IMD Weather Alert: देश पर फिर मंडराया नए चक्रवाती तूफान का खतरा! 7 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, 4 नवंबर तक मचेगी तबाही?

IMD Weather Update: देश में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शांत होने के तुरंत बाद अब देश के समुद्री और तटीय इलाकों में एक नया तूफानी तंत्र आकार ले रहा है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में डिप्रेशन और इसके बाद चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।

इसके तूफान में बदलने से आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा है। पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। आइए जानते हैं कैसा होगा मौसम

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2-3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना में भी इन दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग दिनों में बारिश हो सकती है। ओडिशा में 3-4 नवंबर तक और कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में मौसम शुष्क रह सकता है। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक बारिश हो सकती है।

राज्यवार मौसम का हाल

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को बेहद भारी बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को भी कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। रायलसीमा में भी 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, 3 नवंबर को तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक समुद्र में भी तेज लहरें उठने और हालात खराब रहने की आशंका है।

तेलंगाना: तेलंगाना में 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। 31 अक्टूबर से 1 नवंबर और फिर 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। 2 और 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में भी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। मुलुगु जिले के ताडवाई में 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

ओडिशा: ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 2 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है। राज्य में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 2 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम बंगाल: गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पानागढ़ में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई है।

बिहार और झारखंड: बिहार में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। बक्सर में 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं झारखंड में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए राज्य में बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है।

सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश: सिक्किम में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में युकसोम में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 और 2 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।

असम और मेघालय: असम और मेघालय में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन राज्यों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा 2 और 3 नवंबर को भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। 2 नवंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में जशपुर में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 अक्टूबर और 4 नवंबर को तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: इन इलाकों में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 4 नवंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 2 और 3 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में 1 नवंबर की शाम से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

केरल और माहे: केरल और माहे में 1 और 2 नवंबर के साथ 5 और 6 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर और 3 से 4 नवंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 1 से 4 नवंबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 2 और 3 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 4 नवंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 5 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में 1 से 4 नवंबर के बीच तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहां 31 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 1 से 6 नवंबर तक भी कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में 1 नवंबर की सुबह तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी 31 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। इसके बाद ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: हिमाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार होने का अनुमान है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। दिल्ली में 31 अक्टूबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 1 से 3 नवंबर तक अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी।

राजस्थान और गुजरात: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अगले सात दिनों के दौरान मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन इलाकों के लिए किसी बड़े बारिश अलर्ट का उल्लेख नहीं है। वहीं गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल यहां बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मछुआरों को किया गया सावधान

मौसम विभाग ने तेज हवाओं और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए मछुआरों को 1 से 4 नवंबर के बीच अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, किसानों को आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में खेतों से बारिश का पानी निकालने और तैयार फसलों को सुरक्षित रखने को कहा गया है। मौसम साफ होने के बाद ही फसल काटने और तेज हवाओं के दौरान केले, पपीते समेत कमजोर फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और कच्चे मकानों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। कई जगहों पर जलभराव होने के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है। साथ ही, बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न रुकें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।