Silver Gold Price Today : MCX पर गोल्ड और सिल्वर में 1% तक की गिरावट, जानिए कमोडिटी मार्केट में आज कहां होगी कमाई

Silver Gold Price Today : मंगलवार, 28 जुलाई को MCX पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 1% तक की गिरावट देखने को मिली है। कमजोर ग्लोबल संकेत की वजह से ये गिरावट आई है। 29 जुलाई को US फेडरल रिजर्व के मॉनेटरी पॉलिसी फैसले से पहले डॉलर इंडेक्स 101.5 के आसपास बना हुआ है। ग्लोबल बाजार में US फेड के फैसले से पहले प्रेशियस मेटल्स में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

10.50 बजे के आसपास एमसीएक्स पर भी गोल्ड का अगस्त वायदा 1,144 रुपए यानी 0.80 फीसदी की कमजोरी के साथ 141,913 रुपए पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 3,892 रुपए यानी 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 217,297 रुपए पर नजर आ रहा था।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें कम हुईं। US और ईरान के बीच जवाबी हमलों के रुकने से जियोपॉलिटिकल तनाव कम हुआ और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग घट गई है। इसका असर सोने के भाव पर देखने को मिला है।

29 जुलाई को आने वाले US फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले पर भी बाजार की नजर है। उम्मीद है कि US का सेंट्रल बैंक बेंचमार्क दरों को 3.50%-3.75% की रेंज में ही बनाए रखेगा।

एक्सपर्ट की राय

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने के लिए 4,034 और 4,000 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 4,110 और 4,140 डॉलर प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है। आज के सेशन में चांदी के लिए 57.20 और 56.60 डॉलर पर सपोर्ट है,जबकि 59.40 और 60 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है। वहीं MCX पर सोने के लिए ₹1,42,200 और ₹1,41,400 पर सपोर्ट है और ₹1,44,000 और ₹1,45,150 पर रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए ₹2,19,100 और ₹2,17,000 पर सपोर्ट है और ₹2,24,000 और ₹2,26,600 पर रेजिस्टेंस है।

मनोज कुमार जैन की सलाह है कि ₹1,43,650 के टारगेट के लिए ₹1,42,000 के आसपास गिरावट पर सोना खरीदें, स्टॉप लॉस ₹1,41,000 के नीचे रखें और ₹2,24,400 के टारगेट के लिए ₹2,19,000 के आसपास गिरावट पर चांदी खरीदें, स्टॉप लॉस ₹2,16,600 के नीचे रखें ।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का जुलाई वायदा 7.75 रुपए यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 1,316.55 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,क्रूड ऑयल का अगस्त वायदा 117 रुपए यानी 1.47 फीसदी की कमजोरी के साथ 7,840 रुपए पर दिख रहा था। वहीं,नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 3.50 रुपए यानी 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 265 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं,ELECDMBL का अगस्त वायदा 16 रुपए यानी 0.35 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,545 रुपए पर दिख रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Prithvi Finmart के मनोज कुमार जैन। इनको आज गोल्ड मिनी और सिल्वर मिनी में कमाई के मौके दिख रहे हैं। इनकी एमसीएक्स गोल्ड मिनी सितंबर फ्यूचर्स में 143100 रुपए के आसपास,142550 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 144200 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर मिनी अगस्त वायदा में भी इनकी 221500 रुपए के आसपास,219100 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 226000 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

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अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Commodity Outlook: कच्चे तेल से सोना-चांदी तक, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल? एक्सपर्ट कायनात चैनवाला से जानिए

Commodity Outlook: पिछला हफ्ता कमोडिटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ऐसे में अगले हफ्ते भी बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी।

कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एक्सपर्ट कायनात चैनवाला के मुताबिक, आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बड़े फैक्टर तय करेंगे। इनमें पश्चिम एशिया का तनाव, अमेरिकी फेड की नीति और वैश्विक सप्लाई की स्थिति सबसे अहम होगी।

कच्चे तेल में क्यों आया उछाल?

पिछले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की तेजी आई। ब्रेंट क्रूड एक समय 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि, हफ्ते के आखिर में मुनाफावसूली से इसमें कुछ गिरावट आई।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, इस तेजी की सबसे बड़ी वजह लाल सागर (Red Sea) में बढ़ा तनाव रहा। हूती विद्रोहियों ने दो सऊदी टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया। इसके बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। दूसरी ओर, ड्रोन हमले के बाद कजाकिस्तान की पाइपलाइन क्षमता भी करीब 80% प्रभावित हुई। इससे सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई।

सोना-चांदी में कैसी रही चाल?

स्पॉट गोल्ड पिछले हफ्ते करीब 1% चढ़कर 4,050 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बंद हुआ। वहीं, चांदी में करीब 4% की तेजी आई और यह 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

कायनात चैनवाला का कहना है कि सोना-चांदी में आई तेजी की बड़ी वजह नई खरीदारी नहीं, बल्कि गिरावट के बाद हुई खरीदारी (Dip Buying) और शॉर्ट कवरिंग रही। मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी इन धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं।

MCX गोल्ड के लिए कौन से स्तर अहम?

MCX गोल्ड पिछले हफ्ते ₹1,43,106 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

कायनात चैनवाला के मुताबिक, ऊपर की ओर ₹1,46,000 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद ₹1,48,000 अहम स्तर होगा। नीचे की ओर ₹1,41,000 पहला सपोर्ट है। अगर ₹1,39,800 का स्तर टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।

बेस मेटल्स में भी रही मजबूती

कॉपर, एल्युमिनियम, जिंक और लेड में भी पिछले हफ्ते तेजी रही। चीन में कॉपर का स्टॉक घटने और रिफाइंड मेटल्स पर संभावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता की वजह से कॉपर एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

फेड की बैठक पर रहेगी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28-29 जुलाई की बैठक अगले हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर होगी।

कायनात चैनवाला का मानना है कि सिर्फ तेल की कीमतों में आई तेजी के आधार पर फेड अगले हफ्ते ब्याज दर बढ़ाने का फैसला शायद ही ले। हालांकि, सितंबर की बैठक को लेकर जोखिम पहले के मुकाबले ज्यादा बना हुआ है।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अगले हफ्ते कमोडिटी बाजार की दिशा तीन बातें तय करेंगी। पहली, लाल सागर और पश्चिम एशिया में तनाव का घटनाक्रम।

दूसरी, फेड की बैठक और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेत। तीसरी, ईरान की ओर से आने वाले किसी भी कूटनीतिक संकेत। इन तीनों का असर कच्चे तेल, सोना, चांदी और दूसरे कमोडिटी बाजारों की चाल पर साफ दिख सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दिल्ली में सोना 2000 रुपये गिरा, चांदी 5000 रुपये फिसली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों में तेजी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोना 2000 रुपये गिरकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 5000 रुपये गिरकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह मुनाफावसूली बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन मे तेजी

ट्रेडर्स ने कहा कि बुलियन की कीमतों पर कमजोर सेंटिमेंट का भी असर पड़ा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। इससे भाव बढ़कर 4,063 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी 2 फीसदी के उछाल के साथ 58.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसकी वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों गिरावट है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। 24 जुलाई को इसमें गिरावट दिखी।

क्रूड में नरमी से विदेश में बुलियन में तेजी

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “ब्रेंट क्रूड में गिरावट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड करीह 4 फीसदी गिरा। इससे पहले पांच दिन में यह 12 फसदी चढ़ा था।” उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है। उसने लगातार 14वें रात ईरान पर हमले किए।

क्रूड में तेजी थमी तो सोने-चांदी में आएगी तेजी

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लगता है और अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है तो सोने और चांदी में तेजी दिख सकती है। सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस पर जा सकती है।

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शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन गिरावट 

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकती है। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

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12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

दिल्ली में सोना 400 रुपये गिरा, चांदी में भी कमजोरी, क्रूड 100 डॉलर पार करने का असर

दिल्ली में गुरुवार यानी 23 जुलाई को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट आई। सोना 400 रुपये गिरकर 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 300 रुपये गिरकर 2,29,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने यह जानकारी दी।

क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर 

ट्रेडर्स ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से बुलियन में मुनाफावसूली हो रही है। क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर है। इससे दुनियाभर में केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी में सख्ती दिख सकती है। खासकर अमेरिका में फेडरल रिजर्व महंगाई को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

केंद्रीय बैंक बढ़ा सकते हैं इंटरेस्ट रेट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुलियन पर दबाव बढ़ने की वजह मिडिलईस्ट में चल रही लड़ाई है, जिससे क्रूड की कीमतें चढ़ रही हैं। इससे माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में सख्ती बरत सकता है।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में गिरावट 

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में गिरावट देखने को मिली। यह 38.92 डॉलर यानी 1 फीसदी गिरकर 4,091.17 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर भी करीब 2 फीसदी गिरकर 58.65 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ब्रेंट क्रूड का प्राइस बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह बीते छह हफ्तों में क्रूड का सबसे ज्यादा प्राइस है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोना दबाव में रहेगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहती हैं या और ऊपर जाती है तो गोल्ड दबाव में रहेगा। इस साल सोने की कीमत जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। अपने पीक से यह करीब 30 फीसदी गिर चुका है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।

Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: 2 हफ्ते के हाई से फिसला सोना, चांदी भी फिसली, जानें क्यों घटे दाम और अब क्या करें

Gold Silver Price: पिछले सेशन में 2 हफ़्ते के हाई पर पहुंचने के बाद गुरुवार (23 जुलाई) को सोने- चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्वेस्टर्स वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन का अंदाजा लगा रहे थे, जबकि इंटरेस्ट रेट्स पर आगे के डायरेक्शन के लिए अगले हफ़्ते होने वाली US फेडरल रिजर्व पॉलिसी मीटिंग का इंतजार कर रहे थे।

COMEX पर, गोल्ड फ्यूचर्स $35.40 या 0.85% प्रति औंस की गिरावट के साथ $4,116.50 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स भी 0.83% गिरकर $59.795 प्रति औंस पर आ गया, जो बुधवार (22 जुलाई) की बढ़त के बाद कम हुआ।

 सोने-चांदी में गिरावट देखने को मिला। कीमतों में यह दबाव मुनाफावसूली के चलते आई है।   MCX गोल्ड अगस्त कॉन्ट्रैक्ट 0.32% गिरकर ₹1,45,207 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। जबकि MCX सिल्वर सितंबर फ्यूचर्स 0.23% गिरकर ₹2,26,474 प्रति किलोग्राम पर रहा।

आज सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

यह गिरावट इसलिए आई है क्योंकि ट्रेडर्स ने हाल की तेजी के बाद प्रॉफिट बुक किया, जबकि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव से सेफ-हेवन डिमांड को सपोर्ट मिला।

ईरान पर US के नए हमलों और रेड सी में यमन के हूथियों के तेल टैंकरों पर हमलों के बाद एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ने के बाद तेल की कीमतें छह हफ़्ते से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गईं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं, जिससे US ट्रेजरी यील्ड बढ़ी है और US डॉलर मजबूत हुआ है।

मजबूत डॉलर और ज़्यादा बॉन्ड यील्ड का असर आम तौर पर सोने पर पड़ता है क्योंकि यह कीमती धातु कोई इंटरेस्ट इनकम नहीं देती है, जिससे उधार लेने की लागत ज़्यादा रहने पर यह तुलनात्मक रूप से कम आकर्षक हो जाता है।

US फेडरल रिजर्व पर शिफ्ट हुआ फोकस

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब अगले हफ्ते होने वाली US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर करीब से नजर रख रहे हैं।

हालांकि फेड से इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव न करने की उम्मीद है, लेकिन इन्वेस्टर्स भविष्य में रेट पाथ पर सिग्नल ढूंढ रहे हैं। एनर्जी की बढ़ती कीमतों की वजह से लगातार महंगाई की चिंताओं ने मार्केट को इस साल के आखिर में रेट में एक और बढ़ोतरी की संभावना पर भरोसा दिलाया है। मॉनेटरी पॉलिसी का आउटलुक जल्द ही बुलियन की कीमतों के लिए मुख्य ड्राइवर बना रहेगा।

क्या है आगे का आउटलुक

ऋद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर, पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, टेक्निकल खरीदारी से सोने और चांदी में सुधार हुआ क्योंकि इन्वेस्टर्स बिगड़ते वेस्ट एशिया संघर्ष पर नजर रख रहे थे और इंटरेस्ट रेट्स पर फेडरल रिजर्व से क्लैरिटी का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों और इस उम्मीद से कि पॉलिसीमेकर्स को महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट्स को ऊंचा रखना पड़ सकता है, मार्केट्स सतर्क रहे हैं। साथ ही, US में प्राइवेट हायरिंग के नरम डेटा ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है कि फेड आखिरकार रेट्स में कटौती शुरू कर सकता है, और मार्केट्स अभी सितंबर में रेट कट की बेहतर उम्मीद जता रहे हैं।

कोठारी ने कहा कि सोने के लिए अगले मुख्य रेजिस्टेंस लेवल लगभग $4,200 और $4,250 प्रति औंस हैं, जबकि चांदी को $63 प्रति औंस के करीब रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है।

अभी के लिए, बुलियन की कीमतें जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट, US डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव, और सेंट्रल बैंकों, खासकर फेडरल रिजर्व से मिलने वाले संकेतों के प्रति सेंसिटिव रहने की संभावना है।

Silver Price Today: कल की तेजी के बाद आज सस्ती हुई चांदी, खरीदारी से पहले जान लें अपने शहर का रेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Adani Power Q1 Results: अदाणी पावर को ₹4806 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Adani Power Q1 Results: अदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी Adani Power ने जून तिमाही में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश में रिकॉर्ड बिजली मांग, ज्यादा बिजली बिक्री और बेहतर टैरिफ रही। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

मुनाफा और रेवेन्यू में दमदार बढ़त

अप्रैल-जून तिमाही में अदाणी पावर का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,385 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 34% बढ़कर ₹18,902 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹14,109 करोड़ था। वहीं, EBITDA करीब 40% बढ़कर ₹7,948 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 40.3% से बढ़कर 42% हो गया।

भीषण गर्मी का फायदा मिला 

इस बार गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। मई महीने में देश की पीक पावर डिमांड 270.8 गीगावॉट रही। वहीं, जून तिमाही में बिजली की कुल खपत 8.4% बढ़कर 485.4 बिलियन यूनिट हो गई।

इसका सीधा फायदा Adani Power को मिला। कंपनी ने इस तिमाही में 31 बिलियन यूनिट बिजली पैदा की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, बिजली की बिक्री 16.9% बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट रही।

बिजली महंगी बिकी, कमाई बढ़ी

लॉन्ग टर्म PPA के तहत बिजली बिक्री 30% से ज्यादा बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट हो गई। इसके साथ ही औसत टैरिफ 8.5% बढ़कर ₹5.95 प्रति यूनिट पहुंच गया।

मर्चेंट और शॉर्ट टर्म मार्केट में भी कंपनी को बेहतर दाम मिले। यहां औसत टैरिफ 13.1% बढ़कर ₹7.04 प्रति यूनिट रहा। कंपनी ने कहा कि बुटीबोरी और मुतियारा (तूतीकोरिन) जैसे पहले बिना PPA वाले प्लांट्स को नए करार मिलने से भी बिजली बिक्री बढ़ी। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमतें बढ़ने का फायदा भी कंपनी को मिला।

कोयला महंगा हुआ, फिर भी बढ़ा मुनाफा

ज्यादा बिजली उत्पादन और आयातित कोयले की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन लागत 30% बढ़कर ₹9,513 करोड़ हो गई। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा। इसकी वजह बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और फाइनेंस कॉस्ट पर मजबूत नियंत्रण रहा।

इस तिमाही में कंपनी ने ₹1,386 करोड़ की पिछली अवधि की आय भी दर्ज की। वहीं, अतिरिक्त कोयला लागत के बदले ₹898 करोड़ के टैरिफ मुआवजे को भी रेवेन्यू में शामिल किया गया।

विस्तार पर बड़ा दांव

अदाणी पावर के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। यह रकम QIP या दूसरे रास्तों से जुटाई जाएगी। साथ ही कंपनी ने अपनी उधारी सीमा ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।

Adani Power ने हाल ही में दिवाला प्रक्रिया के तहत Jaiprakash Associates की कई बिजली परिसंपत्तियां भी खरीदी हैं। इनमें 180 मेगावॉट का Churk थर्मल पावर प्लांट, Jaiprakash Power Ventures में 24% हिस्सेदारी और Prayagraj Power Generation Company में 11.49% हिस्सेदारी शामिल हैं।

आगे की क्या है योजना?

अदाणी पावर के CEO एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि रिकॉर्ड EBITDA दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है। उन्होंने कहा कि Adani Power 45 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही कंपनी हाइड्रो पावर में विस्तार कर रही है और भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर के अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है।

अदाणी पावर के शेयरों का हाल

Adani Power का शेयर बुधवार को शेयर 1.51% गिरकर ₹217.05 पर बंद हुआ। नतीजों के बाद ₹211.90 के निचले स्तर से उछलकर ₹221.70 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा था। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 83.77% रिटर्न दिया है।

HFCL Q1 Results: घाटे से ₹229 करोड़ के मुनाफे में आई कंपनी, 6 महीने में 250% उछला स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।