अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में चमका बाजार, सेंसेक्स में 1335 अंकों की बढ़त, जानें अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में चमका बाजार, सेंसेक्स में 1335 अंकों की बढ़त, जानें अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

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Share Market Review 2026 : भारतीय शेयर बाजार के लिए अक्टूबर का आखिरी हफ्ता जबरदस्त रहा। सेंसेक्स में 1335 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी 453 अंक बढ़ गया। 2026 के पहले 10 माह में सेंसेक्स 10728 अंक गिर गया तो निफ्टी भी 3093 अंक गिर गया। अक्टूबर में सेंसेक्स 1980 अंक बढ़ा तो निफ्टी में भी 430 अंकों से ज्यादा की बढ़त रही। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

सोमवार को सेंसेक्स 483 अंकों की बढ़त के साथ 73607 पर पहुंच गया, निफ्टी 153 अंक बढ़कर 22753 पर आ गया। मंगलवार को सेंसेक्स 8 अंक गिरकर 73599 पर था तो निफ्टी मात्र 3 अंक की गिरावट के साथ 22750 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 353 अंक गिरकर 73246 पर बंद हुआ। निफ्टी 51 अंकों की गिरावट के साथ 22699 पर जा पहुंचा।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 905 अंक उछलकर 74151 पर पहुंचा, निफ्टी 238 अंक चढ़कर 22937 पर आ गया। शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भी सेंसेक्स 308 अंकों की बढ़त के साथ 74460 पर पहुंच गया, निफ्टी 116 अंक बढ़कर 23053 पर आ गया।

 

अमेरिकी फेड ने ब्याज दर स्थिर रखी

अमेरिका में महंगाई का दबाव बने रहने के बावजूद फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर में बदलाव नहीं किया केंद्रीय बैंक ने दर को करीब 3.9 फीसदी पर बरकरार रखा। बैठक के बाद फेड ने बयान जारी कर कहा कि महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर है।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स ने दिया जबरदस्त रिटर्न

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बाजार में 1358 रुपए पर लिस्ट हुआ। शेयर बाजार में लिस्टिंग के पहले ही दिन जियो प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों को मालामाल कर दिया। बुधवार को जियो का शेयर 1,419 रुपए पर पहुंच गया, जो 1,119 रुपए के IPO इश्यू प्राइस से 300 रुपए यानी 26.81 फीसदी अधिक था। कारोबारी हफ्ते के अंत में यह 1421.60 पर था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तोड़ा कमाई का रिकॉर्ड

वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3,62,268 करोड़ रुपए हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार 50 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंचा है।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

इस हफ्ते शेयर बाजार के शुरुआती दिनों में दबाव के बाद हफ्ते के अंत में रिकवरी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों और बैंकों के जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे सामने आए। कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मजबूत नतीजों के चलते लिवाली देखने को मिली, जबकि कुछ के कमजोर नतीजों या अनुमान से कम मुनाफे के कारण शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहा। इससे बाजार पूरी तरह ‘स्टॉक-स्पेसिफिक’ नजर आया।

विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार हो रही बिकवाली ने बाजार के ऊपरी स्तरों पर ब्रेक लगाने का काम किया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्रों में आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। हफ्ते के शुरुआती सत्रों में बाजार में लगातार गिरावट और कमजोरी का रुख रहा, लेकिन बाद में लोअर लेवल्स पर मजबूत खरीदारी देखने को मिली। 

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा के अनुसार, AI बबल क्रेश होने से चीन और अमेरिका के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई वहीं भारतीय शेयर बाजारों में आईटी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। टीसीएस, इंफोसिस जैसी कंपनियों को इसका फायदा मिला।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए अगला हफ्ता वोलेटाइल रह सकता है। AI बबल क्रेश, क्रूड के लगातार 110 डॉलर के ऊपर बने रहने, महंगाई की वजह से रेट ऑफ इंटरेस्ट बढ़ने की आशंका भी नकारात्मक धारणा को बढ़ा रही है। भारत का फॉरेक्स रिजर्व भी लगातार 7वें हफ्ते गिरा है। निफ्टी ऊपर में 23400-23500 तक जा सकता है, नीचे में 22600-22700 पर सपोर्ट बना हुआ है।

 

बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल ने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। मारुति समेत कई कंपनियों के रिजल्ट भी उम्मीद से कम रहे। ऐसे में बाजार एक बड़े करेक्शन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी चुनाव पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नजरें हैं।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।