारकर्ता?:  तुरंत पूरा लोन चुकाने की हड़बड़ी न करें। पहले अपने लोन की मौजूदा ब्याज दर, शेष अवधि, बैंक के स्प्रेड की जांच करें और जरूरत पड़ने पर दूसरे बैंक में बैलेंस ट्रांसफर के विकल्प पर विचार करें।

पर्सनल और कार लोन भी हो सकते हैं महंगे

होम लोन ही नहीं, बल्कि नए पर्सनल लोन, व्हीकल लोन और अन्य क्रेडिट प्रोडक्ट्स की दरें भी धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं। चूंकि पर्सनल लोन की दरें पहले से ही ऊंची होती हैं, इसलिए इस समय नया असुरक्षित कर्ज सोच-समझकर ही लें।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के निवेशकों के लिए खुशखबरी

दरों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा बचत करने वालों को मिलेगा। कर्ज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बैंक नए डिपॉजिट आकर्षित करने के लिए FD पर मिलने वाले ब्याज में बढ़ोतरी करेंगे। वैसे आपकी पहले से चल रही फिक्स्ड डिपॉजिट पर पुरानी दर ही लागू रहेगी। फायदा केवल नई FD कराने या पुरानी FD को रिन्यू करने पर ही मिलेगा।

सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दरें

सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दरों में तुरंत कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है, क्योंकि ये दरें प्रत्येक बैंक की लिक्विडिटी और प्रतिस्पर्धात्मक नीतियों पर निर्भर करती हैं।

आरबीआई क्यों ले सकता है दरें बढ़ाने का फैसला?

महंगाई: अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई, जो आरबीआई के 4% के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर है।

कच्चा तेल और रुपया: पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चे तेल के दाम ऊंचे हैं और रुपया कमजोर हो रहा है, जिससे आयात महंगा हो रहा है।

मजबूत GDP ग्रोथ: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही है, जो आर्थिक मजबूती को दर्शाती है और आरबीआई को महंगाई पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देती है।

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RBI MPC Meeting August 2026: 10 बजे RBI गवर्नर करेंगे बड़ा ऐलान! जानिए कहां देखें पॉलिसी का लाइव टेलीकास्ट

RBI Monetary Policy Committee Live Updates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक का फैसला आज यानी बुधवार, 5 अगस्त 2026 को आने वाला है। देश के करोड़ों बैंक ग्राहक, होम लोन की EMI चुकाने वाले आम लोग और शेयर बाजार के निवेशक इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 10 बजे मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।

कब और कहां देखें RBI गवर्नर का संबोधन LIVE?

तारीख और समय: बुधवार, 5 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे पॉलिसी का ऐलान होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस: दोपहर 12:00 बजे RBI गवर्नर मीडिया से रूबरू होंगे।

कहां देखें लाइव: RBI गवर्नर का यह संबोधन रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, उसके आधिकारिक YouTube चैनल और X हैंडल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

अगस्त पॉलिसी से क्या हैं बाजार की उम्मीदें?

मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि छह सदस्यीय एमपीसी लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी। वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर है और इसके इसी स्तर पर बरकरार रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट के संघर्ष को देखते हुए केंद्रीय बैंक फिलहाल सतर्कता भरा रुख अपना सकता है।

जून की पिछली MPC बैठक में क्या हुआ था?

इससे पहले 3 से 5 जून 2026 के बीच हुई MPC बैठक में भी RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा था और अपना रुख ‘न्यूट्रल’ बरकरार रखा था। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट को 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट को 5.5% पर बरकरार रखा गया था। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 6.6% और रिटेल महंगाई 5.1% रहने का अनुमान जताया है।

जून में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और सप्लाई चेन में रुकावटें बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को झेलने के लिए पूरी तरह मजबूत है।

आम जनता के लिए क्यों अहम है RBI MPC बैठक?

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा होता है, जिससे आपके होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI बढ़ जाती है। वहीं, रेपो रेट स्थिर रहने से आपकी EMI पर तुरंत कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता और एफडी (FD) के निवेशकों को भी स्थिर रिटर्न की गारंटी मिलती रहती है।

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