Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना ₹2000 चढ़ा, चांदी में भी तेजी

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 18 अगस्त को सोने और चांदी में तेजी दिखी। सोना 2,000 रुपये चढ़कर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। इसकी वजह रिटेलर्स और स्टॉकिस्ट्स की अच्छी मांग बताई जा रही है। लगातार दो सत्रों में अपरिवर्तित रहने के बाद चांदी में भी तेजी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

चांदी का भाव 730 रुपये चढ़कर 2,40,730 रुपये प्रति किलो ग्राम पर पहुंच गया। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.51 फीसदी गिरकर 4,393 डॉलर प्रति औंस था। चांदी 1.41 फीसदी गिरकर 64.82 डॉलर प्रति औंस थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है।

क्रूड ऑयल में उछाल का असर सोने पर पड़ा है

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेचड प्रवीण सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का युद्धविराम 17 अगस्त को खत्म हो गया। इसके बाद क्रूड में तेजी आई है। 18 अगस्त को एक समय ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया था।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का भी बुलियन पर असर

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि स्पॉट सिल्वर 65 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल है। उन्होंने कहा कि चांदी में मुनाफावसूली का भी कुछ असर इसकी कीमतों पर पड़ा है। इससे पहले बुलियन में अच्छी तेजी दिखी थी।

बुलियन के लिए फिलहाल स्थितियां अनुकूल 

चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी के बावजूद बुलियन के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम हुई है। चीन सहित दुनिया के दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साथ ही इनवेस्टर्स की डिमांड भी स्ट्रॉन्ग बनी हुई है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ सकता है इंटरेस्ट रेट 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान में से कोई झुकने को तैयार नहीं है। मध्यपूर्व में तनाव घटने की जगह बढ़ता दिखता रहा है। इसका असर क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ रहा है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द नहीं खुलता है तो सप्लाई कम होने से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ेगी, जिसे काबू में करने के लिए फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने को मजबूर होगा। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर, अब क्या करें निवेशक!

Gold Silver price: भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में मजबूती का ट्रेंड था, जिसमें कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भाव ₹676 या 0.44% बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा भाव ₹2,270 या 0.96% बढ़कर ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

ग्लोबल स्तर पर, सोने के वायदा भाव लगभग 0.40% बढ़कर $4,394.01 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 1.64% बढ़कर $65.74 प्रति औंस हो गए।

क्यों बढ़ रही कीमतें हैं?

इसका एक मुख्य कारण अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर बदलता नज़रिया है। हाल ही में अमेरिका में महंगाई, रोजगार और कंज्यूमर एक्टिविटी के आंकड़े कमज़ोर रहे हैं, जिससे फेडरल रिज़र्व द्वारा और सख्ती बरतने की उम्मीदें कम हो गई हैं। इसका असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ा है और सोने को इससे सहारा मिला है।

आमतौर पर डॉलर के कमज़ोर होने से सोने को फायदा होता है क्योंकि दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए यह धातु सस्ती हो जाती है। कम ब्याज दरों की उम्मीदें भी सोने को सहारा दे सकती हैं, क्योंकि सोने जैसी ऐसी एसेट (संपत्ति) को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है जिससे कोई रेगुलर इनकम नहीं होती।

भारत के लिए खास वजह क्या है?

घरेलू कीमतें करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी दिखाती हैं। सोमवार (17 अगस्त) को शुरुआती कारोबार में रुपया कमज़ोर होकर लगभग ₹95.59 प्रति डॉलर पर आ गया। रुपया कमज़ोर होने से सोने और चांदी जैसी इंटरनेशनल कीमत वाली कमोडिटीज़ की ‘लैंडेड कॉस्ट’ (आयात लागत) बढ़ सकती है, जिससे घरेलू कीमतों को और सहारा मिलता है।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी रुपये पर दबाव रहा है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, WTI क्रूड लगभग $82.83 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट $89 के आसपास बना हुआ था। गर्ग ने कहा कि डॉलर के कमज़ोर होने और आर्थिक आंकड़े कमज़ोर रहने से फेड द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गईं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने US-ईरान शांति वार्ता के रुकने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से टैंकरों की आवाजाही कम होने के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताओं की ओर भी इशारा किया।

बता दें कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता एक और वजह है जो बुलियन (सोना-चांदी) को सहारा दे रही है। US-ईरान शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क रखा है। ऐसी अनिश्चितता सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ा सकती है।

अब आगे क्या करें निवेशक

सोने के लिए, फेडरल रिजर्व का रेट आउटलुक, US डॉलर, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम मुख्य कारक बने रहेंगे। अगर फेड का रुख नरम (dovish) होता है तो कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि महंगाई का नया झटका या सख्त (hawkish) पॉलिसी रुख बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड, रॉस मैक्सवेल ने कहा कि $4,400-$4,450 प्रति औंस सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन है। अगर कीमत $4,500 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है तो तेजी का रुझान (bullish trend) मजबूत हो सकता है, जबकि उन्होंने $4,150-$4,200 प्रति औंस को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया बताया।

हालांकि, भारतीय निवेशकों के लिए, ग्लोबल सोना और चांदी की कीमतें समीकरण का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंटरनेशनल कीमतें और घरेलू बाजार की स्थितियां मिलकर MCX कीमतों की दिशा तय करती हैं।

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर लगातार बनी मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतें नए हफ़्ते में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।”

देसाई ने कहा, “भू-राजनीतिक जोखिम और ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंताएं बुलियन को और सहारा दे रही हैं।” हालांकि, एनालिस्ट कीमतों में सीधी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। हालिया बढ़त के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में कुछ ठहराव (कंसोलिडेशन) या मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखी जा सकती है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend: निफ्टी में बेस के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Market Trend : हॉर्मुज को लेकर घमासान से कच्चा तेल 88 डॉलर के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल में तेजी के बीच भारतीय बाजार के लिए नरम संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में गिरावट है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी रही, लेकिन वायदा में बिकवाली देखने को मिली है। वहीं एशिया में भी हल्का दबाव है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी हल्की गिरावट देखने को मिली थी। सोने और चांदी के दाम में तेजी का सिलसिला कायम है। सोना 4400 डॉलर के ऊपर निकल गया है। चांदी भी 66 डॉलर के पार दिख रही है। डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे है। वहीं US बॉन्ड यील्ड 4.7 के नीचे टिकी हुई है।

US-ईरान वॉर को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि हॉर्मुज पर US जल्द कब्जा करेगा। अमेरिका की ईरान पर अब तक सबसे बड़े इकोनॉमिक प्रतिबंध की भी धमकी आई है। इधर लेबनान में इजरायल का भीषण हमला हुआ है। नेतन्याहू ने कहा है कि अगर US कहे तो ईरान पर अटैक को तैयार हैं।

सोने और चांदी के दाम में तेजी का सिलसिला कायम है। सोना 4400 डॉलर के ऊपर निकल गया है। चांदी भी 66 डॉलर के पार दिख रही है। डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे है। वहीं US बॉन्ड यील्ड 4.7 के नीचे टिकी है।

आज बाजार में क्या हो रणनीति?

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24452-24483/24519 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24536-24577 पर है। इसके लिए पहला बेस 24266-24309 पर और बड़ा बेस 24188-24231 पर है। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 1.76 लाख पर रहा है। 8700 शॉर्ट्स और जुड़े हैं। 24400-24500-24600 पर भारी कॉल राइटिंग हुई है। 24400-24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। निफ्टी 10/20 DEMA के आसपास है और 200 DEMA के ऊपर है। 24309-24266 शुरुआती बेस है। 100-50 DEMA (बेस-2) अहम वीकली सपोर्ट है। शुरुआती रेंज 24450-24500 से 24309-24280 है। बेस के पास BUY ON DIPS की रणनीति रखें। ऊपरी रेंज में मुनाफावसूली करें। 24500-24550 बड़ी बाधा है। इसके ऊपर ही ब्रेकआउट संभव है। 24231-24188 (बेस-1) के नीचे गिरावट में बड़ा ब्रेकडाउन संभव है।

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निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी बैंक के लिए पहला रजिस्टेंस 57810-58033 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58188-58267 पर है। इसके लिए पहला बेस 57221-57333 पर और बड़ा बेस 56910-57060 पर है। यह अभी भी रेंज में है। शुक्रवार को रेंज के निचले हिस्से तक फिसला। कच्चे तेल से अभी राहत नहीं है। 57500-58000-58200 पर भारी कॉल राइटिंग हुई है। 57200-56500 के बीच 50/100/200 DEMA है। 57000 पर मेगा पुट राइटिंग हुई है।

अभी भी 58000-58200 से 57400-57200 के बीच रेंज संभव है। निफ्टी बैंक में साइडवेज मूव संभव है। बेस-1 के ऊपर ही पुलबैक की संभावना है। बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज संभव है। बेस-1 के नीचे रिवर्सल की कोशिश न करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 के टूटने का खतरा है,सावधानी जरूरी है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी KFINTECH में 924 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 970 रुपए के टारगेट के लिए और HAVELLS में 1279 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1340 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

PhysicsWallah Q1 Results: लॉस घटकर ₹77 करोड़ पर आया, रेवेन्यू ₹1000 करोड़ रुपये के पार

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Apollo Hospitals Share Price: इस साल 25% चढ़ा है शेयर, क्या अभी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

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14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

Gold Price Today on I-Day: स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट दोनों का लुढ़का भाव

आज, शनिवार को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त के दिन देश में सोने की कीमत में गिरावट दिख रही है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव टूटा है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में हल्की तेजी है। हाजिर सोना 4,379.95 डॉलर प्रति औंस हो गया है। डॉलर में आई कमजोरी से सोने की वैश्विक कीमतों को बल मिला है। इस हफ्ते आए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, जिससे संकेत मिला कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अगले महीने होने वाली मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

अमेरिका में लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही। US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 153160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140290153030
मुंबई140140152880
अहमदाबाद140190152930
चेन्नई140390153160
कोलकाता140140152880
हैदराबाद140140152880
जयपुर140290153030
भोपाल140190152930
लखनऊ140290153030
चंडीगढ़140290153030

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 15 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार दूसरे दिन गिरा, चांदी की कीमतें अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 14 अगस्त यानी शुक्रवार को सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। हालांकि, चांदी की कीमतों में स्थिरता रही। सोना 800 रुपये गिरकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी बगैर किसी बदलाव के 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से कमजोर संकेतों का असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, अमेरिका में प्रोड्यूसर प्राइस डेटा उम्मीद के मुकाबले नरम रहे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में गिरावट की दूसरी वजह मुनाफावसूली रही।

लगातार 7 सत्रों की तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली

13 अगस्त से पहले लगातार सात सत्रों में सोने में तेजी दिखी थी। इससे इसका भाव 12000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा चढ़ गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी तेजी आने के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। इनवेस्टर्स सोने में उछाल के बाद नई खरीदारी करने से हिचक रहे हैं। इसका असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की नरमी दिखी। इसका भाव 4,351 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी में तेजी दिखी। इसका भाव 0.33 फीसदी की तेजी के साथ 64.68 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड की कीमतों में 14 अगस्त को तेजी दिखी। जब तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहेगी, महंगाई बढ़ने का डर बना रहेगा। इससे फेडरल रिजर्व अनुमान से पहले इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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क्रूड में उछाल जारी रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के कोई संकेत नहीं दिखे हैं। इसका सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ रहा है। इस रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही नाममात्र की हो रही है। इससे क्रूड की सप्लाई में कमी दिखी रही है। अगर यह स्थिति बनी रहती है तो क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर, लखनऊ में ₹140940 पर आया 22 कैरेट

देश में सोने की कीमत में गिरावट आई है। राजधानी दिल्ली में 14 अगस्त की सुबह 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153740 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुंबई में कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव फिसला है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने का भाव फिसला है। हाजिर सोना 4,354.58 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। अमेरिका में जुलाई की खुदरा महंगाई का डेटा अनुमान के मुताबिक रहा है। लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही।

जुलाई में US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। सामान की कीमतों में गिरावट ने सर्विस की लागत में हुई बढ़ोतरी के असर को खत्म कर दिया, जिससे संकेत मिलता है कि महंगाई का दबाव बना रह सकता है। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140790 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155140 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142210 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140940153740
मुंबई140790153590
अहमदाबाद140840153640
चेन्नई142210155140
कोलकाता140790153590
हैदराबाद140790153590
जयपुर140940153740
भोपाल140840153640
लखनऊ140940153740
चंडीगढ़140940153740

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 14 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.51 डॉलर प्रति औंस है।

Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोने में 7 सत्रों से जारी तेजी थमी, चांदी ₹6000 फिसली

Gold Silver Rates Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में बीते सात सत्रों से सोने में जारी तेजी पर गुरुवार को ब्रेक लग गया। सोने का भाव 2,800 रुपये गिरकर 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में 6000 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में गिरावट आई।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी 6000 रुपये गिरकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन में कमजोरी का असर भारत में इनकी कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.43 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,389.67 डॉलर प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी हल्की कमजोरी के साथ 65.03 डॉलर प्रति औंस था।

बीते सात सत्रों मे सोने में आई थी ₹12400 की तेजी

इससे पहले सोना बीते 7 सत्रों से लगातार चढ़ रहा था। इससे इसकी कीमतें 4400 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई थी। दिल्ली में भी बीते सात सत्रों में सोना 12,400 रुपये चढ़ा था। चांदी में भी इस दौरान अच्छी तेजी आई थी। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। देश और विदेश में मुनाफावसूली का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अमेरिका में 12 अगस्त को इनफ्लेशन के डेटा आए, जो उम्मीद के मुताबिक रहे। इससे फेडरल रिजर्व के सितंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना कम हुई है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड अब भी करीब 87 डॉलर प्रति बैरल पर है।

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के संकेत नहीं 

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इससे क्रूड की कीमतें नीचे नहीं आ रही हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल टैंकर्स का आवागमन नाममात्र का हो रहा है। अगर क्रूड लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा। फिर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा।