Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

मारुति, हुंडई के बाद अब Tata Motors PV का ऐलान, 1 सितंबर से ₹25000 तक बढ़ाएगी कारों की कीमतें

मारुति सुजुकी इंडिया और हुंडई मोटर्स इंडिया के बाद अब टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ने अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी 1 सितंबर से अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने इसकी वजह बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव को बताया है। टाटा ग्रुप की कंपनी TMPV ने शुक्रवार को बयान में कहा कि बढ़ोतरी के तहत सभी सेगमेंट्स के इंटर्नल कंबंशन इंजन (ICE) व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) आएंगे। कीमतों में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट्स के आधार पर अलग-अलग होगी।

टाटा मोटर्स पीवी के मुताबिक, ‘‘बढ़ती लागत और महंगाई के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए कीमतों में यह बदलाव किया जा रहा है।’’ बयान में कहा गया कि TMPV अब भी इस बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है लेकिन कीमतों में बदलाव के जरिए इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डाला जा रहा है। TMPV की गाड़ियों में छोटी कार टियागो से लेकर प्रीमियम SUV सफारी और हैरियर EV तक शामिल है। इन वाहनों की कीमत लगभग 4.7 लाख रुपये से लेकर 31 लाख रुपये के बीच है।

शेयर में गिरावट

कंपनी के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। शेयर BSE पर 318.95 रुपये के लो तक गया। 1.17 लाख करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 15 प्रतिशत, एक साल में 24 प्रतिशत और 2 साल में 52 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 42.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Technocrats Plasma 74% प्रीमियम पर लिस्ट, ₹132 के शेयरों ने एंट्री पर ही भर दी झोली; लगा अपर सर्किट

मारुति और हुंडई ने कितना बढ़ाया प्राइस

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह 18 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। अगस्त की प्राइस हाइक के तहत मारुति सुज़ुकी की कारें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से 2,500 से 30,000 रुपये तक महंगी हो रही हैं। इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कंपनी ऐसा कर रही है। हुंडई मोटर इंडिया भी 1 सितंबर, 2026 से सभी कारों के दाम 1 प्रतिशत तक बढ़ाएगी। किस कार का दाम कितना बढ़ेगा, यह मॉडल और वेरिएंट पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market View : जब तक क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी बाजार के रेंज-बाउंड रहने की उम्मीद, इन शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 24300-24400 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24150 पर दिख रहा तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : लगातार आठ सेशन में 20 अगस्त को पहली बार निफ्टी में बढ़त दिखी और यह 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,200 के लेवल पर पहुंच गया। इंडेक्स 50 डे EMA और हाल की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के कमजोर पड़ने के हल्के संकेत दिए। हालांकि,आने वाले सेशन में और खरीदारी के ज़रिए इसकी पुष्टि की जरूरत है। निफ्टी को 24500 और फिर अगस्त के स्विंग हाई तक ऊपर जाने के लिए 24,300-24,400 के रेजिस्टेंस जोन के ऊपर जाना होगा और वहां टिके रहना होगा। ऐसा होने तक कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके लिए 24,150 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। इसके बाद 24000 पर दूसरा बड़ा सपोर्ट होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24,232) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,196, 24,177 और 24,147

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,258, 24,277 और 24,308

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग और अच्छी बढ़त के बावजूद निफ्टी ने डेली चार्ट पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स ने 50 डे और 100 डे EMA के साथ-साथ 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को तो वापस हासिल कर लिया, लेकिन अभी भी यह 20 डे और 200 डे के EMA से नीचे ही बना हुआ है। RSI बढ़कर 48.33 हो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार रेड MACD हिस्टोग्राम बार हल्का पड़ गया,जिससे मंदी के मोमेंटम में कमी का संकेत मिलता है। हालांकि आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

बैंक निफ्टी (57,496) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,647, 57,711 और 57,815

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,440, 57,376 और 57,272

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,685, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,400, 57,135

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,बैंक निफ्टी ने कल एक और सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इसमें 0.45 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह हाल की तेजी के बाद 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर तो आ गया,लेकिन 20-डे EMA (57,505) के ऊपर मजबूती से बंद नहीं हो पाया,जो आगे की तेजी के लिए जरूरी है। RSI बढ़कर 50.45 पर पहुंच गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। हालांकि, पिछले लगातार छह सेशन में पहली बार लाल हिस्टोग्राम बार छोटा और हल्का हुआ है,जो मंदी के रुझान में संभावित कमी का संकेत है,लेकिन आने वाले सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने ₹583 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी करके बाजार को सहारा देना जारी रखा।

Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 11 के स्तर से नीचे गिरकर 10.76 पर आ गया। इसमें 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8 जनवरी,2026 के बाद अपने सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया। इस महीने VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे भी बना रहा,जो बाजार में कम उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कम अनिश्चितता का संकेत देता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 20 अगस्त को बढ़कर 1.12 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक,मणप्पुरम फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: आज 21 अगस्त को Amagi Media Labs, RailTel, HAL, LIC Housing Finance समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 21 अगस्त को कई शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इनमें अमागी मीडिया लैब्स, मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज, रेलटेल, LIC हाउसिंग फाइनेंस जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में 3 कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 30 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इनोवा कैप्टैब, फ्लेक्सिटफ वेंचर्स इंटरनेशनल और ऑक्टेवियस प्लांटेशंस

22 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी रिजल्ट

हेरंबा इंडस्ट्रीज और लीडिंग लीजिंग फाइनेंस एंड इनवेस्टमेंट कंपनी

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Manipal Health Enterprises: अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 7.5% घटकर 231.65 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 38.1% बढ़कर 3,090.6 करोड़ रुपये हो गया।

Saatvik Green Energy: कंपनी की सब्सिडियरी, सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज को सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल की सप्लाई के लिए एक जाने-माने इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर/EPC प्लेयर से 190 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है।

Amagi Media Labs: CNBC-TV18 को सूत्रों से पता चला है कि ट्रुडी होल्डिंग्स, AVP I फंड और एक्सेल मिलकर अमागी मीडिया लैब्स में 5% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। यह बिक्री लगभग 600 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के जरिए होगी। फ्लोर प्राइस 550 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

RailTel Corporation of India: कंपनी को वेस्टर्न कोलफील्ड्स से 60 महीनों के लिए रेंटल बेसिस पर MPLS VPN नेटवर्क बनाने का 164.78 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है।

Krishna Institute of Medical Sciences: कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने एरेट हॉस्पिटल्स को चलाने, मैनेज करने, ऑपरेट करने, निर्देशित करने और कंट्रोल करने के लिए ऑरेविया हॉस्पिटल्स (AHPL) के साथ एक ऑपरेशंस एंड मैनेजमेंट एग्रीमेंट किया है। यह एग्रीमेंट अभी 5 साल के लिए है, जिसे विशेष आधार पर आगे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

InterGlobe Aviation: जुलाई में इंडिगो ने 67.4% मार्केट शेयर के साथ घरेलू एविएशन मार्केट में दबदबा बनाए रखा और महीने के दौरान 80.82 लाख यात्रियों को यात्रा कराई।

Torrent Power: सौरभ मशरूवाला ने कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा उनके पहले से तय रिटायरमेंट के कारण 20 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के बोर्ड ने विकास पोद्दार को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जो 21 अगस्त से प्रभावी होगी।

Lemon Tree Hotels: लेमन ट्री होटल्स ने भरूच में 85 कमरों वाले नए होटल को खोलने की घोषणा की है। यह गुजरात में ग्रुप का 12वां चालू होटल है।

Hindustan Aeronautics: कंपनी और उसके पार्टनर के बीच बने जॉइंट वेंचर, ‘इन्फोटेक HAL’ को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT), बेंगलुरु ने बंद कर दिया है। इन्फोटेक HAL में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की 50% हिस्सेदारी थी।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में दबाव, वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दिखा असर, निक्केई और कोस्पी में गिरावट

बल्क और ब्लॉक डील्स

Welspun Investments and Commercials: लॉयड्स एंटरप्राइजेज ने और 22,238 शेयर खरीदे हैं। ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू ₹4.11 करोड़ है।

Pfizer: क्वांट म्यूचुअल फंड ने फार्मा कंपनी फाइजर में 131.25 करोड़ रुपये के 2.67 लाख और शेयर खरीदे हैं।

Apollo Pipes: HR ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग ने 3.98 लाख शेयर बेचे हैं। डील 23.5 करोड़ रुपये की रही।

Amrutanjan Health Care: पारी वाशिंगटन इंडिया मास्टर फंड ने 5.83 लाख शेयर खरीदे हैं। इसके लिए 29.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एनविजन इंडिया फंड ने 2.13 लाख शेयर 11.15 करोड़ रुपये में बेचे हैं। DSP म्यूचुअल फंड ने 5 लाख शेयर 25 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Credent Connect N Care: मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने 2.98 लाख शेयर ₹11.15 करोड़ में खरीदे हैं। OM ट्रेडिंग ने भी 1 लाख शेयर खरीदे हैं, जिनकी कुल कीमत ₹3.59 करोड़ है।

SME लिस्टिंग

टेक्नोक्रेट्स प्लाज्मा सिस्टम्स

ENS एंटरप्राइजेज

स्काईटेक इनफिनिट प्लेटफॉर्म

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

LIC हाउसिंग फाइनेंस

अल्फ्रेड हर्बर्ट इंडिया

अमरज्योति स्पिनिंग मिल्स

भाटिया कम्युनिकेशंस एंड रिटेल (इंडिया)

दीप इंडस्ट्रीज

जिंदल स्टेनलेस

कल्याणी फोर्ज

AK कैपिटल सर्विसेज

eClerx सर्विसेज

GE वर्नोवा T&D इंडिया

जिंदल स्टील

ओमैक्स ऑटोस

पंचशील ऑर्गेनिक्स

DMCC स्पेशिएलिटी केमिकल्स

KSE

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल

निक्को पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

मयूर यूनिकोटर्स

पतंजलि फूड्स

पटेल एयरटेम्प इंडिया

हिताची एनर्जी इंडिया

QGO फाइनेंस

सूर्या रोशनी

ZEN टेक्नोलॉजीज

अपसर्ज इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस

वाडीलाल इंडस्ट्रीज

यूनाइटेड ड्रिलिंग टूल्स

वेलजन डेनिसन

विष्णु केमिकल्स

सह्याद्रि इंडस्ट्रीज

राजापालयम मिल्स

श्रद्धा AI टेक्नोलॉजीज

सविता ऑयल टेक्नोलॉजीज

सीमेक

बाय-बैक के लिए ये शेयर करेगा एक्स-ट्रेड

गांधी स्पेशल ट्यूब्स

बोनस के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-ट्रेड

गुडलक इंडिया

F&O बैन वाले स्टॉक्स

मणप्पुरम फाइनेंस

बंधन बैंक

SAIL

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बाजार के लिए क्या होगा आज गुड फ्राइडे या लगेगी निराशा हाथ, ग्लोबल बाजार से लेकर गिफ्ट निफ्टी तक जानें कैसे मिल रहे है संकेत

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के सपाट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty मामूली बढ़त का संकेत दे रहा है, जबकि पिछले सेशन में Nifty ने लगातार सात दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में फिर से दबाव और कच्चे तेल की कीमतों के एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है, भले ही एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ और US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त दिखी।

सुबह 8:05 बजे GIFT Nifty 25 अंक या 30. प्रतिशत बढ़कर 24,333.5 पर कारोबार कर रहा था। कल भारतीय इक्विटी में जोरदार वापसी हुई थी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड में कमी से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में कुछ सुधार हुआ था। Sensex 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

हालांकि, रात भर में ग्लोबल माहौल कम सपोर्टिव हो गया क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड फिर से बढ़ने लगीं और US-ईरान तनाव के समाधान की उम्मीदें कम होने के बीच कच्चा तेल एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

US बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी, वॉल स्ट्रीट पर दबाव

इस हफ्ते की शुरुआत में US ट्रेजरी के दखल से मिली राहत कम समय के लिए ही रही, इसलिए शुक्रवार को भी ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तनाव इक्विटी के लिए एक मुख्य जोखिम बना रहा। US 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड वापस लगभग 5.25 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 10-वर्षीय यील्ड 4.71 प्रतिशत को छू गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव पड़ता है और इससे विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की संपत्ति कम आकर्षक हो सकती है।

यील्ड में फिर से बढ़ोतरी का असर रात भर वॉल स्ट्रीट पर दिखा। Dow Jones Industrial Average 703.84 अंक या 1.32 प्रतिशत गिरकर 52,759.21 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,641.16 और Nasdaq Composite में 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,067.17 पर कारोबार हुआ। रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी वॉलमार्ट के निराशाजनक नतीजों ने भी सेंटीमेंट को खराब किया, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

शुक्रवार सुबह US इक्विटी फ्यूचर्स से थोड़े सकारात्मक संकेत मिले; S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत ऊपर रहे।

बॉन्ड मार्केट की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। कई प्रमुख इंडेक्स साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे क्योंकि निवेशक ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी से जूझ रहे थे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरियाई और ताइवानी शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई। हालांकि, जापान का निक्केई 0.8 प्रतिशत गिर गया और इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट की संभावना थी।

US-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट $93 के करीब

घरेलू निवेशकों के लिए कच्चा तेल एक और बड़ी चिंता का विषय बना रहा, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक गतिरोध के कारण कीमतें लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड पहले $94.71 प्रति बैरल तक पहुंचा, लेकिन बाद में प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसमें थोड़ी नरमी आई। फ्यूचर्स अंत में 0.7 प्रतिशत गिरकर $93.12 प्रति बैरल पर रहे, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक ऊपर बने रहे। US क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $86.18 प्रति बैरल पर आ गया।

तेल की कीमतों को उस समझौते की कम होती उम्मीदों से सहारा मिला है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल सकता था; यह उम्मीद तब कम हुई जब US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” लगाएगा।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: आगे की रिकवरी के लिए 24,265 का स्तर अहम

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,265 के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसकी रिकवरी 24,400 तक बढ़ सकती है; वहीं, अगर यह इस स्तर को पार नहीं कर पाता है, तो यह 24,000-24,250 के दायरे में ही बना रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म को 24,000-23,800 पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है और उम्मीद है कि इंडेक्स 24,000-24,600 की व्यापक रेंज में रहेगा। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयरों को सहारा देना जारी रखा और 3,537 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक नेट सेलर बन गए और उन्होंने 583 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेश के प्रवाह पर नज़र बनी रहेगी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स का आकर्षण बढ़ सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 70 अंक चढ़ा, सेंसेक्स-निफ्टी की हो सकती है मजबूत शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सोमालिया तट पर हथियारों से लदा जहाज हाईजैक, क्रू में भारतीय नागरिक शामिल, अबतक क्या-क्या पता चला?

सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री डाकुओं ने तुर्की के हथियारों से लदे एक कार्गो शिप का अपहरण कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हाईजैक हुए जहाज पर 10 क्रू मेंबर्स मौजूद हैं। इनमें 6 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। एक सोमाली अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री डाकुओं ने जहाज को अपने कब्जे में लेकर तटीय इलाके की ओर मोड़ दिया है।

किस जहाज का हुआ अपहरण और क्या था उस पर लदा?

हाईजैक हुए जहाज का नाम एम/वी लुटुफ है। इस पर कैमरून का झंडा लगा हुआ है। इस जहाज का स्वामित्व पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास है। सोमाली अधिकारी के मुताबिक जहाज को पुंटलैंड के ईल जिले में मरराया से करीब 3.5 समुद्री मील दूर से अगवा किया गया। यह जहाज मोगादिशु में स्थित एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए तुर्की के हथियार, संचार उपकरण और सैटेलाइट उपकरण ले जा रहा था।

क्रू में 6 भारतीय शामिल

रिपोर्ट के मुताबिक हाइजैक जहाज पर कुल 10 लोग सवार हैं। 6 भारतीय नागरिक, 1 तुर्की का नागरिक, 1 जॉर्जिया का नागरिक, 2 सर्बियाई सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। इस घटना के बाद तुर्की के अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई बयान नहीं आया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से भी फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

8 समुद्री डाकू शामिल, हमले के बाद एयरस्ट्राइक में 4 की मौत

सोमाली अधिकारी के अनुसार जहाज पर कब्जा करने में 8 समुद्री डाकू शामिल थे। ऐसा माना जा रहा है कि यह समूह 26 अप्रैल को एम/वी स्वॉर्ड के अपहरण में शामिल गुट से जुड़ा हुआ है। डाकू इस जहाज को पुंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गरमाल के पास तट की ओर ले गए। अपहरण के बाद तुर्की के स्वामित्व वाले दो जहाज हाईजैक किए गए पोत के करीब पहुंचे जबकि तुर्की के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन ने क्षेत्र की निगरानी की।

मंगलवार को एक छोटी नाव में सवार दो लोग जहाज के पास पहुंचे और उन्होंने जहाज पर खाट (सोमालिया में चबाया जाने वाला एक प्रकार का नशीला पदार्थ) पहुंचाया। नाव के वापस किनारे लौटने के बाद एक एयरस्ट्राइक हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 2 अन्य घायल हो गए।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हवाई हमला किसने किया था और मारे गए लोग सीधे तौर पर अपहरण की साजिश में शामिल थे या नहीं। जहाज ‘एम/वी लुटुफ’, उसके क्रू मेंबर्स और उस पर लदे हथियारों की मौजूदा स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है।

अदन की खाड़ी में एक और टैंकर पर हमला, समुद्री डकैती की बढ़ी चिंताएं

सोमालिया तट पर समुद्री डकैती के दोबारा उभरने से अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में चिंताएं बढ़ गई हैं। इस घटना के तुरंत बाद गुरुवार को अदन की खाड़ी में एक और घटना सामने आई, जहां अमेरिकी प्रतिबंधों वाले एक टैंकर ‘सीमुल’ पर 6 हथियारबंद लोग सवार हो गए और उसे जबरन सोमालिया की ओर मोड़ने पर मजबूर कर दिया। ईयू के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर इंडियन ओशन ने पुष्टि की है कि 6 सशस्त्र लोगों ने टैंकर पर कब्जा कर लिया है। सीमुल को पिछले साल अमेरिका ने ईरान के ‘शैडो Fleet’ का हिस्सा बताते हुए प्रतिबंधित किया था।

सोमालिया तट पर 2011 में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त के बाद समुद्री डकैती में भारी कमी आई थी। लेकिन इस साल अप्रैल के बाद से एक बार फिर हमलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है और कई जहाजों को बंधक बनाए जाने की खबरें आ रही हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में दबाव, वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दिखा असर, निक्केई और कोस्पी में गिरावट

Asian Market Today: शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयरों में गिरावट आई। वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स गुरुवार को बॉन्ड यील्ड के निचले स्तर से वापस ऊपर आने के कारण काफी नीचे बंद हुए थे। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.2% गिर गया। कोस्पी (Kospi) ने इस ट्रेंड के उलट 0.87% की बढ़त दर्ज की, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.90% और टोपिक्स (Topix) 0.31% नीचे आ गया। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

S&P 500 इंडेक्स में रात भर में 0.9% की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण वॉलमार्ट (Walmart) था। कमजोर बिक्री के आंकड़ों के बाद इसमें 2022 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) में 0.7% की गिरावट आई, जो लगातार पांचवें दिन की गिरावट थी।

US ट्रेजरी में शुरुआती तेजी के बाद एशियाई बॉन्ड गिरे और अमेरिकी डॉलर कमजोर बना रहा। निवेशकों के मन में यह सवाल था कि क्या लंबे समय के कर्ज की अमेरिकी बायबैक (buyback) प्रक्रिया से उधार लेने की लागत में केवल कुछ समय के लिए ही राहत मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बॉन्ड की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, क्योंकि गुरुवार को US 30-वर्षीय यील्ड में बढ़ोतरी हुई थी, भले ही US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भविष्य में बड़े बायबैक और एक नए फिस्कल प्लान का संकेत दिया था।

30-वर्षीय यील्ड छह बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.25% हो गई, जिससे ट्रेजरी के बायबैक बढ़ाने के अचानक फैसले से आई गिरावट का असर काफी हद तक खत्म हो गया।

जापानी येन स्थिर रहा क्योंकि देश का मुख्य महंगाई सूचकांक लगातार दूसरे महीने बढ़ा, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बनी रही। बाजार अब सितंबर में संभावित कदम पर नजर रखे हुए हैं। येन 158.96 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 159 के स्तर को पार कर गया था।

ऑफशोर युआन 6.7238 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।

टेक्नोलॉजी शेयरों में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) पर ध्यान केंद्रित रहा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी शुक्रवार को 110 ट्रिलियन वॉन ($79 बिलियन) तक का शेयरधारक रिटर्न पैकेज पेश करने वाली थी। इस बीच, ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “आर्थिक युद्ध” की धमकी के कारण पांच दिनों तक कीमतों में आई तेज़ी के बाद तेल की कीमतें कुछ कम हुईं। ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने एक डील को ठुकरा दिया है।

ब्रेंट क्रूड 0.7% गिरकर $93.10 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि गुरुवार को कारोबार के दौरान यह $94 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% गिरकर $86.19 प्रति बैरल पर आ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: अमेरिका के एक ऐलान से रॉकेट बना सोना! $4500 के पार पहुंची कीमतें, जानिए क्या अब और बढ़ेगा भाव

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों (Gold Prices) में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। जून की शुरुआत के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के पार बना हुआ है। COMEX गोल्ड 19 अगस्त को $4,571.80 प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को इसमें मामूली 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह $4,542.90 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

घरेलू बाजार की बात करें तो शुक्रवार (14:58 IST) को घरेलू MCX पर सोने की हाजिर कीमत करीब 156571 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। वहीं 5 अक्टूबर के कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 158729 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार (19 अगस्त) को पीएम फिक्सिंग (PM Fixing) में LBMA स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,460.70 प्रति औंस दर्ज की गई थी।

अमेरिकी खजाने के एक फैसले से क्यों आई तेजी?

सोने की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे यूएस ट्रेजरी का एक बड़ा फैसला है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिल गया।

अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम से 10-वर्षीय और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड गिरकर क्रमशः 4.64 प्रतिशत और 5.18 प्रतिशत पर आ गई। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में डॉलर में 0.76 फीसदी की गिरावट आई, जिससे सोने जैसे डॉलर डॉमिनेटेड असेट्स की डिमांड को मजबूत समर्थन मिला। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक जैसे ही यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ बिना ब्याज वाले एसेट यानी सोने के लिए माहौल अच्छा हो गया। बाजार ने इसे दीर्घकालिक ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी को रोकने और बॉन्ड मार्केट के लंबे सिरे पर लिक्विडिटी में सुधार के प्रयास के रूप में देखा। इसके बाद यील्ड गिरी और डॉलर कमजोर हुआ, जिसने सोने के लिए एक बहुत ही अनुकूल स्थिति बनाई।

सिर्फ ट्रेजरी का फैसला नहीं, ये फैक्टर भी दे रहे सहारा

हालांकि, सोने में आई इस तेजी के पीछे सिर्फ अमेरिकी ट्रेजरी का ऐलान ही एकमात्र कारण नहीं है। वीटी मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचित ठाकुर के मुताबिक, ट्रेजरी का ऐलान एक दिन की तेजी को एक्सप्लेन तो करता है, लेकिन सिर्फ यही एक फैक्टर नहीं है। रुचित ठाकुर के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी रुख और मौद्रिक नीति को लेकर जताई जा रही उम्मीदें, लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिरल अनिश्चितताएं और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही मांग जैसे फैक्टर भी इसे सपोर्ट कर रहे हैं।

क्या निवेशकों को इस भाव पर खरीदना चाहिए सोना?

सोने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद नए और पुराने निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने अहम सलाह दी है। वीटी मार्केट्स के रुचित ठाकुर का सुझाव है कि ऊंचे स्तरों पर तेजी का पीछा करना निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जो लोग पहले से सोने में निवेश कर चुके हैं, वो अपनी होल्डिंग को बनाए रखने पर विचार कर सकते हैं।

नए निवेशकों को एक बार में बड़ा दांव लगाने या तेज उछाल के तुरंत बाद अग्रेसिव इन्वेस्टमेंट करने की बजाय कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

आगे क्या ट्रैक करें?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की आगे की चाल तय करने के लिए निवेशकों को आने वाले दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व के संकेतों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीक नजर रखनी होगी।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Outlook: सोने से भी ज्यादा रिटर्न देने वाली है चांदी? जानिए एक्सपर्ट जोनाथन बैरट की क्या है राय

Gold Silver Price Outlook : कीमती धातुओं के बाजार में इंवेस्टमेंट को लेकर प्लान कर रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी आउटलुक सामने आया है। कमोडिटी बाजार के एक्सपर्ट और ईटीओ मार्केट्स के CIO जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले समय में चांदी का प्रदर्शन सोने से भी बेहतर रह सकता है। बैरट का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छू सकती है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक जोनाथन बैरट ने सोने और तांबे को लेकर भी एक बेहद मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन टेक्नोलॉजी के तेजी से होते विस्तार के दम पर कमोडिटी बाजार में तेजी का नया दौर देखने को मिल सकता है।

100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है चांदी: एक्सपर्ट

जोनाथन बैरट का साफ कहना है कि चांदी कीमती धातुओं में सबसे बेहतर रिटर्न देने वाला मेटल साबित हो सकती है। उन्होंने सीएनबीसी टीवी 18 से बात करते हुए कहा कि,’मुझे लगता है कि चांदी ही निवेश के लिए सही जगह है।’उनके मुताबिक चांदी सबसे पहले 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को टारगेट करेगी। अगर अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी से जुड़ी पॉलिसी का सपोर्ट मिला तो चांदी की कीमतें 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।

बैरट ने बताया कि चीन द्वारा सिल्वर ओर के आयात में साल-दर-साल आधार पर 62% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सौर पैनल जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ रहा है और इस विस्तार के चलते चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बनी रहेगी।

सोना भी छू सकता है 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर

सोने पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बैरट ने कहा कि वे गोल्ड को लेकर भी काफी बुलिश हैं। उनका अनुमान है कि अगर मौजूदा नीतियां जारी रहती हैं तो सोना प्रति औंस 5000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर सकता है। सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे उन्होंने कई मैक्रो-इकोनॉमिक वजहें गिनाई हैं। उनके मुताबिक डॉलर इंडेक्स अभी 101 के आसपास है जिसके गिरकर 90 से 95 के स्तर तक आने की संभावना है। डॉलर में इस गिरावट से कीमती धातुओं को सीधा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व से अलग अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और लिक्विडिटी बनाए रखने के उपायों का इस्तेमाल कर रही है। सीधे ब्याज दरों में बदलाव किए बिना लिक्विडिटी बढ़ाने की यह नीति डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद है।

उनके मुताबिक अमेरिका पर लगातार बढ़ रहा कर्ज निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने की ओर रुख करने पर मजबूर कर रहा है। निवेशक सोने और चांदी को वैल्यू के बेहतर एसेट के रूप में देखना जारी रखेंगे।

ETF की वापसी और शेयर बाजार से बुलियन में लौटेगा पैसा

जोनाथन बैरट का मानना है कि आने वाले दिनों में एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की ओर से कीमती धातुओं में फिर से खरीदारी देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी नीतियों के जारी रहने का एहसास होगा इक्विटी बाजार से कुछ पूंजी वापस सोने और चांदी में शिफ्ट हो सकती है। इसके साथ ही अलग अलग देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा देगी।

शेयर बाजार धड़ाम, सोने ने किया मालामाल! एक साल में निफ्टी 5% टूटा, गोल्ड 35% उछला, जानिए अब कहां लगाना चाहिए पैसा

तांबे पर भी बुलिश: स्ट्रक्चरल बुल मार्केट में बेस मेटल

सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं बल्कि बेस मेटल्स में जोनाथन बैरट तांबे पर भी पूरी तरह सकारात्मक हैं। वे कॉपर को एक स्ट्रक्चरल बुल मार्केट के रूप में देखते हैं। इसे चीन से बढ़ती मांग और ग्रीन इकोनॉमी की ओर दुनिया के बदलाव से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। हाल के दिनों में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कॉपर की कीमतों में आई कुछ रुकावट या कंसोलिडेशन पर उन्होंने कहा कि यह हेल्दी पॉज है। माइंस से जुड़ी आपूर्ति की समस्याओं और स्ट्रक्चरल डेफिसिट यानी सप्लाई की कमी की वजह से कॉपर का लॉन्ग-टर्म तेजी का रुझान पूरी तरह से बरकरार है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।