ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका रवाना हो गए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लावियो के एक सहयोगी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी रॉयटर्स को बताया कि फ्लावियो अमेरिका आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी पत्नी और दो बेटियां भी उनके साथ हैं। वे अमेरिका में राजनीतिक शरण मांग सकते हैं। फ्लावियो रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार गए थे। उन्हें दूसरे चरण में 48% वोट मिले, जबकि लूला को 52% वोट मिले। चुनाव में हार के बाद फ्लावियो ने नतीजों को स्वीकार नहीं किया था। पासपोर्ट जमा नहीं किया, पुलिस ने जांच शुरू की फ्लावियो को सोमवार को ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के मामलों में जांच चल रही है। पुलिस को आशंका थी कि वे जांच से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे तक फ्लावियो ने पासपोर्ट जमा नहीं किए। पुलिस को उनके देश छोड़कर भागने का शक हुआ, इसके बाद उनकी तलाश शुरू कर दी। मंगलवार शाम तक पासपोर्ट जमा नहीं होने पर अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए। अर्जेंटीना के रास्ते अमेरिका जाने की चर्चा फ्लावियो के अमेरिका जाने की खबरों के बीच यह भी कहा गया कि वे पहले अर्जेंटीना पहुंचे थे। अर्जेंटीना में उनके करीबी सहयोगी और दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की सरकार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील-अर्जेंटीना सीमा के पास इगुआजु एयरपोर्ट पर एक निजी विमान उतरा था। अधिकारियों ने विमान और उसके क्रू की जांच की, लेकिन उड़ान से जुड़े दस्तावेजों में बोल्सोनारो परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं मिला। अर्जेंटीना सरकार ने भी कहा कि फ्लावियो के देश में आने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, ब्राजील की पुलिस का कहना है कि फ्लावियो किसी आधिकारिक बॉर्डर चेकपोस्ट से देश छोड़कर नहीं गए। पिता भी चुनाव हारने के बाद अमेरिका गए थे फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो ने भी 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद नतीजों को स्वीकार नहीं किया था। वे अमेरिका चले गए थे और लंबे समय तक वहीं रहे। बाद में ब्राजील लौटने पर उन्हें तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया गया और 27 साल जेल की सजा सुनाई गई। फ्लावियो के छोटे भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो भी अमेरिका में रहते हैं। उन्होंने चुनाव से पहले कहा था कि अगर फ्लावियो चुनाव हारते हैं, तो उन्हें ब्राजील छोड़ देना चाहिए। फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी समेत कई मामलों में जांच चल रही है। इनमें उनके पिता की जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए पैसे जुटाने से जुड़ा मामला भी शामिल है। फ्लावियो ने माना था कि उन्होंने पूर्व बैंकर डेनियल वोरकारो से फिल्म के लिए करीब 1.2 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। फ्लावियो ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि उन्होंने कभी देश छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने पासपोर्ट जमा करने और अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का सामना करने की बात भी कही थी। ट्रम्प ने भी ब्राजील चुनाव पर उठाए सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्राजील के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बिना सबूत चुनाव में धांधली का दावा किया। फ्लावियो ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया था। वहीं, लूला ने ट्रम्प पर ब्राजील के चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. लूला दा सिल्वा चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने:ट्रम्प समर्थक बोल्सोनारो को हराया, उनके पिता को भी हरा चुके; भारत के लिए यह जीत अहम ब्राजील में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया है। लूला ने 2022 के चुनाव में फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को भी हराया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका रवाना हो गए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लावियो के एक सहयोगी ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी रॉयटर्स को बताया कि फ्लावियो अमेरिका आ रहे हैं। उनकी पत्नी और दो बेटियां भी उनके साथ हैं। वे अमेरिका में राजनीतिक शरण मांग सकते हैं। फ्लावियो रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार गए थे। उन्हें दूसरे चरण में 48% वोट मिले, जबकि लूला को 52% वोट मिले। चुनाव में हार के बाद फ्लावियो ने नतीजों को स्वीकार नहीं किया था। पासपोर्ट जमा नहीं किया, पुलिस ने जांच शुरू की फ्लावियो को सोमवार को ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के मामलों में जांच चल रही है। पुलिस को आशंका थी कि वे जांच से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे तक फ्लावियो ने पासपोर्ट जमा नहीं किए। पुलिस को उनके देश छोड़कर भागने का शक हुआ, इसके बाद उनकी तलाश शुरू कर दी। मंगलवार शाम तक पासपोर्ट जमा नहीं होने पर अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए। अर्जेंटीना के रास्ते अमेरिका जाने की चर्चा फ्लावियो के अमेरिका जाने की खबरों के बीच यह भी कहा गया कि वे पहले अर्जेंटीना पहुंचे थे। अर्जेंटीना में उनके करीबी सहयोगी और दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की सरकार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील-अर्जेंटीना सीमा के पास इगुआजु एयरपोर्ट पर एक निजी विमान उतरा था। अधिकारियों ने विमान और उसके क्रू की जांच की, लेकिन उड़ान से जुड़े दस्तावेजों में बोल्सोनारो परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं मिला। अर्जेंटीना सरकार ने भी कहा कि फ्लावियो के देश में आने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, ब्राजील की पुलिस का कहना है कि फ्लावियो किसी आधिकारिक बॉर्डर चेकपोस्ट से देश छोड़कर नहीं गए। पिता भी चुनाव हारने के बाद अमेरिका गए थे फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो ने भी 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद नतीजों को स्वीकार नहीं किया था। वे अमेरिका चले गए थे और लंबे समय तक वहीं रहे। बाद में ब्राजील लौटने पर उन्हें तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया गया और 27 साल जेल की सजा सुनाई गई। फ्लावियो के छोटे भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो भी अमेरिका में रहते हैं। उन्होंने चुनाव से पहले कहा था कि अगर फ्लावियो चुनाव हारते हैं, तो उन्हें ब्राजील छोड़ देना चाहिए। फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी समेत कई मामलों में जांच चल रही है। इनमें उनके पिता की जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए पैसे जुटाने से जुड़ा मामला भी शामिल है। फ्लावियो ने माना था कि उन्होंने पूर्व बैंकर डेनियल वोरकारो से फिल्म के लिए करीब 1.2 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। फ्लावियो ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि उन्होंने कभी देश छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने पासपोर्ट जमा करने और अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का सामना करने की बात भी कही थी। ट्रम्प ने भी ब्राजील चुनाव पर उठाए सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्राजील के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बिना सबूत चुनाव में धांधली का दावा किया। फ्लावियो ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया था। वहीं, लूला ने ट्रम्प पर ब्राजील के चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. लूला दा सिल्वा चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने:ट्रम्प समर्थक बोल्सोनारो को हराया, उनके पिता को भी हरा चुके; भारत के लिए यह जीत अहम ब्राजील में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के समर्थक फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया है। लूला ने 2022 के चुनाव में फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को भी हराया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। आयोग ने अपने जवाब में कहा कि यह याचिका सिर्फ एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर दायर की गई है। आयोग ने यह भी बताया कि उसके तीनों सदस्यों, मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों ने मिलकर इस जवाब को मंजूरी दी है। आयोग के मुताबिक, जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में वोटर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी किए गए तीनों आदेशों पर सभी सदस्यों की सहमति थी।
चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्ष
चुनाव आयोग का यह जवाब ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में वोटर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेद होने की बात कही गई थी। आयोग ने अपने हलफनामे में यह भी साफ किया कि किसी फाइल पर काम करते समय मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव आयुक्तों की ओर से दिए गए नोट्स, सवाल या सुझावों को आयोग का अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
आयोग के मुताबिक, किसी फाइल को मुख्य चुनाव आयुक्त के पास भेजने से पहले एक चुनाव आयुक्त और फिर दूसरे चुनाव आयुक्त उसकी जांच करते हैं। वहीं, जरूरी मामलों में मंजूरी ऑनलाइन ली जाती है और बाद में उसे आधिकारिक रूप से फाइल में दर्ज कर दिया जाता है।
फॉर्म 6 को लेकर क्या कहा
चुनाव आयोग ने चेतावनी दी कि अगर कोई अधिकारी अपनी तय शक्तियों से बाहर जाकर आदेश जारी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फॉर्म 6 और SIR घोषणा पत्र को लेकर आयोग ने कहा कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसमें बदलाव करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है। आयोग के मुताबिक, SIR घोषणा पत्र एक अलग दस्तावेज है। हालांकि, आयोग ने माना कि ऑनलाइन फॉर्म दिखाने के तरीके को फॉर्म 6 में बदलाव के रूप में समझा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, 21 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को फॉर्म 6 और घोषणा पत्र के दो अलग-अलग हिस्सों में बांटने का फैसला किया गया, ताकि यह कागज पर भरे जाने वाले फॉर्म की तरह हो सके।
EC ने गोवा के मतदाताओं का डेटा दिया
गोवा का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग ने बताया कि जिन 97 वोटर्स के नाम छूटने का दावा किया गया था, उनमें से 88 का नाम पहले ही वोटर लिस्ट में दर्ज हो चुका था। छह वोटर विदेश में थे, जबकि तीन के पास पुर्तगाल के पासपोर्ट थे। पश्चिम बंगाल में वोटर्स की लिस्ट में शामिल किए जाने के खिलाफ दायर अपीलों पर आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अधिकारियों ने मामले दर्ज किए थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि ये मामले उसके सामने नहीं लाए गए थे।
Punjab Woman Wins Lottery: किस्मत कब और कैसे पलट जाए, कोई नहीं जानता। पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में रहने वाली बिमला देवी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मजदूरी से परिवार चलाने वाले घर में अचानक खुशियों की ऐसी सौगात आई कि हर कोई हैरान रह गया। बिमला देवी ने महज 7 रुपये खर्च करके सिक्किम सरकार की लॉटरी का टिकट खरीदा था। अगले ही दिन जब नतीजा आया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके टिकट पर 1 करोड़ रुपये का इनाम निकला। अब परिवार को उम्मीद है कि इस रकम से आर्थिक परेशानियां दूर होंगी और बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकेगा।
महज 7 रुपये के टिकट ने बदल दी परिवार की जिंदगी
पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा की रहने वाली बिमला देवी के लिए यह लॉटरी किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और उनके पति मजदूरी से जुड़े काम करते हैं। ऐसे में 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। जानकारी के मुताबिक, बिमला देवी घटना से एक दिन पहले शाम के समय रेलवे रोड पर कुछ सामान खरीदने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका मन लॉटरी का टिकट खरीदने का हुआ।
उन्होंने रेलवे स्टेशन के पास स्थित स्टार लॉटरी स्टॉल से महज 7 रुपये का टिकट खरीद लिया। उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि इतने कम पैसों में खरीदा गया टिकट अगले ही दिन उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी खुशखबरी लेकर आएगा। अगले दिन जब लॉटरी का परिणाम घोषित हुआ, तो पता चला कि उनके टिकट पर 1 करोड़ रुपये का इनाम निकला है।
लॉटरी जीतने की खबर सुनकर खुशी से झूम उठा परिवार
जैसे ही लॉटरी स्टॉल के संचालक नरेश मोंगा ने परिवार को जीत की जानकारी दी, घर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों के लिए इस खबर पर यकीन करना भी किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं था। इसके बाद परिवार के लोग लॉटरी स्टॉल पर पहुंचे। यहां टिकट बेचने वाले नरेश मोंगा ने मिठाई खिलाकर उनकी जीत का जश्न मनाया। परिवार की इस बड़ी खुशी में शामिल होते हुए मोंगा खुद भी इतने उत्साहित हुए कि भांगड़ा करके अपनी खुशी जाहिर की। स्टॉल पर मौजूद लोगों के लिए भी यह खास मौका था, क्योंकि वहां से पहली बार किसी टिकट पर 1 करोड़ रुपये का बड़ा इनाम निकला था।
बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की है उम्मीद
1 करोड़ रुपये की लॉटरी जीतने के बाद बिमला देवी और उनके परिवार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बिमला देवी का कहना है कि इस रकम से परिवार की आर्थिक परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, वह अपने बच्चों की बेहतर परवरिश और उनके भविष्य के लिए अच्छे अवसर उपलब्ध कराना चाहती हैं। हालांकि, परिवार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि इनाम की रकम का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।
बिमला देवी के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस बारे में विचार करेंगे। परिवार की योजना है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए कोई कारोबार शुरू करने के विकल्प पर भी विचार किया जाए। इससे आने वाले समय में नियमित आमदनी का जरिया तैयार हो सकता है और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिल सकती है।
छह महीने पहले शुरू किया था लॉटरी का कारोबार
स्टार लॉटरी स्टॉल के संचालक नरेश मोंगा ने बताया कि वह पिछले करीब छह महीने से लॉटरी टिकट बेचने का काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी दुकान रेलवे स्टेशन के पास शिफ्ट की थी। मोंगा के मुताबिक, उनके स्टॉल से पहले भी कई बार लाखों रुपये के इनाम जीतने वाले टिकट बिक चुके हैं। हालांकि, इस बार पहली बार उनके स्टॉल से बेचे गए टिकट पर 1 करोड़ रुपये का इनाम निकला है। उन्होंने बिमला देवी और उनके परिवार को इस बड़ी जीत के लिए बधाई दी। स्टॉल संचालक के लिए भी यह उपलब्धि खास है, क्योंकि उनके यहां से इतनी बड़ी रकम जीतने वाला यह पहला मामला है।
7 रुपये के टिकट से करोड़ों की उम्मीद, अब नई शुरुआत की तैयारी
बिमला देवी की यह कहानी दिखाती है कि एक छोटी-सी घटना भी किसी परिवार के लिए बड़ी खुशखबरी बन सकती है। जिस टिकट को उन्होंने अचानक मन होने पर सिर्फ 7 रुपये में खरीदा था, उसी ने उनके परिवार के सामने भविष्य को बेहतर बनाने की नई संभावनाएं खोल दी हैं। अब परिवार की प्राथमिकता इस रकम का सोच-समझकर इस्तेमाल करना है, ताकि आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने के साथ बच्चों के लिए भी बेहतर भविष्य तैयार किया जा सके।
‘पंजाब न्यूज़लाइन’ की रिपोर्ट के अनुसार, बिमला देवी ने रेलवे रोड पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित ‘स्टार लॉटरी स्टॉल’ से यह टिकट खरीदा था। उन्होंने यह टिकट नतीजे घोषित होने से एक दिन पहले खरीदा था। उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी इस छोटी सी खरीदारी से उन्हें इतना बड़ा इनाम मिल जाएगा।
महिला को अपनी जीत के बारे में कैसे पता चला?
NDTV से बातचीत में बिमला देवी ने बताया कि वह कपड़े खरीदने निकली थीं, तभी उन्होंने लॉटरी टिकट खरीदने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “मैं कुछ कपड़े खरीदने आई थी। तभी मेरा मन लॉटरी टिकट खरीदने का हुआ। मैंने टिकट खरीदा और उसे घर पर रख दिया। फिर मैंने लॉटरी वाले को फोन किया, तो उसने मुझे बताया कि मेरी लॉटरी लग गई है।” जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने टिकट के लिए कितने पैसे दिए थे, तो उन्होंने जवाब दिया, “7 रुपये…।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुश हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं।”
इस पैसे से वह क्या करेंगी?
बिमला देवी के लिए, यह इनाम उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का एक बड़ा मौका है। जब उनसे पूछा गया कि पैसे मिलने के बाद वह क्या करेंगी, तो उन्होंने कहा, “अब मेरे पास काफी पैसे हैं। मैं कोई काम-धंधा शुरू करूंगी। अपने बेटे के लिए भी कोई काम देखूंगी।” उन्होंने अपने परिवार और भविष्य की अपनी उम्मीदों के बारे में भी बात की। जब उनसे पूछा गया कि उनका परिवार कैसा है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मेरा परिवार ठीक है।” उन्होंने कहा, “भगवान ने मेरी प्रार्थना सुन ली है। मैं एक अच्छा जीवन बनाऊंगी।”
जब उनसे दोबारा पूछा गया कि वे जीती हुई रकम का क्या करेंगी, तो उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक इस बारे में नहीं सोचा है। परिवार ने अभी यह तय नहीं किया है कि इस रकम का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा।” कई स्थानीय वेबसाइटों और समाचार चैनलों के अनुसार, वे सब मिलकर इस पर चर्चा करेंगे और अपने बच्चों के लिए कोई छोटा व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
Diljit Dosanjh: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 30 अक्टूबर को होने वाला दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। दिल्ली पुलिस ने अपने पिछले फैसले पर पुनर्विचार किया और इवेंट आयोजक ‘बुकमायशो लाइव’ (BookMyShow Live) के साथ बातचीत के बाद कॉन्सर्ट की अनुमति दे दी।
इससे पहले त्योहारों के मौसम में सुरक्षा चिंताओं और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद दिलजीत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर चल रही चर्चाओं पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। अपने चुलबुले अंदाज में सिंगर ने प्रशंसकों से अपील की कि वे अटकलों और ऑनलाइन बहसों को पीछे छोड़ दें और 30 अक्टूबर को शो में उनसे आकर मिलें।
दिलजीत दोसांझ ने मजाकिया अंदाज में तंज कसा
इंस्टाग्राम वीडियो में दिलजीत दोसांझ ने अपने दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों और टेलीविजन पर हो रही बहसों पर मजाकिया अंदाज में तंज कसा। उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या प्रशंसकों को यह आश्वासन देने से पहले कि वह उन्हें 30 अक्टूबर को राजधानी में देखेंगे, चर्चाएं आखिरकार समाप्त हो गई हैं।
उन्होंने कहा- “मैं बोल रहा था कि रील बन गई, ट्वीट बन गए, हो गई आपके न्यूज रूम की बहस। अब मिलते हैं 30 तारीख को दिल्ली में। पहले समाचार पता कर लिया करो कच्चा धुआं मारे जा रहे हो। कच्चा धुआं मरने से अच्छा है पहली बात पता कर लिया करें।
उन्होंने बिना पूरी जानकारी लिए बहस में कूद पड़ने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लोग तथ्यों को समझने के बजाय विवाद पर अपनी राय देने में ज्यादा जल्दीबाजी दिखाते हैं। सिंगर ने आगे कहा- “बस बिना सोचे-समझे बहस पर बहस हो रही है, एक के बाद एक ट्वीट किए जा रहे हैं। आज का दिन बहुत अच्छा है। इसलिए सोचा कि लाइव आ जाऊं। मुझे बहुत सी बातें भी करनी थीं। रील्स बन रही थीं, ट्वीट्स हो रहे थे और न्यूजरूम में बहसें चल रही थीं।”
दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में 30 अक्टूबर को होने वाले दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके पीछे उन्होंने सुरक्षा से जुड़े खतरों, त्योहारों के मौसम में सुरक्षा की जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था। हालांकि बाद में आयोजक ‘बुकमायशो लाइव’ (BookMyShow Live) के सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार होने पर अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को मंजूरी दे दी। इन शर्तों में निजी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) जैसी जरूरतें शामिल थीं।
इस बीच दिल्ली कॉन्सर्ट के बाद दिलजीत दोसांझ का ‘ऑरा इंडिया टूर’ (Aura India Tour) 15 नवंबर को इंदौर पहुंचेगा। इसके बाद यह 21 नवंबर को अहमदाबाद, 27 नवंबर को मुंबई, 29 नवंबर को बेंगलुरु और 5 दिसंबर को लखनऊ जाएगा। चंडीगढ़ में भी एक शो की घोषणा की गई है, लेकिन इसकी तारीख और अन्य विवरण अभी सामने आने बाकी हैं।
Market news : US में AI ट्रेड रिवर्सल और बॉन्ड यील्ड में नरमी से हमारे बाजारों के सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट ऊपर दिख रहा है। AI शेयरों में बिकवाली और Safe-haven demand से बॉन्ड यील्ड 5 परसेंट के नीचे फिसला है। इधर एशिया में दबाव है। दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 2 परसेंट नीचे कारोबार कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
22 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं, जिससे निफ्टी 22,700 के स्तर से नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर, और निफ्टी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 पर बंद हुआ।
टेक शेयरों में भारी बिकवाली से US में गिरावट
AI खर्च को लेकर चिंता से अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट आई है। टेक शेयरों में भारी बिकवाली से नैस्डैक ढ़ाई परसेंट से ज्यादा फिसला है। इंटेल, AMD, माइक्रॉन और NVIDIA जैसे शेयर 4 से 8 परसेंट तक टूटे, लेकिन सॉफ्टवेयर कंपनियों में 8% तक तेजी दिखी। विप्रो और इंफोसिस के ADR 4% तक ऊपर जाते दिखे हैं।
कच्चे तेल में तेजी, सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
कच्चे तेल में उबाल जारी है। ब्रेंट 5 महीने की ऊंचाई पर आ गया है। यह 113 डॉलर के पार चला गया है। सऊदी ठिकानों पर लगातार हो रहे हूती हमलों और ट्रंप के ईरान पर संभावित मिलिट्री एक्शन से टेंशन बढ़ी है। इधर सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। MCX पर चांदी 2 लाख रुपए के नीचे आ गई है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को बंपर रिस्पॉन्स
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को हर कैटेगरी में बंपर रिस्पॉन्स मिला है। दूसरे दिन यह इश्यू 5.5 गुना भरा। अब तक कुल 3.73 लाख करोड़ रुपए की बोलियां मिलीं हैं। इसका QIB सेगमेंट करीब 13 गुना भरा है। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में आज निवेश का आखिरी दिन है। 28 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग होगी।
कोलगेट के नतीजे उम्मीद से खराब, स्विगी ने भी किया निराश
दूसरी तिमाही में कोलगेट ने अनुमान से कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफा में 4% तो रेवेन्यू में 12% की बढ़त दिखी है। लेकिन ये आंकड़े उम्मीद से काफी कम रहे हैं। वहीं मार्जिन 31% से घटकर 28% रह गया है। दूसरी ओर स्विगी का घाटा 1092 करोड़ से घटकर 922 करोड़ पर रह है। EBITDA घाटा भी कम हुआ,लेकिन दोनों आकंड़े उम्मीद से खराब आए हैं।
घाटे से मुनाफे में आई HPCL, 13% बढ़ा सेजिलिटी का मुनाफा
HPCLघाटे से मुनाफे में आई है। दूसरी तिमाही में 11500 करोड़ रुपए के घाटे के मुकाबले कंपनी को करीब 3500 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। वहीं रेवेन्यू में 4% का दबाव दिखा है। सितंबर तिमाही में कुछ प्रोडक्ट्स पर मार्केटिंग मार्जिन घटने से मुनाफे पर असर पड़ा था। वहीं Sagility का प्रॉफिट 13% बढ़ा है। रेवेन्यू में 23% की बढ़त हुई है। इसके मार्जिन फ्लैट रहे हैं।
निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज
दूसरी तिमाही के नतीजों के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम है। निफ्टी की चार कंपनियां इंफोसिस, श्रीराम फाइनेंस, डॉक्टर रेड्डीज और JSW स्टील आज अपने रिजल्ट पेश करेंगी। इंफोसिस की constant currency रेवेन्यू ग्रोथ 1.4% रह सकती है। मार्जिन में भी 20 से 40 बेसिस प्वाइंट का सुधार संभव है। साथ ही कोफोर्ज, इंडसइंड बैंक,जिंदल स्टील समेत वायदा की 12 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।
फंड फ्लो एक्शन
22 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 3,458 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) लगातार तीसरे सत्र में नेट बायर बने रहे और उन्होंने 2,891 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
Market cues : बाजार का टेक्निकल सेटअप कमजोर, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम
आमतौर पर ट्रेन में सीट पर किसका अधिकार है यह तय करने के लिए एक कन्फर्म रेलवे टिकट काफी होता है। लेकिन तब क्या होता है जब दो यात्री एक ही बर्थ पर अपना दावा ठोकते हैं, जबकि उनमें से किसी के पास भी ‘रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन’ (RAC) वाला टिकट नहीं होता? एक वायरल वीडियो में ऐसी ही एक अजीब स्थिति सामने आई है।
वीडियो में दो यात्री कोच S7 की सीट नंबर 57 पर अपना दावा कर रहे हैं और दोनों के पास कन्फर्म रिजर्वेशन है। यह विवाद तब तक चलता रहता है जब तक कि ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) उनके टिकटों की जांच करके यह नहीं बताते कि असल में क्या गड़बड़ी हुई है।
टिकट पर दो यात्रियों को एक ही सीट कैसे मिल गई?
वीडियो में रेलवे के TTE जितेंद्र मिश्रा बताते हैं कि यह उलझन टिकट बुकिंग के दौरान मिलने वाली ‘ऑटो-अपग्रेड’ सुविधा की वजह से हुई। वीडियो में एक बुजुर्ग यात्री ने टिकट बुक करते समय ‘ऑटो-अपग्रेडेशन’ का विकल्प चुना था। इस सुविधा के तहत अगर नियम के अनुसार जगह उपलब्ध हो तो भारतीय रेलवे यात्री को एक उच्च श्रेणी (higher class) में अपग्रेड कर सकती है।
इसके बाद उस यात्री का टिकट अपग्रेड हो गया। हालांकि दूसरे यात्री को इस बदलाव के बारे में पता नहीं था और वह S7 स्लीपर कोच में सीट नंबर 57 पर अपना दावा करता रहा। नतीजतन शुरुआत में दोनों यात्रियों को लगा कि उसी सीट पर उनका ही अधिकार है। कोई भी अपनी बर्थ छोड़ने को तैयार नहीं था, जिसके बाद TTE को मामले की असलियत का पता लगाना पड़ा।
TTE ने सुलझाया मामला
मिश्रा ने स्थिति की जांच की और बताया कि बुजुर्ग यात्री का टिकट एक उच्च श्रेणी में अपग्रेड कर दिया गया था। इसका मतलब यह था कि अब उन्हें अपनी पुरानी स्लीपर कोच वाली बर्थ पर रहने की जरूरत नहीं थी। TTE ने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग यात्री को अब अपग्रेड किए गए कोच में यात्रा करनी होगी, जबकि दूसरा यात्री S7 कोच में सीट नंबर 57 पर अपनी यात्रा कर सकता है।
मिश्रा ने ऐसी स्थिति का सामना करने वाले यात्रियों को एक आसान सुझाव भी दिया- बर्थ को लेकर बहस करने से पहले टिकट की ‘पैसेंजर नेम रिकॉर्ड’ (PNR) डिटेल चेक कर लें।
भारतीय रेलवे की ‘ऑटो-अपग्रेडेशन’ सुविधा क्या है?
भारतीय रेलवे ‘ऑटो-अपग्रेडेशन’ का विकल्प देता है। इसके तहत नियमों और उपलब्धता के आधार पर योग्य यात्रियों को उच्च श्रेणी (higher class) में सीट मिल सकती है। उदाहरण के लिए स्लीपर क्लास में बुक किए गए यात्री को AC 3-टियर में अपग्रेड किया जा सकता है, जबकि AC 3-टियर में यात्रा कर रहे किसी योग्य यात्री को AC 2-टियर में अपग्रेड मिल सकता है। रेलवे के नियमों और उपलब्धता के अनुसार अन्य श्रेणियों में भी इस तरह का अपग्रेड संभव है।
यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस विकल्प को चुनने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपग्रेड मिलेगा ही। यह केवल उन्हें इस सुविधा के तहत अपग्रेड पाने का पात्र (eligible) बनाता है। अपग्रेड होने पर रिजर्वेशन से जुड़ी कोच और बर्थ की डिटेल बदल सकती है। इसलिए यात्रियों को केवल अपनी शुरुआती बुकिंग के समय की कोच या सीट की जानकारी पर भरोसा करने के बजाय अपने टिकट की लेटेस्ट जानकारी चेक कर लेनी चाहिए।
यात्री सीट को लेकर होने वाले विवाद से कैसे बच सकते हैं?
यह घटना ट्रेन से यात्रा करने वाले सभी लोगों के लिए एक सबक है, खासकर छुट्टियों के व्यस्त समय में जब रिजर्वेशन और बर्थ की उपलब्धता को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है। अगर कोई और आपकी कन्फर्म सीट पर अपना दावा करता है, तो यात्री ये कदम उठा सकते हैं-
लेटेस्ट PNR स्टेटस चेक करें- अपने मौजूदा रिजर्वेशन की डिटेल देखें, जिसमें कोच, बर्थ और यात्रा की श्रेणी (class) शामिल हो।
अपग्रेड चेक करें- अगर आपने बुकिंग के समय ‘ऑटो-अपग्रेडेशन’ का विकल्प चुना था तो देखें कि क्या आपका टिकट किसी दूसरी श्रेणी में अपग्रेड हुआ है।
टिकट की डिटेल मिलाएं- पक्का करें कि आपके लेटेस्ट रिजर्वेशन में दिए गए कोच और बर्थ नंबर, उस सीट से मेल खाते हैं जिस पर आप अपना दावा कर रहे हैं।
TTE से मदद लें- अगर दो यात्री एक ही बर्थ पर अपना दावा करते हैं तो बहस बढ़ाने के बजाय रेलवे स्टाफ (TTE) से रिकॉर्ड चेक करने के लिए कहें।
वायरल वीडियो पर यात्रियों ने किए कमेंट
इस वीडियो ने ऑनलाइन काफी ध्यान खींचा है। लोग बुकिंग से जुड़े इस अजीबोगरीब भ्रम और TTE द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने रेलवे अपग्रेड से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए हैं। एक यूजर ने कमेंट किया और अपना एक्सपीरिएंस बताया कि उसने AC 3-टियर में बुक किया गया टिकट पहले AC 2-टियर में अपग्रेड कर दिया गया था, जबकि AC 2-टियर में बुक किया गया टिकट AC 1-टियर में शिफ्ट कर दिया गया था।

