चीन को मिला सोना, निकेल ओर रेनियम सहित कई दुलर्भ मिनरल्स का बड़ा भंडार

चीन को कीमती धातुओं का बड़ा खजाना हाथ लग गया है। चीन को सोना, निकेल और रेनियम सहित कई दुलर्भ और कीमती धातुओं का भंडार मिला है। सिन्हुआ न्यूज एंजेसी ने शनिवार को इस बारे में खबर दी है। यह चीन की सरकार की न्यूज एजेंसी है।

चीन पहले से दुर्लभ मिनरल्स के मामले में मजबूत

चीन पहले से ही कीमती और दुलर्भ धातुओं के मामले में काफी मजबूत स्थिति में है। नए रिजर्व मिलने से उसकी स्थिति और मजबूत होगी। सिन्हुआ के मुताबिक, चीन का रेनियम का रिजर्व 200 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया। चीन सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज के मुताबिक, सोने का रिजर्व 50 लार्ज डिपॉजिट के बराबर है, जबकि निकेल का रिजर्व 30 बड़े डिपॉजिट के बराबर है।

एक साल तक चीन ने मिनरल्स डिपॉजिट का एसेसमेंट किया

इस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में लो-ग्रेड और इस्तेमाल में मुश्किल डिपॉजिट्स का पुनर्मूल्यांकन किया गया। इससे Gallium, Indium, Tantalum और Vanadium में से प्रत्येक का रिजर्व 10 बड़े डिपॉजिट्स से ज्यादा बढ़ गया। इस प्रोसेस में करीब एक साल का समय लगा। इस प्रोजेक्ट में 1,800 ऑपरेटिंग माइंस और लार्ज एंड मीडियम साइज के माइंस एरिया को शामिल किया गया। इस प्रोजेक्ट का फोकस 17 रणनीतिक मिनरल्स पर था।

इस प्रोजेक्ट के तहत चीन के 27 प्रांतों में मिनरल्स डिपॉजिट शामिल 

27 प्रांतों में चले इस प्रोजेक्ट में 100 से ज्यादा संस्थानों और करीब 2,000 सर्वे कर्मियों को शामिल किया गया। चीन को पहली बार paleofluvial-lacustrine zircon का रिजर्व भी मिला है। सिन्हुआ के मुताबिक, इससे चीन में zircon की सप्लाई बढ़ेगी। अब तक इसके लिए चीन की निर्भरता इंपोर्ट पर रही है। इसका इस्तेमाल न्यूक्लियर-रिएक्टरक फ्यूल-रॉड क्लैडिंग में होती है। हाई-टेंपरेटर एयरोस्पेस एलॉयज में इसका इस्तेमाल होता है।

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चीन में सालाना 384 टन गोल्ड का होता है उत्पादन 

चीन पहले से ही दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। दुनिया में कुल गोल्ड माइन प्रोडक्शन में चीन की हिस्सेदारी 10 से 11.5 फीसदी के बीच है। चीन 2007 से ही इस मामले में पहले पायदान पर है। चीन में सोने का सालाना उत्पादन 384.3 टन है। गोल्ड के उत्पादन में दूसरे नंबर पर रूस है। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया और कनाडा का नबंर है।