
World Largest Crypto Theft: विश्व के क्रिप्टो इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला साइबर हमला सामने आया है। दुनिया की अग्रणी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) से हैकर्स ने रिकॉर्ड 6.3 अरब डॉलर की विशालकाय राशि उड़ा ली। ब्लॉकचेन विश्लेषण फर्मों TRM Labs और Chainalysis की शुरुआती जांच रिपोर्ट में इस डकैती के तार उत्तर कोरिया (North Korea) समर्थित हैकर्स से जुड़े होने की बात कही गई है।
इस सुरक्षा चूक की खबर फैलते ही वैश्विक वित्तीय बाजारों और क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भारी बिकवाली का माहौल बन गया, जिससे बिटकॉइन (Bitcoin) और इथेरियम (Ethereum) समेत तमाम प्रमुख डिजिटल टोकन क्रैश हो गए।

बाइनेंस का एक्शन और निवेशकों को आश्वासन
हादसे के तुरंत बाद बाइनेंस प्रबंधन ने आपातकालीन कदम उठाए:
- विड्रॉल (Withdrawals) पर रोक : सुरक्षा कारणों से बाइनेंस ने सभी प्रकार की निकासी और ट्रेडिंग गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
- फंड पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा : बाइनेंस के सह-सीईओ (Co-CEO) रिचर्ड टेंग (Richard Teng) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि:
“उपयोगकर्ताओं का फंड पूरी तरह से सुरक्षित है। बाइनेंस का ‘SAFU’ (Secure Asset Fund for Users) और कंपनी का रिजर्व इस पूरे नुकसान की भरपाई करेगा। किसी भी यूजर को वित्तीय नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।”
- 48 घंटे में बहाली की उम्मीद : कंपनी ने अगले 48 घंटों में पूरे सिस्टम की सुरक्षा ऑडिट करने के बाद सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू करने का आश्वासन दिया है।
क्रिप्टो मार्केट पर असर और उठते सवाल
- मार्केट क्रैश : डकैती की खबर के बाद पैनिक सेलिंग की वजह से ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई। बिटकॉइन, सोलाना और बीएनबी (BNB) जैसे कॉइन्स में 10% से 20% तक की भारी टूट देखी गई।


