कल का मौसम 1 नवंबर: बंगाल की खाड़ी में 85 kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं! इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शांत होने के तुरंत बाद अब समुद्री और तटीय इलाकों में एक नया तूफानी तंत्र आकार लेता दिख रहा है। IMD ने अपने जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी तेज हवाएं चलेंगी। आईएमडी के मुताबिक ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने दिया इन राज्यों में अलर्ट

1-अरुणाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

2-ओडिशा के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की प्रबल संभावना है।

3- आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की प्रबल संभावना है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

4- छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल और विदर्भ के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।

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बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं

दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी हिस्सों में तूफानी मौसम है, जहां हवा की गति 65-75 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में भी तूफानी हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति 65-75 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 85 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास और तटीय इलाकों में भी तूफानी मौसम है, जहां हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहच सकती है।

मध्य प्रदेश

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा- भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और कच्चे मकानों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगहों पर जलभराव होने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह रहें। साथ ही बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों से दूर रहने को कहा है।

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का उप्र में असर, तीसरे दिन भी बारिश से ठिठुरे लोग

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार तीसरे दिन भी बदला हुआ है। शनिवार सुबह से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 10 शहरों में बारिश हो रही है, हालांकि पश्चिमी जिलाें में चटक धूप निकलने से राहत मिली है।

लगातार बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी है। कई जिलों में तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। लखनऊ में पिछले करीब 40 घंटे से रुक-रुककर रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। इसके अलावा उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई और सीतापुर समेत कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को समय से पहले सर्दी का एहसास होने लगा है।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे से दृश्यता प्रभावित हुई है मगर धूप निकलने से मौसम सुहावना हो गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मौसम वैज्ञानिक प्रो. रवि शंकर सिंह के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम की मौजूदा परिस्थितियों के चलते इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि रविवार से मौसम में सुधार के संकेत हैं। बारिश का दौर थमने के साथ आसमान साफ होने लगेगा और तेज धूप निकलने की संभावना है। इसके साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

Pic Credit : UNI

IND vs NZ Pitch Report: आखिरी मैच में होगी वैभव-भुवी की वापसी? जानें कैसी होगी पिच और प्लेइंग 11

IND vs NZ Pitch Report: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार, 1 नवंबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम शुरुआती तीन मैच जीतकर सीरीज में 3-0 से आगे थी। वहीं चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए चौथा मैच अपने नाम किया। अब भारतीय टीम आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज 4-1 से अपने नाम करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की कोशिश जीत के साथ सीरीज का अंत करने की होगी। सीरीज के आखिरी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो सकती है। आइए जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

क्या वरुण-कुलदीप को मिलेगा मौका

भारतीय टीम पहले ही सीरीज पर कब्जा कर चुकी है, ऐसे में आखिरी मुकाबले में इन दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव टी20 के बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती चार मैचों में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं शिवन दुबे को भी इस सीरीज में अब तक मौका नहीं मिला है। आखिरी मुकाबले में उन्हें नीतीश कुमार रेड्डी की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है। चौथे टी20 मैच में रेड्डी ने गेंदबाजी करते हुए एक ओवर में 32 रन दिए और बैटिंग में 10 गेंदों पर सिर्फ 21 रन बना पाए थे।

वैभव-भुवी की होगा वापसी

इसके अलावा भुवनेश्वर कुमार और वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। भुवनेश्वर कुमार ने सीरीज के शुरुआती तीन मैच खेले थे, लेकिन वह सिर्फ एक विकेट ले सके। इसके बाद उन्हें चौथे मैच से बाहर कर दिया गया। अब आखिरी मुकाबले में उन्हें एक और मौका मिल सकता है। वहीं, तीसरे टी20 मैच में शानदार पारी खेलने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को चौथे मैच में मौका नहीं मिला था। ऐसे में पांचवें मैच में उनकी वापसी हो सकती है। उन्हें अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन या ईशान किशन की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है।

कैसी होगी पिच

हैमिल्टन के सेडन पार्क की पिच बल्लेबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। यहां गेंद में अच्छा उछाल मिलता है, जिससे बल्लेबाज आसानी से शॉट खेल सकते हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर करीब 184 से 186 रन रहता है। हालांकि, शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ मदद मिल सकती है, जबकि स्पिनरों को अपनी गति और गेंदबाजी में बदलाव से विकेट लेने की कोशिश करनी होगी। शाम के समय ओस गिरने से गेंदबाजों को परेशानी हो सकती है और बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा मिल सकता है।

क्या बारिश डालेगा मुकाबले में खलल?

रविवार, 1 नवंबर को हैमिल्टन में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले पांचवें टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। आसमान में हल्के बादल रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है। दिन में तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है। हल्की हवाओं से तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। वहीं, शाम को ओस गिरने से दूसरी पारी में गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कुल मिलाकर मैच में बारिश के कारण रुकावट आने की आशंका कम है।

कब शुरू होगा मैच

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवां और आखिरी टी20 मुकाबला रविवार, 1 नवंबर को हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होगा। टॉस मुकाबला शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे होगा।

कहां पर देखें भारत-न्यूजीलैंड का लाइव मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांचवें टी20 मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, दर्शक इस मुकाबले का ऑनलाइन आनंद Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर ले सकते हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ 5वें T20I के लिए भारत की संभावित प्लेइंग XI: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), वैभव सूर्यवंशी, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, मयंक यादव, वरुण चक्रवर्ती।

IMD Weather Alert: देश पर फिर मंडराया नए चक्रवाती तूफान का खतरा! 7 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, 4 नवंबर तक मचेगी तबाही?

IMD Weather Update: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शांत होने के तुरंत बाद अब देश के समुद्री और तटीय इलाकों में एक नया तूफानी तंत्र आकार ले रहा है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में डिप्रेशन और इसके बाद चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।

इसके तूफान में बदलने से आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा है। पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। आइए जानते हैं कैसा होगा मौसम

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2-3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी इन दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग दिनों में बारिश हो सकती है। ओडिशा में 3-4 नवंबर तक और कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में मौसम शुष्क रह सकता है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक बारिश हो सकती है।

राज्यवार मौसम का हाल

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को बेहद भारी बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को भी कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। रायलसीमा में भी 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, 3 नवंबर को तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक समुद्र में भी तेज लहरें उठने और हालात खराब रहने की आशंका है।

तेलंगाना: तेलंगाना में 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर से 1 नवंबर और फिर 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। 2 और 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में भी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। मुलुगु जिले के ताडवाई में 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

ओडिशा: ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 2 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है। राज्य में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 2 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पानागढ़ में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई है।

बिहार और झारखंड: बिहार में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। बक्सर में 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं झारखंड में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए राज्य में बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है।

सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश: सिक्किम में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में युकसोम में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 और 2 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

असम और मेघालय: असम और मेघालय में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन राज्यों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा 2 और 3 नवंबर को भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। 2 नवंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में जशपुर में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: इन इलाकों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में 1 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

केरल और माहे: केरल और माहे में 1 और 2 नवंबर के साथ 5 और 6 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर और 3 से 4 नवंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 1 से 4 नवंबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 2 और 3 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 4 नवंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में 1 से 4 नवंबर के बीच तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहां 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 6 नवंबर तक भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में 1 नवंबर की सुबह तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। इसके बाद ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने का अनुमान है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। दिल्ली में 31 अक्टूबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 1 से 3 नवंबर तक अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी।

राजस्थान और गुजरात: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अगले सात दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन इलाकों के लिए किसी बड़े बारिश अलर्ट का उल्लेख नहीं है। वहीं गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल यहां बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मछुआरों को किया गया सावधान

मौसम विभाग ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए मछुआरों को 1 से 4 नवंबर के बीच अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, किसानों को आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में खेतों से बारिश का पानी निकालने और तैयार फसलों को सुरक्षित रखने को कहा गया है। मौसम साफ होने के बाद ही फसल काटने और तेज हवाओं के दौरान केले, पपीते समेत कमजोर फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और कच्चे मकानों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगहों पर जलभराव होने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है। साथ ही, बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।

बांग्लादेश में भारत के ट्रांजिट कॉरिडोर का विरोध:विपक्षी नेता बोले- देश की जमीन भारत को नहीं देंगे; गंगा जल समझौते का भी विरोध

बांग्लादेश में भारत के ट्रांजिट कॉरिडोर का विरोध हो रहा है। विपक्षी नेता नाहिद इस्लाम ने शुक्रवार को ढाका में एक रैली के दौरान आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार बांग्लादेश में भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जमीन भारत को नहीं दी जाएगी। ट्रांजिट कॉरिडोर का मतलब एक देश की जमीन और सड़क का इस्तेमाल करके दूसरे देश के किसी हिस्से तक सामान पहुंचाना है। इससे दूरी और सामान पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकता है। नाहिद ने गंगा जल समझौते को लेकर भी सरकार से सख्त रुख अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर समझौते को नए सिरे से करते समय बांग्लादेश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया, तो लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे। जापान दौरे के बाद क्यों उठा कॉरिडोर का मुद्दा? दरअसल, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 26 से 29 अक्टूबर तक जापान के दौरे पर थे। इस दौरान जापान और बांग्लादेश के बीच बंगाल की खाड़ी के आसपास व्यापार और आवाजाही बढ़ाने पर सहमति बनी। जापान बांग्लादेश में मातरबाड़ी नाम का एक बड़ा बंदरगाह भी बना रहा है। इसके जरिए समुद्र के रास्ते सामान लाने-ले जाने की सुविधा बढ़ेगी। जापान की एक योजना के मुताबिक, इस बंदरगाह को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए बांग्लादेश के रास्ते सड़क और दूसरे संपर्क मार्गों का इस्तेमाल होगा। इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक सामान पहुंचाना आसान हो सकता है। साथ ही भारत का व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों तक बढ़ सकता है। इसी योजना को लेकर नाहिद इस्लाम ने विरोध जताया है।
जापान दौरे में भारत को लेकर कोई बात नहीं हुई बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के जापान दौरे में भारत या किसी दूसरे देश को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक कबीर ने पत्रकारों से कहा कि जापान के साथ बातचीत सिर्फ बांग्लादेश और जापान के आर्थिक रिश्तों को लेकर हुई थी। कबीर ने कहा कि अगर किसी दूसरे देश से जुड़े मुद्दे पर बात करनी होती, तो उस देश के प्रतिनिधियों को भी बातचीत में शामिल किया जाता। भारत बोला- जापान के साथ पूर्वोत्तर से जुड़े काम बढ़ाएंगे 28 अक्टूबर को भारत ने जापान के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने की बात कही थी। इसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ी योजनाएं भी शामिल हैं। यह बयान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मुलाकात के कुछ घंटे बाद आया था। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि, जापान के साथ हमारी बहुत मजबूत साझेदारी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और जापान से जुड़ी कई योजनाएं हैं। हम इन रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। 12 दिसंबर को खत्म हो रहा है गंगा जल समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को 30 साल के लिए यह समझौता हुआ था। इसके तहत जनवरी से मई के बीच गंगा के पानी का बंटवारा होता है। यह वह समय होता है, जब नदी में पानी कम रहता है। पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर पानी का बंटवारा किया जाता है। बांग्लादेश चाहता है कि नया समझौता ज्यादा सालों के लिए हो। साथ ही उसमें ऐसी शर्त हो, जिससे सूखे के मौसम में भी उसे पानी का तय हिस्सा मिलता रहे। भारत का कहना है कि पानी के बंटवारे और दोनों देशों के बीच बहने वाली 54 नदियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत संयुक्त नदी आयोग (JRC) के जरिए होती है। इस आयोग की शुरुआत 1972 में हुई थी। इसका काम दोनों देशों के बीच नदियों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सितंबर में बताया था कि गंगा जल समझौते को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी है। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी नाकेबंदी को चकमा देकर ईरान ने सैन्य सामान खरीदा: रिपोर्ट- 5000 फर्जी एजेंसियों का नेटवर्क बनाया, चीन-रूस से मंगवाए मिसाइलों के पुर्जे अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। समुद्र में अमेरिकी नाकेबंदी के चलते उसके लिए दूसरे देशों से सैन्य सामान मंगाना भी मुश्किल है। इसके बावजूद ईरान ने हथियारों की सप्लाई जारी रखी। पूरी खबर पढ़ें…

बांग्लादेश में भारत के ट्रांजिट कॉरिडोर का विरोध:विपक्षी नेता बोले- देश की जमीन भारत को नहीं देंगे; गंगा जल समझौते का भी विरोध

बांग्लादेश में भारत के ट्रांजिट कॉरिडोर का विरोध हो रहा है। विपक्षी नेता नाहिद इस्लाम ने शुक्रवार को ढाका में एक रैली के दौरान आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार बांग्लादेश में भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जमीन भारत को नहीं दी जाएगी। ट्रांजिट कॉरिडोर का मतलब एक देश की जमीन और सड़क का इस्तेमाल करके दूसरे देश के किसी हिस्से तक सामान पहुंचाना है। इससे दूरी और सामान पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकता है। नाहिद ने गंगा जल समझौते को लेकर भी सरकार से सख्त रुख अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर समझौते को नए सिरे से करते समय बांग्लादेश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया, तो लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे। नाहिद इस्लाम की रैली में भारत विरोधी नारे भी लगे नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता नाहिद इस्लाम की अगुआई में तारिक रहमान सरकार के खिलाफ ढाका में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भी हुआ प्रदर्शनकारी बढ़ती महंगाई, बिजली संकट और पेट्रोल-डीजल व गैस की कमी से नाराज थे। उन्होंने गृह मंत्री और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे भी लगाए। रैली में ‘दिल्ली नहीं, ढाका ढाका’ के नारे लगाए गए। जापान दौरे के बाद क्यों उठा कॉरिडोर का मुद्दा? दरअसल, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 26 से 29 अक्टूबर तक जापान के दौरे पर थे। इस दौरान जापान और बांग्लादेश के बीच बंगाल की खाड़ी के आसपास व्यापार और आवाजाही बढ़ाने पर सहमति बनी। जापान बांग्लादेश में मातरबाड़ी नाम का एक बड़ा बंदरगाह भी बना रहा है। इसके जरिए समुद्र के रास्ते सामान लाने-ले जाने की सुविधा बढ़ेगी। जापान की एक योजना के मुताबिक, इस बंदरगाह को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए बांग्लादेश के रास्ते सड़क और दूसरे संपर्क मार्गों का इस्तेमाल होगा। इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक सामान पहुंचाना आसान हो सकता है। साथ ही भारत का व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों तक बढ़ सकता है। इसी योजना को लेकर नाहिद इस्लाम ने विरोध जताया है। जापान दौरे में भारत को लेकर कोई बात नहीं हुई बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के जापान दौरे में भारत या किसी दूसरे देश को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक कबीर ने पत्रकारों से कहा कि जापान के साथ बातचीत सिर्फ बांग्लादेश और जापान के आर्थिक रिश्तों को लेकर हुई थी। कबीर ने कहा कि अगर किसी दूसरे देश से जुड़े मुद्दे पर बात करनी होती, तो उस देश के प्रतिनिधियों को भी बातचीत में शामिल किया जाता। भारत बोला- जापान के साथ पूर्वोत्तर से जुड़े काम बढ़ाएंगे 28 अक्टूबर को भारत ने जापान के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने की बात कही थी। इसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ी योजनाएं भी शामिल हैं। यह बयान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मुलाकात के कुछ घंटे बाद आया था। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि, जापान के साथ हमारी बहुत मजबूत साझेदारी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और जापान से जुड़ी कई योजनाएं हैं। हम इन रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। 12 दिसंबर को खत्म हो रहा है गंगा जल समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच 12 दिसंबर 1996 को 30 साल के लिए यह समझौता हुआ था। इसके तहत जनवरी से मई के बीच गंगा के पानी का बंटवारा होता है। यह वह समय होता है, जब नदी में पानी कम रहता है। पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर पानी का बंटवारा किया जाता है। बांग्लादेश चाहता है कि नया समझौता ज्यादा सालों के लिए हो। साथ ही उसमें ऐसी शर्त हो, जिससे सूखे के मौसम में भी उसे पानी का तय हिस्सा मिलता रहे। भारत का कहना है कि पानी के बंटवारे और दोनों देशों के बीच बहने वाली 54 नदियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत संयुक्त नदी आयोग (JRC) के जरिए होती है। इस आयोग की शुरुआत 1972 में हुई थी। इसका काम दोनों देशों के बीच नदियों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सितंबर में बताया था कि गंगा जल समझौते को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी है। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी नाकेबंदी को चकमा देकर ईरान ने सैन्य सामान खरीदा: रिपोर्ट- 5000 फर्जी एजेंसियों का नेटवर्क बनाया, चीन-रूस से मंगवाए मिसाइलों के पुर्जे अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। समुद्र में अमेरिकी नाकेबंदी के चलते उसके लिए दूसरे देशों से सैन्य सामान मंगाना भी मुश्किल है। इसके बावजूद ईरान ने हथियारों की सप्लाई जारी रखी। पूरी खबर पढ़ें…

बंगाल की खाड़ी में फिर बड़ा खतरा, 2 नवंबर को चक्रवाती तूफान के रूप में इस राज्य से टकराएगा!

बंगाल की खाड़ी में फिर बड़ा खतरा, 2 नवंबर को चक्रवाती तूफान के रूप में इस राज्य से टकराएगा!

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Weather Update 31 October : अर्णब तूफान के बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। इसके 2 नवंबर 2026 की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

नए साइक्लोन को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिण अंडमान सागर और उससे लगे उत्तर अंडमान सागर तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और आज भारतीय समयानुसार सुबह 08:30 बजे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व अंडमान सागर के संलग्न क्षेत्रों पर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र के रूप में केंद्रित हो गया।


इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 06 घंटों के दौरान उसी क्षेत्र में एक डिप्रेशन में परिवर्तित होने की बहुत संभावना है। इसके बाद, इसके अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक तीव्र होकर एक चक्रवाती तूफान में बदलने, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा 2 नवंबर 2026 की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंचने की बहुत संभावना है।

कई राज्यों में अर्णब का असर

अर्नब तूफान भले ही कमजोर हो गया हो लेकिन कई राज्यों में अभी भी उसका असर बना हुआ है। ओडिशा में चक्रवात से हुई भारी बारिश के बाद शुक्रवार को बाढ़ और भूस्खलन से तीन लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ में बर्फबारी हो रही है।

 

अगले 2 दिन कहां होगी बारिश?

उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आज तेज बारिश हो सकती है। 1 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरलम और आंध्र प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरलम और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है।

 

गुजरात में बदला मौसम

गुजरात में दिवाली के त्योहार से ठीक पहले मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। एक तरफ लोग त्योहार की तैयारियों में व्यस्त हैं, तो दूसरी तरफ आसमान में छाए काले बादलों, बिजली की कड़क और तेज हवाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण कहीं मकान के टिन-शेड उड़ गए, सड़कों पर पेड़ धराशायी हो गए तो कहीं आतिशबाजी के डोम गिर गए।

30 अक्टूबर को दोपहर के बाद अमरेली और गिर सोमनाथ जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। गिर सोमनाथ के कोडीनार तालुका के घांटवड गांव में तेज हवा के कारण एक किसान के मकान के टिन-शेड उड़ गए और पेट्रोल पंप के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। इस बेमौसम बारिश के बीच अमरेली जिले में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई है, जबकि खेतों में तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। 

 

मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के कारण गुजरात में यह बारिश का माहौल बना है। आगामी दो दिनों के दौरान दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है।

Top News 31 October: सरदार पटेल जयंती, होर्मुज में 2 जहाजों पर हमला और दिल्ली की रिकॉर्ड ठंड; पढ़ें आज की 5 बड़ी खबरें

Top News 31 October: सरदार पटेल जयंती, होर्मुज में 2 जहाजों पर हमला और दिल्ली की रिकॉर्ड ठंड; पढ़ें आज की 5 बड़ी खबरें

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Top News 31 October: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर दिल्ली में रन फॉर यूनिटी, होर्मुज स्ट्रेट में 2 तेल टैंकरों पर हमला, अंतरिक्ष में भारत की लंबी छलांग, दिल्ली में ठंड की दस्तक, ब्रिटेन और जापान की चेतावनी के बाद ‘विश्व युद्ध 3’ और साइबर अटैक की अटकलें! 31 अक्टूबर की बड़ी खबरें : 

 

दिल्ली में रन फॉर यूनिटी

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर दिल्ली में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने रियासत में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने 1218 दिनों में संभवन को संभव कर दिखाया। 

 

‘विश्व युद्ध 3’ और साइबर अटैक की अटकलें!

ब्रिटेन के रक्षा सचिव वेस्ट स्ट्रीटिंग ने नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की गंभीर चेतावनी दी। 3 दिन का स्टॉक रखने की सलाह। जापान में नई डिजास्टर प्रिवेंशन एजेंसी की घोषणा की। ब्रिटेन और जापान सरकार द्वारा जारी की गई इमरजेंसी चेतावनियों के बाद सोशल मीडिया पर विश्व युद्ध और साइबर अटैक की अफवाहें तेज। ALSO READ: राशन-पानी का रखें स्टॉक, यूके-जापान की चेतावनी के बाद बढ़ीं ‘विश्व युद्ध 3’ और साइबर अटैक की अटकलें!

 

होर्मुज में 2 तेल टैंकरों पर हमला

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है। इन दोनों जहाजों पर कुल 29 भारतीय नाविक सवार थे। राहत की बात यह है कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

 

अंतरिक्ष में भारत की लंबी छलांग

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने एक और लंबी छलांग लगाई है। इसरो ने अपने महत्वाकांक्षी नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 को सफलतापूर्वक भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा में पहुंचा दिया है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल (लॉन्च पैड) से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट ने शुक्रवार रात 11:51 बजे उड़ान भरी। यह अपने साथ 2,232 किलोग्राम वजनी एनवीएस-03 उपग्रह लेकर गया।

 

दिल्ली में ठंड की दस्तक

दिल्ली में लगातार दो दिनों की बारिश से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। अक्टूबर महीने में सबसे कम अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह तापमान 1951 के बाद से अक्टूबर का सबसे कम है।

राशन-पानी का रखें स्टॉक, यूके-जापान की चेतावनी के बाद बढ़ीं ‘विश्व युद्ध 3’ और साइबर अटैक की अटकलें!

राशन-पानी का रखें स्टॉक, यूके-जापान की चेतावनी के बाद बढ़ीं 'विश्व युद्ध 3' और साइबर अटैक की अटकलें!

UK Japan Emergency Guidelines

सोशल मीडिया के गलियारों में इन दिनों एक ही सवाल गूंज रहा है—“क्या दुनिया पर कोई बड़ा और भयानक संकट आने वाला है जिसके बारे में सरकारें आम जनता से कुछ छिपा रही हैं?”

अचानक से प्लेटफॉर्म्स पर कॉन्सपिरेसी थ्योरीज़ (Conspiracy Theories) की बाढ़ आ गई है। कोई दावा कर रहा है कि दुनिया की ताकतवर सरकारें गुप्त रूप से तीसरे विश्व युद्ध (Third World War) की तैयारी कर रही हैं, तो कोई अंदेशा जता रहा है कि एक बड़े ग्लोबल साइबर अटैक के ज़रिए पूरी दुनिया का इंटरनेट और बैंकिंग सिस्टम ठप होने वाला है।

अफवाहों का यह बाज़ार यूँ ही नहीं गर्म हुआ, बल्कि इसके पीछे दो प्रमुख देशों की सरकारों द्वारा जारी की गई आपातकालीन चेतावनियां (Emergency Warnings) हैं।

ब्रिटेन का ‘Be Ready’ कैंपेन और 1000 दिनों का अल्टीमेटम

विवाद और चर्चा की शुरुआत ब्रिटेन से हुई। ब्रिटेन के रक्षा सचिव (Defense Secretary) वेस्ट स्ट्रीटिंग ने हाल ही में नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की गंभीर चेतावनी दी।

  • 3 दिन का स्टॉक रखने की सलाह : यूके सरकार ने ‘बी रेडी’ (Be Ready) नामक एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में कम से कम 3 दिनों के लिए भोजन, पानी, टॉर्च, कैश और अन्य आवश्यक दवाओं का स्टॉक रखें।
  • पावर और इंटरनेट ब्लैकआउट का डर : नागरिकों को मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा गया है कि वे बिना बिजली, पानी, इंटरनेट या बैंकिंग सेवाओं के 3 दिन कैसे बिताएंगे।
  • 1000 दिनों की मोहलत : रक्षा सचिव ने चेतावनी दी कि दुश्मन देश 2030 तक ब्रिटेन पर हमला करने की योजना बना सकते हैं, इसलिए युद्ध की तैयारियों के लिए हमारे पास अब लगभग 1000 दिन ही बचे हैं।
  • साइबर अटैक और PHP लैंग्वेज की गड़बड़ी : सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं (खराब मौसम, वाइल्डफायर) के अलावा पावर ग्रिड पर साइबर हमलों और हाल ही में PHP प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में पाई गई तकनीकी गड़बड़ियों का हवाला दिया, जिससे डिजिटल सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

हालांकि, जनता में फैलते पैनिक को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने साफ किया कि पैनिक करने की जरूरत नहीं है, यह कदम सिर्फ एहतियातन और सुरक्षात्मक है।

जापान में नई डिजास्टर प्रिवेंशन एजेंसी की घोषणा

ब्रिटेन के बाद जापान की घोषणा ने इन कॉन्सपिरेसी थ्योरीज़ को और हवा दे दी। जापान के आपदा प्रबंधन मंत्री (Disaster Management Minister) गोशी होसोनो ने घोषणा की कि सरकार आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक नया अभियान चला रही है।

UK Japan Emergency Guidelines

सऊदी अरब की गुप्त डिप्लोमेसी : हूतियों को हमले रोकने के लिए अरबों डॉलर की पेशकश!

इसी बीच मध्य पूर्व (Middle East) से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इज़राइली समाचार पत्र ‘हायोम‘ (Hayom) ने खाड़ी देशों के राजनयिक सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा किया है।

  • तेहरान में हाई-प्रोफाइल बैठक : 26 अक्टूबर को मक्का रक्षा समझौते के तीन प्रमुख देशों—सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान—ने ईरान की राजधानी तेहरान में एक उच्च स्तरीय बैठक की।
  • मजबूत प्रतिनिधिमंडल : इस बैठक में सऊदी अरब की तरफ से रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, तुर्की के इब्राहिम कालिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियान शामिल हुए।
  • पैसों से भरा बैग और शांति प्रस्ताव : दावा किया जा रहा है कि 25 अक्टूबर को जब खालिद बिन सलमान ईरान पहुंचे, तो वे हूतियों (Houthis) के साथ जारी जंग को खत्म करने और सऊदी पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए एक बड़ा शांति प्रस्ताव लेकर गए थे।
  • हूतियों को वित्तीय पेशकश : रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों को हमले रोकने और लाल सागर (Red Sea) में शांति बनाए रखने के बदले अरबों डॉलर (Billions of Dollars) देने की पेशकश की है, जिसमें ईरान मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है।

हालांकि, न तो सऊदी अरब और न ही ईरान ने इस वित्तीय लेन-देन की आधिकारिक पुष्टि की है। लेकिन ईरान के दरवाजे पर जाकर बातचीत करना यह साबित करता है कि हूतियों के लगातार हमलों से सऊदी अरब किस कदर परेशान हो चुका है और वह मध्य पूर्व में जल्द से जल्द स्थिरता चाहता है।

बद्रीनाथ में हेलिकॉप्टर क्रैश, छह लोगों की मौत

देहरादून। शुक्रवार दोपहर को बद्रीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर उड़ा एक हेलिकॉप्टर जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पायलट सहित सभी छह लोगों की मृत्यु हो गई है। देर शाम तक राहत और बचाव के कार्य में लगे आपदा मोचन बल के जवान शवों को निकालने का काम कर रहे थे। हेलिकॉप्टर एक प्राइवेट कंपनी का था।

बताया गया है कि हेलिकॉप्टर ने दोपहर करीब सवा बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम पर भी उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। हादसे के थोड़ी देर के बाद सेना और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश होने की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि इस समय उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में मौसम खराब है। शुक्रवार को कई इलाकों में बारिश हो रही थी। उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो रही है। बहरहाल, बताया गया है कि यह हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसमें पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पांच  यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान हो गई है। इनके नाम प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के और एचएस नटराज हैं। सभी यात्री बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं।

हादसे के बाद एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी गई हैं। गौरतलब है कि पिछले छह साल में उत्तराखंड में करीब एक दर्जन हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं, जिनमें 21 लोगों की मौत हुई है। आमतौर पर हेलिकॉप्टर हादसे खराब मौसम की वजह से होते हैं। लेकिन यह भी वास्तविकता है कि तीर्थयात्रियों के लिए उड़ान भरने वाले हेलिकॉप्टरों की गुणवत्ता का भी समय समय पर निरीक्षण नहीं किया जाता है।